वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ 'तेंदुआ'
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी निघासन रेंज क्षेत्र के अंतर्गत काफी दिनों से दहशत फैला रहा तेंदुआ आज वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया खड़रिया फॉर्म में गन्ने के खेत में लगे पिंजरे में आज तेंदुआ कैद हो गया जिससे लोगों ने राहत की सांस ली हैहमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
भाकियू कार्यकर्ताओं के नाम से ब्याज मुक्त करने को लेकर हाईकोर्ट मे रिट,किसानों में आक्रोश
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग.... भाकियू का आगाज ....शामली. जनपद में एक और गन्ने के बकाया भुगतान और भुगतान पर ब्याज लेने को लेकर भारतीय किसान यूनियन धरना प्रदर्शन कर रहा था वहीं भारतीय किसान यूनियन के दो कार्यकर्ताओं के नाम लेकर सहित13 किसानों द्वारा हाईकोर्ट में गन्ने के बकाए पर ब्याज के पैसे न लेने को रिट डालने को लेकर जनपद में बवाल मच गया है ।वही भाकियू जिला अध्यक्ष आशीष लाठियाँन ने दोनो किसानों को बुलाकर मीडिया के सामने खंडन किया तो वहीं हाई कोर्ट में रीट डालने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। .... आपको बता दे।कि शामली जनपद की कलेक्ट्रेट में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के द्वारा गन्ने के बकाया भुगतान और गन्ने के भुगतान पर देरी से मिलने वाले पर ब्याज की भी मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया था। वही इस बीच दो दिन पहले किसी सतीश मिश्रा व्यक्ति के द्वारा 13 किसानों का नाम लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में गन्ने के बकाया भुगतान पर ब्याज न लेने को लेकर रीट डाली गई है। जिसका पता लगते ही दोनो भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता अपने जिला अध्यक्ष आशीष के पास पहुंचे जहां उन्होंने तत्काल मीडिया के सामने दोनों किसानों को पेश करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में डाली गई रीट का खंडन किया और कार्रवाई की मांग की है।वही इस बारे में भाकियू जिला अध्यक्ष व पीड़ित किसान का कहना है , कि हमारे किसानों का धरना चल रहा था और हमारे कार्यकर्ता के द्वारा जो रेट डाली गई है उसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है और हम लोगों ने अभी दो-तीन दिन तक लगातार गन्ने के बकाया भुगतान और उसे पर लगे ब्याज को लेकर धरना प्रदर्शन किया था।जवकि रीट डालने वाले सतीश मिश्रा के खिलाफ हम लोग जिलाधिकारी और शामली एसपी से मिलकर कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे क्योंकि यह प्रदेश के 50 लाख किसानों से जुड़ा हुआ मामला है हालांकि पीड़ित किसान का कहना है कि इस मामले का उजागर होते ही मेरे घर पर लोगों का ताता लगा हुआ है और मुझे फोन पर शिकायत की जा रही है जिस कमपुर जो और विरोध करते हैं हमारे द्वारा ना तो कोई एफिडेविट और ना ही किसी तरीके से कोई शिकायती पत्र दिया गया हम लोग इस पर कार्रवाई चाहते हैं।पति को सांप से डसवाकर मारने वाली रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी, जज बोले- '3 बच्चों का ख्याल DM रखें
Meerut, Uttar Pradesh:अमित पाराशर/मेरठ: यूपी के मेरठ में एक बार फिर रिश्तों को तार-तार करने वाली खौफनाक वारदात पर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया है। पति अमित कश्यप की गला घोटकर हत्या करने और उसे सांप के डसने से हुई मौत का रूप देने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मेरठ कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनते ही दोनों कोर्ट रूम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे।
मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए सरकारी वकील (एडीजीसी) फरजाना खान ने कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत रखे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 'अति से अति दुर्लभ' (Rarest of Rare) श्रेणी में आता है, क्योंकि इसमें गहरी साजिश के तहत न केवल हत्या की गई, बल्कि कानून और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए एक बेकसूर सांप का इस्तेमाल किया गया।सरकारी वकील ने कोर्ट से दोनों दोषियों के लिए सख्त से सख्त यानी मृत्युदंड की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के रहने वाले अमित कश्यप की हत्या उसकी पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर 17 अप्रैल 2025 की रात की थी। अमरदीप मृतक अमित के साथ ही टाइल्स पत्थर लगाने का काम करता था, जिस कारण उसका घर आना-जाना था और इसी दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। हत्या को स्वाभाविक मौत या सर्पदंश दिखाने के लिए दोनों ने एक सपेरे से एक हजार रुपए में सांप खरीदा था। गला घोटकर मारने के बाद उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया ताकि सबको लगे कि सांप के डसने से मौत हुई है। सुबह शरीर पर निशान देखकर घरवाले भी धोखे में आ गए थे।
जब अमित के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ, तो असलियत सामने आई कि उसकी मौत दम घुटने (गला दबाने) से हुई थी। सपेरों ने भी गवाही दी कि जिस सांप को इस्तेमाल किया गया था, उसके दांत ही नहीं थे, जिससे किसी की मौत हो ही नहीं सकती। पुलिस ने वारदात के महज 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम-12 / विशेष अदालत में 551 दिनों तक चली सुनवाई के दौरान 87 तारीखें पड़ीं और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए, जिसके बाद 7 अक्टूबर को इन्हें दोषी करार दिया गया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब जज ने रविता और अमरदीप से पूछा कि उन्हें दोषी ठहराया गया है, वे सजा के तौर पर क्या कहना चाहते हैं, तो दोनों गिड़गिड़ाने लगे: रविता बोली: "मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनका ख्याल रखा जाए।" इस पर जज ने स्पष्ट किया कि बच्चों की देखभाल अब मेरठ के जिलाधिकारी (DM) करेंगे। अमरदीप बोला: "मेरे मां-बाप बूढ़े हैं, उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है।" इसके बाद दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग स्क्रीन के सामने ही फफक फफक कर रो पड़े।
मेरठ में हाल ही में चर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' (मुस्कान और साहिल केस) में कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद, इस 'सांप कांड' ने यह साबित कर दिया है कि क्रूरता की हदें पार करने वाले अपराधियों को न्यायपालिका कतई बख्शने के मूड में नहीं है। समाज में अवैध संबंधों और संपत्ति या अन्य लालच के चलते अपनों को ही रास्ते से हटाने के जघन्य अपराध पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़े हैं। इसमें मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था।
