Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Madhubani847211

मधुबनी में श्मशान घाट पर पंचायत भवन बनाए जाने के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

Oct 18, 2024 08:43:11
Madhubani, Bihar

मधुबनी में शमशान घाट की जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनाए जाने के विरोध में जिरौल गांव के महादलितों जमकर किया प्रदर्शन। सैकड़ों लोगों ने अंचल कार्यालय में घुसकर सीओ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारे भी लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिरौल गांव में सदियों से महादलित बस्ती के लोगों का शमशान घाट है। जिसपर सीओ ने पंचायत सरकार भवन बनाने की अनुमति दे दी है और विभागीय अधिकारी एवं कर्मी वहां अंतिम संस्कार कार्य करने से रोक रहे हैं। विरोध करने पर महिलाओं से धक्कामुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
DSDurag singh Rajpurohit
Feb 26, 2026 07:31:40
Barmer, Rajasthan:क्रूड ऑयल की पाइपलाइन फूटी, खेत बर्बाद 1. किसान को बुला कर वार्ता कर ली गई है। उचित मुआवजा नियमों के अनुसार दिया जाएगा。 2. किसी भी प्रकार की क्षति का आंकलन जिला प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा。 3. कृषि कार्य उक्त क्षेत्र में नहीं किया जा रहा था। भूमि पर हुए असर का आंकलन कर मुआवजा दिया जाएगा。 4. रिसाव के स्रोत का पता लगाया जा रहा है。 बाड़मेर के कवास क्षेत्र के काउखेड़ा गांव में धरती ने अचानक ऐसा जख्म उगला, जिसने “विकास” के दावों की सच्चाई सामने ला दी। किसान के खेत से पानी नहीं, बल्कि कच्चा तेल फूट पड़ा। जमीन से निकलता यह काला तरल सिर्फ क्रूड ऑयल नहीं था, बल्कि यह उस लापरवाही का सबूत था, जो वर्षों से तेल उत्पादन के नाम पर स्थानीय लोगों पर थोपी जा रही है। जिस खेत में अन्न उगना चाहिए था, वहां अब जहर फैल रहा है। यह घटना कोई सामान्य तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि तेल कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला जिंदा प्रमाण है। खेत बना ऑयल वेल, किसान बना मूक दर्शक काउखेड़ा गांव में किसान हरजीराम के खेत में अचानक जमीन धंसने लगी और उसमें से क्रूड ऑयल निकलने लगा। देखते ही देखते पूरा खेत काले तेल से भर गया। किसान, जिसने उस जमीन को अपने खून-पसीने से सींचा था, अब उसी जमीन को बर्बाद होते देखने को मजबूर है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि औद्योगिक लापरवाही का परिणाम है। जिस जमीन पर फसल लहलहानी थी, वहां अब तेल का जहर फैल चुका है। करोड़ों का तेल सुरक्षित, लेकिन किसान की जमीन असुरक्षित बाड़मेर देश का सबसे बड़ा ऑनशोर ऑयल उत्पादन क्षेत्र है, जहां रोजाना लाखों बैरल तेल निकाला जाता है। तेल कंपनियां अरबों का मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर जमीनी हकीकत बेहद कमजोर नजर आती है। सवाल यह है? कि जब इतनी बड़ी मात्रा में तेल निकाला जा रहा है, तो क्या पाइपलाइन और वेलपैड की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है? या फिर मुनाफे की अंधी दौड़ में सुरक्षा को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है? रिसाव ने खोली सिस्टम की सच्चाई इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि भूमिगत पाइपलाइन और वेलपैड सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। अगर जमीन के अंदर सब कुछ सुरक्षित होता, तो खेत से तेल नहीं निकलता। इसका सीधा मतलब है कि कहीं न कहीं पाइपलाइन या तेल कुएं में गंभीर खराबी हुई है। यह केवल एक खेत की घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का संकेत है। अगर आज तेल खेत से निकल रहा है, तो कल यह गांव के पानी और हवा को जहर बना सकता है。 पर्यावरण के साथ खतरनाक खिलवाड़ क्रूड ऑयल का रिसाव सिर्फ जमीन को खराब नहीं करता, बल्कि यह पूरे पर्यावरण को नष्ट कर देता है। मिट्टी की उर्वरता खत्म हो जाती है, भूजल दूषित हो जाता है और हवा में जहरीली गैसें फैलती हैं। इसका असर आने वाली पीढ़ियों तक रहता है। बाड़मेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में जहां पानी पहले ही सीमित है, वहां इस तरह का प्रदुषण जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। मुनाफा कंपनी का, नुकसान किसान का सबसे बड़ा सवाल यह है? कि तेल निकालकर मुनाफा कौन कमा रहा है? और नुकसान कौन झेल रहा है? जवाब साफ है। कंपनी मुनाफा कमा रही है और किसान अपनी जमीन खो रहा है। जिस किसान की जमीन से तेल निकल रहा है, उसे न तो सुरक्षा मिली और न ही पहले से कोई चेतावनी दी गई। अब जब जमीन बर्बाद हो गई है, तो मुआवजा और जिम्मेदारी की बात शुरू हो रही है। यह व्यवस्था का सबसे क्रूर चेहरा है。 क्या केवल जांच से खत्म हो जाएगी जिम्मेदारी? हर बड़ी घटना के बाद एक शब्द सामने आता है जांच। लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच से किसान की जमीन वापस आ जाएगी? क्या जांच से पर्यावरण का नुकसान भरपाई हो जाएगा? या फिर जांच केवल जिम्मेदारी से बचने का एक औपचारिक तरीका बनकर रह जाएगी? जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी。 बाड़मेर के लिए चेतावनी की घंटी यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि पूरे बाड़मेर के लिए चेतावनी है। अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। तेल उत्पादन जरूरी है, लेकिन लोगों की जिंदगी और पर्यावरण की कीमत पर नहीं। विकास का मतलब विनाश नहीं होना चाहिए。 जवाबदेही तय करना अब जरूरी अब समय आ गया है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रभावित किसान को उचित मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। क्योंकि अगर आज खेत से तेल निकल रहा है, तो यह सिर्फ जमीन का रिसाव नहीं है यह सिस्टम की जिम्मेदारी का रिसाव है。
0
comment0
Report
GSGAURAV SRIVASTAVA
Feb 26, 2026 07:24:04
Auraiya, Uttar Pradesh:एंकर:उत्तरप्रदेश के औरैया जनपद में मामूली कहासुनी के बाद दबंगों ने एक युवक को जमकर मारपीट कर दी। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी का है। घटना के संबंध में बता दें कि कांशीराम कॉलोनी दिबियापुर के एक युवक की मोहल्ले के दो युवकों से कहासुनी हो गई जिसके बाद दबंगों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी। तस्वीर में आप देख सकते है कि दबंग युवक की लात घूंसो से मार पीट कर रहा है जबकि सामने बैठा एक शख्स पूरा तमाशा देख रहा है। मारपीट का वीडियो किसी शख्स ने बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फलहाल दिबियापुर पुलिस और उच्च अधिकारियों का कोई भी बयान इस मामले में सामने नहीं आया है।
0
comment0
Report
KKKRISNDEV KUMAR
Feb 26, 2026 07:23:53
0
comment0
Report
ASARUN SINGH
Feb 26, 2026 07:23:31
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद हाईवे पर ट्रैक्टर हादसा - नेताजी की अक्खड़ सड़क का कहर फर्रुखाबाद हाईवे पर देर रात इटावा-बरेली हाईवे पर दो ट्रैक्टरों की आमने-सामने भिड़ंत में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसा एनएच 730सी पर गांव मुराहस कन्हैया के पास हुआ — उसी हाईवे पर, जिसे स्थानीय लोग "नेताजी की अक्खड़ सड़क" कहते हैं। हरकमपुर निवासी 28 वर्षीय धीरेंद्र कुमार उर्फ धीरू पुत्र अवधेश सिंह, अपने साथियों 23 वर्षीय दीपक पुत्र रामवीर सिंह और सुखेंद्र पुत्र प्रेम सिंह के साथ ट्रैक्टर पर आलू लादकर फर्रुखाबाद के एसआर कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने जबरदस्त टक्कर मार दी। यह वही हाईवे है, जहां नेताजी के कार्यकाल में बनाई गई सड़क की अक्खड़ डिजाइन और खराब मेंटेनेंस के कारण रोज हादसे हो रहे हैं। संकरी लेन, गड्ढे और बिना लाइटिंग की वजह से रात में ड्राइवरों की जान पर बन आती है। हादसे में धीरेंद्र की मौके पर मौत हो गई, दीपक गंभीर जख्मी। जिला अस्पताल लोहिया में डॉक्टर एन हुड्डा ने धीरेंद्र को मृत घोषित किया और दीपक को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन हाईवे की खराब स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। क्या नेताजी की यह "अक्खड़ सड़क" अब सुधरेगी? उत्तर प्रदेश में 2025 में कुल 27,205 सड़क मौतें हुईं, जिसमें यह हाईवे योगदान देता है। पिछले 2 सालों (फरवरी 2024 से फरवरी 2026 तक) में एनएच 730सी पर कोई आधिकारिक कुल मौतों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। विभिन्न समाचारों से दर्ज हादसों में कम से कम 25-30 मौतें हुईं, लेकिन यह अनुमानित है क्योंकि सभी घटनाएं रिपोर्ट नहीं हुईं।
0
comment0
Report
ASABHISHEK SHARMA1
Feb 26, 2026 07:23:15
0
comment0
Report
DTDinesh Tiwari
Feb 26, 2026 07:23:04
Jaipur, Rajasthan:जयपुर कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ट्रैफिक सेंस को लेकर खुद सड़कों पर उतरे और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। शहर के प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों पर खड़े होकर उन्होंने सिविल सेंस और सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। मंत्री राठौड़ ने बच्चों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने जैसे बुनियादी लेकिन बेहद जरूरी नियमों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने वाहन चालकों से भी अपील की कि वे यातायात संकेतों का पालन करें और जल्दबाज़ी में अपनी तथा दूसरों की जान जोखिम में न डाले। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि यदि स्कूली स्तर पर ही बच्चों को यातायात के नियमों की सही शिक्षा दी जाए तो भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था स्वतः ही बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चे समाज के सबसे प्रभावी संदेशवाहक होते हैं और वे अपने घर-परिवार में भी नियमों के पालन के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल नियम बताना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना है। मंत्री ने कहा कि सुरक्षित यातायात एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें बच्चों की भागीदारी से बड़ा सकारात्मक संदेश जाएगा। अभियान के दौरान आमजन ने भी पहल की सराहना की और नियमों के पालन का संकल्प लिया।
0
comment0
Report
RSRUPENDRA SHRIWASTVA
Feb 26, 2026 07:22:15
Patna, Bihar:RJD एमएलसी सुनील सिंह ने एक बार फिर बिहार की नीतीश कुमार की सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा प्रहार किया है उन्होंने राज्य की योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और शराबबंदी की विफलता पर गंभीर आरोप लगाया सुनील सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को प्रमाण चाहिए, तो 27 फरवरी को सदन के अंतिम दिन मैं इसी सदन के प्रांगन में शराब की डिलीवरी कराकर दिखा सकता हूँ सुनील सिंह MLC RJD बीजेपी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा सुनील सिंह ने ऐसा कहा है, तो यह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। बिहार में कानून का राज है और पूरी ताकत है; यदि वे 27 तारीख को शराब लेकर आएंगे, तो उन्हें तत्काल जेल भेजा जाएगा और उन पर कानून के तहत वही कार्रवाई होगी जो इस कानून के साथ होती है। यह भी कहा गया कि यदि वे शराब के मामले में जेल जाना चाहते हैं, तो यह प्रयोग करके देख लें, और जेल में उनकी क्या दशा होगी यह वे बाद में बताएंगे। विनोद नारायण झा भाजपा विधायक JDU विधायक और पूर्व मद्ध निषेध मंत्री रत्नेश सादा ने कहा सुनील सिंह की सोच बहुत संकीर्ण है। माननीय मुख्यमंत्री ने बिहार के गरीब लोगों को इस लत से छुटकारा दिलाने और समाज में अमन-चैन के लिए शराबबंदी कानून लागू किया था। शराबबंदी लागू होने के बाद से सभी बच्चे सही समय पर स्कूल जा रहे हैं और परिवार अच्छी तरह से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सुनील सिंह को खुलेआम चुनौती दी गई है कि यदि वे मर्द हैं, तो मुख्यमंत्री आवास या विधानसभा के सामने शराब लाकर दिखाएं, जिसके बाद वे सीधे जेल जाएंगे और उन्हें कोई भी बचा नहीं पाएगा। रत्नेश सादा जदयू विधायक कांग्रेस के विधायक मनोज विश्वास में सुनील सिंह के इस बयान पर कहा यह सच्चाई है कि शराब सभी जगह मिल रही है और शराब पीने वालों की संख्या पहले से बढ़ गई है। उनका कहना है कि बिहार के हर कोने से आवाज आ रही है कि शराब से मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है। वर्तमान में जो शराब मिल रही है वह बिना प्रमाणित (लोकल तैयार की गई) शराब है, जिससे तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं, जबकि पहले कंपनियों द्वारा प्रमाणित शराब आती थी। उन्होंने शराबबंदी को सरकार की एक फ्लॉप योजना बताया है जिसके चलते आम आदमी को परेशानी झेलनी पड़ रही है, और यह भी दावा किया कि ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ शराब उपलब्ध न हो।
0
comment0
Report
AKAMAN KAPOOR
Feb 26, 2026 07:21:57
Ambala, Haryana:नशे के सौदागरों के खिलाफ हरियाणा रेलवे पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान CIA की टीम ने दो महिलाओं को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ धर दबोचा। पकड़ी गई महिलाओं से 55 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस की माने तो इस नशे की सप्लाई चंडीगढ़ व जालन्धर में होनी थी। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे की सीआईए की टीम ने 2 महिलाओं को नशे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया है। नशे की यह खेप चंडीगढ़ व पंजाब जालन्धर ले जानी थी लेकिन पुलिस ने इन्हें अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर ही काबू कर लिया। पकड़ी गई महिलाओं से रेलवे सीआईए ने 55 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। यह महिलाएं कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 2-4 पर मौजूद थी जिस दौरान इन्हें गिरफ्तार किया गया। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान मखनी देवी और अंजना कुमारी के रूप में हुई है। रेलवे सीआईए की टीम ने बताया चेकिंग के दौरान दो महिलाओं से करीब 55.670 किलो गांजा बरामद हुआ है। ये खेप गोरखपुर से लाई गई थी और इसे चंडीगढ़ व पंजाब के जालन्धर में सप्लाई किया जाना था। ये लोग छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर लोकल स्तर पर नशा बेचते हैं। फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। रिमांड के दौरान महिलाओं से नशे के इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगनाओं के बारे में पूछताछ की जाएगी。 राजेश कुमार - ASI, सीआईए अंबाला रेलवे।
0
comment0
Report
JGJugal Gandhi
Feb 26, 2026 07:21:28
Alwar, Rajasthan:अलवर जिला अस्पताल के बाहर देर रात युवकों का तांडव, पुलिस चौकी के सामने जमकर चले लात-घूंसे; आरोपी फरार अलवर जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अलग-अलग कारों में सवार होकर आए युवकों ने सड़क पर एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक खुलेआम हाईवोल्टेज ड्रामा करते नजर आ रहे हैं। यह घटना शहर के गौरव पथ पर स्थित जिला अस्पताल के बाहर हुई, जहां अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी संचालित है। इसके बावजूद युवकों के हंगामे के दौरान मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। मारपीट के दौरान एक युवक की शर्ट फट गई, जबकि एक युवक अर्धनग्न हालत में दूसरे पर लात-घूंसे चलाता दिखाई दिया। देखते ही देखते मौके पर 15 से 20 लोगों की भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही। इसके बाद दोनों पक्ष मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि घटना के दौरान न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही आरोपियों की तत्काल पहचान हो सकी। कोतवाली थाना प्रभारी रमेशचंद ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि युवकों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके。
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top