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Jahid KhanJahid KhanFollow27 Sept 2024, 09:39 am
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हापूड़ में भारी बारिश से जर्जर छत गिरी, एक की मौत, बेटा घायल

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण एक मकान की जर्जर छत भरभरा कर गिर गई. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ है. इस हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस ने मृतक व्यक्ति के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जानकारी के अनुसार पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सद्दीकपुरा में अशफ़ाक़ उम्र 52 वर्ष अपने परिवार के साथ रहता था और फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह जब वह अपने दोनों बेटों 18 वर्षीय नाजिम और 17 वर्षीय कासिम के साथ कमरे में सो रहा था, तभी अचानक मकान की जर्जर हो चुकी छत उसके ऊपर भरभरा कर गिर गई. जिससे भारी मलबे में तीनों दब गए. हादसे की आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाना शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. मृतक के भाई चांद ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण अचानक छत गिर गई. इस हादसे में उसके भाई अश्फाक की मौत हो गई है. परिवार में दो बेटे हैं और बेटी की शादी हो चुकी है. जबकि पड़ोसी अब्दुल वाहिद ने बताया कि बारिश के कारण अचानक मकान की छत गिर गई. कमरे के अंदर अशफाक और उनका बेटा सो रहे थे. छत गिरने से दोनों मलबे में दब गए. हम पड़ोसियों ने करीब आधे-पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला. बेटे के शरीर पर चोटें आई हैं, उसका इलाज चल रहा है, लेकिन अशफाक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, घटना के बाद कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने अशफाक को मृत घोषित कर दिया. वहीं घायल बेटे का इलाज अस्पताल में जारी है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे सद्दीकपुरा मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है.
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AIIMS डॉक्टर: मानसून से डेंगू समेत बीमारियाँ रोकना संभव, सावधानी जरूरी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: मॉनसून से जुड़ी बीमारियों के बारे में AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, "हर साल इस मौसम में कुछ खास बीमारियाँ देखने को मिलती हैं। हम हमेशा इन्हें रोक नहीं पाते, इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि इनके होने की संभावना को जितना हो सके कम किया जाए। कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे डेंगू। हालाँकि डेंगू से बचा जा सकता है, लेकिन एक बार संक्रमित होने पर, आमतौर पर लक्षणों के आधार पर और सपोर्टिव इलाज से मरीज़ ठीक हो जाता है। ज़्यादातर मामलों में, डेंगू में प्लेटलेट काउंट का कम होना मुख्य चिंता का विषय नहीं होता। बीमारी की गंभीरता तय करने में प्लेटलेट्स की भूमिका सबसे अहम नहीं होती। गंभीर चेतावनी वाले लक्षणों में ब्लीडिंग, पेट में लगातार दर्द, या फेफड़ों या पेट में फ्लूइड जमा होना शामिल है। डेंगू में मुख्य खतरा सिर्फ़ प्लेटलेट्स का कम होना नहीं है, बल्कि ब्लड वेसल्स से फ्लूइड का लीक होना है, जिससे हीमोकॉन्सेंट्रेशन होता है और मरीज़ गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है..."
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अखिलेश यादव शंकराचार्य के चरणों में बैठे, भाजपा प्रवक्ता पर तंज कसते

Noida, Uttar Pradesh:अखिलेश यादव आज परम पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के चरणों में बैठे उस पर भाजपा प्रवक्ता आलोक अवस्थी की प्रतिक्रिया - सनातन धर्म का लगातार अपमान करने वाले , श्रीरामजन्मभूमि मंदिर आंदोलन में भाग लेनेवाले निर्दोष रामभक्तों की हत्या करने वाले, श्रीरामचरितमानस को फड़वा कर जलवाने वाले , अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का दर्शन नहीं करने वाले और अपनी पार्टी के लोगों को दर्शन से रोकने वाले, श्रीराम का मंदिर ना बन पाये उसके लिए सारी ताक़त लगाने वाले और परम पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को तुष्टिकरण की पराकाष्ठा में अंधे होकर वाराणसी की सड़कों पर पिटवाने वाली पार्टी के अध्यक्ष आज चुनाव नज़दीक देख कर परम पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में बैठने का ढोंग कर रहे हैं।
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जमीन के विवाद में युवक की चाकू से हत्या: सहार में सनसनी

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र के बड़की खड़ाव गांव में बुधवार की सुबह जमीन के विवाद में एक युवक की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई। इलाज के लिए सहार सीएचसी लाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक को काफी करीब से सिर एवं शरीर के अन्य जगहों पर चाकू मारी गई है। घटना को लेकर गांव एवं आसपास के इलाकों में सनसनी मच गई। सूचना पाकर स्थानीय थाना घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। जानकारी के अनुसार मृतक सहार थाना क्षेत्र के बड़की खड़ाव गांव निवासी वीरेंद्र सिंह का 34 वर्षीय पुत्र विक्रांत सिंह है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन को लेकर कुछ माह से विवाद चल रहा है। बुधवार की सुबह उसी विवाद में एक बार टकराव हो गया, जिसको लेकर आरोपी पक्ष के लोगों से नोंकझोंक हुई। जिसके बाद आरोपियों द्वारा उस पर चाकू वार कर दिया गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। तब परिजन द्वारा उसे इलाज के लिए सहार सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने देख उसे मृत घोषित कर दिया; इसके पश्चात पुलिस आगे की कार्रवाई करने एवं आरोपियों की धर पकड़ में जुट गई है। हालाँकि इस पूरे मामले पर पुलिस ने तत्काल कुछ भी कहने से इन्कार किया है।
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खूंटी-मुरहू सड़क बदहाल, ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहा

Khunti, Jharkhand:रिपोर्ट - ब्रजेश कुमार। क्षेत्र - खूँटी । स्लग - बारिश शुरू होते ही कई गाँवो तक आवागमन वाले सड़क हुई बदहाल । दुर्घटना को आमंत्रित करता कच्चा सड़क से परेशान निरीह ग्रामीण। एंकर - झारखण्ड को बने 25 वर्ष से अधिक हो गया और विकास कराने के नाम पर 19 साल पहले खूँटी जिला का निर्माण हुआ था । लेकिन आज भी मुरहू अड़की रनिया प्रखंड के कई गाँवों तक मूलभूत सुविधा पहुंच नहीं पायी है। हाँ ये बात जरुर है कि जो जनप्रतिनिधि किसी तरह मोटर साइकिल में चलते थे वो नेता बनने के बाद उनका तो विकास दिखाई देता है। लेकिन जिन्होंने मतदान किया और आशा लगाया कि सरकार का पैसा जनहित के लिए गांव तक लाएगा और हमारे चेहरे पर मुस्कान दिखाई देगा । लेकिन आज वो सोच और सपना धरा का धरा रह गया। ऐसा मूलभूत सुविधा नहीं मिलने वाले गाँवों में से एक उदाहरण मुरहू से शान्तिपुरी वाली सड़क आज भी कच्चा दुर्घटना युक्त और समस्या जनित है। जिसके निर्माण के लिए विधायकों सांसदों प्रशासन जनप्रतिनिधि सभी से कहा गया लेकिन वर्षों वर्षों से ये सड़क बदहाल है। जिसमें ग्रामीण डरकर चलने को मजबूर हैं। ये सड़क केवल एक गाँव नहीं बल्कि कई गाँवो को जोड़नेवाला ये सड़क है। जहां से हजारों ग्रामीण अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने के लिए इसी रास्ते से मुरहू और खूंटी शहर आवागमन करते हैं। विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं।मरीज अस्पताल जाते हैं। लेकिन आज भी ग्रामीण आस लगाए हैं हैं कि काश ये सड़क बन जाता तो परेशानी से निजात मिल जाता । राहगीर ग्रामीण वृद्ध महिला ने बताई थी कि इस सड़क से काफी लोग आवागमन करते हैं और यहां विद्यालय और आंगनबाड़ी भी है। चलने में काफी कष्ट होती है लोग गिर भी जाते हैं। शांतिपुरी निवासी ग्रामीण में बताया कि इस सड़क का निर्माण कभी भी नहीं हो पाया है। इसे राहगीरों को काफी कष्ट होता है। आंगनबाड़ी सेविका ने बताई की कर के खराब होने से आवागमन में लोगों को काफी दिक्कत होता है यह विद्यार्थी आवागमन करते हैं । आंगनबाड़ी में बच्चे इसी सड़क से आना जाना करते हैं। गर्भवती महिलाएं अस्पताल जाती है कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि गर्भवती महिला का प्रसव सड़क में ही हो गया है। इसलिए सड़क को वरना बहुत ही जरूरी है। मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण साबू ने बताया कि झारखंड को बने विकार 25 वर्ष हो गया है लेकिन अब तक की सड़क का निर्माण एक बार भी नहीं हो पाया है। नजन आते हैं आश्वासन लेकर चले जाते हैं। लेकिन ग्रामीणों का स्थिति इस प्रकार बदतर है। यह सड़क से न केवल एक गांव बल्कि कई गांवों को जोड़ने वाला सड़क है। इसमें हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बाईट - ग्रामीण。 बाईट - ग्रामीण。 बाईट - आंगनबाड़ी सेविका。 बाईट,,- अरुण साबू, उपप्रमुख मुरहू ।
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हनीवेल के सक्षम STEM कार्यक्रम से 12 हजार छात्राओं को लाभ, भविष्य टेक-युक्त बनेगा

Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हनीवेल टेक्नोलॉजीज़ के ‘सक्षम’ STEM शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया हनीवेल का लक्ष्य वर्ष 2029 तक देशभर के 12 सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त बालिका विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करना है इस पहल से 12,000 से अधिक छात्राओं को लाभ मिलेगा, जिनमें से लगभग 5,000 छात्राएं दिल्ली की होंगी कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में STEM लैब, डिजिटल ICT एवं कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी छात्राओं के लिए स्वच्छ शौचालय, WASH सुविधाएं और मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे साइबर सुरक्षा, पोषण, वित्तीय साक्षरता, प्रजनन स्वास्थ्य और जीवन कौशल से जुड़े विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 60 शिक्षकों को डिजिटल टूल्स और इंटरैक्टिव टीचिंग मेथड्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा चयनित 5 छात्राओं को अमेरिका के यू.एस. स्पेस एंड रॉकेट सेंटर, अलबामा में स्पेस साइंस वर्कशॉप में भाग लेने का अवसर मिलेगा यह परियोजना लाडली फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से लागू की जा रही है हनीवेल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को भविष्य के लिए तैयार, तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।
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36 घंटे बाद पुल पानी से बाहर, सड़क पर धूल-कीचड़, यातायात जाम

Thane, Maharashtra:36 तासांनी पूल खाली झाला - पूराचे पाणी ओसरलं पण रस्त्यावर जाड गाळ, माती आणि कचरा... वाहतूक धोकादायक - ऑटो आणि दुचाकी घसरतात.. प्रशासान गायब - 2 दिवस पूल पाण्याखाली होता.. साफसफाईसाठी कोणी आलेलं नाही... नागरिकांचा संताप.. तब्बल 36 तासांनी काळू नदीवरील पूल पाण्याबाहेर आला असला तरी नागरिकांचा त्रास काही संपलेला नाही. काळू नदीवरील पूल गेल्या 2 दिवसांपासून पाण्याखाली होता. पाणी ओसरल्यानंतर पूल सुरू झाला खरा, पण रस्त्यावर 3-4 इंच जाड गाळ, माती आणि कचरा साचला आहे. दुचाकी आणि ऑटो घसरत आहेत. अपघात होण्याची भीती आहे. पण 2 दिवस झाले तरी प्रशासनाचा एकही अधिकारी किंवा कर्मचारी इथे फिरकला नाही. आम्ही कुठे जायचं? असा संतप्त सवाल इथले ग्रामस्थ करत आहेत. हा पूल टिटवाळा, रूंदे, फळेगांव, उशिद, आंबिवली, मढ सह 10 ते 12 गावांसाठी जीवनवाहिनी आहे. पण गाळामुळे वाहतूक मंदावली आहे. पाऊस परत आला तर पुन्हा संपर्क तूटण्याची भीती नागरिकांना आहे. प्रशासनाने तातडीने JCB आणि कर्मचारी पाठवून हा रस्ता स्वच्छ करावा अशी मागणी नागरिक करत आहेत. अन्यथा आंदोलनाचा इशाराही त्यांनी दिला आहे.
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राम जन्मभूमि ट्रस्ट महंत ने कहा- सरकार, प्रशासन और पुलिस पर पूरा भरोसा

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, उत्तर प्रदेश: श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ट्रस्टी, महंत दिनेन्द्र दास जी महाराज कहते हैं, "...हमें सरकार, मुख्यमंत्री और प्रशासन पर भरोसा है। जो काम हो रहा है, वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है। वे अपना काम कर रहे हैं और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। जाँच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए पूछताछ जारी है, जिसमें दूसरा दिन भी शामिल है, और जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सरकार और प्रशासन स्थिति को ठीक से संभाल रहे हैं, और सब कुछ सुलझ जाएगा."
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बलवंत सिंह खेतवाल के लिए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई: शहीद की शहादत पर देश भर में शोक

Haldwani, Uttarakhand:देश की रक्षा करते हुए मणिपुर में उग्रवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए असम राइफल्स के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर हल्द्वानी स्थित उनके मोतीनगर आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद बलवंत सिंह खेतवाल का अंतिम संस्कार आज कुछ ही देर में रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। बागेश्वर जिले के तुपेड (वन डूंगरा) गांव के मूल निवासी और वर्तमान में नैनीताल जिले के हल्द्वानी के मोतीनगर निवासी वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल सोमवार को मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। जानकारी के अनुसार, 40 असम राइफल्स के काफिले पर उग्रवादियों ने पहले आईईडी विस्फोट किया और उसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल और हवलदार चंद्रमोहन सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए, बलवंत सिंह खेतवाल वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे और अपने लंबे सैन्य जीवन में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में देश की सेवा की। उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हल्द्वानी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और परिजनों को ढांढ़स बंधा रहे हैं। आज रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को अंतिम विदाई दी जाएगी। देश उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा।
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बूंदी: जमीन विवाद में घर घुसकर हमला, 70 वर्षीय महिला समेत दो घायल

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी जिले के सदर थाना क्षेत्र के मोहनपुरा गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने एक घर में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में 70 वर्षीय नारायणी बाई और उनकी बहू गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को परिजनों ने तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, मोहनपुरा गांव में लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बना हुआ था। इसी विवाद के चलते 8 से 10 बदमाश एकजुट होकर पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया। बदमाशों ने घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल में पुलिस ने घायल महिलाओं के बयान भी दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमला पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद को लेकर किया गया है। सदर थाना अधिकारी भंवर सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हमले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल जिला अस्पताल में घायल 70 वर्षीय नारायणी बाई और उनकी बहू का इलाज जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। थानाधिकारी भंवर सिंह ने लूट की घटना से इनकार किया है
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