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DIVYA RaniDIVYA RaniFollow7 Aug 2024, 08:08 am
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भोपाल बीजेपी कोर ग्रुप बैठक खत्म, कोर कमेटी के बाद चर्चा

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक खत्म ढाई घंटे से अधिक चली बैठा कोर ग्रुप की बैठक के बाद बोले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल कोर कमेटी बनने के बाद ये 10वी बैठक थी हर 3 मिनट में होती है कोर कमेटी की बैठक विप्लव देव और चंद्रशेखर ने अलग अलग राज्यों में काम किया है सभी विषयों पर चर्चा हुई संगठन और सरकार के काम पर बात हुई संगठन के आगे के कार्यक्रम के लिए सभी मेंबर्स ने सुझाव रखे आगे की चुनौतियों पर चर्चा हुई है सत्ता संगठन के कॉर्डिनेशन पर चर्चा हुई हारे बूथ और छूटे वर्गों को जोड़ना चौनौती है संगठन और जनप्रतिनिधियों को बीच समन्वय करना है परफॉर्मेंस के आधार पर निर्णय होते हैं राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं राजनैतिक व्यक्ति हैं बालाघाट के विषय पर आ रहे हैं लखीराम कांवरे की हत्या नक्सलियों ने की तब राहुल गांधी ने आने की सोची क्या ?
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रतलाम में गांजे की अवैध खेती: 2948 पौधे बरामद, मालिकों की पहचान बाकी

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में पुलिस ने गांजे की अवैध खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उंडेर गांव से गांजे के हजारों पौधे बरामद किए हैं। मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसडीओपी लेखराज मीणा के नेतृत्व में सरवन थाना पुलिस ने अलग-अलग खेतों में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस को खेतों में गांजे के पौधों की बड़ी खेप मिली। पुलिस ने अलग-अलग खेतों से करीब 2948 गांजे के पौधे बरामद किए हैं, जिनका कुल वजन 7 क्विंटल से ज्यादा बताया जा रहा है। बरामद गांजे की कीमत भी 7 लाख रुपये में आंकी जा रही है। ये सभी गांजे के पौधे कपास व मक्का कि खेत के बिच मे मिले है खास बात यह है कि जिन खेतों में गांजे की खेती की जा रही थी, वे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की जमीन बताई जा रही है। इसी वजह से फिलहाल खेतों के वास्तविक मालिकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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स्कूल संचालक का उसी के स्कूल में फांसी पर लटका मिला शव, पुलिस मामले की जांच में जुटी।

Shrvan PanditShrvan PanditFollow8m ago
Shamli, Uttar Pradesh:शामली जनपद के थाना भवन थाना क्षेत्र के गांव मस्तगढ़ में स्कूल संचालक का उसी के स्कूल के कमरे मे संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटका हुआ शव मिला।स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी । .... आपको बता दे किे जनपद के थाना बंधन क्षेत्र के गांव मस्तगढ़ के पास सरस्वती जूनियर हाई स्कूल के नाम से संचालित कर रहे स्कूल के संचालक व प्रधानाध्यापक का शव उसी के स्कूल के कमरे में फांसी पर लटका हुआ बरामद हुआ है देर रात तक जब स्कूल के बाहर संचालक की गाड़ी खड़ी थी तो ग्रामीणों ने स्कूल में जाकर देखा मृतक मास्टर अजय पुत्र गोपाल निवासी केडी थाना बाबरी का फांसी पर लटका हुआ शव बरामद हुआ है स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।आपको बता दे की मृतक अजय पुत्र गोपाल काफी समय से किराए की बिल्डिंग में स्कूल चल रहा था और पास के गांव खेरवा में अपने स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी कर रहा था। घटना के मामले में जहां पुलिस संदिग्ध मानकर हर पहलू पर जांच कर रही है वहीं स्थानीय लोगों की माने दो मर्तक मास्टर अजय काफी हंसमुख थे और मिलन सार था
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दंतेवाड़ा: राजस्थान से गिरफ्तारी के बाद 61 लाख साइबर फ्रॉड आरोपी दिनेश जेल भेजा गया

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा ब्रेकिंग - दंतेवाड़ा पुलिस ने साइबर फ्रॉड के आरोपी को राजस्थान से किया गिरफ्तार। ₹61 लाख 6 हजार 592 रुपये के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड मामले में आरोपी की संलिप्तता। तकनीकी साक्ष्यों और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस के आधार पर आरोपी दिनेश को फलोदी, राजस्थान से पकड़ा गया। आरोपी पर बैंक खाते किराये पर लेकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल होने का आरोप। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर पैसे के स्रोत और अपराध से जुड़े साक्ष्य छिपाने का प्रयास किए जाने की जानकारी。 ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाकर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जिला जेल भेजा गया। गीदम थाने में दर्ज मामले में अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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धान खरीदी सीमा से किसान रोष; 4 अक्टूबर से हरियाणा में आंदोलन

Kurukshetra, Haryana:धान खरीद की लिमिट और राइस मिलरों की हड़ताल के खिलाफ किसान मोर्चा, 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान कुरुक्षेत्र ::- कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में बुधवार को विभिन्न किसान संगठनों की बैठक हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में हुई। बैठक में धान की खरीद पर लगाई गई 25 क्विंटल तक की सीमा, राइस मिलरों की हड़ताल, पोर्टल पर सत्यापन में आ रही दिक्कतों और दूसरे जिलों की मंडियों में फसल बेचने पर रोक को लेकर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 4 अक्टूबर से पूरे हरियाणा में आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि मंडियों में पिछले कई दिनों से धान पड़ा है, लेकिन खरीद व्यवस्था सुचारू नहीं होने से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि धान की पैदावार कई किस्मों में 40 क्विंटल तक होती है, ऐसे में 25 क्विंटल की सीमा से किसानों को नुकसान होगा। साथ ही राइस मिलरों का पंजीकरण नहीं होने से सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 अक्टूबर को प्रदेशभर की मार्केट कमेटियों में धरने दिए जाएंगे और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे। आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गई। किसान नेता मनदीप नथवान, जगदीप औलख और अन्य नेताओं ने कहा कि किसानों की पूरी फसल खरीदी जाए और दूसरे जिले की सीमा से लगे 20 किलोमीटर क्षेत्र के किसानों को नजदीकी मंडी में फसल बेचने की अनुमति दी जाए। साथ ही डीएपी की उपलब्धता और पोर्टल संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
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MPESB ग्रुप-2-4 परीक्षा: दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलने का मामला

Indore, Madhya Pradesh:एंकर - मध्‍यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 परीक्षा देने पहुंचे तीन दिव्यांग अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा केंद्र से प्रवेश नहीं दिया गया। तीनों अभ्यर्थी अपने साथ स्क्राइब (सहलेखक) लेकर इंदौर के श्री वैष्णव पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद उनके दस्तावेजों की जाँच की गई, फोटो लिए गए और ऊपर अधिकारियों से सत्यापन के बाद उन्हें प्रवेश मिलने की बात कही गई। लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले अचानक स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट मांगा गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी कम समय में गैप सर्टिफिकेट बनवाना संभव नहीं था। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि यदि दस्तावेज जरूरी है तो किसी परिचित के माध्यम से उसे बनवाकर मंगवा लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। तीनों अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की शिकायत करने और कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग करने की बात कही है। मीडिया भी जब अभ्यर्थियों की समस्या को लेकर मौजूद अधिकारीयो से बात करने उनसे जानकारी लेने पहुँची तो अधिकारियों ने गेट बंद करवा दिए यहाँ तक की कोई अधिकारी बाहर तक न आए करीब 12 बजे पहुंचे थे केंद्र, पहले कहा- परीक्षा में बैठ सकेंगे सचिन राठौर ने बताया कि वे करीब 12 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुँच गए थे। उनके साथ स्क्राइब भी था। सचिन के मुताबिक वे स्वयं परीक्षा लिखने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए परीक्षा की गाइडलाइन के अनुसार स्क्राइब लेकर पहुँचे थे। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने उनके दस्तावेज़ देखे। दस्तावेजों और फोटो से संबंधित जानकारी आगे भेजी गई। वहां से ओके मिलने के बाद उन्हें बताया गया कि वे परीक्षा में बैठ सकते हैं। अंतिम प्रवेश समय नजदीक आने तक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चलती रही। फोटो भी लिए गए। लेकिन इसके बाद अचानक कहा गया कि स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट जरूरी है और उसके बिना परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। 30 मिनट पहले कहा- गैप सर्टिफिकेट लेकर आओ सचिन ने बताया कि जब उन्हें गैप सर्टिफिकेट की जानकारी दी गई, तब परीक्षा शुरू होने में करीब 30 मिनट ही बचे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि यह दस्तावेज जरूरी है तो किसी परिचित के माध्यम से बनवाकर मंगवाने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन इतनी कम अवधि में यह संभव नहीं था। उनका आरोप है कि पहले प्रवेश देने की बात कही गई और अंतिम समय में निर्णय बदल दिया गया। सचिन का कहना है कि यदि स्क्राइब से संबंधित किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत थी तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। पूजा मीणा बोलीं- 2025 में 12वीं पास करने पर स्क्राइब को रोका इंदौर की अभ्यर्थी पूजा मीणा ने बताया कि वह दिव्यांग श्रेणी में आती हैं और उनके साथ स्क्राइब था। पूजा के मुताबिक उनका स्क्राइब वर्ष 2025 में 12वीं की परीक्षा पास कर चुका है। केंद्र पर अधिकारियों ने इसी आधार पर स्क्राइब को अनुमति देने से इनकार किया और गैप सर्टिफिकेट की मांग की। उनका दावा है कि उन्होंने परीक्षा की गाइडलाइन अधिकारियों को दिखाई और समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। नियम पुस्तिका में उन्हें ऐसा स्पष्ट प्रावधान नहीं मिला जिसमें यह लिखा हो कि स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट अनिवार्य है या स्क्राइब का वर्ष 2026 में ही 12वीं कक्षा में अध्ययनरत होना जरूरी है। यदि कोई विशेष दस्तावेज अनिवार्य था तो अभ्यर्थियों को पहले से इसकी जानकारी मिलनी चाहिए थी। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद अंतिम समय में इसकी मांग किए जाने से उनके सामने तत्काल दस्तावेज उपलब्ध कराने का कोई रास्ता नहीं बचा। ‘हम तीनों दिव्यांग, बिना स्क्राइब परीक्षा देना संभव नहीं’ अभ्यर्थियों के मुताबिक तीनों दिव्यांग श्रेणी में आते हैं। इनमें एक अभ्यर्थी पूरी तरह दृष्टिबाधित है, जबकि दूसरे अभ्यर्थी के बारे में एलडी श्रेणी का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की गाइडलाइन के अनुसार स्क्राइब की व्यवस्था की थी। यदि स्क्राइब को परीक्षा में अनुमति नहीं मिलती है तो उनके लिए परीक्षा देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्होंने केंद्र पर मौजूद अधिकारियों से यह भी पूछा कि उन्हें किस नियम के तहत रोका जा रहा है और निर्णय किस अधिकारी ने लिया है। लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। केवल गैप सर्टिफिकेट लाने की बात कही गई। पुलिस भी पहुँची, लेकिन नहीं हुआ समाधान अभ्यर्थियों ने बताया कि विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची थी। उनका आरोप है कि पुलिस के पहुँचने के बावजूद परीक्षा में प्रवेश को लेकर कोई समाधान नहीं निकला और उन्हें परीक्षा देने का अवसर नहीं मिल सका। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से सभी जरूरी दस्तावेज और स्क्राइब की व्यवस्था परीक्षा की गाइडलाइन को ध्यान में रखकर की थी। कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग करेंगे पूजा मीणा समेत तीनों अभ्यर्थियों ने कहा कि अब वे इस मामले को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलेंगे। वे पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर जांच की मांग करेंगे। उनकी मांग है कि यह स्पष्ट किया जाए कि स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट किस नियम के तहत अनिवार्य किया गया था और यदि यह दस्तावेज अनिवार्य था तो अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड की ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 परीक्षा 22 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। भर्ती में पटवारी समेत अन्य पद शामिल हैं और कुल कई पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसी भर्ती की परीक्षा देने पहुंचे इन तीन दिव्यांग अभ्यर्थियों का आरोप है कि स्क्राइब से संबंधित दस्तावेज के विवाद के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। अब पूरा मामला परीक्षा केंद्र की प्रक्रिया, स्क्राइब संबंधी नियम और दिव्यांग अभ्यर्थियों के परीक्षा अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है。
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MPESB ग्रुप-2: दिव्यांग अभ्यर्थियों को गैप सर्टिफिकेट के कारण प्रवेश नहीं मिला

Indore, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 परीक्षा देने पहुंचे तीन दिव्यांग अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा केंद्र से प्रवेश नहीं दिया गया। तीनों अभ्यर्थी अपने साथ स्क्राइब लेकर इंदौर के श्री वैष्णव पॉलीटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि केंद्र पर पहुंचने के बाद उनके दस्तावेजों की जांच की गई, फोटो लिए गए और ऊपर अधिकारियों से सत्यापन के बाद उन्हें प्रवेश मिलने की बात कही गई। लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले अचानक स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट मांगा गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी कम समय में गैप सर्टिफिकेट बनवाना संभव नहीं था। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि यदि दस्तावेज जरूरी है तो किसी परिचित के माध्यम से उसे बनवाकर मंगवा लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। तीनों अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की शिकायत करने और कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग करने की बात कही है. वहीं मीडिया भी जब अभ्यर्थियों की समस्या को लेकर मौजूद अधिकारीयो से बात करने उनसे जानकारी लेने पहुँची तो अधिकारियों ने गेट बंद करवा दिए और कोई अधिकारी बाहर तक नहीं आए. केंद्र करीब 12 बजे पहुंचे थे और पहले कहा गया कि वे परीक्षा में बैठ सकेंगे. अभ्यर्थी सचिन राठौर ने बताया कि वे करीब 12 बजे केंद्र पर पहुंचे थे और उनके साथ स्क्राइब था. सचिन के मुताबिक वे स्वयं परीक्षा लिखने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए परीक्षा की गाइडलाइन के अनुसार स्क्राइब लेकर पहुंचे थे. केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने उनके दस्तावेज देखे, दस्तावेजों और फोटो से संबंधित जानकारी आगे भेजी गई. वहां से OK मिलने के बाद उन्हें बताया गया कि वे परीक्षा में बैठ सकते हैं. अंतिम प्रवेश समय नजदीक आने तक सत्यापन चलती रही. फोटो भी लिए गए. लेकिन इसके बाद अचानक कहा गया कि स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट जरूरी है और उसके बिना प्रवेश नहीं दिया जा सकता। 30 मिनट पहले कहा गया- गैप सर्टिफिकेट लेकर आओ. सचिन ने बताया कि जब उन्हें गैप सर्टिफिकेट की जानकारी दी गई, तब परीक्षा शुरू होने में लगभग 30 मिनट बचे थे. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि यह दस्तावेज जरूरी है तो किसी परिचित के माध्यम से बनवाकर मंगवाने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन इतनी कम अवधि में यह संभव नहीं था. उनका कहना है कि अगर स्क्राइब से संबंधित किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत थी तो उसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी. पूजा मीणा इंदौर की अभ्यर्थी हैं जो दिव्यांग वर्ग में आती हैं और उनके साथ स्क्राइब था. पूजा के मुताबिक उनका स्क्राइब वर्ष 2025 में 12वीं की परीक्षा पास कर चुका है. केंद्र पर अधिकारियों ने इसी आधार पर स्क्राइब को अनुमति नहीं दी और गैप सर्टिफिकेट की मांग की. उनका दावा है कि उन्होंने परीक्षा की गाइडलाइन अधिकारियों को दिखाई और समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई. नियम पुस्तिका में उन्हें ऐसा स्पष्ट प्रावधान नहीं मिला जिसमें यह लिखा हो कि स्क्राइब के लिए गैप सर्टिफिकेट अनिवार्य है या स्क्राइब का वर्ष 2026 में ही 12वीं कक्षा में अध्ययनरत होना जरूरी है. यदि कोई विशेष दस्तावेज अनिवार्य था तो अभ्यर्थियों को पहले से इसकी जानकारी मिलनी चाहिए थी. परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद अंतिम समय में इसकी मांग किए जाने से उनके सामने तत्काल दस्तावेज उपलब्ध कराने का कोई रास्ता नहीं बचा. अभ्यर्थियों के अनुसार तीनों दिव्यांग श्रेणी में आते हैं। इनमें एक अभ्यर्थी पूरी तरह दृष्टिबाधित है, जबकि दूसरे के बारे में एलडी श्रेणी का उल्लेख किया गया है. उनका कहना है कि उन्होंने स्क्राइब की व्यवस्था केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार की थी. अगर स्क्राइब को परीक्षार्थी नहीं दिया गया तो उनके लिए परीक्षा देना संभव नहीं था. अभ्यर्थियों ने केंद्र पर मौजूद अधिकारियों से पूछा कि उन्हें किस नियम के तहत रोका जा रहा है और निर्णय किस अधिकारी ने लिया, लेकिन स्पष्ट जानकारी नहीं मिली. केवल गैप सर्टिफिकेट लाने की बात कही गई. विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, पर समाधान नहीं निकला और उन्हें परीक्षा देने का अवसर नहीं मिला. परीक्षा की गाइडलाइन के अनुसार उन्होंने और उनके स्क्राइब के लिए सभी जरूरी दस्तावेज और व्यवस्था की थी. अब वे इस मामले को कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलकर जांच की मांग करेंगे और स्पष्ट करेंगे कि गैप सर्टिफिकेट किस नियम के तहत अनिवार्य किया गया था, और यदि आवश्यक था तो अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई. ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 परीक्षा 22 सितंबर 2026 से शुरू हुई है, जिसमें पटवारी समेत अन्य पद शामिल हैं. इस भर्ती के लिए कई पदों की परीक्षा चल रही है, और दिव्यांग अभ्यर्थियों के मामले में यह सवाल खड़ा कर रहा है.
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बेमेतरा में रामधुनी प्रतियोगिता समापन: जवानों को श्रद्धांजलि के साथ 20 लाख विकास घोषणाएं

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले के ग्राम धनगांव में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रामधुनी प्रतियोगिता एवं प्रदेश को नक्सल मुक्त करने वाले जवानों के तर्पण श्रद्धांजलि सभा का बुधवार को धार्मिक और भावपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, गृह मंत्री विजय शर्मा, मंत्री गुरु खशवंत साहेब, सांसद विजय बघेल बेमेतरा विधायक दीपेश साहू साजा विधायक ईश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंची रामधुनी मंडलियों ने भगवान श्रीराम के भजनों और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मंडलियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कबीरधाम के पेंड्रीतराई ने प्रथम, मुंगेली के कन्हारपुर ने द्वितीय, बेमेतरा के कटई ने तृतीय, धमतरी के पोड़ी ने चतुर्थ और मुंगेली के पीड़ा ने पांचवां स्थान हासिल किया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जवानों के त्याग और बलिदान को याद रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्राम धनगांव में 20 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा भी की। दो दिवसीय आयोजन में रामधुनी के भजनों से धनगांव भक्तिमय रहा और शहीद जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वहीं छग गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष संत राजीव लोचन दास ने कार्यक्रम को लेकर समाज सेवियों भक्त जनों एवं ग्रामीणों के सहयोग की सराहना किया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह शानदार कार्यक्रम है जिसमें धर्म आस्था एवं संस्कृति का मिलन है उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में भी ऐसा कार्यक्रम कराए जानe की बात कही है।
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राजस्थान बना देश का अव्वल जल संरक्षण स्टार; 85% काम पूरे, 14% प्रगति

Jaipur, Rajasthan:जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के कामों में राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। ‘जल संचय जन भागीदारी : कैच द रेन-2026’ अभियान के तहत 30 सितंबर तक प्रदेश में 1 लाख 33 हजार 605 जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के काम दर्ज किए गए हैं। इनमें 1 लाख 14 हजार 443 काम पूरे हो चुके हैं, जबकि 19 हजार 162 काम अभी चल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिलों की रैंकिंग में राजस्थान के तीन जिले टॉप-5 में हैं। चूरू देश में दूसरे, राजसमंद चौथे और बालोतरा पांचवें स्थान पर है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान को सिर्फ लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रखा जाए। हर गांव की जरूरत के हिसाब से जल संरक्षण के काम चिह्नित किए जाएं और कलेक्टर खुद मौके पर जाकर उनकी गुणवत्ता जांचें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण के कामों का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं हो कि कितनी संरचनाएं बनाई गईं। यह भी पता पाया जाए कि इनसे भूजल स्तर में कितना सुधार हुआ, चरागाहों में पानी की उपलब्धता कितनी बढ़ी और पानी की समस्या के कारण होने वाले पलायन में कितनी कमी आई। इसके प्रभाव का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कम लागत में ज्यादा असर वाले जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। योजना बनाने से लेकर निर्माण तक इंजीनियरों की भागीदारी रखने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार वर्षाजल संग्रहण और भूजल रिचार्ज के काम हो सकें। प्रदेश में दर्ज 1,33,605 कार्यों में से 1,14,443 पूरे हो चुके हैं। यानी करीब 85.7% काम पूरे हो चुके हैं, जबकि करीब 14.3% काम प्रगति पर हैं। इनमें रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, तालाब और दूसरी जल संरचनाओं से जुड़े काम शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जल शक्ति अभियान के राज्य नोडल अधिकारी अभय कुमार ने अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के तहत हो रहे जल संरक्षण कार्यों की प्रगति हर महीने की 5 तारीख तक अभियान के पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि ‘कैच द रेन-2026’ को जन आंदोलन के रूप में चलाया जाए। गांव, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आम लोगों के साथ जल उपयोगकर्ता संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाए। जिन जिलों में जल संरक्षण की संभावनाएं ज्यादा हैं, वहां काम की रफ्तार बढ़ाने और जिला कलेक्टरों को अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जयपुर महापौर ने दीपावली से पहले सफाई सुधार के लिए जोन स्तर पर निर्देश दिए

Jaipur, Rajasthan:दीपावली से पहले जयपुर की सफाई को सुदृढ़ करने के लिए नगर निगम ने जोन स्तर पर तैयारी तेज कर दी है. महापौर सुनील कोठारी ने सांगानेर और मानसरोवर जोन की तीन घंटे से अधिक चली मैराथन बैठक में अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई का मतलब सिर्फ सड़क पर झाड़ू नहीं, बल्कि पूरे इलाके की व्यवस्थित सफाई है. उन्होंने कहा कि दीपावली के पूर्व सफाई और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त हो, सड़कें पैचवेयर ठीक हों और जगह-जगह पड़े C&D वेस्ट को नियमित हटाया जाए. फुटपाथ पर कचरा न रहे और पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई समय पर हो. वार्डवार साप्ताहिक सफाई अभियान के निर्देश भी दिए गए. बैठक में प्रशासनिक ढांचे, राजस्व बढ़ाने के उपाय, सफाई संसाधन व विकास कार्यों की समीक्षा की गई. महापौर ने कहा कि निगम जनता का निगम बने और लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार‑बार चक्कर न लगें. शिकायत मिलने पर उसका प्रभावी व त्वरित निस्तारण हो. अफसरों को फील्ड में सक्रिय रहने और कमियों को मौके पर दूर करने के निर्देश दिए गए. जोन स्तर पर समस्याओं के लंबित रहने से रोकने के लिए पार्षदों व अधिकारियों की हर महीने बैठक की जाएगी, ताकि वार्ड की समस्याओं, योजनाओं की प्रगति सीधे चर्चा हो. महापौर ने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी फोकस रखने को कहा. बैठक में उपमहापौर, अतिरिक्त आयुक्त और संबंधित वार्डों के पार्षद मौजूद रहे.
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