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सरदारशहर के RJ10 कैफे पर पुलिस ने दबिश दी: चार युवक गिरफ्तार

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में बड़ा पुलिस एक्शन: कच्चा बस स्टैंड के RJ10 कैफे पर छापा, केबिनों में चल रही थीं अनैतिक गतिविधियां, चार युवक गिरफ्तार सरदारशहर के कच्चा बस स्टैंड स्थित RJ10 कैफे पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अनैतिक गतिविधियों के संचालन का खुलासा किया है। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कैफे पर दबिश दी, जहां जांच के दौरान कैफे के भीतर छोटे-छोटे केबिन बनाकर संदिग्ध गतिविधियां संचालित होती पाई गईं। कार्रवाई के दौरान पुलिस को कैफे में दो युवतियां और चार युवक मिले। पुलिस ने युवतियों को समझाइश देकर मौके से रवाना कर दिया, जबकि चार युवकों को धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तारानगर के गाजवास निवासी 20 वर्षीय मुकेश कुमार पुत्र लक्ष्मणराम जाट, लिखमादेसर निवासी 23 वर्षीय शिवप्रकाश पुत्र शंकरलाल सिद्ध, बायला निवासी 24 वर्षीय विकास कुमार पुत्र गोपालराम ब्राह्मण तथा लूणकरणसर के छटासर निवासी 20 वर्षीय संदीप कुमार पुत्र रामचंद्र जाट शामिल हैं। थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आस-पड़ोस के लोगों से लगातार कैफे में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैफे पर छापा मारा। मौके पर बने अवैध केबिनों को भी हटाया गया। उन्होंने कहा कि शहर में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी नागरिक को कहीं भी संदिग्ध या अनैतिक गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस थाने को सूचित करें। पुलिस ऐसी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करेगी। थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी。
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श्योपुर: विजयपुर में ओबीसी महासभा का धरना, सीईओ दीपक धाकड़ हटाने के विरोध के बीच जाम

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर के विजयपुर तहसील कार्यालय में ओबीसी महासभा का धरना प्रदर्शन जारी महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनपद सीईओ दीपक धाकड़ को हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। महासभा का आरोप है कि बिना जांच पूरी किए सीईओ को हटाया गया। मांग है कि जांच पूरी होने तक दीपक धाकड़ को विजयपुर में यथावत रखा जाए। साथ ही सीईओ से अभद्रता और गाली-गलोज करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान विजयपुर-मुरैना मार्ग पर जाम भी लगाया गया। वहीं कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भी दीपक धाकड़ के समर्थन में सामने आकर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने भी पूरे मामले पर कहा कि ऐसे लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए पूरी भाजपा दलाली ने मस्त कोई अधिकारी कार्य करना चाहे तो उसको धमकाते ओर डराते है
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टोंक के कृषि सभागार में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति रंगे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

Tonk, Rajasthan:टोंक कृषि सभागार में गूंजा देशभक्ति का रंग, मनमोहक प्रस्तुतियों पर खूब बजी तालियां स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर टोंक के कृषि सभागार में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी शानदार रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। नशे से होने वाले नुकसान पर आधारित प्रस्तुति ने लोगों को जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक रोशन मीना भी कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए जमकर तालियां बजाते नजर आए। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या... टोंक का कृषि सभागार... और देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा माहौल। मंच पर छात्र-छात्राओं ने एक के बाद एक शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कभी देशभक्ति के गीतों ने माहौल को जोश से भर दिया, तो कभी रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देखने को मिला। नशे की लत से व्यक्ति और परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और नशे से दूर रहने का संदेश दिया۔ कार्यक्रम में जिला कलेक्टर टीना डाबी, एसपी रोशन मीना, सीईओ राकेश मीना, एडीएम विनोद कुमार मीना, नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल चौधरी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। कृषि सभागार में दर्शकों की भारी भीड़ रही। मनमोहक प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा। आमजन ने भी इस सांस्कृतिक संध्या को अब तक के सबसे बेहतरीन कार्यक्रमों में से एक बताया“कार्यक्रम बहुत शानदार रहा। बच्चों ने बहुत अच्छी प्रस्तुतियां दीं और नशे के खिलाफ भी अच्छा संदेश दिया।” कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या देशभक्ति, मनोरंजन और सामाजिक जागरूकता का शानदार संगम बन गई
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रामगंज में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: 132 पक्षी बरामद

Jaipur, Rajasthan:रामगंज में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 132 पक्षी बरामद 99 तोते और 33 मुनिया पिंजरों में कैद मिले, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज जयपुर। राजधानी जयपुर के रामगंज इलाके में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पिंजरों में कैद 132 पक्षियों को बरामद किया है। इनमें 99 तोते और 33 मुनिया शामिल हैं। कार्रवाई मछली मार्केट क्षेत्र में की गई। वन विभाग को यह सूचना पीपल्स फॉर एनिमल्स के प्रतिनिधियों से मिली थी। सूचना के आधार पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद के निर्देश पर टीम गठित कर कार्रवाई की गई। 71 वर्षीय व्यक्ति के कब्जे से मिले पक्षी वन विभाग के अनुसार मछली मार्केट क्षेत्र में 71 वर्षीय नूर हसन के कब्जे से पिंजरों में बंद पक्षी बरामद किए गए। बरामद पक्षियों में 87 रोज रिंग पैराकीट, 12 अलेक्जेंडर पैराकीट, 16 रेड मुनिया और 17 ट्राई कलर मुनिया शामिल हैं। पुलिस के साथ वन विभाग की टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई सहायक वन संरक्षक जितेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई। टीम में दो क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल और वनरक्षक शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान रामगंज थाना पुलिस का जाब्ता भी मौजूद रहा। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज वन विभाग ने मामले में आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों को अवैध रूप से पकड़ने, कैद करने और उनके व्यापार पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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कमिडोबिया में साइबर गुलामी: राजस्थान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पकड़ा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अजमेर से एक और आरोपी गिरफ्तार हुआ है और इसी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो गई है। जांच में सामने आया है कि कंबोडिया में चीनी नागरिकों के इशारे पर साइबर फ्रॉड का पूरा कंपाउंड चलाया जा रहा था। भारत से युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया ले जाया जाता था और वहां पहुंचने के बाद उन्हें साइबर ठगी के धंधे में धकेल दिया जाता था। इतना ही नहीं, विरोध करने वालों को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के भी आरोप सामने आए हैं। राजस्थान में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच स्टेट साइबर क्राइम थाना जयपुर को बड़ी कामयाबी मिली है। अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े एक और आरोपी को अजमेर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अजमेर निवासी अजरुद्दीन काठात उर्फ साल्सा के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ADG साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क की जानकारी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C से मिली थी। तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान शुरू की और कार्रवाई को आगे बढ़ाया। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने साइबर ठगी के पीछे चल रहे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तस्वीर साफ कर दी। एडीजी सिंह ने बताया अजरुद्दीन पहले पुष्कर की एक निजी वित्तीय कंपनी में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात रवि उर्फ माही से हुई। आरोप है कि रवि ने उसे कंबोडिया में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। नौकरी की तलाश में अजरुद्दीन कंबोडिया पहुंचा, लेकिन वहां पहुंचने के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस के मुताबिक, कंबोडिया में वह चीनी नागरिकों द्वारा संचालित साइबर फ्रॉड नेटवर्क के संपर्क में आया। उसे हर महीने करीब 800 अमेरिकी डॉलर वेतन दिया जाता था और साइबर ठगी में सफलता मिलने पर अलग से कमीशन भी मिलता था। यानी नौकरी के नाम पर विदेश ले जाकर युवाओं को साइबर ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बनाया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि कंबोडिया में बने साइबर फ्रॉड कंपाउंड से क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। लेकिन इस नेटवर्क का सबसे खतरनाक पहलू सिर्फ ऑनलाइन फ्रॉड नहीं था। पुलिस जांच में सामने आया है कि भारत से युवाओं को वैध नौकरी का लालच देकर कंबोडिया बुलाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया जाता था। जो लोग इस काम से इनकार करते थे, उन्हें कथित तौर पर बंधक बनाया जाता और प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह चीनी नागरिकों अतई बॉस और बॉस डेमन के अधीन काम कर रहा था। आरोपी ने विजयनगर, अजमेर, ब्यावर और आसपास के इलाकों के कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की बात भी स्वीकार की है। अब पुलिस का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है जिन्हें इस नेटवर्क ने विदेश भेजा और उन भारतीय सहयोगियों की पहचान पर है, जो इस पूरे सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक अजरुद्दीन दिसंबर 2025 में भारत लौट आया था। फिलहाल वह एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद था। इसी दौरान जांच आगे बढ़ी और अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी नेटवर्क से उसका कनेक्शन सामने आया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों की जांच कर रही है। राजस्थान पुलिस अब इस मामले को सिर्फ साइबर ठगी के केस के तौर पर नहीं देख रही है। जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक बढ़ाया जा रहा है। किसने युवाओं को विदेश भेजा? कंबोडिया में उन्हें किसने रिसीव किया? साइबर फ्रॉड के लिए किस तरह की ट्रेनिंग दी गई? ठगी से जुटाया पैसा भारत और विदेश में किन खातों या क्रिप्टो वॉलेट तक पहुंचा? और इस पूरे नेटवर्क में राजस्थान के अलावा देश के दूसरे राज्यों से कितने लोग जुड़े हैं? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। एडीजी साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े अन्य भारतीय सहयोगियों की पहचान की जा रही है। डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है。
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