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PKPrashant KumarFollow19 Sept 2024, 04:58 am
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HTET-2025: पानीपत में 27 केंद्र, 16 हजार अभ्यर्थी परीक्षा के लिए तैयार

Panipat, Haryana:HTET 2025 को लेकर पानीपत प्रशासन अलर्ट 27 केंद्रों पर देंगे 16 हजार अभ्यर्थी परीक्षा पानीपत, हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET)-2025 के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला सचिवालय में पुलिस, शिक्षा, ट्रेजरी, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई को लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि 5 जुलाई को लेवल-2 (टीजीटी) और लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षाएं होंगी। जिले में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 16 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सभी केंद्रों पर बोर्ड द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है तथा केंद्र अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर दो स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात प्रबंधन के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग और फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी। उपायुक्त ने बताया कि परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित सामुदायिक केंद्रों और धर्मशालाओं को चिन्हित किया गया है, जहां उन्हें ठहरने और बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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अर्नी विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए EV, Solar और Drone केंद्रों के साथ MoU

Nurpur, Himachal Pradesh:अर्नी विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों के लिए पहल: स्काई स्किल अकादमी एवं स्काई स्किल लैब्स के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत विश्वविद्यालय परिसर में EV & Battery Technology, Solar Energy Technology तथा Drone Technology के तीन अत्याधुनिक Centres of Excellence स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन कार्यक्रम, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह initiative उद्योग-शिक्षा समन्वय को मजबूत बनाएगा और NEP 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप कौशल विकास को गति देगा।
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31 बेरियाँ फिर से जीवित, मोहनगढ़ में जल-संरक्षण की नई पहल

Jaisalmer, Rajasthan:पूर्वजों की अमानत फिर देगी जीवन का जल, वर्षों बाद फिर आबाद होंगी सुल्ताना की ऐतिहासिक 31 बेरियां मोहनगढ़ जैसलमेर मरुभूमि में पानी केवल एक जरूरत नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद होता है। ऐसे में मोहनगढ़ क्षेत्र के सुल्ताना गांव से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों के चेहरे पर खुशी लौटा दी है। वर्षों से बंद पड़ी पूर्वजों की बनाई गई ऐतिहासिक 31 पुश्तैनी बेरियां अब फिर से जीवन देने के लिए तैयार हैं। वही ग्रामीणों व सेना के अधिकारियो के बिच एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। बैठक में गांव के गणमान्य लोग युवा मौजूद रहे। बैठक में सेना से आवश्यक सहमति मिलने के बाद इन ऐतिहासिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का रास्ता साफ हो गया है। यह खबर सामने आते ही सुल्ताना गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि उनके पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है, जिसे अब नई जिंदगी मिलने जा रही है। एक समय था जब इन बेरियों का पानी पूरे क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाता था। गांव की महिलाएं सिर पर मटके रखकर यहां से पानी भरती थीं, चरवाहे अपने पशुओं को पानी पिलाने लाते थे और राहगीरों के लिए भी यह जीवनदायिनी साबित होती थीं। लेकिन समय के साथ ये बेरियां बंद हो गईं। चारों ओर झाड़ियां उग आईं और यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे वीरान होती चली गई। ग्रामीणों ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। वर्षों तक लगातार प्रयास किए, सेना से संपर्क बनाए रखा और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। अब इन बेरियों के आसपास उगी झाड़ियों को हटाकर सफाई की जाएगी और पूरे क्षेत्र का पुनः जीर्णोद्धार किया जाएगा ताकि यह ऐतिहासिक जल स्रोत फिर से पहले की तरह लोगों की बेजुबान पशुओं की और सेना के जवानो की प्यास बुझा सकेगा। गांव के बुजुर्गों की आंखों में आज भी वे दिन ताजा हैं, जब इन बेरियों का मीठा पानी पूरे इलाके की पहचान हुआ करता था। उनका कहना है कि यह फैसला केवल पानी मिलने की खुशी नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों की विरासत को बचाने का गर्व भी है। मरुभूमि में जहां पानी की हर बूंद अनमोल होती है, वहां सुल्ताना की इन 31 बेरियों का पुनर्जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। यह पहल न केवल जल संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि यह भी बताती है कि यदि समाज अपनी विरासत को बचाने का संकल्प ले, तो वर्षों से बंद पड़े इतिहास में भी फिर से जीवन की धारा बह सकती है।
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रेवाड़ी में भीषण गर्मी: पारा 42°C, लू से लोग बेहाल, बारिश की उम्मीद

Rewari, Haryana:रेवाड़ी में भीषण गर्मी का टॉर्चर.... 42 डिग्री पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल..... बारिश की आस में लोग..... सड़कों पर सन्नाटा, खाली घूम रहे ई-रिक्शा.... प्रदेशभर के साथ-साथ रेवाड़ी जिले में भी गर्मी का सितम लगातार जारी है। आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती तेज लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सोमवार को रेवाड़ी का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आने वाले दिनों में इसके 44 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, रात को भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है, न्यूनतम तापमान 34 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे रातें भी बेहद गर्म और बेचैन करने वाली हो गई हैं। दोपहर के समय धूप और लू का असर इतना खतरनाक है कि सड़कों पर मानो अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। गर्मी का सबसे बड़ा असर रेवाड़ी के ई-रिक्शा चालकों और ऑटो चालकों पर पड़ा है। सड़कों पर सवारी न होने के कारण ई-रिक्शा चालक बिना सवारी के ही खाली घूमने को मजबूर हैं। चालकों का कहना है कि इस झुलसा देने वाली गर्मी में लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक कमाई पर भारी मार पड़ी है। विडियो - गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोग लगातार पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। बाजार में गन्ने का जूस, लस्सी, शिकंजी और नारियल पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। लोग गला तर करके किसी तरह अपनी प्यास बुझा रहे हैं और खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस से परेशान रेवाड़ी के नागरिक अब सिर्फ आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं। लोगों को अब केवल मॉनसून या प्री-मॉनसून की बारिश का ही इंतजार है, ताकि इस जानलेवा गर्मी से कुछ राहत मिल सके।
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द्वारका में भीषण गर्मी से लोग बेहाल, दोपहर में तापमान चढ़ा

New Delhi, Delhi:स्टोरी - द्वारका, राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि कई बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज धूप में कुछ मिनट भी बाहर खड़ा होना मुश्किल हो रहा है। गर्मी के चलते बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग गर्मी से बचने के लिए छाता, टोपी और पानी की बोतल का सहारा ले रहे हैं, वहीं ठंडे पेय पदार्थों और जूस की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। मौसम में बदलाव और बारिश का इंतजार कर रहे लोगों का कहना है कि बारिश होने के बाद ही इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
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शिवहर के छपरा सिरहा टोला में गैस सिलेंडर फटने से आठ घर जल, छह घायल

Sheohar, Bihar:शिवहर जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के छपरा सिरहा टोला गांव में घरेलू गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के आठ घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें दो की हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक घर में अचानक सिलेंडर में तेज धमाका हुआ और आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। आग इतनी भयावह थी कि लोगों को घर से सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन व नकदी समेत गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। वही घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए कई लोगों को घरों से बाहर निकाला और तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सभी घायलों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अग्निपीड़ित परिवारों को नियमानुसार तत्काल अनुदान मुहैया कराया जाएगा। राजस्व कर्मियों को क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
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बोकारो विस्थापितों का उग्र प्रदर्शन, शवयात्रा के दौरान पुलिस के साथ भिड़ंत

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में विस्थापितों का उग्र प्रदर्शन, DC-DDC की निकाली गई शव यात्रा, पुलिस से विस्थापितों का नोकझोंक. बताये चले कि बोकारो में विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विस्थापितों ने कैम्प 2 स्थित टाउन हॉल से DPLR कार्यालय तक उपायुक्त और डीडीसी की शव यात्रा निकाली. बड़ी संख्या में महिला-पुरुष रैली में शामिल हुए. 'विस्थापितों को न्याय दो', 'DPLR जमीन आवंटन की जांच हो' के नारों के साथ प्रदर्शनकारी निदेशालय परियोजना भूमि एवं पुनर्वास कार्यालय पहुंचे. DPLR कार्यालय पहुंचने पर जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने पुतले में आग लगाने की कोशिश की, पहले से तैनात सिटी थाना प्रभारी सुदामा दास के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा का हवाला देते हुए पुतला कब्जे में लेने का प्रयास किया. इसी बात पर विस्थापितों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ. काफी देर समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ. विस्थापित नेता अरुण कुमार ने कहा कि विस्थापितों ने BSL निर्माण के लिए अपनी पूरी जमीन दे दी, लेकिन आज दर-दर भटक रहे हैं। DPLR ऑफिस में भ्रष्टाचार, वर्षों से जमे कर्मचारियों का ट्रांसफर और विस्थापितों की जमीन की जांच हमारी मुख्य मांगें हैं. त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा रही. मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन होगा. सिटी थाना प्रभारी सुदामा दास ने कहा कि शव यात्रा निकाली गई थी जिसे रोक दिया गया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था. बाइट: अरुण कुमार, विस्थापित नेता. बाइट: सुदामा दास, सिटी थाना प्रभारी.
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जालगांव में दिनदहाड़े तलाकशुदा महिला से अत्याचार, आरोपी सुनील चौधरी गिरफ्तार

Jalgaon, Maharashtra:जळगावात नाशिक येथील घटस्फोटीत महिलेवर अत्याचार झाल्याची घटना समोर आली आहे जळगावात सागर पार्कजवळ भरदुपारी वर्दळीच्या परिसरात कारमधील अत्याचाराचा प्रकार याप्रकरणी रामानंद नगर पोलिस ठाण्यात धरणगाव येथील सुनील मधुकर चौधरी याच्याविरुद्ध गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे प्रॉपर्टीचे काम करतो असे सांगून ओळख निर्माण केली त्यानंतर उसनवार घेतलेले पैसे देण्याच्या बहाण्याने बोलावून अत्याचार केला. अत्याचार केल्याचा प्रकार कोणाला सांगितला तर तुला पाहून घेईन, अशी धमकीही सुनील चौधरी याने दिली असल्याची माहिती समोर आली आहे..
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मछली व्यापारी की हत्या: मजदूरी विवाद से बना खौफनाक साजिश, 5 गिरफ्तार

Dhamtari, Chhattisgarh:धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में हुए मछली व्यापारी हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है...... जांच में सामने आया कि मामूली मजदूरी विवाद ने ऐसी खौफनाक साजिश का रूप ले लिया, जिसमें एक मेहनतकश व्यापारी की बेरहमी से जान ले ली गई...... पुलिस ने इस मामले में तीन वयस्क और दो नाबालिग समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है...... पुलिस के मुताबिक, नगरी थाना क्षेत्र के ग्राम गोरगांव निवासी विप्लव मंडल मछली पालन का व्यवसाय करते थे....... उनके फिश फार्म में काम करने वाले कुछ मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी...... इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने बदला लेने की साजिश रच डाली...... वारदात वाले दिन आरोपियों ने पहले लूटपाट की और फिर धारदार चाकू से विप्लव मंडल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया....... शरीर पर कई गंभीर वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई...... हत्या की इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी...... वही पुलिस ने तेज़ी से जांच करते हुए टंकेश्वर नेताम, सुरेंद्र यादव, जगदीश विश्वकर्मा और दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई के लिए भेज दिया है...... और आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी भी बरामद कर ली है...... फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है
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बिलासपुर जेल में नहाते वक्त बंदी जनकराम साहू की मौत, उच्चस्तरीय जांच शुरू

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर केंद्रीय जेल में नहाने के दौरान तखतपुर निवासी बंदी जनकराम साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि नहाते समय जनकराम अचानक फिसलकर गिर गया और उसका सिर पत्थर से जा टकराया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल प्रशासन द्वारा उसे तत्काल इलाज के लिए सिम्स (CIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत यह पता लगाया जा रहा है कि यह महज एक फिसलन के कारण हुआ हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है........
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विदिशा जिला अस्पताल की लिफ्ट बंद: मरीजों को तीसरी-चौथी मंजिल तक चढ़ना मुश्किल

Vidisha, Madhya Pradesh:एंकर : विदिशा जिला अस्पताल में पिछले दो दिनों से लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों, खासकर बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीसरी और चौथी मंजिल तक पैदल पहुंचना मजबूरी बन गया है। अस्पताल पहुंचे खुशाल सिंह राजपूत ने बताया कि उन्हें चौथी मंजिल तक सीढ़ियों से जाना पड़ा, जिससे काफी दिक्कत हुई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से जल्द लिफ्ट शुरू कराने की मांग की है। वीओ : जिला अस्पताल की लिफ्ट बंद होने से मरीजों, बुजुर्गों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोजाना इलाज के लिए आने वाले लोगों को तीसरी और चौथी मंजिल तक पैदल चढ़ना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा में लिफ्ट लंबे समय तक बंद रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मरम्मत कर लिफ्ट चालू कराने की मांग की है। बाइट : खुशाल सिंह राजपूत
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विदिशा के किसानों ने सरकारी रास्ता अतिक्रमण हटाने की मांग कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा के किसानों ने सरकारी रास्ता अतिक्रमण हटाने की मांग कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के करीब 40 से 50 किसानों के खेतों तक जाने वाला वर्षों पुराना सरकारी रास्ता एक दबंग किसान ने कब्जा कर बंद कर दिया है। किसानों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पटवारी होने के कारण अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है। इसी रास्ते से कई पीढ़ियों से किसान अपने खेतों तक आते-जाते रहे हैं, लेकिन अब रास्ता बंद होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पहले की गई शिकायत पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे थे, लेकिन सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवाने के बजाय निजी भूमि से रास्ता निकालने की बात कही गई। वहीं, ग्राम सरपंच राहुल गुर्जर का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें और अन्य ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने तथा सरपंच होने के नाते उनके खिलाफ जांच बैठाने की धमकी भी दी जा रही है। किसानों ने प्रशासन से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर रास्ता बहाल कराने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
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