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एनडीए में मुख्यमंत्री पद को लेकर चेहरों की खींचतान जारी

Patna, Bihar:कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने चिराग पासवान के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर भाजपा और चिराग पासवान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान के मन में मुख्यमंत्री बनने की भावना और जिज्ञासा तो है, लेकिन भाजपा से अलग होकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। राजेश राठौड़ ने आरोप लगाया कि चिराग पासवान खुद को बिहार का दलित नेता बताते हैं, लेकिन दलितों के उत्पीड़न और उनकी समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि दलितों को आवास नहीं मिल रहा है, बच्चों की समस्याएं हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चिराग पासवान बोलते नजर नहीं आते। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने का सपना देखना गलत नहीं है, लेकिन जनता उसी का सपना पूरा करती है जो उसके लिए संघर्ष करता है। भाजपा के साथ रहकर और उसके पिछलग्गू बनकर चिराग पासवान मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। उन्होंने चिराग पासवान को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो इस्तीफा दें और संघर्ष में उनके साथ आएं। राजेश राठौड़ ने कहा कि संघर्ष करने की क्षमता सोने के चम्मच के साथ पैदा होने से नहीं आती, बल्कि जनता के बीच संघर्ष करने से आती है। जेडीयू पार्टी की प्रवक्ता ने कहा हर पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था और अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं। उसी तरह जेडीयू के विधायक ने भी मंच से अपनी व्यक्तिगत इच्छा जाहिर की कि वह चिराग पासवान जी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। यह उनकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है, लेकिन इसे एनडीए का निर्णय नहीं माना जा सकता। जहाँ तक एनडीए के पाँचों घटक दलों का सवाल है, एनडीए पूरी मजबूती के साथ एकजुट है। किसी भी विषय पर अंतिम और औपचारिक निर्णय तभी माना जाएगा, जब संबंधित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आए। उससे पहले किसी विधायक या कार्यकर्ता की व्यक्तिगत राय को पार्टी का आधिकारिक स्टैंड बताना उचित नहीं है। भाजपा के प्रवक्ता ने कहा हम इंसानों को अपने नेतृत्व और अपने लक्ष्य की बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला केवल किसी मंच से घोषणा करने से नहीं होता। यह फैसला जनता के जनादेश और एनडीए के विधायकों के सामूहिक निर्णय से होता है। आज बिहार में एनडीए की एक मजबूत सरकार चल रही है। एनडीए के तमाम विधायकों ने सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में सरकार चलाने का फैसला लिया है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य है—बिहार को विकसित बिहार बनाना, समृद्ध बिहार बनाना और सुशासन वाली सरकार को मजबूती के साथ कायम रखना। इसीलिए व्यक्तिगत इच्छाओं और बयानों से अलग, हमारा फोकस बिहार के विकास और जनता के हित पर है।
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आसींद में ट्रक-स्कूल बस भिड़ंत: चालक के पैर फ्रैक्चर, लोग सुरक्षा की मांग

Noida, Uttar Pradesh:जिला भीलवाड़ा विधानसभा आसींद खबर की लोकेशन आसींद ट्रक और निजी स्कूल बस की आमने-सामने भिड़ंत, बस चालक के दोनों पैर फ्रैक्चर आसींद 5 सितम्बर शनिवार आसींद से आमेसर मार्ग पर रेबारियों की ढाणी के पास शनिवार को बारिश के दौरान ट्रक और निजी विद्यालय की बस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में विद्यालय बस चालक प्रहलाद लाल शर्मा निवासी कालियास गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके दोनों पैर बस में फंस गए, जिन्हें ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों ने एंबुलेंस की मदद से घायल चालक को आसींद पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बस में एक मैडम भी सवार थीं, जिन्हें हादसे में मामूली चोटें आई हैं। ग्रामीण भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आमसेर से आसींद के बीच मार्ग पर कई खतरनाक मोड़ हैं। शनिवार को बारिश होने के कारण सड़क पर दृश्यता भी कम थी। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर अंग्रेजी बबूल के पेड़ उगे होने से मोड़ पर सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता। इसके चलते इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यालय की बस सड़क से करीब 100 फीट दूर जाकर गिर गई। गनीमत रही कि बस में कोई छात्र-छात्रा मौजूद नहीं था। विद्यालय की बस छात्रों को लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की ओर जा रही थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग के खतरनाक मोड़ों पर उगे अंग्रेजी बबूल की झाड़ियों की कटाई करवाने तथा सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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सीधी बिजली विभाग के कार्यालय में दस्तावेज जलाने का मामला, जांच की मांग

Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी। सीधी जिले के बिजली विभाग के मुख्य कनिष्ठ अभियंता कार्यालय में महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज जलाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यालय परिसर में सौभाग्य योजना से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न कार्यों के वर्क ऑर्डर, निलंबन से संबंधित कागजात समेत कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा जलाए गए। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग के संभागीय कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में दस्तावेजों को आग के हवाले किया गया। इनमें विभागीय कार्यों और कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल होने की बात सामने आ रही है। मामले में विभाग के एसी (अधीक्षक अभियंता) की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। बिना प्रक्रिया अपनाए दस्तावेज नष्ट करने का आरोप सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन दस्तावेजों को किस आदेश और प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया? आमतौर पर शासकीय रिकॉर्ड को नष्ट करने से पहले संबंधित दस्तावेजों की पहचान, जांच और रिकॉर्ड की छंटाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इसके लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति और कई मामलों में समिति/टीम के माध्यम से रिकॉर्ड की जांच किए जाने की आवश्यकता होती है। आरोप है कि बिजली विभाग में दस्तावेज जलाने से पहले किसी विधिवत टीम का गठन नहीं किया गया और न ही दस्तावेजों की सूची बनाकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई गई। कई अहम रिकॉर्ड होने की बात जिन दस्तावेजों को जलाए जाने की बात सामने आ रही है, उनमें सौभाग्य योजना के रिकॉर्ड, वर्क ऑर्डर और निलंबन से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर हो सकता है, क्योंकि इन रिकॉर्ड से विभागीय कार्यों, भुगतान, ठेकेदारों और कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुड़ी हो सकती है। उठ रहे कई सवाल - दस्तावेजों को जलाने का आदेश किस अधिकारी ने दिया? - क्या रिकॉर्ड नष्ट करने से पहले कोई समिति या टीम गठित की गई थी? - जलाए गए दस्तावेजों की सूची तैयार की गई थी या नहीं? - क्या संबंधित रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण या सुरक्षित बैकअप मौजूद है? - सौभाग्य योजना और वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करने की जरूरत क्यों पड़ी? - पूरे मामले में अधीक्षण अभियंता की क्या भूमिका रही? फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दस्तावेजों को नियमानुसार नष्ट किया गया या निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ। यदि बिना अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड जलाए गए हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठना तय है.
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जामताड़ा साइबर अपराध: छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार, सिम कार्ड फर्जीवाड़ा का खुलासा

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के चरका पहाड़ी गांव में छापेमारी कर दो साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय मुस्ताक अंसारी और 41 वर्षीय मो. आजमाद अंसारी के रूप में हुई है. इनके पास से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड फर्जी तरीके से हासिल कर साइबर ठगी का खेल खेलते थे. पुलिस के अनुसार, आरोपी अन्य साइबर अपराधियों से ठगी की रकम का हिस्सा लेकर उस पैसे से सामान की खरीदारी भी करते थे. पुलिस ने मामले में साइबर थाना जामताड़ा में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और ठगी का यह जाल किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है.
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मानसून के बावजूद खान विभाग ने अगस्त में राजस्व 31% बढ़ोतरी दर्ज की: रिपोर्ट

Jaipur, Rajasthan:हैडर- मानसून में खनन की 31 फीसदी ग्रोथ! खान एवं भूविज्ञान विभाग की राजस्व में बढ़त अन्य विभागों के मुकाबले 2 गुना से अधिक राजस्व ग्रोथ इस वर्ष अब तक 4163.10 करोड़ राजस्व अर्जित पिछले वर्ष की तुलना में 703 करोड़ राजस्व अधिक अप्रैल में नुकसान, फिर मई में कर दिया कमाल राज्य के राजस्व लाने वाले 5 प्रमुख विभागों में शामिल खान एवं भूविज्ञान विभाग ने अगस्त माह में उल्लेखनीय ग्रोथ अर्जित की है। मानसून सीजन में खनन कार्य प्रभावित होने के बावजूद खान विभाग ने अगस्त माह में 31 प्रतिशत की राजस्व बढ़ोतरी दर्ज की है। यह बढ़ोतरी पिछले साल अगस्त के राजस्व अर्जन से अधिक दर्ज की गई है। आपको बता दें कि खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा नियमित रूप से विभागीय अधिकारियों को राजस्व लक्ष्य पूरा करने को लेकर निर्देशित करती रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी राजस्थान को खनन क्षेत्र में अग्रणी बनाना चाहते हैं। इसी वजह से खान विभाग का नए खनिज ब्लॉक्स की नीलामी और मौजूदा खनन क्षेत्रों से राजस्व बढ़ाने पर जोर रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में विभागीय विशिष्ट सचिव नम्रता वृष्णि भी राज्य सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में लगातार मॉनिटरिंग करती रही हैं। खान विभाग की 31 प्रतिशत राजस्व ग्रोथ खान-भूविज्ञान विभाग ने अगस्त में अर्जित किया 826.63 करोड़ राजस्व पिछले वर्ष अगस्त में रहा था 631.19 करोड़ राजस्व इस वित्त वर्ष में अब तक खान विभाग ने अर्जित किए 4163.10 करोड़ गत वित्तीय वर्ष के मुकाबले अगस्त तक रही है 20 फीसदी की ग्रोथ खान विभाग को इस वर्ष हासिल करना है 14001 करोड़ का राजस्व लक्ष्य पिछले वर्ष खान विभाग ने अर्जित किया था 10394 करोड़ रुपए राजस्व अकेले मार्च 2026 में 1506 करोड़ राजस्व किया था अर्जित राजस्व को लेकर इस तरह दिख रही खान विभाग की ग्रोथ वर्ष 2023-24 में अगस्त माह तक 2738.41 करोड़ रुपए राजस्व अर्जित वर्ष 2024-25 में अगस्त तक 3478.69 करोड़ राजस्व अर्जित वर्ष 2025-26 में अगस्त तक 3460.32 करोड़ राजस्व अर्जित वर्ष 2026-27 में अगस्त तक 4163.10 करोड़ का राजस्व अर्जित PHP
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अंबाला नगरपालिका कर्मियों का प्रदर्शन: सरकार से ठोस कदम की मांग

Ambala, Haryana:अंबाला में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंचे और सरकार के सामने अपनी मांगों को लेकर सवाल उठाए. कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को पक्का किया है, लेकिन सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और दमकल कर्मचारियों को अभी तक नियमित क्यों नहीं किया. अंबाला में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने अपनी मांग रखने के दौरान यह सवाल किया कि जब सरकार की ओर से कई विभागों के कर्मचारियों को पक्का किया जा रहा है, तो सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और दमकल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर सरकार फैसला क्यों नहीं ले रही है. कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के समक्ष कई बार अपनी मांगें रखी जा चुकी हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से उन्हें आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है. गौरतलब है कि हरियाणा में सफाई कर्मचारी करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, कर्मचारियों से बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने उन्हें उनके साथ होने का आश्वासन दिया और उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया.
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झारखंड चैंबर चुनाव 13 सितम्बर रांची में, 86 उम्मीदवार नामांकन

Ranchi, Jharkhand:फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वार्षिक चुनाव को लेकर प्रेस वार्ता में बताया गया कि चैंबर का वार्षिक चुनाव आगामी 13 सितंबर को राजधानी रांची के हरमु रोड़ स्थित मारवाड़ी भवन में संपन्न होगा। इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। चुनाव में कुल 86 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, 12 सितंबर को तीन नामों का चयन सर्वसम्मति से एजीएम में किए जाने की बात कही गई। चुनाव में कुल 4,133 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 3,545 मतदाता राजधानी रांची से हैं। बताया गया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कुल 86 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। करीब 4,000 मतदाताओं के लिए 40 कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो और मतदाताओं को सुविधा मिल सके। 13 सितंबर की सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। चुनाव को लेकर चैंबर की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं。
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औरैया के भीड़भाड़ इलाके में तेज रफ्तार काली स्कॉर्पियो का वीडियो वायरल, हूटर और लाल-नीली लाइट दिखी

Auraiya, Uttar Pradesh:यूपी के औरैया में भीड़-भाड़ वाले इलाके में तेज रफ्तार काली स्कॉर्पियो का वीडियो वायरल, वायरल वीडियो में काली स्कॉर्पियो के Z-BLACK शीशे और फ्रंट शीशे पर लाल-नीली बत्ती के साथ हूटर की आवाज आयी नज़र, बेखौफ घूम रहे इस कार सवार को नही किसी का भय, Prाइवेट गाड़ियों में हूटर और लाल नीली बत्ती की है मनाही, मनाही के बावजूद आखिर किसकी सह पर सड़क पर फर्राटे भर रही ये काली स्कोर्पियो कार, सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके संजय गेट व कानपुर रोड पर फर्राटे भरते गाड़ी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, स्थानीय लोगो में आक्रोश, सदर कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा वायरल वीडियो।
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सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की राज्य समीक्षा बैठक

Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक सेवा संकल्प अभियान की हो रही रै राज्य स्तरीय रिव्यू बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर होगा कार्यक्रम 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक एक महीने चलेगा कार्यक्रम देश के युवाओं को जोड़ कर समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का कार्य करेगा ये अभियान बैठक में कैबिनेट के कई मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद सभी जिलों के उपायुक्त और अधिकारी भी वर्चुअल तरीके से बैठक का हिस्सा
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समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर, बाढ़ पीड़ित नावों पर

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में गंगा जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया है। मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। सड़कें डूब गई हैं और लोगों की जिंदगी नाव पर सिमट गई है। पीने के पानी और आवागमन की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड के डुमरी दक्षिणी पंचायत में जहां बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। कई घरों में दो से तीन फीट तक पानी है और लोग नाव के सहारे घर और सामान की निगराणी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर छोड़कर जाने पर चोरी का डर है। चारों तरफ पानी होने के बावजूद पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है। आने-जाने के लिए भी नाव ही एकमात्र सहारा है। प्रशासन ने नावों का निबंधन कराया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जरूरत के मुताबिक नाव उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ पीड़ित अब राहत, साफ पानी और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं।
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शाहाबाद में बारिश आफत बनी, अस्पताल की छत से पानी टपकना मरीजों को परेशान करता है

Baran, Rajasthan:शाहाबाद में बारिश बनी आफत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की छत से टपक रहा पानी, मरीज परेशान बारां के शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते सरकारी इमारतों की हालत जर्जर हो गई है। उपखंड मुख्यालय पर स्थित कई सरकारी दफ्तरों की छतों से पानी टपक रहा है। सबसे बदहाल स्थिति राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शाहाबाद की है। अस्पताल भवन की छत जगह-जगह से टपक रही है। वार्डों, बरामदे और पर्ची काउंटर के पास पानी भर रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों ने बताया कि छत से टपकने वाले पानी के कारण नीचे लगे कोटा स्टोन पर फिसलन हो गई है। इससे मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को फिसलकर गिरने का डर बना रहता है। बारिश के मौसम में अस्पताल में मरीजों की आवाजाही ज्यादा है, ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने चिकित्सा प्रशासन और उपखंड प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल भवन की मरम्मत करवाई जाए, ताकि मरीजों को परेशानी न हो और किसी अनहोनी से बचा जा सके।
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हरियाणा STF गैंग नेटवर्क: जेल-विदेश लिंक से बना मजबूत संचालक जाल

Faridabad, Haryana:हरियाणा में दिल्ली-NCR से नजदीकी, तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र और स्थानीय स्तर पर मौजूद आपराधिक नेटवर्क गैंगों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। युवाओं को इसलिए भी निशाना बनाया जाता है क्योंकि गैंग उन्हें छोटे-मोटे अपराधों से लेकर हिंसक वारदातों तक इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाना और उन्हें अपराध की ओर आकर्षित करना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। गैंग का मुखिया जेल में हो या विदेश में, नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होता। उसके संपर्क में मौजूद सहयोगी बाहर रहकर अलग-अलग काम संभाल सकते हैं। पुलिस की हालिया जांचों में ऐसे मामलों की बात सामने आई है जहां जेल में बंद गैंगस्टरों और विदेश में मौजूद सहयोगियों के बीच नेटवर्क बना रहने के आरोप हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन के जरिए नए लोगों से संपर्क और भर्ती की कोशिशें भी सामने आई हैं। हरियाणा STF ने हाल में विदेश में सक्रिय बताए जा रहे कई फरार गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है, जो दिखाता है कि अपराध के ये नेटवर्क अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं। यहां 'यूनिट' से आम तौर पर गैंग का एक छोटा ऑपरेशनल ग्रुप/मॉड्यूळ समझा जा सकता है। बड़े नेटवर्क में अलग-अलग लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं—जैसे संपर्क बनाना, जानकारी जुटाना, पैसे का इंतजाम करना या वारदात को अंजाम देने वाले लोगों तक निर्देश पहुंचाना। यानी ऊपर एक मुख्य नेटवर्क हो सकता है और उसके नीचे छोटे-छोटे समूह। किसी एक व्यक्ति के पकड़े जाने पर भी पूरा नेटवर्क तुरंत खत्म न हो, इसी वजह से पुलिस अब गैंग को सिर्फ एक अपराधी के रूप में नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क के रूप में ट्रैक करने पर जोर दे रही है। हरियाणा पुलिस ने इसी दिशा में 2026 में Crime Intelligence Model शुरू किया है, जिसमें अपराधियों और गैंग नेटवर्क की डिजिटल निगरानी पर जोर दिया गया है।
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