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MVManish VaniFollow25 Jul 2024, 11:31 am

कोल इंडिया कंपनी को छोटी खट्टाली ब्लॉक के लिए पसंदीदा बोलीदार नामित होने पर उठने लगे विरोध के स्वर

Jobat, Madhya Pradesh:

कोल इंडिया कंपनी द्वारा छोटी खट्टाली ब्लॉक के लिए नीलामी में पसंदीदा बोलीदार नामित होने पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। आज जोबट में विरोध प्रदर्शन मनीष वाणी जी मीडिया अलीराजपुर के छोटी खट्टाली की करीब 600 हेक्टेयर जमीन केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया कंपनी को नीलामी में दे दी गई, इस नीलामी के बाद लगभग 300 परिवार बेघर हो जाएंगे। जिनके पास अब जीवनाधार की सुरक्षा का संकट है। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने जोबट में विरोध प्रदर्शन कर मुद्दे को लेकर CM मोहन यादव को अवगत कराने की मांग की है।

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गढ़वा में मुआवजे के विवाद में रैयतों व विधायक के बीच मांगें तेज

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड के गढ़वा जिले में सड़क निर्माण के लिए रैयतों की जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद बढ़ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ जगहों पर रैयतों के विरोध के कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। रैयतों का आरोप है कि उनकी जमीन की कीमत लाखों रुपये होने के बावजूद भू-अर्जन विभाग महज कुछ हजार रुपये प्रति डिसमिल की दर से मुआवजा तय कर रहा है। मामले को लेकर रैयतों ने गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी से शिकायत की, जिसके बाद विधायक के साथ रैयतों ने डीसी से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर आवेदन सौंपा। गढ़वा सदर प्रखंड के फरठिया मोड़ से नावाडीह तक करीब 24 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से कराया जा रहा है। सड़क निर्माण का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लेकिन मध्या पंचायत के पास कुछ हिस्से में निर्माण कार्य रैयतों के विरोध के कारण अधूरा पड़ा है। रैयतों का कहना है कि उनकी जमीन की बाजार कीमत लाखों रुपये है, लेकिन विभाग की ओर से महज आठ हजार रुपये प्रति डिसमिल के हिसाब से मुआवजा तय किया जा रहा है। रैयतों का कहना है कि जमीन चली जाएगी तो खेती का साधन भी खत्म हो जाएगा और उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मामला को लेकर रैयतों ने गढ़वा विधायक से शिकायत की। इसके बाद रैयतों ने विधायक के साथ डीसी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की और उचित मुआवजे की मांग की। महावीर राम, रैयत राकेश चौबे, रैयत वहीं, गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के मामले में रैयतों को उचित मुआवजा देने का प्रावधान है। उनका आरोप है कि मध्या गांव में सड़क निर्माण के लिए जमीन लिए जाने के बावजूद रैयतों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। विधायक का दावा है कि जिस जमीन की कीमत चार से पांच लाख रुपये है, उसका मूल्य महज आठ हजार रुपये तय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी गांव में सड़क निर्माण के दौरान कुछ रैयतों को एक लाख 20 हजार रुपये की दर से मुआवजा दिया गया है। विधायक ने मामले में डीसी से मुलाकात कर आवेदन सौंपते हुए रैयतों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। सत्येंद्रनाथ तिवारी, भाजपा विधायक, गढ़वा
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रामायण नगर में हथौड़ा वार: दुकानदार दीपक कुमार घायल, अस्पताल रिफर

Barh, Bihar:बाढ़ थाना क्षेत्र के रामायण नगर मोहल्ले में घर के आगे सोना चांदी की दुकान चला रहे दुकानदार दीपक कुमार पर अज्ञात लोगों ने हथौड़े से हमला कर दिया। हमले में बुरी तरह से घायल दुकानदार को पटना रेफर कर दिया गया है। मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। दुकान में ग्राहक बनकर आए दो बदमाशों ने जेवर दिखाने को कहा। जेवर पसंद करने के बाद पैसा ऑनलाइन देने की बात कही। दोनों ग्राहक दुकान के टेबल पर बैठ गए। इस दौरान दुकानदार अपने दुकान में जैसे ही सामान निकालने के लिए झुका, तभी बदमाश अपने कमर से भारी हथौड़ा निकालकर दुकानदार के माथे पर लगातार वार कर दिया। बुरी तरह से घायल दुकानदार के चिल्लाने के बाद परिवार बाहर निकला, तब तक अपराधी भाग चुके थे। परिजन घायल दीपक को उठाकर बाढ़ के अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से पटना रेफर कर दिया गया है। पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया है।
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झारखंड में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तारीख 30 सितम्बर 2026 तक बढ़ी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने और उसमें सुधार कराने की अंतिम तारीख बढ़ा दी गई है। अब पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक दावा-आपत्ति दाखिल कर सकेंगे। निर्वाचन विभाग के मुताबिक, राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति की अवधि का दूसरी और अंतिम बार विस्तार किया गया है। ऐसे में जिन पात्र नागरिकों का नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, उनके पास आवेदन करने का यह अंतिम मौका है। नाम जोड़ने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार और स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ और निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपील की है कि वे पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ने में हरसंभव सहयोग करें। निर्वाचन विभाग का जोर इस बात पर है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। 30 सितंबर की समय सीमा के बाद दावा-आपत्ति के लिए यह अवसर दोबारा नहीं बढ़ाया जाएगा, इसलिए पात्र नागरिकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है。
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युवाओं के साथ लहंगी नृत्य ने मुहाल में लोक परंपरा फिर जीवंत की

Baran, Rajasthan:युवाओं ने बुजुर्गों के साथ गोल घेरे में किया पारंपरिक नृत्य, मुहाल में जीवंत हुई लहंगी की परंपरा बारां जिले के आदिवासी अंचल में हाथों में लकड़ी के डंडे, कान्हा जी के लोकगीतों की गूंज और ताल पर थिरकते कदम... ग्रामीण जैसे ही गोल घेरे में नृत्य शुरू करते हैं, पूरा माहौल लोक रंग में रंग जाता है। ऐसी ही मनमोहक तस्वीर मुहाल गांव में देखने को मिली, जहां वर्षों पुरानी लोक परंपरा फिर से जीवंत हो उठी। खास बात यह रही कि इस बार लहंगी नृत्य की कमान सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया। आधुनिकता की दौड़ और मोबाइल के बढ़ते चलन के बीच ग्रामीण अंचल का पारंपरिक लहंगी नृत्य अब लगभग गुम होता जा रहा है। एक समय था जब गांवों में लहंगी के आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं होते थे। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई इसमें शामिल होता था। लेकिन समय के साथ मनोरंजन के बदलते साधनों ने इन आयोजनों की जगह ले ली और यह लोक नृत्य धीरे-धीरे गांवों की गलियों से ओझल होने लगा। इसी परंपरा को फिर से जीवंत रखने के लिए गुरुवार को मुहाल गांव में ग्रामीणों ने लहंगी नृत्य का आयोजन किया। आयोजन में बुजुर्गों के साथ युवाओं की भागीदारी ने माहौल को खास बना दिया। युवा पारंपरिक अंदाज में नृत्य करते नजर आए तो बुजुर्ग उन्हें लहंगी की बारीकियां बताते दिखाई दिए। लहंगी नृत्य की अपनी अलग पहचान है। ग्रामीण गोल घेरा बनाकर एक साथ नृत्य करते हैं। कान्हा जी के लोकगीतों की तान के बीच कदम कभी आगे तो कभी पीछे बढ़ते हैं और पूरा समूह गोल-गोल घूमता है। हाथों में मौजूद डंडों को लय के साथ आपस में टकराने से निकलने वाली खनक नृत्य में और रंग भर देती है। यह सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों को एक सूत्र में बांधने वाली परंपरा भी है। इसमें अलग-अलग उम्र के लोग एक साथ शामिल होते हैं, जिससे आपसी मेलजोल और भाईचारा मजबूत होता है। ग्रामीणों का कहना है कि लोक संस्कृति तभी जीवित रह सकती है, जब नई पीढ़ी उसे अपनाए। मुहाल में युवाओं की भागीदारी ने यह उम्मीद जगाई है कि मोबाइल और आधुनिकता के दौर में भी गांवों की पुरानी परंपराएं पूरी तरह खत्म नहीं होंगी.
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यमुनानगर के कमानी चौक पर ट्रैफिक लाइट खराब, बढ़ी दुर्घटना की चिंता

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर के कमानी चौक यानी बायपास चौक पर लगी ट्रैफिक लाइट लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। चौक पर रेड लाइट के काम नहीं करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार चौक पार करते नजर आते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी समस्या की हकीकत जानने के लिए जी मीडिया की टीम धरातल पर पहुंची और राहगीरों के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से भी बातचीत की। यमुनानगर का कमानी चौक शहर के व्यस्त चौराहों में शामिल है। यहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। चौक पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए लाइट तो लगी हुई है, लेकिन रेड लाइट के काम नहीं करने के कारण वाहन चालकों को खुद ही रास्ता तय करना पड़ता है। ऐसे में कई बार आमने-सामने से आने वाले वाहनों के बीच टकराव की स्थिति बन जाती है। राहगीर: स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त समय में स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को चौक पार करने में परेशानी होती है। लोगों ने मांग की है कि ट्रैफिक लाइट को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि यातायात सुचारु हो सके और संभावित हादसों को रोका जा सके। राहगीर: जी मीडिया की टीम ने मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से भी बात की। पुलिसकर्मियों ने बताया कि लाइट व्यवस्था सही नहीं होने की स्थिति में उन्हें मैन्युअली यातायात नियंत्रित करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी व कर्मी अब सवाल यही है कि आखिर कब तक इस व्यस्त चौक पर खराब ट्रैफिक लाइट के कारण वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर ट्रैफिक लाइट को सुचारु करे।
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ज्योलिकॉट में दूषित पानी: मेन सप्लाई डिस्कनेक्ट, टैंकर से जल आपूर्ति शुरू

Haldwani, Uttarakhand:नैनीताल के ज्योलिकॉट और आसपास के गांवों में दूषित पेयजल की सप्लाई के बाद पेयजल संस्थान ने गांवों की मुख्य पेयजल सप्लाई को डिस्कनेक्ट कर दिया है। पानी के सैंपल फेल पाए जाने के बाद कई जल स्रोतों को बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों को साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए पेयजल संस्थान अब टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई कर रहा है। गांवों की तरफ जाने वाली पेयजल लाइनों को मुख्य सप्लाई से अलग कर टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। जब तक सभी जल स्रोतों की सैंपल रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक संदिग्ध स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी। प्रभावित इलाकों में पेयजल सप्लाई और ग्रामीणों की स्थिति पर जी मीडिया की ग्राउंड रिपोर्ट। ज्योलिकॉट और आसपास के गांवों में दूषित पेयजल की शिकायत के बाद अब पेयजल संस्थान ने एहतियाती कदम उठाए हैं। गावों की मुख्य पेयजल सप्लाई को बंद कर दिया गया है। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए लिए गए सैंपल में गड़बड़ी सामने आने के बाद कई जल स्रोतों को बंद किया गया है। इसके बाद ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए अब टैंकरों का सहारा लिया जा रहा है। पेयजल संस्थान की ओर से टैंकरों के जरिए प्रभावित गांवों में पानी पहुंचाया जा रहा है। वर्तमान में गांव की मेन सप्लाई को डिस्कनेक्ट कर दिया गया है और गांव की ओर जाने वाली लाइन को टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी जल स्रोतों की सैंपल रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक संदिग्ध स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी। जल स्रोतों के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्रोतों से दोबारा पेयजल की आपूर्ति शुरू की जा सकती है।
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कुख्यात अताउल्ला मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में गोली, 315 बोर तमंचा बरामद

Amroha, Uttar Pradesh:रहरा थाना क्षेत्र में वारंटी गिरफ्तार करने गए दरोगा पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाला आरोपी अताउल्ला को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया। 16/17 सितंबर की रात बरतौरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमा संख्या 221/2026 में वांछित अताउल्ला कुल्हाड़ी लेकर घूम रहा है। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी; जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह गिरफ्तार हुआ। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, नाल में फंसा खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद हुई। आरोपी ने 11 सितंबर को वारंट तामील कराने पहुंचे दरोगा पर कुल्हाड़ी से हमला किया था और तब से फरार था।
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