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New Delhi110038

त्योहारों में दिल्ली से गुरुग्राम जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम, लोगों को हुई परेशानी

Oct 26, 2024 06:03:31
New Delhi, Delhi

राजधानी दिल्ली में त्योहारों के मौके पर खरीदारी कर घर लौट रहे लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ा। दक्षिणी दिल्ली के महिपालपुर से गुरुग्राम जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम देर रात तक देखने को मिला। गाड़ियाँ रेंगती हुई नजर आईं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

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VKVIJAY KUMAR
Jan 27, 2026 08:20:24
Sirsa, Haryana:एंकर रीड देश में बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर सिरसा में भी पूर्णतय असर देखने को मिला है। सिरसा जिले के सभी सरकारी और निजी बैंकों में कामकाज ठप रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक शाखाओं के बाहर ताले लटके रहे और लेन-देन पूरी तरह से बंद रहा। चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, लोन फाइलें और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल के तहत सिरसा के बरनाला रोड पर बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर बैंक कर्मियों ने पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसके अनुपात में सुविधाएं और अधिकार नहीं दिए जा रहे। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि आज के दौर में बैंकिंग सेक्टर में काम का तनाव काफी बढ़ चुका है। लगातार लंबे समय तक काम करने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में 5 दिन कार्य प्रणाली लागू करना जरूरी हो गया है, ताकि कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार लगातार बैंकों के निजीकरण, स्टाफ की कमी और नई भर्तियों में देरी जैसे मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। इससे न केवल कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। बैंक कर्मचारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक कंबोज , अनिल कुमार , रमेश कुमार ने बताया कि बैंक कर्मचारियों को एक हफ्ते में पूरा सप्ताह ही काम करना पड़ता है जिसके चलते वे लगातार तनाव में रहने को मजबूर हो जाते है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में एक हफ्ते में 5 दिन का वर्क होता है उसी तरह बैंकों में भी 5 दिन का वर्क होना चाहिए और दो दिन का अवकाश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से कई बार वो अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा चुके है लेकिन सरकार ने उनकी मांग पर कोई गौर नहीं फ़रमाया है। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे केंद्र यूनियन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि सरकार को चेताने के लिए की गई है। अगर अब भी सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं अपनाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर आम जनता की बचत और लेन-देन की जिम्मेदारी बैंकों पर है। इसके बावजूद कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, हड़ताल के चलते बैंक उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग सुबह बैंक पहुंचे, लेकिन बंद शाखाएं देखकर निराश होकर लौट गए। खासतौर पर बुजुर्गों, पेंशनधारकों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। बैंक कर्मियों ने एक सुर में कहा कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि सम्मानजनक कार्य प्रणाली और बेहतर कार्य वातावरण की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है, या फिर आने वाले दिनों में देशभर में बैंकिंग सेवाएं लंबे समय तक ठप रहने की आशंका बढ़ जाएगी।
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NJNaynee Jain
Jan 27, 2026 08:20:03
Noida, Uttar Pradesh:
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VSVIPIN SHARMA
Jan 27, 2026 08:19:51
Kaithal, Haryana:बैंक कर्मचारियों का धरना, 5 दिन की वर्किंग और छुट्टियों की मांग को लेकर पूरे देश में आज 1 दिन की हड़ताल एंकर : आज पूरे भारत में सरकारी और कुछ निजी बैंक हड़ताल पर उतर आए हैं। कैथल में अंबाला रोड पर सभी बैंकों के कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक के बाहर इकट्ठा होकर जोरदार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि काम के बोझ तले दबे वे मानसिक रूप से टूट रहे हैं और सरकार से उनकी पुरानी मांग को पूरा करने की गुहार लगा रहे हैं।कर्मचारियों से बातचीत में उन्होंने बताया कि दो साल पहले सरकार से मांग की गई थी कि बैंकों की कार्य अवधि 5 दिन (सोमवार से शुक्रवार) की हो और शनिवार-रविवार छुट्टी मिले—जैसे सचिवालय और अन्य सरकारी संस्थानों में होता है। लेकिन नई भर्तियां न होने और पुराने कर्मचारियों के रिटायरमेंट से काम का दबाव असहनीय हो गया है। "बैंक आने का समय तो है, लेकिन जाने का नहीं। कई बार रात 10 बजे तक काम निपटाते हैं," एक कर्मचारी ने दर्द भरे लहजे में कहा। सरकार ने प्रस्ताव को मान तो लिया था और नोटिफिकेशन जारी करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी में आज एक दिवसीय हड़ताल हो रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांग जल्द पूरी न हुई, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। कैथल के अलावा पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं।
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NSNAVEEN SHARMA
Jan 27, 2026 08:19:33
Bhiwani, Haryana:भिवानी बैंक कर्मचारियों ने आज की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक एम्पलाईज, ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज सहित 9 बैंकिंग यूनियनों ने की सामूहिक हड़ताल. हड़ताल के चलते बैंक का कामकाज प्रभावित रहा; बैंक कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन किया; बैंक में तालाबंदी रही. बैंक कर्मचारियों की मांग: 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह किया जाए; बैंकिंग क्षेत्र में नियमित भर्ती तथा पुरानी पेंशन स्कीम बहाली की जाए. मांगें नहीं मानी गईं तो 12 फरवरी को फिर होगी राष्ट्रव्यापी बैंकिंग हड़ताल. हड़ताल अनिश्चितकाल तक बढ़ सकती है: बैंक कर्मचारी नेता शक्ति सिंह कौशिक. भिवानी, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर यूनाईटेड फौरम बैंक एम्पलाईज के आह्वान पर देश भर में बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने हड़ताल की तथा प्रदर्शन किए; इनकी चार सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने पर केंद्र सरकार को दबाव बनाया गया. भिवानी के विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन और शहर के प्रमुख चौराहों तक बैनर के साथ प्रदर्शन भी हुआ. आज 9 बैंक यूनियनों ने संयुक्त रूप से हड़ताल की; भिवानी जिले में 200-300 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा. जिला प्रधान शक्ति सिंह कौशिक, ओमप्रकाश एवं सुखदर्शन सरोहा ने चार प्रमुख मांगें बताईं: पांच दिवसीय सप्ताह, नियमित भर्ती, पुरानी पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं में इजाफा. 12 जनवरी को मांगें पूरी नहीं होने पर पुनः हड़ताल और अधिक DAYS तक जारी रहने की संभावना बताई गई. बाइट: ऑल इंडिया बैंक एम्पलाईज के जिला प्रधान शक्ति सिंह कौशिक, बैंक कर्मचारी रेखा आदि.
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Jan 27, 2026 08:10:39
Pali Razapur, Uttar Pradesh:एंकर। अलीगढ़ छात्र संगठन सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध नारेबाजी यूजीसी कानून के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर एसीएस को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा, इस दौरान कलेक्ट्रेट पर पहुंचे हाथरस के भाजपा सांसद अनूप वाल्मीकि से भी विरोध जताते हुए संसद में यूजीसी कानून पर सवाल उठाने की मांग की ।वही सांसद अनूप बाल्मीकि ने इस प्रकार के किसी कानून के लागू नही होने की बात कही। वीओ।1 कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रवादी छात्र संगठन वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वाधान में पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा लागू किया जा रहे यूजीसी कानून विरोध में प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री इस प्रकार का कानून लाकर हिंदू छात्र-छात्राओं को बांटने का कार्य कर रहे हैं। अगर प्रधानमंत्री को ओबीसी और बी की इतनी ही चिंता है तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उन्हें आज तक कोटा नहीं दिला सके हैं। प्रधानमंत्री इस प्रकार बंटवारे की राजनीति कर रहे हैं। जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कटोगे तो बटोगे ओर एक रहोगे तो सेफ रहोगे नारा देते हैं। लेकिन तानाशाह प्रधानमंत्री हिंदुओं को बांटने का कार्य कर रहे हैं। इस काले कानून को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी जाएगी। बाइट। पुष्कर शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रवादी छात्र संगठन वीओ।2 हाथरस के भाजपा सांसद अनूप बाल्मिक ने कहा कि इस प्रकार का कोई भी संसद में कानून पास नहीं हुआ है। यह सिर्फ अफवाह है इन पर ध्यान ना दिया जाए। वही बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अभिनेत्री के बारे में किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया है यह उनकी अपनी निजी व्यक्तिगत राय और जांच का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध पर उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं देखा है यहां पर कुछ लोगों ने अपनी बात रखी है तो उन्होंने उनकी बात सुनी है प्रधानमंत्री की छवि पर देश और दुनिया में कोई दाग नहीं है। बाइट। अनूप बाल्मिक भाजपा सांसद हाथरस
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