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विकासनगर में अवैध खनन: खनन विभाग ने ट्रैक्टर ट्राली सीज कर दिया

Dehradun, Uttarakhand:रिपोर्ट: मो मुजम्मिल ( विकासनगर ) एंकर: विकासनगर में खनन विभाग की टीम ने छापेमार कार्यवाही करते हुए अवैध खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया...जबकि खामिया पाए जाने पर एक उपखनिज भंडारण के ई-रवन्ने पोर्टल को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया...दरअसल जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर सहायक खनिज पर्यवेक्षक शिव नेगी के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने विकासनगर यमुना नदी के किनारे छापेमार कार्यवाही को अंजाम दिया...छापेमारी के दौरान नदी से खुलेआम अवैध खनन कर रहे एक ट्रैक्टर ट्राली को खनन विभाग की टीम ने रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर ने ट्रैक्टर ट्राली को दौड़ा दिया...तस्वीरों में देखिए की अवैध खनन करने वाले इन लोगों के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं कि पीछे खनन विभाग की टीम ट्रैक्टर ट्राली को रोकने का इशारा कर रही है लेकिन ड्राइवर ट्रैक्टर ट्राली को दोड़ाए जा रहा है...काफी देर तक चोर पुलिस के इस खेल में आखिरकार खनन विभाग की टीम ने अवैध खनन कर रहे इस ट्रैक्टर ट्राली को धर दबोचा...अवैध खनन में पकड़े गए इस ट्रैक्टर ट्राली को विकासनगर कोतवाली के सुपुर्द करते हुए 24 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है...इस दौरान खनन विभाग की टीम ने एक उपखनिज भण्डारण में अनियमितताएं पाए जाने पर भण्डारण के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उप खनिज भण्डारण के ई-रवन्ने पोर्टल को अस्थाई रूप से बंद कर दिया...
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हापुड़ में रुपयों के विवाद से जीजा-साले के बीच खूनी संघर्ष, 3 घायल

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रुपयों के विवाद को लेकर जीजा और साले के बीच खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है. देहात क्षेत्र के गांव असौड़ा में दो परिवारों के बीच जमकर मारपीट हुई. देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे, लोहे के पाइप और ईंट-पत्थर चलने लगे. इस मारपीट में 3 लोग घायल हो गए. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया है. जानकारी के अनुसार, गांव असौड़ा में जीजा साले के बीच रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने कुछ ही देर में बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लिया.​ पीड़ित महिला नगमा ने बताया कि विवाद के दौरान पहले बस में मारपीट की गई और फिर घर बुलाकर उनके बेटे पर हमला किया गया. नगमा के अनुसार, जब परिवार के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे तो उन पर भी हमला बोल दिया गया. आरोप है कि हमले में लाठी-डंडों के अलावा लोहे के पाइप और ईंट-पत्थरों से पथराव किया गया. साथ ही कान की बाली, जेब से 50 हजार रुपए और गले से चेन छीनने का भी आरोप लगाया गया है. इस खूनी संघर्ष में तीन लोग घायल हो गए. घटना की सूचना पर पुलिस अस्पताल और मौके पर पहुंची तथा मामले की जानकारी ली. पुलिस ने घायलों को मेडिकल जांच और उपचार के लिए भेजा है. बाइट - नगमा, पीड़ित महिला
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कालसी हत्या मामला: पति मनोज गिरफ्तार, अदालत में पेशी से जेल की राह साफ

Noida, Uttar Pradesh:कालसी के कचटा गांव में हुई 23 वर्षीय नीलम की हत्या के मामले में राजस्व पुलिस ने कलयुगी हत्यारोपी पति मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजे जाने की तैयारी हो रही है। बता दें कि बीते बृहस्पतिवार को कालसी के कचटा गांव में एक महिला की उसके ही पति ने बड़ी ही निर्ममता से धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी। आरोप है कि पत्नी के चरित्र पर शक के आधार पर आरोपी मनोज ने घर में रखी पाठल से गला रेत कर हत्या कर दी थी, और आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। जिसे कल देर रात गांव से राजस्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसे अब कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन से राजधानी छावनी जैसी सुरक्षा

New Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के चुनाव आयोग के मुखिया ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए बुलाए गए प्रदर्शन के आवाहन के बाद पूरी दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है नई दिल्ली इलाके में बीएस की धारा 163 लागू है जो कोई भी प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है उसकी डिटेन किया जा रहा है दिल्ली पुलिस की चौकसी न सिर्फ नई दिल्ली तक स्थित है बल्कि दूसरे इलाकों में भी पुलिस की मुस्तात देखने को मिल सकती है पूर्वी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास ट्रैफिक पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है जहां पर ट्रैफिक पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स लगातार वाहनों की जांच कर रही है वाहनों में यदि कोई प्रदर्शन की ओर जा रहा है या फिर वाहनों में कोई बैनर या स्लोगन मिलता है तो उसे तुरंत डिटेल किया जा रहा है इससे साफ है कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस न सिर्फ नई दिल्ली के आसपास बल्कि हर उसे चप्पल पर तैनात है जहां से प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी हो सकती है
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झुंझुनूं में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नशामुक्ति रैली; बच्चों ने ली शपथ

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नशामुक्ति रैली का आयोजन किया गया। लायंस क्लब झुंझुनूं और सीकेआरडी मेमोरियल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रैली को लायंस क्लब अध्यक्ष डॉ. देवकीनंदन तुलसियान और डॉ. लालचंद ढाका ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने नशे की लत से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। डॉ ढाका ने बताया कि लायंस क्लब की ओर से वर्ष 1999 से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नशामुक्ति रैली और मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाने के साथ शपथ भी दिलाई गई।
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वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर घायल

JPJai Pal13m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी के मणिकर्णिका घाट अराजक तत्वों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने आए युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला. • वाराणसी के थाना चौक में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज. • आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 115(2), 351(3), 109(1), 191(2) और 191(3) के तहत कार्रवाई. • मारपीट में गंभीर रूप से घायल और बेहोश हुए पीड़ित अभिषेक सिंह को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. • रमेश सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की. • नामजद आरोपी ऋषिकेश चौधरी, बादल चौधरी, गोलू, शनि चौधरी, गुड्डू चौधरी और अनिल समेत अन्य अज्ञात उपद्रवी शामिल. • श्मशान घाट जैसे जगह पर इस प्रकार की हिंसा से इलाके में भारी आक्रोश और हड़कंप. • पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक यह गंभीर घटना 9 अक्टूबर की रात को अंजाम दी गई. • कमिश्नरेट पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए उपनिरीक्षक हिमांशु मिश्रा को जांच का जिम्मा सौंपा. • वारदात के बाद से फरार चल रहे सभी नामजद और अज्ञात हमलावरों की धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है.
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स्वच्छता पखवाड़ा: असम राइफल्स ने जोधपुर, डोडा में सफाई जागरूकता कार्यक्रम चलाया

Doda, As part of Swachhata Pakhwada, the 25 Assam Rifles organised a cleanliness and awareness programme at Kendriya Vidyalaya Jodhpur, Doda, around 18 km from the district headquarters, promoting cleanliness, hygiene and environmental responsibility among students and the general public. During the programme, Assam Rifles personnel sensitised students about the importance of keeping homes, schools, roads and public places clean. Students and staff also took a cleanliness pledge, committing themselves to maintaining cleanliness and encouraging others to avoid littering and protect the environment. Students participated in a cleanliness drive in the nearby area and cleaned a natural water spring (Chashma), highlighting the importance of protecting natural water sources from waste and pollution. Student Mehak Vazir said the programme created awareness about maintaining cleanliness and protecting natural water sources. She appealed to people not to throw waste near springs and to keep their surroundings clean. Student Diksha Bharti said students cleaned nearby streets and the natural spring and urged people to avoid littering and protect water sources for the benefit of the community. Malka Devi, PGT Hindi, said various activities were conducted under Swachhata Pakhwada, including cleaning roads and school surroundings. She urged people to maintain cleanliness at home, in schools and in their neighbourhoods, stressing that cleanliness is important for a healthy life. The 25 Assam Rifles also conveyed the wider message of Swachhata Pakhwada, encouraging students and the general public to make cleanliness a daily habit, dispose of waste responsibly and collectively work towards a cleaner and healthier environment.
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सरधना सीट में सोम बनाम प्रधान का नया मुकाबला, 2027 पर असर

Noida, Uttar Pradesh:सरधना...कपड़ा और लकड़ी उद्योग के लिए जाना जाता है...इतिहास के पन्नों में इसकी अपनी खास जगह है...18वीं सदी में ये इलाका बेगम समरू की राजधानी रहा...वही बेगम समरू...जिन्हें भारत के इतिहास में एकमात्र कैथोलिक शासक के तौर पर याद किया जाता है दो चुनाव...दो जीत...और संगीत सोम की सरधना पर पकड़ मजबूत...ऐसा लगा कि सरधना बीजेपी के इस फायरब्रांड चेहरे का मजबूत किला बन चुकी है...लेकिन लोकतंत्र में कहानी कभी एक जैसी नहीं रहती...और 2022 ने सरधना का पूरा राजनीतिक गणित बदल दिया... सरधना में पिछले तीन विधानसभा चुनावों की कहानी अगर देखें तो तस्वीर बेहद दिलचस्प नजर आती है...2012 में संगीत सोम की एंट्री हुई...2017 में उन्होंने अपनी जीत दोहराई...लेकिन 2022 में अतुल प्रधान ने 18 हजार 200 वोटों से बाजी पलट दी.... यानी इस वक्त सरधना में सत्ता का पलड़ा समाजवादी पार्टी की तरफ है...लेकिन बीजेपी के संगीत सोम भी इस सीट की राजनीति से बाहर नहीं हुए हैं...यही वजह है कि 2027 के चुनाव से पहले सरधना में सबसे बड़ा सवाल यही है...क्या मुकाबला फिर सोम बनाम प्रधान होगा...या इस बार कोई नया चेहरा दोनों की सियासी जमीन खिसका देगा? पश्चिमी यूपी की सरधना सीट सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं....बल्कि सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा का रणक्षेत्र है...इतिहास के पन्नों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाला ये शहर आज इस बात का गवाह है कि कैसे एक ही सीट पर दो धुरंधर आमने सामने आकर चुनावी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा देते हैं...27 के चुनाव में क्या एक बार फिर भगवा परचम लहराएगा या साइकिल अपनी रफ्तार बरकरार रखेगी? ये तो वक्त ही बताएगा...लेकिन इतना तय है कि पश्चिमी यूपी की नजरें इसी सीट पर टिकी रहेंगी
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दुबई फंसे शेखावाटी के युवाओं की मदद की मांग: एजेंट धोखाधड़ी के आरोप

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं दुबई में फंसे शेखावाटी के युवाओं ने वीडियो जारी कर मांगी मदद झुंझुनूं-चूरू के 6 युवाओं के फंसने की जानकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, एजेंट को 50 हजार रुपए देने का दावा युवाओं का आरोप—सुबह 4 बजे से रात 8-9 बजे तक कराया जा रहा काम पासपोर्ट रोकने और वतन वापसी के लिए 3 हजार दिरहम मांगने का आरोप रोते हुए युवाओं की गुहार—पासपोर्ट दिलवाकर सुरक्षित भारत वापस लाया जाए परिवार की खुशहाली के सपने लेकर सात समंदर पार गए युवाओं को क्या पता था कि जिस नौकरी के भरोसे वे घर छोड़ रहे हैं, वही उनके लिए मुसीबत बन जाएगी। किसी ने परिवार से पैसे उधार लिए तो किसी ने ब्याज पर कर्ज लेकर विदेश जाने का इंतजाम किया। एजेंट पर भरोसा किया, बेहतर नौकरी और अच्छी कमाई की उम्मीद लगाई, लेकिन दुबई पहुंचते ही उनके सपने टूटने लगे। अब ये युवा कथित तौर पर बदहाल हालात में फंसे हैं और वीडियो जारी कर भारत सरकार, प्रशासन तथा अपने परिजनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। दुबई में फंसे शेखावाटी के युवाओं के वीडियो सामने आए हैं। इनमें कोई रोते हुए अपनी पीड़ा बता रहा है तो कोई हाथ जोड़कर वतन वापस बुलाने की अपील कर रहा है। युवाओं का आरोप है कि भारत में उन्हें जिस कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था, दुबई पहुंचने पर वहां काम नहीं मिला। इसके बजाय उन्हें दूसरी सप्लाई कंपनी में लगा दिया गया। अब काम के लंबे घंटे, वेतन को लेकर अनिश्चितता, खाने-रहने की परेशानी और पासपोर्ट नहीं मिलने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। झुंझुनूं जिले के डाबड़ी धीरसिंह निवासी मोहम्मद महबूब अली टाइल मिस्त्री हैं। महबूब का कहना है कि उन्होंने झुंझुनूं के एजेंट सुरेश कुमार को 50 हजार रुपये दिए थे। उन्हें दुबई की एमबीएम कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। उनका इंटरव्यू भी इसी कंपनी के लिए हुआ और वीजा भी उसी कंपनी का दिया गया। लेकिन दुबई पहुंचते ही उन्होंने एमबीएम के बजाय एबीसी नाम की सप्लाई कंपनी में काम पर लगा दिया गया। महबूब के मुताबिक, वहां पहुंचते ही उनका पासपोर्ट ले लिया गया। अब उन्हें बताया जा रहा है कि दो महीने बाद वेतन मिलेगा। ऐसे में सवाल यह है कि जब हाथ में पैसे नहीं हैं, तो दो महीने तक खाने-पीने का इंतजाम कैसे करें? परिवार से पैसे मांगकर आखिर कितने दिन गुजारा किया जा सकता है? महबूब का आरोप है कि जब उन्होंने भारत लौटने की बात कही तो उनसे करीब 3 हजार दिरहम यानी लगभग 80 हजार रुपये मांगे गए। दुबई जाने के लिए पहले ही 50 हजार रुपये खर्च कर चुके महबूब के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना मुश्किल है। नौकरी के नाम पर विदेश पहुंचे महबूब अब अपने ही वतन लौटने के लिए बेबस नजर आ रहे हैं। झुंझुनूं निवासी मोहम्मद शोएब अली की परेशानी भी कुछ ऐसी ही है। शोएब का कहना है कि उन्होंने भी एजेंट सुरेश को 50 हजार रुपये देकर दुबई जाने का इंतजाम किया था। भारत में उन्हें एक कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद वह कंपनी ही नहीं मिली।शोएब के मुताबिक, जब उन्होंने एजेंट से संपर्क कर अपनी परेशानी बताई तो जवाब मिला कि उसका काम उन्हें दुबई भेजना था। वहां पहुंचने के बाद क्या हो रहा है, इसकी उसे जानकारी नहीं है। शोएब का कहना है कि उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं और जिस कंपनी में उन्हें काम पर लगाया गया है, वहां उनकी जिम्मेदारी लेने वाला भी कोई नहीं है। युवाओं का कहना है कि विदेश जाने से पहले उन्हें करीब आठ घंटे की ड्यूटी की जानकारी दी गई थी, लेकिन वहां सुबह चार बजे उठना पड़ता है। सुबह पांच से साढ़े पांच बजे तक काम के लिए निकलते हैं और रात आठ से नौ बजे तक काम करना पड़ता है। उनका आरोप है कि उनसे 16 घंटे तक काम कराया जा रहा है, जबकि वेतन कब मिलेगा, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। Youth का आरोप है कि बीमार होने पर भी काम पर जाने का दबाव बनाया जाता है। काम पर नहीं जाने पर कमरे से बाहर निकालने या जुर्माना लगाने की बात कही जाती है। कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके कमरों से सामान बाहर निकाल दिया और उन्हें बेघर जैसी स्थिति में छोड़ दिया। अब उनके सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है।युवाओं का सबसे बड़ा आरोप है कि उनके पासपोर्ट कंपनी के पास हैं और वापस मांगने पर पैसे मांगे जा रहे हैं। उनका कहना है कि भारत लौटने के लिए प्रति व्यक्ति करीब तीन हजार दिरहम की मांग की जा रही है। पहले ही एजेंट को 50 से 60 हजार रुपये तक देने वाले युवाओं के लिए यह रकम जुटाना आसान नहीं है।जानकारी के अनुसार, चूरू और झुंझुनूं के छह लोग एक से तीन अक्टूबर के बीच दुबई पहुंचे थे। युवाओं का दावा है कि उनके अलावा करीब 26 अन्य लोग भी वहां लंबे समय से फंसे हुए हैं। वीडियो में मोहम्मद अयान सहित अन्य कामगार भी अपनी परेशानी बताते हुए मदद की अपील कर रहे हैं。
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Naresh Meena की तबीयत बिगड़ी, बारां से जयपुर कूच के बाद अनशन जारी

Baran, Rajasthan:नौवें दिन बिगड़ी नरेश मीणा की तबीयत, शुगर लेवल गिरने से हुई पानी की उल्टियां बारां। किसानों को खाद सहित कृषि समस्याओं से राहत दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे नरेश मीणा की तबीयत नौवें दिन बिगड़ गई है। जानकारी के अनुसार शुगर लेवल गिरने के कारण उन्हें पानी की उल्टियां हुई हैं। लगातार अनशन से स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजनों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। परिजन और ग्रामीण उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन मीणा अपनी आठ सूत्रीय मांगों पर अड़े हैं। उन्होंने कहा है कि मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। नरेश मीणा ने 2 अक्टूबर को बारां में अनशन शुरू किया था। उनकी मांगों में डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित कीमत पर बिक्री, खाद के साथ अन्य सामान की टैगिंग खत्म करना, रकबे के अनुपात में खाद वितरण और बिजली-सिंचाई की समस्या का समाधान शामिल है। प्रशासन से सहमति नहीं बनने पर वे समर्थकों के साथ बारां से जयपुर पैदल कूच पर निकले थे। 7 अक्टूबर को शिवदासपुरा टोल पर पुलिस ने काफिले को रोका, टोंक रोड पर जाम लगा। अधिकारियों के आश्वासन पर जयपुर कूच स्थगित कर गांव लौटकर अनशन जारी रखा। 8 अक्टूबर को कृषि विभाग ने चार दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, सरकार ने पर्याप्त स्टॉक का दावा भी किया, लेकिन जमीनी स्तर पर वितरण, कीमत और टैगिंग के सवाल बरकरार हैं।
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