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रांची के डांगरा टोली में नाबालिग नौकरानी की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच शुरू

Ranchi, Jharkhand:राजधानी रांची के डांगरा टोली चौक के पास एक 15 वर्षीय नाबालिग नੌकरानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया बताया जा रहा है कि डोरंडा कॉलेज के प्रोफेसर एनपी लकड़ा के शैल विला स्थित आवास में नाबालिग का शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।मामला रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र का है, जहां डांगरा टोली चौक के पास स्थित शैल विला में 15 वर्षीय नाबालिग घरेलू सहायिका का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि शव कमरे की बालकनी के पास फंदे से लटका हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही लोअर बाजार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। सिटी डीएसपी केवी रमण भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। वहीं, जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। नाबालिग के मोबाइल फोन की भी जांच की जाएगी, ताकि मौत के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। मृतका के परिजन लातेहार के रहने वाले हैं, जिन्हें घटना की सूचना देने के लिए संपर्क किया जा रहा है।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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सिद्धार्थनगर में चक्रवात अर्नव ने किसानों की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग तेज

Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर में चक्रवात अर्नव ने किसानों की कमर तोड़ दी है। देर रात से जारी तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे ज्यादा मार अन्नदाताओं पर पड़ी है। खेतों में खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई है। पहले बारिश, फिर बाढ़ और अब चक्रवात की मार ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बर्बाद होती फसल देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। प्रभावित किसान अब सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं। किसान वासिफ का कहना है कि पहले लगातार बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया, फिर बाढ़ की मार झेलनी पड़ी। किसी तरह बची हुई फसल को अब चक्रवात अर्णव की तेज हवाओं और बारिश ने बर्बादी के मुहाने पर पहुंचा दिया है। किसान ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। किसान रामदेव पासवान के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा होने की आशंका है। उनके पास खेती की जमीन बेहद कम है और परिवार का पूरा खर्च इसी खेती पर निर्भर है। धान की फसल को हुए नुकसान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक मदद देने की मांग की है। किसानों की चिंता के बीच जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी शिवशरण अप्पा जीएन के मुताबिक मौसम विभाग के अलर्ट के बाद तहसील स्तर के अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फसलों को हुए नुकसान पर नजर रखी जा रही है। जहां भी फसल क्षति की सूचना मिलेगी, वहां टीमों से आकलन कराया जाएगा। filhaal मौसम की मार से किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि नुकसान के आकलन के बाद प्रभावित किसानों को सरकारी मुआवजे की राहत कब तक मिल पाती है।
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तेंदूने ने खेत में किसान पर किया हमला संघर्ष कर बचाई जान

MLMadan lalFollowJust now
Mihinpurwa, Uttar Pradesh:मिहींपुरवा बहराइच -कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत ग्राम झाला के मजरा पृथ्वी पुरवा निवासी किसान केन्नू 45 वर्ष पुत्र लल्लूप्रसाद शुक्रवार की दोपहर लगभग 1:00 अपने खेत गए थे जहां पर पड़ोस के खेत में पहले से ही मौजूद तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया केन्नू साहस दिखाते हुए तेंदुए से भिड़ गए तेंदुए के हमले में कन्नूे का दांया हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी जिससे तेंदुआ किसान को छोड़कर गन्ने खेत में भाग गया खून से लथपथ किसान घर पहुंचा और घटना की जानकारी परिजनों को दी जिस पर परिजन घटना की सूचना वन विभाग को देते हुए गंभीर रूप से घायल किसान को सीएचसी मोतीपुर लेकर पहुंचे जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल किसान को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है घटना के बाद ग्रामीणों में काफी दहशत है और ग्रामीण खेत जाने से डर रहे हैं और पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे हैं तेंदुए के हमले की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटना की जानकारी ली और सतर्कता बरतने की अपील की है।
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चित्रकूट का प्राचीन देवी स्थल उपेक्षित , बिजली पानी सड़क के साथ मंदिर के जीर्णोद्धार की उठी माँग

Anuj HanumatAnuj HanumatFollow2m ago
Manikpur, Manikpur Sarhat, Uttar Pradesh:मानिकपुर में मां दुर्गा के स्वरूप आनंदी माई का मंदिर है। ब्लाक मुख्यालय से लगभग पांच किमी दूरी पर रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित आनंदी माई का यह मंदिर लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र बना है। मरवरिया पहाड़ पर स्थित इस मंदिर में नवरात्र में काफी भीड़ लगती है । दुर्गा स्वरूप आनंदी माई का यह मंदिर पहाड़ पर लगभग पांच सौ मीटर की ऊंचाई पर है। यहां के पुजारी चंद्रमा दास महाराज बताते हैं कि किंवदती यह है कि सालों पहले एक निसंतान महिला संतान की आस में पहाड़ में लगभग एक हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थापित आनंदी माई की प्रतिमा की पूजा के लिए जाती थी। उनकी कृपा से जब महिला को गर्भ ठहर गया तो उसे ऊपर जाने पर दिक्कत होने लगी। इस पर उसने मां से प्रार्थना की कि थोड़ा नीचे आ जाओ। इस पर आनंदी माई ने उसे स्वप्न दिया कि जब वह पूजा को आएगी तो वह भी उसके साथ नीचे आ जाएंगी। शर्त यह रहेगी कि पीछे मुड़कर न देखे। दूसरे दिन जब आनंदी माई आधी दूरी पर पहुंचीं तो महिला ने मुड़कर देख लिया और मां वहीं पर ठहर गईं। लोगों ने बाद में वहां मंदिर बनवा दिया। गौरतलब है कि चंद्रमादास वैसे तो रुखमा खुर्द निवासी हैं। उनका कहना है कि 17 साल पहले उनको स्वप्न आया और तब से वह यहां पूजा करने आ गए। दूरदराज के लोगों का लगता है जमावड़ा मानिकपुर के अलावा जिगनवाह, हेला, बगदरी, निही चिरैया, रानीपुर, गिदुरहा, सकरौंहा, लक्ष्मणपुर, खिचरी, शेखापुर आदि आसपास के तमाम गांवों के लोग मां आनंदी के दर्शन करने आते हैं। यहां आए देशराज, नर्वद, मेवालाल आदि ने बताया कि यह स्थान प्रशासन की उपेक्षा झेल रहा है। टाइगर रिजर्व रास्ता नहीं देता, जिससे लोगों को आने जाने में दिक्कत होती है। हैंडपंप ठूंठ बने पड़े हैं और बिजली नहीं है। जंगल इलाके में स्थित यहां सुरक्षा की कमी भी लोगों को दिक्कत देती है।
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Noida, Uttar Pradesh:
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किशनगढ़ की सिलोरा पंचायत में शांतिपूर्ण मतदान, महिलाओं ने दिखाया जज़्बा

Kishanganj, Bihar:किशनगढ़ के सिलोरा पंचायत समिति की 36 ग्राम पंचायतों में शांतिपूर्ण मतदान जारी है। दोपहर तीन तक करीब 60 फीसदी मतदान 36 ग्राम पंचायत में हुआ जबकि अभी भी मतदान बूथों के बाहर लंबी कतारें लगी है गांव डीडवाड़ा में लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव की बदहाल सड़कें और जगह-जगह पसरा कीचड़ भी महिलाओं के हौसले नहीं डिगा पा रहा। मुश्किल रास्तों से गुजरकर महिलाएं मतदान केंद्र पहुंच रही हैं। इस बार चुनाव में सड़क, पानी जैसे बुनियादी मुद्दों की गूंज साफ सुनाई दे रही है। ग्रामीण गांव की दशा और दिशा बदलने की उम्मीद के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है。
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स्टेट हाईवे 77 पर टोल लागू, फारबिसगंज-हरीपुर में टोल नाका चालू

Forbesganj, Bihar:स्टेट हाईवे 77 से गुजरने वाले गाड़ियों को अब टोल टैक्स देना पड़ेगा जिसके लिए अररिया जिले के फारबिसगंज हरीपुर में टोल नाका का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। फोर लेन सड़क से स्टेट हाईवे 77 फारबिसगंज से कुर्सेला तक जाती है जिधर से रोजाना sैकड़ों व्यावसायिक वाहनों का परिचालन होता है लेकिन अभी तक इस सड़क मार्ग में टोल टैक्स नहीं लिया जाता था। नेपाल की तरफ से भागलपुर से लेकर झारखंड तक जाने वाली व्यावसायिक वाहन इसी सड़क मार्ग का इस्तेमाल करती है लेकिन टोल टैक्स निर्माण पूर्ण हो जाने के बाद उन गाड़ियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। टोल टैक्स को लेकर बिहार सरकार की नई नीति के तहत स्टेट हाईवे पर चलने वाली गैर व्यावसायिक वाहनों को कोई टोल नहीं देना होगा और टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के अंदर के गैर व्यावसायिक वाहनों को 250 रुपए में पूरे महीने सड़क पर चलने की छूट मिलेगी।
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इंदौर में भाजपा की भव्य पदयात्रा लोकतंत्र बचाओ का संदेश दे गई

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अराजकता हटाओ लोकतंत्र बचाओ के संदेश के साथ भव्य पदयात्रा निकाली गई। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हुए यात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं सामाजिक संगठनों व्यापारिक संगठनों और विभिन्न समाजों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। पूरे मार्ग पर उत्साह और जनसमर्थन का माहौल नजर आया। इंदौर के सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव विप्लव कुमार देव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित इंदौर की सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए। इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि यात्रा में सबसे आगे संत-महात्मा चलते नजर आए। वहीं किन्नर समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें सहभागिता कर अपना समर्थन दिया। अलग-अलग व्यापारी संगठनों के सदस्य भी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पदयात्रा में शामिल हुए। भाजपा द्वारा आयोजित इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत बनाने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और अराजकता के खिलाफ एकजुटता का संदेश देना बताया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने इसे एक विशाल जनसमूह का रूप दे दिया। इंदौर की सड़कों पर निकली इस पदयात्रा में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक और व्यापारिक संगठनों की भागीदारी भी देखने को मिली। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन के माध्यम से लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।
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दो दिन की बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में गिरी फसलें देख छलका दर्द

Dipu RawatDipu RawatFollow4m ago
Parasa Buzurg, Uttar Pradesh:कटाई के समय बारिश बनी आफत, खड़ी फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की चिंता परतावल/महराजगंज। क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें बारिश और तेज हवा के कारण गिरने लगी हैं। पककर तैयार हो रही फसलों को नुकसान पहुंचने से किसान मायूस हैं। जिस फसल को तैयार करने के लिए किसानों ने दिन-रात मेहनत की, अब उसी फसल को कटाई के समय बर्बाद होते देख उनके चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च करने के बाद फसल तैयार होती है। किसान पूरे साल अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए रहते हैं, लेकिन ऐन कटाई के समय मौसम की मार उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रही है। खेतों में गिरी फसलों को देखकर किसानों को पैदावार कम होने और आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। किसानों के लिए यह बारिश किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। पहले ही खेती की लागत बढ़ने से किसान परेशान हैं, वहीं अब बेमौसम बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो फसलों को और नुकसान पहुंच सकता है। इससे किसानों की आमदनी पर भी असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय किसानों ने फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए नुकसान का आकलन कर राहत दिलाने की दिशा में कदम उठाएगा। मेहनत पर मौसम की मार किसानों के लिए फसल केवल अनाज नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। ऐसे में कटाई के समय बारिश से फसल का गिरना उनके लिए दोहरी मार है। खेतों में बिखरी फसलें किसानों की मेहनत और उनकी उम्मीदों पर पड़े मौसम के प्रहार की कहानी बयां कर रही हैं।
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