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बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का सपना धूमिल, नक्सल क्षेत्र में छात्रावास की कमी
Kondagaon, Chhattisgarh
सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बयानर में बेटियों की शिक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यहां की छात्राओं को आधी पढ़ाई के बाद यह बताया जा रहा है कि छात्रावास में अब उनके लिए जगह नहीं है। यह स्थिति सरकार के "बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ" अभियान की असलियत को उजागर कर रही है। बयानर में छात्राओं को 5 से 15 किलोमीटर दूर से पढ़ाई के लिए आना पड़ता है। शासन ने अचानक 9 साल बाद आश्रम से 50 में से 45 बच्चों को बाहर करने का आदेश दिया है, जबकि केवल 5 बच्चों को ही रहने की स्वीकृति दी गई है।
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