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MANISH KUMAR SINGHMANISH KUMAR SINGHFollow17 Jun 2024, 10:05 am
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सिकंद्राराऊ में अज्ञात वाहन की टक्कर से ई-रिक्शा सवार पांच लोग घायल

Mohammad RajaMohammad RajaFollow1h ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ (हाथरस)-गुरुवार रात करीब 12 बजे बिलार की ओर जा रहे एक ई-रिक्शा को ग्राम हुसैनपुर के पास पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में ई-रिक्शा चालक तौशीन पुत्र फारुख (21 वर्ष) निवासी मटकोटा, पूजा पुत्री अनिल कुमार (19 वर्ष), नूतन पुत्री राजेंद्र प्रसाद (28 वर्ष), कुसुमलता पुत्री राजवीर सिंह (40 वर्ष) तथा समीर पुत्र शकील (18 वर्ष) शामिल हैं। हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदराराऊ में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
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सिकंद्राराऊ में अज्ञात वाहन की टक्कर से ई-रिक्शा सवार पांच लोग घायल

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Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ (हाथरस)- गुरुवार रात करीब 12 बजे बिलार की ओर जा रहे एक ई-रिक्शा को ग्राम हुसैनपुर के पास पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा सवार पांच लोग घायल हो गए। घायलों में ई-रिक्शा चालक तौशीन पुत्र फारुख (21 वर्ष) निवासी मटकोटा, पूजा पुत्री अनिल कुमार (19 वर्ष), नूतन पुत्री राजेंद्र प्रसाद (28 वर्ष), कुसुमलता पुत्री राजवीर सिंह (40 वर्ष) तथा समीर पुत्र शकील (18 वर्ष) शामिल हैं। हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदराराऊ में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
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सिकंद्राराऊ में खेमगड़ी के पास ट्रक-एंबुलेंस की भिड़ंत,चालक की मौत

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Ikbalpur, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ (हाथरस)। गुरुवार देर रात कासगंज रोड पर गांव खेमगड़ी के निकट हुए भीषण सड़क हादसे में एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। ट्रक और एंबुलेंस की आमने-सामने हुई टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान रोशन लाल पुत्र भगवान सिंह (45 वर्ष), निवासी बसंत नगर, थाना सोरों, जनपद कासगंज के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार रोशन लाल निजी एंबुलेंस चलाकर कासगंज और सिकंदराराऊ के बीच मरीजों को लाने-ले जाने का कार्य करता था। बताया जाता है कि गुरुवार रात वह कासगंज रोड स्थित कलावती हॉस्पिटल में एक मरीज को छोड़ने के बाद एंबुलेंस लेकर वापस कासगंज जा रहा था। इसी दौरान गांव खेमगड़ी के पास सामने से आ रहे ट्रक से उसकी एंबुलेंस की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है तथा फरार चालक की तलाश की जा रही है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। चालक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन में दरार, आर-पार की भिड़ंत

Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन में दरार कांग्रेस ने भी पांच विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है अब राष्ट्रीय जनता दल कांग्रेस आमने-सामने लड़ेंगे बिहार विधान परिषद के चुनाव में महागठबंधन के दो बड़े दल आमने-सामने हो गए हैं दरभंगा टीचर निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि कोसी ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से श्री मनोज कुमार जायसवाल को उम्मीदवार बनाया गया है दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से श्री रजनीकांत पाठक को उम्मीदवार बनाया गया है पटना टीचर निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव को उम्मीदवार बनाया गया है पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से असादुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया गया है राष्ट्रीय जनता दल ने पहले ही इन सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा कर दिया था अब इंडिया गठबंधन में बिहार विधान परिषद के चुनाव में दो बड़े दल में आर पार की लड़ाई हो गई है
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हर रात शहर की सफाई की परीक्षा: मेयर ने रात का निरीक्षण किया

Jaipur, Rajasthan:दिनभर ग्राहकों से गुलजार रहने वाले चारदीवारी के बाजार रात में बंद हुए तो पीछे सड़कों पर कचरा छोड़ गए। बुधवार रात मेयर सुनील कोठारी फील्ड में उतरे। सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर से शुरू हुए दौरे में मेयर ने यह देखा कि बाजार बंद होने के बाद सड़कों से कचरा कितनी तेजी से उठ रहा है, कितने सफाई कर्मचारी मौके पर हैं और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान सांसद मंजू शर्मा भी मेयर के साथ रहीं। चारदीवारी इलाके में सड़क पर कचरा नजर आया तो सांसद ने खुद झाड़ू थाम ली और सफाई करने लगीं। इस दौरान बाजार बंद होने के बाद दुकानों और आसपास से निकलने वाले कचरे की स्थिति भी सामने आई। चारदीवारी में दिनभर दुकानों, ठेलों और बाजारों की गतिविधियों के बाद रात को बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था इसलिए अहम है कि सुबह बाजार खुलने से पहले सड़कें साफ मिलें। मेयर ने इसी व्यवस्था को मौके पर जाकर परखा। सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ वाहनों और दूसरे संसाधनों की उपलब्धता भी देखी। मेयर पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद कोठारी लगातार सफाई व्यवस्था को लेकर फील्ड में दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले तालकटोरा और पौंड्रिक पार्क का निरीक्षण करने के साथ सांगानेर और मानसरोवर जोन की समीक्षा में भी सफाई व्यवस्था पर अधिकारियों से जवाब मांगा था। अब रात्रिकालीन निरीक्षण के जरिए यह जानने की कोशिश की गई कि बैठकों और निर्देशों का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है। सवाल अब यही है रात में मेयर के निरीक्षण के दौरान दिखी सक्रियता क्या रोज की व्यवस्था बनेगी...क्योंकि शहर की असली सफाई की परीक्षा निरीक्षण वाली रात नहीं, हर रात होती है।
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गंडक बाढ़ से एनएच-722 जलमग्न, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचे

Chapra, Bihar:ANCHOR: गंडक की बाढ़ से एनएच-722 जलमग्न, 3 से 5 फीट पानी में डूबा हाईवे, हजारों परिवार प्रभावित मकेर में बाढ़ का भयावह मंजर, जान जोखिम में डालकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते दिखे लोग, रेस्क्यू में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सात टीमें, गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने सारण जिले में तबाही मचा दी है। बाढ़ का पानी अब छपरा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-722 तक पहुंच गया है। मकेर में करीब तीन से चार किलोमीटर तक हाईवे पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सड़क पर तीन से पांच फीट तक पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर-बार छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। गंडक की बाढ़ ने मकेर इलाके में भयावह स्थिति पैदा कर दी है। बीती रात से तेजी से बढ़ रहे पानी ने देखते ही देखते कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 पर कई किलोमीटर तक पानी भर जाने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मोटरबोट के साथ राहत और बचाव कार्य में लगाया है। लेकिन बाढ़ की विभीषिका के बीच राहत और बचाव कार्य को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि जिस बड़े पैमाने पर लोग बाढ़ में फंसे हैं, उसकी तुलना में बचाव दलों की संख्या कम है। कुछ ग्रामीणों ने रेस्क्यू के दौरान पैसे के लेनदेन का भी आरोप लगाया है। बाइट : बाढ़ पीड़ित ग्राउंड जीरो पर बाढ़ की भयावह तस्वीरें सामने आईं। कहीं लोग अपने बच्चों को लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते दिखे, तो कहीं मवेशियों को बचाने के लिए लोग उफनते पानी के बीच जान जोखिम में डालते नजर आए। जिन लोगों को समय पर सरकारी नाव नहीं मिल सकी, वे तेज बहाव के बीच पैदल ही सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर दिखे। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी दो छोटे बच्चों को गोद में उठाकर बाढ़ के पानी से बाहर निकलता नजर आया। बाढ़ के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रहे लोगों के चेहरों पर बेबसी और भय साफ दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि मकेर के हैजलपुर में बांध क्षतिग्रस्त होने के बाद इलाके में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। वर्ष 2020 में भी एनएच-722 पर बाढ़ का पानी चढ़ा था, लेकिन इस बार नुकसान कहीं अधिक हुआ है। हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। बाइट : बाढ़ पीड़ित बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि जिले की 18 पंचायतों में बाढ़ का असर है और करीब एक लाख 70 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। जिले में तीन जगह गंडक नदी का तटबंध और एक जगह जमींदारी बांध क्षतिग्रस्त हुआ है। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सात टीमें लगातार काम कर रही हैं। वहीं, प्रभावित लोगों के भोजन के लिए 28 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। बाइट : वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी, सारण उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी अलर्ट है। एसएसपी रौशन कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं। सड़कों के किनारे शरण लिए बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा को देखते हुए यातायात को डायवर्ट किया गया है। पुलिस स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। बाइट : रौशन कुमार, एसएसपी, सारण गंडक के बढ़ते जलस्तर ने मकेर में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जलमग्न एनएच-722 से लेकर डूबते गांवों तक हर तरफ तबाही का मंजर है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की है。
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रुद्रप्रयाग में पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में आक्रोश रैली

Routhiya, Uttarakhand:रुद्रप्रयाग में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने रुद्र आक्रोश रैली निकाली। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित रैली में विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। खास बात यह रही कि रैली में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रतिभाग किया। कर्मचारियों ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। रुद्रप्रयाग के गुलाब राय मैदान से शुरू हुई रुद्र आक्रोश रैली मुख्य बाजार से होते हुए स्टेशन परिसर पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा का कहना है कि पुरानी पेंशन का मुद्दा किसी राजनीतिक दल के विरोध का नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। रैली में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत, प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी, मुख्य संयोजक जयदीप रावत समेत संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय तक राज्य और जनता की सेवा करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सार्थक संवाद जरूरी है। वहीं, रैली के समापन पर कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली उनकी प्रमुख मांग है और इसे शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाया जाएगा। रुद्र आक्रोश रैली में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहुंचकर कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस के कई नेता रैली में शामिल हुए और पुरानी पेंशन बहाली की मांग के समर्थन में अपनी बात रखी। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल ने भी पुरानी पेंशन बहाली का समर्थन किया। उक्रांद नेताओं ने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में कदम उठाएगी। रैली में कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन का मुद्दा उनके भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा है। संगठन ने एनपीएस और यूपीएस से आच्छादित कर्मचारियों से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया और मांग को लेकर आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही।
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डड़वा ओवरब्रिज पर बस ब्रेक फेल, ई-रिक्शा से टकराई; स्कूल गाड़ियों की सुरक्षा सवाल

Khajuria Khurd, Bihar:स्लग - मोहनिया में स्कूल बस का ब्रेक फेल, ई-रिक्शा से टकराई डड़वा ओवरब्रिज पर बड़ा हादसा टला, परिवहन विभाग के मानकों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की गाड़ियों पर उठे गंभीर सवाल। वियो - मोहनिया-रामगढ़ मार्ग स्थित डड़वा रेलवे ओवरब्रिज पर उस समय हड़कंप मच गया, जब डीपीएस भभुआ (DPS Bhabhua) की एक स्कूल बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया। बेकाबू हुई बस ने सड़क किनारे खड़े एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई गंभीर हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह दुर्घटना डड़वा ओवरब्रिज के बजाय भीड़भाड़ वाले चांदनी चौक पर हुई होती हो, तो किसी बड़े और भयावह हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह घटना निजी स्कूलों में चलने वाले वाहनों की सुरक्षा मानकों की पोल खोलती है। जिले में धड़ल्ले से चल रहीं कई प्राइवेट स्कूलों की गाड़ियों के पास न तो वैध फिटनेस सर्टिफिकेट है और न ही बीमा (इंश्योरेंस) व अन्य जरूरी कागजात। इसके बावजूद कई खटारा गाड़ियों में मासूम बच्चों को ढोया जा रहा है, जिससे हर समय उनके जीवन पर खतरा मंडराता रहता है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने इस मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूली वाहनों की सघन जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बिना कागजात, अनफिट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली स्कूल गाड़ियों और प्रबंधन के against सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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रायगढ़ रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 13 करोड़ निवेश, दो माह में पूर्ण

Darogapara, Chhattisgarh:दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश गुरुवार को स्पेशल ट्रेन से रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 का जायजा लिया। इस दौरान निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जीएम ने स्टेशन के टिकट काउंटर और सौंदर्यीकरण के कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को दो महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, महाप्रबंधक के दौरे के दौरान विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर रेलवे से जुड़ी अपनी मांगें रखीं। कांग्रेसियों ने रेलवे के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रायगढ़ जिले से रेलवे को होने वाली आय के अनुपात में यहां सुविधाओं और विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महाप्रबंधक ने कहा कि रायगढ़ रेलवे स्टेशन में 13 करोड़ की राशि से विकास कार्य चल रहे हैं रेलवे स्टेशन में शेड निर्माण, स्टेशन के प्लेटफार्म सौंदर्य करण, स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य किया जा रहा है साथ ही दिसंबर माह तक प्रथम चरण के कार्य पूरे हो जाएंगे, गति शक्ति यूनिट के द्वारा सभी कार्यों का मॉनिटरिंग किया जा रहा है, दूसरे चरण के कार्य भी जल्द शुरू हो जाएंगे, बिलासपुर रायगढ़ झारसुगुड़ा रूट में रेलवे की लेट लगती थी को लेकर महाप्रबंधक ने कहा कि कुछ समस्याएं हो रही हैं चौथी लाइन का कार्य किया जा रहा है लगभग कार्य पूर्ण हो चुके हैं लेकिन कुछ जगह नैला - जजांजगीर , नैला से अकलतरा , बिलासपुर, कुछ जगहों पर काम छूटे हुए हैं जिसकी वजह से रूट में दिक्कतें आ रही हैं।
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जयपुर में ऑक्टेव-2026: पूर्वोत्तर के 8 राज्यों की लोकनृत्य और वेशभूषा का जलवा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर RIC में ऑक्टेव-2026 समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में नॉर्थ ईस्ट के 8 राज्यों की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की ओर से RIC के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में 14 ग्रुप ने 15 लोक नृत्य शैलियों की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही ‘एथनिक कॉस्ट्यूम शो’ के जरिए पूर्वोत्तर की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विविधता को भी प्रदर्शित किया गया। समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि विचारों की एकता भारत को भारत बनाती है। उन्होंने युवाओं को संस्कृति की जड़ों से जोड़ने की जरूरत बताई。
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राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य मुकदमे और अंतरिम स्टे के क्षेत्राधिकार स्पष्ट किए

Jodhpur, Rajasthan:​जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने दीवानी मामलों की प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत स्पष्ट किया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि उच्च अदालत द्वारा मुख्य दीवानी मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाती है, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि अधीनस्थ न्यायालय में लंबित अंतरिम स्थगन याचिका की सुनवाई भी स्वतः रुक जाएगी। जस्टिस संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता बद्रीलाल की याचिका को खारिज करते हुए आदेश पारित किया। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता बद्रीलाल ने संपत्ति विभाजन का एक मुकदमा और उसके साथ अंतरिम स्टे आवेदन दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान एफएसएल जांच से जुड़ा एक आवेदन खारिज होने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मुख्य मुकदमे की कार्यवाही पर रोक प्राप्त कर ली थी। इसके बाद उन्होंने ट्रायल कोर्ट में तर्क दिया कि मुख्य मुकदमे पर स्टे होने के कारण अंतरिम स्थगन अर्जी की सुनवाई भी रोकी जाए। ट्रायल कोर्ट द्वारा इस Demand को खारिज किए जाने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ​हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मुख्य मुकदमे और अंतरिम राहत की अर्जी के क्षेत्राधिकार व उद्देश्य अलग-अलग होते हैं। मुख्य मुकदमे का मकसद अधिकारों का अंतिम निर्णय करना है, जबकि अंतरिम अर्जी का उद्देश्य मुकदमे के लंबित रहने के दौरान विवादित संपत्ति को सुरक्षित रखना है। कोर्ट ने कहा कि जब तक उच्च अदालत अपने आदेश में अंतरिम आवेदनों की सुनवाई पर स्पष्ट रोक न लगाए, तब तक सामान्य 'स्टे' के आधार पर अधीनस्थ अदालत अंतरिम अर्जी पर सुनवाई जारी रख सकती है।
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राजस्थान हाईकोर्ट: प्रोबेशन नियम सुधार पर जोर, सजा पर नयी टिप्पणी

Jodhpur, Rajasthan:राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रोबेशन के सवाल पर ट्रायल कोर्ट को दी अहम नसीहत जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा के सवाल पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषसिद्धि के बाद कारावास देना उसका स्वतः या स्वाभाविक परिणाम नहीं माना जा सकता। कोर्ट को अपराध की प्रकृति के साथ आरोपी की परिस्थितियों, चरित्र, पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड तथा सुधार और पुनर्वास की संभावना पर भी विचार करना चाहिए। प्रोबेशन की मांग को बिना विशेष और ठोस कारण के खारिज करना उचित नहीं है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने रामस्वरूप बनाम राजस्थान राज्य मामले में यह टिप्पणी की। अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रियंका बोराणा और राज्य की ओर से लोक अभियोजन नरेंद्र गहलोत ने पैरवी की। मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपीलार्थी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के गंभीर आरोपों से बरी कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट में दोषसिद्धि को चुनौती नहीं देते हुए मुख्य रूप से सजा के प्रश्न को उठाया गया। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद दोषसिद्धि बरकरार रखी। अपीलार्थी की ओर से प्रोबेशन का लाभ देने की मांग की गई। कोर्ट ने पाया कि यह उसकी पहली दोषसिद्धि थी, उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह करीब नौ वर्षों तक आपराधिक कार्यवाही का सामना कर चुका था। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने प्रोबेशन की मांग खारिज करते समय कोई विशिष्ट कारण दर्ज नहीं किया। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रोबेशन के प्रावधान आपराधिक न्याय व्यवस्था के सुधारात्मक पहलू को दर्शाते हैं। उचित मामले में अपराधी को जेल भेजने के बजाय सुधार का अवसर देना भी न्याय के उद्देश्य को पूरा कर सकता है। धारा 360 और 361 सीआरपीसी का उल्लेख करते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रोबेशन नहीं देने पर विशेष कारण दर्ज करना आवश्यक है। हालांकि, अपीलार्थी अपनी पूरी सजा और जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में निर्धारित अतिरिक्त सजा भी भुगत चुका था। इसलिए सजा के संबंध में कोई और आदेश आवश्यक नहीं रहा। कोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए अपील आंशिक रूप से स्वीकार की और अन्य मामले में वांछित नहीं होने पर अपीलार्थी को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया।
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नागौर के एसपी पद रिक्त, निष्पक्षता पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में नागौर जिले में आईपीएस कैडर के पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति और चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आरएलपी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को जवाब के लिए 6 अक्टूबर तक का समय दिया है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने कोर्ट को बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मुख्य सचिव को 3 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र पर सक्षम अधिकारियों द्वारा विचार किया जाएगा। इसके लिए सरकार को निर्देश प्राप्त करने हेतु समय चाहिए। याचीकार की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह उपस्थित हुए। पूर्व में कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका के अनुसार नागौर के तत्कालीन एसपी रोशन मीणा का 19 मई 2026 को तबादला हुआ था, जिसके बाद एसपी पद रिक्त है और आरपीएस कैडर के अधिकारी के पास एसपी का चार्ज है.
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