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Fatehpur212601

फतेहपुर में थाने के सामने दबंगों द्वारा मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

Jun 21, 2024 08:43:43
Fatehpur, Uttar Pradesh

हथगांव कस्बे में थाने के सामने दबंगों ने एक महिला और युवक पर लाठी-डंडों से हमला किया था। जिसके चलते इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं हमले में दोनों पीड़ित घायल हो गए। साथ ही स्थानीय लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। इस घटना की जांच पुलिस कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

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AKAshwani Kumar
Feb 04, 2026 10:24:37
Bhagalpur, Bihar:त Tilкамāњхи भागलpur विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने एक लेटर जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के धज्जियां उड़ा दी। जो यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने छात्र शिकायत निवारण कमेटी का गठन कर दिया। 2 तारीख को कॉलेजों को पत्र के जरिये आदेश दे दिया गया कि इस कमिटी को धरातल पर उतारा जाए। उस कमिटी में चेयरपर्सन के तौर पर कॉलेज के प्रिंसिपल को रखा गया इसके साथ ही एक महिला व SC, ST ,OBC सदस्यों को रखा गया। उस पत्र में कुलसचिव प्रोफेसर रामाशीष पूर्वे ने सिग्नेचर किया था जैसे ही पत्र बाहर आया सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया एबीवीपी ने सवाल किया की जब सुप्रीम कोर्ट का स्टे है तो विश्विद्यालय क्या कोर्ट से बढ़कर हुआ। इसके बाद आनन फानन में कुलसचिव ने 2 तारीख को जारी लेटर वापस लेने का एक लेटर अब कॉलेजों को जारी कर दिया। जब इस मसले को लेकर प्रभारी कुलपति डॉक्टर सी पी सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी इस पत्र का कोई मतलब नहीं होगा इस पर हम विचार करेंगे और जब तक यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे है तो विश्वविद्यालय में यह पत्र लागू नहीं होगा, इस पर हम रोक लगाएंगे। वहीं कुलसचिव रामाशीष पूर्वे ने कहा कि लोकपाल ने यह पत्र हमें लाकर दिया था अज्ञानतावश उन्होंने लाकर हमे दिया और हमने भी हड़बड़ी में सिग्नेचर कर दी, यह कमेटी अभी निरस्त रहेगी। अब सवाल है कि जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ गया है इसके बावजूद यूनिवर्सिटी में क्यों इस तरह का नियम बना दिया गया, कुलसचिव जिस अज्ञानता की बात कर इस पत्र पर सिग्नेचर की बात कर रहे हैं, इतने बड़े पद पर रहकर अज्ञानतावस सिग्नेचर कैसे कर सकते हैं ? उस पत्र को कुलसचिव ने क्यों नहीं पढ़ा अब उन्होंने इसे वापस लेने का आदेश कॉलेज में दिया है। यूजीसी के नए कानून के बाद जिस तरह से देश भर में अराजकता की स्थिति देखने को मिल रही है। प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच विश्वविद्यालय द्वारा पत्र जारी करना कहीं ना कहीं विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच आंदोलन और अराजकता को बढ़ावा देने वाला है अब देखना शेष होगा कि राजभवन के तरफ से इस पर क्या कुछ कार्रवाई की जाती है।
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KCKumar Chandan
Feb 04, 2026 10:23:45
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SSSHAILENDAR SINGH THAKUR
Feb 04, 2026 10:23:36
Masanganj, Chhattisgarh:बिलासपुर पुलिस अब अपराधियों के लिए काल बनने वाली है. शहर की उन संकरी गलियों और अड्डों पर, जहाँ कभी पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां पहुँचने में हिचकिचाती थीं, अब वहां पुलिस की 'तीसरी आँख' यानी ड्रोन का पहरा होगा. पुलिस कप्तान के निर्देश पर अब ट्रैफिक और वीआईपी ड्यूटी के साथ-साथ ड्रोन का इस्तेमाल क्राइम कंट्रोल के लिए शुरू कर दिया गया है. पिछले दो सालों के क्राइम डेटा की मैपिंग कर पुलिस ने उन संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया है, जहाँ नशे और अवैध हथियारों का कारोबार फल-फूल रहा था. अब हर सीएसपी को विशेष क्षेत्र अलॉट किए गए हैं, ताकि तकनीक और रणनीति के मेल से अपराध को जड़ से मिटाया जा सके. बिलासपुर पुलिस के तरकश में अब दो अत्याधुनिक ड्रोन शामिल हो चुके हैं. शुरुआती दौर में इनका उपयोग केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट और वीआईपी सुरक्षा तक सीमित था, लेकिन अब रणनीति बदल चुकी है. पुलिस ने पिछले 2 वर्षों के अपराधों का बारीकी से विश्लेषण कर एक 'क्राइम मैप' तैयार किया है. इस मैपिंग के जरिए उन 'अड्डेबाजी' वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है जहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है. ड्रोन की मदद से अब उन तंग गलियों और दुर्गम इलाकों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जहाँ पुलिस की टीमें तुरंत पहुँचकर अपराधियों को दबोच रही हैं. हर सीएसपी को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे प्रतिदिन ड्रोन फुटेज और मैपिंग डेटा के आधार पर इलाकों की घेराबंदी करें और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें. इस नई तकनीक का असर जमीन पर दिखने लगा है. पिछले 24 घंटों के भीतर पुलिस ने 57 असामाजिक तत्वों को सलाखें के पीछे भेजा है. यही नहीं, पिछले तीन-चार दिनों से नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में 42 ऐसे शातिर अपराधी दबोचे गए हैं, जो अवैध गांजा, नशीली गोलियां, और प्रतिबंधित इंजेक्शन की सप्लाई कर रहे थे. चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के तार पंजाब जैसे राज्यों से जुड़े हैं और इनके पास से हेरोइन जैसे घातक ड्रग्स के साथ-साथ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं. इस तकनीक के सहयोग से अब अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाए, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा.
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PCPUSHPENDRA CHATURVEDI
Feb 04, 2026 10:23:16
Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल मुख्यालय से इस वक्त एक चिंताजनक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के झूला पुल क्षेत्र में स्थित चौपाटी के पीछे वाले तालाब में अचानक सैकड़ों की संख्या में मछलियों की मौत हो गई है। तालाब में मरी पड़ी मच्छलियों को देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आशंका जताई जा रही है कि आस-पास के बिरयानी सेंटरों और चौपाटी व प्राइवेट हॉस्पिटल से फेंका जा रहा दूषित कचरा और गंदा पानी इस हादसे की बड़ी वजह हो सकता है। वीओ01-आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि किस तरह तालाब के किनारे और पानी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती नजर आ रही हैं।स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंबे समय से चौपाटी और बिरयानी सेंटरों का दूषित पानी और कचरा सीधे तालाब में डाला जा रहा है,जिससे तालाब का पानी जहरीला होता जा रहा था। आशंका यह भी जताई जा रही है कि पानी में किसी जहरीले तत्व की मिलावट हुई है,हालांकि अब तक मछलियों की मौत के स्पष्ट कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वीओ02-हैरानी की बात यह है कि मछलियों की मौत के बाद मौके पर लूट जैसी स्थिति बन गई,और कई लोग मरी हुई मछलियों को उठाकर घर ले जाते हुए दिखाई दिए।विशेषज्ञों का कहना है कि मरी हुई मछलियों का सेवन गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है, लेकिन इसके बावजूद लोग बिना किसी डर के इन्हें ले जाते रहे। वीओ03-इस पूरे मामले में मत्स्य विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई और निगरानी की जाती, तो इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत रोकी जा सकती थी। वीओ04-फिलहाल तालाब में मछलियों की मौत के कारणों को लेकर स्थिति अब भी रहस्य बनी हुई है,लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या खुलासा होता है और जिम्मेदारों पर कब तक कार्रवाई होती है।
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DKDARSHAN KAIT
Feb 04, 2026 10:22:46
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र : पहले यूरिया का बैग 50kg से 45kg किया और अब घटाकर मात्र 40kg कर दिया। नाम वही, दाम वही, लेकिन खाद की मात्रा लगातार कम। किसानों की प्रतिक्रिया सामने आई है किसानों को कहना है किसान मारू सरकार है यह किसानों के हाथ में नहीं है जस तरह से रेट पूरा लिया जा रहा है यूरिया के बैग पर और यूरिया काम किया जा रहा है लगातार यह वजन कम हो रही है कहीं ना कहीं देखा जाए तो यह किसानों को बहुत ही ज्यादा घटा पड़ रहा है सरकार किसानों को लूट रही हैं वहीं पर अब अंबाला में किसानों की राज्य सत्रीय मीटिंग होगी इसमें हम फैसला लेंगे कि आगे کرنا क्या है वहीं पर किसानों का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार ने रेट उतना ही रखा है लेकिन खाद बाग में काम किया है जिसमें हाइड्रोजन भी काम की है यह फैसला केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए और किसानों को कम रेट में यूरिया खाद देना चाहिए जो किसानों के हक में हो
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DKDARSHAN KAIT
Feb 04, 2026 10:22:24
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कई दर्जनों छात्रों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया है। इस दौरान छात्रों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के जमकर नारे भी लगाए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन बीपीएल कार्ड धारकों से हॉस्टल की फीस ज्यादा वसूलने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि कुल फीस 12500 है, लेकिन बीपीएल कार्ड धारकों की फीस 8500 है। लेकिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन बीपीएल कार्ड धारकों से 12500 फीस देने का दबाव बना रहा है। इसके विरोध में आज यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनके साथ आर्थिक शोषण कर रहा है और हॉस्टल की वार्डन छात्रों को बाहर निकालने की भी धमकी दे रही है।
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PPPraveen Pandey
Feb 04, 2026 10:21:53
Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर चलती ट्रेन से गिरा युवक,बाल बाल बची जान ट्रेन से गिरने से यात्री स्टेशन और ट्रैक के बीच फसा चलती गाड़ी से उतरने के दौरान एक यात्री के गाड़ी तथा प्लेटफार्म के बीच में गैप में गिरने पर मची अफरा-तफरी आरपीएफ स्टाफ कानपुर सेंट्रल ने अपनी तत्परता से बचाई उसकी जान गाड़ी संख्या 12403 प्लेटफार्म नंबर 01 जैसे ही रवाना हुई उसी दौरान एक व्यक्ति चलती गाड़ी से उतरने का प्रयास कर रहा था परंतु वह गाड़ी से उतरने में सफल नहीं हुआ और फिसलकर गाड़ी और प्लेटफार्म के बीच के गैप में लाइन पर गिर गया, जिसे प्लेटफार्म नंबर 01 पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने दौड़कर तत्परता से उक्त व्यक्ति को गैप से उसका हाथ खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।
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ASANIMESH SINGH
Feb 04, 2026 10:21:17
Ujjain, Madhya Pradesh:खाद्य विभाग की स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड पर सख्ती, बच्चों में हेल्दी ईटिंग को बढ़ावा जिला प्रशासन के निर्देश पर दुकानदारों को दी गई समझाइश, मोटे अनाज, हेल्दी स्नैक्स अपनाने की अपील घरेलू गैस सिलिंडर उपयोग पर दर्ज हुई शिकायत.. जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जंक फूड पर खाद्य विभाग की सख्ती देखी जा रही है। खाद्य विभाग का उद्देश्य बच्चों में हेल्दी ईटिंग की आदतें विकसित करना और उन्हें नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों से बचाना है। नियमों के अनुसार स्कूल या कॉलेज से 50 मीटर की परिधि में जंक फूड बेचना प्रतिबंधित है। इसी को लेकर खाद्य विभाग द्वारा दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दुकानदारों को समझाइश दी कि वे मंचूरियन, बर्गर, नूडल्स जैसे जंक फूड की जगह हेल्दी स्नैक्स की ओर शिफ्ट करें। दुकानदारों को यह भी बताया गया कि स्कूल टाइम के दौरान बच्चों को जंक फूड न बेचा जाए। इसके साथ ही मोटा अनाज, मल्टीग्रेन नूडल्स और पोषणयुक्त विकल्पों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान दुकान पर घरेलु सिलिंडर का उपयोग किया जा रहा था जिसे तुरंत संज्ञान मैं लेते हुए जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानों पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है, जिसकी जानकारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दे दी गई है। आगे भी लगातार निरीक्षण और अवेयरनेस अभियान जारी रहेगा, ताकि बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके।
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