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Umang WaliaUmang WaliaFollow8 Oct 2024, 12:42 pm
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श्रावणी मेला के दौरान मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक प्लान लागू, नो-एंट्री जोन प्रभावी

Muzaffarpur, Bihar:श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने मुजफ्फरपुर में विशेष ट्रैफिक प्लान को किया लागू, आज से कई मार्गों पर वाहनों की नो-एंट्री. यातायात नियंत्रण के के लिए रामदयालु नगर, कच्ची-पक्की चौक, गोबरसही चौक, भगवानपुर पुल, बैरिया गोलंबर, जीरो माइल, मिठनपुरा चौक तथा बनारस बैंक चौक से अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के शहरी क्षेत्र में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसको लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधिक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से अधिकारियों के साथ बैठक कर सख़्त दिशा निर्देश जारी किया है. शहरी क्षेत्र के सरैयागंज टावर से गांधी चौक, छाता चौक, माखन साह चौक और पुरानी बाजार चौक तक का पूरा क्षेत्र सभी प्रकार के वाहनों के लिए पूर्णतः नो-एंट्री जोन रहेगा. यह विशेष यातायात व्यवस्था श्रावण माह के प्रत्येक शनिवार दोपहर 2:00 बजे से सोमवार दोपहर 2:00 बजे तक प्रभावी रहेगी. कांवरियों के वाहनों की पार्किंग के लिए लंगट सिंह कॉलेज परिसर, सरकारी बस स्टैंड इमलीचट्टी तथा बैरिया बस पड़ाव को चिन्हित किया गया है. प्रशासन द्वारा मुजफ्फरपुर के अलावा उत्तर बिहार के दूसरे जिले से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट भी निर्धारित किए गए हैं. मुजफ्फरपुर से पटना जाने वाले सभी वाहन सदातपुर से न्यू बाईपास, मधौल रोड, रेवा रोड, पताही फ्लाईओवर के नीचे से सरैया, मणिकपुर, वैशाली, लालगंज होते हुए हाजीपुर अंजानपीर चौक के रास्ते पटना जाएंगे. वहीं पटना से मुजफ्फरपुर आने वाले वाहन दिग्घीकला चौक, महुआ रोड, काजीइंडा चौक, कच्ची-पक्की चौक और खबड़ा होते हुए भगवानपुर पहुंचेंगे.यहां से वाहन दरभंगा, मोतिहारी, शिवहर और सीतामढ़ी की ओर जाएंगे. बरौनी और समस्तीपुर से आने-जाने वाले वाहन सीधे भगवानपुर चौक की ओर परिचालित होंगे. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रकार के वाहन को पटना रोड में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है. दरअसल मुजफ्फरपुर से पटना जाने वाले वाहन मुजफ्फरपुर हाजीपुर फोरलेन के रास्ते पटना जाते हैं, लेकिन इस रूट में पहलेजा घाट से जल भरकर कर बाबा गरीब नाथ धाम आने वाले कांबरियो हाजीपुर इसी मार्ग से मुजफ्फरपुर पहुंचते हैं.इसलिए इस रूट को शनिबार से लेकर सोमवार तक के लिए वाहनों के परवेश पर रोक लगा दिया जाता है.
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कैमूर में टूटे ढक्कन: जी मीडिया खबर के बाद प्रशासन ने मरम्मत शुरू की

Khajuria Khurd, Bihar:स्लग -ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर: कैमूर में टूटे नाले के ढक्कन की मरम्मत शुरू कैमूर में एक बार फिर जी मीडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है। जी मीडिया की रियलिटी चेक में खबर प्रसारित होने के बाद कैमूर डीएम नितिन कुमार सिंह ने मामले पर त्वरित संज्ञान लिया। आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि भभुआ नगर परिषद की जेसीबी मशीन के ज़रिए नाले के टूटे हुए ढक्कन को हटाकर नया ढक्कन (स्लैब) लगाया जा रहा है, ताकि कोई पशु या आम नागरिक इसमें न गिरे। हमारे साथ नगर परिषद के कर्मी भी मौजूद हैं, आइए उनसे बात करते हैं। नगर परिषद कर्मी संजीव राज (सेनेटरी इंस्पेक्टर, भभुआ नगर परिषद) ने कहा की आज सुबह जी मीडिया पर जो खबर चली, उसे देखते हुए तत्काल हम लोग स्लैब (ढक्कन) लगवा रहे हैं ताकि कोई जानवर, पशु या इंसान इसमें न गिरे। नाला पुराना होने के कारण जर्जर होकर टूट गया था, जिसे अब ढका जा रहा है। स्थानीय निवासी ऋषि कुमार ने कहा की जी मीडिया के माध्यम से खबर प्रसारित होने पर पता चला कि नाले का ढक्कन टूटा हुआ था और इसमें मवेशी/पशु गिर रहे थे। खबर चलने के बाद अब यहाँ तुरंत पट्टिया (स्लैब) बिछाई जा रही है। इससे ग्रामीणों को बहुत राहत मिलेगी और दुर्घटना का खतरा टलेगा। हम जी मीडिया की इस पहल और कार्य की सराहना करते हैं और जी मीडिया को धन्यवाद देते हैं। स्थानीय लोग जी मीडिया की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। वहीं जी मीडिया कैमूर डीएम नितिन कुमार सिंह की इस त्वरित पहल की सराहना करता है। खबर का संज्ञान लेते ही खुले नाले को ढकने का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे अब राहगीरों, बुजुर्गों, बच्चों और मवेशियों को हादसों के डर से बड़ी राहत मिलेगी।
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छिंदवाड़ा: समग्र आईडी में मृत दर्ज अनंत सोनी, जीवन साबित पर योजनाओं से वंचित

Chhindwara, Madhya Pradesh:सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई जिसमें ग्राम पंचायत थाबड़ीकला के 12 वर्षीय अनंत सोनिको समग्र आईडी में मृत दर्ज कर दिया गया है, जबकि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ और जीवित है। सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण पिछले एक साल से उसका परिवार बेटे को कागजों में जिंदा साबित करने के लिए पंचायत से लेकर जनपद पंचायत और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। इस गलती के कारण बच्चे की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और उसे मिलने वाली सरकारी योजनाओं کا लाभ भी बंद हो गया है। पीड़ित बलराम सोनी ने बताया कि उनके 12 वर्षीय बेटे अनंत सोनी को समग्र आईडी में मृत दर्शा दिया गया है। परिवार का कहना है कि यह पूरी तरह तकनीकी या प्रशासनिक गलती है लेकिन लंबे समय से शिकायतों के बावजूद इसमें सुधार नहीं किया गया। समग्र आईडी में मृत दर्ज होने के कारण उनके बेटे का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पहले समग्र आईडी में सुधार कराया जाए तभी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। इससे बच्चे की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। अनंत सोनी को मिलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद हो गया है। एक प्रशासनिक गलती का खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है। परिवार एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि समग्र आईडी में तत्काल सुधार कर अनंत सोनी को जीवित दर्ज किया जाए, ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो और उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। परिवार ने इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है.
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मंदसौर मिल क्षेत्र में युवक की धारदार हथियार से हत्या, आरोपी फरार

Isagarh, Ashoknagar, Madhya Pradesh:अशोक नगर - मंदसौर मिल क्षेत्र में युवक की गला काटकर हत्या, आरोपी कल्लू कुशवाह मौके से फरार, साथ ही हिस्ट्रीशीटर बताया गया, परिजनों ने शव उठाने से इनकार, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े, पुलिस कर रही है मोबाइल लोकेशन के आधार पर छापेमारी, मंदसौर मिल क्षेत्र में एक युवक की धारदार हथियार से गला काटकर जघन्य हत्या कर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिवार ने शव उठाने से इनकार किया। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के मंदसौर मिल इलाके की है। मृतक के परिवार का आरोप है कि हत्या आरोपी कल्लू कुशवाह ने की है। आरोपी मौके से फरार हो गया। कल्लू कुशवाह पुराना हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है और चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े। इसी वजह से उन्होंने मृतक का शव उठाने से किया इंकार। फिलहाल पुलिस की समझाइस और आरोपी पर FIR करने से परिवार माने और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही आरोपी की तलाश के लिए पुलिस उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जिला अस्पताल इमरजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड के इलाज पर वीडियो वायरल

Singrauli, Madhya Pradesh:जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सिक्योरिटी गार्ड कर रहा इलाज। इमरजेंसी वार्ड में आए मरीज का किया शुगर लेवल चेक। डॉक्टर और नर्स के सामने लिया सेंपल। आम दिनों में लापरवाही की खबर मिलती हैं जिला अस्पताल में। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। बैढ़न जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर 200 बेड वाला अस्पताल की खुली पोल। सीएमएचओ ने कहा डॉक्टर, नर्स, सिक्योरिटी गार्ड आपस में मिलकर करते हैं काम; कभी-कभी मदद कर देते हैं, सैंपल वगैरह उठा कर रख देते हैं और वीडियो हो गया वायरल, साथी उन्होंने कहा अगर वह किसी मरीज का इलाज कर रहा होगा तो जांच कर करेंगे कार्रवाई
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मुजफ्फरपुर में सावन के दौरान बाबा गरीबनाथ-हरिहरनाथ की पालकी शोभायात्रा उत्साह से भरी

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर के पावन धरती पर सावन माह के अवसर पर युवा बोलबम सेवा समिति की ओर से बाबा गरीबनाथ एवं बाबा हरिहरनाथ की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में शहर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा सिकंदरपुर सीढ़ी घाट से प्रारंभ होकर रानी सती मंदिर, सरैयागंज टावर, जवाहरलाल रोड, कल्याणी, हरिसभा चौक, पानी टंकी और बनारस बैंक चौक होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंची। यात्राओं मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना के साथ फूल वर्षा कर पालकी का स्वागत किया और पूरा शहर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से भक्तिमय हो गया। युवा बोलबम सेवा समिति के अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने बताया कि बाबा गरीबनाथ की पालकी में मिट्टी से निर्मित भगवान शिव की प्रतिमा तथा बाबा हरिहरनाथ की पालकी में भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस शोभायात्रा में खासकर महाकाल की आकर्षक झांकी के साथ विभिन्न देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियां भी शामिल किया गया था, जो शिव भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। उन्होंने बताया कि सावन माह में बाबा गरीबनाथ धाम जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए समिति की ओर से निशुल्क कांवरिया सेवा शिविर भी लगाया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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शाहजहांपुर में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की चाकूघाती हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में हत्या की घटना सामने आई है। दूसरे समुदाय के युवक ने गौतम मौर्य नाम के युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग वजह बताई जा रही है। मौके पर भीड़ ने हत्या करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना थाना कांट क्षेत्र के दिलावरपुर गाँव की है। गौतम मौर्य पड़ोसी गाँव कमल नयनपुर से अपने घर लौट रहा था; रास्ते में समीर नाम के युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया और ताबड़तोड़ वार कर दी। यह बताया जा रहा है कि गौतम मौर्य का समीर की बहन से प्रेम संबंध चल रहा था जिससे घटना अंजाम दी गई। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। गांव में दो समुदाय से तनाव के कारण पुलिस तैनात है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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बहराइच: सफाई कर्मियों पर हमला, सात घायल; पुलिस ने शुरू की जांच

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच में सफाई कर्मियों पर हमला, सात घायल, केस दर्ज ख़बर बहराइच से है, जहां नगर पंचायत मिहींपुरवा में वार्ड संख्या 13 में सफाई कार्य चल रहा था। इसी दरमiyan कुछ लोगों ने सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न की। विरोध करने पर आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पीड़ित अरुण रावत का आरोप है कि उन्हें बचाने आए चार सफाई कर्मचारियों के साथ सात लोग घायल हो गए। यह लोग बीच बचाब करने आए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घायलों का मेडिकल कराया है। पीड़ित कर्मचारी अरूण रावत ने बताया कि वार्ड नंबर 13 में सफाई कर्मी सफाई कर रहे थे। वार्ड नम्बर 13 निवासी गोविंद पुत्र बऊर यादव नशे की हालत में पहुंचकर सफाई कर्मी से अपने घर के पास सफाई करने के लिए बार-बार चलने पर बाध्य करने लगे, जिस परने घर डंडा निकाल कर सफाई कर्मियों को मारने लगा। उसे बाद में सफाई करने की बात कह कर सफाई करने लगे। जिस पर उसने गालियां तथा जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इस पर सफाई कर्मी ने विरोध किया। सफाई कर्मी ने अन्य सफाई कर्मियों एवं सुपरवाइजर को घटना की जानकारी दी जिस पर अन्य सफाई कर्मियों ने पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी लेना चाह जिस पर पुनः मारपीट हुई और उसमें लोग घायल हुए। एसएचओ ब्रह्मा गौड ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है प्रथम सूचना दर्ज कर ली गई है। सभी घायलों का मेडिकल कराया गया है। एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई है।पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है。
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दिल्ली के दस में से एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग खतरनाक, 108 भवन असुरक्षित

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली राजधानी के सरकारी स्कूलों की बिल्डिंगों के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट बताती है कि हर 10 में से 1 सरकारी स्कूल की बिल्डिंग खतरनाक हालत में है। वीडियो-आडियो में टूटी दीवारें, झड़ता प्लास्टर और क्लासरूम के बाहर लगा डेंजर का बोर्ड दिखाई देता है; यह तस्वीरें किसी खंडहर की नहीं, बल्कि राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों की हैं। यह खुलासा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा दिल्ली के सभी पुराने सरकारी स्कूल बिल्डिंगों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश के बाद हुआ है। ऑडिट के अनुसार दिल्ली में हर 10 में से 1 सरकारी स्कूल की बिल्डिंग छात्रों के लिए असुरक्षित और खतरनाक है, जिनमें से 7 को जल्द गिराने की संभावना है। आने वाले महीनों में गिराए जाने वाले इन 7 स्कूलों में CM SHRI स्कूल (चिल्ला गांव), गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GGSSS), जसोला गांव, सर्वोदय कन्या विद्यालय (कराला), गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बापरोला), SKV मटियाला, GGSSS नेब सराय और GGSSS शिवाजी पार्क शामिल हैं। दिल्ली में लगभग 1100 सरकारी स्कूल हैं; ऑडिट में इनमें से 108 सरकारी/सहायता प्राप्त स्कूल बिल्डिंगों को असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया गया है, जिनमें से 54 इमारतें बेहद जर्जर स्थिति में पाई गईं, जिनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। LG ने इन 7 स्कूल बिल्डिंगों को गिराने की अनुमति दे दी है और अगले कुछ महीनों में इन्हें गिराया जा सकता है।
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उमलिंग ला पर 390 फ़ीट तिरंगा: ORON की श्रद्धांजलि कारगिल के शहीदों को

कारगिल के नायकों को सम्मान: लद्दाख में उमलिंग ला पर लहराया 390 फ़ीट का तिरंगा。 कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए, 'वन राइड वन नेशन' (ORON) ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची मोटर-योग्य सड़क, उमलिंग ला पर 390 फ़ीट लंबा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराकर अपना 'मिशन तिरंगा' पूरा किया। यह अभियान मूल रूप से 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाना था, लेकिन खराब मौसम और राइडर्स की सुरक्षा को देखते हुए इसे टाल दिया गया था। बिना हिम्मत हारे, हालात बेहतर होने पर टीम ने चढ़ाई फिर से शुरू की और अपने पवित्र मिशन को सफलतापर्वक पूरा किया। ORON के संस्थापक नीतीश पाल के नेतृत्व में, राइडर्स - आयुष शर्मा, गोपाल बालगोत्रा, मोहित शर्मा, सुचित मोज़ा, एहसास माल्टोनिया, वासु ब्राल, आशीष उप्पल, प्रशांत कुमार, मस्तानभी शेख, दीपांक रावत और एसएन रेड्डी - ने अत्यधिक ऊंचाई, कड़ाके की ठंड, अनिश्चित मौसम और कठिन रास्तों से होते हुए विशाल तिरंगे को आगे बढ़ाया। हर किलोमीटर उन बहादुर सैनिकों को समर्पित था जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बाग लेने वालों ने कहा, "तिरंगे के साथ उमलिंग ला पहुँचना हम सभी के लिए एक अविस्मरणीय और भावनात्मक अनुभव था। यह सिर्फ़ एक मोटरसाइकिल अभियान नहीं था; यह भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को हमारा दिल से सलाम था। इतनी ऊंचाई पर तिरंगे को थामने से हमें उनके वीरता के असली महत्व का एहसास हुआ।" उमलिंग ला पर 390 फ़ीट के तिरंगे का सफलतापूर्वक फहराया जाना साहस, दृढ़ता और राष्ट्रीय एकता का एक सशक्त प्रतीक है — यह कारगिल युद्ध के शहीदों और भारतीय सशस्त्र बलों के हर उस सदस्य के लिए गर्व भरी श्रद्धांजलि है जो अटूट निष्ठा के साथ हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।
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इंशा मुश्ताक की आंखें खोने के बाद पैलेट गन पर रोक की मांग

Shopian, 14 साल की उम्र में पैलेट गन से आँखें गंवाने वाली इंशा मुश्ताक ने एक दशक तक अंधेरे से लड़ाई लड़ी — अब नम आँखों से वह अधिकारियों से पूछती हैं: क्या आप उन बंदूकों पर रोक लगाएंगे जिन्होंने मेरी आँखें छीन लीं? इंशा मुश्ताक देश की पहली ऐसी पैलेट पीड़ित हैं जिन्हें इस तरह की सरकारी पुनर्वास सहायता मिली है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से देश भर में बहस छिड़ गई है और कानूनी जांच भी हो रही है। ऐसे में कश्मीर की पहली पैलेट पीड़ित इंशा मुश्ताक के पुराने ज़ख्म एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस हथियार की वजह से जो नुकसान हुआ, उसकी कीमत उन्होंने चुकाई है; उन्होंने जो दर्द सहा है, उसे उनसे बेहतर कोई नहीं जानता। जुलाई 2016 में, हिज़्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत के बाद पूरे कश्मीर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय 14 साल की इंशा को शॉटगन से निकली पैलेट (छर्रों) की बौछार का सामना करना पड़ा। वह किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थीं। वह अपने घर की खिड़की पर बैठकर आठवीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, तभी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और पैलेट फायरिंग की खबरें आईं। दर्जनों पैलेट उनके चेहरे और शरीर पर लगे; उस समय वह खिड़की के पास बैठी थीं। उन्हें भटकती हुई पैलेट लगीं। इसके बाद, उनका माथा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, उनकी एक आँख वहीं गिर गई और उसी समय उनके पाँच दाँत भी टूटकर गिर गए। उनकी दोनों आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। श्रीनगर और बाद में दिल्ली में कई सर्जरी के बावजूद उनकी आँखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। कुछ पैलेट आज भी उनकी आँखों में फंसी हुई हैं, इसलिए संक्रमण से बचने के लिए लगातार मेडिकल निगरानी की ज़रूरत पड़ती है। इंशा ने कहा कि मेरे साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को, जम्मू-कश्मीर सरकार ने ₹41.16 लाख जारी करने की मंज़ूरी दी। यह रकम एक LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप को पूरा करने के लिए थी, जिसे 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने पुनर्वास पैकेज के तहत उनके नाम मंज़ूर किया था। बाकी फंड जारी न होने की वजह से यह प्रोजेक्ट सालों से अधूरा पड़ा था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने अपने X हैंडल पर फंड जारी करने की घोषणा करते हुए कहा, "न्याय में देरी हुई है, लेकिन न्याय मिला ज़रूर है। इंशा मुश्ताक ने 2016 में पैलेट लगने से अपनी आँखों की रोशनी खो दी थी; उनकी LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप 2018 में मंज़ूर हुई थी लेकिन अधूरी रह गई थी। HCM @OmarAbdullah के नेतृत्व में, हमने इस मामले को सही अंजाम तक पहुँचाने के लिए बाकी बचे ₹41.16 लाख जारी करने की मंज़ूरी दे दी है।" इस कदम का स्वागत करते हुए, इंशा कहती हैं कि पैलेट लगने से विकलांग होने के बाद उन्होंने जो तकलीफ़ झेली है, वैसी तकलीफ़ किसी और को कभी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने देश और दुनिया भर के अधिकारियों से ऐसे हथियारों पर रोक लगाने की अपील की है जो उन लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं जिनकी अक्सर कोई गलती नहीं होती। उन्होंने कहा, "मैं खुश हूँ लेकिन दुखी भी हूँ क्योंकि मैंने अपनी आँखें खो दी हैं, लेकिन मैं उन अधिकारियों की शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने मेरी मदद की।" इंशा मुश्ताक ने कहा, "मेरी आँखों की रोशनी चली गई है जो कभी वापस नहीं आ सकती, अब मुझे उसी जिंदगी के साथ जीना है। उन्होंने मुझे उस समय यह प्रोजेक्ट दिया था, मैं उनकी बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने उस समय यह मौका दिया। लेकिन मुझे 10 साल तक बहुत संघर्ष करना पड़ा, पूछिए मत, पर आखिरकार आज यह हो गया। मैं बहुत खुश भी हूँ और बहुत दुखी भी; मेरी आँखें नहीं हैं और इसी वजह से मैं बहुत दुखी हूँ। अगर मैं ठीक होती तो..." पेलेट गन ने देश का ध्यान खींचा है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा है। आरोप है कि CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया था। इंशा के घाव और एक दशक के दर्द ने उन्हें यह कहने पर मजबूर किया, "मैं सभी से अपील करती हूँ — इन बंदूकों पर न सिर्फ़ क Kashmir में, बल्कि पूरे भारत और पूरी दुनिया में प्रतिबंध लगना चाहिए," इंशा ने कहा। उनकी कहानी व्यक्तिगत हिम्मत और भीड़ को काबू करने में पेलेट-फायरिंग शॉटगन के इस्तेमाल पर चल रही अनसुलझी बहस, दोनों को उजागर करती है। जब सुप्रीम कोर्ट हाल के दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में इस मुद्दे की जाँच कर रहा है, तो इंशा मुश्ताक का एक दशक पुराना अनुभव इस बात की एक ज़बरदस्त याद दिलाता है कि ये हथियार कितना स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं.
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