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Arpit BadkulArpit BadkulFollow9 Oct 2024, 01:34 pm
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NSUI की 22 सूत्री मांगें, सीधी के कॉलेजों की बदहाल स्थिति पर दबाव बढ़ेगा

Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर NSUI ने कलेक्टर को 22 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के साथ कॉलेजों की जर्जर बिल्डिंग, कक्षाओं की बदहाल स्थिति, फैकल्टी की कमी, परीक्षा केंद्र और सीट बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। छात्रों ने कॉलेज भवनों की स्थिति को लेकर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं。 सीधी में छात्रों की समस्याओं को लेकर NSUI ने जिला प्रशासन के सामने 22 सूत्रीय मांगपत्र रखा। मांगपत्र में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और GDC कॉलेज समेत जिले के अन्य कॉलेजों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई है。 छात्रों का आरोप है कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान कक्षाओं में पानी आने और भवन की स्थिति खराब होने से छात्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। छात्रों ने नई बिल्डिंग का निर्माण जल्द कराने की मांग की है。 छात्र, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस "हमारी बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। कब बिल्डिंग गिर जाए और कब कोई हादसा हो जाए, इसका पता नहीं। क्लासरूम की स्थिति भी बद से बदतर हो चुकी है।" GDC कॉलेज की छात्राओं ने भी कॉलेज भवन और कक्षाओं की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। छात्रों के मुताबिक बारिश के समय कक्षाओं में पानी टपकता है और कई कक्षाएं छोटी होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी होती है。 निधि सिंह चौहान, छात्रा, GDC कॉलेज "यहां पर्याप्त बिल्डिंग नहीं है और जो भवन है, उसकी स्थिति जर्जर है। बारिश के समय क्लास में पानी टपकने लगता है। क्लासरूम भी काफी छोटे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है।" एक छात्रा ने कॉलेज में पंखा गिरने की घटना का भी दावा किया है। छात्रा के मुताबिक घटना के बाद सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है और ایسی घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। छात्रा, GDC कॉलेज "मैं BSc सेकंड ईयर की छात्रा हूं। एक लड़की के ऊपर पंखा गिरने की घटना हुई थी। इस घटना को लेकर हमें काफी डर लगता है। कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।" NSUI के 22 सूत्रीय मांगपत्र में यूजी में 20 प्रतिशत और पीजी में 25 प्रतिशत सीट बढ़ाने, मझौली में परीक्षा केंद्र वापस स्थापित करने, रामपुर कॉलेज के लिए नई बिल्डिंग और ऑडिटोरियम बनाने की मांग की गई है। साथ ही सीधी में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और लॉ कॉलेज शुरू करने की मांग भी रखी गई है। कॉलेज बस शुल्क, महिला शौचालय, कक्षाओं की मरम्मत, परिसर से अतिक्रमण हटाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और कॉलेज परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की दुकानों पर कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। NSUI ने निजी स्कूलों की कथित मनमानी और जनभागीदारी मद से हुए निर्माण कार्यों की जांच की मांग भी की है। छात्रों ने जिला प्रशासन से इन समस्याओं पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि छात्रों की 22 सूत्रीय मांगों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
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दलोट सीएचसी में युवक की मौत, फरार दो युवकों की गिरफ्तारी मांग

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के दलोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देर रात एक युवक को मृत अवस्था में छोड़कर उसके साथ आए दो युवक फरार हो गए। डॉक्टर की जांच में युवक को मृत घोषित किए जाने के बाद दोनों युवक शव को अस्पताल में छोड़कर वहां से चले गए। सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। आज बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और युवक की मौत को लेकर दो युवकों पर आशंका जताते हुए नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सालमगढ़ थाना क्षेत्र के सुथार घाटी निवासी समरथ (22) पुत्र बालूराम देर रात दलोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। परिजनों के अनुसार उसे दो युवक अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टर ने जांच के बाद समरथ को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके साथ आए दोनों युवक शव को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को सूचना मिलने पर शव को मोर्चरी में रखवाया गया। समरथ के पिता बालूराम मीणा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनका बेटा अपनी पत्नी के साथ झरमरी स्थित ससुराल में रह रहा था। आज सुबह गांव के बबलू ने उनके भतीजे राहुल को फोन कर जानकारी दी कि समरथ को उसके दोस्त अस्पताल लेकर आए हैं और डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो जांच कक्ष में समरथ का शव पड़ा था, जबकि उसके साथ आए दोनों युवक वहां मौजूद नहीं थे। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने पुनिया खेड़ी निवासी दो युवकों पर समरथ की मौत को लेकर आशंका जताई और दोनों की गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने गिरफ्तारी होने तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दिनभर परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश की। पुलिस की ओर से दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा。
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आगरा में CEC आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, गिरफ्तारी के बाद सियासी हलचल तेज

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग CEC आवास पर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस का पलटवार उदय भानु चिब ने गिरफ्तार नेताओं के समर्थन में दी चेतावनी जमानत नहीं मिली तो देशभर में प्रदर्शन का ऐलान CEC के खिलाफ प्रदर्शन को कांग्रेस ने ठहराया जायज आगे भी प्रदर्शन जारी रखने की कांग्रेस की चेतावनी वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम कटने का कांग्रेस का आरोप उदय भानु चिब बोले—करोड़ों वोट कटना गंभीर मुद्दा चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल आगरा में CEC आवास पर प्रदर्शन के बाद सियासी हलचल तेज गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेताओं के समर्थन में जुटी पार्टी FIR और गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल।
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सीतापुर में बाढ़ का खतरा बढ़ा; प्रशासन ने रेस्क्यू और राहत शुरू की

Sitapur, Uttar Pradesh:यूूपी के सीतापुर में सरायन नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और शेल्टर होम में ठहराया। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था की गई है। डीएम ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन घरों में लोग ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। डीएम ने लोगों से अपील की कि कठिन समय में प्रशासन का सहयोग करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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शाहजहांपुर में बारिश से नदियाँ उफान, बाढ़ का खतरा बढ़ा; लोग परेशान

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हुई बारिश से नदियां उफान पर है। शाहजहांपुर में शहर के दोनों तरफ से गुजरने वाली नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जिसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा बहेगुल और रामगंगा भी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। जहां लोग जिला प्रशासन के इंतजाम को लेकर नाराज नजर आ रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि उनकी टीमें में लगातार हालात पर निगरानी बनाए हुए हैं। दरअसल शाहजहांपुर शहर के दोनों तरफ से गर्रा और खन्नौत नदियाँ गुजरती है। लगातार हुई बारिश के बाद दियुनी बांध से पानी छोड़ जाने के बाद गर्रा और खन्नौत खतरे के निशान के करीब से बह रही है। आलम यह है की नदी के आसपास की कॉलोनी में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। अचानक बाढ़ का पानी आ जाने से लोग अपने घरों में फंस गए हैं। वहीं जलालाबाद तहसील में बहेगुल और रामगंगा नदी खतरे के निशान पर बह रही है। यहां भी नदियों के आसपास के गांव में पानी तेजी से घुसना शुरू हो गया है। इसके अलावा कई रास्तों पर भी पानी सड़कों के ऊपर से गुजर रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि अगले 24 घंटे के बाद ही नदियों का जलस्तर कम होना शुरू होगा। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में जिला प्रशासन के इंतजामों को नाकाफी बताया जा रहा है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि उनकी टीम में लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। और राजस्व सिटी में लगातार लोगों को राहत पहुंचाने में जुटी हुई है।
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नेपाल में बारिश-भूस्खलन से सोनौली सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार, भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही बाधित

Maharajganj, Uttar Pradesh:नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन का असर अब भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई देने लगा है। नेपाल में कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर महराजगंज के भारत-नेपाल के सोनौली सीमा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है जहां ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते काठमांडू समेत कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क मार्ग बाधित होने का सीधा असर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर पड़ा है। सीमा पर घंटों इंतजार कर रहे ट्रक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और बॉर्डर पार करने में चार से पांच दिन लग जा रहे हैं। लंबे इंतजार के कारण ड्राइवरों को सड़क किनारे ही समय बिताना पड़ रहा है। जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में ट्रक ड्राइवर ने बताया कि नेपाल में सड़के क्षतिग्रस्त हो गई है जिसके कारण वह काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है खाने पीने की समस्या के साथ काफी दिक्कत का भी सामना करना पड़ा है। फिलहाल सड़क मार्ग सामान्य होने के बाद ही भारत-नेपाल सीमा पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
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करनाल धान खरीदी शुरू, बारिश के बीच किसान राहत और गेट पास पर मांग

Karnal, Haryana:धान की सरकारी खरीद का आगाज― करनाल अनाज मंडी में धान खरीद हुई शुरू, किसानों को मिली राहत... बारिश ने बढ़ाई चिंता, DC ने मंडी पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं व नमी को लेकर किसानों से खास अपील वहीं गेट पास व्यवस्था को लेकर किसानों की मांग बरकरार। करनाल अनाज मंडी में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान की सरकारी खरीद आज से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों के सामने मौसम की चुनौती भी खड़ी हो गई है। कल हुई भारी बारिश ने खेतों में खड़ी और मंडियों में पहुंची धान की फसल को प्रभावित किया है। मंडी पहुंचे DC, व्यवस्थाओं का लिया जायजा धान खरीद की शुरुआत के बीच करनाल के उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा खुद अनाज मंडी पहुंचे और खरीद से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडी में किसी तरह की परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे। नमी को लेकर किसानों से खास अपील उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि मंडी में धान लाने से पहले फसल को अच्छी तरह सुखा लें, ताकि निर्धारित नमी मानकों के कारण खरीद में किसी तरह की अड़चन न आए। प्रशासन की कोशिश है कि किसानों की फसल की खरीद समय पर हो और उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। बारिश से हुए नुकसान पर प्रशासन की नजर वहीं, कल हुई भारी बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों और मंडियों में मौजूद धान की फसल पर बारिश का असर पड़ा है। उपायुक्त ने किसानों को भरोसा दिलाया कि बारिश से हुए नुकसान का सरकार के निर्देशानुसार संज्ञान लिया जाएगा और किसानों के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने जताया सरकार का आभार धान की सरकारी खरीद समय पर शुरू होने पर किसानों ने सरकार और प्रशासन का आभार जताया है। किसानों का कहना है कि समय पर खरीद शुरू होना उनके लिए राहत की बात है, क्योंकि धान की फसल मंडी में आने के बाद उसका जल्द उठान और भुगतान होना बेहद जरूरी है। गेट पास व्यवस्था को लेकर किसानों की बड़ी मांग किसानों ने प्रशासन के सामने इस बार सबसे बड़ी मांग गेट पास व्यवस्था को दुरुस्त रखने की रखी है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में गेट पास जारी होने के बाद कई बार व्यवस्था बाधित हो जाती थी, जिसके चलते मंडियों के बाहर धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग जाती थीं। किसानों ने मांग की है कि इस बार गेट पास व्यवस्था लगातार और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए, ताकि उन्हें मंडी के बाहर घंटों इंतजार न करना पड़े। बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी किसानों का कहना है कि एक तरफ धान की सरकारी खरीद शुरू होने से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ भारी बारिश ने मेहनत से तैयार की गई फसल की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के मुताबिक खेतों में पानी भरने और मंडी में पहुंची फसल के भीगने से नुकसान की आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि प्रशासन खरीद, उठान और गेट पास की व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखे। MSP में भी बढ़ोतरी इस खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में भी बढ़ोतरी की गई है। इस बार धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि पिछले सीजन में यह 2369 रुपये प्रति क्विंटल था। यानी इस बार किसानों को 72 रुपये प्रति क्विंटल अधिक MSP मिलेगा। अब किसानों की नजर सुचारु खरीद पर धान की खरीद शुरू होने के बाद अब किसानों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि मंडी में गेट पास से लेकर खरीद और उठान तक पूरी व्यवस्था बिना किसी रुकावट के चले। बारिश से हुए नुकसान का उचित संज्ञान हो और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में लंबा इंतजार न करना पड़े—यही इस समय किसानों की सबसे बड़ी मांग है। बाइट: करनाल उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा किसान अमरीक सिंह एवं तजिंदर सिंह
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