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Kaimur821109

कैमुर जिले के मोहनिया रेलवे स्टेशन पर वृद्ध की बेहोश होने के बाद गई जान

Jun 20, 2024 05:07:20
Bihar

कैमुर जिले के मोहनिया स्थित भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर एक वृद्ध अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे। आपको बता दें कि स्टेशन मास्टर की सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी द्वारा उन्हें मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार मृतक कैमूर जिले के बहुवन गांव निवासी बताए जा रहे हैं। साथ ही इस मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है।

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PSPradeep Soni
Feb 10, 2026 04:31:06
Jaipur, Rajasthan:मोरीजा काली माता मंदिर: जहां एक पहाड़ काला, दूसरा सफेद… और बीच में विराजमान आस्था जयपुर के चौमूं उपखण्ड के मोरीजा गांव में स्थित है सैकड़ों साल पुराना और रहस्यमयी मोरीजा काली माता मंदिर। यह मंदिर अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट, लोककथाओं और धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष पहचान रखता है। यहां एक पहाड़ पूरी तरह काले पत्थरों से ढका दिखाई देता है, जबकि सामने वाला पहाड़ सफेद चट्टानों से चमकता है। स्थानीय लोग इसे साधारण प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि देवी की दिव्य लीला मानते हैं। हमारी इस खास रिपोर्ट में देखिए आस्था, रहस्य और इतिहास का अद्भुत संगम। स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि यह दृश्य वर्षों से ऐसा ही है। वैज्ञानिक दृष्टि से इसे भौगोलिक संरचना का परिणाम माना जा सकता है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह देवी का चमत्कार है। यह विरोधाभास ही इस मंदिर को और भी रहस्यमयी बनाता है—जैसे प्रकृति ने खुद दो रंगों में आस्था की पृष्ठभूमि तैयार की हो। ग्रामीणों के अनुसार यहां स्थापित मां काली की प्रतिमा किसी इंसान, साधु या राजा द्वारा स्थापित नहीं की गई थी। मान्यता है कि मां काली स्वयं पहाड़ को चीरकर इस स्थान पर प्रकट हुई थीं। इसी कारण इस स्थान को अत्यंत चमत्कारी और शक्तिशाली माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां मांगी गई हर सच्ची मनोकामना पूरी होती है। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान मां काली की प्रतिमा शक्ति और आस्था का अद्भुत प्रतीक है। भक्त घंटियों की गूंज और जयकारों के बीच दर्शन करते हैं। कहानी यहीं खत्म नहीं होती। लोककथाओं के अनुसार, वर्षों पहले जब राजा ने किले का निर्माण शुरू किया तो गलती से उसी जगह पर किले की नींव रखी गई जहां पर काली माता की मूर्ति प्रकट हो चुकी थी। दिन में कारीगर मजदूर दीवार बनाते और सुबह जब देखे तो दीवार गायब हो जाती ऐसा कुछ दिनों तक चलता रहा लेकिन एक दिन भी पूरी दीवार नहीं बन पाई ...इससे राजा भी परेशान हो गए... और लोगों के बीच यह चर्चा का विषय हो गया। परेशान राजा को एक दिन काली माता ने रात को सपने में दर्शन दिए और कहा जिस जगह पर किले का निर्माण करवाया जा रहा है वह जगह मेरी है,वहां मेरी मूर्ति है , माता ने आदेश दिया कि यहां मेरा मंदिर बनेगा, मेरी मंदिर के सामने दूसरे पहाड़ पर किला बना सकते हो। मेरी मूर्ति के ऊपर किला नहीं बना सकते.... ठीक उसी जगह के सामने दूसरे पहाड़ पर खाली जगह है... वहां किले का निर्माण किया जा सकता है.... सुबह राजा ने यह सपना लोगों को बताया और सपने के मुताबिक माता की प्रतिमा के ठीक सामने दूसरे पहाड़ पर किले का निर्माण शुरू किया और किला कुछ दिनों में बनकर तैयार हो गया...।समय के साथ यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। नवरात्र के दौरान यहां विशाल मेले का आयोजन होता है। दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्त पैदल यात्राएं करते हुए मां के दरबार तक आते हैं। ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी यह मेला महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदारों और कारीगरों के लिए यह अवसर आजीविका का बड़ा माध्यम बन जाता है। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो काले और सफेद पत्थरों का यह अंतर चट्टानों की संरचना और खनिज तत्वों के कारण हो सकता है। लेकिन यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह वैज्ञानिक विश्लेषण नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। काले पहाड़ को शक्ति और संहार का प्रतीक माना जाता है, जबकि सफेद पहाड़ शांति और पवित्रता का प्रतीक समझा जाता है।दो रंगों के बीच स्थित यह मंदिर मानो यह संदेश देता है कि जीवन में शक्ति और शांति दोनों का संतुलन आवश्यक है। सदियों पुराना यह मंदिर आज भी रहस्य, इतिहास और आस्था का अद्भुत संगम बना हुआ है। जहाँ प्रकृति के दो रंगों के बीच विराजमान हैं मां काली… जहाँ लोककथाएं आज भी सांस लेती हैं… और जहाँ श्रद्धा हर वर्ष हजारों कदमों को इस पहाड़ी धाम तक खींच लाती है। Morija का काली माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि विश्वास की वह कहानी है जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जा रही है।
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ASAshok Singh Shekhawat
Feb 10, 2026 04:30:26
Sikar, Rajasthan:रींगस, सीकर: राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि एवं शिक्षक केसर देव मारवाड़ी का देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया. हादसा रींगस के मिल तिराहे पर हुआ. नींद की झपकी आने से उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई. पत्नी चंदा देवी को मामूली चोटें आईं. कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए. पुलिस मौके पर पहुँची और कवि के शव को राजकीय उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. मृतक जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे. वे अपनी हास्य कविताओं और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए जाने जाते थे. आकस्मिक निधन से साहित्य जगत और शिक्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.
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JPJai Prakash
Feb 10, 2026 04:21:36
Faridabad, Haryana:फरीदाबाद जेल में अब्दुल-अरुण में राम मंदिर पर बहस हुई:10 दिन में बढ़ा विवाद, सोते समय मुंह दबाया, पत्थर को नुकीला हथियार बना की हत्या हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर को लेकर हुए विवाद के चलते बैरक में बंद दूसरे कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने सिर में नुकीला पत्थर मारकर उसकी हत्या की। जिस समय हत्या को अंजाम दिया गया, उस समय अब्दुल रहमान गहरी नींद में था। नुकीला पत्थर लगने वह चिल्लाया तो सिक्योरिटी बैरक में बंद तीसरे कैदी शोएब रियाज की भी आंख खुल गई। तब अरूण, अब्दुल रहमान पर लगातार वार पर वार किए जा रहा था। उसके सिर से खून की धारा फूट रही थी। डर के मारे रियाज ने शोर मचा दिया। इसके बाद बाहर तैनात जेल स्टाफ और फिर अधिकारी मौके पर पहुंचे। बैरक खोलकर घायल रहमान को जेल के अस्पताल में लेकर जाया गया, जहां डाक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल सूत्रों की माने तो 15 दिन पहले ही तीनों कैदियों को एक साथ सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच अपने-अपने धर्म को लेकर कहासुनी हो रही थी। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में अरुण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही अब्दुल रहमान के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि पता लग सके कि कितने वार उस पर किए गए थे। इसके अलावा हत्यारोपी अरुण चौधरी के बारे में भी चौंकाने वाली बात बताई। पता चला चला कि वह जम्मू जिले के सांबा में 2023 में हुई युवक अक्षय शर्मा की सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल था। गैंगवार में हुई इस हत्या में चार आरोपी शामिल थे, जिनमें अरुण चौधरी भी मुख्य आरोपी था। हत्या के बाद ये चारों अक्षय शर्मा का हाथ काटकर ले गए थे। पहले जानिए कौन है अब्दुल रहमान और कैसे पकड़ा… यूपी का रहने वाला, रिक्शा चलाता था, महंगे मोबाइल का Shौकीन अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। अयोध्या-रायबरेली हाईवे से लिंक रोड पर 5Km अंदर चलकर चमनगंज रोड उसका 650 स्क्वायर फीट का घर है। घर के बाहर चिकन शॉप की दुकान है, जिसे पिता अबू बकर चलाते हैं। गरीबी के चलते सरकार की तरफ से उन्हें अंत्योदय कार्ड मिला है। मां आश्मीन और उनकी तीन बेटियां हैं, जो अब्दुल रहमान से छोटी हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि चार साल से अब्दुल कुचेरा बाजार से किन्हूपुर के बीच ई-रिक्शा चलाता था। उसके पास महंगे मोबाइल थे। वह केवल दसवीं तक पढ़ा था। सोशल मीडिया पर राम मंदिर के वीडियो डालने पर नजर में आया सुरक्षा एजेंसी डार्क वेब पर भेजे जाने वाले कंटेंट को मॉनिटर करती है। भारत से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में छिपे आतंकियों को डार्क वेब के जरिए ही सूचनाएं भेजी जाती हैं, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो। जनवरी, 2024 में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद से ही राम मंदिर के कई वीडियो एक खास लोकेशन पर शेयर किए गए। जब सुरक्षा एजेंसियों ने भेजने वाले का IP एड्रेस को सर्च किया, तो जिस लोकेशन पर यह कंटेंट भेजा गया था, वह तो पता नहीं चला। मगर भेजने वाले की लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद की मिली। 2 मार्च 2025 को पकड़ा था, दो जिंदा ग्रेनेड, राम मंदिर के वीडियो मिले फरीदाबाद में लोकेशन मिलने पर हरियाणा एसटीएफ की मदद से गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसी IB यहां पहुंचे। पाली गांव में दबिश दी तो 19 साल के अब्दुल रहमान निवासी मिल्कीपुर, यूपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक द� स्ते ने निष्क्रिय किया。 उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा तो अब्दुल इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया。 आतंकी अबू सूफियान ने ब्रेनवॉश किया, मंदिर पर हमले से पहले पकड़ा जांच एजेंसियों ने जब उससे पूछताछ की तो मालूम किया कि वह लकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। सूफियान ने ही उसका ब्रेनवॉश किया और आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलवाई। सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे। इन्हें ही लेने अब्दुल रहमान फरीदाबाद आया था。 यहां से उसे हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर लेकर 4 अप्रैल को अयोध्या जाना और हमले की वारदात को अंजाम देना था। मगर, इससे पहले ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद फरीदाबाद ही रिपोर्ट दर्ज हुई और 10 दिन के रिमांड के बाद उसे नीमका जेल में भेज दिया गया। तब से वह यहीं बंद था। वीडियो क्रांफेसिंग से उसकी पेशी होती थी。 अब जानिए कैसे हुई अब्दुल रहमान की हत्या… सिक्योरिटी बैरक में थी तीन कैदी, एक यूपी, दो जम्मू कश्मीर से तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सिक्योरिटी बैरक में केवल तीन ही बंदी थे, एक यूपी का अब्दुल रहमान, दो जम्मू कश्मीर के अरूण चौधरी और शोएब रियाज। रूण चौधरी और शोएब रियाज को एक साथ ही जम्मू कश्मीर से सुरक्षा कारणो के चलते नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। पहले तीनों कैदी अलग-अलग बैरक में थे। मगर, 15 दिन पहले ही तीनों को एक साथ इस सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था。 राम मंदिर बनने से नाराज था, अरूण से होता था झगड़ा जेल सूत्रों के मुताबिक अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट और अब्दुल रहमान के बीच में राम मंदिर को लेकर 10 दिन से विवाद चल रहा था। राम मंदिर बन जाने से वह अक्सर नाराज रहता था। वह अपने धर्म को ही सबसे ऊपर बताता था। दूसरी तरफ अरुण चौधरी को पता चल गया था कि अब्दुल रहमान ने अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आकर अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता था। सोते समय मुंह दबाया, सिर पर नुकीले पत्थर से कई वार किए जेल सूत्रों के मुताबिक सोमवार की सुबह 2 से 3 के बीच का समय हो रहा था। उस समय अब्दुल रहमान और शोएब रियाज दोनों सो रहे थे, लेकिन अरुण चौधरी जगा हुआ था। उसने चुपके से अब्दुल रहमान का मुंह दबाया और उसका सिर के पीछे के हिस्से पर नुकीले पत्थर से कई वार किए। इसी दौरान आवाज सुनकर शोएब रियाज जाग गया और उसने शोर मचाकर बैरक के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मीयों को बुला लिया। 10 मिनट बाद ही जेल अधिकारी भी पहुंच गए। घायल अब्दुल रहमान को जेल अस्पताल में लेकर जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। हत्या के बाद शांत बैठा रहा, पहले ही तैयार कर लिया था हथियार जेल सूत्रों की माने तो हत्या के बाद अरुण शांत बैठा रहा, जबकि शोएब रियाज काफी डर गया था। डर के कारण उसने अरुण को रोकने की कोशिश तक नहीं की। सूत्रों की माने तो राम मंदिर को लेकर रोज-रोज हो रहे विवाद से अरुण काफी खफा हो गया था। इसलिए उसने दिन में ही एक पत्थर को नुकीला बनाकर हथियार बना लिया था। यह पत्थर वह जेल परिसर से ही उठाकर लाया था। उसने इसी नुकीले पत्थर से अब्दुल रहमान पर एक के बाद एक कई वार किए। अब्दुल रहमान की हत्या करने वाले अरुण से जुड़ी 3 अहम बातें… सांबा में अक्षय शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आया अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। उसका नाम जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के गुड़वाल रामगढ़ में 25 दिसंबर को हुई अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। यह हत्या गैंगवार के चलते अंजाम दी गई थी। इसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अतुल चौधरी (ट्रिंडियन रामगढ़), अरुण चौधरी उर्फ अबू जट (आरएस पुरा, जम्मू), साहिल शर्मा उर्फ गिल्का (विजयपुर), राजेश कुमार उर्फ छोटू उर्फ माही धिल्लों (विजयपुर) शामिल थे。 हाथ काटकर ले गए थे, इंस्टाग्राम पर लाइव किया था पुलिस के मुताबिक, यह हत्या निर्ममता से की गई थी। अक्षय शर्मा की हत्या के बाद आरोपी उसका हाथ काटकर ले गए थे, जो बाद में श्मशान पड़ा मिला था। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम किया था, जिससे मामला बहुत सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद एक माह बाद ही सांबा पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें से दो को पंजाब के दो आरोपियों अतुल और अरुण को अमृतसर के एक होटल से पकड़ा गया था। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें एक कांस्टेबल भी घायल हो गया था。 रिश्वत के आरोप लगा तो फरीदाबाद शिफ्ट किया गया गिरफ्तारी के बाद चारों को कठुआ जेल में भेज दिया गया था। साल 2024 में जेल से ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दो लाख लेने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उसे अक्टूबर 2024 में कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। यहीं अब उसने राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। पुलिस रिमांड पर लेकर अरुण से करेगी पूछताछ अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में तिंगाव ACP अशोक वर्मा ने बताया कि इस वारदात के बाद अब अरुण चौधरी और शोएब रियाज को अलग-अलग गया है। पुलिस अब्दुल रहमान के पोस्टमार्टम के बाद अरूण चौधरी को वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके बाद मामले की आगे की कार्रवाही की जाएगी。
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GMGANESH MOHALE
Feb 10, 2026 04:20:51
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NKNished Kumar
Feb 10, 2026 04:19:04
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RKRohit Kumar
Feb 10, 2026 04:18:53
Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा के कृषि विज्ञान केंद्र अरियरी में आलू के नए किस्म को लगाया गया है।आलू की कई किस्म कुफरी उदय, कुफरी मोहन और कुफरी नीलकंठ को लगाया गया है।यह आलू के नए किस्म लेट होने पर भी अच्छा है और इसके उत्पादन क्षमता ढाई सौ क्विंटल प्रति एकड़ है।इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कृषि वैज्ञानिक केंद्र के प्रभारी ने कहा कि आलू के नए किस्म लेट होने के बाद भी काफी अच्छा है।और इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है जिससे कम लगत है।उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी में रोपाई के बाद भी आलू का फसल अच्छी है। प्रभारी ने कहा कि इस आलू में एक्टिओकिडेंट की मात्रा ज्यादा है जिससे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है।
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MSManish Sharma
Feb 10, 2026 04:18:29
Aligarh, Uttar Pradesh:चण्डौस में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास ने हिंदू नेता ओवैसी को बौद्धिक आतंकवादी बताया और एकता सामाजिक समरसता और राष्ट्रवाद पर जोर दिया। सम्मेलन में उन्होंने जनसंख्या राजनीति और कुछ नेताओं के बयानों पर भी कड़ा प्रहार किया। अलीगढ़ में विराट हिंदू सम्मेलन की जहां संघ विचार परिवार के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महंत राजू दास ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए उन्हें बौद्धिक रूप से आतंकवादी बताया और कहा कि जनसंख्या बढ़ाने जैसे बयान देश और समाज के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संख्या के आधार पर राजनीति करना राष्ट्रीय एकता को कमजोर करता है। हिंदू समाज को भाषावाद क्षेत्रवाद और पंथवाद से ऊपर उठकर संगठित होना होगा। उन्होंने ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को त्यागने का आह्वान किया और कहा कि हिंदू समाज को कट्टर नहीं बल्कि एकजुट होना चाहिए। विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि देश को एक सूत्र में बांधने में सावरकर का योगदान ऐतिहासिक है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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HNHEMKANT NAUTIYAL
Feb 10, 2026 04:18:09
Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग-सौंदी गाँव के ग्रामीण अपने हक-हकूक के लिए डीएम से लगा रहे गुहार,2023 में गांव टिहरी से उत्तरकाशी में हुआ शामिल सौंदी गांव के ग्रामीणों की लंबे समय demanding थी कि हमें उत्तरकाशी जनपद में शामिल किया जाए क्योंकि टिहरी जनपद मुख्यालय ग्रामीणों के लिए काफी दूर पड़ता है और 30 नवंबर 2023 को सौंदी गांव जनपद उत्तरकाशी में शामिल किया गया,जिससे ग्रामीणों में विकास की नई उम्मीद जगी।लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी न होने के कारण आज भी दस्तावेजों में गांव का नाम टिहरी गढ़वाल दर्ज है।जिससे वर्ष 2023 से गांव का विकास अधर में लटका हुआ है।सौंदी गांव ग्रामीणों ने समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य से मुलाकात की 1- सौंदी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में गांव के सभी विभागों का संचालन टिहरी जनपद से हो रहा है जबकि गांव 2 वर्ष पूर्व उत्तरकाशी जनपद के डुंडा ब्लॉक में शामिल हो चुका है जिससे गांव के सभी विकास कार्य अधर में लटके है।ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि सभी विभागों का संचालन पूर्ण रूप से उत्तरकाशी जनपद से किया जाए ताकि ग्रामीणों को सुविधा हो और टिहरी जनपद के चक्कर न कटाने पड़े ग्रामीणों को छोटे बड़े कार्यों के लिए टिहरी जनपद मुख्यालय जाना पड़ रहा है ।वहीं जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आवश्वान दिया कि जल्द इस पर कार्यवाही की जाएगी।ग्रामीणों का कहना है जल्द अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिला कलेक्ट्रेट उत्तरकाशी परिसर में संपूर्ण गांव के लोग धरने पर बैठ जाएंगे बाइट- 01आनंद सिंह पंवार (पूर्व प्रधान, सौंदी) बाइट- 2जयपाल सिंह चौहान (ग्रामीण) बाइट - 03प्रदीप रावत (युवा नेता) बाइट - 04 प्रशांत आर्य जिलाधिकारी उत्तरकाशी
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KSKartar Singh Rajput
Feb 10, 2026 04:17:34
Morena, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश में आज से माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षा को लेकर छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। परीक्षा से पहले बच्चे समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों की ओर जाते हुए दिखाई दिए। वीओ:सुबह-सुबह परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की भीड़ नजर आई। हाथों में प्रवेश पत्र और चेहरे पर परीक्षा को लेकर चिंता और उम्मीद—दोनों साफ झलक रही थीं। बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने केंद्र पहुंचे। वीओ लेकिन जब परीक्षा केंद्र के अंदर की तस्वीरें सामने आईं, तो शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। कई परीक्षा केंद्रों में फर्नीचर की समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर नजर आए। वीओ: जहां एक ओर सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा जैसे अहम मौके पर छात्रों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या फिर छात्र इसी तरह अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा देने को मजबूर रहेंगे। बाइट देवेंद्र तोमर acs परीक्षा केंद्र बाइट विवेक उपाध्याय पालक
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WJWalmik Joshi
Feb 10, 2026 04:17:20
Jalgaon, Maharashtra:जळगावच्या चाळीसगाव तालुक्यातील तळेगावात तीव्र पाणीटंचाईमुळे ग्रामस्थांचा संताप उफाळून आला आहे. गेल्या पंधरा ते पंचवीस दिवसांपासून पाणीपुरवठा पूर्णतः ठप्प असून, गावाला दोन स्वतंत्र पाणीपुरवठा योजना आणि दोन्ही धरणे शंभर टक्के भरलेली असतानाही नळाला पाणी येत नसल्याने महिलांना पाण्यासाठी दूरवर भटकंती करावी लागत आहे. या पार्श्वभूमीवर गावातील महिलांनी एकत्र येत ग्रामपंचायत कार्यालयावर हंडा मोर्चा काढून प्रशासनाच्या दुर्लक्षाविरोधात तीव्र संताप व्यक्त केला. मोर्चादरम्यान पाणी असूनही पाणी नाही अशा घोषणा देत तात्काळ पाणीपुरवठा सुरळीत करण्याची मागणी करण्यात आली असून, संबंधित अधिकाऱ्यांनी दोन दिवसांत पाईपलाईनमधील गळती दुरुस्त करून पाणीपुरवठा सुरू करण्याचे आश्वासन दिले आहे. आश्वासनानंतर महिलांनी हंडा मोर्चा तात्पुरता स्थगित केला.
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BSBHUPENDAR SINGH SOLANKI
Feb 10, 2026 04:16:30
Tonk, Rajasthan:झटका मशीन से चिपकने से किसान की दर्दनाक मौत चन्दवाड़ पंचायत के ठिकरिया गांव का है मामला।। देवली उपखंड के चन्दवाड़ पंचायत के ठिकरिया गांव में झटका मशीन से चिपकने से हुई किसान की दर्दनाक मौत । किसान प्रभु पुत्र गोपी चंद बेरवा उम्र 65 वर्ष रोज तरह अपने खेतों में सरसों कि कटाई करने गया हुआ था वे रोज 6 बजें से 7 बजें तकघर आ जाया करता था 9 फरवरी सोमवार शाम को प्रभु बैरवा अपने क़ृषि कार्य करके घर लौट रहा था तो रास्ते में पड़ने वाली झटका मशीन की लाईन के चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। रात आठ बज जाने के बाद घर नहीं लौटने से किसान कि तलाशी शुरू करते हैं तो खेत के रास्ते में किसान प्रभु बैरवा का शव उनकी धर्मपत्नी को नजर आता है और मौके पर चीरपुकार मचा देकर ग्रामवासी मोकै पर बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और घाड़ पुलिस थाने में सुचना दि गई। पुलिस प्रशासन कि ओर से थानाधिकारी हरिराम वर्मो मय जाब्ता मौके पर पहुंचे हैं रात का समय हो जाने के कारण अभी शव मौके पर साथ ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो रखें है।। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है बड़ा बेटा बह्रमा उम्र 45साल छोटे बेटा विष्णु उम्र 30 वर्ष बेटी कांता 30 साल है जिनपर दुखों का पहाड टुट पड़ा है गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है
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