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Pawan DurgamPawan DurgamFollow11 Jul 2024, 07:24 am
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ईद-उल-अज़हा पर मस्जिदों में विशेष नमाज, शांति और सुरक्षा का माहौल

Begun, Rajasthan:कुर्बानी और त्याग का संदेश देने वाला ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद पर मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जा रही है। सुबह से ही नमाज अदा किया जा रहा है। लोग एक-dusरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। शहर के मौदहापारा स्थित मस्जिद हो या शहर के ईदगाह, सभी जगह शांति और भाईचारे के साथ नमाज अदा किया जा रहा है। शहर के संवेदनशील इलाकों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी है। टीआई स्तर के अफसर गश्त करते नजर आ रहे हैं। लोगों ने देश और प्रदेश के अलावा मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के लिए भी शांति और अमन चैन की दुआ की।
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मछलीशहर में प्रसूता की मौत: निजी अस्पतालों पर उठे सवाल

Jaunpur, Uttar Pradesh:मछलीशहर नगर के मड़ियाहूं रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में जौनपुर रेफर कर दिया गया,जहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है,वहीं परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी,लेकिन अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया। आरोप है कि अस्पताल संचालक मामले को दबाने और परिजनों को “सलाह” के नाम पर बरगलाने में जुटे रहे, जबकि महिला की जान जा चुकी थी। मछलीशहर क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन प्रसूताओं और मरीजों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं,लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती। यही कारण है कि बिना पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं।स्थिति के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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दिवाक माता आस्था वन में पेड़ों की कटाई, विकास बनाम आस्था की बहस

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ के जोलर क्षेत्र में दिवाक माता का जंगल लंबे समय से धार्मिक आस्था और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक माना जाता रहा है। ग्रामीणों का विश्वास था कि माता स्वयं इस वन की रक्षा करती हैं, इसलिए यहां पेड़ काटना तो दूर, सूखी लकड़ी उठाना भी वर्जित माना जाता था। यही कारण था कि यह क्षेत्र वर्षों तक घने और सुरक्षित वन क्षेत्र के रूप में बना रहा। लेकिन अब पीपलखूंट हाई कैनाल लाइन प्रोजेक्ट ने इस परंपरा को तोड़ दिया है। प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग द्वारा 36 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार से अनुमति मिलने पर पेड़ों की कटाई शुरू हुई। शुरुआत में करीब 6700 पेड़ों को चिन्हित किया गया था, लेकिन भारत सरकार के निर्देशों के बाद दोबारा सर्वे किया गया और संख्या घटाकर 1980 पेड़ों तक सीमित की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है। ग्रामीणों के अनुसार जिस जंगल में कभी कुल्हाड़ी चलाना पाप माना जाता था, वहां अब मशीनों की आवाज और कटे हुए ठूंठ दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए आस्था और प्रकृति दोनों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बाइट- लक्ष्मण सिंह राणावत, पर्यावरण प्रेमी विभाग का कहना है कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी है विभाग के अनुसार पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लकड़ियों को विभागीय डिपो में जमा कराया गया है। अब इनकी नीलामी की जाएगी और प्राप्त राशि सरकारी खजाने में जमा होगी, जिसका उपयोग भविष्य में पौधारोपण और वन विकास कार्यों में किया जाएगा। कैनाल प्रोजेक्ट के अलावा पीपलखूंट रोड और धरियावद रोड के निर्माण के लिए भी वन क्षेत्र प्रभावित होगा। इन परियोजनाओं के लिए भी विभागीय मंजूरी मिल चुकी है। इस बार पेड़ों की कटाई और उनके प्रबंध की जिम्मेदारी वन विकास निगम को सौंपी गई है। बाइट- सुरेश अग्रवाल, डीएफओ प्रतापगढ़ हालांकाकि सवाल अब भी वही है—क्या विकास की कीमत सदियों पुरानी आस्था और हरियाली का अंत होना चाहिए? भीषण गर्मी के दौर में हजारों पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर भी बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ जंगल नहीं था, बल्कि उनकी संस्कृति, विश्वास और प्रकृति से जुड़ी विरासत थी।
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‘मोहम्मद’ की लिखावट वाला बकरा बना आकर्षण का केंद्र, कुर्बानी के मौके पर मलिक ने कहीं बड़ी बात.....

Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। इटियाथोक बाजार में बकरीद के मौके पर एक खास बकरे की चर्चा पूरे इलाके में जोरों पर है। इस बकरे को कुदरत का तोहफा मिला है, ऐसा उसके मालिक का कहना है।बरबरा नस्ल के इस बकरे की खास बात यह है कि इसके पेट पर मोहम्मद लिखा है। *इटियाथोक में सामूहिक नमाज में दिखा भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा* देशभर में ईद उ अजहा यानी बकरीद का त्योहार आज यानी 28 जून को मनाया जा रहा है। मुस्लिम धर्मालंबियों के अनुसार, इस दिन अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी दी जाती है। कुर्बानी के लिए उस जानवर बेहद खास माना जाता है, जिसके शरीर पर अल्लाह, मोहम्मद या मुस्लिम धर्म से जुड़ा कोई नाम या संकेत का चिन्ह बना हो।ऐसे जानवर के लिए बड़ी से बड़ी कीमत अदा की जाती है। *बकरे के शरीर पर लिखा मुहम्मद साहब का नाम* कस्बा इटियाथोक के रहने वाले उस्मान ने बताया वह करीब चौदह महीने पहले एक बकरे के बच्चे को पालने के लिए घर लाए थे, धीरे-धीरे वह बच्चा बड़ा होने लगा और आज वह चौदह महीने का कुर्बानी के लिए तैयार है।उन्होंने बताया बकरे के बाई तरफ पेट में साफ-साफ मोहम्मद साहब का नाम लिखा हुआ है। बकरे के मालिक का कहना है, कि इस बकरे को कुदरत का नायाब तोहफा मिला है।जिसकी वजह से बकरे को देखने के लिए इटियाथोक और उसके आसपास के जनपदों से पहुंच रहे हैं।मुस्लिम समाज के लोग बकरा मालिक की सराहना कर रहे है।
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खाद नियम उल्लंघन: आकोला स्थित किसान जीएसएस का लाइसेंस निलंबित, 7 विक्रेताओं को नोटिस

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने और उर्वरक कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। विशेष अभियान के तहत आकोला स्थित किसान जीएसएस के प्रतिष्ठान पर निरीक्षण में रिकॉर्ड और स्टॉक में अनियमितताएं मिलने पर उसका उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं जिले के 7 अन्य खाद-बीज विक्रेताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की पालना में कमियां मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को नियमानुसार खाद विक्रय करने के निर्देश दिए हैं।
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पटना से कार बुककर पुनपुन में लूटपाट; चार आरोपी गिरफ्तार

Masaurhi, Bihar:पटना से बुक की कार और पुनपुन में शुरू कर दी लूटपाट। चार आरोपी गिरफ्तार। मसौढ़ी। कार और नगद लूटपाट करने के आरोप में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपियों ने पहले कार बुक की और पुनपुन के पास लूटपाट शुरू कर दी। छानबीन के क्रम में उक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से लूटी गई नगद और मोबाइल बरामद हुए हैं। इस संबंध में पटना निवासी अभिनव कुमार ने पुनपुन थाने में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराई थी। अभिनव का कहना था उक्त आरोपियों ने 90 फीट खेमनी चक के पास से पुनपुन के लिए उसकी कार बुक की थी। तीनों आरोपियों को कार में बिठाकर वह जैसे ही पुनपुन के पास पहुंचा उक्त लोगों ने उसके साथ मारपीट कर लूटपाट शुरू कर दी किसी तरह उसने कार को लॉक कर दिया। आरोपियों का मकसद उसके मोबाइल से नगद ट्रांसफर करने का भी था लेकिन उसमें भी आरोपी असफल रहे। बाद में शोरगुल होने पर सभी आरोपी फरार हो गए। वह किसी तरह पुनपुन थाना पहुंचा। पुलिस ने बताया कि आरोपी हिमांशु पत्रकार नगर थाना,सूरज हिलसा थाना, अंशुमान रामकृष्ण नगर थाना, विनय पिपरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। मामले में कार,पांच मोबाइल, और लूटी गई नगद राशि बरामद हुई है।
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नेतरहाट के नैना गाँव में बिजली नहीं पहुंची, ग्रामीणों का लगातार आक्रोश

Latehar, Jharkhand:एंकर सरकार का एक ही सपना है कि गाव गाव में समाज के हर तपके के लोगो को समुचित बिजली का लाभ पहुंचाने को लेकर कटिबद्ध है और इसको लेकर काम भी कर रही है। लेकिन अधिकारियो की लापरवाही के कारण आज भी यह गांव अँधेरा है ग्रामीणों ने इसको लेकर प्रखंड से ले कर जिला तक का चक्कर लगाया लेकिन नतीजा सिफर ही है। यह जो तस्वीर देख रहे है वह सरकारी लापरवाही का एक नमूना है जहां देश विदेशों में पर्यटन और शिक्षा के नाम से विख्यात नेतरहाट से महज 5 किलो मीटर दूर स्थित नैना गाव बसा है और यहां के आदिवासी ग्रामीण 50 घरों आबादी वाला गांव जहां बुनियादी सुविधा से कोसो दूर है। सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस गांव में बिजली के पोल और तार भी लगाया साथ ही साथ ग्रामीणों की तसली के लिए ट्रांसफार्मर भी लगाया है। महज 10 दिनों के बाद गांव अंधेरा हो गया ग्रामीणों ने इसको लेकर प्रखंड से लेकर जिला का चक्कर लगाया लेकिन आज तक इस गांव बिजली नहीं पहुंची। वही ग्रामीणों की बात माने तो जब इस गांव में बिजली के तार लगाया जा रहा तो हम लोगों में काफी खुशी थी अब हमारे गांव बिजली की रोशनी मिलेगी लेकिन हम लोग बिजली के तार देख कर ही संतुष्टि कर रहे है। वही पूरे मामले में लातेहार बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नैना गांव में बिजली खराब होने की सूचना मिली है मामले की जांच कराकर गांव में बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। सरकार का दावा है कि गांव - गांव तक बिजली व्यवस्था बहाल कर दी गई है। लेकिन आज सच्चाई और जमीनी हकीकत कुछ और ही वक्ता करता है जो सरकार के दावे की पोल खोल देता है जरुरत तो इस बात की है जल्द से जल्द इस गांव में बिजली व्यवस्था देने की ताकि ग्रामीण बिजली से खेती कर अपनी जीवन सुधार सके।
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औरैया में ईद उल अजहा श्रद्धा से मनाई गई, नमाज़ शांतिपूर्ण, सुरक्षा कड़ी

Auraiya, Uttar Pradesh:ईद उल अजहा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। हजरत बाबा शाह जमाल शाह स्थित ईदगाह में हजारों की तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे। शहर काजी अब्दुल समद मियां चिश्ती की इमामत में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई。 नमाज के बाद मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईदगाह परिसर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरे क्षेत्र में त्योहार का उत्साह नजर आया。 वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे नमाज शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुई। इस मौके पर जिलाधिकारी ब्रजेश कुमार पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती सहित पुलिसंप्रशासन मौजूद रहा।
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मुरादाबाद में ईद की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न, DM ने कड़े निर्देश जारी किए

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई ईद की नमाज। डीएम मुरादाबाद राजेंद्र पेंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। बड़ी संख्या में नमाजियों ने ड्रोन की निगरानी में नमाज पढ़ी। ईद की नमाज को संपन्न कराने में भारी पुलिस फोर्स के साथ 11 मजिस्ट्रेट और कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात रही। कुर्बानी को लेकर डीएम मुरादाबाद का सख्त निर्देश: प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं होगी। डीएम राजेंद्र पेंसिया बोले किसी भी बाहरी स्थान पर वेस्टेज नहीं रखा जायेगा; वेस्ट डंपस साइट पर ही किया जायेगा।
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पटना के गांधी मैदान में ईद-उल-अज़हा: सुरक्षा के बीच शांति और भाईचारा

Patna, Bihar:ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद के मौके पर राजधानी पटना का गांधी मैदान नमाजियों की भारी भीड़ से गुलजार हो उठा। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने के लिए गांधी मैदान पहुंचे, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 10 हज़ार से ज्यादा नमाजियों ने सामूहिक नमाज़ अदा की। नमाज़ के दौरान लोगों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। नमाजियों ने बताया कि ईद-उल-अज़ाहा इस्लाम का एक बेहद महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हज़रत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था, समर्पण और कुर्बानी की भावना की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि हज़रत इब्राहीम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हज़रत इस्माईल की कुर्बानी देने का फैसला किया था, लेकिन उनकी नीयत और समर्पण को देखकर अल्लाह ने बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी कबूल की। उसी घटना की याद में हर साल बकरीद मनाई जाती है। नमाजियों ने कहा कि बकरीद केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग और बराबरी का संदेश देने वाला पर्व है। इस दिन लोग अपनी हैसियत के अनुसार कुर्बानी करते हैं और उसका मांस गरीबों, जरूरतमंदों और रिश्तेदारों में बांटते हैं, जिससे समाज में मदद और साझेदारी की भावना मजबूत होती है। लोगों ने बताया कि यह त्योहार इंसान को सिखाता है कि अल्लाह के प्रति सच्ची निष्ठा और विश्वास सबसे बड़ा धर्म है। बकरीद हमें त्याग, सेवा, भाईचारे और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। गांधी मैदान में नमाज़ के दौरान भी लोगों ने एकता और सौहार्द का संदेश देते हुए देश में शांति और तरक्की की दुआ की。
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