Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Patna804452

मसौढ़ी में पंचायत समिति की बैठक में पेयजल समस्या पर चर्चा

Jul 28, 2024 01:45:02
Masaurhi, Bihar

मसौढ़ी के पुनपुन प्रखंड स्थित सभागार में पंचायत समिति की बैठक हुई, जिसमें कई सदस्यों ने पेयजल का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने बताया कि नल जल योजना से लोगों को लाभ मिला है, लेकिन बिजली की कमी के कारण आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। गांव के चापाकल भी खराब पड़े हैं और लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। सभी सदस्यों ने पीएचडी विभाग से गांव के चापाकल की मरम्मत और नए चापाकल लगाने की मांग की।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

0
comment0
Report
KKKRISNDEV KUMAR
Jan 08, 2026 09:32:04
0
comment0
Report
ADArvind Dubey
Jan 08, 2026 09:31:48
Obra, Uttar Pradesh:Anchor: सोनभद्र जनपद में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और दुद्धी से आठ बार विधायक रहे विजय सिंह गोंड का निधन हो गया है। 71 वर्षीय विजय सिंह गोंड लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे दुद्धी क्षेत्र सहित जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है। आदिवासी समाज की मजबूत आवाज और सपा के कद्दावर नेताओं में शुमार विजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर दशकों तक चला। कल शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार दुद्धी में कनहर घाट पर किया जाएगा। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर डीसीएफ कॉलोनी स्थित गोंडवाना भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दुखद खबर की पुष्टि सपा विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने की है。 VO: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे विजय सिंह गोंड का आज निधन हो गया। 71 वर्षीय विजय सिंह गोंड लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। राजनीति में उनकी गिनती एक जमीनी और जनप्रिय नेता के रूप में होती रही।आदिवासी समाज के हक़ और अधिकारों की लड़ाई को उन्होंने हमेशा मजबूती से उठाया। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में उनका गहरा प्रभाव रहा और जनता से उनका सीधा जुड़ाव था। हाल ही में दुद्धी विधानसभा में हुए उपचुनाव में विजय सिंह गोंड ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज कर एक बार फिर विधानसभा में वापसी की थी। उनके निधन की खबर फैलते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। सपा विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को दुद्धी के कनहर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले डीसीएफ कॉलोनी स्थित गोंडवाना भवन में उनका पार्थिव शरीर आमजन के दर्शन के लिए रखा जाएगा। विजय सिंह गोंड के निधन को समाजवादी पार्टी और दुद्धी क्षेत्र की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है。
0
comment0
Report
NJNEENA JAIN
Jan 08, 2026 09:31:30
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में रोडवेज कर्मचारियों की दबंगई एक बार फिर सवालों के घेरे में है। छुटमलपुर रोडवेज डिपो में जो हुआ, उसने कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आरोप है कि बस की कार में मामूली साइड लगने का विरोध करना एक परिवार को इतना महंगा पड़ा कि बाप और उसके दो बेटों को सरेआम घसीटकर डिपो परिसर में ले जाया गया, गेट बंद किया गया और फिर जमकर पिटाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। छुटमलपुर निवासी सोनू सैनी अपने बेटों हर्ष सैनी और मुकुल सैनी के साथ पंजाबी मार्केट में खरीदारी करने आए थे। उन्होंने शनिदेव मंदिर के पास कार खड़ी की थी। इसी दौरान एक रोडवेज बस ने उनकी कार में साइड मार दी। सोनू सैनी ने जब इसका विरोध किया तो मामला शांत होने के बजाय भड़क उठा। आरोप है कि बस चालक और परिचालक आगबबूला हो गए और मौके पर ही गाली-गलौज शुरू कर दी। यहीं से विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोडवेज कर्मचारियों ने सोनू सैनी और उनके दोनों बेटों को जबरन खींचते हुए रोडवेज डिपो के अंदर ले जाया। डिपो का गेट बंद कर दिया गया और फिर तीनों के साथ लाठी-घूंसे और लातों से बेरहमी से मारपीट की गई। डिपो कुछ देर के लिए किसी जेल या निजी सजा-घर में तब्दील हो गया, जहां कानून नहीं बल्कि कर्मचारियों की ताकत चलती दिखी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के बाजार से लोग बड़ी संख्या में रोडवेज डिपो पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने गेट खुलवाया और किसी तरह तीनों को रोडवेज कर्मचारियों के चंगुल से छुड़ाया। घायल अवस्था में सोनू सैनी और उनके बेटों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद व्यापारी नेता विकास गुप्ता, संदीप रोहिला, पूर्व प्रधान कर्म सिंह सैनी, दीपक भोरवाल समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे और रोडवेज कर्मचारियों की इस हरकत पर तीखा आक्रोश जताया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस बीच पूरे घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो वायरल हो रहा है। वीडियों में डिपो के अंदर की कथित गुंडागर्दी साफ नजर आ रही है, जिससे विभाग और पुलिस की किरकिरी हो रही है। पीड़ित पक्ष की ओर से थाना फतेहपुर में रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
0
comment0
Report
RKRakesh Kumar Bhardwaj
Jan 08, 2026 09:30:53
0
comment0
Report
KCKashiram Choudhary
Jan 08, 2026 09:30:19
Jaipur, Rajasthan:ई-डिटेक्शन से ओवरलोड के चालान, परिवहन विभाग ने की नई शुरुआत - अब माइनिंग के ई-रवन्ना के होने लगे चालान, पहले बल्क में एक साथ आते थे चालान - 15 दिन में 23 हजार से अधिक चालान इश्यू, नोटिस का जवाब नहीं दिया तो होगा चालान जयपुर। ओवरलोड वाहनों के चालान अब ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर से किए जाएंगे। परिवहन विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है। माइनिंग के ओवरलोड वाहनों के चालान ई-रवन्ना से होना शुरू हो चुके हैं। परिवहन विभाग इनके चालान वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर के जरिए कर रहा है। राजस्थान में इन दिनों हाईवे पर भारी वाहनों और यात्री वाहनों के टोल डेटा के आधार पर चालान किए जा रहे हैं। जितने भी वाहन टोल से गुजरते हैं उनका रिकॉर्ड परिवहन विभाग को मिलता है। एनआईसी इसी रिकॉर्ड के आधार पर बगैर पूर्ण दस्तावेज वाले वाहनों का चालान कर रहा है। यह चालान वाहन सॉफ्टवेयर के साथ इंटिग्रेशन कर किए जा रहे हैं। लेकिन अब इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ रहा है। इसके तहत अब ओवरलोडिंग के चालान भी सॉफ्टवेयर के जरिए अपने आप हो जाएंगे। परिवहन विभाग ने माइनिंग विभाग से मिलने वाले ई-रवन्ना के डेटा के आधार पर ओवरलोडिंग के चालान करने की शुरुआत की है। इसके तहत जैसे ही ई-रवन्ना का डेटा परिवहन विभाग को मिलेगा। विभाग इस डेटा के आधार पर वाहन मालिक के नाम ओवरलोडिंग का कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। इस नोटिस का सम्बंधित वाहन मालिक को 15 दिन में परिवहन विभाग को जवाब भेजना होगा। जवाब संतुष्टिजनक नहीं होता है तो यही नोटिस आगे चालान में कन्वर्ट हो जाएगा। जवाब नहीं देने की स्थिति में भी नोटिस चालान में बदल जाएगा। ई-डिटेक्शन सिस्टम में अभी तक कौनसे चालान हो रहे ? - बस, ट्रक, पिक अप, टैक्सी आदि भारी और यात्री वाहनों के चालान हो रहे - दस्तावेज पूरे नहीं होने के आधार पर किए जा रहे हैं चालान। - इन वाहनों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं होने, परमिट नहीं होने, - बीमा नहीं करवाने, टैक्स जमा नहीं करवाने, फिटनेस नहीं होने, - वाहन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र यानी प्रदूषण जांच नहीं करवाने पर चालान हो रहे अब ई-डिटेक्शन सिस्टम में नई शुरुआत क्या ? - अब ई-डिटेक्शन सिस्टम में ओवरलोड वाहनों के चालान शुरू किए गए - ओवरलोड माइनिंग रवन्नों के चालान वाहन सॉफ्टवेयर से इंटिग्रेट करके हो रहे - डीटीओ की आईडी से चालान काटकर वाहन मालिक को भेजे जा रहे अब 158 टोल डेटा के रिकॉर्ड से बनेंगे चालान ई-डिटेक्शन सिस्टम में चालान टोल डेटा के आधार पर किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग को अब राज्य के सभी 158 टोल का रिकॉर्ड मिल सकेगा। हालांकि दिसंबर माह तक विभाग को राज्य के करीब 90 टोल से ही डेटा मिल रहा था। अब PWD-RSRDC के टोल को भी ई-डिटेक्शन से इंटिग्रेट किया जा रहा है। अब डेटा को रियल टाइम में प्रोसेस करते हुए ई-चालान बनाए जाएंगे। वहीं सर्वर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भी पत्र लिख रहा है। विभाग चुने हुए टोल प्लाजा से डेटा लेकर ITMS से जोड़ने की व्यवहार्यता देख रहा है। राज्य में ई-डिटेक्शन से अब तक कितने हुए चालान ? - 28 जुलाई 2025 से शुरू हुआ था ई-डिटेक्शन सिस्टम - 28 जुलाई 2025 से 7 जनवरी 2026 तक कुल 7.81 लाख चालान - 473.7 करोड़ राशि के चालान किए गए - इनमें से 29417 वाहन मालिकों ने जुर्माना भरा, चालान कम्पाउंड हुए - परिवहन विभाग को अब तक 11.74 करोड़ रुपए जुर्माना राशि मिली - माइनिंग ई-रवन्ना के ओवरलोड के चालान 17 दिसंबर से शुरू हुए - 31 दिसंबर तक खान विभाग कुल 23215 चालान जारी कर चुका - विभाग द्वारा अब तक करीब 70 हजार वाहन मालिकों को दिए गए नोटिस
0
comment0
Report
HBHeeralal Bhati
Jan 08, 2026 09:29:54
0
comment0
Report
KCKashiram Choudhary
Jan 08, 2026 09:29:45
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - ई-डिटेक्शन से ओवरलोड के चालान! - परिवहन विभाग ने की नई शुरुआत - अब माइनिंग के ई-रवन्ना के होने लगे चालान - पहले बल्क में एक साथ आते थे चालान - 15 दिन में 23 हजार से अधिक चालान इश्यू - ई-डिटेक्शन में पहले से किए जा रहे हैं चालान एंकर ओवरलोड वाहनों के चालान अब ऑटोमेटिक साॅफ्टवेयर से किए जाएंगे। परिवहन विभाग ने इसकी शुरुआत कर दी है। माइनिंग के ओवरलोड वाहनों के चालान ई-रवन्ना से होना शुरू हो चुके हैं। परिवहन विभाग इनके चालान वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर के जरिए कर रहा है। यह रिपोर्ट देखिए- ई-डिटेक्शन सिस्टम में चालान टोल डेटा के आधार पर किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग को अब राज्य के सभी 158 टोल का रिकॉर्ड मिल सकेगा। हालांकि दिसंबर माह तक विभाग को राज्य के करीब 90 टोल से ही डेटा मिल रहा था। अब PWD-RSRDC के टोल को भी ई-डिटेक्शन से इंटिग्रेट किया जा रहा है। अब डेटा को रियल टाइम में प्रोसेस करते हुए ई-चालान बनाए जाएंगे। वहीं सर्वर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भी पत्र लिख रहा है। विभाग चुने हुए टोल प्लाजा से डेटा लेकर ITMS से जोड़ने की व्यवहार्यता देख रहा है। कितने हुए चालान ? - 28 जुलाई 2025 से शुरू हुआ था ई-डिटेक्शन सिस्टम - 28 जुलाई 2025 से 7 जनवरी 2026 तक कुल 7.81 लाख चालान - 473.7 करोड़ राशि के चालान किए गए - इनमें से 29417 वाहन मालिकों ने जुर्माना भरा, चालान कम्पाउंड हुए - परिवहन विभाग को अब तक 11.74 करोड़ रुपए जुर्माना राशि मिली - माइनिंग ई-रवन्ना के ओवरलोड के चालान 17 दिसंबर से शुरू हुए - 31 दिसंबर तक खान विभाग कुल 23215 चालान जारी कर चुका - विभाग द्वारा अब तक करीब 70 हजार वाहन मालिकों को दिए गए नोटिस
0
comment0
Report
NSNaresh Sethi
Jan 08, 2026 09:28:36
Kot Kapura, Punjab:ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਡੀਜੀਪੀ ਪੰਜਾਬ ਸ੍ਰੀ ਗੌਰਵ ਯਾਦਵ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਫਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸਾਲ 2025 ਦੌਰਾਨ ਅਪਰਾਧੀਆਂ, ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਅਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਗਈ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਨਿਲਾਂਬਰੀ ਜਗਦਲੇ ਆਈ.ਜੀ. ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ ਵੱਲੋਂ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ “ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ” ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਫਰੀਦਕੋਟ, ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਮੋਗਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 3125 ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਸਬੰਧੀ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰਕੇ 4144 ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ 95 ਕਿਲੋ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੈਰੋਇਨ, 106 ਕਿਲੋ ਅਫੀਮ, 11 ਹਜ਼ਾਰ ਕਿਲੋ ਤੋਂ ਵੱਧ ਭੁੱਕੀ ਚੂਰਾ, 13 ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ/ਕੈਪਸੂਲ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 62 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਡਰੱਗ ਮਨੀ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਸਮਰਥਿਤ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਕਰਦੇ ਹੋਏ 12.1 ਕਿਲੋ ਹੈਰੋਇਨ ਸਮੇਤ ਦੋ ਤਸਕਰਾਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਦੀ ਕਾਲੀ ਕਮਾਈ ਨਾਲ ਬਣੀ ਲਗਭਗ 14.70 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਜਾਇਦਾਦ ਜ਼ਬਤ ਕਰਨ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਵੀ ਅਮਲ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਵਿਰੋਧੀ ਅਨਸਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਸੈਂਕੜੇ ਦੋਸ਼ੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਅਤੇ ਵੱਡੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਹਥਿਆਰ ਬਰਾਮਦ ਹੋਏ। ਸਾਈਬਰ ਅਪਰਾਧਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਕੇ 2.05 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵੱਧ ਦੀ ਰਕਮ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਕਰਵਾਈ ਗਈ। ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਸੁਵਿਧਾਵਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ 120 ਰਾਹਤ ਕੈਂਪ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੈਂਪਾਂ ਦੌਰਾਨ 7248 ਦਰਖਾਸਤਾਂ ਦਾ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਟਰੈਫਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਸਖਤੀ ਨਾਲ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ ਅਧੀਨ ਆਉਂਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਾਲ 2025 ਦੌਰਾਨ ਟਰੈਫਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਨਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੇ ਕੁੱਲ 92350 ਚਲਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ । ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ ਅਧੀਨ ਆਉਣੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸੰਗਠਿਤ ਅਪਰਾਧ ਦੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ 666 ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਪੀ.ਓ/ਭਗੋੜਿਆ ਖਿਲਾਫ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ 330 ਪੀ.ਓ/ਭਗੋੜਿਆ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸੰਪਰਕ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਭੈੜੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਤੋਂ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਕੁੱਲ 1985 ਮੀਟਿੰਗਾਂ/ਸੈਮੀਨਾਰਾਂ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਲੜਾਈ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਸੇਫ਼ ਪੰਜਾਬ ਹੈਲਪਲਾਈਨ 97791-00200 ‘ਤੇ ਗੁਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਣ। ਬਾਈਟ- ਨਿਲੰਬਰੀ ਜਗਾਦਲੇ DIG ਫਰੀਦਕੋਟ ਰੇਂਜ
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top