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Palwal121102

पलवल में 10 लाख का कर्ज ना देने पर 2 पर चलाई गई गोली

Jun 26, 2024 05:51:27
Palwal, Haryana

पलवल में तुमसरा गांव के युवक और उनके चचेरे भाई पर केएमपी फ्लाईओवर के नीचे कुछ लोगों ने गोली चला दी थी। सूचना के अनुसार एक की जान चली गई जबकि एक घायल हो गया था। वहीं घायल यूवक ने बताया कि यह हमला 10 लाख रुपये के कर्ज को लेकर हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

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PKPradeep Kumar
Feb 12, 2026 11:46:01
Sri Ganganagar, Rajasthan:एंकर अनूपगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत 14 एपीडी के ग्रामीणों ने आज गांव कमरानिया में सिंचाई विभाग के सरकारी क्वार्टरों पर हुए अतिक्रमण और कब्जे को हटवाने की मांग को लेकर अनूपगढ़ के एडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि 2 सरकारी क्वार्टरो पर एक व्यक्ति ने काफी समय से कब्जा किया हुआ है, जिसे हटवाने की मांग प्रशासन से कई बार की जा चुकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही कब्जा नहीं हटवाया तो ग्रामीण वाटरवर्क्स की पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों द्वारा धरना लगाए जाने पर तहसीलदार दिव्या चावला, एसएचओ ईश्वर जांगिड़, कृषि विभाग के सहायक निदेशक जसवंत सिंह बराड़ मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने बताया कि सिंचाई विभाग से मामले की जानकारी ली जा रही है और प्रशासन के द्वारा शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व उपसरपंच अमृतपाल सिंह रमाणा ने बताया कि गांव कमरानिया में स्थित कृषि विभाग की सरकारी भूमि पर गांव के ही व्यक्ति की तरफ से लंबे समय से अतिक्रमण किया हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में 18 सितंबर 2025 से लगातार कृषि विभाग, एसडीएम तथा एडीएम को कई बार अतिक्रमण हटवाने की मांग की जा चुकी है किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उन्हें टालने का प्रयास किया गया। ग्रामीण हनुमान ने बताया कि जिस भूमि पर विवाद है, वह वर्ष 1980 से पूर्व से कृषि विभाग के नाम दर्ज है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा उस पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। तहसीलदार दिव्या चावला ने बताया कि धरना स्थल पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाया गया था और उनसे जानकारी जुटा की गई थी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि प्रशासन के द्वारा मामले की जानकारी लेकर सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को जाब्ते के साथ मौके से तुरंत प्रभाव पर हटाया जाएगा।
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JGJugal Gandhi
Feb 12, 2026 11:45:49
Alwar, Rajasthan:हल्दीना गांव में एक युवक द्वारा अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया गया है। समय रहते परिजनों की नजर पड़ने से युवक की जान बच गई, हालांकि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, हल्दीना निवासी रामबीर, जो घरों में टाइल्स लगाने का काम करता है, ने कमरे में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। जैसे ही वह फंदे पर लटका, परिजन तुरंत कमरे में पहुंच गए और उसे नीचे उतार लिया। यदि परिवार के सदस्य समय पर नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फंदे से उतारने के बाद युवक अचेत हो गया और उसके मुंह से झाग आने लगे। परिजन उसे तुरंत मालाखेड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, रामबीर ने किन कारणों से यह कदम उठाया, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। वर्तमान में वह जयपुर में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
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RRRakesh Ranjan
Feb 12, 2026 11:45:37
Noida, Uttar Pradesh:दिनदहाड़े अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से जिले भर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है, दिन दहाड़े हुई घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराज़गी जताई और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई, अधिवक्ताओं ने रामपुर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, पुलिस के अनुसार इस हत्या कांड में दो लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, मुख्य आरोपी असगर अली को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि दूसरा आरोपी नीरज रस्तोगी अभी भी पुलिस की पकड़ से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है, आक्रोशित अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि फरार आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर एक्सन की कार्रवाई की जाए साथ ही पीड़ित अधिवक्ता के परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, वही इस विषय पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा
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Feb 12, 2026 11:45:34
Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान में लगातार हो रही देरी और तकनीकी समस्याओं के खिलाफ विरोध जताया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जनपद शाखा ने शासन को अल्टीमेटम देते हुए 'नो पे-नो वर्क' की चेतावनी दी है। संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. जावेद खान और जिला महामंत्री डॉ. आर.एल. गुप्ता ने प्रमुख सचिव को संबोधित ज्ञापन में बताया कि जुलाई 2025 से प्रदेश के लगभग 1.50 लाख कर्मचारियों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। SNA स्पर्श पोर्टल लागू होने के बाद 'बजट की कमी', 'बिल फेल' और 'लिमिट शून्य' जैसी समस्याओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने विभाग की विफलता पर प्रकाश डालते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।कर्मचारियों की मुख्य मांगों में प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय का अनिवार्य भुगतान और पिछले लंबित एरियर व इंक्रीमेंट का तुरंत भुगतान शामिल है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भुगतान व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जनपद के सभी संविदा कर्मचारी 'नो पे-नो वर्क' की नीति अपनाते हुए कार्य ठप कर देंगे और जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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NPNavratan Prajapat
Feb 12, 2026 11:45:24
Churu, Rajasthan:बजट से कर्मचारियों में आक्रोश, कलेक्ट्रेट के बाहर किया प्रदर्शन चूरू। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, मानदेय कर्मियों एवं पेंशनरों के लिए निराशाजनक बताते हुए आपणी योजना के आगे कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष रिछपाल चारण के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि बजट में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, 5 लाख से अधिक संविदा कर्मियों और बड़ी संख्या में मानदेय कर्मियों के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। कर्मचारियों की पदोन्नति एवं वेतन विसंगतियों के समाधान, कैडर पुनर्गठन, रिक्त पदों पर भर्ती तथा केंद्र के अनुरूप आठवें वेतन आयोग के संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। केवल समितियों के गठन की घोषणा कर कर्मचारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। महासंघ के जिला प्रवक्ता शुभकरण नैण ने कहा कि यह बजट कर्मचारियों की आशाओं पर कुठाराघात है। सरकार ने कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों को दरकिनार कर निराशा फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि ठोस निर्णय चाहते हैं। यदि शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो कर्मचारी वर्ग व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारी हितों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है, जिससे प्रदेशभर में रोष व्याप्त है। कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों, बैंक एवं बीमा यूनियनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर हड़ताल का समर्थन किया गया। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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Feb 12, 2026 11:43:03
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HUHITESH UPADHYAY
Feb 12, 2026 11:42:19
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर दो अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। दोनों ही मामलों में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए विद्यालयों को मूल स्थान पर ही सुरक्षित भवनों में संचालित रखने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि शिफ्टिंग के फैसलों से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पहला मामला रायपुर जंगल क्षेत्र के सिंघाड़े का खेड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को जर्जर घोषित कर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रिछड़ी में शिफ्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के दो परिसरों में से पूर्व दिशा का भवन जर्जर है, जिसमें दो कमरे और कार्यालय अनुपयोगी हो चुके हैं, जबकि पश्चिम दिशा का भवन पूरी तरह सुरक्षित है। इस भवन में तीन कमरे और बरामदा है, जहां पहले से कक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जाती थीं। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित भवन उपलब्ध होने के बावजूद पूरे विद्यालय को शिफ्ट करना बच्चों के हित में नहीं है। शिफ्टिंग के बाद छोटे बच्चों को प्रतिदिन रింద्घी तक जाना पड़ रहा है, जिससे आवागमन में कठिनाई, सुरक्षा का जोखिम और पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। जिस विद्यालय में कक्षाएं स्थानांतरित की गई हैं, वहां भी कक्षा एक से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं हैं। वही दूसरी ओर इसी प्रकार एमजीएसएस भागामढ़ विद्यालय का भवन अत्यधिक जर्जर होने पर शिक्षा विभाग द्वारा सील कर दिया गया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से ग्रामीणों तुफान पुत्र मोहन और रमेश पुत्र मोहन के निजी भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक माह से निजी भवन में नियमित पढ़ाई हो रही है, जहां बच्चों के बैठने, शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा दलोट द्वारा विद्यालय को एमजीएसएस बड़ीसाखथली स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए गए, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का तर्क है कि जुनाखला, वनीमानपुरा और भागामढ़ के बच्चों को दो से तीन किलोमीटर पैदल बड़ीसाखथली जाना पड़ेगा। रास्ता खराब होने और परिवहन सुविधा के अभाव में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा बना रहेगा तथा पढ़ाई भी प्रभावित होगी। ग्रामीणों का तर्क है कि जब गांव में ही सुरक्षित निजी भवन में विद्यालय सुचारु रूप से संचालित हो रहा है, तो शिफ्टिंग का आदेश व्यावहारिक नहीं है। दोनों ही मामलों में ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विद्यालयों को मूल स्थान पर ही यथावत संचालित रखने की अनुमति देने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
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ASAshok Singh Shekhawat
Feb 12, 2026 11:42:01
Sikar, Rajasthan:सीकर केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर आज सीकर जिले में विभिन्न क्षेत्र से जुड़े ट्रेड यूनियन संगठनों के हजारों मजदूरों ने हड़ताल रखें श्रम विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर अपना विरोध जताया। विभिन्न ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी और मजदूरों ने सीकर में भी हड़ताल रख जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को नोटिफाई किए गए चार लेबर कोड को रद्द करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन 26000 प्रति माह करने, आंगनबाड़ी कर्मियों व संविदा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण बंद करने व ठेका प्रथा पर रोक लगाने, बीवीजी रामजी को रद्द कर मनरेगा को बहाल करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और निर्माण मजदूर की सामाजिक सुरक्षा का BOCW अधिनियम 1996 व माइग्रेंट वर्कर अधिनियम 1970 की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। मजदूर ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी बृजसुंदर जांगिड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार 1 अप्रैल से कर सरल विरोधी कानून लगाने का प्रयास कर रही है जिसका पूरे देश में ट्रेड यूनियन की ओर से विरोध किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से 4 लेबर कोड लागू करेगी तो पूरे देश में सभी भारतीय ट्रेड यूनियन के संगठन मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सीटू, इंटक, एटक सहित भारतीय ट्रेड यूनियन के के पदाधिकारी सहित अन्य मजदूर वर्ग संगठन के लोग मौजूद रहे। बाइट - बृजसुंदर जांगिड़ ट्रेड यूनियन पदाधिकारी।
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ASABHISHEK SHARMA1
Feb 12, 2026 11:41:37
Chittorgarh, Rajasthan:बेगूं, चित्तौड़गढ़ - एंकर – चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं कस्बे में वर्तमान नगर पालिका बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उपखंड अधिकारी अंकित सांमरिया ने नगर पालिका प्रशासक के रूप में पदभार ग्रहण किया। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पदभार ग्रहण समारोह के दौरान ईओ विष्णु यादव, पंचायत समिति सदस्य शंभू लाल धाकड़ सहित पालिका स्टाफ उपस्थित रहा। इस अवसर पर कर्मचारियों ने साफा बंधवाकर और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। कार्यभार संभालने के बाद सांमरिया ने पालिका की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सुचारू संचालन के निर्देश दिए।
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KMKuldeep Malwar
Feb 12, 2026 11:41:26
Bagheri Kalan, Rajasthan:भिवाड़ी थाना क्षेत्र में भिवाड़ी मोड़ चौकी पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक महिला की जान बच गई। समय पर मिली सूचना और पुलिस टीम की तेजी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। दरअसल कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि अरावली विहार स्थित एक मकान में एक महिला आत्महत्या करने का प्रयास कर रही है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीण कुमार और कांस्टेबल विकास जाप्ते के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हुए और कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि महिला ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और महिला को संभाल लिया। सूत्रों के माने तो महिला ने पहले घर में आग लगाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद फांसी लगाने का प्रयास किया। इससे पहले कि वह अपने मंसूबे में कामयाब होती, पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसकी जान बचा ली। घटना के बाद महिला बेहोश हो गई, जिसे पुलिस ने तत्काल भिवाड़ी जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। महिला की पहचान गुंजन के रूप में हुई है, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका बताई जा रही है और अपने पति राजू के साथ अरावली विहार में रहती है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आत्महत्या के प्रयास के पीछे की असल वजह जानने में जुटी है।
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ASABHISHEK SHARMA1
Feb 12, 2026 11:41:01
Chittorgarh, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकों ने मानव श्रृंखला बनाकर केंद्र सरकार के बजट में आशा वर्कर्स के लिए किसी भी घोषणा नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आशा वर्कर्स को स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित करने, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने और सेवानिवृत्ति पर 10 हजार रुपये मासिक पेंशन लागू करने की मांग की। साथ ही ऑनलाइन कार्य के लिए मोबाइल व डाटा उपलब्ध कराने तथा अतिरिक्त कार्य का अलग इंसेंटिव देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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HUHITESH UPADHYAY
Feb 12, 2026 11:40:43
Pratapgarh, Rajasthan:चार श्रम कोड, मनरेगा बदलाव और निजीकरण के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चे ने सरकार को सौंपे ज्ञापन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर गुरुवार को प्रतापगढ़ में भी मजदूरों और किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तथा सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम कोडों को वापस लेने, मनरेगा को बहाल करने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और निजीकरण पर रोक लगाने सहित कई मांगें उठाईं। ज्ञापन में कहा गया कि 21 नवंबर को अधिसूचना के बाद केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से चारों लेबर कोड लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए ये कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करेंगे और बड़े पैमाने पर कामगारों को कानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर कर देंगे। उनका कहना है कि सरकार इन कोडों को मजदूर हितैषी बताकर प्रचार कर रही है, जबकि मजदूर संगठनों के अनुसार ये प्रावधान उद्योगपतियों के हित में हैं और श्रमिकों की सौदेबाजी की ताकत को कम करेंगे। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नई राष्ट्रीय श्रम और रोजगार नीति 2025 श्रम को अधिकार के बजाय कर्तव्य के रूप में परिभाषित करती है, जिससे श्रमिक अधिकारों की अवधारणा कमजोर पड़ सकती है। ट्रेड यूनियनों ने इसे संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया और चारों श्रम कोडों को रद्द कर पूर्व के 29 श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में प्रस्तावित बदलावों का भी विरोध किया। उनका कहना है कि विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के रूप में नया कानून लाकर मांग-आधारित रोजगार गारंटी की व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और वित्तीय जिम्मेदारी राज्यों पर डाली जा रही है। संगठनों का आरोप है कि इससे ग्रामीण मजदूरों का पलायन बढ़ेगा और सस्ते श्रम की उपलब्धता उद्योगों के लिए सुनिश्चित होगी। किसान संगठनों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी फसलों के लिए कानूनी एमएसपी गारंटी कानून लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही, कृषि, डेयरी और छोटे व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले अंतरराष्ट्रीय समझौतों को रद्द करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति, बिजली संशोधन विधेयक 2025, बीज विधेयक तथा विभिन्न क्षेत्रों में निजीकरण की प्रक्रिया का भी विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोयला, रेल, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निजीकरण से सामाजिक सुरक्षा और आम जनता की पहुंच प्रभावित होगी। प्रदर्शन के दौरान मजदूर-किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चारों श्रम कोड वापस लेने, मनरेगा को पूर्व स्वरूप में बहाल करने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाने की मांग दोहराई। बाइट- ज्ञापनकर्ता
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DGDeepak Goyal
Feb 12, 2026 11:39:03
Jaipur, Rajasthan:11 फरवरी को पेश हुए राजस्थान सरकार के बजट के बाद अब असली परीक्षा शुरू हो गई है......घोषणाओं को ज़मीन पर उतारने की........मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने साफ कर दिया है कि बजट केवल भाषणों और कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसी महीने से उसका असर आम लोगों को दिखना चाहिए.... मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव , प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिवों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बजट घोषणाओं के प्रस्ताव तय समय-सीमा में तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं भजनलाल सरकार के बजट की घोषणाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिवों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बजट घोषणाओं के प्रस्ताव तय समय-सीमा में तैयार कर भेजे जाएं। सीएस ने सभी विभागों से कहा है कि 11 फरवरी को पेश बजट में की गई हर घोषणा पर इसी माह से काम शुरू होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को 15 दिन में प्रस्ताव बनाकर संबंधित विभागों में भिजवाने होंगे। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा चाहे वह सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार या शहरी सुविधाओं से जुड़ी घोषणाएं हों। मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत कर लागू करने का रोडमैप तय किया है। तीन हिस्सों में बांटी गई बजट घोषणाएं मुख्य सचिव ने बजट की सभी घोषणाओं को तीन श्रेणियों में बांटकर उनके लिए अलग-अलग टाइमलाइन तय की है— -जिन पर सरकार का खर्च नहीं कुछ घोषणाएं ऐसी हैं जिनमें सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ता। जैसे नियमों में बदलाव, किसी योजना का विस्तार या प्रशासनिक फैसले। मुख्य सचिव ने आदेश दिए हैं कि ऐसे मामलों में सीधे विभागीय स्तर पर आदेश जारी कर उन्हें तुरंत लागू किया जाए। इसके लिए किसी वित्त या कार्मिक विभाग की अनुमति का इंतजार नहीं किया जाएगा। मतलब यह कि जनता को मिलने वाली कई सुविधाएं इसी महीने से मिलनी शुरू हो सकती हैं। 2-जिनमें खर्च नहीं, लेकिन अनुमति जरूरी कुछ मामलों में भले ही सरकार पर सीधा खर्च न हो, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए कार्मिक विभाग (DOP) या वित्त विभाग की मंजूरी जरूरी होती है। ऐसे सभी प्रस्तावों को भी 15 दिन के भीतर बनाकर संबंधित विभागों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं कोई फाइल अटकी न रहे। 3-जिन पर सरकारी खजाने से पैसा लगेगा जिन योजनाओं में सरकार को पैसा खर्च करना है जैसे सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल, योजनाएं या सब्सिडी उनके लिए 25 फरवरी तक पूरी फाइल तैयार कर भेजनी होगी। इन प्रस्तावों को एक साथ वित्त विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय भेजा जाएगा, ताकि स्वीकृतियां तेजी से मिलें और योजनाओं पर काम शुरू हो सके。 बहरहाल, सरकार चाहती है कि लोगों को सड़कों, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, शहरी सुविधाओं और योजनाओं का फायदा जल्दी मिले। मुख्य सचिव का यह आदेश प्रशासन पर साफ दबाव है कि घोषणा हुई है तो अब उसे जमीन पर उतारो। राज्य सरकार की कोशिश है कि योजनाओं पर काम शुरू हो जाए, ताकि लोगों को महसूस हो कि बजट केवल भाषण नहीं, बल्कि उनके जीवन में बदलाव लाने वाला दस्तावेज है।
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SLSanjay Lohani
Feb 12, 2026 11:38:42
Satna, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित है एक अनोखा और चमत्कारिक शिव धाम, जहां खंडित शिवलिंग की पूजा पूरे भक्ति-भाव से की जाती है। यह स्थान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सतना जिला मुख्यालय से मात्र 35 किलोमीटर दूर बिरसिंहपुर कस्बे में स्थित गैवीनाथ धाम भगवान शिव का प्राचीन और स्वयंभू तीर्थ है। यहाँ का शिवलिंग उज्जैन महाकालेश्वर का उपलिंग माना जाता है। यह मंदिर त्रेता युग से जुड़ा हुआ है और इसका वर्णन पद्म पुराण के पाताल खंड में मिलता है।हर सोमवार को यहाँ हजारों भक्त उमड़ पड़ते हैं, जबकि सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु पूरे मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से पहुंचते हैं। भक्तों की मान्यता है कि यहाँ मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और यहाँ जल चढ़ाने से चारों धाम की यात्रा का पुण्य प्राप्त होता है。 पौराणिक कथा: कैसे आया गैवीनाथ धाम का नाम? पद्म पुराण के अनुसार, त्रेता युग में इस स्थान का नाम देवपुर था और यहां राजा वीरसिंह का राज्य था। राजा प्रतिदिन घोड़े पर सवार होकर उज्जैन जाकर महाकाल को जल चढ़ाते थे। यह सिलसिला लगभग 60 वर्ष तक चलता रहा।जैसे-जैसे राजा वृद्ध होते गए, यात्रा कठिन हो गई। उन्होंने महाकाल से प्रार्थना की कि उनकी नगरी में ही दर्शन दें। एक रात महाकाल ने स्वप्न में राजा को दर्शन दिए और देवपुर में प्रकट होने की बात कही।उसी समय गैवी यादव नामक व्यक्ति के घर में चमत्कार हुआ – चूल्हे से शिवलिंग साकार रूप में निकलने लगा। गैवी की मां मुस्स से उसे अंदर धकेल देती थीं, लेकिन यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा। महाकाल ने फिर राजा के स्वप्न में कहा कि गैवी यादव उन्हें निकलने नहीं दे रहा।राजा ने गैवी को बुलाया, स्वप्न की बात बताई और स्थान खाली कराकर भव्य मंदिर बनवाया। महाकाल के निर्देश पर शिवलिंग का नाम गैवीनाथ पड़ा और तब से भगवान यहां गैवीनाथ महादेव के रूप में पूजे जाते हैं। यह शिवलिंग स्वयंभू और खंडित है। लोक मान्यता के अनुसार मुगल शासक औरंगजेब ने सोने के लालच में इस शिवलिंग को तोड़ने का प्रयास किया। उसने तलवार (या टांके) से वार किए: ▪️पहला वार → दूध निकला ▪️दूसरा वार → खून बहा ▪️तीसरा वार → मवाद निकला ▪️चौथा वार → फूल, बेलपत्र आदि निकले ▪️पाँचवां वार → जीव-जंतु (मधुमक्खियां आदि) निकले चमत्कार देख औरंगजेब की सेना भयभीत हो गई। उसे जान बचाकर भागना पड़ा और क्षमा याचना करनी पड़ी। आज भी शिवलिंग पर वे निशान मौजूद बताए जाते हैं। इसी कारण यहां खंडित शिवलिंग की विशेष पूजा होती है – यह भारत में अपनी तरह का अनोखा मंदिर है। विशेष मान्यताएं और महत्व यहां चारों धाम (बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम) का जल चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि चारों धाम का जल यहां चढ़ाए बिना यात्रा अधूरी रहती है। चारों धाम के दर्शन से जितना पुण्य मिलता है, उससे अधिक यहां जल चढ़ाने से मिलता है। विंध्य क्षेत्र सहित पूरे मध्य भारत में यह आस्था का प्रमुख केंद्र है। भक्त यहां मन्नत मांगते हैं और भोलेनाथ उनकी हर इच्छा पूरी करते हैं। गैवीनाथ धाम न सिर्फ एक मंदिर है, बल्कि अटूट आस्था, चमत्कार और शिव भक्ति का जीवंत प्रतीक है – जहाँ खंडित रूप में भी भगवान भोलेनाथ पूर्ण रूप से विराजमान हैं।
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