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आगर मालवा में श्योपुर से उज्जैन जा रही यात्रा का धूमधाम से स्वागत
Agar, Madhya Pradesh:आगर मालवा से श्योपुर से उज्जैन महाकाल जा रही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। आगर जिला जेल परिसर के बाहर जेल परिवार ने धूमधाम से यात्रा का स्वागत किया। सैकड़ों बाइक सवार इस यात्रा में शामिल थे जो रास्ते भर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत किए गए। यह यात्रा क्षेत्र में खुशहाली और अकाल मृत्यु से बचने की कामना को लेकर निकाली जा रही है।
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तिघरा डैम में डूबे युवक की मौत की आशंका, SDRF रेस्क्यू जारी
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर तिघरा डैम में नहाने के दौरान 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में डूबा युवक अपने साथी के साथ डैम के कच्ची पार इलाके में पहुंचा था,नहाने के लिए उसने पानी में छलांग लगाई,कुछ ही देर में युवक पानी में डूब गया साथी ने उसे बचाने की कोशिश की और शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया, लेकिन युवक को डूबने से नहीं बच पाया सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने देर रात तक डैम में सर्चिंग की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला पुरानी छावनी निवासी शरद हुसैन अपने साथी दिलशाद खान के साथ नमाज पढ़ने के बाद पहुंचे थे तिघरा डैम0
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अतीक अहमद के बेटे अबान का कसारी मसारी कब्र में दफन, शव नाना-नानी के घर
Noida, Uttar Pradesh:Prayagraj (Uttar Pradesh): Atiq Ahmed's Son Abaan To Be Buried At Kasari Masari Cemetery, Body Kept At His Maternal Grandparents' Home In Hatwa / Visuals अतीक अहमद के बेटे अबान को कसारी मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा; शव को हटवा में उसके नाना-नानी के घर पर रखा गया है।0
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नागपुर से पचमढ़ी जाते बुजुर्ग पुलिसकर्मी की कंटेनर टक्कर से मौत
Chhindwara, Madhya Pradesh:नागद्वारी दर्शन पर जा रहे बुजुर्ग रिटायर्ड पुलिसकर्मी की कंटेनर की चपेट में आने से मौत जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने नागपुर से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं की यात्रा को मातम में बदल दिया. पचमढ़ी में नागद्वारी दर्शन के लिए निकले एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई. हादसा उस समय हुआ जब वे सड़क किनारे प्रसाधन के लिए गए थे. मृतक की पहचान नागपुर के हिंगना निवासी कैलाश काचौरे के रूप में हुई है. वे पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त थे और वर्तमान में ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे अपने साथियों के साथ नागपुर से पचमढ़ी जा रहे थे. रास्ते में सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सभी दर्शन के लिए रुके. इसी दौरान कैलास काचौरे सड़क किनारे प्रसाधन के लिए गए. काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर साथियों ने उन्हें मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ इसके बाद आसपास मौजूद लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि कुछ देर पहले एक व्यक्ति को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी है .जब साथी मौके पर पहुंचे तो देखा कि हादसे का शिकार कैलाश काचौरे ही थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.0
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6 साल बाद भी शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर स्कूल नामकरण की मांग तेज
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं 22 की उम्र में जिस शहीद ने देश पर की जान कुर्बान! 6 साल में सरकार एक स्कूल का नाम भी नहीं दे पाई 6 साल बाद भी शहीद छत्रपाल के नाम का इंतजार 22 साल में देश पर कुर्बान हुआ छावसरी का लाल 12 अगस्त को जयंती, लेकिन अब तक स्कूल नामकरण अधूरा पूर्व विधायक के पास पहुंचे माता—पिता पूर्व विधायक ने कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग के सामने रखी बात देश के लिए महज 22 वर्ष की उम्र में सर्वोच्च बलिदान देने वाले झुंझुनूं जिले के छावसरी गांव के अमर शहीद छत्रपाल सिंह की जयंती 12 अगस्त को है। जयंती से महज चार दिन पहले एक बार फिर शहीद को सम्मान देने से जुड़ा मुद्दा सामने आया है। शहादत के करीब छह साल बाद भी शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर स्कूल का नामकरण नहीं हो पाया है। शहीद के पिता सुरेश पाल सिंह और माता शशि कला देवी ने पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी से इस मामले को लेकर मुलाकात की। जिसके बाद पूर्व विधायक चौधरी ने शहीद के माता-पिता के साथ कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग के पास पहुंचकर स्कूल का नाम अमर शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर किए जाने की मांग रखी। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा कि शहीद छत्रपाल सिंह के माता-पिता अक्सर उनसे मिलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल का नामकरण शहीद के नाम पर अब तक हो जाना चाहिए था। छत्रपाल सिंह केवल अपने माता-पिता के बेटे नहीं, बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और मां भारती के बेटे थे। उन्होंने युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। शुभकरण चौधरी ने कहा कि वह शहीद के माता-पिता को साथ लेकर जिला कलेक्टर से मिले हैं। नामकरण में क्या दिक्कत आ रही है। इसकी जानकारी दी गई है। जरूरत पड़ने पर सरकार और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द स्कूल का नाम अमर शहीद छत्रपाल सिंह के नाम पर करवाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जिला कलेक्टर ने भी शहीद के माता-पिता और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि स्कूल के नामकरण में आ रही समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा और नियमानुसार नामकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शहीद छत्रपाल सिंह की शहादत को करीब छह साल बीत चुके हैं। सरकारें शहीदों के सम्मान और उनके नाम को हमेशा जीवित रखने के बड़े-बड़े दावे करती हैं। लेकिन छावसरी के इस शहीद के मामले में छह साल बाद भी स्कूल का नामकरण नहीं हो पाना कई सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जिस जवान ने महज 22 साल की उम्र में देश की रक्षा करते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उसके नाम पर एक स्कूल का नामकरण करने में आखिर छह साल क्यों लग गए? क्या शहीदों के सम्मान के सरकारी दावे सिर्फ घोषणाओं तक सीमित हैं? अब शहीद के माता-पिता को कलेक्टर के आश्वासन के बाद उम्मीद जगी है कि उनके बेटे को उसके गांव में यह सम्मान जल्द मिल सकेगा। गौरतलब है कि छत्रपाल सिंह झुंझुनूं जिले के छावसरी गांव के रहने वाले थे। करीब 22 वर्षीय छत्रपाल सिंह भारतीय सेना में पैरा ट्रूपर के रूप में तैनात थे। 5 अप्रैल 2020 को जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश के दौरान सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। करीब 15 घंटे चली इस मुठभेड़ में छत्रपाल सिंह शहीद हो गए। छत्रपाल सिंह करीब पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और महज 18 वर्ष की उम्र में देश सेवा के लिए सेना में चले गए थे। शहादत से पहले वे 29 दिन की छुट्टी काटकर 9 मार्च 2020 को ही ड्यूटी पर लौटे थे। उनका विवाह भी नहीं हुआ था। 12 अगस्त 1997 को जन्मे छत्रपाल सिंह की जयंती चार दिन बाद है। जयंती के अवसर पर एक बार फिर उनके शौर्य और बलिदान को याद किया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि शहीद को सम्मान देने के लिए उनके नाम पर स्कूल का नामकरण कब होगा?0
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श्रीनगर में उर्स: संत दरगाह पर श्रद्धालुओं का उमड़ा उत्साह
Srinagar, Uttarakhand:श्रीनगर में धार्मिक उत्साह के साथ शेख सुल्तान-उल-आरिफीन का उर्स मनाया जा रहा है श्रीनगर, 8 अगस्त: शेख सुल्तान-उल-आरिफीन, जिन्हें मखदूम साहिब के नाम से जाना जाता है, का सालाना उर्स आज श्रीनगर में संत की पवित्र दरगाह पर धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है सैकड़ों श्रद्धालु दरगाह पर मत्था टेकने और दुआ मांगने के लिए जमा हो रहे हैं दरगाह पर खास नमाज़ और दुआ मजलिस भी हो रही है, जिसमें श्रद्धालुओं ने शांति, खुशहाली और लोगों की भलाई के लिए दुआ मांग रहे हैं दरगाह पर आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला रहा है क्योंकि कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक रस्मों में हिस्सा ले रहे हैं और दुआएं की जा रही हैं0
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रामनगर में युवक की संदिग्ध मौत; परिजनों ने हत्या का शक, करणी सेना हंगामा
Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के टांडा मल्लू क्षेत्र में देर शाम एक 24 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान टांडा मल्लू निवासी रवि सैनी के रूप में हुई है. परिजनों ने एक महिला और एक पुरुष पर हत्या का शक जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ पिरूमदारा चौकी पहुंचकर घेराव और हंगामा किया. संगठन ने कहा कि मृतक उनके संगठन से जुड़ा हुआ था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. बताया जा रहा है कि रवि सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना देर शाम परिजनों को मिली. मृतक के भाई जोनी कुमार के अनुसार शाम करीब छह बजे पप्पू नाम का एक व्यक्ति उनके घर पहुंचा और बताया कि रवि उसके घर के पास बेहोशी की हालत में पड़ा है. इसके बाद पिता के फोन पर जोनी मौके के लिए रवाना हुए. जोनी कुमार का कहना है कि वह फैक्ट्री से सीधे मौके पर पहुंचा और पप्पू के साथ रिक्शे से अपने भाई को देखने गया. उसके मुताबिक रवि के होंठ और नाखून नीले पड़े थे, शरीर अकड़ा हुआ था और हाथ पर कट का निशान भी दिखाई दे रहा है. परिजनों ने हाथ पर एक अन्य निशान और खून की हल्की बूंद होने की बात भी कही है. इसके बाद परिजन रवि को रिक्शे से अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी मौत होने की जानकारी दी और उसे रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी. परिजनों ने पप्पू और एक महिला पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. देर रात रामनगर कोतवाल सुशील कुमार भी पिरूमदारा चौकी पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मामला फिलहाल संदिग्ध है; पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.0
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नाभा में माता नैना देवी सावन चालन पर 47वीं पदयात्रा, भक्तों की भीड़
Nabha, Punjab:ਮਾਤਾ ਸ੍ਰੀ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਰੱਖਦਿਆਂ ਦੁਰਗਾ ਸੇਵਾ ਮੰਡਲ ਨਾਭਾ ਵੱਲੋਂ ਹਰ ਸਾਲ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ 47ਵੀਂ ਪੈਦल ਯਾਤਰਾ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਨਾਭਾ ਸਮੇਤ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੇ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕੀਤੀ। ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਨੂੰ ਸਾਬਕਾ ਮੰਤਰੀ ਸਾਧੂ ਸਿੰਘ ਧਰਮਸੋਤ ਵੱਲੋਂ ਝੰਡੀ ਵਿਖਾ ਕੇ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਮੂਹ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਮਾਤਾ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਿਆਂ ਯਾਤਰਾ ਦੀ ਸਫਲਤਾ ਅਤੇ ਸੰਗਤ ਦੀ ਸੁਖ-ਸ਼ਾਂਤੀ ਲਈ ਕਾਮਨਾ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਦੁਰਗਾ ਸੇਵਾ ਮੰਡਲ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਤਾ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ ਜੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸ਼ਰਧਾ ਅਤੇ ਆਸਥਾ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਹਰ ਸਾਲ ਸਾਉਣ ਦੇ ਚਾਲਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਨਾਭਾ ਤੋਂ ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਕੱਢੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਦੀ ਤਾਦਾਦ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਸ਼ਾਮਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਪੈਦਲ ਚੱਲ ਕੇ ਮਾਤਾ ਦੇ ਦਰਬਾਰ ਵਿੱਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਯਾਤਰਾ ਦੌਰਾਨ ਸੰਗਤ ਵੱਲੋਂ ‘ਜੈ ਮਾਤਾ ਦੀ’ ਦੇ ਜੈਕਾਰੇ ਲਗਾਏ ਗਏ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੂਰਾ ਮਾਹੌਲ ਭਗਤੀਮਈ ਹੋ ਗਿਆ। ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਲੰਗਰ, ਪਾਣੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ。0
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भागलपुर के अजगैबीनाथ गंगा धाम से 105 किमी कांवर यात्रा पर भक्तों का आस्था सैलाब
Naya Chak, Bihar:एंक- सावन का पावन महीना हो और भागलपुर के अजगैबीनाथ गंगा धाम से लेकर बाबा धाम तक आस्था, विश्वास, श्रद्धा और भोलेनाथ के प्रति समर्पण की अद्भुत तस्वीर सामने न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक के लिए अजगैबीनाथ गंगा धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पिछले 24 घंटे में जहां डेढ़ लाख से ज्यादा कांवरिया श्रद्धालु पैदल गंगा धाम से बाबा धाम के लिए रवाना हुए हैं, वहीं ढाई लाख से ज्यादा शिवभक्त वाहनों से देवघर की ओर कूच कर चुके हैं। अगर पूरे नौ दिनों की बात करें तो अब तक 20 लाख से ज्यादा कांवरिया उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हो चुके हैं। अजगैबीनाथ गंगा धाम के अलग-अलग गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। देश के कोने-कोने और विदेशों से पहुंचे कांवरिया मां गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, कंधे पर कांवर उठा रहे हैं और उसमें गंगाजल भरकर 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पर बाबा बैद्यनाथ केदरबार की ओर बढ़ रहे हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसे श्रद्धालु भी हैं, जिनकी भक्ति और संकल्प किसी को भी हैरान कर दे। मुजफ्फरपुर के रहने वाले सुशील कुमार पिछले 31 वर्षों से लगातार सावन में बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक कर रहे हैं। लेकिन खास बात यह है कि वह हर सावन में एक-दो नहीं, बल्कि नौ बार सुल्तानगंज से देवघर की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। सुशील कुमार सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरते हैं, 105 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और जलाभिषेक करने के बाद फिर वापस सुल्तानगंज लौटते हैं। इसके बाद दोबारा कांवर उठाकर उसी यात्रा पर निकल पड़ते हैं। 1995 से शुरू हुआ उनका यह संकल्प आज भी अनवरत जारी है। बारिश हो, धूप हो या रास्ते की कठिनाइयां, सुशील कुमार के कदम बाबा की भक्ति में लगातार आगे बढ़ते रहते हैं। उनका कहना है कि बाबा भोलेनाथ पर सच्ची श्रद्धा हो तो वह हर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। अजगैबीनाथ गंगा धाम से लेकर 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ तक हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा इलाका भगवामय हो चुका है और कांवरियों की लंबी कतारें मानो यही संदेश दे रही हैं कि भक्ति में शक्ति है और भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए आस्था ही सबसे बड़ा सहारा है।0
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कॉर्बेट 90 साल: संरक्षण से संतुलित पर्यटन तक चुनौती
Noida, Uttar Pradesh:90 साल का गौरवशाली सफर: कॉर्बेट नेशनल पार्क ने लिखा संरक्षण का इतिहास, अब संतुलित पर्यटन सबसे बड़ी चुनौती बगैर रिपोर्टर केकथन और बिना असंबद्ध परिचय के, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आज 90 वर्षों के संरक्षण इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। 1936 में स्थापित यह पार्क देश का पहला नेशनल पार्क था, जिसे बाद में रामगंगा नेशनल पार्क और 1957 में कॉर्बेट नेशनल पार्क के नाम से जाना गया। आज 8 अगस्त 2026 को यह अपनी 90वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसे प्रोजेक्ट टाइगर के जन्मस्थली और भारत के वन्यजीव संरक्षण की सबसे सफल कहानी के रूप में देखा जाता है। समय के साथ क्षेत्रफल में हुए बदलावों के साथ कॉर्बेट आज 1288.31 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है, जहां बाघ, हाथी, तेंदुए, घड़ियाल और कई पंर्यावरण-जनित प्रजातियाँ सुरक्षित हैं। इस अवसर पर वन्यजीव विशेषज्ञों और फोटोग्राफरों ने संरक्षण Mog के बारे में अपने विचार रखे और संतुलित पर्यटन की आवश्यकता को रेखांकित किया है ताकि जंगल अपनी प्राकृतिक पहचान बनाए रखें और स्थानीय समुदायों की भागीदारी स्पष्ट नीति के साथ बने रहे। निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि कॉर्बेट आज लगभग 260 बाघों के साथ दुनिया के उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों में है, जहां पर्यटन ने रामनगर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। भविष्य की मूल चुनौती संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि कॉर्बेट की विरासत आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहे, और जंगल हमारी समाज के साझा दायित्व के रूप में संरक्षित रहे।0
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यूपी में कल से हर घर तिरंगा अभियान, मुख्यमंत्री योगी तिरंगा यात्रा का नेतृत्व
Noida, Uttar Pradesh:यूपी के सभी जिलों में भाजपा का कल से 'हर घर तिरंगा' अभियान, सीएम निकालेंगे तिरंगा यात्रा उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस और 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के तहत कल लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस वर्ष प्रदेशभर में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है。 उत्तर प्रदेश में भाजपा का हर घर तिरंगा अभियान कल से शुरू होगा। कल सबसे पहले सीएम योगी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी जिसके जरिये यूपी में राष्ट्र प्रेम के एजेंडे को भी धार दी जाएगी। यूपी में 9 अगस्त से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान कल से शुरू होने वाला है जिसके तहत राज्य के सभी 75 जिलों में 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य है। इस अभियान के बहाने प्रदेश में भव्य तिरंगा यात्राएं, संगीत समारोह और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं。 पंकज चौधरी प्रदेश अध्यक्ष यूपी भाजपा 9 अगस्त को लखनऊ के बाद 10 अगस्त को गोरखपुर में नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौराहा तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पदयात्रा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। लखनऊ में 9 अगस्त की यात्रा में रहने के बाद प्रदेश अध्यक्ष महराजगंज की तिरंगा यात्रा में भी शामिल होंगे। राष्ट्र नायकों को सम्मान देने के साथ ही भावी पीढ़ी में देशभक्त�� का संचार करने के लिए डबल इंजन सरकार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन कर रही है। इस अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 5 करोड़ घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। इसके साथ ही देशभक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी होंगे。 पिछले वर्षों की तरह इस बार भी आम जनता, व्यापारी और सरकारी संस्थानों से अपील की जाएगी कि वे अपने घर, दुकान और कार्यालयों पर तिरंगा लगाएं. स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा तिरंगा फहराते हुए सेल्फी नमो एप, सरल पोर्टल एवं सोशल मीडिया पर डाली जाएगी。 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन ऐक्शन दिवस पर विशेष कार्यक्रम 9 से 15 अगस्त तक स्वतंत्रता सग्राम से जुडे स्मारको और स्मृति स्थलों पर आयोजन 14 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, लखनऊ समेत सभी जिला मुख्यालयों पर विभाजन विभीषिका विषयक प्रदर्शनी 14 को विभाजन पीड़ित, शरणार्थी परिवारों के साथ मार्च 14-15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अनिवार्य प्रसारण 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह0
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पटना में डेंगू मरीज 89, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में
Noida, Uttar Pradesh:राजधानी पटना में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगस्त के पहले सात दिनों में 19 नए मरीज मिलने के बाद इस साल जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और सभी सरकारी अस्पतालों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और पटना नगर निगम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी को लेकर न्यू गार्डिनर हॉस्पिटल के डॉक्टर , डॉ. सुभाष चंद्र झा ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन के समय काटता है और यही वजह है कि दिन में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. झा ने लोगों से अपील की कि वे बाहर निकलते समय फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें, मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और अपने घर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि साफ और रुके हुए पानी में ही एडीज मच्छर पनपता है। उन्होंने बताया कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द और कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और खुद से दवा लेने से बचना चाहिए。0
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हुगली ग्रामीण पुलिस का अवैध शराब विरोधी बड़ा ऑपरेशन: 56 मामले, 50 गिरफ्तार
Chinsurah, West Bengal:৫৬ টি মামলা ৫০ জন গ্রেফতার,হুগলি গ্রামীণ জেলা পুলিশের বিশেষ অভিযান। অবৈধ চোলাই মদের বিরুদ্ধে সিঙ্গুর, মগরা, পান্ডুয়া, দাদপুর, পুরশুড়াতে বিশেষ অভিযান। বেঙ্গল এক্সাইজ আইনে ৫৬টি পৃথক মামলা রজু করা হয়েছে। চোলাই মদ সহ চোলাই তৈরীর হাজার হাজার লিটার উপকরন বাজেয়াপ্ত করেছে পুলিশ। পুলিশ জানিয়েছে, শুক্রবার জেলা পুলিশের ডি এস পি পদমর্যাদার অফিসারের তত্ত্বাবধানের বিশাল পুলিশ বাহিনী সিঙ্গুরের একাধিক অবৈধ চোলাই মদ তৈরীর ভাটিতে হানা দেয়। সেখান থেকে প্রায় ৭২০ লিটার অবৈধ চোলাই মদ উদ্ধার ও বাজেয়াপ্ত করা হয়েছে। প্রায় ২,৫০০ লিটার ফারমেন্টেড ওয়াশ (F.Wash) যা মদ তৈরীর গুড় গাঁজানোর উপকরন হিসাবে ব্যবহৃত হয় তা ঘটনাস্থলেই সম্পূর্ণ ধ্বংস করা হয়েছে বলে পুলিশ জানিয়েছে। পাশাপাশি অবৈধ মদ প্রস্তুতের কাজে ব্যবহৃত একাধিক ভাটি (Oven), চোলাই তৈরির সরঞ্জাম এবং অন্যান্য অপরাধমূলক সামগ্রী ধ্বংস করা হয়েছে, যাতে পুনরায় এই অবৈধ কার্যকলাপ চালানো না যায়। এই বিশেষ অভিযানে সিঙ্গুর থানার পুলিশ ২৩টি পৃথক মামলা দায়ের করেছে। এবং অবৈধ ব্যবসায়ে যুক্ত থাকার অভিযোগে ২৩ জনকে গ্রেফতার করেছে। এর পাশাপাশি জেলার মগরা, দাদপুর,পান্ডুয়া ও পুরশুড়াতে অভিযান চালায় জেলা পুলিশের বিশেষ টিম। সব কটি থানা মিলিয়ে হুগলি জেলা পুলিশের অধীনে মোট ৫৬টি পৃথক মামলা দায়ের করা হয়েছে। এবং ৫০জনকে গ্ৰেফতার করা হয়েছে।আজ অভিযুক্তদের আদালতে পাঠানো হবে। পুলিশের এক আধিকারিক জানান, অবৈধ চোলাই মদ শুধু আইনভঙ্গ নয়, এটি সাধারণ মানুষের জীবন, স্বাস্থ্য ও সামাজিক নিরাপত্তার জন্য মারাত্মক হুমকি। এই ধরনের অবৈধ ব্যবসার সঙ্গে প্রায়শই সংগঠিত অপরাধ, আর্থিক শোষণ এবং প্রাণহানির ঝুঁকি জড়িত থাকে। তাই এই অপশক্তির বিরুদ্ধে হুগলি গ্রামীণ পুলিশ "Zero Tolerance Policy" গ্রহণ করেছে।0
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हुगली के खलसी गांव Census में नहीं, नागरिकों को दस्तावेज़ संकट
Chinsurah, West Bengal:গ্রাম আছে গ্রামবাসীরা আছেন,অথচ সরকারি খাতায়ে গ্রামের অস্তিত্ব নেই! জনগণনা শুরু হতে সেই অস্তিত্ব সংকটে হুগলির গ্রাম। হুগলির চুঁচুড়া-মগড়া ব্লকের হোয়েরা দিগসুই গ্রাম পঞ্চায়েতের ১৮ টি গ্রাম আছে।তার মধ্যে একটি গ্রাম হল "খলসী"। খলসী গ্রামের বাসিন্দা প্রায় বাইশ শো।ভোটার বারোশো।পঞ্চায়েতের বাকি ১৭ টি গ্রামের সেনসাস কোড আছে।সরকারি খাতায় নাম আছে।নেই শুধু খলসী গ্রামের নাম。 যার ফলে সরকারি কাজ,জন্মের শংসাপত্র,আধার কার্ডে নিজের গ্রামের নাম তুলতে পারেননা গ্রামবাসীরা।চিঠি পার্সেল এলে তা এক কিমি দূরে দিগসুই গ্রামের ঠিকানায় আসে।অনেক সময় তা ফিরেও যায়。 এখন জনগণনা শুরু হয়েছে।প্রথম পর্যায়ে স্ব-গণনার কাজ চলছে। সেই কাজ করতে গিয়ে সেনসাস পোর্টালে নিজের গ্রামের নাম খুঁজে পাচ্ছেন না খলসী বাসীরা। এপরই সবাই মিলে সরকারি মহলে এই বিষয় নিয়ে চিঠি দিয়ে আবেদন করেন তারা। গ্রাম পোস্ট থানা জেলা পিনকোড দিয়ে যে ঠিকানা লেখা হয় সেই ঠিকানায় সরকারি রেকর্ডে খলসী গ্রাম না থাকায় নিজের গ্রামের নাম সরকারি জায়গায় তুলতে বিডিও এসডিও ডিএম থেকে মুখ্যমন্ত্রীর কাছে আবেদন করেছেন গ্রামবাসীরা。 যে গ্রামে তারা বসবাস করেন সেই গ্রামকে কখনো পাড়া,কখনো রাস্তা,কখনো কোনো বিল্ডিং এর নামে পরিচিত হতে হচ্ছে।তাই গ্রামবাসীরা চাইছেন জনগণনার কাজ যখন শুরু হয়েছে তাদের গ্রামের নামে সরকারি শিলমোহর পড়ুক। গ্রামবাসী অমিতাভ, অপূर्व, প্রশান্ত ঘোষরা বলেছেন,ঠিকানায় পিন কোড দেখে গ্রামের নাম খুঁজে না পেয়ে অনেক সময় চিঠিপত্র ফিরে চলে যায়।চিঠি এসেছে জানতে পারলে পাশের গ্রাম থেকে নিয়ে আসতে হয়। সরকারি পোর্টাল থেকে আমাদের গ্রামের নাম পুরোপুরি বাদ হয়ে গেছে।আমরা বেশ কিছুদিন আগেই বিষয়টি জানতে পেরে প্রশাসন সরকারের কাছে আবেদন জানিয়েছি।ভোটার কার্ড নিয়ে সমস্যা তৈরি হয়েছিল সেটাকে মেটানো হয়েছিল।আবার সেন্টার শুরু হয়েছে দেখা যাচ্ছে আমাদের গ্রামের নাম নেই পাশের গ্রাম দিগসুই এ আমাদের গ্রামকে ঢুকিয়ে দেওয়া হয়েছে। অপূর্ব ঘোষের সন্তান জন্মায় আট মাস আগে চুঁচুড়া হাসপাতালে।তার জন্মের শংসাপত্র দেওয়ার খলসী গ্রামের নাম আসছে না দেখা যায়।এরপরই আমরা খোঁজ খবর করি。 যতক্ষণ না সরকারি পোর্টালে স্বতন্ত্র গ্রাম হিসেবে খলসীকে দেখানো হচ্ছে ততক্ষণ এই সমস্যা চলবে। যত দিন যাচ্ছে জিনিসটাই ডিজিটালাইজড হচ্ছে তাতেই সমস্যা আরও বাড়বে।হঠাৎ করে গজিয়ে ওঠা কোন গ্রাম নয় তার সত্য সেই গ্রামের অস্তিত্ব সরকারি জায়গায় নেই কেন সেটাই প্রশ্ন。 হুগলি জেলাশাসক খুরশিদ আলী কাদরী বলেন,ম্যাপ নিয়ে সমস্যা আছে।একটা প্রযুক্তিগত ত্রুটি আছে।ওই গ্রামকে ম্যাপিং করতে হবে।এই বিষয়ে ডাইরেক্টর সেনসাসকে জানানো হয়েছে।হয়ে যাবে。0
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रामनगर आंगनवाड़ी केंद्र में एक्सपायर्ड दवाओं का आरोप, जांच के आदेश
Dihierench, West Bengal:রামনগরের অঙ্গনওয়াড়ি কেন্দ্রে মেয়াদ উত্তীর্ণ ওষুধ বিতরণের অভিযোগ, তদন্তের নির্দেশ। পূর্ব מেদিনীপুরের রামনগর থানার দুর্গাপুর অঙ্গনওয়াড়ি কেন্দ্রে মেয়াদ উত্তীর্ণ ওষুধ বিতরণের অভিযোগ ঘিরে চাঞ্চল্য। অভিযোগ, প্রায় ১৫টি ওষুধের মধ্যে ১৩টিরই মেয়াদ উত্তীর্ণ ছিল। ইতিমধ্যেই প্রায় ৬২টি পরিবারকে ওই ওষুধ বিতরণ করা হয়েছে বলে জানা গেছে। ব্লক স্বাস্থ্যকেন্দ্রের মাসিক স্বাস্থ্য পরীক্ষা শিবিরেই বিষয়টি প্রকাশ্যে আসে। ঘটনায় ক্ষুব্ধ গ্রামবাসীরা তদন্তের দাবি জানিয়েছেন। জেলা মুখ্য স্বাস্থ্য আধিকারিক অসিতকুমার দেওয়ান জানিয়েছেন, ঘটনার তদন্ত হবে। মেয়াদ উত্তীর্ণ ওষুধগুলি আলাদা করে রাখা হয়েছে এবং জেলার সমস্ত স্বাস্থ্যকেন্দ্রকে সতর্ক করা হয়েছে। জানা গেছে, ওষুধগুলি দীঘা ব্লক স্বাস্থ্যকেন্দ্র থেকে আনা হয়েছিল। সম্প্রতি স্বাস্থ্যমন্ত্রীর জেলা সফরের পরও কীভাবে মেয়াদ উত্তীর্ণ ওষুধ সরবরাহ হল, তা-ও তদন্ত করে দেখা হবে।0
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नोएडा: नाबालिगों को मोहरा बनाकर गांजा तस्करी, हेमा गैंग का खुलासा
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नाबालिगों को मोहरа बनाकर गांजा तस्करी का खेल, शातिर गांजा तस्कर हेमा गिरोह का खुलासा。 फेज-1 पुलिस ने गिरोह से जुड़े राजकुमार को गिरफ्तार किया。 आरोपी के कब्जे से 5 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद。 पूछताछ में सेक्टर-17 निवासी हेमा का नाम सामने आया。 हेमा नाबालिग बच्चों को लालच देकर गिरोह से जोड़ती थी。 बच्चों से छोटी-छोटी पुड़िया बनवाकर अलग-अलग जगह सप्लाई कराई जाती थी。 पुलिस ने हेमा और उसके साथी नन्हे की तलाश तेज कर दी है。 थाना फेस 1 पुलिस के मुताबिक गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।0
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