icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273155
Umesh GuptaUmesh GuptaFollow29 Apr 2025, 03:19 am

MAHARAJGANJ-निर्माणाधीन ओवर ब्रिज भरभरा कर गिरा, काम कर रहे आठ मजदूर घायल

Anand Nagar, Uttar Pradesh:महराजगंज : पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर ढाला पर हाईवे पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार देर रात निर्माणाधीन ब्रिज पर काम के दौरान अचानक ब्रिज ढह गया, जिसके मलबे में दबकर आठ मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल मजदूरों को मलबे से निकाला और इलाज के लिए फरेंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पुरंदरपुर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे निर्माण कार्य के दौरान यह हादसा हुआ। सभी घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

काशी में कवि सम्मेलन: राष्ट्र प्रेम और संघ गौरव की रचनाओं से गरमाया माहौल

Prayagraj, Uttar Pradesh:अखिल भारतीय साहित्य परिषद काशी प्रांत की ओर से शनिवार को संघ के राष्ट्र साधना के 100 वर्ष के उपलक्ष्य में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवि सम्मेलन में कवियों ने राष्ट्रप्रेम और त्याग की कविताओं से समां बाँध दिया। कवि अभय निर्भीक ने कवि सम्मेलन में ‘त्याग तपस्या ज्ञान संघ है, क्षमता का उत्थान संघ है, मातृभूमि को सदा पूजता भारत का सम्मान संघ है’ सुनाकर समां बांध दिया। कवियित्री प्रियंका राय ने ‘मैं भारत की आनबान सम्मान की खातिर जीती हूं, मुरझाये चेहरों पर मैं मुस्कान की खातिर जीती हूं, जीते होंगे लोग यहां धन-दौलत शोहरत की खातिर, सच कहती हूं मैं तो हिन्दुस्तान की खातिर जीती हूं’ के जरिए श्रोताओं में जोश भर दिया। कवि दास आरोही आनन्द ने ‘हम प्रखर पुंज, हम तेजवंत हम पारस जैसे सजे हैं, हमको हल्के में मत लेना, हम भारत के बच्चे हैं’ के माध्यम से युवा जोश भरा। मध्यप्रदेश के भोपाल से आई नुसरत मेहंदी ने ’जन-जन में आत्मबोध जगाया है संघ ने, सर्वाेपरि है राष्ट्र सिखाया है संघ ने’ के माध्यम से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बारे में बताया। कवियित्री नेहा शर्मा ने अपनी कविता ‘हमेशा याद रखना तुम की ये धरती तुम्हारी है, ये गंगा गोमती सरयू, ये यमुना जी तुम्हारी है, तिरंगा भी तुम्हारा है, और भगवा तुम्हारा है, सनातन है तो सब कुछ है और हस्ती तुम्हारी’ के माध्यम से मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि प्रशांत अवस्थी ‘प्रखर’ ने अपनी कविता ‘सुनो कथानक कहता हूं मैं, है जिनकी कथा सुनहरी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के संघी, सदा दंश के प्रहरी’ के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। गांव और ग्रामीण संस्कृति पर कविता लिखने वाली मनु वैशाली ने अपनी कविता ‘चप्पल पहन के जिनकी चलते थे शौक से हम तुम पूछते हो वैसे गांव में क्या रखा है’ के माध्यम से गांव से जुड़ाव की याद दिलाई। कवि डां. प्रवीण आर्य ने कविता ‘जननी जन्मभूमि का वंदन, आओ कर ले हम, वन्दे मातरम वन्दे मातरम।। राम कृष्ण को मातृभूमि से स्वर्ग लगा धीमा धीमा, चूमे चरण चांदनी भू के, भाल लगा के सर टीका, सुर नर मुनि तरसा करते, पाने को जहाँ जन्म, वन्दे मातरम वन्दे मातरम’ के माध्यम से समां बांध दिया। विख्यात मिश्र ने ‘सज गये सारंगधारी, संघ के कारण ही है, अब सजेंगे ब्रजबिहारी, संघ के कारण ही है’ के माध्यम से संघ का महत्व बताया। कार्यक्रम का संयोजन कर रहे कवि और शिक्षक डॉ. विनम्र सेन सिंह ने अपनी कविता ‘ एक दीप से जले हज़ारों यह अद्भुत विस्तार है, भारत के इस नव निर्माण में संघ शक्ति आधार है।’ के माध्यम से समां बांध दिया।
0
0
Report

बॉयलर ब्लास्ट: मजदूर की मौत, मलबे से शव बरामद, अस्पताल में भर्ती

Jhajjar, Haryana:बॉयलर ब्लास्ट मामले में एक मजदूर का शव बरामद। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट-बी स्थित प्लॉट नंबर 2224 में फटा था बॉयलर। क्लासिक कोल प्राइवेट लिमिटिड फैक्ट्री में हुआ था हादसा। फैैक्ट्री में कैमेलिकल और ग्लू बनाने का चल रहा था काम। धमाके के बाद फैक्ट्री का लेंटर गिरा, अंदर काम कर रहे मजदूरों में मची अफरा-तफरी। 4-5 लोगों को निकाल कर सामान्य अस्पताल बहादुरगढ़ में करवाया गया था भर्ती। मलबे की जांच में मिला मजदूर का शव। शनिवार को बॉयलर फटने से ध्वस्त हुई फैक्ट्री में सर्च अभियान के दौरान मलबे से एक श्रमिक का शव बरामद हुआ। शव को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में रखवाया गया। रविवार को पोस्टमार्टम होगा। मृतक की पहचान करीब 25 वर्षीय शैलेश के रूप में हुई है। मूलतः बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला था। दिहाड़ी मजदूरी करता था। पिछले कुछ समय से यहां छोटूराम नगर में रह रहा था। जानकारी के मुताबिक, दो दिन से वह यहां फैक्ट्री में चिनाई मजदूरी करने आ रहा था। जब हादसा हुआ तो वह भी चपेट में आ गया। लेकिन शुक्रवार को वह बरामद नहीं हो सका। उधर, उसके घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। हादसे की सूचना मिली तो उनकी औऱ चिंता बढ़ गई। भाई व पत्नी आदि को लगा कि शायद पीजीआई रेफर हुए घायलों के शैलेश हो, इसलिए वे भी वहां की ओर दौड़े। इसी बीच इधर, सर्च अभियान में शैलेश का शव बरामद हो गया। शैलेश एक बच्चे का पिता था। मजदूरी के लिए फैक्ट्री में आया था और हादसे का शिकार हो गया। उसका शव देखते ही परिजन बिलख पड़े। दरअसल, शुक्रवार को एमआईई स्थित एडहेसिव बनाने वाली एक फैक्ट्री में बॉयलर फट गया था। इस दौरान 5 श्रमिक झुलसी अवस्था में बरामद हुए। इनमें से 4 पीजीआई रोहतक तो 1 शहर के निजी अस्पताल में भर्ती है। मलबे में और लोगों के मिलने की आशंका थी। लिहाजा मलबा हटाकर सर्च अभियान शुरू हुआ। हादसे के बाद से शनिवार दोपहर तक मलबे में तलाश जारी थी। मौके पर ACP प्रदीप खत्री, SH0 महेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी संदीप हुड्डा आदि जांच करने पहुंचे। FSL टीम भी बुलाई गई। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया। ACP प्रदीप खत्री ने कहा कि एक शख्स के गायब होने की सूचना थी। SHO और चौकी प्रभारी ने मजदूर बुलाकर मलबा हटवाया। इस दौरान शैलेश नाम का शख्स बरामद हुआ है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
0
0
Report

चारदीवारी इलाके में अवैध कॉलोनी-भूमि घोटाला: कौन दे रहा इशारा?

Jaipur, Rajasthan:चारदीवारी में किसका “राज” ? हरसोली हाउस, कल्याण जी का रास्ता क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनी और करीब 50 भूखंडों के खेल की चर्चाओं ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि बिना स्पष्ट भूमि रूपांतरण और नियमों की पालना के आखिर यह सब किसके इशारे पर चल रहा है? सूत्रों के मुताबिक चारदीवारी जैसे संवेदनशील इलाके में कथित तौर पर प्लॉटिंग, निर्माण और जमीन उपयोग बदलने का खेल लंबे समय से जारी है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम और जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे सब होने की चर्चाएं आम हैं। “डिस्टर्ब एरिया” प्रस्तावित इलाके में भी कथित गतिविधियों पर सन्नाटा कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फाइलें खुलीं तो कई चेहरों की नींद उड़ सकती है। अब सबकी नजर — कार्रवाई पर या फिर “सब मैनेज है” पर?
0
0
Report
Advertisement

टोंक में गृह राज्य मंत्री ने कुणाल गुर्जर मामले में न्याय का भरोसा दिया

Tonk, Rajasthan:टोंक पहुंचे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम, कुणाल गुर्जर आत्महत्या व धर्म परिवर्तन मामले में परिवार को दिया न्याय का भरोसा टोंक में कुणाल गुर्जर आत्महत्या, कथित धर्म परिवर्तन और खतना प्रकरण को लेकर शनिवार को राजस्थान सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैडम टोंक पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। मीडिया से बातचीत में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है तथा दोषियों के खिलाफ जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार धर्मांतरण कानून को लेकर गंभीर है और इस मामले में न्यायसंगत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मृतक की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें कार्रवाई की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन आज गृह राज्य मंत्री के आने से न्याय की आस जगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल रिपोर्ट में खतना होने की पुष्टि होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने मंत्री से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की। परिजनों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए जान का खतरा होने की बात कही, जिस पर गृह राज्य मंत्री ने परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया。 बाइट 01 जवाहर सिंह बैडम गृह राज्य मंत्री बाइट 02 मृतक की मां बाइट 03 सुखवीर सिंह जौनपुरिया पूर्व सांसद
0
0
Report
Advertisement

देहरादून में IAS-PCS विभागों में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारी बदले पद

Noida, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग देहरादून पीसीएस गिरधारी सिंह रावत को अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी बनाया गया पीसीएस ईला गिरी को निदेशक दुग्ध विकास बनायागया पीसीएस सुंदरलाल सेमवाल को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन बनायागया पीसीएस फिंचाराम को अपर जिलाधिकारी पौड़ी बनायागया पीसीएस अनिल गर्ब्याल को md परिवहन निगम मनाया गया पीसीएस जितेंद्र कुमार को अपर जिलाधिकारी हरिद्वार बनायागया पीसीएस योगेश मेहरा को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार बनाया गया पीसीएस प्रमोद कुमार को डिप्टी कलेक्टर चंपावत बनाया गया सचिवालय सेवा के महावीर सिंह चौहान को अपर सचिव लोक निर्माण बनाया गया सचिवालय सेवा के सुनील सिंह को अपर सचिव गृह विभाग बनाया गया ब्रेकिंग देहरादून शासन ने IAS और पीसीएस अधिकारियों के विभागों में किया फेरबदल IAS बीवी आरसी पुरुषोत्तम को सचिव उच्च शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी IAS रंजीत कुमार सिन्हा से हटाया गया सचिव उच्च शिक्षा IAS विनय शंकर पांडे को गढ़वाल कमिश्नर से हटाया गया, सचिव स्वास्थ्य और नागरिक उड्डयन बनाया गया IAS सविन बंसल को जिलाधिकारी देहरादून से हटाया गया सचिव नियोजन बनाया गया IAS सोनिका को कमिश्नर टैक्स से हटाया गया IAS आनंद स्वरूप को गढ़वाल कमिश्नर बनाया गया IAS आशीष चौहान को जिलाधिकारी देहरादून बनाया गया IAS मनुज गोयल को डायरेक्ट एनएचएम से हटाया गया IAS संजय कुमार को निदेशक समाज कल्याण बनाया गया IAS अभिषेक रोहिल्ला को सीईओ PMGSY बनाया गया IAS सौरभ गहरवार को अपर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास बनाया गया IAS आलोक कुमार पांडे को नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून बनाया गया IAS नमामि बंसल को अपर सचिव विद्यालय शिक्षा विभाग बनाया गया IAS संदीप तिवारी को MD जीएमवीएन बनाया गया IAS दीप्ति सिंह को महानिदेशक विद्यालय शिक्षा से हटाया गया IAS प्रतीक जैन को कमिश्नर टैक्स बनाया गया IAS अपूर्वा पांडे को जिलाधिकारी बागेश्वर बनाया गया IAS आकांक्षा कोंडे को महानिदेशक विद्यालय शिक्षा बनाया गया IAS प्रवीण कुमार को अपर नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून से हटाया गया।
0
0
Report

इंदौर के अस्पताल में जुड़वा में एक बच्चे की मौत के बाद भी सुरक्षित जन्म

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जुड़वा बच्चों में से एक बच्चे की पांच माह पूर्व गर्भ में मौत हो चुकी थी, इसके बाद डॉक्टर ने जटिल प्रसव कराकर दूसरे बच्चे को स्वस्थ हालत में जन्म दिया। परिजन मान रहे हैं ऊपर वाले का चमत्कार. पीसी सिटी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर राजवीर ने कहा कि इस तरह का प्रसव उनकी मेडिकल लाइफ में पहली बार देखने को मिला. वास्तव में शनिवार को इंदौर के शासकीय अस्पताल में एक अकोला महाराष्ट्र में ब्याही 37 वर्षीय बेटी को प्रसव पीड़ा के चलते पैरिजनों द्वारा अस्पताल लाया गया था, जहां सोनोग्राफी करने के बाद डॉक्टर भी हैरान रह गए. गर्भ में जुड़वा बच्चे थे, लेकिन पांचवें महीने में एक बच्चे की मौत हो चुकी थी। स्थिति जटिल थी क्योंकि दोनों शिशु एक ही थैली में थे। इस स्थिति में दूसरा बच्चा भी संक्रमित हो सकता था, पर डॉक्टरों द्वारा जटिल शल्य प्रक्रिया से गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया और लगभग 3.75 किलोग्राम वजन के शिशु का जन्म हुआ। प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और निगरानी में हैं.
0
0
Report
Advertisement

अלवर के जनता कॉलोनी में आकाशीय बिजली गिरने से दो घर भारी नुकसान

Alwar, Rajasthan:अलवर में आकाशीय बिजली का कहर: जनता कॉलोनी के दो घरों में भारी नुकसान, लाखों का नुकसान अलवर के बेलाका स्थित जनता कॉलोनी में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से इलाके में अफरा-तफरी مच गई। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटना से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि कॉलोनी के चार से पांच घर आकाशीय बिजली की चपेट में आए, जिनमें से दो मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन दोनों घरों में बिजली गिरने से वायरिंग पूरी तरह जल गई और घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कूलर, पंखे, एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, इनवर्टर और बिजली बोर्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार दोनों मकानों को मिलाकर करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वहीं, नुकसान के आकलन के लिए स्थानीय पटवारी को भी सूचित किया गया है। फिलहाल प्रभावित घरों में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। मकान मालिक सुजान सिंह नरूका ने बिजली विभाग को घटना की जानकारी दे दी है और जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
0
0
Report

राजस्थान कोर्ट ने 27 सप्ताह की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में 27 सप्ताह 4 दिन की गर्भवती नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी रेप पीड़िता, विशेषकर नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि गरिमा, शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार हैं। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता सपना वैष्णव ने पक्ष रखा। याचिका में बताया गया कि सामाजिक भय और देरी के कारण गर्भावस्था का पता काफी देर से चला। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पीड़िता को 27 सप्ताह से अधिक गर्भवती और गंभीर एनीमिया से पीड़ित बताया गया, हालांकि विशेषज्ञ निगरानी में गर्भपात संभव माना गया। कोर्ट ने एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही आईसीयू सुविधा, काउंसलिंग, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, पोषण सहायता और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर उपलब्ध कराने को कहा। अदालत ने उपचार, जांच, दवाइयों और अन्य चिकित्सा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर, जोधपुर को पूरे मामले की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार के यात्रा व ठहरने की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराने को कहा गया। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सपना वैष्णव ने पॉक्सों मामलों में प्रेग्नेंसी टेस्ट और मेडिकल हस्तक्षेप में देरी का मुद्दा उठाते हुए समयबद्ध एसओपी लागू करने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने एसओपी निर्माण और आवश्यक दिशानिर्देशों के मुद्दे पर आगे सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है.
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान हाईकोर्ट: सरकारी अस्पताल के अनुभव को बोनस माना जाएगा, भुगतान से बाध्य नहीं

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने लैब टेक्नीशियन भर्ती-2023 से जुड़े एक अहम मामले में राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पताल में कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को केवल इस आधार पर अनुभव बोनस अंक से वंचित नहीं किया जा सकता कि उनका मानदेय किसी एनजीओ या अन्य संस्था द्वारा दिया गया था। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए अप्रार्थीगणों को राहत दी। राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दोनों अभ्यर्थियों को अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने का निर्देश दिया गया था। सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि भर्ती नियमों के तहत बोनस अंक केवल उन्‍हीं अभ्यर्थیوں को दिए जा सकते हैं, जिनका भुगतान सीधे सरकारी विभाग या संस्थान से हुआ हो। सरकार ने दावा किया कि संबंधित अभ्यर्थियों को भुगतान किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन नामक एनजीओ के माध्यम से किया गया था, इसलिए वे पात्र नहीं हैं। वहीं अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता राजत अरोड़ा ने तर्क दिया गया कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में सेवाएं दीं और उनके अनुभव प्रमाण पत्र सरकारी अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए हैं। ऐसे में उनके अनुभव को मान्यता मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने राजस्थान मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 के नियम-19 का हवाला देते हुए कहा कि बोनस अंक का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में प्राप्त व्यावहारिक अनुभव को महत्व देना है। कोर्ट ने माना कि यदि अभ्यर्थियों ने वास्तविक रूप से सरकारी अस्पताल में कार्य किया है, तो भुगतान का स्रोत निर्णायक आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज कर दी。
0
0
Report

राजस्थान FIR दायर करने वाले को अंतिम रिपोर्ट मुफ्त देने निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि एफआईआर दर्ज कराने वाले सूचना दाता या परिवादी को जांच पूरी होने के बाद पुलिस की अंतिम रिपोर्ट अथवा चालान की प्रति निःशुल्क उपलब्ध कराना कानूनन आवश्यक है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद की याचिका पर निर्देश दिए है। याचिकाकर्ता ईश्वर प्रसाद ने स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर दलील दी कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(2)(ii) के तहत जांच एजेंसियों का दायित्व है कि वे जांच पूरी होने पर अंतिम रिपोर्ट की प्रति परिवादी को भी उपलब्ध कराएं। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष बताया गया कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल पहले ही 9 अप्रैल 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी कर चुके हैं। यह संचार सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले भगवंत सिंह बनाम कमिश्नर ऑफ पुलिस के अनुपालन में जारी किया गया था। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कराने वाला व्यक्ति जांच के परिणाम में प्रत्यक्ष रूप से रुचि रखता है। इसलिए पुलिस द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की गई रिपोर्ट और जांच में हुई कार्रवाई की जानकारी उसे देना आवश्यक है। कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में जारी निर्देश पर्याप्त हैं, इसलिए अलग से नए आदेश की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना पूरी गंभीरता और भावना के साथ की जाए। इसके साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
0
0
Report

राजस्थान हाईकोर्ट: 2024 संशोधित सेवा नियमों से हजारों वरिष्ठ शिक्षक प्रमोशन के रास्ते साफ

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने शिक्षा विभाग में पदोन्नति नियमों को लेकर दायर 28 याचिकाओं को एक साथ खारिज करते हुए राज्य सरकार के संशोधित सेवा नियमों को वैध ठहराया है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने राजस्थान शैक्षिक (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2024 को सही मानते हुए कहा कि सरकार को प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार वर्गीकरण और पदोन्नति नीति तय करने का अधिकार है। अदालत के इस फैसले से वाणिज्य, संगीत, कृषि और गृह विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के करीब 10 हजार सीनियर टीचर (जनरल) के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। मामला 7 फरवरी 2024 को जारी अधिसूचना से जुड़ा था। याचिकाकर्ता वे विषय विशेषज्ञ सीनियर टीचर थे, जिन्होंने नियुक्ति के बाद किसी अन्य विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। उनका कहना था कि संशोधित नियमों के तहत लेक्चरर पद के लिए 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटा केवल सीनियर टीचर (जनरल) के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जिससे उनके प्रमोशन के अवसर खत्म हो गए। उन्होंने नियमों में निर्धारित 3 अगस्त 2021 की कट-ऑफ तिथि को भी मनमाना बताया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि पदोन्नति के लिए विचार किया जाना कर्मचारियों का अधिकार है और सरकार नियमों में बदलाव कर इस अधिकार को सीमित नहीं कर सकती। साथ ही विषय विशेषज्ञ और जनरल सीनियर टीचर के बीच किया गया वर्गीकरण भी अनुचित बताया गया। वहीं राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 2021 के नियम लागू होने के बाद सीनियर टीचर (जनरल) के पदोन्नति अवसर लगभग समाप्त हो गए थे। ऐसे में हजारों कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह संशोधन आवश्यक था। सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के लिए लेक्चरर (अन्य विषय), हेडमास्टर और अतिरिक्त ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी जैसे पदों पर पदोन्नति के विकल्प अब भी उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सज्जनसिंह राठौड ने पक्ष रखा। खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्गीकरण करना सरकार का नीतिगत निर्णय है और इसे मनमाना नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त डिग्री प्राप्त कर लेने मात्र से किसी कर्मचारी को स्वतः पदोन्नति का अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने 3 अगस्त 2021 की कट-ऑफ डेट को भी तार्किक और वैध माना।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top