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PKPrashant KumarFollow7 Oct 2024, 11:53 am

मुंगेर में डीएम और एसपी ने शादीपुर बड़ी दुर्गा महरानी मंदिर की तैयारियों का लिया जायजा

Tola Raunakabad Pahar, Bihar:

मुंगेर में जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने शादीपुर बड़ी दुर्गा महरानी मंदिर का दौरा कर दुर्गा पूजा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर के अंदर और बाहर की व्यवस्था, सीसीटीवी की स्थिति और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अष्टमी से दशमी तक भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी एसडीओ और एसडीपीओ को सौंप दी गई है। इस बार जन सहयोग के माध्यम से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

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मालाड में चार साल से फ्रीजर में शव, क्रायॉनिक्स से जिंदगी की उम्मीद पर सवाल

Mumbai, Maharashtra:मालाड में 4 साल तक फ्रीजर में रखा बुजुर्ग का शव, क्रायोनिक्स के जरिए दोबारा जिंदा करने की थी उम्मीद? मुंबई के मालाड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक 78 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद उनका शव कथित तौर पर करीब चार साल तक एक निजी परिसर के फ्रीजर में रखा गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग की मौत 9 जून 2022 को कैंसर की वजह से हुई थी। परिवार की ओर से यह बात सामने आई है कि उन्हें भविष्य में मेडिकल साइंस की तरक्की के जरिए बुजुर्ग को दोबारा जिंदा किए जाने की उम्मीद थी। इसी वजह से शव को सुरक्षित रखने की बात कही जा रही है। Zee Media की टीम उस जगह पहुंची, जहां बुजुर्ग की मौत के बाद कथित तौर पर उनका शव रखा गया था। मौके पर अब डे केयर सेंटर का पोस्टर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह पोस्टर कुछ दिन पहले ही लगाया गया था। इससे पहले इसी परिसर में अलग-अलग नामों से अस्पताल संचालित होने की जानकारी सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में यहां Careful Hospital के नाम से अस्पताल चलाया गया और बाद में इसका नाम बदलकर Millat Hospital किया गया। इसके बाद परिसर में डे केयर सेंटर का बोर्ड लगाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले संबंधित परिसर को बंद कर दिया गया था। इसके बाद जब अंदर से दुर्गंध आने लगी तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिसर का ताला तोड़कर अंदर जांच की, जहां फ्रीजर में बुजुर्ग का शव मिला। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि बुजुर्ग की मौत वर्ष 2022 में हुई थी और शव को लंबे समय से वहां रखा गया था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शव को इतने लंबे समय तक किस परिस्थिति में रखा गया और इसे रखने की अनुमति या व्यवस्था किस आधार पर की गई थी। आशंका जताई जा रही है कि परिसर बंद होने के बाद फ्रीजर भी काम करना बंद कर गया होगा, जिसके चलते शव डीकंपोज होने लगा और इलाके में दुर्गंध फैलने लगी। इस मामले का सबसे अहम पहलू क्रायोनिक्स से जुड़ा है। परिवार की ओर से कथित तौर पर यह बताया गया है कि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में विज्ञान इतनी तरक्की कर सकता है कि मृत व्यक्ति को दोबारा जीवित करने की संभावना बन सके। क्रायोनिक्स में मृत व्यक्ति के शरीर या मस्तिष्क को बेहद कम तापमान पर संरक्षित रखने की अवधारणा शामिल है। हालांकि, अब तक किसी इंसान को क्रायोनिक्स के जरिए दोबारा जीवित करने की वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सफलता सामने नहीं आई है। परिवार के मुताबिक, बुजुर्ग की बेटी अमेरिका में रहती है और वहीं से उसे क्रायोनिक्स के बारे में जानकारी मिली थी। इसी उम्मीद के चलते भाई-बहन ने पिता के शव को सुरक्षित रखने का फैसला किया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि शव को रखने के लिए परिवार की ओर से कथित तौर पर संबंधित सेंटर को हर महीने करीब 1 लाख 60 हजार रुपये दिए जा रहे थे। पुलिस अब इस भुगतान और शव को वहां रखने से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी कैमरे पर सामने नहीं आए, लेकिन उन्होंने बताया कि बुजुर्ग की मौत से संबंधित दस्तावेज परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस अब डेथ सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस मामले में BMC की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। BMC की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संबंधित परिसर को डे केयर सेंटर चलाने की कोई अनुमति निगम की ओर से नहीं दी गई थी। हालांकि, मौके पर लगा डे केयर सेंटर का बैनर कुछ दिन पहले ही लगाया गया बताया जा रहा है। इससे पहले इसी जगह पर अस्पताल संचालित होने की बात स्थानीय लोगों और परिसर से जुड़े लोगों ने बताई है। यही वजह है कि अब यह भी जांच का विषय है कि वहां किस नाम और किस अनुमति के तहत चिकित्सा गतिविधियां संचालित हो रही थीं। Zee Media की टीम ने स्थानीय लोगों से भी बात की। अनीता सोनी नाम की महिला की डिलीवरी इसी परिसर में होने की जानकारी सामने आई है। उनके पति अजय सोनी के मुताबिक, उनकी पत्नी को डिलीवरी के लिए यहां भर्ती कराया गया था और करीब चार दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। अजय सोनी का दावा है कि उस वक्त उन्होंने डिस्चार्ज कार्ड पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था, लेकिन बाद में जब इस परिसर को लेकर विवाद सामने आया तो उन्होंने दस्तावेज देखा। उनके मुताबिक, डिस्चार्ज कार्ड पर इस परिसर के बजाय किसी दूसरे अस्पताल का नाम दर्ज था। अब यह भी जांच का विषय है कि मरीजों को किस अस्पताल के नाम पर भर्ती किया जा रहा था और इलाज किस संस्थान के तहत किया जा रहा था। जिस परिसर में यह पूरा मामला सामने आया, उसके मालिक के भाई अकबर खान ने हमे बताना शुरू कर दिया कि इस जगह पर अलग-अलग नामों से अस्पताल चलाया जाता रहा है। उनके मुताबिक, शुरुआत में यहां Careful Hospital और बाद में Millat Hospital के नाम से अस्पताल संचालित हुआ। अकबर खान के मुताबिक, कुछ समय पहले अस्पताल बंद हो गया था। इसके बाद परिसर बंद पड़ा था। कुछ दिनों पहले अंदर से दुर्गंध आने पर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और जांच के दौरान फ्रीजर में शव मिलने की बात सामने आई। उनका यह भी कहना है कि शव को वहां रखे जाने की जानकारी परिवार से जुड़े लोगों को थी और इसके लिए भुगतान भी किया जा रहा था। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल BMC की कार्रवाई को लेकर भी है।अगर संबंधित परिसर को कुछ महीने पहले BMC की टीम ने सील किया था, तो क्या उस दौरान परिसर के अंदर रखे फ्रीजर की भी जांच हुई थी?अगर फ्रीजर में शव मौजूद था, तो क्या अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई? क्या शव को देखने के बाद अधिकारियों ने परिवार या पुलिस को इसकी सूचना दी थी? या फिर परिसर को सील करने के बाद अंदर मौजूद फ्रीजर भी बंद हो गया और शव के डीकंपोज होने के बाद दुर्गंध से मामला सामने आया? इन सभी सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे। मामला सामने आने के बाद स्थानीय BJP नेता ने भी पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक किसी शव को इस तरह रखना और बिना उचित अनुमति के चिकित्सा गतिविधियां संचालित करना गंभीर विषय है और स्थानीय लोगो के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है. फिलहाल कुरार पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस परिवार के सदस्यों, परिसर से जुड़े लोगों, स्थानीय लोगों और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही शव से जुड़े दस्तावेज, डेथ सर्टिफिकेट, BMC के रिकॉर्ड और सेंटर से संबंधित कागजात भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बुजुर्ग का शव वास्तव में किस उद्देश्य से चार साल तक रखा गया था और क्रायोनिक्स को लेकर परिवार की ओर से बताई जा रही वजह दस्तावेजों और परिस्थितियों से कितनी मेल खाती है। शव की स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर पुलिस विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी सलाह ले रही है।फिलहाल इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है । पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चार साल तक शव को फ्रीजर में रखने के पीछे वास्तव में क्या वजह थी और इस पूरे मामले में कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं। अश्विनी कुमार पांडेय , ज़ी मीडिया मुंबई .
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श्रीनगर ड्रग सिंडिकेट का बड़ा भंडाफोड़: 8 गिरफ्तार, देश-विरोधी लिंक की संभावना

Chaka, श्रीनगर से चल रहे संगठित ड्रग्स सिंडिकेट नेटवर्क का भंडाफोड़; 8 गिरफ्तार, पंजाब, हरियाणा और यूपी तक फैली जांच; देश-विरोधी तत्वों से संबंध होने की संभावना से इनकार नहीं। पुलिस। ड्रग्स की समस्या और देश-विरोधी नेटवर्क के साथ इसके संभावित गठजोड़ के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी में, श्रीनगर पुलिस ने गुरुवार को डाउनटाउन श्रीनगर के बीचों-बीच चल रहे एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों के अनुसार, यह शहर में मिले सबसे बड़े ड्रग्स नेटवर्क में से एक है, जो केंद्र शासित प्रदेश के बाहर से कश्मीर में प्रतिबंधित दवाइयों और नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, श्रीनगर के SSP संदीप चक्रवर्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। एम आर गंज पुलिस की कई टीमों ने श्रीनगर के साथ-साथ चंडीगढ़, अंबाला (हरियाणा) और पंजाब व उत्तर प्रदेश की अन्य जगहों पर एक साथ छापेमारी की। SSP ने सहयोग के लिए पंजाब पुलिस का विशेष रूप से धन्यवाद किया और पुष्टि की कि जम्मू-कश्मीर के बाहर दवा कंपनियों पर छापेमारी जारी है। इससे इस सिंडिकेट के अंतर-राज्यीय स्वरूप का पता चलता है, जो दूसरे राज्यों से ड्रग्स मंगाता था और एक जटिल चेन के ज़रिए घाटी में सप्लाई करता था। नदी/एसएसपी ने कहा, 'हमने अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को पकड़ा है... इन आठ आरोपियों तक पहुँची' आदि विवरण आगे आते हैं। जांच के दौरान अहम चीज़ें बरामद ہوئی हैं, और उनके आगे के लिंक और कनेक्शन का भी पता चला है। इनमें से हर आरोपी की एक अलग भूमिका थी। इस ऑपरेशन में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जिनकी पहचान मोहम्मद वसीम ज़रगर, हारिस हमीद मल्ला, आकिब सलीम डार, इनाम अहमद ज़रगर, साहिब अहमद गनाई, अंसार हुसैन भट, पीर शकूर और हारून पंडित के तौर पर हुई है। दो आरोपी अभी फ़रार हैं। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान और कीमती चीज़ें बरामद और ज़ब्त हुईं, जिनमें दवा की गोलियाँ/कैप्सूल, हेरोइन जैसा पदार्थ, नकद रकम, सोना और अन्य गहने/सामान शामिल हैं। बरामदगी से नेटवर्क की गहराई और संभावित देश-विरोधी लिंक की आशंका स्पष्ट होती है। FIR 135/2026 दर्ज है और आगे की गिरफ्तारी/बरामदगी की संभावना है। फ्लैगशीट के अनुसार आगे की जांच चल रही है ताकि पूरे नेटवर्क और देश-विरोधी तत्वों के लिंक का पता लग सके और किसी को बख्शा न जाए। संवाद से पता चलता है कि देश-विरोधी तत्वों के साथ उनके कनेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, पर जांच जारी है।
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2027 क्रिकेट विश्व कप: भारत-ऑस्ट्रेलिया और भारत-पाकिस्तान मुकाबले की तारीखें निश्चित

Lucknow, Uttar Pradesh:Cricket world cup 2027 2027 ICC Men's Cricket World Cup का पूरा शेड्यूल जारी। टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। भारत के मुकाबले 7 अक्टूबर 2027: भारत vs ऑस्ट्रेलिया — केपटाउन 10 अक्टूबर 2027: भारत vs पाकिस्तान — जोहान्सबर्ग भारत ग्रुप-A में है। इस ग्रुप में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और क्वालिफायर-A ग्रुप-B न्यूजीलैंड दक्षिण अफ्रीका श्रीलंका इंग्लैंड बांग्लादेश क्वालिफायर-B कुल टीमें: 14 कुल मैच: 57 वेन्‍यू: 12 फाइनल: 21 नवंबर 2027, जोहान्सबर्ग मेजबान: दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया
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सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए SOP बनाकर न्यायिक आचार-संहिता मजबूत करने की मांग

Jaipur, Rajasthan:जयपुर, 1 अक्टूबर। राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजेज के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि साथी जजों के संबंध में कोई भी टिप्पणी करने या किसी अन्य हाईकोर्ट के कामकाज से जुड़े मामलों में जजों के आचरण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। अब समय आ गया कि ऐसी एसओपी बनाई जाए। इसका उद्देश्य न्यायिक अनुशासन बनाए रखना और ऐसी किसी कार्रवाई को मिसाल बनने से रोकना होना चाहिए, जिससे कि भविष्य में हाईकोर्ट के कामकाज में दखल के हालात पैदा नहीं हो। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कि जो उनके साथ जो हुआ, वह दोबारा नहीं होना चाहिए। वरना अगली बार कोई सुप्रीम कोर्ट जज अपने गृह राज्य के हाईकोर्ट के मामलों और उसके कामकाज में हस्तक्षेप कर सकता है। पूर्व एसीजे एसपी शर्मा ने यह बात गुरुवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान बना रहे। लोगों का न्यायपालिका में विश्वास इस तरह कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने जज या वकील के जाति आधारित रवैये पर चिंता जताते हुए कहा कि यह देखकर दुख होता है कि कोई जज या वकील जाति आधारित रवैया अपनाए। सुप्रीम कोर्ट जज की मानसिकता के नहीं हो सकते ऐसे आरोप पूर्व एसीजे शर्मा ने कहा कि जब हाईकोर्ट सीजे की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम होने वाला था तो उसी समय जोधपुर के वकीलों ने विरोध किया। यह सब कुछ सोच समझकर किया गया था। जस्टिस मेहता के उन पर लगाए गए आरोप केस आधार पर लगाए गए थे, लेकिन न्यायिक गरिमा में इस तरह के आरोप नहीं लगाए जा सकते। वहीं उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के किए गए ट्रांसफरों के संबंध में लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता की ओर से पूर्व एसीजे शर्मा के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप और उनकी कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए सीजेआई को चार पत्र लिखे थे। जस्टिस शर्मा ने उन पर जस्टिस मेहता के लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें रंजिशवश लगाना बताया था।
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चित्तौड़गढ़ से वड़नगर तक सेवा संकल्प यात्रा का जोरदार स्वागत

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ में आज काशी से वडनगर तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा का भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। सुभाष चौक पर कार्यकर्ताओं ने यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को काशी से शुरू हुई यह यात्रा 7 अक्टूबर को वडनगर पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य सेवा, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करना बताया गया है। यात्रा प्रभारी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान जगह-जगह वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान, अस्पतालों में फल वितरण, अनाथालय और विधवा आश्रम में सेवा कार्य किए जा रहे हैं। वहीं युवाओं, विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया जा रहा है। रोबिन सिंह ने बताया कि नदियों और जल संरक्षण को लेकर ग्रीन इंडिया मूवमेंट, नदियां हमारी जीवन रेखा, जन-जन से जल संवाद और सागर से सागर तक अभियान चलाए जा रहे हैं। यात्रा के दौरान रास्ते में मिलने वाली नदियों का जल कलश में एकत्र किया जा रहा है, जिसका वडनगर के घाटकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेख किया जाएगा। अवनीश कटारे ने बताया कि यात्रा में 65 यात्री शामिल हैं। वहीं रवि विराणी ने बताया कि यात्रा के माध्यम से युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बाईट - शिवेंद्र सिंह ............... यात्रा प्रभारी बाईट - रोबिन सिंह ............... जल संरक्षण अभियान संयोजक बाईट - अवनीश कटारे ............... यात्रा सह-संयोजक बाईट - रवि विराणी ............... चित्तौड़गढ़ विधानसभा यात्रा संयोजक
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कटनी: जानलेवा हमला केस के फरार आरोपी वरुण वर्मा गिरफ्तार

Katni, Madhya Pradesh:रंगनाथ पुलिस को मिली बड़ी सफलता, जानलेवा हमले के मामले में कटाये मोड़ बरगवां से फरार आरोपी गिरफ्तार कटनी। थाना रंगनाथ नगर पुलिस ने विगत 6 महीने से लगातार फरार चल रहे शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान वरुण वर्मा के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में हुई एक गंभीर जानलेवा हमले की वारदात के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। मामले का संक्षिप्त विवरण करीब 6 माह पूर्व कटनी के थाना रंगनाथ क्षेत्र अंतर्गत कटाये मोड़ बरगवां के समीप जानलेवा हमले की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस गंभीर आपराधिक घटना में शामिल कुल 6 आरोपियों में से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जो वर्तमान में जेल में सजा काट रहे हैं। मुखबिर की सटीक सूचना पर दबिश वारदात के बाद से ही प्रकरण का मुख्य आरोपी वरुण वर्मा पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। हाल ही में पुलिस को मुखबिर के माध्यम से आरोपी की सटीक लोकेशन प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर दबिश दी और घेराबंदी कर फरार आरोपी वरुण वर्मा को धर दबोचा। न्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी वरुण वर्मा को भी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वाइट -रत्नेश मिश्रा डीएसपी कटनी हेड क्वार्टर
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र Raisen नगर पालिका ने बकायेदार दुकानदारों पर तालाबंदी शुरू कर 3 करोड़ बकाया वसूलना

Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन। नगर पालिका ने गुरुवार को बकायेदार दुकानदारों से किराया और टैक्स वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाया। सीएमओ सुरेखा जाटव करीब 30 कर्मचारियों के साथ ढोल-नगाड़े बजाते हुए बकायेदार दुकानदारों के पास पहुंचीं। इस दौरान दुकानदारों से मौके पर ही बकाया राशि जमा कराई गई। कुछ दुकानदारों ने तुरंत राशि जमा कर दी, जबकि कुछ बाद में जमा करने की बात कहते नजर आए। राशि जमा नहीं करने वाले दुकानों की दुकानों पर नगर पालिका ने तालाबंदी की कार्रवाई की। दुकानों पर कार्रवाई संबंधी नोटिस भी चस्पा किए गए। दीनदयाल परिसर की दुकानों पर भी टीम ने कार्रवाई की, जहां कुछ दुकानदारों ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर दी। सीएमओ सुरेखा जाटव ने बताया कि शहर में 113 बड़े बकायेदार दुकानदारों पर करीब 3 करोड़ रुपए बकाया हैं। इन्हें पहले तीन-चार बार नोटिस देकर राशि जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने पर अब तालाबंदी की कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को नगर पालिका की टीम ने करीब 5 लाख रुपए की वसूली की। सीएमओ ने शहरवासियों से समय पर टैक्स और दुकानों का किराया जमा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे शहर के विकास कार्यों के साथ कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी मदद मिलेगी। आवासीय क्षेत्र में भी बकायेदारों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी.
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39 किमी रेंज सारंग तोप से रक्षा आत्मनिर्भरता मजबूत, 300 नई धनुष तोपों का ऑर्डर

Kanpur, Uttar Pradesh:–शस्त्र प्रदर्शनी में हथियारों का प्रदर्शन, 300 नई धनुष तोपों से मजबूत होगी सेना –मिडिल ईस्ट, यूरोप और अमेरिका से मिले 1000 करोड़ के एक्सपोर्ट ऑर्डर –39 किमी रेंज वाली सारंग तोप रही मुख्य आकर्षण, हथियारों संग खिंचाई फोटो कानपुर के अरमापुर स्टेट स्थित रक्षा उपक्रम एडवांस्ड वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के छठे स्थापना दिवस और निगमीकरण के 5 सफल वर्षों के अवसर पर अरमापुर में आयोजित दो दिवसीय रक्षा प्रदर्शनी में स्वदेशी सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनी में 39 किलोमीटर की दूरी तक अचूक निशाना साधने वाली सारंग तोप आम नागरिकों और स्कूली बच्चों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। इसके साथ ही, सेना में शामिल 38 किमी मारक क्षमता वाली स्वदेशी 'धनुष' तोप के 300 नए ऑर्डर मिलने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1000 करोड़ के एक्सपोर्ट ऑर्डर हासिल कर संस्थान ने भारतीय रक्षा क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता का परचम लहराया है। अरमापुर के समाज सदन में आयोजित इस प्रदर्शनी में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया। प्रदर्शनी में 39 किमी की भीषण मारक क्षमता वाली सारंग तोप के अलावा इंसास राइफल, लाइट मशीन गन, मीडियम मशीन गन , टैंक बैरल, बॉम्ब शैल, मोर्टार और 9x19 कार्बाइन जैसे युद्ध में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक हथियारों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों ने न केवल इन सैन्य हथियारों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, बल्कि बिना कारतूस के बंदूकों को लोड कर निशाना साधने का अनुभव भी लिया। इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने आम नागरिकों को इन हथियारों की कार्यप्रणाली और मारक क्षमता की विस्तार से जानकारी दी। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर के उपमहाप्रबंधक अमित सिंह यादव ने बताया कि सेना में पहले से शामिल धनुष गन सिस्टम की अपार सफलता के बाद भारतीय सेना के लिए 300 अतिरिक्त धनुष तोपों की सप्लाई का नया ऑर्डर जल्द मिलने वाला है। इसके अलावा 155 मिमी 52 कैलिबर वाले माउंटेड गन सिस्टम और टोड गन सिस्टम के समर ट्रायल्स प्रगति पर हैं, जिसके बाद विंटर ट्रायल्स किए जाएंगे। इन उच्च क्षमता वाली तोपों के भारतीय सेना में शामिल होने से सीमा पर देश की मारक क्षमता में अभूतपूर्व इजाफा होगा. कॉर्पोरेट संयुक्त महाप्रबंधक पंकज दुबे ने बताया कि निगमीकरण के बाद AWEIL ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। गठन से पूर्व जहां इस समूह की फैक्ट्रियों का निर्यात शून्य था, वहीं आज संस्थान के पास लगभग 950 से 1000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट ऑर्डर मौजूद हैं, जिनमें से 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स को सफलतापूर्वक पूरा भी किया जा चुका है। वर्तमान में कानपुर में बने हथियारों, एम्प्टी शेल्स, मशीन गन व तोपों के पार्ट्स की सबसे अधिक मांग मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) और यूरोपीय देशों में है, जबकि अमेरिकी बाजार में भी स्वदेशी हथियारों की सप्लाई भेजी जा रही है। इसके साथ ही पैरामिलिट्री और पुलिस बलों के लिए बनाई गई 9x19 कार्बाइन के बड़े ऑर्डर मिले हैं और 60mm मोर्टार का कमांडो वर्जन विकसित किया जा रहा है।
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संभल में नवरात्रि-दशहरा और राम बारात को लेकर पुलिस प्रशासन का हाई अलर्ट; फ्लैग मार्च के साथ शांति बनाए रखने की अपील

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। नवरात्रि-दशहरा और राम बारात को लेकर पुलिस प्रशासन का हाई अलर्ट। एस पी विकास चन्द्र त्रिपाठी ने पुलिस फोर्स और RRF के जवानों के साथ इलाके में फ्लैग मार्च किया। राम बारात और नवरात्रि को लेकर आयोजकों और स्थानीय व्यापारियों के साथ संवाद कर त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। संवेदनशील इलाकों पर्व CCTV कैमरों से निगरानी के निर्देश। शांति भंग करने वाले शरारती तत्वों पर शिकंजा कसे जाने के लिए सभी हिस्ट्रीशीटर और पुराने मुकदमों वाले शरारती तत्वों को सूचीबद्ध कर सत्यापन कराया जाएगा。
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गोरखपुर के सिकरीगंज में खाद-बीज की दुकान में भीषण आग, लाखों का नुकसान

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के सिकरीगंज से इस वक्त बड़ी खबर है... हरदत्तपुर में पेट्रोल पंप के पास खाद-बीज की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में रखा खाद-बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण और कैश समेत करीब 8 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के हरदत्तपुर में बृहस्पतिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पेट्रोल पंप के पास स्थित श्रीगुरु कृपा कृषि सेवा केंद्र से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। दुकान से धुआं और आग निकलते देख आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दुकान मालिक को सूचना दी। सूचना मिलते ही रामडीह गांव निवासी और दुकान के प्रोपराइटार सच्चितानंद द्विवेदी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों के साथ सिकरीगंज पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 9:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक आग ने दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान अपनी चपेट में ले लिया था। दुकानदार के मुताबिक, दुकान में रखा खाद-बीज, सल्फर, मैग्नीशियम, जिंक, कीटनाशक, पौधों में छिड़काव की दवाएं और दवा छिड़काव मशीन समेत तमाम सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में दुकान का उधार का लेखा-जोखा रखने वाला रजिस्टर और कैश काउंटर भी आ गया। दुकानदार का दावा है कि कैश काउंटर में रखे 1 लाख 15 हजार रुपये भी जल गए। दुकानदार सच्चितानंद द्विवेदी के मुताबिक, आग की इस घटना में करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारण और नुकसान का आधिकारिक आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सिकरीगंज के हरदत्तपुर में खाद-बीज की इस दुकान में लगी आग ने कुछ ही देर में पूरे कारोबार को तबाह कर दिया। दुकान में कृषि से जुड़ा सामान होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। फिलहाल पीड़ित दुकानदार ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, पीड़ित दुकानदार को प्रशासन से आर्थिक मदद की उम्मीद है।
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जोधपुर में आग बुझाते तीन जांबाज फायरफाइटर्स की याद में कैंडल मार्च

Jodhpur, Rajasthan:जोमै جوधपुर में बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान जान गंवाने वाले नगर निगम के तीन जांबाज फायरफाइटरों सुरেন্দ्र, प्रदीप और प्रीतेश की स्मृति में कैंडल مارچ निकाला गया। नगर निगम मुख्यालय से शहीद स्मारक तक निकाले गए कैंडल मार्च में महापौर प्रसन्न चंद मेहता समेत नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और फायरफाइटर शामिल हुए। सभी ने दिवंगत फायरफाइटरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। महापौर प्रसन्न चंद मेहता ने कहा कि सुरेंद्र, प्रदीप और प्रीतेश ने कर्तव्य निभाते हुए लोगों की जान बचाने के प्रयास में अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनकी सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम परिवार दिवंगत फायरफाइटरों के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने अग्निशमन जैसे जोखिमपूर्ण कार्य में कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। कैंडल मार्च के दौरान निगम कार्मिकों ने दिवंगत साथियों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों को इस दुख को सहन करने की प्रार्थना की। बाइट: प्रसन्न चंद मेहता, महापौर जोधपुर नगर निगम
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