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DIVYA RaniDIVYA RaniFollow21 Jul 2024, 06:14 pm
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DAP-UREA संकट से किसान बेहाल, फर्द हटाने और दरों की मांग तेज

New Delhi, Delhi:DAP-UREA संकट से किसान परेशान। दिल्ली में खेती-किसानी पर खाद का संकट भारी पड़ता नजर आ रहा है। किसानों का आरोप है कि DAP और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से फसलों की बुवाई और खाद डालने का काम प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, खाद लेने के लिए जमीन की फर्द और आधार कार्ड जैसी शर्तों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. इन तस्वीरों में दिल्ली के खेत दिख रहे हैं जहां अन्नदाता दिन-रात मेहनत कर फसल उगाने में जुटे हैं। लेकिन इस बार किसानों की चिंता खेतों में नहीं, बल्कि DAP खाद को लेकर है। किसानों का कहना है कि DAP खाद लेने पहुंचने पर उनसे जमीन की फर्द, आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर मांगा जा रहा है। एक फर्द पर सिर्फ एक कट्टा DAP देने की बात कही जा रही है, जबकि यूरिया के भी सीमित कट्टे ही किसानों को मिल पा रहे हैं। सबसे बड़ी परेशानी उन किसानों के सामने है जो जमीन के मालिक नहीं, बल्कि बटाई या किराये पर खेत लेकर खेती करते हैं। ऐसे किसानों के पास जमीन की फर्द नहीं होती। किसानों का दावा है कि फर्द निकालवाने के लिए राजस्व विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई मामलों में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक फसल के लिए उन्हें कई कट्टे DAP और यूरिया की जरूरत होती है। लेकिन पर्याप्त खाद नहीं मिलने के कारण खेतों में तय मात्रा में खाद नहीं डाली जा पा रही है। किसानों का आरोप है कि जरूरत ज्यादा होने पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, जबकि कुछ जगहों पर DAP और यूरिया ब्लैक में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। एक तरफ खेत का किराया और दूसरी तरफ फसल के लिए लिया गया कर्ज... ऐसे में अगर समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन प्रभावित होने की चिंता किसानों को सता रही है। किसानों की मांग है कि सभी खाद दुकानों पर DAP और यूरिया की सरकारी दर लिस्ट साफ तौर पर लगाई जाए। खाद की कालाबाजारी पर सख्ती हो और बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही DAP लेने के लिए फर्द की अनिवार्यता को तत्काल हटाने की मांग की जा रही है। खेतों में फसल उगाने वाला अन्नदाता आज खाद के लिए परेशान है... सवाल यह है कि समय रहते किसानों की इस परेशानी का समाधान कौन करेगा?
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Wular झील में Lotus लौटा, मछली पकड़ में गिरावट जारी

Wular Lake’s Lotus Returns, But Fishermen Report Sharp Decline in Fish Catch The return of lotus to parts of Kashmir’s Wular Lake after years of restoration has raised hopes of ecological recovery, but fishermen living along the wetland say the lake’s fish catch has declined sharply, with some reporting days when they return without a catch. The Wular Conservation and Management Authority (WUCMA) has undertaken restoration measures including de-siltation and removal of invasive vegetation aimed at improving the lake’s ecological condition. The return of lotus, which had disappeared from large parts of Wular for decades, has been reported as one visible sign of the restoration efforts. However, fishermen say the improvement has not translated into a recovery of fish stocks. According to a very experienced fisherman Mohd Ashraf due to construction of bunds around a large portion of the lake, the water of the main resources like Jehlum, Madhumati and Arin Nallah doesn’t fall into a certain area of the lake which causes scarcity of water in a large portion and the bunds doesn’t allow fish to travel into the different areas during this period An official associated with the Wular conservation programme said a study into the decline in fish populations is currently under way. “The study on the decline of fish is going on. The reasons will be identified after the study is completed, and appropriate measures can be considered accordingly,” the official said. For fishermen dependent on the lake, the return of lotus is therefore being viewed alongside a more immediate concern: whether restoration of the wetland can also bring back the fish populations that have supported communities around Wular for generations.
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रांची में मोदी के जन्मदिन पर मुस्लिम समुदाय ने खास कार्यक्रम

Ranchi, Jharkhand:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन आज राजधानी रांची में खास अंदाज में मनाया जा रहा है प्रधानमंत्री का जन्मदिन मुस्लिम समाज के लोग प्रधानमंत्री मोदी का कट आउट लेकर जुग जुग जियो मोदी जी की दे रहे हैं दुआ मुस्लिम समाज ने जन्मदिन की मौके पर राजधानी रांची में कांटा बर्थडे केक प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रांची में विशेष कार्यक्रम मुस्लिम समाज के भाई-बहनों की ओर से मनाया जन्मदिन धुर्वा सेक्टर-3 पार्क में आयोजित हुआ कार्यक्रम भाजपा नेता जॉनी वॉकर खान के नेतृत्व में बनाया गया प्रधानमंत्री मोदी का बर्थडे 76वें यौमे पैदाइश के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को दी गई जन्मदिन की शुभकामनाएं
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भिवानी की अनशुल कटारिया ने ट्रिपल जंप में सिल्वर मेडल, अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य तय

Bhiwani, Haryana:भिवानी भिवानी की अंशुल कटारिया ने जीता सिल्वर मेडल, 10.95 मीटर लगाया ट्रिपल जंप, पिता से प्रेरणा लेकर चुना गेम, 7 साल पहले खेलना शुरू किया भिवानी के विद्या नगर निवासी अंशुल कटारिया ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित नॉर्थ जोन नेशनल 2026 के ट्रिपल जंप में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने 10.95 मीटर का ट्रिपल जंप लगाया है। वहीं अब उनका लक्ष्य इंटरनेशनल लेवल पर भारत का नाम रोशन करना है। मेडल जीतकर भिवानी में लौटने पर अंशुल कटारिया का स्वागत किया गया। अंशुल कटारिया के पिता विद्या नगर निवासी विनोद कुमार ने कहा कि उनको 3 बच्चे हैं। जिनमें से अंशुल सबसे बड़ी बेटी है। वह खुद 400 मीटर हर्डल रेस का नेशनल प्लेयर रहे हैं। लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाए। लेकिन वे अब सिंचाई विभाग में जॉब करते हैं और अपने बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय प्लेयर बनाने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 7-8 साल पहले जब वे प्रैक्टिस करने जाते थे, तो उनकी बेटी भी साथ जाने लगी और अभ्यास करने लगी। अंशुल ने शुरूआत में हर्डल रेस में भाग लेना शुरू किया था। लेकिन अंशुल ट्रिपल जंप अच्छा लगाती थी। इसलिए उसको ट्रिपल जंप की प्रैक्टिस करवाने लगे। अंशुल की मां सुमन ने कहा कि उसकी बेटी के मेडल जीतने पर पूरे परिवार में खुशी है। बेटी ने कड़ी मेहनत से इस मुकाम को हासिल किया है। 7-8 साल से प्रैक्टिस कर रही मेडल जीतकर भिवानी पहुंची अंशुल कटारिया ने कहा कि पिछले महीने स्टेट लेवल की चैंपियनशिप हुई थी, उसमें गोल्ड मेडल जीता था। जिसके बाद उनका चयन नॉर्थ जोन नेशनल चैंपियनशिप में चयन हुआ था। उन्होंने इसमें बेहतर करने का प्रयास किया। वहीं उनका लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना व मेडल दिलाना है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 7-8 साल से गेम कर रही हैं और अब दो-ढाई घंटे प्रैक्टिस करती है। पिता से प्रेरणा लेकर खेल चुना अंशुल ने कहा कि उनके पिता खुल नेशनल खिलाड़ी रहे हैं। शुरूआत में उनके साथ स्टेडियम में जाती थी, उनको देखकर खुद भी उनके साथ प्रैक्टिस करने लगी। शुरूआत में उन्होंने अपने पिता से प्रेरणा लेकर हर्डल रेस शुरू की। केंद्रीय विद्यालय के स्कूली गेम में भाग लिया। जिसमें 100 मीटर हर्डल रेस में गोल्ड मेडल जीता। हालांकि बाद में उन्होंने गेम चेंज किया और ट्रिपल जंप अच्छा होने के कारण वह चुन लिया। वे खेल के साथ-साथ सीबीएलयू से BPES (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स) में तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। काफी मेहनती हैं अंशुल धीरज कौशिक ने कहा कि अंशुल उनकी भतीजी है और वे शुरूआत से अंशुल को देखते हुए आ रहे हैं। वह अपने पिता के साथ खेल की प्रैक्टिस करती रहती थी। खेलने की काफी लग्न थी और इनके पिता भी अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। जो हर रोज 30-35 बच्चों को निशुल्क प्रैक्टिस करवाते हैं। अपने खुद के खर्चे से बच्चों को बाहर भी खिलाने के लिए लेकर जाते हैं। अंशुल काफी मेहनती है। इससे पहले अंशुल कटारिया स्कूली गेम में भी मेडल जीतकर आई है। वहीं पिछले दिनों स्टेट लेवल की चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था, जिसकी बदौलत उनका इस प्रतियोगिता में चयन हुआ। बाइट्स,अंशुल कटारिया,विनोद कुमार पिता व सुमन कटारिया माँ,धीरज कौशिक
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तेजस्वी यादव: मोदी के जन्मदिन पर 100 करोड़ का दीया-बाती, बाढ़ पीड़ितों के लिए नहीं

Patna, Bihar:बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम पर तीखा तंज कसा है उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के बर्थडे पर बिहार में 100 करोड़ रुपये के दीया-बाती और तेल के साथ-साथ बाढ़ पीड़ितों का जिया भी जलाएगी। बिहार में जनता बाढ़ से मर रही है, बेरोजगारी से महंगाई से मर रही है और ये लोग प्रधानमंत्री का जन्मदिन पर 100 करोड़ का दीया-बाती... सेवा संकल्प जो है, 100 करोड़ रुपया का दीया-बाती जलाएंगे। बाढ़ में हमारे बाढ़ पीड़ितों के लिए देने के लिए कुछ नहीं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के लिए 100 करोड़ रुपये फूंकने को तैयार हैं। ये कौन सा दौर देख रहे हैं, कौन सा अच्छे दिन लाए हैं मोदी जी? बर्बाद कर दिया देश को। देश के लोग परेशान हैं, बेरोजगार हैं। न पढ़ाई हो रहा है, न दवाई मिल रहा है। बाढ़ से लोग मर रहे हैं, तो ये अपना दीया-बाती जलवा रहे हैं।
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गाजियाबाद के प्रताप विहार में निजी वैन पलटी, चार छात्र सुरक्षित

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित डीएवी स्कूल में बच्चों को छोड़ने जा रही एक निजी स्कूल वैन गुरुवार सुबह सेन चौक के पास अचानक असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के समय वैन में चार बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित हैं। वैन संख्या DL 12 CJ 8912 को लखन पुत्र पल्लव (35) निवासी बाईपास, थाना क्रॉसिंग चला रहा था। सुबह करीब 7:30 बजे वह प्रताप विहार स्थित डीएवी स्कूल में पढ़ने वाले चार बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था। सेन चौक के पास अचानक वैन असंतुलित हो गई और सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वैन में सवार चारों बच्चों की उम्र करीब 13 से 14 वर्ष बताई गई है। दुर्घटना में किसी बच्चे को चोट नहीं लगी। बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाया गया, जबकि उनके परिजनों को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। यह स्कूल की अधिकृत वैन नहीं थी, बल्कि बच्चों के परिजनों ने आपस में मिलकर उन्हें स्कूल लाने-ले जाने के लिए निजी वैन की व्यवस्था की थी। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है.
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वाराणसी बाइक रैली के लिए सुरक्षा चाकचौबंद, मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री रवाना

JPJai Pal14m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में बाइक रैली से पहले रुद्राक्ष सेंटर पर छावनी जैसा माहौल। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रैली को लेकर तैयारियां पूरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रुद्राक्ष सेंटर से बाइक रैली को करेंगे रवाना। दिग्गजों का जमावड़ा, सुरक्षा हाई अलर्ट पर कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों और VVIP दिग्गजों की मौजूदगी को देखते हुए चौकसी बढ़ाई गई। 500 पुलिसकर्मी तैनात, परिंदा भी नहीं मार सकता पर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर और आसपास के रास्तों पर 500 से अधिक पुलिस बल की तैनाती। सुरक्षा के चक-चौबंद इंतजाम चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात, बिना चेकिंग और पास के प्रवेश पर पूरी तरह रोक। CCTV और ड्रोन से रखी जा रही पैनी नजर पूरे इलाके की ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी और CCTV के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग जारी।
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