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Kangra176215

परमवीर चक्र विजेता के बेटों के अनोखे नामों की कहानी

Jul 27, 2024 07:55:12
Dharamshala, Himachal Pradesh

परमवीर चक्र विजेता जी.एल बत्रा व कमलकांता बत्रा को 9 सितंबर, 1974 में 2 बेटियों के बाद जुड़वां बच्चों विक्रम(लव) व विशाल(कुश) का जन्म हुआ। माता कमलकांता की श्रीरामचरितमानस में गहरी श्रद्धा थी, इसलिए उन्होंने बच्चों के नाम लव-कुश रखा। विक्रम-विशाल को पहले DAV स्कूल व फिर सेंट्रल स्कूल पालमपुर में दाखिल कराया गया। सेना छावनी में स्कूल होने के चलते विक्रम में देश प्रेम की भावना बढ़ी। विक्रम शिक्षा में उत्कृष्टता के साथ ही टेबल-टेनिस के प्रमुख खिलाड़ी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रेष्ठ थे।

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VBVAIBHAV BALKUNDE
Feb 03, 2026 01:00:31
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BBBimal Basu
Feb 03, 2026 00:45:16
Basirhat, West Bengal:गत शनिवार रातansion সন্দেশখালি তে জয় গোপালপুর গ্রামে ডাকাতির ঘটনায় চার দুষ্কৃতিকে গ্রেফতার করল পুলিস। প্রশাসন সূত্রে জানাযায় ৩১ জানুয়ারী শনিবার উত্তর ২৪ পরগনার সন্দেশখালি থানার জয় গোপালপুর গ্রামে শম্ভুনাথ মণ্ডলের বাড়িতে এক দল দুষ্কৃতী ঢুকে ধারালো অস্ত্র দেখিয়ে বাড়িতে থাকা কয়েক লক্ষ টাকার সোনার অলঙ্কার ও মোবাইল লুট করে চম্পট দেয়। অভিযোগ পেয়ে সন্দেশখালি থানার পুলিশ সন্দেশখালি মনিপুর এলাকা থেকে দুজন ও দক্ষিণ ২৪ পরগণা এলাকা থেকে দু জন দুষ্কৃতীকে গ্রেফতার করে। Four দুষ্কৃতীকে পুলিশ হেপাজাত নিয়ে ডাকাতি হয়ে যাওয়া বেশ কয়েক সোনার গহনা উদ্ধারে তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ।
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RKRavi Kant
Feb 03, 2026 00:19:57
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RKRavi Kant
Feb 03, 2026 00:17:37
Noida, Uttar Pradesh:AMIT MALVIYA TWEET-कोलकाता के गोलपार्क में, तृणमूल कांग्रेस की एक "पिकनिक" हिंसक अराजकता का अड्डा बन गई, जब कुख्यात TMC बदमाश सोना पप्पू और उसके साथियों ने कथित तौर पर पंचानन तला झुग्गी बस्ती इलाके पर हमला किया। ईंटें और कच्चे बम फेंके गए, गोलियां चलाई गईं, और धमाकों में दो बेगुनाह नागरिक घायल हो गए। लेकिन बंगाल अब जाग रहा है। नागरिक, खासकर महिलाएं, अब तृणमूल समर्थित पुलिस का सीधे सामना कर रही हैं, और असहज लेकिन ज़रूरी सवाल पूछ रहे हैं: इतनी बड़ी संख्या में बम इलाके में कैसे आए, और पुलिस में कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं थी? यह दुखद और गुस्सा दिलाने वाली बात है कि दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क जैसे शांत, रिहायशी इलाके को भी गैंगवार और बम धमाकों का गवाह बनना पड़ा। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त गुंडों द्वारा सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा अब पूरा होता दिख रहा है। लोगों को सुरक्षा, जवाबदेही और बदलाव का हक है और वे इसकी मांग तेज़ी से कर रहे हैं
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RKRavi Kant
Feb 03, 2026 00:16:44
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RKRavi Kant
Feb 03, 2026 00:16:31
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