Back
JJM घोटाले में महेश जोशी को अभियोजन स्वीकृति, मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्ज तय
ACAshish Chauhan
Jan 09, 2026 12:12:33
Jaipur, Rajasthan
JJM घोटाले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी की मुश्किलें और बढ़ गई है.राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है.राज्य सरकार इस केस में सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाएगी.मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन-राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही.7 महीने तक जेल की सलाखों में रहने के बाद महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी.अब राज्यपाल ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन स्वीकृति दे दी है. पूरे मामले में राज्य सरकार भी पक्षकार होगी.राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महेश जोशी के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के अंतर्गत प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है.वहीं पूरे मामले पर कांग्रेस विधायक अशोक चांदना का कहना है कि सरकार केवल असली मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है.आज का मुद्दा बेरोजगारी है.रोज नई चीजें लाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रही है.पाँच पॉइंट में समझें,क्या है जल जीवन मिशन घोटाला?पहलाः ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सभी ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था होनी थी जिस पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को 50-50 प्रतिशत खर्च करना था। इस योजना के तहत डीआई आयरन पाइपलाइन डाली जानी थी. इसकी जगह पर HDPE की पाइपलाइन डाली गई.दूसरा: पुरानी पाइपलाइन को नया बता कर पैसा लिया गया, जबकि पाइपलाइन डाली ही नहीं गई है.तीसरा: कई किलोमीटर तक आज भी पानी की पाइपलाइन डाली ही नहीं गई है, लेकिन ठेकेदारों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से मिल कर उसका पैसा उठा लिया.चौथा: ठेकेदार पदमचंद जैन हरियाणा से चोरी के पाइप लेकर आया और उन्हें नए पाइप बता कर बिछा दिया और सरकार से करोड़ों रुपए ले लिए.पाँचवांः ठेकेदार पदमचंद जैन ने फर्जी कंपनी के सर्टिफिकेट लगाकर टेंडर लिया, जिसकी अधिकारियों को जानकारी थी। इसके बाद भी उसे टेंडर दिया गया, क्योंकि वह एक राजनेता का दोस्त था.एसआईटी कर रही जांच-JJM घोटाले में 200 इंजीनियर SIT के रडार पर है.चीफ इंजीनियर से लेकर JEN तक एसीबी के जांच के घेरे में है.इस घोटाले में SIT 4 मसलों को लेकर गहनता से जांच कर रही है.जिसमें 20 हजार करोड के स्पेशल प्रोजेक्ट में 20 टैंडरों में शर्तें नियम बदलकर बड़ी फर्मों को अनुचित लाभ देने की कोशिश की गई.टैंडरों में साइड इंस्पेक्शन की शर्त लगाई थी,जिसमें टैंडर से पहले ही भाग लेने वाली फर्मों को साइट इंस्पेक्शन करना था और एक्सईएन को इसका प्रमाण पत्र देना था.दूसरा इरकॉन कंपनी के नाम से फर्जी प्रमाण बनाने में किस किस की भूमिका रही.इंजीनियर्स ने श्री Shyam और गणपति ट्यूबवेल फर्म के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों से 900 करोड के टैंडर दिए थे.तीसरा बिना काम के 55 करोड के फर्जी पैमेंट में किया गया.जिसमें 139 इंजीनियर जांच के दायरे में है.इंजीनियर्स ने जयपुर जिला सर्किट में 10 करोड,कोटपूतली बहरोड में 14 करोड, दौसा में 19,अलवर में 3,नीमकाथाना और झुन्झुनू में 2.50-2.50 करोड का फर्जी पैमेंट किया गया. घोटाले में चौथा मामला ठेकेदारों के दफ्तर-घर से 178 से ज्यादा मेजरमेंट बुक मिलने की जांच की जा रही है.इस मामले में अब तक 5 गिरफ्तारियां हो चुकी है.
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
502
Report
SYSUNIL YADAV
FollowMar 14, 2026 19:01:04365
Report
213
Report
142
Report
151
Report
PKPrakash Kumar Sinha
FollowMar 14, 2026 18:30:29125
Report
GPGYANENDRA PRATAP
FollowMar 14, 2026 18:15:41166
Report
ADArvind Dubey
FollowMar 14, 2026 18:15:32170
Report
KKKRISNDEV KUMAR
FollowMar 14, 2026 18:15:21210
Report
226
Report
AMAsheesh Maheshwari
FollowMar 14, 2026 18:00:35192
Report
NCNITIN CHAWRE
FollowMar 14, 2026 18:00:19180
Report
ADASHISH DWIVEDI
FollowMar 14, 2026 17:46:11129
Report
DDDeepak Dwivedi
FollowMar 14, 2026 17:45:44181
Report
YSYatnesh Sen
FollowMar 14, 2026 17:45:37154
Report