छत्तीसगढ़ के सोमनी थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की गई जान
Raj Nandgaon, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की जान चले गई, जिनमें 5 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना सोमवार दोपहर करीब डेढ़ से पौने दो बजे की है, जब बारिश के दौरान सभी गांव में एक गुमटीनुमा दुकान में ठहरे हुए थे। तेज गड़गड़ाहट के बीच आकाशीय बिजली गिरने से सभी की मौके पर ही जान चले गई, मरने वालों में चार युवक भी शामिल हैं। यह घटना जिले में आकाशीय बिजली गिरने से इतनी मौतों की पहली घटना है।
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झांसी के पिछोर में किन्नरों के दो गुटों के बीच हिंसा: थाने में फिनायल पीने का मामला
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के पिछोर इलाके में घरों से बधाई मांगने को लेकर किन्नरों के दो गुटों में हंगामा हो गया। एक गुट ने दूसरे गुट के किन्नरों के साथ मारपीट कर दी। कुछ किन्नर पकड़ कर ले जा रहे थे, तो एक किन्नर अपने चंगुल से छूटकर थाने पहुंचा। पुलिस दोनों गुटों के लोगों से पूछताछ कर रही थी; इसी दौरान अभिषेक उर्फ अंशिका ने थाना के अंदर फिनायल पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं अभिषेक बंशकार उर्फ अंशिका की मां ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को बबली किन्नर ने जबरन किन्नर बनाया, फिर मारपीट कर बाहर निकाल दिया। वह बस्ती में बधाई मांगने गया तो 50-60 लोगों ने लाठी-डंडे से उसके साथ मारपीट की। जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने थाने के अंदर फिनायल पी लिया।रूस में नौकरी के बदले युवक को मिली हिरासत, भारत सरकार से परिवार ने लगाई गुहार
Ghar Kote,जम्मू-कश्मीर के उरी का एक परिवार गहरे सदमे में है। उनका इकलौता बेटा, जो परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, रूस पहुंचने के कुछ ही हफ्तों बाद वहां परिवार के अनुसार हिरासत में ले लिया गया है।
परिवार के अनुसार, बारामूला के उरी स्थित शियादपोरा का रहने वाला एजाज अहमद गिलानी, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले थे। रूस में उन्हें काम करते हुए अभी लगभग 20 दिन ही हुए थे कि 13 सितंबर को उन्हें कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया। परिवार को उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया के बारे कोई जानकारी नहीं दी गई है। उनकी मां, पत्नी, दो बहनें और छोटे बच्चे अब लगातार डर के साये में जी रहे हैं और भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वे उसे सुरक्षित घर वापस ले आएं।
पत्नी ने कहा, "वह 20 सितंबर को नौकरी के लिए यहां से निकले थे। उनका वीजा और टिकट सब ऑनलाइन आ गया था। वह 20 सितंबर को यहां से रवाना हुए और 22 तारीख को रूस पहुंच गए। वहां उनका काम भी शुरू हो गया था। हम सुबह-शाम वीडियो कॉल पर लगातार बात करते थे। दिन में बात नहीं हो पाती थी क्योंकि वह काम पर होते थे। 13 तारीख तक हमारी बातचीत होती रही। 13 तारीख को 10 बजे हमारी बात हुई थी। उसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ आने लगा। 13 तारीख के बाद 14 तारीख को उनसे बस थोड़ी सी बात हुई, जिसमें उन्होंने कहा, 'यहां कुछ दिक्कत हो गई है, इसलिए मेरा फोन ले लिया गया है, मैं आपसे बात नहीं कर सकता।'" उसके बाद हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें यहां से गए हुए पूरा एक महीना हो चुका है। आज 20 तारीख को एक महीना पूरा हो गया है। हमें कुछ भी पता नहीं है। हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। मैं मोदी जी, अमित शाह जी और जम्मू-कश्मीर सरकार से अपील करता हूँ कि कृपया उन्हें ढूँढ़ें, और जल्द से जल्द उन्हें घर वापस ले आएँ। वे फंस गए हैं।”
बेटे ने कहा, “मैं चौथी कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरी मोदी जी, अमित शाह जी और एस. जयशंकर जी से यही विनती है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएं, क्योंकि हम उनके बिना नहीं रह सकते। कृपया मेरे पिताजी को वापस ले आएँ। मेरे पिताजी अभी रूस में हैं। मुझे उनसे बात किए हुए एक हफ़्ता हो गया है। मेरी यही गुज़ारिश है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएँ।”
बेटी ने कहा, "मेरे पिता को यहाँ से रूस ले जाया गया है, और उन्हें वहाँ से वापस नहीं भेजा गया है। मोदी जी, अमित शाह जी और जयशंकर जी से मेरी बस यही गुज़ारिश है कि मेरे पिता को वापस ले आएँ। हमें और कुछ नहीं चाहिए, बस मेरे पिता को वापस ला दीजिए। एक हफ़्ता हो गया है; आखिरी बार हमारी उनसे 13 तारीख को बात हुई थी, उसके बाद से पापा से कोई बात नहीं हुई है।"
एजाज़ अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। उनके हिरासत में होने से पूरा परिवार गहरे संकट में है। रिश्तेदार बता रहे हैं कि वे रातों को सो नहीं पा रहे हैं और उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे रूसी अधिकारियों से बात करके इस मामले में दखल दें।
खालिद हुसैन
जी मीडिया, कश्मीर
