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Aimim प्रवक्ता के कांवड़ यात्रा रूट पर मेरठ प्रशासन पर हमला, मार्ग बंद

Moradabad, Uttar Pradesh:Aimim प्रवक्ता शादाब चौहान का कावड़ यात्रा रूट पर सख़्ती कों लेकर मेरठ जिला प्रशासन पर हमला, रोडवेज बसों कों शहर के बाहर से संचालन करने से सबको दिक्कते होंगी, शहर के मुख्य मार्गो कों अधिकतर बंद कर वैकल्पिक मार्गो कों अपनाने कों सचेत किया गया, अलग से मार्गो के अलावा भी मुख्य मार्गो पर कावड़ यात्रा कों सुविधा दी जायेगी, हम सभी की आस्था का सम्मान करते है, लेकिन सवाल ये है की जो लोग 2 मिनट की ईद की नमाज से आपत्ति कर रहे थे..... यही मेरठ में मुकदमा दर्ज किए जा रहे थे.... पासपोर्ट रद्द करने की बात चल रही थी, बरेली में घर में नमाज पड़ी जा रही थी तब भी मुकदमा दर्ज हो रहा था, तब तो जहां जा रहा था सड़के चलने के लिए है ना की धार्मिक आस्था के लिए.... एम्बुलेंस और आम लोगो की दिक्कते होने की बाते हो रही थी, अब 15 दिन स्कूल और रास्ते बंद रहेंगे..... गरीब लोग 8 किलोमीटर दूर कैसे बस पकड़ने जायेंगे उसकी क्या व्यवस्था करेंगे, क्या भारत के संविधान ने एक ही आस्था कों सुप्रीम बनाया.....भारत में तो सबको बराबरी का हक़ है, जो लोग 2 मिनट की नमाज पर बड़ी बाते कर रहे थे की हमने मुख्यमंत्री जी नमाज बंद करा दी....... भारत के संविधान में कहाँ प्रावधान है की एक आस्था व्यक्त करने वालो पर आप कार्यवाही करेंगे.....और दूसरे आस्था व्यक्त करने वालो पर सरकारी पैसे से पुष्प वर्षा करेंगे। जो अधिकारी मुकदमे दर्ज कर रहेथे now वही अधिकारी सरकारी हेलीकाप्टर से फूल वर्षाएंगे और कावड़ियों के पैर दबाते नजर आएंगे, ये कौनसी पुलिस की रूल बुक के अनुसार है। कुछ गुंडे पहचान बताने के नाम पर मुस्लिम दुकानदारों की दुकान पर जा रहे है, उन्हें किसने अधिकार दिया जो चेकिंग कर रहे है।
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गाजीपुर विनीत राय केस: कोतवाल-डरोगा को निलंबन, सख्त कार्रवाई का निर्देश

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर विनीत राय हत्याकांड में दो पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, लापरवाही पर कोतवाल और दरोगा सस्पेंड, डीआईजी का सख्त एक्शन तत्कालीन कोतवाली प्रभारी दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र सस्पेंड पूर्व शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने पर डीआईजी वाराणसी का सख्त एक्शन जांच में दोनों अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता आई सामने मृतक के पिता ने घटना से पहले कई बार दी थी कटरा गैंग की शिकायत समय रहते कार्रवाई न होने से हुई थी विनीत राय की निर्मम हत्या दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी दिए गए आदेश डीआईजी का संदेश— लापरवाही बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई गाजीपुर के बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मामले में पूर्व शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को onmiddell प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। दरअसल गाजीपुर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को निलंबित कर दिया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मृतक विनीत राय के पिता आलोक राय ने शिकायत की थी कि घटना से पहले उन्होंने कई बार कटरा गैंग की गतिविधियों की शिकायत थाना कोतवाली में की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के चलते बाद में विनीत राय की निर्मम हत्या हो गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के बावजूद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। वीडियो साक्ष्य होने बाद भी विपक्षी पक्ष के खिलाफ गंभीर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि गैंगस्टर एक्ट में नाम होने के बावजूद केवल सामान्य कार्रवाई कर मामले को टाल दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतों की गंभीरता से जांच नहीं की गई और हल्का प्रभारी द्वारा बिना गहन पड़ताल के सरसरी आख्या भेज दी गई। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और उपनिरीक्षक को अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाह, उदासीन और स्वेच्छाचारी माना गया। इसी आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने स्पष्ट किया है कि गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी。
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सीएम निर्देशों के अनुसार गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की सुरक्षा मजबूत, अधिकारी निरीक्षण पर केंद्रित

Mathura, Uttar Pradesh:मुड़िया पूर्णिमा मेला 2026: सीएम योगी के निर्देश पर गोवर्धन पहुंचे उच्चाधिकारी, एडीजी और कमिश्नर आगरा ने परिक्रमा मार्ग का किया संयुक्त निरीक्षण मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंगलवार को शीर्ष अधिकारियों की टीम गोवर्धन पहुंची। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) एस.के. भगत और आगरा मंडल के मंडलायुक्त (कमिश्नर) नागेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से गोवर्धन परिक्रमा मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी मथुरा चंद्र प्रकाश सिंह (सी.पी. सिंह) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं का लिया जायजा निरीक्षण दल में डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय और एसएसपी श्लोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात प्रबंधन, पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से रखी जा रही पल-पल नजर मुड़िया पूर्णिमा मेले की संवेदनशीलता और विशाल जनसमूह की संभावना को देखते हुए मुख्य सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से परिक्रमा मार्ग की हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की सख्त हिदायत वरिष्ठ अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग और विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं पर तैनात सभी पुलिस व प्रशासनिक कर्मियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके。
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यूसीसी मसौदे पर राजस्थान सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक, 5 अगस्त तक सुझाव आमंत्रित

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में समान सिविल संहिता (यूसीसी) के प्रारूप को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय परामर्श बैठक हुई। उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों, आयोगों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मसौदे के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। समिति ने प्रदेशवासियों से 5 अगस्त तक आधिकारिक पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से सुझाव देने की अपील की है। बैठक में समिति ने स्पष्ट किया कि यूसीसी के तहत संविधान के अनुच्छेद-25 में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, रीति-रिवाज, परंपरागत वैवाहिक विधियों या जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। समिति सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं में बदलाव करना नहीं, बल्कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने से बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगेगी। वहीं लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन का प्रस्ताव केवल महिलाओं और ऐसे संबंधों से जन्मे बच्चों को कानूनी, सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से रखा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर सावंत ने बताया कि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए करीब 2 करोड़ नागरिकों तक संदेश भेजे जा रहे हैं। लोग पोर्टल या प्राप्त लिंक के माध्यम से सीधे अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने कहा कि यूसीसी लैंगिक न्याय और सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विभागीय वेबसाइट पर नागरिकों की सुविधा के लिए सरल प्रश्नावली और क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। समिति अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजीता प्रकाश देसाई ने कहा कि समिति पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक है। इसका उद्देश्य लैंगिक असमानताओं को दूर कर महिलाओं, बच्चों और समाज के संवेदनशील वर्गों को बेहतर कानूनी एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गृह (अपील) विभाग के संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने बताया कि अब तक पोर्टल और क्यूआर कोड के माध्यम से 42 हजार से अधिक नागरिक अपनी राय दे चुके हैं। अधिकांश प्रतिक्रियाएं यूसीसी के प्रस्तावित प्रावधानों के समर्थन में प्राप्त हुई हैं।
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राजस्थान के ग्रामीण पेयजल सुधार के लिए 80 हजार करोड़ का एक्शन प्लान

Jaipur, Rajasthan:Anchor--राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में पेयजल परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने, तकनीकी स्टाफ की भर्ती तेज करने और पंचायतों के जरिए योजनाओं के स्थायी संचालन पर फैसला लिया गया। बैठक में मुख्य सचिव ने वित्त विभाग और जन स्वास्थ्य अभियानों इंजीनियरिंग विभाग (पीएचईडी) को 80 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय रोडमैप को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले वित्तीय सहयोग का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए सभी महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाएं तय समय में पूरी की जाएं। सरकार जल्द ही 'जल अर्पण' कार्यक्रम शुरू करेगी। पहले चरण में 1200 से अधिक पूर्ण हो चुकी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को पंचायतों के सहयोग से समुदाय को सौंपा जाएगा, ताकि उनका संचालन और रखरखाव स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से हो सके। बैठक में पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए तकनीकी मानव संसाधन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए समयबद्ध भर्ती कैलेंडर तैयार कर जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएंगी। राजस्थान ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता निगम (आरडब्ल्यूएसएससी) को मजबूत बनाने के लिए 3 हजार जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट के पद सृजित किए जाएंगे। इनकी भर्ती आईबीपीएस के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होगी। साथ ही निगम में प्रोक्योरमेंट और तकनीकी समितियों का गठन कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। ग्रामीण पेयजल योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन के लिए नई ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को पंचायतों की स्थायी समिति के रूप में सशक्त किया जाएगा। वहीं, सुजलम शक्ति समूहों और नल जल मित्रों को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण युवाओं और महिला समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जाएंगे।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 139 नशीली गोलियां और 800 ग्राम गांजा जब्त

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 139 नग नशीली टेबलेट, 800 ग्राम गांजा, एक हजार रुपये की बिक्री रकम और घटना में प्रयोग लाये मोटरसाइकिल जब्त की है। यह पूरी कार्रवाई सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पचरी घाट इलाके में की गई, जहां आरोपी अवैध रूप से इन मादक पदार्थों का विक्रय कर रहा था। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि अरपा नदी किनारे पचरी घाट क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध रूप से नशीली गोलियां और गांजा बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और मौके से आरोपी देवेन्द्र इंगले को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से नाइट्र्राजेपाम और नाइट्रोसुन ब्रांड की 139 नशीली टेबलेट के साथ-साथ 800 ग्राम गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तारी किए गए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में एण्ड-टू-एन्ड विवेचना कर रही है ताकि इन नशीले पदार्थों के मुख्य स्रोत, सप्लायरों और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी गहराई से जांच की जा रही है.
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भूपेश बघेल के बयान पर टंकराम वर्मा का पलटवार: कांग्रेस विरोध और मुफ्त बिजली

Raipur, Chhattisgarh:स्मार्ट मीटर को लेकर दिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा का पलटवार, कहा- कांग्रेस ने हर चीज का विरोध करना अपना उद्देश्य बना लिया है, कांग्रेस ने तो राम मंदिर का भी विरोध किया. कांग्रेस नहीं चाहती की प्रदेश आगे बढ़े, वो तो कुछ भी होता है तो धरने-प्रदर्शन पर बैठ जाते हैं, हम तो मुफ्त बिजली की तरफ बढ़ रहे हैं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नये शिक्षा मंत्री को लेकर दिए भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा- भूपेश बघेल को बोलने का अधिकार नहीं, उनके समय यूपीए की सरकार में रोज एक नया भ्रष्टाचार सामने निकल कर आता था. हमारे भाजपा के सरकार में 14 साल में एक दाग नहीं लगा. लगातार नीट पेपरलीक मामले में कार्रवाई हो रही है, सरकार बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है
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युवा सलाहकार परिषद से यूपी के नीति-निर्माण में युवाओं को भागीदारी: CM-YAC की पहल

Noida, Uttar Pradesh:युवाओं को नीति-निर्माण का साझेदार बनाने की पहल — डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को “मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति (CM–YAC)” के गठन का प्रस्ताव भेजा रोजगार, शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, AI, स्टार्टअप, कौशल विकास, मानसिक स्वास्थ्य एवं डिजिटल भविष्य जैसे विषयों पर मुख्यमंत्री को सीधे नीति-सुझाव देंगे युवा लखनऊ | 28 जुलाई 2026 सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को एक विस्तृत नीति-पत्र भेजकर “मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति (Chief Minister’s Youth Advisory Council – CM–YAC)” के गठन का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच एक स्थायी, संस्थागत एवं निरंतर संवाद स्थापित करना है, ताकि युवाओं के विचार, अनुभव, नवाचार और सुझाव सीधे शासन एवं नीति-निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें। अपने पत्र में डॉ. सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, निवेश, आधारभूत संरचना, डिजिटल गवर्नेंस तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब आवश्यकता है कि विकास की इस यात्रा के अगले चरण में युवाओं को केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि शासन के सक्रिय साझेदार के रूप में भी स्थान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बदलता रोजगार बाज़ार, प्रतिस्पर्धी परीक्षाएँ, कौशल की नई आवश्यकताएँ, स्टार्टअप संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य तथा डिजिटल जीवन युवाओं की प्राथमिकताओं को तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच संवाद केवल अवसर-विशेष तक सीमित नहीं रह सकता। एक ऐसी स्थायी संस्था की आवश्यकता है जो सरकार को वर्षभर युवाओं की सोच, अपेक्षाओं, चुनौतियों और उभरते विषयों से जोड़कर रखे। प्रस्ताव में लगभग 31 सदस्यीय “मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति” गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करें। समिति में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20 उत्कृष्ट युवा सदस्य शामिल हों, जिनका चयन पूर्णतः योग्यता एवं पारदर्शिता के आधार पर किया जाए। इनमें UPSC एवं UPPSC के सफल अभ्यर्थी, IIT-JEE एवं NEET के शीर्ष प्रतिभागी, IIT, IIM, AIIMS एवं NLU के विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, MIT एवं स्टैनफोर्ड सहित विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र, युवा वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप उद्यमी, नवप्रवर्तक, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, युवा किसान तथा आकांक्षी जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। समिति में कम से कम 40 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी अनुशंसा की गई है। डॉ. सिंह ने सुझाव दिया है कि समिति प्रत्येक तीन माह में बैठक करे, वर्ष में एक बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “मुख्यमंत्री युवा संवाद” आयोजित किया जाए तथा “युवा सेतु–यूपी” नामक डिजिटल पोर्टल स्थापित किया जाए, जिसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी युवा अपने सुझाव और समस्याएँ सीधे सरकार तक पहुँचा सके। समिति प्रतिवर्ष “उत्तर प्रदेश युवा स्थिति रिपोर्ट” प्रकाशित करे तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित “Youth Pulse Report” उपलब्ध कराए, जिससे रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, भर्ती परीक्षाओं, मानसिक स्वास्थ्य, स्टार्टअप, AI, खेल एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रमाण-आधारित नीति-सुझाव प्राप्त हो सकें। पत्र में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि समिति की अनुशंसाओं पर संबंधित विभाग 60 दिनों के भीतर अपना उत्तर दें तथा आवश्यकता पड़ने पर समिति प्रदेशभर में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, ITI, कौशल संस्थानों, कोचिंग केन्द्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक युवा संवाद आयोजित करे。 डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवा होते हैं। जब युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि नीति-निर्माण का भागीदार बनाया जाता है, तब शासन अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और भविष्य-दृष्टि वाला बनता है। सहभागी शासन लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तर प्रदेश इस पहल को लागू करता है, तो वह देश का पहला राज्य होगा जहाँ मुख्यमंत्री स्तर पर युवाओं को औपचारिक रूप से नीति-निर्माण से जोड़ा जाएगा। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों तथा भारत सरकार के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। इसी उद्देश्य से इस प्रस्ताव की एक प्रति माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार को भी प्रेषित की गई है, जिसमें भारत सरकार के स्तर पर “राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद (National Youth Advisory Council – NYAC)” के गठन पर विचार करने का अनुरोध किया गया है, ताकि देशभर के प्रतिभाशाली युवाओं को भी राष्ट्रीय नीति-निर्माण में संस्थागत भागीदारी का अवसर मिल सके।
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गोपालगंज के सदर अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन कमी, मरीज लौट रहे हैं

Gopalganj, Bihar:जिले के आईएसओ प्रमाणित सदर अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी के पीएचसी में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरे जिले से मरीज सदर अस्पताल आ रहे हैं और इंजेक्शन के अभाव में वापस लौटने को मजबूर हैं। सदर अस्पताल में जीवनरक्षक एंटी रैबीज इंजेक्शन पिछले इतने दिनों से उपलब्ध नहीं है। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँच रहे मरीजों को बिना इंजेक्शन लिए वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग निजी मेडिकल दुकानों से महंगे दाम पर इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हैं। गोपालगंज सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मॉ. इसराइल ने बताया कि जिले में इंजेक्शन का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि इंजेक्शन की मांग बनाकर विभाग को भेज दी गई है, लेकिन पटना से अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। सिविल सर्जन ने कहा कि आपूर्ति के लिए रिमाइNDER भेजा जा चुका है और जल्द स्टॉक मिलने की उम्मीद है। जैसे ही पटना से नई खेप पहुँचेगी, सदर अस्पताल में मरीजों को फिर से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
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ईडी कार्रवाई पर भाजपा नेता अमर बाउरी का कड़ा सवाल: निष्पक्ष जांच हो

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा दिए गए बयान पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पर गंभीर आरोप लगते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। अमर बाउरी ने कहा कि जयराम महतो ने राजनीति में आने के समय व्यवस्था में शुचिता लाने की बात कही थी, लेकिन उन पर भी समय-समय पर कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में यदि आवश्यकता हो तो उनकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने डुमरी टोल प्लाजा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कोयला लदे ट्रकों को रोके जाने का मामला सामने आया था, लेकिन दूसरे-तीसरे दिन वह मुद्दा समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि यह जनता का सवाल है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कानून की नजर में सत्ता और विपक्ष सभी बराबर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानून किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। यदि किसी के खिलाफ जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त आधार हैं तो कानून अपना काम करेगा और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता。
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