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बिहार के केदार प्रसाद गुप्ता ने जनसुराग पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर किया तीखा प्रहार
Tola Raunakabad Pahar, Bihar:बिहार के पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने जनसुराग पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट जगत से आए किशोर को आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है। मंत्री ने आरोप लगाया कि किशोर बिहार को कॉरपोरेट तरीके से चलाना चाहते हैं, जिसे राज्य की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
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करोल बाग के गणेश पंडाल में सांसद बांसुरी स्वराज ने सुख-समृद्धि की कामना की
New Delhi, Delhi:दिल्ली के करोल बाग के एमसीडी मार्केट में गणेश पंडाल में नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज पहुंचे और वहां पर पूजा अर्चना की इस मौके पर नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज में सभी देशवासियों के लिए सुख समृद्धि की मनोकामना की बाइट बांसुरी स्वराज आयोजकों के मुताबिक कल गणेश जी का विसर्जन होगा 10 दिन अपने पास रखना पूजा अर्चना के बाद जब गणेश जी विदा करेंगे तो मन जरूर दुखी होगा लेकिन यह विधि का विधान है बाइट आयोजक0
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बिलासपुर में अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार; फर्जी पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड बरामद
Bilaspur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक अतीक हुसैन को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2005 से भारत में अवैध रूप से निवास कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने ये फर्जी दस्तावेज किनकी मदद से बनवाए और उसके अन्य नेटवर्क कहां तक फैले हैं।0
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म mandla में माइक्रो फाइनेंस कर्मचारी के साथ लूट: बैग में 47,420 रुपये
Mandla, Madhya Pradesh:माइक्रो फाइनेंस कर्मचारी के साथ लूट मंडला के बीजाडांडी थाना क्षेत्र में लूट और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब से कुछ दिनों पहले मनेरी में पेट्रोल पंप में लूट के बाद, अब जमुनिया-उदयपुर रोड पर माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। बाइक सवार बदमाशों ने पहले फाइनेंस कर्मचारी की बाइक को टक्कर मारकर उसे गिराया और फिर मारपीट कर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि भारत फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी अमन रजक, ग्राम डोभी और जमुनिया में महिला समूहों से कलेक्शन कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान जमुनिया-उदयपुर रोड पर बाइक सवार बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। कर्मचारी के नीचे गिरते ही बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में 47 हजार 420 रुपये, मोबाइल और टैबलेट बताया जा रहा है। मामले में एसडीओपी पीएस वालरे के मुताबिक, अमन रजक भारत फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के रूप में काम करता है। पुलिस के अनुसार वारदात को दो अज्ञात युवकों ने अंजाम दिया है। पुलिस की टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही मामले का खुलासा करने की बात कही जा रही है। बीजाडांडी थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी और लूट की घटनाओं ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 9 अगस्त को मनेरी के पेट्रोल पंप पर लूट, इसके बाद ब्लॉक मुख्यालय में हार्डवेयर दुकान में चोरी और अब 24 सितंबर को माइक्रो फाइनेंस कर्मचारी से लूट। लगातार हो रही वारदातों से स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इन वारदातों का खुलासा कर बदमाशों तक पहुंचती है।0
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कुरुक्षेत्र में ट्रॉली पलटने से 6 की मौत, 18 यात्री घायल
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन घायलों से मिलने पहुंचे लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रॉली पलटने से 6 की मौत कुरुक्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। हादसा कैथल रोड पर हुआ, जहां तीर्थ यात्रा पर जा रहे 18 लोग हादसे का शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु राजस्थान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और पलट गई। हादसे में चार महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई है हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ लोग अभी उपचाराधीन हैं। प्रशासन की ओर से घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की بات कही गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार दिलाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।0
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चंदला के बछौन में अवैध निर्माण पर सवाल, अधिकारी का मोबाइल छीनना वायरल वीडियो
Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के चंदला तहसील के बछौन इलाके से प्रशासनिक रूआब का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जहां स्टे ऑर्डर के बावजूद अवैध निर्माण होने का आरोप है। सवाल पूछने पर नायब तहसीलदार रामकुमार खटीक भड़क गए और युवक का मोबाइल छीनने लगे।,बताया जा रहा है कि बछौन इलाके में स्टे ऑर्डर के बावजूद धड़ल्ले से अवैध निर्माण चल रहा है। इसी को लेकर जब एक जागरूक स्थानीय युवक ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार रामकुमार खटीक से सवाल पूछ लिया तो साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।,युवक इस पूरे वाकये का अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था। कैमरा देखते ही नायब तहसीलदार साहब घबरा गए और युवक के हाथ से मोबाइल छीनने की कोशिश करने लगे। सरकारी पद की धौंस दिखाते हुए मोबाइल छीनने का ये हाई-वोल्टेज ड्रामा वहां खड़े किसी अन्य शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।,अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्टे के बावजूद अवैध निर्माण कैसे हो रहा है और सवाल पूछने पर जनता के सेवक कहे जाने वाले अधिकारी इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहे हैं? क्या ये प्रशासनिक रूआब है या सत्ता का नशा?बायरल बीडीओ0
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सुप्रीम कोर्ट: IPC 302 में 'मरते दम तक जेल' जैसी भाषा नहीं
Noida, Uttar Pradesh:सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया है कि किसी दोषी को उम्रकैद की सज़ा देते समय सत्र न्यायालय अपनी तरफ से यह नहीं कह सकता कि दोषी को मरते दम तक जेल में रहना ही होगा। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि आईपीसी की धारा 302 के तहत सज़ा की परिभाषा में ऐसे शब्द ("remain in prison till rest of their life") नहीं हैं ऐसे में निचली अदालतें अपनी ओर से इन्हें फैसले में नहीं जोड़ सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल संवैधानिक अदालतों यानि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पास ही अपनी ओर से सज़ा की कोई नई श्रेणी बनाने के अधिकार हैं। कोर्ट ने कहा कि जहाँ संसद का इरादा उम्रकैद का मतलब बिना किसी छूट के सज़ा का होता है वहां कानून में साफ़ तौर पर ऐसा कहा गया है जैसे, 2018 में संशोधन से IPC की धारा 376AB, 376DA, 376DB में साफ कहा गया था कि दोषी को मरते दम तक जेल में रहना होगा, लेकिन IPC की धारा 302 में ऐसी कोई खास भाषा नहीं है, इसलिए ट्रायल कोर्ट कानूनी सज़ा में बढ़ोतरी को कानूनी तौर पर सही नहीं ठहरा सकते। बिना संसद की स्पष्ट मंशा के सेशन कोर्ट Cr.P.C. के सेक्शन 432–435 के तहत दोषी की रिहाई या सज़ा कम करने की राज्य/केंद्र सरकार की कानूनी शक्ति को अनदेखा नहीं कर सकते।0
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LNIPE में 15 दिनों के संघर्ष के बाद छात्र आंदोलन समाप्त; प्रभारी रजिस्ट्रार इस्तीफा स्वीकार
Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) में पिछले 15 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। गुवाहाटी में कोलकाता की रहने वाली बीपीएड छात्रा श्रुति की मौत के बाद शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी था। छात्रों की मांगों और आंदोलन के दबाव के बीच संस्थान प्रबंधन ने दो अहम फैसले लिए हैं। प्रभारी रजिस्ट्रार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, जबकि हॉस्टल मैनेजर अभिषेक सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।0
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बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पिकअप के गुप्त चेंबर से 50 लाख का गांजा जब्त, बिहार का तस्कर गिरफ्त
Balrampur, Chhattisgarh:बलरामपुर कोतवाली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से बिहार जा रही बोलेरो पिकअप (JH10AQ5144) से 109.235 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। तस्करों ने वाहन के डाले के नीचे गुप्त चेंबर बना रखा था, जिसकी तलाशी में 100 पैकेट गांजा मिला। पुलिस ने मौके से आरोपी चालक योगीराज (29 वर्ष, निवासी बक्सर, बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है।0
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IIT बॉम्बे साहिल वाकोड़े केस: CCTV फुटेज से नई परतें उजागर
Mumbai, Maharashtra:साहिल वाकोडे IIT-Bombay मामले में जांच अपडेट 8 सीसीटीवी की जांच से आगे बढ़ रही है आईआईटी बॉम्बे के साहिल वाकोड़े के आत्महत्या की गुत्थी। पहली सीसीटीवी जिसमें साहिल परीक्षा हाल मैं एक्जाम देते नजर आ रहा है और एक प्रोफेसर की नजर साहिल पर पड़ती है जिसके बाद साहिल के हाथ मैं मोबाइल जैसी दिखने वाली चीज को प्रोफेसर अपने पास ले लेते है.जिसके बाद साहिल पानी को बोतल लेकर क्लासरूम से बाहर चले जाता है ,क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि ये मोबाइल जैसे दिखने वाली चीज मोबाइल थी कॉलकुलेटर या कुछ और। दूसरा सीसीटीवी जिसमें साहिल क्लासरूम से बाहर आता दिख रहा है और काफी नर्वस है ,पानी पीकर वो आगे की तरफ बढ़ता है तीसरा सीसीटीवी जिसमें साहिल अपने हॉस्टल के कमरे की लॉबी मैं घूमता हुआ दिख रहा है चौथा सीसीटीवी जिसमें साहिल एक बेंच पर बैठा है पांचवां सीसीटीवी जिसमें साहिल अपने हॉस्टल के कमरे मैं जाता दिखाई दे रहा है इस में एक छात्रा के साथ साहिल के बातचीत की भी लाइन उन स्टूडेंट्स के बयान मैं आई है जो साहिल के हॉस्टल के मित्र थे और क्लासरूम मैं बैठकर परीक्षा दे रहे थे बताया जा रहा है कि साहिल के मौत की खबर के बाद से ये छात्रा सदके मैं है इस छात्रा की साहिल से बात हुई थी क्या?बात हुई थी तो साहिल ने इसे क्या बताया था?क्या साहिल आत्महत्या करने की कोई बात कर रहा था?क्या साहिल ने ये कहा कि उसका एक्जाम अच्छा नहीं गया?क्या साहिल के नकल की कोई बात कही थी? इन तमाम पहलुओं पर मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही है फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। अब तक इस मामले मैं कुल 6 लोगों के बयान दर्ज किए गए है जिसमें साहिल के माता पिता,रिश्तेदार,और तीन स्टूडेंट शामिल है। साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। परिवार ने जातिगत भेदभाव और प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुल्ला और परीक्षा के दौरान मौजूद अन्य फैकेल्टी से पूछताछ हुई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में पुलिस को अभी तक ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे दुल्ला के खिलाफ abetment to suicide आरोप साबित हो जाए, पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है। Exam hall का CCTV अहम सबूत बन गया है। 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30–12:45 बजे के फुटेज में साहिल परीक्षा देते दिखाई देता है और उसके बाद exam hall से बाहर जाते हुए घटनाक्रम की जांच की जा रही है। साहिल का iPhone अभी जांच में महत्वपूर्ण है। फोन locked है और Crime Branch technical assistance से उसे access करने की कोशिश कर रही है। पुलिस digital communications और ChatGPT history समेत अन्य data की जांच करना चाहती है। साहिल के हॉस्टल रूम की फोरेंसिक जांच भी की गई है। पुलिस टीम ने कमरे की तलाशी लेकर पंचनामा किया है। आज IIT Bombay ने अपने पहले बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। संस्थान ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में पेश करना उचित नहीं था। Crime Branch फिलहाल मुख्य रूप से इन कड़ियों को जोड़ रही है।0
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हैदराबाद की AC बसों में आग लगने के पीछे कारण जानिए
Hyderabad, Telangana:Hyderabad: Why are AC sleeper and passenger buses catching fire? Zee News conducted a ground report from an AC bus garage in Hyderabad, speaking to travel agents, drivers and bus body-building experts to understand the possible reasons behind such incidents. VO 01: Travel agent Sandhya told Zee Media that passengers generally focus on ticket cost and journey time while booking, rather than asking about safety arrangements. Ticket Booking Agent Sandya's REX Vo 02: Experts point to several possible fire risk factors, including electrical short circuits, battery systems, AC units, fuel leaks, overheating, wiring issues and maintenance lapses. A bus body builder expert highlighted the high temperatures generated around certain engine components and stressed the importance of proper insulation and heat shielding, particularly in newer BS6 Phase-2 vehicles which is in market from April 2023. A driver speaking to Zee Media said the area beneath the driver's seat can become extremely hot during operation. The expert also demonstrated how heat generated in the engine and exhaust areas can pose a risk if adequate insulation and separation from wiring or combustible materials are not maintained. The ground report also examined emergency exits, fire extinguishers, electrical wiring, batteries, AC systems and overall fire-safety preparedness inside AC coaches. In sleeper buses, evacuation can be particularly challenging because passengers may be asleep inside enclosed berths. The key question remains: if a fire breaks out, how quickly can every passenger get out safely?0
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नाबालिग के साथ अश्लील बातचीत के आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो धाराओं के तहत केस
Jamui, Bihar:जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से फोन पर अश्लील बातें करने और अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उसे जमुई जेल भेज दिया गया है।पीड़िता के माता-पिता ने चकाई थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि आरोपित रिश्ते में किशोरी का चचेरा मौसा लगता है। वह लगातार फोन पर किशोरी से अश्लील बातें कर रहा था और गलत काम के लिए दबाव बना रहा था।आरोपित की हरकतों से परेशान होकर किशोरी ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता देखकर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार ने बताया कि परिजनों के आवेदन पर केस दर्ज कर तुरंत छापेमारी की गई और आरोपित को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान साजन मोहली के रूप में हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे अदालत में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।थानाध्यक्ष ने कहा कि महिला और बाल अपराधों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।0
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जम्मू-कश्मीर किताबों पर बैन: सरकार-विधायक टकराव और हाईकोर्ट तक पहुंचना
Chaka, विधानसभा से लेकर कोर्ट तक: जम्मू-कश्मीर में किताबों पर बैन का विवाद गहराया। किताबों पर बैन को लेकर उमर अब्दुल्ला के 'कोई कंट्रोल नहीं' वाले बयान से राजनीतिक बवाल मच गया है। जम्मू-कश्मीर में सरकारी लाइब्रेरी से हज़ारों किताबें हटाए जाने को लेकर हंगामा मच गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस फ़ैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि मौजूदा सिस्टम के तहत चुने हुए प्रतिनिधियों का इस मामले में कोई दखल नहीं है। उमर ने कहा, "किताबों पर बैन लगना चाहिए या नहीं, इस पर मेरी अपनी राय है। लेकिन दुर्भाग्य से, मौजूदा सिस्टम में चुनी हुई सरकार के तौर पर हम इन चीज़ों का फ़ैसला नहीं कर सकते। इसलिए, हमें बस उस स्थिति के बदलने का इंतज़ार करना होगा, और फिर हम देखेंगे कि क्या हो रहा है।" उनके बयानों का टकराव उनके ही शिक्षा विभाग द्वारा विधानसभा में दिए गए आधिकारिक जवाब से हुआ है, जिससे यह मुद्दा एक तीखे राजनीतिक विवाद में बदल गया है और अब यह मामला सदन और कोर्ट दोनों जगह पहुँच गया है। इससे पहले, विधानसभा में मंत्री सकीना इटू के नेतृत्व वाले शिक्षा विभाग ने अवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद के एक सवाल के जवाब में सदन को बताया कि पूरे जम्मू-कश्मीर में लगभग 21,81,582 किताबों और प्रकाशनों की जाँच की गई थी। इनमें से 4,812 किताबों को सर्कुलेशन से हटा दिया गया। इस संख्या में आधिकारिक तौर पर बैन किए गए टाइटल की 518 प्रतियाँ और समीक्षा के दौरान आपत्तिजनक सामग्री वाली पाई गईं 4,249 अन्य किताबें शामिल हैं। सरकार ने यह भी बताया कि S.O. 203 के तहत बैन किए गए 19 टाइटल की 518 प्रतियाँ हटा दी गई थीं। जो आँकड़े पेश किए गए, वे इस प्रकार थे: कश्मीर डिवीज़न में 12,48,641 किताबों और जम्मू डिवीज़न में 9,32,941 किताबों की जाँच की गई। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने आज सदन को किताबों पर बैन की जानकारी देने के बाद कहा, "आपको याद होगा कि कल मुख्यमंत्री ने इस बारे में बात की थी, और जहाँ तक इन किताबों का सवाल है, हमारी सरकार ने पहले ही एक कमेटी बनाई थी." "वह कमिटी इन किताबों को देखती है, यह उनका काम है, हमारा नहीं। लेकिन अगर जान-बूझकर ऐसी चीज़ों पर रोक लगाई जाती है जिन्हें जम्मू-कश्मीर के लोग और बच्चे पढ़ना या देखना चाहते हैं, तो यह गलत है, यह नाइंसाफ़ी है।" विपक्षी पार्टियों ने तुरंत मुख्यमंत्री के मीडिया बयानों और विधानसभा में सरकार के औपचारिक जवाब के बीच विरोधाभास को मुद्दा बनाया। AIP विधायक लंगेट शेख खुर्शीद, जिन्होंने विधानसभा में यह सवाल उठाया था, उमर और उनकी सरकार के आलोचक बने रहे。 AIP विधायक शेख अब्दुल खुर्शीद ने कहा: "मेरे सवाल का पूरा जवाब नहीं मिला। मैंने अपने सवाल में किताब का शीर्षक, लेखक का नाम या पब्लिकेशन हाउस की जानकारी मांगी थी, जो मुझे नहीं दी गई। हालांकि, मैं माननीय मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूँ, उनसे गुज़ारिश करना चाहता हूँ कि आप सदन के अंदर एक बात कहते हैं, लेकिन बाहर मीडिया में कुछ और कहते हैं। बेहतर होता अगर माननीय मुख्यमंत्री अपने जवाब में यह भी लिखते कि अगर यह उन पर निर्भर होता, तो वे यह कदम नहीं उठाते। लेकिन उनके मंत्रालय, यानी उच्च शिक्षा मंत्रालय ने माना कि उन्होंने सरकारी पुस्तकालयों से 4,000 से ज़्यादा किताबें हटा दी हैं, और उन्होंने कहा कि हमने लगभग 23 लाख किताबों की जांच-पड़ताल की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई शक नहीं है कि LG और BJP इसके लिए ज़िम्मेदार हैं; वे यहाँ RSS की विचारधारा थोपना चाहते हैं, वे चाहते हैं कि हम उनकी पसंद का साहित्य पढ़ें, सुनें और देखें। लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं है कि हमारी चुनी हुई सरकार इसमें मदद कर रही है और उन्हें मौका दे रही है।" पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से न उठाने के लिए सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि उमर हमेशा राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे की आड़ लेते हैं; वे आवाज़ उठा सकते थे, लोगों ने उन्हें जनादेश दिया था और इस मुद्दे को सदन में चर्चा के लिए लाया जा सकता था। CPIM नेता मोहम्मद यूसुफ़ तारिगामी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में किताबों को वापस लेने के फैसले को चुनौती दी है, ने कहा: “जहाँ तक किताबों पर प्रतिबंध लगाने की इस कार्रवाई का सवाल है, यह कुछ समय पहले शुरू हुआ था। और मैं आपको याद दिलाना चाहूँगा कि कश्मीर के बारे में A.G. नूरानी और कई अन्य जैसे बहुत बड़े लेखक और इतिहासकार रहे हैं, और उनकी किताबों पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।” उन्होंने आगे कहा: “मैं ही वह पहला व्यक्ति था—अपने कई साथियों के साथ—जिसने इस हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया; इस पर बातचीत हुई; हमारे वकील और मैं खुद पहली सुनवाई में शामिल हुए। और हमें उम्मीद है कि हम सफल होंगे; हम अंतिम फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं।” “घटनाओं का यह सिलसिला अभी रुका नहीं है; यह जारी है। मैं बस इतना ही कहूँगा: विचारों पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई कानून नहीं बना है—यहाँ की तो बात ही छोड़िए, जहाँ इस हथियार का इस्तेमाल किया गया है—कि सेंसरशिप होनी चाहिए, आपके कान कुछ न सुनें, आपकी आँखें कुछ न देखें।" विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा: “पहले उमर अब्दुल्ला से पूछिए कि वे किताबें कौन सी हैं। मुझे भी नहीं पता कि किन किताबों पर बैन लगाया गया है, लेकिन जिन भी एजेंसियों ने इन किताबों पर बैन लगाया है, उन्होंने सोच-समझकर ही ऐसा किया होगा। मैं ज़रूर कहूंगा कि जो भी एजेंसियां या संस्थान इन किताबों पर बैन लगाते हैं, उन्होंने ज़रूर कुछ देखा होगा और उन पर आपत्ति जताई होगी। उमर अब्दुला साहब, क्योंकि यह मेरे हाथ में नहीं है, इसलिए वे खुद को ऐसे दिखाते हैं जैसे वे जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े शुभचिंतक हों। जो आपके हाथ में है, उसमें आप क्या कर रहे हैं? बताइए? ‘अगर यह मेरे हाथ में होता, तो मैं ऐसा नहीं होने देता।’ बस इतना कहकर आपने उन्हें हीरो बना दिया。” इस विवाद ने रिव्यू कमेटियों की भूमिका, चुनी हुई सरकार के अधिकार की सीमा और अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इन फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाई कोर्ट में लंबित हैं, जबकि विधानसभा के अंदर और बाहर राजनीतिक बहस जारी है।0
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बिलासपुर में बांग्लादेशी नागरिक अतीक हुसैन गिरफ्तार, नकली दस्तावेज के साथ पकड़ा गया
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। विशेष टास्क फोर्स ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा है, जिसे पुलिस ने बांग्लादेश का मूल निवासी बताया है। जानकारी के मुताबिक यह व्यक्ति वर्ष 2005 में भारत आया था और वर्ष 2007 से बिलासपुर में रह रहा था। टीम ने उसे सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी स्थित किराये के मकान से तड़के करीब 5 बजे पकड़ा। पूछताछ के दौरान उसके पास भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई दस्तावेज मिले। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अतीक हुसैन, उम्र 42 वर्ष, के रूप में हुई है। उसका मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया गया है। पुलिस के अनुसार करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध लोगों से पूछताछ के दौरान उसे होल्डिंग सेंटर रायपुर भेजा गया था, लेकिन वह वहां से निकल गया था। इसके बाद STF उसकी लगातार पतासाजी कर रही थी। निरीक्षक संजय शिंदे को उसके सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रहने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और सूर्या विहार कॉलोनी स्थित किराये के मकान में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ में अतीक हुसैन ने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने और वर्ष 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहने की जानकारी दी। इसके बाद वर्ष 2007 में बिलासपुर आने की बात कही। पुलिस के मुताबिक वह पिछले करीब 19 वर्षों से NTPC सीपत में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। टीम ने उसके किराये के मकान से उसके द्वारा प्रस्तुत भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची सहित कई दस्तावेजों की जांच की। पुलिस का कहना है कि उसने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। बिलासपुर पुलिस अब अतीक हुसैन के खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर रही है। कार्रवाई पूरी होने तक उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है और भारत में स्थित संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना दी जा रही है। वहीं पुलिस ने संदिग्ध पहचान, निवास या दस्तावेजों से जुड़े मामलों की जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति की पहचान या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर इस नंबर पर सूचना दें.0
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यमुना एक्सप्रेसवे पर AC बस में आग, 9 यात्रियों की मौत के बाद सुरक्षा कदम
Jammu, यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती स्लीपर AC बस में आग लगने के बाद 9 यात्रियों की मौत से बसों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी है। इसी के मद्देनजर जम्मू में भी बसों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। नरवाल इलाके में दिल्ली, चंडीगढ़ और देश के दूसरे शहरों की ओर जाने वाली AC और मॉडिफाइड स्लीपर बसों को रोककर उनकी जांच की जा रही है।0
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BJP-NC clash over AAY gas cylinders; six free cylinders spark heated debate
Chaka, जम्मू कश्मीर विधानसभा में AAY सिलेंडर को लेकर BJP और NC आमने-सामने; विपक्ष ने घोषणापत्र का वादा पूरा न करने पर विरोध जताया। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में काफी हंगामा और नारेबाज़ी हुई। यह सब तब हुआ जब सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों के लिए हर साल छह मुफ्त LPG सिलेंडर देने की मंजूरी की घोषणा की, जिससे सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी बहस छिड़ गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने सदन को बताया कि सक्षम अधिकारी ने केंद्र शासित प्रदेश में AAY-श्रेणी के परिवारों के लिए छह मुफ्त गैस सिलेंडर की योजना को मंजूरी दे दी है और इसके लिए जरूरी आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। इस घोषणा पर सत्ता पक्ष की ओर से मेजें थपथपाकर स्वागत किया गया, लेकिन तुरंत ही BJP विधायकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने NC पर 2024 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए हर साल 12 मुफ्त सिलेंडर देने के वादे से मुكرने का आरोप लगाया। BJP विधायक अपनी सीटों से उठ खड़े हुए और "झूठी सरकार हाय-हाय", "2 साल के 24 सिलेंडर कहां गए, कहां गए" और "सिलेंडर चोर" जैसे नारे लगाए, जिससे तीखी बहस हुई। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने इसे जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव के दौरान परिवारों को 12 मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन अब इस फायदे को सिर्फ AAY परिवारों के लिए छह सिलेंडर तक सीमित कर दिया है। उन्होंने इसे नौकरियों और मुफ्त बिजली से जुड़े अन्य अधूरे वादों से जोड़ते हुए योजना के लागू होने पर सवाल उठाए और जवाबदेही की मांग की। व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को हस्तक्षेप करना पड़ा। BYTE उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सिलेंडर की संख्या को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हमने 5 साल के समय में इसे पूरा करने का वादा किया था और दो साल में ही 6 सिलेंडर दे दिए हैं, जबकि अभी तीन साल बाकी हैं; मेनिफेस्टो प्रेस कॉन्फ्रेंस में देखा जा सकता है कि हमने क्या वादा किया था।" राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर BJP को चुनौती देते हुए चौधरी ने कहा कि हमसे सवाल करने के बजाय, लोगों को BJP से उन वादों के बारे में पूछना चाहिए जो उन्होंने भारतीय संसद और सुप्रीम कोर्ट में किए थे—कि चुनाव के बाद और परिसीमन (delimitation) के बाद जम्मू-कश्मीर को तुरंत राज्य का दर्जा दिया जाएगा। दो साल बीत चुके हैं, और आरोप है कि BJP ने सुप्रीम कोर्ट और संसद, दोनों जगहों पर अपने वादे तोड़े हैं। चौधरी ने BJP के अन्य वादों का भी ज़िक्र किया, जैसे 2014 में देश भर में 2 करोड़ नौकरियाँ देने का वादा, और पूछा कि इसमें जम्मू-कश्मीर का 12 साल का हिस्सा कितना बनता है; साथ ही हर नागरिक के लिए 15 लाख रुपये का काला धन वापस लाने के अधूरे वादे की भी बात की। नेशनल कॉन्फ्रेंस की विरासत पर ज़ोर देते हुए चौधरी ने कहा कि पार्टी ने 1947 से ही जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए अपने वादे हमेशा पूरे किए हैं, और इस क्षेत्र के विकास का श्रेय 'शेर-ए-कश्मीर', डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं को जाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद की ओर भी इशारा किया और कहा कि भारत के चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने आयोग पर ही सवाल उठाए हैं; ये आरोप किसी विपक्षी राजनीतिक दल ने नहीं लगाए थे, फिर भी संबंधित लोग इस पर चुप रहे। BYTE सदन में हंगामे के बाद, BJP विधायक भरत भूषण ने नपे-तुले अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी, लेकिन साथ ही कमी की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा: "इसमें खुशी तो है, लेकिन यह अधूरी खुशी है। क्योंकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी घोषणा-पत्र में कहा गया था कि हर साल बारह सिलेंडर दिए जाएंगे, और अब दो साल बीतने वाले हैं। इसलिए, अगर आज उन्होंने 24 सिलेंडर देने की घोषणा की होती, तो ज़्यादा खुशी होती। फिर भी, उन्होंने कम से कम शुरुआत तो की है, और मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में उनका बाकी बकाया भी पूरा किया जाएगा; और मेरा कहना है कि इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए।" विपक्ष के नेता सुनील शर्मा (BJP) ने अपने MLA साथी से अलग और ज़्यादा कड़े शब्दों में कहा: “पहले उनसे पूछिए, पिछले साल हमारी सरकार के मुखिया ने खड़े होकर कहा था कि मेरी तरफ़ से 200 यूनिट बिजली मुफ़्त दी जाएगी। 2025 के बजट सत्र में उन्होंने 200 यूनिट बिजली की बात की, लेकिन 2026 के बजट सत्र में चालाकी दिखाते हुए कहा, ‘मैंने यह नहीं कहा था कि मैं हवा या पानी से बनी बिजली दूंगा।’ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के तहत वे सोलर पैनल देंगे, लेकिन अभी तक उन्होंने वे भी नहीं दिए हैं। शर्मा ने आगे कहा, ‘मैं मीडिया के सामने आपको चुनौती देता हूँ, आप जाकर पता करें कि क्या किसी AAY लाभार्थी को 200 यूनिट बिजली मिली।’ उन्हें यह नहीं मिली। पहले उनसे हिसाब मांगिए; दो साल बीत चुके हैं। अगर आप 200 यूनिट नहीं दे पाए, तो छह सिलेंडर कहाँ से देंगे? मैं पूरे यकीन के साथ कहता हूँ कि पाँच साल बाद इस सरकार के पास हर मुद्दे का यही जवाब होगा कि हमारे पास राज्य का दर्जा (statehood) नहीं है। मैं फिर से, बहुत गंभीरता और पूरे यकीन के साथ कहता हूँ कि अगर उनमें ज़रा भी नैतिकता या ज़मीर बचा है, तो उन्हें पाँच साल का इंतज़ार नहीं करना चाहिए; उन्हें आज ही कह देना चाहिए कि हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं और सरकार भंग कर देनी चाहिए। राज्य के दर्जे के नाम पर उन्हें बस लोगों को बेवकूफ़ बनाना है। वरना, अभी पाँच दिन पहले ही वे गृह मंत्री साहब से मिलने गए थे और वहाँ राज्य के दर्जे के बारे में बात की थी। क्या उन्हें मीडिया में यह बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री साहब और गृह मंत्री के बीच क्या बातचीत हुई? वे राज्य के दर्जे के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं; अब हम भी राज्य का दर्जा, राज्य का दर्जा, राज्य का दर्जा सुनकर तंग आ चुके हैं; कुछ भी मांगो तो वे राज्य का दर्जा कहते रहते हैं।” यह टकराव केंद्र शासित प्रदेश में NC की सरकार बनने के लगभग दो साल बाद चल रही बड़ी राजनीतिक लड़ाई को दिखाता है। NC के घोषणापत्र में आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं को हर साल 12 मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया गया था। BJP ने बार-बार सरकार पर सिलेंडर, बिजली और नौकरियों से जुड़े अहम वादों को कमजोर करने या उनमें देरी करने का आरोप लगाया है, जबकि NC नेता केंद्र सरकार द्वारा राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी का मुद्दा उठाते हैं - उनका कहना है कि परिसीमन और चुनावों के बाद संसद और सुप्रीम कोर्ट के सामने यह वादा किया गया था। सिलेंडर को लेकर की गई घोषणा दोनों पक्षों के बीच विधानसभा में चल रहे टकराव का नया मुद्दा बन गई है।0
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