दशम फॉल में डूबेन से युवक की मौत, तलाश जारी
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी स्लग - दशम फॉल में एक सैलानी के डूबने से मौत, नहीं चल सका लाश का पता。 एंकर - Raanchi district के प्रचलित पर्यटन स्थल दशम फॉल पर्यटकों का असावधानी व लापरवाही दर्दनाक मौत का कारण बनता जा रहा है। जहां राँची से बुण्डू अनुमंडल अंतर्गत दशम फॉल आए एक सैलानी दल में से एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। डीएसपी ओम प्रकाश ने शव का पता लगाने के लिए गोताखोर मंगाए थे, जो दिनभर खोजा लेकिन शव का पता कहीं नहीं चला। दो दिन खोजने के बाद भी शव का पता नहीं चलने से गोताखोर बैरंग लौट गये। बता दें कि 37 वर्षीय रोशन कुमार, पिता दिनेश ठाकुर, जो मूल रूप से मधुबनी (बिहार) के कालिका रामनगर के रहने वाले थे और फिलहाल पिस्का मोड़, पंडरा स्थित रवि स्टील में काम करते थे, जो अपने दोस्तों के साथ माँ सोलहभुजी मंदिर, सूर्य मंदिर और दशम फॉल घुमने के लिए गये थे। जो दशम फॉल में नहाने के दौरान पानी के तेज बहाव में डूब गए। घटना रविवार शाम करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। रोशन अपने पांच दोस्तों के साथ स्कॉर्पियो (नं. JH-07D-3595) से दशम फॉल घूमने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि सभी मित्र अपने साथ पैक खाना लेकर आए थे। नहाने के दौरान रोशन चट्टान फांदकर फॉल से लगभग एक किलोमीटर ऊपर निर्जन इलाके की ओर चले गए। काफी देर तक नहीं लौटने पर दोस्तों ने वहाँ तैनात पर्यटक मित्रों को सूचना दी। वहीं लोगों ने बताया कि वह नहाने के दौरान पैर फिसलने से उसकी मौत हो गयी। जहाँ पानी के अंदर एक खोह है, उसमें चले जाने से शव का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। बुंडू डीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि 5-6 दोस्तों के साथ रोशन नाम का लड़का घूमने के लिए यहां आया था, जो कॉल गिरने से लगभग 1000 मीटर ऊपर की ओर चला गया था, जिसके पैर फिसलने से वह गहरे पानी में डूब गया। उसके शव को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय गोताखोर लगे हुए हैं। वहीं एनडीआरएफ की भी टीम को भी बुलाया जाएगा और उसके शौक को निकालने का प्रयास किया जाएगा।हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
जांच के दौरान बवाल, ग्राम प्रधान का हाथ टूटा
Padrauna, Uttar Pradesh:जांच के दौरान बवाल, ग्राम प्रधान का हाथ टूटा बलियवा में प्रधान और शिकायतकर्ता पक्ष आमने-सामने, एसपी से लगाई गिरफ्तारी की गुहार 🔴 विकास कार्यों में कथित अनियमितता की जांच के दौरान मारपीट, अधूरी रह गई पड़ताल 🔴 मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाने और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप, अधिकारियों को सौंपी तहरीर 🔴 प्रधान की तहरीर पर आठ नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें कुशीनगर। चौरा खास थाना क्षेत्र के बलियवा गांव में विकास कार्यों में कथित अनियमितता की जांच उस समय विवादों में घिर गई, जब जांच टीम की मौजूदगी में ग्राम प्रधान संजय यादव और शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों के बीच मारपीट हो गई। घटना में ग्राम प्रधान का एक हाथ टूटने की बात सामने आई है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद शुक्रवार को प्रधान ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मुलाकात कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, प्रधान ने मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाने और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को अलग से तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की जांच के दौरान भड़का विवाद जानकारी के अनुसार, बलियवा गांव के कुछ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्रामसभा में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की शिकायत की थी। इसी शिकायत की जांच के लिए बुधवार को संबंधित टीम गांव पहुंची थी। जांच की प्रक्रिया चल रही थी, तभी ग्राम प्रधान संजय यादव और शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। हंगामे के बाद अधूरी रह गई जांच मारपीट की घटना के बाद जांच टीम के अधूरी पड़ताल छोड़कर लौटने की जानकारी सामने आई है। इससे विकास कार्यों में कथित अनियमितता से जुड़ी शिकायत की जांच पूरी नहीं हो सकी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग दोबारा जांच कब कराता है और शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं। विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि अभिलेखों की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी। मिनी स्टेडियम को नुकसान और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप ग्राम प्रधान संजय यादव ने आरोप लगाया है कि विकास कार्यों से संबंधित शिकायत को लेकर विपक्षी पक्ष उनसे नाराज था। प्रधान का दावा है कि इसी रंजिश में मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाई गई और लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति जला दी गई। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आग लगाने से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए घटना की स्वतंत्र जांच जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर नुकसान की वास्तविक स्थिति, आग लगने की परिस्थितियों और इसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एसपी से मिले प्रधान, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग ग्राम प्रधान संजय यादव की तहरीर पर पुलिस ने आठ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मुलाकात कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रधान ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी कार्रवाई की मांग उठाई है। अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस विवेचना के साथ विकास कार्यों में कथित अनियमितता की शिकायत की जांच भी अहम है।
