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कोसी बाढ़ में डूबे स्कूल: शिक्षकों-शिक्षिकाओं ने पानी में तैरकर पढ़ाने को मजबूर, स्कूल बंद

Saharsa, Bihar:एंकर - सहरसा में Zee Media के खबर का एकबार फिर से बड़ा असर हुआ है, दरअसल Zee Media ने बाढ़ से घिरे स्कूल में जान जोखिम में डालकर गहरे पानी के बीच तैरकर स्कूल जा रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं की खबर को प्रमुखता से दिखाया था. जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्कूल को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया है. आपको बता दें लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है. जलस्तर में बढ़ोतरी होने से जिले के बनमा इतहरी प्रखंड क्षेत्र के भेरहा गांव सहित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर चुका है, स्कूल और गांव जानेवाली मुख्य सड़क डूब चुकी है, इस स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक स्कूल जाने से पहले अपने पेंट शर्ट उतारकर गमछा पहनकर चप्पल हाथ में ले गहरे पानी में तैरकर स्कूल जाने को विवश थे, वहीं स्कूल की शिक्षिकाएं भी पानी में तैरकर स्कूल जाने को मजबूर थीं. वहीं Zee Media ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया तो जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए स्कूल को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश जारी किया है.
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फरीदाबाद NEET पेपर लीक कांग्रेस ने पुलिस डिटेन की निंदा, विपक्षी आवाज दबाने का आरोप

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में एनईईटी पेपर लीक को लेकर एक तरफ छात्र सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के बड़े नेता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। कांग्रेस के नेताओं के निर्देश पर देश भर के कांग्रेसी नेता अब विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तैयारी कर रहे थे, परंतु उनके निकलने से पहले ही कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को पुलिस ने डिटेन कर लिया। सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सरकार तानाशाही कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज छात्रों के साथ हो रही बर्बरता और विपक्ष की आवाज दबाने का काम सरकार कर रही है, जिसका सरकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा。
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हरियाणा में नगर पालिका और फायर ब्रिगेड कर्मियों का विरोध-प्रदर्शन, सरकार को 5 अगस्त तक अल्टीमेटम

Ambala, Haryana:अपनी लंबित मांगों को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संघ और फायर ब्रिगेड कर्मियों का पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन जारी है। आज इस आंदोलन के अंतिम दिन कर्मचारियों ने अंबाला में जोरदार रैली निकालीं। इस दौरान सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। अपनी मांगों को मनवाने के लिए नगर पालिका कर्मचारी संघ और फायर ब्रिगेड कर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन आज अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। अंबाला और पंचकूला में आज जोरदार रैलियां निकालकर कर्मचारियों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं, तो राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है अपनी जायज मांगों के लिए वे 13 तो और 37 दिनों तक हड़ताल कर चुके है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी सुध नहीं ले रही। अंबाला छावनी के इंदिरा पार्क में आयोजित सभा में संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ कई मांगों पर सहमति बेटी बनी थी, लेकिन आज तक उनका लिखित परिपत्र जारी नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार को 5 अगस्त तक का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस समयावधि में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े और कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
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अंबाला पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान तेज; 12 मकानों को सील

Ambala, Haryana:अंबाला पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान अब और अधिक आक्रामक हो गया है। पुलिस न सिर्फ तस्करों को गिरफ्तार कर रही है, बल्कि नशे के काले कारोबार से बनाई गई अवैध संपत्तियों को भी लगातार ध्वस्त और सील कर रही है। इसी कड़ी में आज अंबाला शहर की डेहा कॉलोनी में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई देखने को मिली, जहां एनडीपीएस एक्ट के आरोपियों के मकानों पर पीला पंजा और सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई है। अंबाला शहर की डेहा कॉलोनी में आज भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम ने दस्तक दी। प्रशासन का यह सख्त अभियान उन लोगों के खिलाफ चलाया गया, जिनके मकान एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों के आरोपियों से जुड़े हैं। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए करीब 12 मकानों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। किसी भी संभावित विरोध या तनाव से निपटने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए अंबाला शहर कोतवाली थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने बताया कि नगर निगम के इस अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। स्पष्ट है कि अंबाला पुलिस और प्रशासन ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ कमर कस ली है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है, और प्रशासन के इस संदेश से साफ है कि अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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झारखंड बीजेपी ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया; प्रशासन ने भारी सुरक्षा तैनात

Ranchi, Jharkhand:झारखंड बीजेपी ने आज झारखंड कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के द्वारा पीएम आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के बाद बीजेपी ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव और कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया था। बीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर सख्त बेरिकेटिंग किया था। जेपीएससी का घेराव करने के बाद बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के घेराव करने पहुंचे। बीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर तैनात कर दिया गया था, इस दौरान धक्का मुक्की भी देखने को मिला। एक तरफ से कांग्रेस कार्यकर्ता और दूसरी तरफ बीजेपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। दोनों तरफ से नारेबाजी देखने को मिला। बीजेपी के प्रदर्शन के बाद झारखंड कांग्रेस ने गुरुवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है।
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अरनोद में शहरी सेवा फॉलोअपshivर, एक ही छत के नीचे सरकारी योजनाओं का लाभ

Pratapgarh, Rajasthan:अरनोद में शहरी सेवा फॉलोअप शिविर: एक ही छत के नीचे सरकारी योजनाओं का लाभ प्रतापगढ़ जिले के अरनोद में राज्य सरकार के निर्देशानुसार पंचायत समिति सभागार में शहरी सेवा फॉलोअप शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहकर आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में तहसीलदार एवं अधिशासी अधिकारी नितिन मेरावत, गिरदावर निलेश बैरागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं। यहां आने वाले लोगों के आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। शिविर में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण-पत्र, पट्टे, पीएम स्वनिधि सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और अन्य विभागों से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आमजन को राहत मिल रही है और लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
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आरा में जंतर मंतर प्रदर्शन की आग, कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

Mumbai, Maharashtra:दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्रों के प्रोटेस्ट का आग आरा तक पहुंच गया है।आज आरा में छात्रों पर हुए बर्बरता को ले कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है और मोदी सरकार का पुतला दहन भी किया है।इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता आरा शहर में घूम घूम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहें।कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ खासा गुस्सा देखने को मिला।प्रदर्शन कर रहे कोंग्रेसियों ने केंद्र सरकार के नाकामियों को गिनाया और कहा कि जिस तरह से भारत के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ये सरासर गलत है।केंद्र सरकार लाख उपाय करती है मगर परिक्षाओं के पेपर लीक हो जाते है।कांग्रेसियो ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्रों पर बर्बरता सरासर सरकार की नाकामियों को दर्शाता है。
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दिल्ली HC में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध याचिका पर सुनवाई जारी

Noida, Uttar Pradesh:जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर दिल्ली HC में सुनवाई जारी याचिककर्ताओं की वरिष्ठ वकील विकास सिंह, हरिहरन और गोपाल शंकर नारायणन दलील रख रहे हैं। हरिहरन ने कहा प्रदर्शनकारियों पर बेहद क्रूरता से बल प्रयोग किया गया। मैं यह नहीं कह रहा कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने या रास्ता तय करने का अधिकार नहीं था, लेकिन जिस तरह से कार्रवाई की गई, वह गलत थी। हरिहरन ने दलील दी -हमारे पास कई वीडियो हैं जिन्हें कोर्ट देख सकता है। इनमें पुलिस ऐसे डंडों का इस्तेमाल करती दिख रही है जिनमें कीलें लगी हुई हैं। छात्रों पर पेलेट्स और इलेक्ट्रिक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया। क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा? हरिहरन ने कहा-प्रदर्शन का मकसद पूरी तरह कानूनी था। छात्र सिर्फ NEET परीक्षा को लेकर अपनी शिकायतें रखना चाहते थे। उस समय धारा 144 भी लागू नहीं थी। हरिहरन ने दलील दी कि अगर बाद में भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई थी, तब भी कानून के अनुसार कार्रवाई का एक तय तरीका होता है। पुलिस की पहले चेतावनी देनी चाहिए थी। लेकिन कोई सबूत नहीं है कि पुलिस ने पहले चेतावनी दी या सीटी बजाकर लोगों को बताया कि अब वो फोर्स का इस्तेमाल करेगी। यहां तक कि अंग्रेजों के शासन में भी ऐसी प्रक्रिया का पालन किया जाता था। यहां पुलिस की कार्रवाई बदले की भावना से की गई लगती है। वकीलों ने कोर्ट से वीडियो देखने का आग्रह किया। हरिहरन ने दलील दी कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के साथ छेड़छाड़ भी की गई। इसलिए मैं चाहता हूं कि कोर्ट वीडियो देखे। जिन पुलिसकर्मियों की पहचान हो सकती है, उनके खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। अगर किसी ने पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाई है तो उस पर कार्रवाई हो। लेकिन यहाँ 90 से ज्यादा छात्र भी घायल हुए हैं। हरिहरन और विकास सिंह से मांग कि सारे CCTV फुटेज सुरक्षित रखें जाए। हरिहरन ने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की जाए। दिल्ली पुलिस खुद अपनी जांच नहीं कर सकती। यह जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए। वकील ने दलील दी कि कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी महिला प्रदर्शनकारियों के साथ छेड़छाड़ करते और उनके निजी अंगों पर डंडे मारते दिखाई दे रहे हैं। यह बेहद भयावह और शर्मनाक है। वकील गोपाल शंकर नारायणन-मैंने इस मामले से जुड़े 130 से ज़्यादा वीडियो देखे हैं। इन वीडियो ने बड़ी संख्या में ऐसे लोग दिखाई दे रहे हैं जो पुलिस की वर्दी में नहीं थे। कई पुलिसकर्मी वर्दी में तो थे, लेकिन उन्होंने अपना नेम टैग नहीं लगाया हुआ था। गोपाल शंकर नारायणन- एक वीडियो में एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा एक महिला को बिना किसी वजह के थप्पड़ मारते हुए दिखाई देते हैं। वह महिला कुछ भी नहीं कर रही थी। अधिकारी उसके पास से गुजरते हुए अचानक उसके चेहरे पर थप्पड़ मार देते हैं। ऐसे अधिकारी को कोर्ट में बुलाया जाना चाहिए और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वकील शंकर नारायणन-सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसलों के मुताबिक भी आंसू गैस का इस्तेमाल केवल आखिरी विकल्प के रूप में किया जाना चाहिए। लेकिन वीडियो में दिख रहा है कि महिलाओं और छोटे बच्चों पर भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वकील गोपाल-हमारे पास तमाम वीडियो है। एक वीडियो में पुलिसकर्मी हेलमेट, टी-शर्ट और जींस पहने हुए दिखता है। एक दूसरी वीडियो में एक पुलिसकर्मी भाग रहे प्रदर्शनकारी को पैर अड़ाकर गिरा देता है। जैसे ही वह गिरता है, चार पुलिसकर्मी मिलकर उस पर हमला कर देते हैं। एक दूसरे वीडियो में एक वाहन के अंदर बड़ी मात्रा में पत्थर भरे हुए दिखाई देते हैं। ऐसा लगता है कि इन पत्थरों का इस्तेमाल बाद में यह दिखाने के लिए किया जाना था कि प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की थी, ताकि दोष उन्हीं पर डाला जा सके। ASG एसवी राजू पेश हो रहे हैं। राजू -लोग पब्लिसिटी हासिल करने के लिए जनहित याचिका दाखिल करें। जो लोग कोर्ट आए हैं, उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस का रुख नहीं किया। सबूतों के साथ मजिस्ट्रेट कोर्ट नहीं गए। ASG-यह कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था। पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। ऐसे वीडियो हैं कि भीड़ पथराव में शामिल थी और گاड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया।
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