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राजस्थान के 11 आरटीओ-डीटीओ में ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, अजमेर भी शामिल

Jaipur, Rajasthan:चाकसू, डीग में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, 10 साल बाद अजमेर RTO में भी बनेगा ट्रैक - परिवहन विभाग की ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर तैयारी, नए बने जिलों में भी ट्रायल ट्रैक बनाए जाएंगे - परिवहन विभाग ने कृषि विपणन बोर्ड को दिया कार्य, करीब 25 करोड़ खर्च कर होंगे ADTT, DTC निर्माण जयपुर। राजस्थान में नए बने जिलों में भी ड्राइविंग लाइसेंस अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ही बनाए जाएंगे। ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम पर ड्राइविंग ट्रायल ली जाती है, ऐसे में लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता रहती है। परिवहन विभाग ने राज्य के 11 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। बढ़ते सड़क हादसों में कमी लाने और सही तरीके से वाहन चलाने वाले लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परिवहन विभाग राज्य के 11 परिवहन कार्यालयों में नए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने जा रहा है। दरअसल राज्य के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य पिछले कई वर्षों से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हो रहा है। यहां पर मारुति सुजुकी कम्पनी के सहयोग से कम्प्यूटराइज्ड ट्रायल सिस्टम चल रहा है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की ट्रायल कम्प्यूटराइज्ड ट्रैक पर ली जाती है। केवल अच्छे चालक ही इस ट्रायल को उत्तीर्ण कर सकते हैं। अभी राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बने हुए नहीं हैं। इस कारण वहां मैन्युअल ट्रायल के आधार पर परिवहन निरीक्षक ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते हैं। वाहन चलाने में अयोग्य या कम प्रशिक्षित लोग सड़क हादसों को बढ़ावा देते हैं। इसे देखते हुए पिछले महीने परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से 25 करोड़ की लागत से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे। अब परिवहन विभाग ने 11 कार्यालयों के स्थान चयनित करते हुए ट्रैक बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन 11 परिवहन कार्यालयों में दक्ष बनेंगे ड्राइवर - 7 आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक - कोटपूतली-बहरोड, शाहपुरा (जयपुर) डीग में बनेंगे ADTT - डीग जिला परिवहन कार्यालय पिछले साल से ही शुरू हुआ - अजमेर RTO में अभी तक ट्रैक नहीं बना हुआ, यहां ADTT बनेगा - जयपुर के चाकसू स्थित परिवहन उप कार्यालय में भी ट्रैक बनेगा - पीपाड़ सिटी और जोधपुर RTO द्वितीय में भी ADTT बनाए जाएंगे - इन 7 परिवहन कार्यालयों में सभी जगह ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी बनेंगे - इसके अलावा 4 अन्य RTO-DTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे - जयपुर RTO प्रथम और अलवर RTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे - बांसवाड़ा और हनुमानगढ़ DTO में भी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे कृषि विपणन बोर्ड जल्द बनाएगा डीपीआर परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को निर्माण कार्य आवंटित किया है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने बोर्ड के मुख्य अभियंता को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए डीपीआर बनाने के लिए कहा है। दोनों तरह के निर्माण केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर किए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि परिवहन विभाग ने नवगठित जिलों में भी ये अत्याधुनिक निर्माण कार्य बनाने शुरू कर दिए हैं। इससे विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश के हर छोटे जिलाों में भी प्रशिक्षित और योग्य आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे। अजमेर RTO में एक दशक बाद बनेगा ट्रैक अजमेर आरटीओ एकमात्र आरटीओ कार्यालय है, जहां करीब एक दशक बाद ऑटाेमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। दरअसल वर्ष 2016 में पहली बार प्रदेश के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्रावइंग टेस्ट ट्रैक बनाने का कार्य शुरू हुआ था। उस समय अजमेर को छोड़कर अन्य सभी 11 आरटीओ कार्यालय में ट्रैक बनाए गए थे। जबकि 2 जिला परिवहन कार्यालयों में भी ऑटोमेटेड ट्रैक बने थे। ये जिला परिवहन कार्यालय तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे का क्षेत्र झालावाड़ और तत्कालीन परिवहन मंत्री यूनुस खान का क्षेत्र डीडवाना चुने गए थे। लेकिन अब करीब एक दशक बाद अजमेर आरटीओ कार्यालय में भी ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनकर तैयार होगा।
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प्रतापगढ़ सभापति चुनाव: ज्योति सोनी बनाम मनीषा जैन, निर्दलीयों की भूमिका अहम

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ नगर परिषद सभापति पद के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन हैं। सभापति पद के लिए कुल दो नामांकन दाखिल हुए। कांग्रेस की ओर से ज्योति सोनी और भाजपा की ओर से मनीषा जैन ने नामांकन दाखिल किया है। दोनों ही अपने-अपने वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतकर नगर परिषद पहुंची हैं। अब सभापति की कुर्सी के लिए मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है, लेकिन चुनाव का गणित तीन निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी काफी हद तक निर्भर करेगा। प्रतापगढ़ नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 20 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 17 सीटें आईं। तीन निर्दलीय पार्षद भी चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचे हैं। सभापति चुनाव में बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से सिर्फ एक सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए चार अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है। कांग्रेस को 21 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कम से कम एक अतिरिक्त समर्थन चाहिए, जबकि भाजपा को अपने 17 पार्षदों के साथ चार अतिरिक्त समर्थन जुटाने होंगे। चुनाव परिणाम के मुताबिक तीन निर्दलीयों में भाजपा के दो बागी और कांग्रेस का एक बागी पार्षद शामिल है। ऐसे में दोनों दलों के सामने अपने-अपने खेमे को एकजुट रखने के साथ निर्दलीयों से समर्थन हासिल करने की चुनौती है। कांग्रेस ने वार्ड 13 से निर्वाचित पार्षद ज्योति सोनी को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। नगर परिषद चुनाव में ज्योति सोनी ने भाजपा की समता डोसी को 343 वोटों के अंतर से हराया था। कांग्रेस के पास 20 पार्षद होने के कारण पार्टी बहुमत के बेहद करीब है। अब पार्टी के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने और कम से कम एक अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती है। वहीं भाजपा ने वार्ड 35 से निर्वाचित पार्षद मनीषा जैन को सभापति पद के लिए मैदान में उतारा है। मनीषा जैन ने नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस के मनोज सांखला को 72 वोटों से हराया था। भाजपा के पास 17 पार्षद हैं और बहुमत के लिए चार अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। ऐसे में भाजपा के लिए निर्दलीय पार्षदों के साथ समीकरण बनाना अहम होगा। सभापति चुनाव के इस मुकाबले में स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका पर भी नजरें रहेंगी। भाजपा की ओर से राजस्व मंत्री हेमंत मीणा की रणनीति और कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रामलाल मीणा की भूमिका को स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों दलों के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की चुनौती है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ अब सभापति चुनाव का अगला चरण शुरू हो गया है। दोनों दलों की नजरें निर्दलीय पार्षदों के रुख पर हैं। कांग्रेस के लिए 20 से 21 तक पहुंचने का रास्ता तलाशना अहम है, जबकि भाजपा को 17 से बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए चार अतिरिक्त समर्थन जुटाने होंगे। ऐसे में पार्षदों के बीच संपर्क और समर्थन को लेकर होने वाली कवायद पर अब सभी की नजर रहेगी।
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राजस्थान के 11 कार्यालयों में ऑटोमैटेड ड्राइविंग ट्रैक शुरू, लाइसेंस ट्रायल पारदर्शी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में नए बने जिलों में भी ड्राइविंग लाइसेंस अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ही बनाए जाएंगे। ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम पर ड्राइविंग ट्रायल ली जाती है, ऐसे में लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता रहती है। परिवहन विभाग राज्य के 11 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। यह रिपोर्ट देखें- जहाँ बढ़ते सड़क हादसों में कमी लाने और सही तरीके से वाहन चलाने वाले लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की दिशा में बड़ा बदलाव हो रहा है। परिवहन विभाग राज्य के 11 परिवहन कार्यालयों में नए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने जा रहा है। दरअसल राज्य के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य पिछले कई वर्षों से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हो रहा है। यहाँ पर मारुति सुज़uki कम्पनी के सहयोग से कम्प्यूटराइज़्ड ट्राय system चल रहा है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की ट्रायल कम्प्यूटराइज्ड ट्रैक पर ली जाती है। केवल अच्छे चालक ही इस ट्रायल को उत्तीर्ण कर सकते हैं। अभी राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बने हुए नहीं हैं। इस कारण वहां मैन्युअल ट्रायल के आधार पर परिवहन निरीक्षक ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते हैं। वाहन चलाने में अयोग्य या कम प्रशिक्षित लोग सड़क हादसों को बढ़ावा देते हैं। इसे देखते हुए पिछले महीने परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से 25 करोड़ की लागत से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे। अब परिवहन विभाग ने 11 कार्यालयों के स्थान चयनित करते हुए ट्रैक बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन 11 परिवहन कार्यालयों में दक्ष बनेंगे ड्राइवर - 7 आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, कोटपूतली-बहरोड, शाहपुरा (जयपुर) डीग में बनेंगे ADTT, डीग जिला परिवहन कार्यालय पिछले साल से ही शुरू हुआ, अजमेर RTO में अभी तक ट्रैक नहीं बना हुआ, यहां ADTT बनेगा, जयपुर के चाकसू स्थित परिवहन उप कार्यालय में भी ट्रैक बनेगा, पीपाड़ सिटी और जोधपुर RTO द्वितीय में भी ADTT बनाए जाएंगे, इन 7 परिवहन कार्यालयों में सभी जगह ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी बनेंगे, इसके अलावा 4 अन्य RTO-DTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जयपुर RTO प्रथम और अलवर RTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे, बांसवाड़ा और हनुमानगढ़ DTO में भी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे। परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को निर्माण कार्य आवंटित किया है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने बोर्ड के मुख्य अभियंता को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए डीपीआर बनाने के लिए कहा है। दोनों तरह के निर्माण केंद्र-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर किए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि परिवहन विभाग ने नवगठित जिलों में भी ये अत्याधुनिक निर्माण कार्य बनाने शुरू कर दिए हैं। इससे विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश के हर छोटे जिलाें में भी प्रशिक्षित और योग्य आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे।
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बीसलपुर पानी परियोजना: DPR की देरी से चार जिलों में पानी का संकट गहरा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-बीसलपुर से नई पाइप लाइन बिछाने वाली योजना सवालों के घेरे में है. महीनों बाद भी अब तक DPR नहीं बन पाई. बीसलपुर की पुरानी पेयजल लाइन की लाइफ पूरी हो चुकी है, इसलिए दूसरी लाइन बिछाने की योजना लाई गई थी. लेकिन DPR में देरी से प्रोजेक्ट में देरी हो रही है! 4 जिलों की प्यास अधूरी है- जयपुर समेत 4 जिलों की प्यास अधूरी है...! क्योंकि बीसलपुर से पानी पिलाने वाली अधूरी है. पुरानी पाइप लाइन की लाइफ लाइन पूरी हो चुकी, इस लिए सरकार 1900 करोड की नई पेयजल लाइन बिछाने की योजना लेकर आई. लेकिन इस योजना की DPR बनाने में देरी हो रही.6 महीने बाद भी डीपीआर नहीं बन पाई. इस प्रोजेक्ट की डीपीआर अबकी बार किसी एजेंसी से नहीं बल्कि जलदाय विभाग खुद ही बना रहा है. बताया जा रहा है कि इसमें किसी रिटायर्ड इंजीनियर की मदद भी ली जा रही है. लेकिन डीपीआर में देरी से 1900 करोड के प्रोजेक्ट सवालों में है. शहरी चीफ इंजीनियर देवराज सौलंकी इस प्रोजेक्ट के जिम्मेदार है. यह प्रोजेक्ट 2054 की आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाय गया है. बाँध में बनेगा इनटेक वेल- जयपुर, अजमेर, टोंक की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध से पेयजल क्षमता दोगुनी होगी. 2054 की आबादी को ध्यान में रखते हुए बीसलपुर बांध में नया इनटेक वेल बनाया जाएगा. लेकिन इनटेक वेल बनने से दोनों इनटेक वेल की क्षमता 2 हजार एमएलडी होगी. यह कुंआ बीसलपुर मंदिर के पास बांध में बनााया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जायका से सरकार लोन लेगी. इस प्रोजेक्ट पर 1950 करोड खर्च होंगे. बीसलपुर बांध से 1000 MLD की बजाय भविष्य में 2000 MLD पानी मिल पाएगा. इस प्रोजेक्ट में 8 किलोमीटर की पाइप लाइन बीसलपुर से सुरजपुरा तक बिछाई जाएगी. ये प्लान इसलिए बनाया जा रहा है क्योंकि हर गर्मी में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न होती है. बार बार शटडाउन लेना पडता है. बीसलपुर प्रोजेक्ट के पानी का लेखा-जोखा: प्रोजेक्ट....... अभी सप्लाई........... अभी डिमांड............ 2054 में मांग TM 1 सांभर.....61.34MLD............ 84.22 MLD.......... 114.93 MLD TM 2 चाकसू.....57.61 MLD.......... 108.83 MLD ........ 143.66 MLD जयपुर........ 535 MLD............. 806.44 MLD ............1188 MLD बगरू ........1.1 MLD ............ 19.23 MLD............. 25.38 MLD टोंक-उनियारा.....63.65 MLD.......... 66.06 MLD............ 87.20 MLD अजमेर........ 333 MLD............. 350.52 MLD............ 570.78 MLD बीसलपुर से 11.6 टीएमसी पानी अतिरिक्त मिल पाएगा- पार्वती-कालीसिंध चंबल प्रोजेक्ट पूरा होने पर बीसलपुर से 11.6 टीएमसी पानी अतिरिक्त मिल पाएगा.हालांकि अभी 1 करोड 5 लाख आबादी को 1434 MLD पानी की आवश्यकता है, लेकिन 1000 MLD ही पानी मिल पा रहा है.2054 तक 1 करोड 53 लाख की आबादी को 2134 MLD तक पानी की डिमांड होगी. फिलहाल बीसलपुर 14 कस्बे और 3310 गांवों की प्यास बुझा रहा है. बांध में नया वेल बनने पर जयपुर को 1188 MLD, टीएम 1,2 को 229 MLD और अजमेर को 571 MLD पानी मिलने की उम्मीद है. लेकिन ये तभी संभव है जब डीपीआर समय से बने, लेकिन इसमें अभी से देरी हो रही है तो प्रोजेक्ट वक्त से कैसे पूरा होगा?
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दूदू में पार्षद विनोद गट्टानी अपहरण की वायरल खबर से कस्बा हड़कंप

Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) सांभरलेक में पार्षद विनोद गट्टानी के अपहरण का मामला, पहले सोशल मीडिया पर अपहरण होने का ऑडियो हुआ वायरल, अपहरण के ऑडियो के बाद पार्षद का अब वीडियो हो रहा वायरल, वायरल वीडियो में पार्षद ने कहा मैं सुरक्षित हूं और पार्टी के साथ हूं, पार्षद ने अपने भाई को फोन कर कहा था मेरा हुआ है अपहरण, बाड़े बंदी से भाग कर कई किलोमीटर खेतों में पहुंचा पार्षद, पार्षद के भाई ने नामजद लोगों के खिलाफ लगाया था आरोप, अपहरण की सूचना पर ASP, DYSP कई थानों का जाप्ता मौजूद, सांभरलेक व्यापार महासंघ का अध्यक्ष भी है विनोद गट्टानी, लोगों ने कस्बे के बाजार बंद कराने की कोशिश की, भाजपा में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सियासी हलचल, वायरल वीडियो के बाद मामला हुआ शांत, प्रशासन ने राहत की सास ली।
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सीकर नगर परिषद: कांग्रेस को बहुमत, सभापति पद पर नामांकन से हलचल

Sikar, Rajasthan:सीकर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर घमासान, भाजपा-कांग्रेस में बढ़ी हलचल, कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत सीकर नगर परिषद में कांग्रेस का बहुमत, सभापति पद पर खतीजा बानो के नामांकन की तैयारी, भाजपा की कंचन खाड़ोलिया ने दाखिल किया नामांकन नगर निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद अब जिले के सभी नगर निकायों के साथ सीकर नगर परिषद में सभापति बनने की दौड़ शुरू हो गई है। सीकर नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षदों की ओर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। अल सुबह से ही नगर परिषद कार्यालय में दोनों दलों के पार्षद और उनके समर्थक पहुंचने लगे। नगर परिषद कार्यालय में एसडीएम सुभाषचंद्र के समक्ष सभापति पद के लिए नामांकन पेश किए जा रहे हैं। इसी दौरान नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम भी हुआ। कांग्रेस से वार्ड नंबर 16 की नवनिर्वाचित पार्षद खतीजा बानो, वार्ड नंबर 34 के अशोक चौधरी और वार्ड नंबर 62 की शारदा दानोदिया ने शपथ ली। वार्ड नंबर 16 से नवनिर्वाचित पार्षद खतीजा बानो अपने परिवार के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं और विधिवत शपथ ग्रहण की। इस दौरान कांग्रेस के जिला प्रभारी विशाल जांगिड़ ने भी नगर परिषद पहुंचकर नवनिर्वाचित पार्षद खतीजा बानो को बधाई दी। नगर निकाय चुनाव के बाद अब दोनों प्रमुख दलों में सभापति पद को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा की ओर से वार्ड नंबर 28 से नवनिर्वाचित पार्षद कंचन खाड़ोलिया ने सभापति पद के लिए सीकर रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सुभाष चंद्र शर्मा को अपना नामांकन दिया। वही कांग्रेस की ओर से अभी नामांकन दाखिल नहीं किया गया है हालांकि माना जा रहा है कि पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी वार्ड नंबर 16 से नवनिर्वाचित पार्षद खतीजा बानो दोपहर 1:00 बजे बाद कांग्रेस की ओर से सभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभापति पद के लिए मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों के पहुंचने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं। सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों में से 38 वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी जीतकर आए हैं तो वहीं भाजपा की ओर से 22 प्रत्याशी निर्वाचित हुए हैं। इसके साथ ही निर्दलीय सहित अन्य 5 पार्षद भी है। ऐसे कांग्रेस को सीकर नगर परिषद में पूर्ण बहुमत मिला है अगर क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो निश्चित रूप से लगातार तीसरी बार कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने की ओर अग्रसर है।
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बारां नगर परिषद सभापति चुनाव: AAP बहुमत के बावजूद कांग्रेस-भाजपा ने दावेदारी ठोकी

Baran, Rajasthan:बारां नगर परिषद सभापति चुनाव बहुमत AAP के पास, फिर भी कांग्रेस-भाजपा ने ठोकी दावेदारी बारां 60 वार्ड वाली बारां नगर परिषद में सभापति पद के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। नगर परिषद में 31 सीट जीतकर आम आदमी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि कांग्रेस के 18 और भाजपा के महज 9 प्रत्याशी ही जीत पाए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने सभापति पद के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने सभापति पद के लिए मीनाक्षी शर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं भाजपा ने निलेश जैन को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी की ओर से शीतल राठौर और चंद्रकला ने सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। 60 वार्डों में 31 सीटों के साथ AAP सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और बोर्ड बनाना लगभग तय माना जा रहा है。 ऐसे में 18 सीट वाली कांग्रेस और 9 सीट वाली भाजपा द्वारा अपने प्रत्याशी घोषित करने से सभापति का चुनाव त्रिकोणीय और सियासी रूप से काफी अहम हो गया है। अब देखना होगा कि बहुमत के आंकड़े के खेल में किसके सिर सभापति का ताज सजता है。
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अमरोहा देहात में पारिवारिक विवाद से विवाहिता की आत्महत्या

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा अलयारपुर में पारिवारिक विवाद में विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम, फांसी लगाकर दी जान अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा अलयारपुर में बुधवार सुबह एक विवाहिता की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गांव निवासी 22 वर्षीय संगीता उर्फ जूली पत्नी कुलवंत सिंह ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुँच गए, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अमरोहा देहात थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुँचिी और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने विवाहिता के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों और अन्य परिस्थितियों का पता पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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मोहन चौहान विवादित बयान के बाद दिल्ली में यूजीसी रोलबैक पर मूवमेंट की चेतावनी

Aligarh, Uttar Pradesh:हिंदूवादी नेता मोहन चौहान का विवादित बयान, यूजीसी रोलबैक को लेकर कहा दिल्ली को घेरना पड़ेगा रेल की पटरी उखड़नी पड़ेगी, उपद्रव करना पड़ेगा, हमें लड़ना पड़ेगा युद्ध स्तर पर जिस तरीके से भगत सिंह को फांसी हुई थी उसे तरीके से फांसी पर चढ़ाना पड़ेगा, छोटे-छोटे आंदोलन करने से कुछ नहीं होगा दिल्ली में बड़े स्तर का आंदोलन करना पड़ेगा, कल अलीगढ़ में हुई सभा में हिंदूवादी नेता मोहन चौहान ने दिया विवादित बयान, अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी इलाके में आयोजित की गई थी यूजीसी रोलबैक को लेकर सवर्ण समाज के लोगों की बैठक。
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शमी के भाई मोहम्मद कैफ पर लखनऊ आशियाना थाने में रेप मामला दर्ज

Lucknow, Uttar Pradesh:भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद कैफ पर लखनऊ के आशियाना थाने में रेप का मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद कैफ जो कि एक पेशेवर क्रिकेटर हैं बंगाल की टीम के लिए रणजी खेलते हैं, इन्होंने शादी का वादा करके कई सालों तक शारीरिक संबंध बनाए, उसके बाद मुझे छोड़ दिया। मैं एक तलाकशुदा महिला हूं मेरा एक छोटा बच्चा है, इसके बारे में मैंने शुरू से कैफ को जानकारी थी, उसके बाद भी उन्होंने कहा कि मैं शादी करूंगा। मैं एयरलाइंस में केबिन क्रू की नौकरी करती थी वह भी छुड़वा दी। अब उनके भाई मोहम्मद हबीब और उनके परिवार की तरफ से धमकियां दी जा रही हैं। कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद डीसीपी के कहने पर आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है लेकिन इसे गाजियाबाद ट्रांसफर करने की बात कही जा रही है। मैं नहीं चाहती कि केस कहीं और जाए क्योंकि मैं आशियाना की रहने वाली हूं मुझे सुरक्षा की जरूरत है। पुलिस ने अभी तक बयान दर्ज नहीं किए हैं। बड़े लोग हैं ऊपर तक पहुंच रखते हैं जिसका मुझे डर है। सरकार और पुलिस से मदद की गुहार करती हूं।
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कमलेश बिंद एनकाउंटर: हाईकोर्ट में सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग तेज

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, कमलेश बिंद एनकाउंटर का मामला पहुंचा इलाहाबाद हाईकोर्ट, एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद की मां ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर की जांच की मांग को लेकर दाखिल हुई याचिका, कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर याचिका में उठाए गए हैं सवाल, एनकाउंटर मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका, अगले सप्ताह सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की उम्मीद, 3-4 जून की रात में कमलेश बिंद को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था, होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित कमलेश बिंद पर घोषित था 1 लाख रुपए का इनाम, कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने उठाए थे सवाल, अब एनकाउंटर मामले की सीबीआई से जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय के जरिए हाईकोर्ट में दाखिल की गई है याचिका।
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यूपीआई भुगतान के बदले टैक्स: विपक्षी नेता तीखे आरोप लगाते हैं

Ranchi, Jharkhand:यूपीआई मामले में भुगतान पर चेंज को लेकर बयानबाजी खूब सुनाई दे रहा है। इसको लेकर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कैसे गरीबो को लूटा जाता है, कैसे गरीबो की जेब पर डाका डाला जाता है ये कोई मौजदा केंद्र सरकार से सीखे। पूंजीपतियों की सरकार को आम जनजीवन से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, आजाद भारत में पहली बार केंद्र में जेब कतरी सरकार बैठी हुई है। केंद्र की सरकार जेब काटने वाली सरकार है पहले डिजिटल इंडिया का स्वप्न दिखाई कैशलेस का दिव्य सपना दिखाया और अब उन सपनों पर टैक्स लगाने का काम कर रही है। पहले सांप देखा और फिर वह ख्वाब देखने का पैसा दो। भारत की सरकार इस पैसों से अपना ऐसो आराम की जिंदगी और विदेश का भ्रमण कर रहे हैं। 2000 से ऊपर अगर transaction होता है तो सेस लगेगा यह अधिसूचना जारी की गई है। और अगर इस अधिसूचना को भी भारतीय जनता पार्टी के लोग गलत बता रहे हैं तो उनकी बुद्धि पर तरस आता है कि आप जब भी काटो और जनता को दिग्भ्रमित भी करो। यूपीआई के जरिए फिर से जेब काटने का केंद्र ने इंतजाम कर दिया है。
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बांसवाड़ा नगरपालिका सभापति पद पर मुकेश रावत को चुना गया

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर - बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति पद को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच मुकेश रावत के नाम पर मुहर लग गई है। वार्ड नंबर 9 से भारतीय जनता पार्टी के टिकट से चुनाव जीतकर नगर परिषद पहुंचे मुकेश रावत को सभापति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुकेश रावत लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं। संघ से जुड़ाव और साफ छवि के चलते उनकी संगठन में अलग पहचान रही है। पार्टी में लंबे समय से सक्रियता के साथ वे लगातार राजनीतिक गतिविधियों में भूमिका निभाते रहे हैं। सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान मयंक जैन को प्रस्तावक बनाया गया, जिसके बाद मुकेश रावत समर्थकों के साथ आज नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और सभापति के लिए दावा पेश किया। खास बात यह है कि मुकेश रावत इससे पहले विधायक और सांसद पद के लिए भी अपनी दावेदारी जता चुके हैं। सभापति पद के लिए दावा पेश करने के बाद मुकेश रावत ने कहा ये जीत बांसवाड़ा की जीत है इसका समस्त श्रेय आमजनता ओर पार्टी नेताओ कार्यकर्ताओं को जाता है साथ ही उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकताओं और नगर परिषद के विकास को लेकर बात रखी。
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नावेलकर समिति के दौरे के बाद जम्मू में रोहिंग्या बस्तियों पर प्रशासन की तेज कार्रवाई

Jammu, स्लग: नावेलकर समिति के दौरे के बाद बड़ी कार्रवाई। एंकर: जम्मू में रोहिंग्या बस्तियों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। 10 अगस्त को नावेलकर समिति तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंची थी। समिति ने जनसंख्या में बदलाव और रोहिंग्या बस्तियों से जुड़े मामलों को लेकर कई इलाकों का दौरा किया था। इसके बाद अब उन जगहों पर कार्रवाई देखने को मिल रही है, जहां रोहिंग्या परिवार लंबे समय से रह रहे थे। जम्मू के कुछ इलाकों में मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाने के बाद रोहिंग्या परिवारों ने खुद ही अपने मकानों को हटाना और तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन परिवारों को अब कहां जाना होगा? दरअसल, जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर ऐसे मामलों की जांच करती रही हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान बनिहाल में 21 बाग्लादेशी नागरिकों को पकड़े जाने का मामला भी सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कुछ मामलों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप भी सामने आए हैं। वहीं, दस्तावेजों की जांच में ऐसे मामलों की भी पड़ताल की जा रही है, जहां बाहरी नागरिकों के पास आधार कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज पाए गए। नावेलकर समिति के दौरे के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई ने इस पूरे मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, कार्रवाई के बीच यह सवाल भी अहम है कि जिन लोगों के मकान हटाए जा रहे हैं, उनके पुनर्वास, हिरासत या वापस भेजे जाने को लेकर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वॉक थ्रू एंड टिक टैक विथ रोहिंग्या नावेलकर समिति के जम्मू दौरे के बाद रोहिंग्या बस्तियों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। नोटिस मिलने के बाद कई परिवार अपने स्तर पर ही मकानों को खाली कर रहे हैं और कुछ जगहों पर घरों को तोड़ने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। सरकार की ओर से अवैध प्रवास और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई की बात कही जाती रही है। दूसरी तरफ, इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और आगे की जिंदगी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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मुरादाबाद के कांठ में पिंजरे से कैद तेंदुए की खबर: भारी रेस्क्यू जारी

Moradabad, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग मुरादाबाद मे वन विभाग के पिंजरे ने कैद हुआ एक और खूंखार तेंदुआ, वन विभाग ने किया 14 वां व्यस्क तेंदुआ रेस्क्यू. अब तक वन विभाग ने कुल 17 तेंदुए रेस्क्यू किए है जिसमे 14 जीवित तेंदुए, 1 शावक एवं 2 मृत तेंदुए के मिले शव शामिल. आज कांठ तहसील के गांव रामसराय भांकरी मे लगे पिंजरे मे कैद हुआ तेंदुआ. अभी और भी कई तेंदुए ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र मे होने की जताई जा रही आशंका. वन विभाग की टीम ने तेंदुए कों गांव से रेस्क्यू कर अपने साथ ले गयी. बत दें अब तक 4 लोगो कों मौत के घाट एवं 2 दर्जन से अधिक लोगो कों घायल कर चुके तेंदुए. वन विभाग की कई टीमें रोजाना लगातार गांवों और जंगलों मे तेन्दुओ कों ट्रेस करने के अभियान मे जुटी. जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने संवेदनशील गांवों मे तेन्दुओ कों पकड़ने के लिए 46 पिंजरे भी लगाए है. मुरादाबाद के कांठ तहसील के गांव रामसराय भांकरी का पूरा मामला
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