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Palwal121107

डराना गांव के सरपंच की गाड़ी पर गोलीबारी

Jul 07, 2024 13:18:30
Hasanpur, Haryana

हसनपुर में सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक प्रधान की गाड़ी पर गोलीबारी का मामला सामने आया है। जहां हादसे में प्रधान बाल-बाल बच गए। प्रधान ने मामले की सूचना हसनपुर पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचते ही पुलिस की कार्यशैली से नाराज जिला सरपंच एसोसिएशन प्रधान महेश कुमार सहित दर्जनों गावों के सरपंच भड़क उठे और थाने पहुंचकर हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। सरपंचों का कहना है कि पुलिस ने अगर जान लेने के प्रयास का मामला दर्ज नहीं किया तो वह एसोसिएशन की बैठक कर पुलिस के खिलाफ आगामी मोर्चा खोलेंगे।

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ASArvind Singh
Mar 08, 2026 06:00:28
Sawai Madhopur, Rajasthan:स्लग-ओम बिड़ला के परिवार ने किया चौथ माता के दर्शन-अरविंद सिंह-सवाई माधोपुर 08 मार्च 2026 एंकर-लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की धर्म पत्नी अमिता बिरला तथा उनके परिवार के सदस्यों ने शनिवार शाम सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता के दर्शन किए। अमिता बिरला अपने अन्य परिवार जनों के साथ चौथ का बरवाड़ा कस्बे में पहुंची थी जहाँ उन्होंने चौथ माता के दर्शन के लिए सीढ़ियां चढ़ते हुए मंदिर पहुंचकर चौथ माता के दर्शन कर विधिवत पूजा अर्चना की और देश तथा प्रदेश की खुशहाली के लिए मनोकामना की। इस अवसर पर उन्होंने चौथ माता मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं की खूब सराहना की साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर पर रोपवे बनना चाहिए। इस दौरान चौथ माता धर्मशाला में पंचायत समिति सदस्य शीतल पहाड़िया एंव भाजपा कार्यकर्ताओं ने ओम बिष्ला की पत्नी अमिता बिड़ला सहित परिवार के अन्य सदस्यों को चौथ माता की तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान चौथ माता ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें लोकसभा अध्यक्ष के नाम जयपुर-सवाई माधोपुर के बीच मेमो ट्रेन चलाने सहित रेल सेवाओं में विस्तार करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
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YNYogesh Nagarkoti
Mar 08, 2026 05:50:17
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DVDinesh Vishwakarma
Mar 08, 2026 05:50:03
Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित गोटेगांव हत्याकांड में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश राम मनोहर सिंह दांगी की अदालत ने शनिवार को मुख्य आरोपी देवेंद्र पटेल को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला युवती काजल साहू की गोली मारकर हत्या के मामले में सुनाया गया। न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र पटेल, पिता हरगोविंद पटेल निवासी शिक्षक कॉलोनी गोटेगांव को अपराध क्रमांक 980/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। वहीं, प्रकरण के सह आरोपी आशीष साहू को संदेह का लाभ देते हुए आर्म्स एक्ट की धाराओं से दोषमुक्त कर दिया गया। यह घटना 14 दिसंबर 2023 की रात लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच हुई थी। मृतिका काजल साहू अपने कार्यस्थल से घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी देवेंद्र पटेल ने उस पर बंदूक से गोली चला दी। गंभीर चोट लगने के कारण काजल साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद गोटेगांव पुलिस ने देवेंद्र पटेल और आशीष साहू के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। यह फैसला सत्र प्रकरण क्रमांक 53/2024 में सुनाया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक सरिता नामदेव ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में अभियोजन साक्ष्यों के बयान, भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए प्रभावी तर्क रखे, जिसके आधार पर न्यायालय ने मुख्य आरोपी को दोषी करार दिया।
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SHSAYED HUSSAIN AKHTAR
Mar 08, 2026 05:49:47
Raebareli, Uttar Pradesh:वाराणसी से लखनऊ तक गो प्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शखनाद यात्रा लेकर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुकतेश्वरानन्द ने रायबरेली में दोनों डिप्टी सीएम को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि उनको यदि इस घटना से दर्द था तो क्यों नहीं बटुकों की चोटी खींचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। इसके अलावा उन्होंने उस सवाल को फिर दोहराया कि सीएम योगी से चालीस दिन मे खुद को हिन्दू साबित करने वाले मामले का भी ग्यारह मार्च विश्लेषण होगा। उन्होने साफ तौर पर कहा कि गाय को संरक्षण देने के लिए लिया गया यह प्रण जब तक गाय को पशु सूची से हटाकर गो माता की श्रेणी मे नहीं लाया जाता। इस दौरान उन्होंने कहा कि चालीस दिन के भीतर गौ माता को लेकर किये जाने वाली घोषणाएं ग्यारह मार्च को लखनऊ मे की जाएंगी और वहीं यात्रा का समापन होगा।
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MPManish Purohit
Mar 08, 2026 05:49:32
Mandsaur, Madhya Pradesh:मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक किसान ने अनोखा प्रयोग किया है इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, बढ़ते तापमान के चलते अफीम की औसत पैदावार कम होने डर किसानों को सता रहा है और इसी से बचने के लिए एक किसान ने अपने अफीम के खेत में कूलर लगाए हैं, जंबो कुलर्स के जरिए वह तापमान को कम रखता है, जिससे अफीम की औसत कम ना हो, वहीं कूलर की ठंडी हवा के चलते खेत में काम करने वाले किसानों को भी गर्मी से राहत मिलती है और वे ज्यादा बेहतर कार्य कर पाते है इसके Video सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, कुछ लोग किसान की इस पहल की तारीफ करते नजर आ रहे है, कुछ पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं कैसे मिलता है अफीम दरअसल किसान अफीम की फसल के फल पर शाम को चीरा लगाते हैं और सुबह फल पर लगे कट से निकला लिक्विड एकत्रित करते हैं जो की अफीम होता है, तापमान से नुकसान तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी होने से अफीम की फसल पर दुष्प्रभाव पड़ता है डोडे सूखने लग जाते हैं और कट से निकलने वाला तरल अफीम भी तापमान ज्यादा होने से कम निकलने या सूखने का डर बना रहता है, फसल की सुरक्षा और रकबे के अनुसार तय मात्रा में अफीम का उत्पादन पूरा करने के लिए किसान यह तकनीक अपना रहे हैं गौरतलब है कि अगर शासन द्वारा तय मात्रा से कम अफीम निकलती है तो किसानो का अफीम पैदावार का लाइसेंस रद्द होने का डर बना रहता है, कुशल मजदूरों की कमी अफीम के उत्पादन के लिए कुशल मजदूरों की जरूरत होती है, तापमान ज्यादा होने के चलते मजदूर खेतों में ज्यादा देर काम करने में आनाकानी करते हैं, इन कुलर्स का फायदा यह भी होता है कि ठंडी हवा के बीच दिन के समय भी किसान और मजदूर फसल में कट लगाने को तैयार हो जाते हैं और समय पर काम पूरा होता है उत्पादन प्रभावित नहीं होता
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ACAshish Chauhan
Mar 08, 2026 05:48:51
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में 1.74 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोकी गई है.75 हजार से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में शिफ्ट हुए.पेंशन रोकने के पीछे अलग अलग कारण सामने आए है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन रुकी- राजस्थान में सरकार ने 1.74 लाख से ज्यादा लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक ली है. पेंशन रोकने के सरकार की ओर से कई कारण बताए गए हैं. सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 1250 रुपए मिलते हैं. इस बार के बजट में इसमें 50 रुपए बढ़ाए गए हैं. सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के मुताबिक राजस्थान में करीब 91 लाख लोगों को यह पेंशन मिलती है. पिछले दो साल में सबसे ज्यादा बांसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में पेंशन रोकी गई. इन जिलों में सबसे ज्यादा लोगों की पेंशन रोकी- बांसवाड़ा में 34163, झालावाड़ में 25970, अलवर में 14073, भीलवाड़ा में 12401, अजमेर में 9647, बारां में 9623 और उदयपुर में 9282 लोगों की पेंशन रोकी गई है. जिन पेंशनर्स की पेंशन बैंक खाते की गलत डिटेल, डेटा मिसमैच और ई-मित्र से गलत डेटा फीड होने के कारण रोकी गई थी, उनका फिर से वेरिफिकेशन किया गया. वेरिफिकेशन के बाद 40,167 की पेंशन फिर से बहाल की गई है. अलवर में 6077, बांसवाड़ा में 6923, भीलवाड़ा में 5006, झालावाड़ में 3531, प्रतापगढ़ में 2234 पेंशनर्स की पेंशन वेरिफिकेशन के बाद फिर से शुरू की है. क्यों रोकी जाती है पेंशन? सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के जवाब के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में पेंशनर्स की मौत होने, राज्य से बाहर शिफ्ट होने, परिवार से सरकारी नौकरी लग जाने और विधवा के फिर से शादी करने के कारण पेंशन से अपात्र मानकर स्टॉप पेंशन की कार्रवाई की जाती है. जिले में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अफसर रोकी गई पेंशन के मामलों की फिर से जांच करते हैं. अगर वे पात्र पाए जाते हैं. तो पेंशन फिर से शुरू कर दी जाती है. रोकी गई पेंशन का एरियर सहित भुगतान किया जाता है.
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ACAshish Chauhan
Mar 08, 2026 05:48:39
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में 1.74 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोकी गई है. 75 हजार से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में शिफ्ट हुए. पेंशन रोकने के पीछे अलग अलग कारण सामने आए हैं. आखिरकार किस वजह से रुकी लाखों की पेंशन...देखे इस रिपोर्ट में!\n\nआशीष चौहान,\nजयपुर-राजस्थान में 1.74 लाख से अधिक लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक ली है. पेंशन रोकने के सरकार की ओर से कई कारण बताए गए हैं. सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 1250 रुपए मिलते हैं. इस बार के बजट में इसमें 50 रुपए बढ़ाए गए हैं.\nसामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के मुताबिक राजस्थान में करीब 91 लाख लोगों को यह पेंशन मिलती है. पिछले दो साल में सबसे ज्यादा बांसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में पेंशन रोकी गई है.\n\nइन जिलों में सबसे ज्यादा लोगों की पेंशन रोकी-\nबांसवाड़ा में 34163, झालावाड़ में 25970, अलवर में 14073, भीलवाड़ा में 12401, अजमेर में 9647, बारां में 9623 और उदयपुर में 9282 लोगों की पेंशन रोकी गई है. जिन पेंशनर्स की पेंशन बैंक खाते की गलत डिटेल, डेटा मिसमैच और ई-मित्र से गलत डेटा फीड होने के कारण रोकी गई थी, उनका फिर से वेरिफिकेशन किया गया.वेरिफिकेशन के बाद 40,167 की पेंशन फिर से बहाल की गई है.अलवर में 6077, बांसवाड़ा में 6923, भीलवाड़ा में 5006, झालावाड़ में 3531,प्रतापगढ़ में 2234 पेंशनर्स की पेंशन वेरिफिकेशन के बाद फिर से शुरू की है.\n\nक्यों रोकी जाती है पेंशन?\nसामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के जवाब के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में पेंशनर्स की मौत होने, राज्य से बाहर शिफ्ट होने, परिवार से सरकारी नौकरी लग जाने और विधवा के फिर से शादी करने के कारण पेंशन से अपात्र मानकर स्टॉप पेंशन की कार्रवाई की जाती है.जिले में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अफसर रोकी गई पेंशन के मामलों की फिर से जांच करते हैं.अगर वे पात्र पाए जाते हैं. तो पेंशन फिर से शुरू कर दी जाती है. रोकी गई पेंशन का एरियर सहित भुगतान किया जाता है.\n
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ASABHISHEK SHARMA1
Mar 08, 2026 05:47:25
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WJWalmik Joshi
Mar 08, 2026 05:47:14
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KRKishore Roy
Mar 08, 2026 05:47:02
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BSBhanu Sharma
Mar 08, 2026 05:46:35
Dholpur, Rajasthan:धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड की रहने वाली महिलाओं पप्पी सक्सेना, शारदा देवी, मंधा देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की अपने हुनर का प्रदर्शन कर बताया महिला सशक्तिकरण मंच कभी सीमित संसाधनों के बीच शुरुआत करने वाली पप्पी ने आज अपने घर को ही एक छोटे उद्योग में बदल दिया है, जहां से तैयार होने वाले सेनेटरी पैड की मांग धौलपुर ही नहीं बल्कि राजस्थान के कई जिलों में हो रही है। पप्पी, शारदा देवी, मंधा देवी,बताती हैं कि उन्हें सेनेटरी पैड बनाने का विचार गांव की बुजुर्ग महिलाओं को देखकर आया। बाजार में मिलने वाले महंगे पैड गांव की ज्यादातर महिलाएं खरीद नहीं पाती थीं, जिससे उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए उन्होंने आगे कदम बढ़ाया। राजीविका के सहयोग से उन्होंने तीन महिलाओं के साथ मिलकर सेनेटरी पैड बनाने का काम शुरू किया। इसके लिए 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण लिया, जिसमें अच्छे और सुरक्षित तरीके से पैड बनाना सिखाया गया। शुरुआत आसान नहीं थी आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के कारण कई मुश्किलें आईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और आज उनके साथ 25 ग्रामीण महिलाएं सेनेटरी पैड निर्माण में जुड़ी हुई हैं। रोजाना लगभग 2 से ढाई हजार पैड तैयार किए जाते हैं। ये पैड प्योर कॉटन से बनाए जाते हैं और इनमें एलोवेरा चिप लगाई जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। ये पैड करीब 12 घंटे तक सुरक्षित रहते हैं और महिलाओं को आरामदायक अनुभव देते हैं। सिर्फ सेनेटरी पैड ही नहीं, पप्पी के यहां चप्पल और दोना-पत्तल बनाने का काम भी होता है, जिसमें लगभग 30 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा उनकी सहयोगी के नेतृत्व में लोअर, पेंट-शर्ट और ऑर्डर पर स्कूल ड्रेस भी तैयार की जाती हैं। आज उनके इस छोटे से प्रयास से धौलपुर जिले की करीब 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। सबसे खास बात यह है कि अब ये महिलाएं अपने परिवार के पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। परिवार का सहयोग भी उन्हें भरपूर मिल रहा है। पप्पी सक्सेना की यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। उनकी यह पहल न सिर्फ स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की नई राह भी दिखा रही है।
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