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झालावाड़: नारायणपुरा गांव के खेत विवाद में खूनी झड़प, बुजुर्ग महिला की मौत

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ के सदर थाना क्षेत्र के नारायणपुरा गांव में बीते दिनों खेत के रास्ते की विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प हुई थी। जानलेवा हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी, वहीं चार अन्य भी घायल हो गए थे। उक्त मामले में सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले में मुख्य आरोपी मांगीलाल अभी भी फरार चल रहा है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते बुधवार सुबह सदर थाना क्षेत्र के नारायणपुरा गांव में खेत के रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प हुई थी। इस दौरान विवाद के बाद एक पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पहुंच कर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में बुजुर्ग महिला फूलबाई की मौत हो गई थी, वहीं चार अन्य भी गंभीर घायल हुए थे। झालावाड़ डीएसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और उक्त मामले में फरार आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए के इनाम घोषित किए गए। इसी मामले में अब पुलिस ने सफलता प्राप्त करते हुए वारदात में शामिल आरोपी जीतमल, राजमल, धनराज, भूपेंद्र और भंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया है। उक्त मामले में फरार मुख्य आरोपी मांगीलाल की तलाश की जा रही है।
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नयागांव में 5 फीट ब्लैक कोबरा रेस्क्यू, ग्रामीणों में दहशत

Kota, Rajasthan:नयागांव आंवली रोजड़ी इलाके के एक मकान में भारी भरकम कोबरा घुसने से हड़कम्प मच गया, कोबरा को देखकर परिवार के लोग दहशत में आ गए, कोबरा घर में रखा बक्सा के पीछे जाकर छिप गया, हालांकि लोगों ने कोबरा को भगाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए, सूचना के बाद मौके पर पहुंचे गोविंद शर्मा ने कड़ी मेहनत के बाद करीब 5 फीट लंबे ब्लैक कोबरा का रेस्क्यू किया और लाडपुरा के जंगल में आजाद किया तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली, मौसम में बदलाव के साथ ही दूर ग्रामीण अंचल के इलाकों में कोबरा सहित अन्य जंगली जीव जंतु का खतरा बढ़ता जारहा है
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मोदी का पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन: राजस्थान की राजनीति और रोजगार में नया दौर

Barmer, Rajasthan:प्रधानमंत्री मोदी के आने की उत्सुकता क़ायम 13 साल… 2 सरकारें… सियासत की फुटबॉल बनी रिफाइनरी, अब आखिरकार होगा इंतज़ार खत्म! राजस्थान की राजनीति में अगर पिछले डेढ़ दशक की सबसे चर्चित विकास परियोजना का नाम पूछा जाए तो जवाब होगा , पचपदरा रिफाइनरी। यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं रही, बल्कि चुनावी मंचों से लेकर विधानसभा तक, सत्ता और विपक्ष के बीच सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार भी बनी। अब 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही करीब 13 वर्षों से चला आ रहा इंतज़ार खत्म होने जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि जिस रिफाइनरी को 2013 में चार-पांच वर्षों में तैयार हो जाना चाहिए था, उसे शुरू होने में 13 साल लग गए? कहानी शुरू होती है तेल की खोज से… बाड़मेर बेसिन में कच्चे तेल के बड़े भंडार मिलने के बाद राजस्थान में यह मांग तेज हुई कि राज्य का तेल दूसरे राज्यों में भेजने के बजाय यहीं रिफाइन किया जाए। इससे रोजगार भी मिलेगा और पश्चिमी राजस्थान औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान बनाएगा。 इसी सोच के साथ 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ समझौता किया। उस समय परियोजना की लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपये आंकी गई और सितंबर 2013 में पचपदरा में इसका शिलान्यास हुआ。 लेकिन फिर बदल गई सरकार… और बदल गई कहानी 2013 के विधानसभा चुनाव हुए और राजस्थान की सत्ता बदल गई。 नई सरकार ने परियोजना के आर्थिक व्यवहार्यता पर सवाल उठाए। कहा गया कि पुराना मॉडल राज्य के हित में नहीं है। फाइलें फिर खुलीं, शर्तें बदलीं, लागत का नया आकलन हुआ और रिफाइनरी का काम लगभग ठहर गया। यहीं से यह परियोजना विकास से ज्यादा राजनीति का मुद्दा बन गई। लीलाला की चर्चा और जमीन की राजनीति रिफाइनरी की शुरुआती चर्चाओं में बायतू क्षेत्र के लीलाला का नाम भी सामने आया था। बाद में परियोजना का अंतिम स्थान पचपदरा तय हुआ。 स्थान बदलने को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक बहस चलती रही। विरोधियों ने भूमाफिया और राजनीतिक प्रभाव के आरोप लगाए, जबकि आधिकारिक तौर पर स्थान चयन के पीछे तकनीकी और लॉजिस्टिक कारण बताए गए। यानी रिफाइनरी बनने से पहले ही उसकी जमीन पर सियासत की नींव पड़ चुकी थी。 चार साल तक सिर्फ बयानबाजी 2014 से 2017 के बीच जनता पूछती रही रिफाइनरी कब बनेगी? सत्ता कहती रही परियोजना को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं। विपक्ष लागत बढ़ने को सरकारों की विफलता बताता रहा。 इस दौरान निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी रही और परियोजना लगभग राजनीतिक फुटबॉल बनकर रह गई。 फिर हुई नई शुरुआत जनवरी 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा पहुंचकर परियोजना का दोबारा शिलान्यास किया。 इसके बाद निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी। हजारों इंजीनियर और श्रमिक इस मेगा प्रोजेक्ट से जुड़े। लेकिन इसी बीच कोविड महामारी आ गई। निर्माण प्रभावित हुआ, लागत बढ़ती गई और समयसीमा लगातार आगे खिसकती रही。 लागत भी दोगुनी से ज्यादा 2013 में जिस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपये थी, वह बढ़ते-बढ़ते लगभग 79 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई。 सरकार का कहना रहा कि अब यह केवल रिफाइनरी नहीं, बल्कि अत्याधुनिक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है। वहीं विपक्ष लागत बढ़ने को सरकारों की विफलता बताता रहा。 उद्द्घाटन से पहले लगी आग जब लगा कि अब इंतजार खत्म होने वाला है, तभी अप्रैल 2026 में रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लग गई。 प्रधानमंत्री का प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम टालना पड़ा। मरम्मत और परीक्षण के बाद अब 4 जुलाई को आखिरकार लोकार्पण होने जा रहा है。 राजस्थान के लिए क्यों है गेम चेंजर? 9 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाली यह रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था की दिशा बदल सकती है。 इससे हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना है। पेट्रोकेमिकल उद्योग आएंगे, परिवहन बढ़ेगा, छोटे उद्योग विकसित होंगे और बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बन सकता है。 रिफाइनरी की कहानी सिर्फ एक फैक्ट्री बनने की कहानी नहीं है。 यह कहानी है बदलती सरकारों की… बदलते फैसलों की… बढ़ती लागत की… राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की… और उन लाखों लोगों की उम्मीदों की, जो पिछले 13 वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। 4 जुलाई को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, तब एक मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन भर नहीं होगा, बल्कि राजस्थान की सबसे लंबी राजनीतिक और औद्योगिक यात्राओं में से एक का नया अध्याय भी शुरू होगा。
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धर्म छिपाकर शादी मामले में आगरा- कानपुर: महिला आयोग सख्त

Agra, Uttar Pradesh:आगरा के युवक द्वारा कानपुर में कथित धर्म छिपाकर शादी मामले पर महिला आयोग की प्रतिक्रिया. "ऐसे मामलों में गैंग की तरह काम कर रहे हैं कुछ लोग" – महिला आयोग अध्यक्ष. महिलाओं और अभिभावकों को सतर्क रहने की दी सलाह. रिश्ता बनाने से पहले पूरी जानकारी जुटाने की अपील. आरोपी गिरफ्तार, जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी होगी उजागर. महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा. सहारनपुर में भी ऐसा ही मामला आया है सामने. युवती ने 25 तोला सोना घर से निकालकर युवक को दिया. ऐसे मामलों में परिवार को अगर बच्चों की करनी पड़े रेकी तो करें. बच्चों को पास बिठाकर अच्छे और बुरे के बीच का फर्क भी समझाएं.
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उत्तराखंड में मानसून के बीच चारधाम यात्रा की सुरक्षा कड़ी निगरानी के साथ

Dehradun, Uttarakhand:उत्तराखंड में मानसून की शुरुआत और चारधाम यात्रा के सीजन को देखते हुए परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारी कर ली है। डॉ. अनीता चमोला, आरटीओ, सड़क सुरक्षा एवं प्रवर्तन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बस, ट्रक और टैक्सी यूनियनों को एडवाइजरी जारी कर चालकों को पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग से बचने तथा खराब मौसम में जोखिम उठाकर वाहन न चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी व्यावसायिक वाहनों में टायर, ब्रेक, वाइपर, हेडलाइट, इंडिकेटर और पार्किंग लाइट की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की तकनीकी स्थिति पूरी तरह दुरुस्त होना अनिवार्य है। डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थापित चेकपोस्ट पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं। ये चेकपोस्ट वाहनों की सघन जांच के साथ-साथ भारी बारिश, भूस्खलन अथवा अन्य आपदा की स्थिति में सूचना एवं सहायता केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को सुरक्षित मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा या यात्रा अस्थायी रूप से रोकी भी जा सकती है।
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भीम आर्मी बनाम भाकियू: दलित-जाट जमीन विवाद ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई

Moradabad, Uttar Pradesh:भाकियू और भीम आर्मी आमने सामने बिजनौर मे दलित समाज के अमर सिंह और जाट समाज के जोगिंदर का जमीन विवाद मामला। जमीन विवाद मामले मे दलित अमर सिंह आत्म हत्या कर चुके है। मृतक अमर सिंह सुसाइड नोट मे कई लोगो के नाम लिख कर आत्म हत्या कर लेते है। पुलिस ने इस मामले मे जाट समाज के 9 लोगो के खिलाफ किया था मुकदमा दर्ज जांच जारी। उक्त प्रकरण मे भाकियू अराजनैतिक ने दी 6 जुलाई को महापंचायत करने की चेतावनी। उधर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की भीम आर्मी उतरी दलित समाज के पक्ष मे।भीम आर्मी ने दी भाकियू को चेतावनी पंचायत की तो हम भी करेंगे दलित समाज की बड़ी महापंचायत। भाकियू अराजनैतिक और भीम आर्मी आमने सामने आने से जिला प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती。 बिजनौर जिले के किरतपुर थाना इलाके के आलोपुर गांव के दलित अमर सिंह से गांव के ही जाट समाज के राजेंद्र, जोगेंद्र का जमीनी विवाद चल रहा था। तारीख 9 मार्च 26 को मकान का दरवाजा लगाने को लेकर दोनों पक्षों मे विवाद हो गया। दलित समाज के अमर सिंह के बेटे ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि गांव के जाट समाज के कई लोगो ने घर मे घुस कर अमर सिंह के साथ गाली गलौच मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी थी। कुछ दिन बाद तारीख 3 अप्रैल 26 को दलित अमर सिंह बेहोशी की हालत मे नहर के रजवाहे मे पड़े हुए मिले जिनको बिजनौर के निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया जहाँ पर डॉक्टरो ने दलित अमर सिंह को मृत घोषित कर दिया। मृतक अमर सिंह के बेटे खेवेन्द्र ने रिपोर्ट मे कहा कि मृतक अमर सिंह की जेब से तीन सुसाइड लेटर मिले है पत्र मे आत्महत्या का कारण गांव की जमीन विवाद और जाट समुदाय के लोगो को बताया गया है। नजीबाबाद सीओ उक्त पूरे प्रकरण की जाँच कर रही है, इस प्रकरण मे नया मोड़ तब आ गया जब भाकियू अराजनैतिक ने नामजद आरोपियों के पक्ष मे धरना प्रदर्शन नजीबाबाद तहसील मे शुरू कर दिया। और जिला प्रशासन की चेतावनी दे डाली कि निर्दोषों को अगर फसाया गया तो अच्छा नहीं होगा। और भाकियू ने आगामी 6 जुलाई को महापंचायत की चेतावनी दे डाली। उधर भाकियू के इस धरने के बाद नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रशांत सागर ने भाकियू को चुनौती दे डाली और कहा अगर भाकियू दलित समाज के विरोध मे पंचायत करेगी तो भीम आर्मी भी भाकियू का विरोध करेगी और बड़ी महापंचायत करेंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन आखिर क्या कदम उठाता है। फिलहाल दोनों संगठनों के नेताओं की जुबानी जंग जारी है जो रुकने का नाम नहीं ले रही है। बयान --दिगंबर सिंह भाकियू अराजनैतिक प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा बयान --प्रशांत सागर जिला अध्यक्ष भीम आर्मी
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पलाई में पुस्तैनी खंडर दुकान पर रात गेट लगाने से हड़कंप, पुलिस जांच जुटी

Tonk, Rajasthan:उनियारा(टोंक) पलाई से बडी खबर - पलाई में पुस्तैनी खंडर दुकान को ध्वस्त कर रातों रात गेट लगाने से गर्माया मामला, पलाई में भूमि विवाद की सूचना पर पहुँची पुलिस, नगर फोर्ट रोड पर प्रभावशाली लोगों द्वारा पुस्तैनी खंडर दूकान पर कब्जे के इरादे से रातों रात ध्वस्त कर लगाया लोहे का गेट, सुबह होने पर पता चलने पर मामला गर्माया और लोगों में व्याप्त हुआ आक्रोश, सूचना पर पलाई पुलिस चौकी इंचार्ज रमेश चंद बैरवा मय जाप्ते पहुँचे मौके पर, पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना कर लोहे के गेट को जप्त कर रखवाया पुलिस चौकी, मामले को लेकर पलाई पुलिस चौकी इंचार्ज रमेश चंद बैरवा कर रहे है जाँच
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चिराग पासवान ने भरत तिवारी की मौत पर न्याय की मांग की

Buxar, Bihar:आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में चर्चित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बेलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, परिजनों से मुलाकात की और घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया। चिराग पासवान का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक दिन पहले उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बेलौटी पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, मां आशा देवी तथा अन्य परिजनों से बातचीत की। काफी देर तक उन्होंने परिवार की बातें सुनीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली。 मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से भरत तिवारी की मौत हुई, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था और किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर इस मामले में आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए。
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झुंझुनूं: मंडावा की सौंथलिया हवेली की सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं से इस वक्त की बड़ी खबर भजनलाल सरकार की विरासत संरक्षण मुहिम में बड़ा एक्शन एक शिकायत पर टूटने से बची मंडावा की ऐतिहासिक सौंथलिया हवेली! इंटेक संयोजक रघुवेंद्र सिंह व सह संयोजक अतुल खन्ना ने की थी शिकायत जिला कलेक्टर ने नगरपालिका को दिए 24 घंटे निगरानी के आदेश हवेली मालिकों को नोटिस, तोड़फोड़ पर होगी कानूनी कार्रवाई शेखावाटी की 662 विरासत हवेलियों में शामिल है सौंथलिया हवेली शेखावाटी की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में झुंझुनूं जिला प्रशासन ने बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। झुंझुनूं जिले के मंडावा की ऐतिहासिक सौंथलिया हवेली को तोड़े जाने की आशंका के बीच जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए हवेली में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या मूल स्वरूप में परिवर्तन पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, नगर पालिका मंडावा को हवेली पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में विरासत भवन को नुकसान न पहुंचे। मामले की शुरुआत उस समय हुई, जब इंटेक झुंझुनूं चैप्टर के संयोजक रघुवेंद्र सिंह डूंडलोद व सह संयोजक अतुल खन्ना ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि मंडावा के ऐतिहासिक सौंथलिया गेट के पास स्थित सौंथलिया हवेली को एक-दो दिन में ध्वस्त किए जाने की तैयारी है। पत्र में उल्लेख किया गया कि यह मंडावा की सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत विरासत हवेलियों में से एक है तथा शेखावाटी की उन 662 ऐतिहासिक हवেলियों की सूची में भी शामिल है, जिनके संरक्षण को लेकर हाल ही में मुख्यमंत्री ने प्रतिबद्धता जताई थी। सह संयोजक अतुल खन्ना ने बताया कि शिकायत मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने उसी समय सख्त आदेश जारी कर दिए। उन्होंने हवेली के मालिकों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उन्हें केवल हवेली के विक्रय और पंजीयन की अनुमति दी गई थी, मूल स्वरूप में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या तोड़फोड़ की अनुमति नहीं है। आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि हवेली के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई तो अनुमति निरस्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर ने उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं उप पंजीयक को हवेली का निरीक्षण कर मालिकों को तोड़फोड़ नहीं करने के लिए पाबंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगरपालिका मंडावा को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी प्रकार के निर्माण, परिवर्तन या ध्वस्तीकरण को रोकने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मंडावा थाना पुलिस को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण का भरोसा दिलाया था। जिला कलेक्टर का यह आदेश उसी प्रतिबद्धता को धरातल पर लागू करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। विरासत संरक्षण के क्षेत्र में इसे झुंझुनूं जिले की महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शेखावाटी की धरोहरों को संरक्षित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
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मानसून की पहली बारिश से एसएमएस अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में जलभराव, सुरक्षा पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस के ट्रॉमा सेंटर में मानसून की पहली तेज बारिश ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। देर रात हुई बारिश के बाद ट्रॉमा सेंटर की छत से पानी रिसता हुआ ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गया। मुख्य इमरजेंसी, आईसीयू, ईसीजी कक्ष, एक्स-रे रूम, बरामदों और कई वार्डों में पानी भर गया, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गंभीर मरीज बारिश के पानी के बीच इलाज और जांच कराने को मजबूर नजर आए। जलभराव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल कर्मियों को भी उपचार और अन्य व्यवस्थाएं संभालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सवाल यह है कि हर साल मानसून से पहले तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में ट्रॉमा सेंटर की ऐसी स्थिति क्यों बनी? आखिर मरीजों की सुरक्षा और इलाज की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
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टोंक के मुख्य बाजार में चोरी: 30 हजार नकदी के साथ चोर फरार

Tonk, Rajasthan:टोंक शहर में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर मुख्य बाजार में चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाया। बदमाश दुकान का शटर काटकर अंदर घुसे, सीसीटीवी कैमरे और उनकी वायरिंग भी तोड़ दी ताकि कोई सबूत न बच सके। चोर दुकान से करीब 30 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है और शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। टोंक के मुख्य बाजार स्थित आरएम लाइनिंग डोरा-बटन की दुकान में देर रात चोरों ने धावा बोल दिया। बदमाश पहले दुकान का शटर काटकर अंदर दाखिल हुए और फिर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ उनकी वायरिंग भी तोड़ दी। इसके बाद गल्ले में रखी करीब 30 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वहीं, शहर के सबसे व्यस्त बाजार और कोतवाली थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई इस चोरी की घटना ने व्यापारियों में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है। लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों के बीच व्यापारी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
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झांसी के डीपीएस कॉम्प्लेक्स में अचानक आग, केनरा बैंक ऑफिस के नीचे भी धुआं

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में नवाबाद थाना क्षेत्र के सीपरी-इलाइट रोड स्थित डीपीएस कॉम्प्लेक्स में आज सुबह एक ट्रेडिंग कंपनी के ऑफिस में अचानक भीषण आग लग गई। वहीं कॉम्प्लेक्स से आग की लपटें और धुआं निकलता देख राहगीरों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही आनन-फानन में एक के बाद एक दो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद ऑफिस के अंदर लगी आग पर पानी डालकर काबू पाया। गनीमत रही समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ी घटना होने से बच गई। जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसके नीचे के हिस्से में केनरा बैंक का ऑफिस है। फिलहाल थाना पुलिस आग लगने के सही कारणों की जांच में जुटी है। मगर आग की चपेट में आने से ऑफिस में रखा फर्नीचर, कंप्यूटर और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए हैं।
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