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Jahid KhanJahid KhanFollow27 Sept 2024, 09:39 am
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आर्चना गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा हरियाणा मंडल-बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने वाली रणनीति

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ हरियाणा भाजपा की कमान संभालने के बाद प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने संगठन में बदलाव का पहला चरण पूरा कर दिया है। 1 अगस्त को उनकी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के साथ प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया। अब भाजपा के अंदर नजरें अगले चरण के संगठनात्मक बदलाव पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिला और मंडल स्तर पर जरूरत के मुताबिक कुछ चेहरे बदले जा सकते हैं, जबकि बूथ स्तर के संगठन को और ज्यादा सक्रिय करने पर जोर रहेगा। अर्चना गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जिस तरह तेजी से संगठनात्मक फैसले लिए हैं, उससे साफ है कि उनका फोकस केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। उनकी रणनीति संगठन को चुनावी स्तर पर ज्यादा सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिखाई दे रही है। अर्चना गुप्ता ने 1 अगस्त को अपनी नई प्रदेश टीम का ऐलान किया। इसमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, तीन प्रदेश महामंत्री और नौ प्रदेश मंत्री समेत कुल 36 पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गईं। नई टीम में पुराने अनुभवी चेहरों के साथ नए नेताओं को भी जगह दी गई है। नई टीम में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, पलवल के विधायक दीपक मंगला समेत आठ नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं गोपाल शर्मा, सत्यप्रकाश जरावता और वेद फुल्ला को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश संगठन में मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारियां भी नए सिरे से तय की गई हैं। इसके साथ ही विभिन्न मोर्चों में भी बदलाव किया गया है। रICHа पाहवा को महिला मोर्चा, अक्षित दहिया को युवा मोर्चा, महेश चौहान को किसान मोर्चा, सुनील सैन इंजीनियर को ओबीसी मोर्चा, अजय खुंडिया को एससी मोर्चा और डॉ. अवनीत वड़ैच को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। अर्चना गुप्ता के सामने अगली बड़ी चुनौती जिला संगठन को लेकर है। हालांकि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि सभी जिलाध्यक्षों को बदला जाएगा। खुद अर्चना गुप्ता ने 8 अगस्त को हिसार में कहा कि जरूरत के अनुसार एक-दो जिलों में बदलाव हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चरखी दादरी के जिलाध्यक्ष को प्रदेश टीम में शामिल किए जाने के कारण वहां नया जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा। इससे संकेत मिलता है कि जिला स्तर पर बदलाव व्यापक अभियान की बजाय जरूरत और प्रदर्शन के आधार पर चयनित जिलों तक सीमित रह सकता है। चरखी दादरी में बदलाव लगभग तय है। इसके अलावा जिन जिलों में संगठन और स्थानीय नेतृत्व के बीच तालमेल की समस्या है, वहां भी प्रदेश नेतृत्व समीक्षा कर सकता है। हालांकि किसी जिले के नाम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अर्चना गुप्ता की रणनीति में मंडल संगठन को विशेष महत्व मिल रहा है। 8 अगस्त को हिसार में हिसार, सिरसा, डबवाली, फतेहाबाद, भिवानी, हांसी और चरखी दादरी के मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष ने मंडल अध्यक्षों کو अपनी जिम्मेदारी समझने, शक्ति प्रमुखों को जिम्मेदारी देने और समितियों का गठन करने पर जोर दिया। इसी बीच हिसार में कुछ मंडल अध्यक्षों के सामूहिक इस्तीफे का मामला भी सामने आया। अर्चना गुप्ता ने कहा कि समस्या अब नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संगठन में जिम्मेदारी निभाने में सक्षम लोगों को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जानी चाहिए। इसलिए आने वाले समय में मंडल स्तर पर भी कामकाज की समीक्षा, निष्क्रिय पदाधिकारियों की जगह सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण देखने को मिल सकता है। भाजपा की नई रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बूथ संगठन हो सकता है। अर्चना गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मजबूत मंडल और सक्रिय बूथ संगठन की असली ताकत हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्रों और पन्ना प्रमुखों की सक्रियता की समीक्षा बढ़ सकती है। यानी भाजपा का अगला संगठनात्मक फोकस ऊपर से नीचे की बजाय नीचे से ऊपर तक संगठन को सक्रिय करने पर रहेगा। सिर्फ पदाधिकारी बनाए जाने के बजाय उनसे बूथ और विधानसभा स्तर पर काम लेने की कोशिश होगी। अर्चना गुप्ता की नई टीम के सामने एक और बड़ी चुनौती उन विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने की है जहां भाजपा को पिछले चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। नई प्रदेश टीम में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में पार्टी कमजोर विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग प्रभारी, प्रवास कार्यक्रम और बूथ स्तर की समीक्षा व्यवस्था को मजबूत कर सकती है। प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा समय देने की रणनीति भी सामने आ सकती है। नई प्रदेश कार्यकारिणी में मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारियां अलग-अलग नेताओं को दी गई हैं। इससे संकेत है कि पार्टी अब राजनीतिक संदेश को बूथ स्तर तक पहुंचाने के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ज्यादा आक्रामक तरीके से काम करेगी। प्रदेश मीडिया संयोजक, आईटी संयोजक और सोशल मीडिया संयोजक की नियुक्ति के बाद जिला स्तर पर भी इन व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत होगी। ऐसे में जिलों में डिजिटल टीमों और सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ सकती है। अभी तक सामने आए संकेतों को देखें तो अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा में बदलाव को तीन स्तरों पर देखा जा सकता है। पहला चरण: प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव, जो 1 अगस्त को हो चुका है। दूसरा चरण: खाली या जरूरत वाले जिलाध्यक्ष पदों पर बदलाव और कुछ जिलों में संगठन की समीक्षा। तीसरा चरण: मंडल और बूथ स्तर पर activeता बढ़ाना, निष्क्रिय पदाधिकारियों की समीक्षा और जिम्मेदारी का पुनर्वितरण। इस लिहाज से आने वाले दिनों में भाजपा में सबसे ज्यादा नजर जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर रहेगी। हालांकि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बड़ी संख्या में जिलाध्यक्षों को हटाया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता का 8 अगस्त का बयान बताता है कि पार्टी फिलहाल व्यापक बदलाव के बजाय जरूरत के अनुसार चयनित बदलाव की नीति अपना सकती है। यानी अर्चना गुप्ता की नई प्रदेश टीम बनने के बाद अब असली परीक्षा जिला, मंडल और बूथ स्तर पर होगी। आने वाले दिनों में भाजपा संगठन में बदलाव से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि नई टीम को किस तरह मैदान में उतारा जाता है और कमजोर क्षेत्रों में संगठन को कितना मजबूत किया जाता है.
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दिल्ली में डमी करेंसी घोटाला: द्वारका ATS ने तीन गिरफ्तार, 70 हजार नकदी बरामद

Delhi, Delhi:दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डमी करेंसी के जरिए लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. द्वारका एएटीएस की टीम ने बिंदापुर इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास 200 से ज्यादा बंडल बरामद हुए हैं. इन बंडलों में ऊपर असली नोट और नीचे डमी नोट रखे गए थे. पुलिस ने 70 हजार रुपये से ज्यादा की असली भारतीय करेंसी भी बरामद की है. आरोपी लोगों को 500 रुपये के नोट को छोटे नोटों में बदलने का झांसा देते थे और इसके बदले अतिरिक्त पैसे देने का लालच देते थे. इसके बाद उन्हें ऐसा बंडल दिया जाता था, जिसके ऊपर असली नोट देखकर पूरा बंडल असली होने का भरोसा हो जाता था. इसी तरीके से एक व्यक्ति से करीब 50 हजार रुपये की ठगी की गई. शिकायत मिलने के बाद एएटीएस टीम ने जांच शुरू की और बिंदापुर इलाके में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जावेद, सोहेल और ध्रुव उर्फ सनी के रूप में हुई है. पुलिस जांच में सामने आया है कि ध्रुव उर्फ सनी पहले भी इसी तरह के दो मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और इसके मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है.
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थर्मल इमेजिंग से मुरादाबाद में एक साथ 3 तेंदुए पकड़े, पिंजरे बढ़ाने की तैयारी

Moradabad, Uttar Pradesh:पिंजरे मे कैद हुए 2 खूंखार तेंदए—एक अभी पकड़ से बाहर, कल पिंजरे मे कैद हुई थी अल्प व्यस्क मादा तेंदुआ और आज पिंजरे मे कैद हुआ व्यस्क तेंदुआ। अभी 1 तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से बाहर, जल्द उसको भी पकड़ने मे जुटी टीमें। थर्मल इमेजिंग की मदद से कैप्चर हुए थे क्षेत्र मे एकसाथ 3 तेंदवे। डीएम मुरादाबाद डॉ राजेंद्र पेंसिया के मुताबिक थर्मल के माध्यम से 2 तेंदुए एक अन्य स्थान पर भी हुए कैप्चर। बता दें पूर्व में क्षेत्र मे एक महिला को तेंदुओं ने मौत के घाट उतारा था, उसके बाद से लगातार इन्हीं तेंदुओं के हमले की आ रहीं थी सूचना। डीएम मुरादाबाद डॉ राजेंद्र पेंसिया बोले वर्तमान में चौपालों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डीएम राजेंद्र पेंसिया ने लोगों से घर से बाहर पशुओं को न बाँधने, रात्री में लाइट जलाने, कही जाने के दौरान 2 या 2 से अधिक लोगों के साथ चलने और ईख के खेत में काम करते वक्त एक दूसरे से बात करने और लाठी-डंडे साथ रखने की अपील की। डीएम बोले 16 पिंजरे अभी हैं, इससे अतिरिक्त 10 और पिजरे ख़रीदे जा रहे हैं। पकड़े गए दोनों तेंदुए आसपास सटे गांवों लालापुर पीपलसानी और गांव बलिया से आए पकड़ में। वन विभाग की तरफ से क्षेत्र मे लगाए गए चार पिंजरे। मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के लालापुर पीपलसाना का मामला।
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तमक नाले की तबाही के बीच अस्थायी मार्ग और BRO जवान की तलाश जारी

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:तमक नाले में भारी बारिश के बाद उफान से Valley Bridge बह गया, जिससे ज्योतिर्मठ–मलारी मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। प्रशासन और संबंधित विभागों ने मार्ग को जल्द सुचारु बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया है ताकि अस्थाई मोटर मार्ग HUM पाइप डालकर तैयार किया जा सके। हादसे के बाद लापता BRO जवान पंकज की तलाश दूसरे दिन भी सेना, ITBP, NDRF, SDRF, पुलिस और BRO की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से जारी है। मौके पर जेसीबी मशीनों की मदद से अस्थाई मार्ग बनाने का कार्य तेज हो रहा है और सुरक्षा संबंधित दिशा-निर्देशों के साथ काम किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने मलबे और तेज पानी के खौफनाक मंजर के बीच राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि मार्ग बहाली तक अनावश्यक आवाजाही से बचें और तैनात एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करना और लापता BRO जवान की तलाश पूरी करना है।
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चलती ट्रेन में टीटी ने जन्मदिन मनाया; रेलवे ने मामलों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की

Jhansi, Uttar Pradesh:नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ ने चलती ट्रेन में बर्थडे पार्टी मना ली। केक काटा, माला पहनाई और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रेलवे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वायरल वीडियो झांसी होकर गुजरने वाली नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस के कोच का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ और उसके साथी कोच के अंदर बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। टीटीई केक काटता नजर आ रहा है, जबकि साथी उसे माला पहना रहे हैं। कुछ यात्री भी कोच में बैठे थे जो स्टाफ की इस हरकत को देखकर सहम गए। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ है वह हमारे संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है और संबंधित स्टाफ के खिलाफ रेलवे द्वारा उचित कार्रवाई की जा रही है।
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100 करोड़ से ज्यादा की GST धोखाधड़ी का खुलासा,नेपाल से चला रहा था फर्जी इनवॉइस नेटवर्क

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली GST -SIT और कैंट पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बोगस ITC क्लेम से जुड़े संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे आरोपी फरजान हाशमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, GST अधिकारियों की कार्रवाई के बाद आरोपी नेपाल भाग गया था और वहां ‘संदीप’ नाम से रहकर जंगी ऐप के जरिए गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था।पुलिस के अनुसार गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के इनवॉइस तैयार करता था। इन बिलों के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता था। जांच में डीएम कंपाउंड के सामने कार्यालय खोलकर फर्जी बिल तैयार करने और रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने की बात भी सामने आई है।पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में सागर अग्रवाल समेत 10 से अधिक आरोपियों की भूमिका चिन्हित की है। इनमें विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल, शिवम गुप्ता उर्फ लाला, आसिफ, तौसिफ और अन्य आरोपी शामिल हैं। मामले में सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहरुख पहले गिरफ्तार किए जा चुके हैं।फरजान के कब्जे से एक लैपटाप, चार्जर, माउस और छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस बरामद उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है
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दिल्ली के IG इंडोर स्टेडियम में बंदर भगाने के लिए लंगूर की आवाज़ मिमिकिंग का नया ट्रेंड

Noida, Uttar Pradesh:वॉक थ्रू स्टेडियम के बाहर से- बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 साल बाद भारत लौटी हैं. इस बार 17-23 अगस्त को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जा रही है. लेकिन सबसे अटपटा बंदर को दूर रखने का तरीका हैं. जहाँ 3 ऐसे लोगो को नियुक्त किया गया है. जो लंगूर की आवाज़ निकालते है. यानी लंगूर को मिमिक करते हैं. बंदर को भगाने के लिए लंगूर का इस्तेमाल प्रतिबंधित है. जिसकी वजह से इंसानों को ही ऐसा ट्रेन किया जा रहा है कि वे लंगूर की आवाज़ निकाल कर बंदर को भगा दे. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट - दिनेश कुमार पांडे की बाइट. बंदरों को पकड़ने का ट्रेडिशनल मेथड अन्य तरीकों से बेहतर हैं क्योंकि इसमें लोगो को ट्रेन किया जा रहा हैं आवाज़ मिमिक करने के लिए. जब बंदरों को ट्रैप किया जाता हैं तब उनमें उन्हें नुकसान पहुंचता हैं और वे कानून के ख़िलाफ़ हैं. बंदर का स्वभाव चंचल और शरारती होता है. उसने बचने का आसान तरीका हैं कि उन्हें खाना ना खिलाये और उन्हें चिढ़ाए ना, इस तरह से बंदर दूर रहेंगे. इन्होंने वीडियो पर बातें बताईं. इसी वीडियो पर पीवी सिंधु का X पर पोस्ट. बीते दिन इंदिरा गांधी स्टेडियम में जो शख़्स लंगूर की आवाज़ निकाल रहा था उसका कहना हैं कि उसका नाम जब्बास हैं और उसने पार्लियामेंट, साउथ ब्लॉक, नार्थ ब्लॉक, राष्ट्रपति भवन जैसी कई जगह काम किया हैं. यहाँ तक की दिल्ली से बाहर हिमाचल, चंडीगढ़, गुरुग्राम और मथुरा में भी. ये उनका खानदानी काम हैं (ये बातें वे एक मोबाइल बाइट पर बता रहे हैं)
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हरियाणा कांग्रेस में जिला स्तर बदलाव: हिसार और सिरसा में नए चेहरों की तैयारी

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में संगठन को लेकर एक बार फिर बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस आने वाले दिनों में कुछ जिलों के संगठन में बदलाव कर सकती है। इनमें हिसार और सिरसा प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। इसके अलावा कुछ अन्य जिलों में भी मौजूदा जिलाध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा के बाद नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, हरियाणा कांग्रेस ने करीब 11 साल बाद अगस्त 2025 में जिला स्तर पर संगठन का गठन किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद प्रदेश के 32 जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। इनमें हिसार शहरी की जिम्मेदारी बजरंग दास गर्ग, हिसार ग्रामीण की बृजलाल बहबलपुरिया और सिरसा की जिम्मेदारी संतोष बेनीवाल को दी गई थी। यह नियुक्तियाँ कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत की गई थीं। हिसार में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा को सबसे बड़ा आधार शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग का इस्तीफा है। गर्ग ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त को अपना इस्तीफा भेजते हुए निजी व्यस्तताओं और सामाजिक कार्यों में अधिक समय देने का हवाला दिया है। हालांकि पार्टी के भीतर लंबे समय से उनके संगठनात्मक स्तर पर असंतुष्ट होने की चर्चा भी रही है। गर्ग के इस्तीफे के बाद हिसार शहरी कांग्रेस को नया जिलाध्यक्ष मिलना लगभग तय माना जा रहा है। नए चेहरे के चयन में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ-साथ स्थानीय गुटों के समीकरण भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हिसार कांग्रेस में पहले भी संगठनात्मक मतभेद सामने आ चुके हैं। ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया और बजरंग दास गर्ग के बीच एक कार्यक्रम के दौरान विवाद हुआ था। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस की बात भी सामने आई थी। बाद में मामला अनुशासन समिति तक पहुंचा था। सिरसा को लेकर भी कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चा है। वर्तमान में संतोष बेनीवाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं। जुलाई के अंत तक वह पार्टी के कार्यक्रमों और विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय थीं। 9 अगस्त को सिरसा में हुए कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियों में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही थी। हालांकि सिरसा में पार्टी के सामने एक बड़ी चुनौती स्थानीय नेताओं और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल की है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के कुछ विधायक जिला अध्यक्ष के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में संगठन को एकजुट रखने और सभी गुटों को साथ लेकर चलने की क्षमता भी नेतृत्व के आकलन का हिस्सा बन सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश नेतृत्व अब केवल जिला अध्यक्ष नियुक्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उनके कामकाज का नियमित मूल्यांकन भी किया जा रहा है। संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने, पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय जैसे मुद्दों को समीक्षा का आधार बनाया जा रहा है। हरियाणा कांग्रेस में हाल के दिनों में ब्लॉक स्तर की नियुक्तियों को लेकर भी विवाद सामने आया है। कुछ जिलाध्यक्षों ने प्रदेश नेतृत्व द्वारा की जा रही नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं और कई नामों पर दोबारा विचार की स्थिति बनी है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि संगठनात्मक ढांचे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अभी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त भी संगठन में गुटबाजी और आपसी मतभेदों को लेकर हाईकमान को रिपोर्ट देने की प्रक्रिया में हैं। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब जिला स्तर पर ऐसे संगठन को तैयार करने पर है जो केवल कागजों पर न रहे, बल्कि बूथ और विधानसभा स्तर पर सक्रिय दिखाई दे। कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक राव नरेंद्र सिंह हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और संजय दत्त हरियाणा के प्रभारी हैं। पार्टी ने संगठन में सुधार और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने को अपनी संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा बनाया है। किन जिलों पर नजर? कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक हिसार और सिरसा के अलावा कुछ और जिलों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया गया। हालांकि अभी पार्टी की तरफ से किसी अन्य जिले के जिलाध्यक्ष को हटाने या बदलने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की समीक्षा बैठकों और हाईकमान के स्तर पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण होगी। यदि मौजूदा जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन और संगठन में उनकी स्वीकार्यता को बदलाव का आधार बनाया जाता है, तो हरियाणा कांग्रेस में एक साथ कई जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिल सकती है। यानी फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि हिसार के बाद अगला नंबर किस जिले का होगा? कांग्रेस के अंदर चल रही संगठनात्मक समीक्षा के बीच आने वाले दिनों में इस सवाल का जवाब सामने आने की संभावना है।
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चंगाई सभा को लेकर लखनऊ में पुलिस जांच शुरू, धर्म परिवर्तन आरोप

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ मोहनलालगंज इलाके में एक गांव में ईसाई धर्म के लोगों द्वारा चंगाई सभा का आयोजन किया गया. जिसे लेकर हिंदू संगठनों ने इस मामले की लखनऊ पुलिस से शिकायत की. हिंदू संगठनो ने आरोप लगाया है कि वहां पर गरीब लड़कों को बुला करके अंग्रेजी पढ़ने के नाम पर उनका धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनाया जा रहा है. जिसके बाद पुलिस और प्रश्नसान मामले की पड़ताल में जुटे. आज इस मामले में लखनऊ के CP को पुलिस अपनी रिपोर्ट सौपेगी. कल इस मामले का खुलासा हुआ तो अंदर मौजूद पादरी समेत 3 लोगों को पकड़कर हिन्दू संगठनों ने पुलिस के हवाले किया था चंगाई समाज के लोगों ने मोहनलालगंज में एक चर्च बनाई है. जिसकी पैमाइश भी चल रही है वह चर्च ग्राम सभा की भूमि पर है जमीन सही पाई गई तो उस पर बुलडोजर चलेगा. अधिकारियों के आदेश पर आज टीम उक्त जमीन की पैमांइश करेगी. मामले में आज हिन्दू महासभा ने हज़रतगंज पुलिस को ज्ञापन सौप कर सरकार और पुलिस से मामले की जांच कर सख्त कार्यवाही की मांग की. शिशिर चतुर्वेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुची हजरतगंज कोतवाली. महिलाओं ने भी कार्यवाही की मांग की.
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मानसून तैयारी: प्रभारी मंत्री ने रुद्रप्रयाग में आपदा नियंत्रण की समीक्षा

Noida, Uttar Pradesh:रुद्रप्रयाग, 11 अगस्त 26 रुद्रप्रयाग में मानसून और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक ली। बैठक में बारिश से हुई क्षति, सड़क मार्गों की स्थिति, राहत-बचाव कार्यों और केदारनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को मानसून के दौरान हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की लगातार निगरानी करने और खतरे की स्थिति में उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा। साथ ही सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में जेसीबी समेत पर्याप्त मशीनरी और रेस्क्यू टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए। केदारनाथ यात्रा में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पैदल ट्रैक रूट और राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित कर वहां मशीनरी और बचाव दल तैनात रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल राहत और रेस्क्यू मिल सके。
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दतिया: उदगवां स्कूल की जर्जर सड़क पर छात्र आंदोलन, ज्ञापन कलेक्टर को सौंपे

Datia, Madhya Pradesh:मनोज गोस्वामी दतिया उदगवां स्कूल की जर्जर सड़क को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन दतिया। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उदगवां की जर्जर सड़क की समस्या को लेकर मंगलवार को स्कूली बच्चों ने जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को ज्ञापन सौंपा। सड़क की खराब हालत से नाराज छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और कार्यालय के नीचे धरने पर बैठकर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ。 छात्रों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर आज दूसरी बार कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो अगली बार छात्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बच्चों ने जिला प्रशासन से स्कूल की सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराने की मांग की है।
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बर्दमान-कटोया इलाके में शोर प्रदूषण: डीजे बक्से से जबरदस्त ध्वनि त्रस्त नागरिक

Bardhaman, West Bengal: কথা र hei l na। बात ہوئی थी, डीजे बजेंगे नहीं। नियंत्रण रहेगा शोर। लेकिन वास्तविक घटनाओं में शोरदैत का तांडव Bardhaman और Katoya रोड के आस-पास के इलाके में अत्याचार बन गया है। Bardhaman में राज्य के অন্যতম बड़े शिवलिंग के रूप में पहचाने जाने वाले मन्दिर को ‘मोটা शिव’ के नाम से जाना जाता है। मंगलवार उसका आविर्भाव दिवस है, जबकि सोमवार जल लाने के दिन थे। करीब एक दशक से इस मन्दिर के आविर्भाव दिवस पर भारी जलसा और शोभायात्रा होती है, जिसमें माइक और चौँगा जैसी ध्वनि की ध्वनि-पूरकता बढ़ जाती है। इस बार नई सरकार आयी है। शोर-नियमन पर प्रचार है। मस्ज़िद के माइक खुले हैं। विश्व Hindu परिषद के पक्ष में प्रचार हुआ। उत्सव समिति ने शोर-नियमन मानने का आश्वासन दिया था और सरकारी स्तर पर भी माइकिंग हुई। पर सोमवार को Bardhaman से Katoya जल लेकर आते समय और वापसी में ध्वनि दानव ने डंका बजा दिया। विशाल डीजे बॉक्स, माइक के साथ तांडव हुआ। पूरा रास्ता Bardhaman शहर के लोग परेशान हो गए। सोमवार और मंगलवार दो दिन इस घटना के साक्षी रहे Bardhaman। मंगलवार सुबह भी ध्वनि-तांडव का प्रचार-प्रसार हुआ और जनजीवन पर असर पड़ा। ग्रामीणों से लेकर शहरवासियों तक इस पर बेहद नाराज़गी है। वे कहते हैं, कहां है नियंत्रण? शून्य-टॉलरेंस। साथ ही आरोप है कि इस तांडव में पुलिस और प्रशासन निष्क्रिय रहे। उनके मौजूदगी में दिन-रात ये सब चलता रहा। देखने वाला कोई नहीं। सुनने वाला कोई नहीं। टिप्पणी: स्थानीय निवासी – শেখ फকরूद्दीन, स्थानीय निवासी – শেখ डুমुर
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