icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
847211
BBBINDU BHUSHAN THAKURFollow18 Oct 2024, 08:43 am

मधुबनी में श्मशान घाट पर पंचायत भवन बनाए जाने के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

Madhubani, Bihar:

मधुबनी में शमशान घाट की जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनाए जाने के विरोध में जिरौल गांव के महादलितों जमकर किया प्रदर्शन। सैकड़ों लोगों ने अंचल कार्यालय में घुसकर सीओ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारे भी लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिरौल गांव में सदियों से महादलित बस्ती के लोगों का शमशान घाट है। जिसपर सीओ ने पंचायत सरकार भवन बनाने की अनुमति दे दी है और विभागीय अधिकारी एवं कर्मी वहां अंतिम संस्कार कार्य करने से रोक रहे हैं। विरोध करने पर महिलाओं से धक्कामुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

SC का बड़ा आदेश: भोजशाला के पास नमाज के लिए जगह मंजूर

Dhar, Madhya Pradesh:धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े नमाज विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। मुस्लिम पक्ष की शिकायत थी कि पहले दिए गए वैकल्पिक जमीन भोजशाला परिसर से काफी दूर है और वहां जुम्मे की नमाज अदा करना व्यावहारिक नहीं है। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कोर्ट को बताया कि पहले दिए गए आदेश के अनुरूप परिसर के पास जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। वहीं राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नया प्रस्ताव रखा। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मुस्लिम समुदाय को भोजशाला परिसर के निकट स्थित खसरा नंबर 596, जो भोजशाला के नजदीक है पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति रहेगी। आपको बता दे 14 जुलाई को SC एक सुनवाई पर आदेश दिया था कि राज्य सरकार भोजशाला के निकटतम स्थान पर मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने के लिए खुला स्थान उपलब्ध करवाये जहां जुम्मे की नमाज अदा हो सके इसके बाद जिला प्रशासन के द्वारा भोजशाला से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर 40 पीर दरगाह के पास एक स्थान तय किया जिसको लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति दर्ज करवाई और कहां की यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन है यह स्थान भोजशाला से काफी दूर है यहां नमाज नहीं पढ़ी जा सकती जिसके बाद जिला प्रशासन ने एक और स्थान उपलब्ध करवाया जो डिस्लरी के पास स्थित है जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समाज की ओर से वकील ने बुधवार के दिन कहा कि ब्रेवरी के पास धार्मिक नमाज अदा नहीं की जा सकती इसके बाद गुरुवार के दिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया की भोजशाला के निकट 596 नंबर सर्वे पर नमाजियों को नमाज अदा करने के लिए स्थान मुहैया करवाया जाय इस आदेश के साथ ही वैकल्पिक नमाज स्थल को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त होता नजर आ रहा है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा एसपी सचिन शर्मा और आला अधिकारीयों ने देर शाम भोजशाला के पीछे वाले हिस्से में सर्वे नंबर 596 के आसपास मौका निरीक्षण किया और आने जाने वाले रास्तों का भी बारीकी से निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने यह देखा कि नमाजियों के आने और जाने का रूट क्या रहेगा साथ ही किस प्रकार की व्यवस्थाएं करना होगी इसको लेकर आला अधिकारियों ने जायजा लिया धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे उन्होंने नमाजियो की संख्या और मुस्लिम समाज से बैठक के बारे में कहा की हम प्रयास कर रहे है बैठक के बाद स्थिति क्लियर होंगी..... देर शाम तक प्रशासन के साथ मुस्लिम समाज के लोगों की बैठक नहीं हो पाई
0
0
Report

सहरनपुर में नकबजन गिरफ्तार: 9.3 लाख नकद-डिस्कवर बाइक सहित बरामद

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र में लाखों रुपये की चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक शातिर नकबजन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे और निशानदेही पर 6 लाख 40 हजार रुपये नकद, चोरी किया गया मोबाइल फोन, चोरी के पैसों से खरीदी गई एक डिस्कवर मोटरसाइकिल, एक अन्य मोबाइल फोन तथा पीड़ित के आधार और पैन कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गांव लखनौती निवासी अरविंद्र कुमार ने तहरीर देकर बताया था कि 29/30 जुलाई की रात अज्ञात चोर उनके घर में घुसकर अलमारी से 9 लाख 30 हजार रुपये नकद और वनप्लस मोबाइल चोरी कर ले गए। मामले में थाना गंगोह पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत एसपी ग्रामीण और सीओ गंगोह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला बाहुद्दीन से बिलाल पुत्र उस्मान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर चोरी की बड़ी रकम व अन्य सामान बरामद कर लिया गया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी भी की गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी लत पूरी करने के लिए चोरी करता है। वारदात वाली रात वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से लखनौती पहुंचा और एक मकान की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। घर में सो रहे लोगों के बीच से मोबाइल उठाने के बाद अलमारी की चाबी से लॉकर खोलकर नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गया। उसने चोरी की रकम एक खंडहर में छिपा दी और जरूरत के अनुसार पैसे निकालकर खर्च करता रहा। इसी रकम से उसने एक सेकेंड हैंड डिस्कवर बाइक और मोबाइल भी खरीद लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
0
0
Report

तीतरों पुलिस ने 85 लाख के स्मैक के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे عملیات के अंतर्गत थाना तीतरों पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 425 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार अधिकारीगण ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। इसी क्रम में मौके पर तीतरों थाना प्रभारी के नेतृत्व में घेराबंदी कर आरोपी साजिद पुत्र अफलातून निवासी ग्राम घाटमपुर, थाना नकुड़ को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 425 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। प्राथमिकी NDPS Act की धारा 8/21 के तहत दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है ताकि नशा तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार आरोपी के पूर्व भी नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। आईए कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जिले में नशे के कारोबार के रूप में जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
0
0
Report
Advertisement

IG ओमप्रकाश का गुरु कोलायत दौरा: सुरक्षा व्यवस्था और जनभागीदारी पर जोर

Bikaner, Rajasthan:आईजी ओमप्रकाश पहुंचे गुरु नगरी श्रीकोलायत, जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर सीएलजी, ग्राम रक्षक और महिला सुरक्षा सखी की बैठक में लिया भाग व्यापारियों और सीएलजी सदस्यों से कानून-व्यवस्था पर किया संवाद पुलिस-पब्लिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर दिया जोर बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने गुरु तीर्थ नगरी श्रीकोलायत का दौरा कर कानून-व्यवस्था और पुलिस-पब्लिक समन्वय की समीक्षा की।कोलायत थाना परिसर पहुंचने पर आईजी ओमप्रकाश और बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा को जवानों ने औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद आयोजित सीएलजी बैठक में आईजी ने थाना क्षेत्र के सीएलजी सदस्यों, ग्राम रक्षकों, महिला सुरक्षा सखियों और स्थानीय व्यापारियों से सीधा संवाद किया बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, जनसहयोग, अपराध नियंत्रण और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई आईजी ने आमजन की भागीदारी को प्रभावी पुलिसिंग की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की इस दौरान उपखंड अधिकारी राजेश नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बनवारीलाल, डीवाईएसपी संग्राम सिंह, थानाधिकारी जसवीर सिंह, सीआई जगदीश सिंह सहित पुलिस विभाग के अधिकारी, एएसआई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
0
0
Report

चैटजीपीटी से नकल के आरोप: सागर विश्वविद्यालय ने सतपुड़ा कॉलेज के रिजल्ट रोके

Noida, Uttar Pradesh:ChatGPT से नकल करते पकड़ाए छात्र, सागर यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट रोका, छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कॉलेज का मामला चैटजीपीटी से सामूहिक नकल का खुलासा, सागर विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेज का रिजल्ट रोका सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर से संबद्ध छिंदवाड़ा जिले के सौनसर स्थित एक निजी महाविद्यालय में चैटजीपीटी की मदद से सामूहिक नकल का मामला सामने आया है। परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज की सभी कक्षाओं के परीक्षा परिणामों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में मई माह के दौरान द्वितीय, चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। पिछले सेमेस्टर से लागू केंद्रीय मूल्यांकन व्यवस्था के तहत सभी कॉलेजों की उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय भेजी गई थीं। इसी दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तरपुस्तिका की जांच कर रहे शिक्षक को उत्तर के बीच में एक असामान्य पंक्ति दिखाई दी, जिसमें लिखा था कि "पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें।" इस टिप्पणी ने मूल्यांकनकर्ता को चौंका दिया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को दी। परीक्षा नियंत्रक के निर्देश पर संबंधित महाविद्यालय की अन्य उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लगभग एक जैसे उत्तर लिखे हैं। उत्तरों की भाषा, प्रस्तुति और शैली भी पूरी तरह समान पाई गई। प्रारम्भिक जांच में यह आशंका जताई गई कि विद्यार्थियों ने चैटजीपीटी पर उपलब्ध उत्तरों को मोबाइल के माध्यम से पढ़कर या कॉपी कर उत्तरपुस्तिकाओं में हूबहू लिख दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह मामला केवल एक विद्यार्थी या एक विषय तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान तीन अलग-अलग विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं में भी इसी प्रकार के समान उत्तर मिले हैं, जिससे सामूहिक नकल की आशंका और मजबूत हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से की गई नकल का मामला हो सकता है। जाँच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित विद्यार्थी छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी का है। इसके बाद कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों की कॉपियों की भी गहन जांच की गई, जिसमें बड़ी संख्या में उत्तर चैटजीपीटी से तैयार सामग्री से मेल खाते पाए गए। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कॉलेज की सभी कक्षाओं के परीक्षा परिणाम रोक दिए हैं। विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी विवेक जायसवाल का कहना है कि सागर विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध अन्य सभी महाविद्यालयों के परीक्षा परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन सामूहिक नकल के इस प्रकरण के कारण केवल संबंधित कॉलेज के परिणाम जारी नहीं किए जाएंगे। पहले पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और कॉलेज प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस का जवाब मिलने और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विद्यार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही कॉलेज का परीक्षा केंद्र बदलने, दोबारा परीक्षा आयोजित कराने अथवा अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी का उपयोग पढ़ाई और जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन परीक्षा में इस तरह के साधनों का दुरुपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों से न केवल परीक्षा प्रणाली प्रभावित होती है बल्कि मेहनत से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ भी अन्याय होता है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामूहिक नकल किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में हुई। विश्वविद्यालय ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो。
0
0
Report

सहरसा में जमीन विवाद, युवक की हत्या के बाद प्रदर्शन तेज

Saharsa, Bihar:जहाँ दो पक्षों के बीच जमीनी विवाद में एक युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर शव को पोखर के समीप फेंक दिया गया. घटना सदर थाना क्षेत्र के कहरा नाथबाबा पोखर के समीप की है. मृतक युवक की पहचान सोनू कुमार के रूप में की गई जो कहरा का ही रहने वाला था. पुलिस ने खून से लथपथ युवक का शव पोखर के समीप से बरामद किया है. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने रिफ्यूजी चौक के समीप शव रखकर सड़क को जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे. परिजनों ने अरविंद पोद्दार, श्याम पोद्दार नामक शख्स पर आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन के विवाद में इनलोगों द्वारा कल से ही धमकी दी जा रही थी और आज उसकी हत्या कर शव को पोखर के समीप फेंक दिया गया. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और मामले की जाँच करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी में जुटी हुई है.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

भर्ती उत्सव के लिए प्रक्रियाओं में तेजी: मुख्य सचिव ने 2026 कैलेंडर की समीक्षा की

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रोजगार उत्सव में बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वर्ष 2026 के भर्ती परीक्षा कैलेंडर और विभागवार भर्ती प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन भर्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, उनमें दस्तावेज सत्यापन, परिणाम और नियुक्ति आदेश जारी करने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। लक्ष्य है कि आगामी रोजगार उत्सव में अधिकतम पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा सकें। बैठक में अलग-अलग विभागों में चल रही 24,752 सफाई कर्मचारी, 10,644 कनिष्ठ सहायक एवं क्लर्क ग्रेड-II, 6,000 पुलिस कांस्टेबल, 3,500 शिक्षण सहयोगी, 3,430 ग्राम विकास अधिकारी, 1,100 कृषि पर्यवेक्षक, 3,000 जूनियर टेक्निकल सुपरवाइजर, 2,000 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल, 1,548 आयुष, 1,100 पशु चिकित्सा अधिकारी, 1,059 सहायक अभियंता और 774 जूनियर अभियंता समेत अन्य भर्तियों की स्थिति देखी गई। रोज़गार उत्सव से पहले इन भर्तियों पर फोकस। मुख्य सचिव ने खासतौर पर उन भर्तियों की प्रगति जानी, जो अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, शिक्षक ग्रेड-III, संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, जेल प्रहरी, NHM और बस परिचालक जैसी भर्तियाँ शामिल हैं। अधिकारियों को कहा गया कि इनकी प्रक्रिया जल्द पूरी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं, ताकि रोजगार उत्सव में नियुक्ति पत्र दिए जा सकें। RPSC-RSSB और विभागों में समन्वय पर जोर। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि युवाओं को समय पर रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है। भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन किया जाए। लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो और दस्तावेज सत्यापन से लेकर परिणाम तथा नियुक्ति आदेश तक की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि भर्ती परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्तियां समय पर हो सकें। एक साथ कई विभागों की भर्ती पर नजर भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। RPSC और RSSB के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।
0
0
Report

राजस्थान में ड्रग माफिया के खिलाफ निगरानी रणनीति: 10 केस, 5 टार्गेट माफिया

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में ड्रग माफिया के खिलाफ अब कार्रवाई सिर्फ नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार ने ड्रग के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए ‘डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय’ की रणनीति पर काम करने का फैसला किया है। इसके तहत हर जिले में ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों को चिन्हित किया जाएगा और इनमें से 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं की अलग सूची तैयार होगी। इनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी होगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की बैठक में अधिकारियों को ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल तस्कर तक नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन तक पहुंचनी चाहिए। हर जिले में 10 केस, इनमें से 5 ‘टारगेट’। बैठक में सबसे अहम फैसला हर जिले में ड्रग्स से जुड़े मामलों की टारगेटेड मॉनिटरिंग को लेकर रहा। मुख्य सचिव ने सभी पुलिस अधीशक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने जिले के 10 प्रमुख ड्रग केसों की सूची तैयार करें। इन मामलों के आधार पर 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यानी अब सामान्य कार्रवाई के बजाय पुलिस का फोकस उन अपराधियों पर रहेगा, जो ड्रग नेटवर्क को लगातार चला रहे हैं या जिनकी भूमिका बार-बार सामने आ रही है। ड्रग्स के साथ तस्करों की संपत्ति पर भी नजर। सरकार की रणनीति ड्रग तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की भी है। चिन्हित ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों की जांच कर नियमानुसार संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे मौजूद आर्थिक तंत्र को भी तोड़ना होगा। एक दिन, सभी थानों में ड्रग्स नष्ट करने का अभियान। बैठक में जब्त किए गए मादक पदार्थों के निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर जब्त ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाए। इसका मकसद थानों में लंबे समय से पड़े जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करना और कार्रवाई को प्रभावी बनाना है। कमजोर चार्जशीट से बचें, सजा तक पहुंचाएं केस। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदतन अपराधियों के खिलाफ तथ्यों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की जाए। कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का अंतिम लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि दोषसिद्धि सुनिश्चित करना होना चाहिए। तीन या ज्यादा केस वालों पर पहले कार्रवाई। जिन आरोपियों के खिलाफ तीन या उससे अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता से शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। सरकार का फोकस ऐसे आरोपियों पर है, जिनका आपराधिक नेटवर्क लगातार सक्रिय है। जब्त वाहन भी ज्यादा दिन नहीं रहेंगे। ड्रग मामलों की जांच के दौरान जब्त किए गए वाहनों की भी नियमानुसार शीघ्र नीलामी करने के निर्देश दिए गए। इससे जब्त वाहनों के लंबे समय तक थानों या संबंधित परिसरों में पड़े रहने की समस्या से भी निपटने की कोशिश होगी। 2026-29 के लिए बनेगी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी। बैठक में विजन 2026-29 के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य की जीरो टॉलरेंस नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और युवा मामलात विभाग को नशा मुक्ति, जागरूकता और तस्करी रोकने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए। ड्रग नेटवर्क पर सरकार का फोकस अब चार स्तरों पर। पहला— ड्रग तस्करों और सप्लायरों की पहचान। दूसरा— टॉप अपराधियों की संपत्ति और आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई। तीसरा— मजबूत चार्जशीट और कोर्ट में प्रभावी पैरवी। चौथा— नशे की मांग कम करने के लिए नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान। बैठक में एएनटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विकास कुमार ने प्रस्तुतीकरण दिया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सांवन्त, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, एएनटीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. सहित पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, एफएसएल, इंटेलिजेंस ब्यूरो, चिकित्सा, सामाजिक न्याय, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
0
0
Report
Advertisement

मुजफ्फरपुर में ईओयू की छापेमारी: अभियंता अरविंद चौधरी के ससुराल से लाखों के गहने और नकद मिलने का दावा

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में ईओयू की कार्रवाई में लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल के आवास पर लगभग 12 घंटे तक छापेमारी की गई और इस दौरान ईओयू की टीम के द्वारा लगभग 20 रूपए मूल्य के आभूषण, तीन लाख रुपए नगद और कई बैंक अकाउंट को जप्त करने की बात सामने आ रही है. जांच टीम में शामिल अधिकारी इस बाबत कुछ भी बोलने से इनकार कर चुके हैं. कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल के आवास के अलावा बिहार के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है, जहां से भारी मात्रा में ज्वेलरी और नगद मिलने की बात सामने आई है. मुजफ्फरपुर स्थित उनके ससुराल के मकान पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने तलाशी के दौरान कई अलमीरा के लॉक तोड़ने की भी बात सामने आ रही है जिसमें भारी मात्रा में ज्वेलरी और नगद मिलने की बात बताई जा रही है. फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की टीम सभी सामानों को जप्त कर आगे की जांच कर रही है. ईओयू के अनुसार कांड संख्या 15/26 में सत्यापन के दौरान लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के पास 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये की आय से 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है. मुजफ्फरपुर स्थित लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ससुराल के आवास पर EOU की टीम करीब सुबह 8:00 बजे से छापेमारी शुरू कर चुकी थी और शाम के 8 बजे तक चली. इस दौरान मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के कलमबाग चौक स्थित उनके ससुराल के मकान पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. मुजफ्फरपुर के अलावा बिहार के पटना के आदमपुर स्थित वीणस पैराडाइज अपार्टमेंट, आशोपुर स्थित वीणस इम्पायर, सासाराम स्थित कार्यालय, डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास और बांका के पीपराडीह स्थित पैतृक आवास पर चल रही है. EOU की टीम लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक खाते और संपत्ति से जुड़े कागजात खंगाला है. अब जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
0
0
Report

जनकपुरधाम में प्रदर्शन के बीच नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग तेज

Sitamarhi, Bihar:नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में एक खास संप्रदाय के द्वारा कांवरिया जत्थे पर हुए हमले और उसके बाद हुई गोलीबारी में एक कांवरिया की मौत के बाद पूरे मधेश क्षेत्र में तनाव फैल गया है। इस घटना में एक दर्जन से अधिक कांवरिया गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के विरोध में जनकपुरधाम में लोगों का प्रदर्शन हुआ। हिंदू सम्राट सेना, नेपाल हिंदू स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, साधु-संतों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।जनकपुरधाम के जानकी चौक, राम चौक, जनक चौक, रामानंद चौक, मिल्स एरिया और पिड़ारी चौक समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया इस दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पुतले भी फूंके गए। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, मुस्लिम आयोग को भंग करने तथा रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को नेपाल से बाहर करने की मांग की है स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन धनुषा ने कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया। जब प्रदर्शन उग्र हो गया तो सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने गुरुवार दोपहर तीन बजे से जनकपुरधाम नगर क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top