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Narendra Kumar JaiswalNarendra Kumar JaiswalFollow19 Jun 2024, 09:24 am
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दिल्ली के बिलों में PPAC के कारण 8% तक बिजली लागत बढ़ने की संभावना

New Delhi, Delhi:*ब्रेकिंग न्यूज़: *दिल्ली वालों को लग सकता है बिजली का झटका, बिल में 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव** दिल्ली में बिजली एक बार फिर महंगी हो सकती है. दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने बिजली बांटने वाली कंपनियों को ग्राहकों से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क इस माह भी लेने की मंजूरी दी है. इस फैसले के बाद आने वाले महीनों में दिल्ली के लोगों का बिजली बिल बढ़ सकता है. यह अतिरिक्त पैसा पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (PPAC) के रूप में लिया जा सकता है. आसान भाषा में समझें तो बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च होने पर उसका कुछ बोझ ग्राहकों के बिल में जोड़ा जाता है. इसी कारण लोगों को पहले से ज्यादा बिजली बिल देना पड़ सकता है. हालांकि, हर ग्राहक के बिल में बढ़ोतरी एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है. बढ़ा हुआ शुल्क बिजली कंपनी और इस्तेमाल की गई बिजली के हिसाब से अलग हो सकता है.
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अंबाला नगर निगम हाउस बैठक शुरू, कार्यकाल के दो महीने बाद शहर में नई तेज़ी

Ambala, Haryana:अंबाला नगर निगम मेयर और पार्षदों का कार्यकाल शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब आखिरकार नगर निगम हाउस की बैठक बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. लंबे समय से अटके विकास कार्यों और फाइलों पर जमी धूल जल्द ही हटने की उम्मीद है. अंबाला शहर नगर निगम की मेयर व पार्षदों के कार्यकाल को 2 माह का समय बीतने के बाद अब नगर निगम हाउस की बैठक करवाने की प्रक्रिया शुरू हुई है. मेयर अक्षिता सैनी ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिख हाउस की बैठक करवाने की याद दिलवाई. जिसके बाद जल्द बैठक होने की उम्मीद जगी है. गौरतलब है कि पिछली हाउस बैठक 8 अप्रैल 2025 को हुई थी, जिसमें 181 करोड़ का बजट और शहर के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव पास किए गए थे. हालांकि, डेढ़ साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी उनमें से कई योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं. अब एक बार फिर निगम की बैठक की सुगबुगाहट तेज हो गई है. हाउस बैठक को लेकर मेयर अक्षिता सैनी ने बताया निगम कमिश्नर को हाउस की बैठक जल्द कराने के लिए लेटर लिख दिया है. उम्मीद है कि जल्द ही बैठक होगी और उनके पास पांच-छह पार्षदों के एजेंडे भी आ चुके हैं. जैसे ही तारीख तय होगी, जल्दी सभी को जानकारी दे दी जाएगी. अक्षिता सैनी - मेयर अंबाला शहर नगर निगम। मेयर अक्षिता सैनी के पत्र के बाद नगर निगम ने हाउस की बैठक को लेकर प्रक्रिया को तेज कर दिया है। नगर निगम कमिश्नर वीरेंद्र सहरावत ने बताया मेयर की तरफ से उन्हें एक इंटिमेशन मिला है, जिसमें उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि इसी महीने में एक मीटिंग का आयोजन किया जाए। उस मीटिंग के सिलसिले में उनके द्वारा कॉर्पोरेशन सेक्रेटरी का जो एडिशनल चार्ज है, वो सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर को दिया है। जल्दी ही सभी सुझावों को कंपाइल करके मेयर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, ताकि हाउस बैठक के लिए निश्चित तिथि और समय तय किया जा सके. एंड अप : नगर निगम में मेयर के साथ-साथ पार्षदों की ओर से भी अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर एजेंडे सौंपे जा रहे हैं. देखना होगा कि इस बार की बैठक में जनता की बुनियादी समस्याओं और विकास कार्यों को कितनी प्राथमिकता मिलती है।
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मीरजापुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य और शिक्षा का नया केंद्र

Ukhdand, Uttar Pradesh:राजेश मिश्र मीरजापुर मीरजापुर में मेडिकल कॉलेज बना स्वास्थ्य और शिक्षा का नया केंद्र मीरजापुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लोगों को वाराणसी और प्रयागराज जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ आर्थिक और मानसिक राहत भी मिली है। मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले के युवाओं को एमबीबीएस जैसी चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। नई पीढ़ी अब अपने जिले में रहकर ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार रही है, जिससे पलायन में भी कमी आई है। स्थानीय लोगों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज ने जिले के विकास को नई दिशा दी है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। बाइट मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल: मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिल रहा है। एमबीबीएस छात्र: अब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। अपने जिले में ही बेहतर सुविधाओं के साथ मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मरीज के तीमारदार: पहले इलाज के लिए वाराणसी या प्रयागराज जाना पड़ता था, लेकिन अब मीरजापुर में ही बेहतर इलाज मिल रहा है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद।
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दमोह के 33 पेट्रोल पंपों पर एक्सप्लोसिव लाइसेंस चेक: कई पंप लाइसेंस-हीन

Damoh, Madhya Pradesh:एमपी के दमोह जिले में 33 पेट्रोल पंपों पर एक्सप्लोसिव लायसेंस के रिकॉर्ड चेक किए गए; सभी पंपों में लाइसेंस नहीं मिला. चार पेट्रोल पंप सील किए गए; एक पंप पर 410 लीटर अधिक डीजल मिलने पर जब्त/राजसात की कार्रवाई की गई. कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के अनुसार 2023 से लाइसेंस नहीं होने की पुख्ता जानकारी मिली. जांच में इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने भी चौंकाने वाला तथ्य माना कि बड़े रिफाइनर ने लाइसेंस नहीं लिया था. दमोह से शुरू मुहिम अब पूरे प्रदेश में फैलने वाली है ताकि एक्सप्लोसिव लाइसेंस और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा सके.
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आबूराज में तेंदुओं की बढ़ती उपस्थिति से लोग दहशत में

Sirohi, Rajasthan:एंकर - राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन आबूराज (माउंट आबू) में तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में बार-बार तेंदुओं की दस्तक से लोगों में भय का माहौल है। ताजा मामला माचगांव स्थित अक्षय कॉलोनी का है, जहां 10 जुलाई की रात करीब 2 बजे एक तेंदुआ सड़क पर बैठे गाय के बछड़े पर हमला करने पहुंच गया। पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक बछड़े पर झपट्टा मारता है और उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है। बछड़ा भी पूरी ताकत और साहस के साथ खुद को बचाने का प्रयास करता है। दोनों के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। आखिरकार बछड़े के लगातार प्रतिरोध के चलते तेंदुए को बिना शिकार किए ही वहां से लौटना पड़ा। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आबूराज में तेंदुए की मौजूदगी कई बार सामने आ चुकी है। हाल ही में एक होटल की छत पर बंधे श्वान पर भी तेंदुए ने हमला किया था, लेकिन श्वान जंजीर से बंधा होने के कारण तेंदुआ उसे अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो पाया था। इन लगातार घटनाओं से साफ है कि तेंदुए अब जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने तथा लोगों को सतर्क रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वहीं, वन विभाग से उम्मीद की जा रही है कि तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति पर काबू पाया जा सके。
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झुंझुनूं के किसान ड्रिप सिंचाई से कम पानी में अधिक उत्पादन, लाखों मुनाफा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में बागवानी से बढ़ रही किसानों की आय गिरते भूजल स्तर के बीच ड्रिप सिंचाई बनी सहारा कम पानी में अधिक उत्पादन, किसानों को बेहतर मुनाफा केसरीपुरा के किसान ने 100 बीघा में विकसित किया फलों का बगीचा बेर, बेल, किन्नू और मौसमी से लाखों की आमदनी बागवानी से सालाना करीब 50 लाख रुपये हो रही आमदनी 700 बेर, 650 बेल और 2 हजार किन्नू-मौसमी के पेड़ झुंझुनूं झुंझुनूं जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और पारंपरिक खेती की बढ़ती लागत के बीच अब किसान बागवानी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाकर किसान कम पानी में अधिक उत्पादन ले रहे हैं । झुंझुनूं के केसरीपुरा निवासी प्रगतिशील किसान जयप्रकाश ने बताया कि उनके परिवार ने बागवानी की शुरुआत बेर के पौधों से की थी। समय के साथ बगीचे का विस्तार किया गया और आज करीब 90 से 100 बीघा क्षेत्र में विभिन्न फलों के पौधे लगाए गए हैं। जयप्रकाश के अनुसार उनके बगीचे में 700 बेर, 600 से 650 बेल, तथा करीब 2,000 किन्नू और मौसमी के पेड़ हैं। इसके अलावा आम, चीकू सहित कई अन्य फलदार पौधे भी लगाए गए हैं। बेर की भी उनके पास 8 से 10 किस्में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिंचाई प्रणाली के कारण पानी की काफी बचत होती है और पौधों को आवश्यक मात्रा में ही पानी मिलता है। इससे उत्पादन बेहतर होने के साथ-साथ लागत भी कम होती है। वर्तमान में उनका परिवार बागवानी से करीब 50 लाख रुपये सालाना का कृषि कारोबार कर रहा है। जयप्रकाश का कहना है कि बागवानी में फसल की देखभाल भी अलग-अलग होती है। बेर और आम जैसे फलों में पक्षियों से बचाव पर विशेष ध्यान देना पड़ता है, जबकि बेल, किन्नू और मौसमी में यह समस्या अपेक्षाकृत कम रहती है। उन्होंने बताया की बागवानी शुरू करने से पहले मिट्टी और पानी की जांच अवश्य कराएं। क्षेत्र की जलवायु और पानी की गुणवत्ता के अनुसार ही फलों का चयन करना चाहिए। जिन क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड या लवणता अधिक होती है, वहां किन्नू और मौसमी की बजाय आंवला और अनार जैसी फसलें अधिक उपयुक्त रहती हैं। झुंझुनूं में गिरते जलस्तर के बीच ड्रिप सिंचाई के साथ बागवानी किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प बन रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार मूल्य के कारण अब जिले के कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर फलोत्पादन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं。
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आगरा के फ्रिज के भीतर बर्फ का शिवलिंग, श्रद्धालुओं का आस्था केंद्र

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग अमरनाथ में गर्मी के कारण शिवलिंग के पिघलने की चर्चा, उधर आगरा में फ्रिज के अंदर बना बर्फ का शिवलिंग बना आस्था का केंद्र。 आगरा के खेरिया मोड़ स्थित एक घर में एक फ्रिज के अंदर बर्फ से शिवलिंग जैसी आकृति बनने का मामला सामने आया है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्राकृतिक रूप से जमी बर्फ की आकृति भी बता रहे हैं。 फिलहाल यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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गाजियाबाद के पिंक बूथ के दरवाजे से युवक की मौत, परिजनों ने लापरवाही की शिकायत

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर एक युवक की मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि घायल युवक करीब 40 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन बूथ का दरवाजा नहीं खोला गया। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बिहार के सीवान निवासी 22 वर्षीय राजकुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, ऑटो चालक से किराये को लेकर विवाद के बाद वह जान बचाने के लिए पिंक बूथ पहुंचा था। आरोप है कि बूथ बंद होने के कारण उसने दरवाजा पीटा, जिससे शीशा टूट गया और उसके दोनों हाथों में कांच घुसने से नसें कट गईं। काफी देर तक खून बहता रहा और हालत बिगड़ती गई। बाद में पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर युवक को अस्पताल भेजा, जहां उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। वहीं परिजनों ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है。
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नोएडा में 2.52 करोड़ रुपये के कारोबारी धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में 2.52 करोड़ रुपये की कारोबारी धोखाधड़ी का मामला दर्ज। फेज-1 थाने में कोर्ट के आदेश पर दूसरी कंपनी समेत पांच लोगों के खिलाफ केस। सेक्टर-6 स्थित फर्म ने आरोपियों पर निर्यात के नाम पर ठगी का लगाया आरोप। दुबई में प्याज निर्यात कराने का झांसा देकर लिए 2.52 करोड़ रुपये। रुपये लेने के बाद आरोपियों ने न तो माल का निर्यात कराया और न ही रकम लौटाई। पीड़ित का आरोप- रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। थाना स्तर पर कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली, आदेश के बाद एफआईआर दर्ज। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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वृक्षारोपण महाअभियान के तहत द्वारिकेश चीनी मिल में किया गया पौधरोपण इंडिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Munna SinghMunna SinghFollow12m ago
Faridpur, Uttar Pradesh:फरीदपुर। वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत को द्वारकेश चीनी मिल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप गन्ना आयुक्त बरेली राजेश मिश्र रहे। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण किया। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पेड़-पौधे शुद्ध वायु, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना समय की आवश्यकता है। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सहायक आबकारी आयुक्त धौरिकेश आसवनी फरीदपुर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक फरीदपुर आलोक शर्मा ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा का संकल्प ले तो क्षेत्र को हरा-भरा और समृद्ध बनाया जा सकता है। इफको एमसी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है और प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी कम होता है। चीनी मिल के गन्ना विभागाध्यक्ष उपेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मिल परिसर और आसपास के क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से नियमित रूप से वृक्षारोपण किया जा रहा है। साथ ही लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर चीनी मिल अधिकारी सुनील पुनिया, सुनील शर्मा, सुशील कुमार, मनोज सक्सेना, हरवर्धन, संदीप राना, हरिबाबू, प्रदीप सक्सेना, मोहित मित्तल, पवन कुमार एवं अमित कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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आगरा के फ्रिज में बर्फीली शिवलिंग: आस्था या प्राकृतिक घटना?

Agra, Uttar Pradesh:आगरा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में आस्था और जिज्ञासा दोनों को जन्म दे दिया है। खेरिया मोड़ के नगला भुजा इलाके में एक घर के फ्रिज के अंदर बर्फ से बनी ऐसी आकृति दिखाई दी, जिसे लोग शिवलिंग का स्वरूप मान रहे हैं। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाने लगे। यह तस्वीर आगरा के खेरिया मोड़ स्थित नगला भुजा इलाके की है। यहां रहने वाले रमेश और उनकी पत्नी लता के घर के फ्रिज में बर्फ जमने के दौरान शिवलिंग जैसी आकृति बन गई। परिवार का कहना है कि जब उन्होंने फ्रिज खोला तो यह आकृति देखकर भावुक हो गए। परिवार के अनुसार उनकी लंबे समय से अमरनाथ धाम की यात्रा करने की इच्छा थी, लेकिन किसी कारणवश वे दर्शन के लिए नहीं जा सके। उनका मानना है कि भगवान शिव ने स्वयं उनके घर में दर्शन देकर उनकी मनोकामना पूरी की है। यही वजह है कि वे इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं। जैसे ही यह बात आसपास के लोगों तक पहुंची, बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने फूल चढ़ाए, जलाभिषेक किया और पूरे इलाके में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजने लगे। कई श्रद्धालु इस दृश्य की तुलना अमरनाथ की प्राकृतिक हिम शिवलिंग से भी कर रहे हैं। हालांकि इस घटना को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आ रही है। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य कृपा और चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि फ्रिज में तापमान और नमी के कारण बर्फ कई बार अलग-अलग आकृतियां बना लेती है और यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया भी हो सकती है। क्या यह महज प्रकृति का एक संयोग है या फिर आस्था का चमत्कार... इसका निर्णय दर्शकों पर छोड़ते हैं। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने लोगों के बीच भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और विश्वास को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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