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Rajkumar BhatiRajkumar BhatiFollow4 Sept 2024, 04:54 pm
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इटियाथोक उपडाकघर से बैग में रखी 50 हजार का नगदी भी बरामद किया है

Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। उपडाकघर से गुरुवार दोपहर को डाक विभाग के एक अभिकर्ता का बैग में रखा पचास हजार रुपया चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद उप डाकघर कार्यालय में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।सूचना पर पहुंची डायल 112 व कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में तहरीर दी है। *घटना का विवरण* इटियाथोक थाना क्षेत्र के अयाह गांव निवासी संत प्यारे तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब दस बजे इटियाथोक उपडाकघर के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अपने बैग में पचास हजार रुपये डाकखाने में जमा करने के लिए रखे थे। *चोरी की प्रक्रिया* आरोप है, कि वह अपना बैग टेबल पर रखकर सामने काउंटर पर चले गए।थोडी ही देर बाद लौटने पर बैग में रखा सारा रुपया गायब मिला। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। *सीसीटीवी फुटेज और पुलिस कार्रवाई* इटियाथोक उप डाकघर में उप पोस्टमास्टर पद पर कार्यरत कमलेश कुमारी वर्मा ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से कई बार सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए अवगत कराया जा चुका है । मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा न होने से लोगों के बीच चोर उचक्कों का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां किसी गार्ड की भी तैनाती नहीं है। इस घटना के बाद से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।
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बिहार की अंशुल होम्स ने 12 साल पूरे, 200+ परिवारों के सपनों के घर, H2O CITY फेज-2

Danapur, Bihar:बिहार में अंशुल होम्स ने 12 साल सफलता पूर्वक पूरा किया। इस भव्य समारोह में विकास के नए विजन का ऐलान किया गया। 200 से ज्यादा परिवारों को मिला अपने घर का सपना। H2O CITY फेज-2 अंतिम चरण में है। बिहार के रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी पहचान बना चुकी अंशुल होम्स प्राइवेट लिमिटेड ने बिहार में अपनी सफलता के 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर पटना के दानापुर स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कंपनी के निदेशक ने कहा कि अंशुल होम्स लगातार गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और अब तक 200 से ज्यादा परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिल चुका है। वहीं कंपनी का H2O CITY फेज-2 अंतिम चरण में है, जिसमें कुल 310 प्लॉट्स का प्रोजेक्ट बताया गया है। कंपनी ने आने वाले समय में H2O CITY फेज-4 और गायत्री समेत नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की भी बात कही है। बिहार में 12 साल का सफर पूरा करने के बाद कंपनी की अब तक की उपलब्धियां और आने वाले प्रोजेक्ट्स। यानी 12 साल के सफर के बाद अंशुल होम्स अब अपने विस्तार की नई कहानी लिखने की तैयारी में है। कंपनी का फोकस गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ ग्राहकों के भरोसे को और मजबूत करने पर है। अंशुल होम्स के निदेशक ने बताया कि मेरे 12 साल के सफर में हर घर के सपने को पूरा करने का प्रयास किया है पिछले 12 साल में अंशुल होम्स ने कस्टमर का भरोसा पाया है इसके वजह से आज कम से कम 1200 फ्लैट Under Construction है, और हमारे कस्टमर को भरोसा है कि उन्हें फ्लैट बनकर मिलेगा।
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फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ा, समैचीपुर चितार गांव खाली कराए गए

Noida, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में गंगा का रौद्र रूप , समैचीपुर चितार पूरा गांव खाली कराने की नौबत कई मकान गंगा में समाए, सड़कों पर बह रही तेज धार—स्टीमर से ग्रामीणों का रेस्क्यू गंगा नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर , रामगंगा नदी भी पहुंची खतरे के निशान पर एंकर - फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है। कायमगंज तहसील के शमसाबाद क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में हालात बेहद चिंताजनक हैं। गांव चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है और सड़कों पर भी तेज धार बह रही है। लगातार हो रहे कटान के चलते कई मकान गंगा में समा चुके हैं। गंगा नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर है । शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 137.15 गेज मीटर दर्ज किया गया । वहीं नरौरा से 86985 क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया । राम गंगा नदी भी खतरे के निशान पर पहुंच गई है । बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गांव को खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। स्टीमर और नावों के जरिए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालय तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि कुछ परिवार अभी भी अपने घरों की छतों पर रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत-बचाव के साथ मेडिकल टीम भी लगातार गांव में भ्रमण कर रही है। ग्रामीणों और मवेशियों का टीकाकरण कराया जा रहा है। वहीं ग्रामीण अब स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को एक ही जगह जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि पूरा गांव एक साथ बस सके। वीओ- फर्रुखाबाद से बाढ़ की ये तस्वीरें शमसाबाद क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव की हैं जहां गंगा का रौद्र रूप ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। गांव में जहां नजर जाती है, वहां सिर्फ बाढ़ का पानी दिखाई दे रहा है। सड़कें भी तेज बहाव में तब्दील हो चुकी हैं। गंगा की तेज धार के बीच गांव में लोगों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा चिंता गांव में हो रहे कटान को लेकर है। बाढ़ की चपेट में आकर कई मकान गंगा में समा चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक करीब 45 मकान कटान से प्रभावित होकर कट चुके हैं और अभी भी कटान जारी है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने अपने आशियाने और सामान को बचाने की बड़ी चुनौती है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गांव को खाली कराने का अभियान तेज कर दिया है। स्टीमर और नावों के जरिए परिवारों को एक-एक करके सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालय में पहुंचाया जा चुका है। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो अभी अपने घरों की छतों पर रहकर किसी तरह समय गुजार रहे हैं। बाढ़ के पानी के बीच छतों पर खाना बनाकर परिवार अपना पेट भरने को मजबूर हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 10 नाव और 6 मोटरबोट लगाई हैं। स्टीमर के जरिए भी ग्रामीणों का आवागमन कराया जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं। बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में लगातार भ्रमण कर रही है। ग्रामीणों का चिकित्सा परीक्षण और टीकाकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही मवेशियों को भी संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया गया है। वहीं जिन परिवारों के मकान बाढ़ और कटान में प्रभावित हुए हैं, उनके पुनर्वास की भी कवायद की जा रही है। कुछ प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से पट्टा उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि सभी प्रभावित परिवारों को एक ही स्थान पर जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका पूरा गांव एक साथ बस सके। कायमगंज के एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि 50 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। करीब 45 मकान बाढ़ और कटान से प्रभावित होकर कट चुके हैं और कटान अभी भी जारी है। डीएम डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर प्रशासन लगातार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है। एसडीएम कायमगंज, लेखपाल और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। समैचीपुर चितार में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों की सुरक्षा और उनके भविष्य का है, जिनके आशियाने गंगा की तेज धार में समा चुके हैं। प्रशासन लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा है | बाइट - खान मोहम्मद, बाढ़ पीड़ित बाइट - रफीक मोहम्मद बाढ़ पीड़ित बाइट- अभिषेक वर्मा, एसडीएम, कायमगंज , फर्रुखाबाद
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झारखंड की राजनीति में संघर्ष तेज: बीजेपी-जेएमएम- कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी और राजनीतिक आमना सामना थमने के बजाये बढ़ता ही जा रहा है। बीजेपी ने राज्य सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए राज्य की हेमंत सरकार को बताया कि वे "रेस्ट मोड" में हैं, आरोप है विकास कार्यों के बजाय सरकार ऑटो मोड में आ गई है। विरोधी भी हुए आक्रामक, बीजेपी को शुतुरमुर्ग कहा गया और कहा गया कि 2029 में जनता इलाज करेगी। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने राज्य सरकार पर निशान साधते हुए कहा, ये सरकार ऑटो मोड में चल रही है। किसी भी विषय पर, राज्य सरकार की कोई गंभीरता नहीं है। अभी छात्रों का इतना बड़ा आंदोलन हुआ, 22 परीक्षाएं रद्द हुईं, वो कब होगी, इसकी कोई योजना नहीं। लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय है, महिला सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं दिखती है। कानून व्यवस्था बिल्कुल खराब है। हर दिन कुछ न कुछ घटनाएं हो रही हैं। ये सरकार निकम्मी है, अपनी छाप छोड़ने में किसी भी क्षेत्र में नाकाम रही है। राज्य की सरकार निकम्मी है, सिर्फ सरकार में बने रहने से नहीं होता, पूरे राज्य में विकास कार्य अवरुद्ध हैं। झूठे वादे कर ये लोग सरकार में आए, कहीं कोई काम नहीं दिखेगा। बजट राशि खर्च नहीं हो रही, राजस्व संग्रह नहीं कर पा रहे। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा, जब आंधी चलती है तो शुतुरमुर्ग बालू के नीचे अपना सर छुपा लेता है। अगर आंख बंद कर लें तो क्या होगा, उसका इलाज तो हो नहीं सकता। मोतियाबिंद का इलाज हमारा पास है, इसका शर्तिया इलाज 2029 के चुनाव में दिखेगा। इसका ऑपरेशन जनता 2029 के चुनाव में करेगी। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कमल ठाकुर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 18 हजार करोड़ केंद्र सरकार झारखंड का रोया हुआ है, केंद्र झारखंड का पैसा देता नहीं है और सवाल हम पर उठता है। राज्य के संसाधन से काम हो रहा, केंद्र से जो केंद्रांश मिलना चाहिए मिल नहीं रहा। केंद्र की सरकार जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। केंद्र अपना हिस्सा ही नहीं देती है और आरोप लगाते हैं। ऐसा बिल लाते हैं जिससे राज्य को नुकसान हो। इनकी आदत है गलती करो आप और दोष दो नेहरू को।
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झारखंड सरकार MMDR वापसी तक चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी देगी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड सरकार के पेयजल मंत्री योगेन्द्र महतो ने जी मीडिया से बात करते हुए कहा, झामुमो राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी और तब तक आंदोलन होगा जब तक MMDR वापस नहीं हो जाता। बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी समय समय पर अपनी सोच और विचारधारा बदलते रहते हैं । राज्य की जनता समझ चुकी है उनके पिछले 17 साल के कार्यकाल में क्या हुआ है और उनका जो प्रयास है कि किसी प्रकार यहां सरकार बना ले तो उनका मंसूबा 2039 तक पूरा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने अपना तुगलकी फरमान जारी किया है जिससे राज्य की कई योजनाएं प्रभावित होगी। संघीय व्यवस्था के राज्य सरकार का भी अपना अधिकार है। झारखंड में केंद्र सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन होगा। आवश्यकता पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी होगी रेल और सड़क मार्ग से राज्य के खनिज बाहर नहीं जाने देंगे。
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ललितपुर की खुली नहर से हादसों का खतरा, रेलिंग या ढक्कन की मांग

Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में शहर के बीचों बीच से निकली खुली हुई नहर कई मोहल्ला वासियों के लिये किसी मौत की नहर से कम नहीं है । जिला मुख्यालय पर वर्ष 1947 को बनाया गया गोविंद सागर बांध के निर्माण के दौरान इस नहर को सिंचाई के लिये निकाला गया था , उस दौरान यहां कोई बस्ती नहीं थी लेकिन आज यहां चारों तरफ कई मोहल्ले और बस्तियाँ बस चुके हैं । जिसकी वजह से यह खुली हुई नहर के पास से रोजाना हजारों स्कूली बच्चे , स्कूली बच्चों से भरे हुये वाहन ,कारें आदि फर्राटे भरते रहते हैं । करीब 6 फिट गहरी यह पानी से भरने के बाद नहर किसी मौत की नहर से कम नहीं होती है । शहर के कई मोहल्लों से होकर गुजरे वाली इस नहर में गिरकर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं । पिछले वर्ष सदनशाह मोहल्ले के पास एक कार भी इस नहर में गिर गई थी ,जिसमें डूबने से एक युवक की दर्दनाक मौत भी हो गई थी । फिलहाल अब इस नहर का उपयोग भी उतना नहीं है क्योंकि जिस मकसद से इस नहर को बनाया गया था सिंचाई के लिये अब उतनी खेती की जमीन भी यहां बची नहीं है , अब सिर्फ यह जब सिंचाई के लिये पानी नहीं छोड़ा जाता तो एक बड़े गंदे नाले की तरह रहती है जिसकी वजह से यहां के मोहल्ला वासियों की मांग है कि या तो इस नहर को ऊपर से ढाक दिया जाये या फिर कोई बड़ी दुर्घटना न हो इससे बच के लिये नहर के किनारों पर रेलिंग का निर्माण करा दिया जाये जिससे कोई बड़ी अप्रिय घटना से बचा सके । ललितपुर शहर की इस बड़ी समस्या को लेकर हमारे संवाददाता अमित सोनी ने पीड़ित मोहल्ला वासियों से वार्तालाप की
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J&K Film Festival Ends: A Era Beyond Landscapes, Omar Abdullah Says

Srinagar, Uttarakhand:Film festival concludes: J&K has more to offer than landscapes, says CM Omar Abdullah. The International Film Festival of Jammu and Kashmir concluded on Thursday evening, with Iranian film ‘Whisper My Name’ winning the best film award. Kashmir documentary ‘Naqsh-e-Daur’ by Baba Tasaduq Hussain won the best cinematography award, while ‘Tasrufdaar (Djinns of Kashmir)’ by Kapil Mattoo won the best film (J&K select) award. For decades Kashmir travelled to the audiences through the cinema screen. This week, in a sense, the screen came back to Kashmir. I hope that the floating cinema remains one of the defining memories of the first film festival of J&K. But nostalgia cannot define our future. Our ambition must go beyond being a beautiful filming location. J&K must increasingly become a place from where stories emerge, talent is discovered, and films are conceived and created. One theme that has come through strongly in J&K has far more to offer cinema than landscapes,” Abdullah said at the closing ceremony of the four-day festival. C.M Omar Abdullah said that illages, in our languages, literature, music, crafts, history and everyday lives. Our landscapes may bring filmmakers here, but our stories are people and our professional filmmaking environment can bring them back,” he said. “We must therefore build a two-way relationship welcoming filmmakers from India and the world while creating opportunities for talent from J&K to find audiences and collaborators beyond these borders. At the heart of this must be investment in our young people. Their participation in the festival has been encouraging,” he said. As many as 135 films from around 40 countries were screened during the festival, with 64 from India. Five films competed for the J&K Select awards. ‘Whisper My Name’, directed by Rasoul Sadr Ameli from Iran, was adjudged the best film, while the best actor (male) award went to Amin Hayayee for the film.
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बैंक कर्मचारी यूनियनों की अखिल भारतीय हड़ताल: पांच दिनों के वर्कफ्लो की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:देश भर में अब तीन दिन नहीं होंगे कोई भी बैंक के काम। बैंक करमी आज हड़ताल पर। लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी बैठे हैं हड़ताल पर। बैंकिंग उद्योग में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह सहित लंबे समय से लंबित मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की अखिल भारतीय हड़ताल आज । दिल्ली: बैंक यूनियन की कल होने वाली देशव्यापी हड़ताल पर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के दिल्ली प्रेसिडेंट और इसके ऑल इंडिया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुशल गुप्ता कहते हैं, "इसके पीछे कई कारण हैं। हमने उनमें से चार कारण बताए हैं। सबसे अहम कारण 5-दिन की बैंकिंग है। यह एक ऐसी मांग है जो बैंकर्स के लिए बहुत ज़रूरी हो गई है...हमारे साथी दिन-रात मेहनत करते हैं। इसका असर उनके वर्क-लाइफ बैलेंस पर पड़ रहा है। हमारे पास ATM, कैश डिपॉजिट मशीन, UPI और इंटरनेट बैंकिंग है। हमने 2012 में पहली बार यह मांग की थी, हमें साल में 2 शनिवार दिए गए थे।"
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गणेशोत्सव के ठेकेदार गैरहिंदुओं को नहीं दिए जाएँ: भाजप नेता की मांग पर विवाद

Vasai-Virar, Maharashtra:वसई-विरार महापालिकेतील गणेशोत्सवाच्या कामांवरून नवा वाद निर्माण झाला आहे. गणेशोत्सवातील कामे गैरहिंदू ठेकेदारांना देऊ नयेत, अशी मागणी भाजपचे गटनेते अशोक शेळके यांनी महापालिका आयुक्तांकडे केली आहे. गणेशोत्सवासाठी आवश्यक असलेली विविध कामे गैरहिंदू ठेकेदारांना देण्यात येऊ नयेत, अशी मागणी शेळके यांनी पत्राद्वारे केली आहे. गैरहिंदू ठेकेदारांकडून कामे केल्यास हिंदू धर्माचे पावित्र्य नष्ट होते, असा दावा त्यांनी पत्रात केला आहे. दरम्यान, या मागणीमुळे महापालिका वर्तुळात खळबळ उडाली आहे. गणेशोत्सवातील बहुतेज कामे गैरहिंदूंकडून केली जात असल्याचे अशोक शेळके यांनी म्हटलं आहे. काही व्यक्ती मांसाहार करून काम करतात, त्यामुळे हिंदू सणांचे पावित्र्य नष्ट होते, असा दावा त्यांनी केला आहे. मात्र, या मागणीवरून बहुजन विकास आघाडीने भाजपला लक्ष्य केलं आहे. प्रवीण शेट्टी यांनी अशोक शेळकेंवर खरपूस समाचार घेत, वसई-विरारमध्ये आतापर्यंत जातीय दंगली झालेल्या नाहीत, मतभेद असले तरी धर्मभेद नाहीत आणि विविध समाजाचे लोक गुण्यागोविंदाने राहत असल्याचं म्हटलं आहे. “ही भूमिका अशोक शेळकेंची आहे की भाजप पक्षाची, हे त्यांनी जाहीर करावं. कायद्यात जर अशी तरतूद केली की गैरहिंदूंना कंत्राट देता येणार नाही, तर त्याचा विचार करता येईल. प्रसिद्धीसाठी असे स्टंट करू नयेत.”
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निंबाहेड़ा नगर परिषद चुनाव: 45 वार्डों में मतदान जारी, 112 प्रत्याशी मैदान में

Begun, Rajasthan:निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा नगर परिषद की शहरी सरकार चुनने के लिए 45 वार्डों में मतदान जारी है। 65 मतदान केंद्रों पर भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय सहित 112 प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर परिषद क्षेत्र के 58 हजार 651 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। अधिक मतदाता संख्या वाले केंद्रों पर 20 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 65 में से 11 मतदान केंद्र संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं, जहां अतिरिक्त सुरक्षा और विशेष निगरानी की जा रही है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
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हरनगर में पुराने रूट से रेल लाइन निर्माण पूरी कराने की मांग पर धरना

Darbhanga, Bihar:पुराने रूट से रेल लाइन निर्माण की मांग, हरनगर स्टेशन पर धरना,तीन किलोमीटर केो 12 किलोमीटर लाबी दूरी तय कर नया रूट बनाने के खिलाफ इलाके में आक्रोश, बरसों से इलाके के लोगों को रेल आने का है इंतजार, दरभंगा। सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को हरनगर स्टेशन से कुशेश्वरस्थानधाम तक पुराने रूट से पूरा कराने की मांग को लेकर हरनगर स्टेशन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। कुशेश्वरस्थानधाम रेल परियोजना निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित धरने की अध्यक्षता मधुकांत झा मिंटू ने की。 वक्ताओं ने कहा कि पुराने रूट पर करीब तीन किलोमीटर में 90 प्रतिशत मिट्टी भराई और पुल-पुलिया का काफी काम पहले ही हो चुका है। इसके बावजूद नए 12 किलोमीटर लंबे रूट पर जमीन अधिग्रहण और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। समिति ने कहा कि पुराने रूट से निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर सर्वदलीय आंदोलन जारी रहेगा।
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