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Devendra RangireDevendra RangireFollow4 Sept 2024, 04:14 pm
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खूंटी के मुरहू क्षेत्र में बकरी चोरी के बाद मॉब लिंचिंग, सात गिरफ्तार

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र अंतर्गत बिंदादीरी गांव में बकरी चोरी करने आये चार लोगों में ग्रामीणों की पिटाई से एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी, और एक व्यक्ति घायल हो गया था. इस मॉब लिंचिंग से हुई एक की मौत के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जिनके ऊपर कई गैर ज़मानती धारा लगाते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने छापामारी के दौरान अनेक ग्रामीणों को पकड़ा था, जिसके बाद अनुसंधान करते हुए पड़ताल किया और बिंदादीरी निवासी सभी पंडा बोदरा (55), मंगा बोदरा (35), मुकुट बोदरा (22 वर्ष), कालेप बोदरा (23 वर्ष), मनोज बोदरा (27 वर्ष), नन्दराम हंस (18 वर्ष) और एक रुमजुई गांव के सोमा बोदरा (20 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. डीएसपी मंगल सिंह जामूदा ने बताया कि बकरी चोरी करने गये लोगों की पिटाई से मौत हुई थी, जो एक मॉब लिंचिंग का मामला था.
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डीजेबी की 179वीं बोर्ड बैठक: यमुना साफ-सफाई और सीवरेज सुधार पर बड़े कदम

New Delhi, Delhi:Parvesh verma डीजेबी की 179वीं बोर्ड बैठक: प्रमुख बातें दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 179वीं बोर्ड बैठक में यमुना सफाई और सीवर व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने कहा कि यमुना की सफाई और दिल्ली की सीवर समस्या का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लगातार पीएमओ से प्रगति और तय समयसीमा पर अपडेट मांगा जाता है। सरकार ने दोहराया कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले यमुना को साफ करने का वादा पूरा किया जाएगा। दिल्ली में जितना सीवेज उत्पन्न होता है, उसके मुकाबले उपचार (Treatment) की क्षमता कम है। इसे बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है। सरकार के अनुसार, जब नई सरकार ने कार्यभार संभाला था तब 749 MGD सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर अब 814 MGD किया जा चुका है। मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के अपग्रेडेशन से 62 MGD अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है। अगले 21 महीनों में सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़कर 1,046 MGD हो जाएगी। दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं, जहां अब तक हाउस सीवर कनेक्शन नहीं था। इन्हें जोड़ने का काम तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजेबी के करीब 30 लाख ग्राहक हैं, जबकि बिजली के 60-65 लाख उपभोक्ता हैं। सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग बिना पंजीकरण के पानी का उपयोग कर रहे हैं। सभी जल बोर्ड उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराई जाएगी, ताकि डेटा अपडेट हो और बिल सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे। बिल जनरेट करने और घर-घर पहुंचाने का काम एक ही एजेंसी करेगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। खाली पदों को भरने के लिए 700 कर्मचारियों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी। 'यंग एक्वा लीड इंटर्नशिप प्रोग्राम' शुरू होगा। जल बोर्ड में इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को ₹15,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। 15 डीएसटीपी (DSTP) परियोजनाओं पर करीब ₹2,000 करोड़ खर्च होंगे, जिससे लगभग 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। 989 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस पर करीब ₹1,600 करोड़ खर्च होंगे और 33 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार का दावा है कि ये सभी प्रमुख परियोजनाएं 18 महीनों में पूरी कर ली जाएंगी। नालों के इन-सीटू ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जाएगी। इनलेट और आउटलेट पर मीटर लगाए जाएंगे, जो हर 5 मिनट में पानी की गुणवत्ता के मानकों का डेटा रिकॉर्ड करेंगे। नजफगढ़ ड्रेन के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। संगम विहार में पानी की समस्या के समाधान और तुगलकाबाद में भूमिगत जलाशय (Underground Reservoir) बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। सरकार ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में केवल प्रचार हुआ, बुनियादी सीवर और जल ढांचे पर पर्याप्त काम नहीं किया गया। दिल्ली के हर वार्ड में मुफ्त वाटर एटीएम लगाए जाएंगे।पहले चरण में 250 सरकारी स्कूलों में अत्याधुनिक (State-of-the-Art) वाटर एटीएम स्थापित किए जाएंगे। इनसे स्कूली बच्चों के साथ-साथ राहगीरों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक वाटर एटीएम की क्षमता 2,000 लीटर होगी। दिल्ली की 170 कॉलोनियों में हाउस सीवर कनेक्शन का काम फिलहाल शुरू नहीं हो पाया है। सरकार के अनुसार, ये कॉलोनियाँ ओ-ज़ोन (O-Zone) या वन क्षेत्र (Forest Area) में आती हैं, इसलिए काम शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से एनओसी (NOC) लेना आवश्यक है। सरकार ने कहा कि इन 170 कॉलोनियों को छोड़कर बाकी सभी कॉलोनियों में हाउस सीवर कनेक्शन का काम तेजी से चल रहा है।
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फरीदाबाद में कांवड़ यात्रा सुरक्षा: 21 नाकों पर 300 से अधिक जवान तैनात

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद- कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन हुआ अलर्ट, सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैफिक एसीपी शैलेंद्र ने बताया कि 21 नाकों पर 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, थानों की टीम समेत क्राइम ब्राँच की टीम भी रहेंगी मुस्तैद। कल से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है जिसके चलते शहर के अलग अलग इलाकों में 21 पुलिस नाके लगाए गए हैं, इसके साथ ही सभी थानों की टीम अपने अपने इलाकों में तैनात रहेंगी, कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम भी मुस्तैद की गई हैं, पुलिस ने कांवड़ियों से भी अपील की है की वो बेसबॉल या दुसरे किसी डंडो का इस्तेमाल ना करें और ना ही किसी तरह का उपद्रव करें, उपद्रवियों से पुलिस ने सख्ती से निपटने की बात भी की है साथ ही बताया की फरीदाबाद के दुर्गा बिल्डर इलाके से राष्ट्रीय राजमार्ग स्तिथ सीकरी तक ट्रैफिक की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से प्लान की गई है ताकि कहीं कोई दिक्कत ना आए।
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आगोर में सीवरेज बाढ़ से खेत-घर डूबे, स्थायी समाधान अब भी दूर

Barmer, Rajasthan:सीवरेज का पानी खेतों घरों तक पहुंचा लोग परेशान बाड़मेर की आगोर में सीवरेज की बाढ़: खेत उजड़ रहे, घर डूब रहे, लेकिन समाधान अब भी दूर बाड़मेर शहर के आगोर क्षेत्र में वर्षों से सीवरेज का गंदा पानी लोगों के लिए अभिशाप बना हुआ है। शहर का सीवरेज कुड़ला स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक पहुंचाने की व्यवस्था होने के बावजूद बीच के क्षेत्रों में ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या हर वर्ष विकराल रूप ले लेती है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा आगोर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीण परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिनके खेत गंदे पानी में डूब जाते हैं और कई घरों तक सीवरेज का पानी पहुँच जाता है। विडंबना यह है कि जिस सीवरेज परियोजना का उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाना था, वही आज आसपास के इलाकों के लिए मुसीबत बन गई है। राजस्थान सरकार और RUIDP की परियोजना रिपोर्टों में स्पष्ट उल्लेख है कि शहर के सीवरेज का उपचार कुड़ला स्थित एसटीपी में किया जाना है। वर्तमान में लगभग 10 MLD क्षमता का STP संचालित है तथा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाकर 14.8 MLD करने की योजना भी बनाई गई है। परियोजना का उद्देश्य बिना उपचारित सीवरेज को खुले क्षेत्रों में फैलने से रोकना और उपचारित जल का सिंचाई सहित अन्य उपयोग करना है। लेकिन धरातल की तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। आगोर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो हो जाती हैं या निकासी बाधित होने से गंदा पानी खेतों और आबादी की ओर फैल जाता है। इससे फसलें खराब होती हैं, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है तथा लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगता है। कई परिवार वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया। यह समस्या नई भी नहीं है। वर्ष 2019 में भी कुड़ला क्षेत्र में सीवरेज के पानी से बाढ़ जैसे हालात बनने की खबरें सामने आई थीं, जहां ग्रामीणों ने रास्ते बंद होने और जीवन प्रभावित होने की शिकायत की थी। यानी सात साल बाद भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये की सीवरेज परियोजनाएं बनाई जा रही हैं और विस्तार योजनाएं भी तैयार हैं, तब आगोर क्षेत्र के लोग हर साल इस गंदे पानी की मार क्यों झेल रहे हैं? यदि पाइपलाइन, पंपिंग सिस्टम और निकासी व्यवस्था का समय पर रखरखाव हो तथा प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थायी ड्रेनेज समाधान विकसित किया जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। जब तक जिम्मेदार एजेंसियां कागजी योजनाओं से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक बाड़मेर के आगोर क्षेत्र में हर बरसात के साथ सीवरेज की यह बाढ़ खेतों, घरों और लोगों की उम्मीदों को डूबोती रहेगी।
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पटना हाईकोर्ट ने पेपर लीक के खिलाफ 3 स्पेशल कोर्ट से सुनवाई तेज करने को कहा

Patna, Bihar:बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य अनियमितताओं से संबंधित मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए पटना हाईकोर्ट ने राज्य में प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस एक्ट, 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए 3 विशेष अदालतें गठित करने का निर्णय लिया है। ये स्पेशल कोर्ट पटना, लखीसराय और पूर्णिया में खोले जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इन शहरों में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के 3 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। इन अदालतों में चार्जशीट दाखिल होने के दिन से रोजाना सुनवाई होगी और 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाया जाएगा। वही इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। जेडीयू के MLC खालिद अनवर ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य हैं और इन्हीं बच्चों को आगे चलकर देश को संभालना है। सरकार ने ठोस कदम उठाया है ताकि जो लोग इस तरह का घिनौना हरकत करते हैं, जिन लोगों ने भी चाहा है कि देश के भविष्य को बर्बाद करें, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया है। हम लोग बच्चों की भावनाओं को, उनके जज्बात को समझते हैं और जानते हैं कि इनके बगैर न तो हमारा प्रदेश, न हमारा देश आगे बढ़ सकता है। इनके जज्बात की हिफाजत की जाए, इनके मुस्तकबिल की हिफाजत की जाए और जो भी पेपर लीक करने वाले लोग हैं उनको कड़ी से कड़ी सजा जल्द अज जल्द दी जाए इसकी व्यवस्था सरकार कर रही है। बाइट — खालिद अनवर एमएलसी जेडीयू रोकथाम से सम्बंधित समीक्षा। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा पेपर लीक मामले में क्या निपटारा करेंगे? सत्ता का संरक्षण है और पार्टी के अनुसार शिक्षण संस्थान और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह लीक हो चुकी है, कई परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हुए। बीपीएससी भी अछूता नहीं रहा। तेजस्वी जी के रहते क्या किसी पेपर लीक की बात होगी? सरकार ही लीक है। बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने कहा अच्छी पहल है। सरकार ने पहले ही पेपर लीक के लिए कानून 24 में बनाया और सजा के दृष्टिकोण से आगे कॉलेज ने भी कदम उठाए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सभी मामलों की सुनवाई 3 महीनों में होगी—यह स्वागत योग्य कदम है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा हमारे युवा हमारे बच्चे कोर्ट नहीं मांग रहे हैं, वे चाहते हैं कि इम्तिहान लीक-फ्री हो। मुख्यमंत्री और_STATE GOVERNMENT की जिम्मेदारी है कि छात्रों के इम्तिहान में चोरी रोकी जाए। बिहार में 54 फास्ट ट्रैक कोर्ट अभी हैं, एक भी कोर्ट फंक्शनल नहीं है—सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि फंक्शनल क्यों नहीं हैं और बच्चों को इम्तिहाल-चोरी से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
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जालौन में अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल शिव सिंह की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम

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Orai, Uttar Pradesh:अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल शिव सिंह की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मचा कोहराम उरई कोतवाली क्षेत्र के रानिया पोस्ट बड़ा गांव निवासी शिव सिंह (52 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार 12 जुलाई को रानिया-अजनारी मार्ग के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था। बीती रात उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शिव सिंह की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उनके निधन से दो बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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झुंझुनूं के चिड़ावा बस स्टैंड पर रोडवेज कंडक्टर से मारपीट और लूटपाट

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा बस स्टैंड पर रोडवेज कंडक्टर से मारपीट प्रवासी निजी बस कंडक्टर पर दबंगई का आरोप था. बस से नीचे खींचकर कंडक्टर से की मारपीट; मोबाइल, ईयरफोन और चांदी की चेन तोड़ने का आरोप लगा. टिकट मशीन से 5 से 7 हजार नकदी ले जाने का भी आरोप. यात्रियों ने बीच-बचाव किया और स्थिति शांत हुई. चिड़ावा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेकर पूछताछ शुरू कर दी. झुंझुनूं जिले के चिड़ावा बस स्टैंड पर रोडवेज बस के कंडक्टर के साथ मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है. सिंघाना से आई निजी बस के कंडक्टर ने रोडवेज कंडक्टर को नीचे खींचकर मारपीट शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कंडक्टर बस स्टैंड पर अपनी नियमित ड्यूटी के तहत सवारियां उतार रहा था. मारपीट के दौरान कंडक्टर के कपड़े फाड़ दिए गए, उसका ईयरफोन और मोबाइल फोन तोड़ दिया गया, गले से चांदी की चेन भी तोड़ दी गई. निजी बस के कंडक्टर ने टिकट मशीन छीनने का प्रयास किया और मशीन में रखी नकदी भी निकाल ली. घटना के दौरान बस स्टैंड पर मौजूद यात्री और अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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बूंदी के रतनसागर सुरक्षा दीवार निर्माण में घटिया सामग्री पर ग्रामीणों का विरोध

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी - रतन सागर झील की सुरक्षा दीवार मामला निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप ग्रामीणों ने विरोध कर बंद करवाया काम बूंदी जिले की तलवास ग्राम पंचायत का मामला ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किया विरोध प्रदर्शन ग्रामीणों का आरोप है कि करीब ₹50 लाख की लागत से स्वीकृत इस निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा अनियमितताएं घटिया सामग्री काम में ली जा रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इसी कार्य के टेंडर को लेकर पहले भी विवाद रहा था पंचायत समिति के जिम्मेदारों ने कथित रूप से एक चहेते ठेकेदार को टेंडर देने के लिए तीन बार निविदा निरस्त की गई थी जिसके बाद कार्य आवंटित किया गया। मौके पर ग्रामीणों ने पंचायत समिति कनिष्ठ अभियंता,ग्राम विकास को मौके पर लताड़ लगाई ।
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रीवा में अमित कोल हत्या: पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कांग्रेस अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अमित कोल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए महज कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि घटना की शुरुआत एक ठेले व्यापारी से खुले पैसे लेने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई, जिसके बाद ठेले व्यापारी ने अपने दो साथियों को मौके पर बुला लिया और तीनों ने मिलकर अमित कोल के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अपने पास रखा चाकू निकालकर अमित पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से अमित को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रारम्भिक पूछताछ में खुले पैसे को लेकर विवाद होना सामने आया है, जबकि पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।
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द्वारका में 2500 रुपए मासिक घोषणा से महिलाओं में उत्साह, रक्षाबंधन पर पहली किश्त

New Delhi, Delhi:द्वारका में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 देने की घोषणा को लेकर महिलाओं में खुशी का माहौल देखने को मिला। रक्षाबंधन पर पहली किस्त जारी किए जाने की बात सामने आने के बाद द्वारका की कई महिलाओं ने इसे सरकार की सकारात्मक और राहत देने वाली पहल बताया। महिलाओं ने कहा कि महंगाई के दौर में यह आर्थिक सहायता घर के छोटे-बड़े खर्चों में काफी मददगार साबित होगी। कुछ महिलाओं ने कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी। महिलाओं का कहना था कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे कैबिनेट में मंजूरी देकर पूरा किया है, इसलिए लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। द्वारका की महिलाओं ने उम्मीद जताई कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा। पोर्टल 1 अगस्त से शुरू होने और रक्षाबंधन पर पहली किस्त मिलने की घोषणा के बाद महिलाओं में उत्साह साफ तौर पर दिखाई दिया। कई महिलाएं इस फैसले का स्वागत करते हुए सरकार का धन्यवाद करती नजर आई。 बाइट -- द्वारका निवासी
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नूह के खोरी कला में स्टंट मौत: 36 घंटे दबाए रखा गया दीपक

Nuh, Haryana:Story :- नूंह में खतरनाक स्टंट बना जानलेवा, 24 घंटे की जगह 36 घंटे तक ज़मीन में दबा रहा युवक, दम घुटने से मौत। हरियाणा के नूंह जिले के तावडू उपमंडल के गांव खोरी कला में एक खतरनाक स्टंट के दौरान 27 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। पिछले सप्ताह आयोजित एक ट्रैवलिंग बाइसिकल सर्कस में युवक को ज़मीन के अंदर जिंदा दफनाने का प्रदर्शन किया गया था। दावा किया गया था कि उसे 24 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा, लेकिन कथित लापरवाही के चलते युवक को करीब 36 घंटे बाद बाहर निकाला गया, तब तक उसकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान फरीदाबाद जिले के गौंची गांव निवासी दीपक के रूप में हुई है। वह ट्रैवलिंग बाइसिकल सर्कस के आयोजकों में शामिल था। खोरी कला गांव के एक खाली प्लॉट में पिछले सात दिनों से साइकिल स्टंट सर्कस का आयोजन चल रहा था, जिसमें दीपक विभिन्न रोमांचक करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन करता था। वह हैंडलबार पर संतुलन बनाना, बिना आगे देखे साइकिल चलाना और चलती साइकिल पर सीधे खड़े होकर स्टंट करने जैसे करतब प्रस्तुत करता था। कार्यक्रम के अंतिम दिन दीपक को एक विशेष रूप से खोदे गए गड्ढे में बोरी के अंदर उतारकर ऊपर से मिट्टी डाल दी गई। आयोजकों ने दर्शकों से कहा कि उसे 24 घंटे बाद जीवित बाहर निकाला जाएगा। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दीपक को तय समय पर नहीं निकाला गया और वह करीब 36 घंटे तक ज़मीन के अंदर ही दबा रहा। प्रत्यक्षदर्शी संचित सिंह ने बताया कि सर्कस के दौरान लोगों से यह भी कहा गया कि जब तक 7,100 रुपये की राशि एकत्र नहीं होगी, तब तक दीपक को बाहर नहीं निकाला जाएगा। इसी कारण उसे तय समय से काफी देर बाद बाहर निकाला गया। जब गड्ढा खोला गया तो दीपक मृत अवस्था में मिला। आशंका है कि लंबे समय तक ज़मीन के अंदर रहने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। इस दर्दनाक हादसे ने ऐसे खतरनाक स्टंटों की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक को समय पर बाहर क्यों नहीं निकाला गया तथा इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की क्या भूमिका रही。
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