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KRKhalik RazaFollow3 Feb 2025, 09:43 am
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पोकरण में 10 साल पुराने हमले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

Jaisalmer, Rajasthan:जिला जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - पोकरण ‘10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में 5 दोषियों को आजीवन कारावास, एडीजे कोर्ट पोकरण का बड़ा फैसला पोकरण, जैसलमेर पोकरण में करीब एक दशक पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, पोकरण ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1,11,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले के अनुसार, 21 जुलाई 2016 को प्रार्थी भंवर सिंह पुत्र भीम सिंह निवासी डेलासर ने पुलिस थाना लाठी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 जुलाई 2016 की शाम करीब 6 बजे उनके पिता भीम सिंह खेत से ट्रैक्टर लेकर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में जमीनी विवाद की रंजिश को लेकर आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और ट्रैक्टर पर चढ़कर लाठी, कुल्हाड़ी और सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में भीम सिंह के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई और आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया। गंभीर हालत में उन्हें जोधपुर रेफर किया गया था। पुलिस थाना लाठी ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजों के माध्यम से आरोप साबित किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों भोम सिंह, बांक सिंह, सांग सिंह, लूण सिंह और मनोहर सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। मामले में एक आरोपी कंवराज सिंह की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। राज्य पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजनक संमदर सिंह राठौड़ ने की। यह फैसला क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मामलों में न्याय मिलने के रूप में देखा जा रहा है。
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रामगंजमंडी में पुतला दहन के साथ कांग्रेस ने पायलट टिप्पणी का विरोध किया

Kota, Rajasthan:रामगंजमंडी, कोटा रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन, पायलट पर टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदेश प्रभारी का पुतला दहन किया रामगंजमंडी में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट पर की गई कथित निजी टिप्पणी के विरोध में रामगंजमंडी थाना चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अग्रवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया और बयान को अपमानजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। इसके साथ रामगंजमंडी विधानसभा संगठन प्रभारी एडवोकेट मुकेश धाकड़ ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना उनकी घटती राजनीतिक स्तर का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट जैसे जनप्रिय नेता पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना निंदनीय है और कांग्रेस कार्यकर्ता इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। धाकड़ ने आगे कहा कि भाजपा को मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी बंद नहीं हुई तो आज तो पुतला दहन किया है, आगे मुंह काला किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे。 बाइट मुकेश धाकड़, रामगंजमंडी विधानसभा संगठन प्रभारी
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सिरसा के जाट धर्मशाला में हथियार तस्करी घटना: यूपी के चार आरोपियों की गिरफ्तारी

Sirsa, Haryana:एंकर रीड सिरसा की जाट धर्मशाला में आधी रात को हथियारबंद लोगों के घुसने की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में सामने आए खुलासे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सिरसा में हथियारों की बड़ी डील करने आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कॉल गर्ल को ‘हथियार तस्करी’ में सहयोग का ऑफर दिया था। यूपी से आए थे आरोपी, जेल भेजे गए पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। घटना के बाद वे सिरसा से वापस यूपी लौट गए थे। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, चारों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी की तस्वीरें जारी नहीं की गई हैं। पुलिस ने धर्मशाला में सीसीटीवी की डीवीआर कब्जे में ले ली है धम्रशाला प्रबंधन ने बढ़ाई सख्ती अब हर युवक और युवती की गहन जांच के बाद ही कमरा दिया जा रहा है। चारों आरोपी दो दिन तक धर्मशाला में ठहरे थे और अचानक वहां से चले गए। पुलिस ने धर्मशाला से सीसीटीवी की डीवीआर जब्त कर ली है ताकि पूरी गतिविधि की जांच की जा सके। महिला दलाल पहले ही गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक महिला दलाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि धर्मशाला में ठहरे युवकों ने बिजनौर की रहने वाली एक कॉल गर्ल को बुलाया था। महिला दलाल ही उसे धर्मशाला तक लेकर आई थी। कॉल गर्ल जब युवकों के पास पहुंची तो उन्होंने उसे देह व्यापार के बजाय हथियार सप्लाई में मदद करने का प्रस्ताव दिया। दीवार फांदकर भागी कॉल गर्ल, पुलिस को दी सूचना आरोपियों के प्रस्ताव से घबराई कॉल गर्ल रातों-रात धर्मशाला की दीवार फांदकर भाग निकली और सीधे पुलिस के पास पहुंची। उसने पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने धर्मशाला में छापा मारा, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। जाट धर्मशाला के मैनेजर ओम शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हथियार बंद कुछ युवक धर्मशाला में आए थे और किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस भी धर्मशाला आई और सीसीटीवी फूटेज और डिवीआर आपने कब्जे में ले गई है। सभी मेहमानों को आईडी प्रूफ के आधार पर ही कमरा दिया जाता है। जिन युवकों ने उस रात कमरा लिया था, उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी और एंट्री रजिस्टर में दर्ज है। उन्होंने कहा कि महिला के आने की जानकारी उन्हें नहीं थी और यह बात पुलिस जांच में सामने आई। पुलिस की जांच जारी पुलिस ने धर्मशाला से जब्त सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के नेटवर्क और हथियारों की डील से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल अवैध हथियार तस्करी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से भी जुड़ा हो सकता है।
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देवघर का विद्युत शवदाह गृह खस्ताहाल, करोड़ों की लापरवाही उजागर

Deoghar, Jharkhand:देवघर बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर जहां एक ओर आस्था का केंद्र है, वहीं दूसरी ओर यहां की चिता भूमि भी अपनी अलग पहचान रखती है। लेकिन अब यही शमशान घाट लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह आज शोभा की वस्तु बनकर रह गया है आधुनिक सुविधा के तहत शवों के अंतिम संस्कार के लिए इस विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था, ताकि लोगों को सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था मिल सके। निर्माण कार्य जूडको के माध्यम से कराया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता और रखरखाव के अभाव ने इस योजना पर पानी फेर दिया। वर्तमान स्थिति यह है कि भवन बंद पड़ा मशीनें या तो खराब पड़ी हैं या कभी चालू ही नहीं हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह शवदाह गृह चालू होता तो लकड़ी की खपत कम होती और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी सरल होती। वहीं, जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं। नतीजा यह है कि करोड़ों की सरकारी राशि से बना यह प्रोजेक्ट आज बेकार पड़ा है और लोग पारंपरिक तरीके से ही अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं।अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और कब तक यह भवन यूं ही खंडहर बनकर खड़ा रहेगा।
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जालौन के मैनूपुर में जमीन विवाद के चलते परिवार पर हमला और कब्जा

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम मैनूपुर में जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के कई लोगों पर घर में घुसकर हथियार से हमला और मारपीट किए जाने की घटना सामने आई है. पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र जिलाधिकारी जालौन को सौंपा है. छोटे पुत्र अदल के अनुसार 26 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे वह अपने बच्चों के साथ घर पर था. गांव के वीरेन्द्र, शिवकुमार, किशन, सुर्दशनी, रोशनी, संगीता, अंशू समेत कुछ लोग लाठी, डंडा, कुल्हाड़ी आदि हथियार लेकर उनके घर में घुस आए. हमले में छोटे, उसकी पत्नी कमलेश, पुत्र रामभरोसे और बेटियां कंचन व राधा गंभीर रूप से घायल हुईं; रामभरोसे के सिर पर डंडे से वार किया गया, छोटे के सिर पर सरिया और लाठी से हमला किया गया. महिलाओं को भी चोटें आईं. हमलावरों ने धमकी दी कि गांव में नहीं रहने देंगे और जान से मार देंगे. पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल के बाद मौके पर पहुंची और परिवार को बाहर निकाला गया, घायलों को काल्पी और जिला अस्पताल रेफर किया गया. पूरी वजह जमीन के 2 बीघा हिस्से को लेकर बनी जड़ है; पिछले लगभग 10 वर्षों से आरोपी पक्ष जबरन कब्जा कर खेती कर रहा है. पीड़ित ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है. स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है.
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2046 तक टाला मानहानि केस, कोर्ट ने आदेश बदला; अब सुनवाई 15 जुलाई

Noida, Uttar Pradesh:'अहं की लड़ाई' बताकर बॉम्बे HC ने पहले 2046 तक टाला केस, फिर आदेश बदला—अब 15 जुलाई को सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें मानहानि के केस को 2046 तक टाल दिया गया था। 28 अप्रैल को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने इस केस को शिकायतकर्ता के अहं की लड़ाई बताते हुए नाराजगी जताई थी और इसे 20 साल के लिए टाल दिया था। कोर्ट की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि दूसरे पक्ष की ओर से माफी की पेशकश के बावजूद 90 साल की शिकायतकर्ता लंबे समय से चल रहे इस मानहानि केस को खत्म करने के लिए तैयार नहीं थीं। अब सुनवाई 15 जुलाई को 29 अप्रैल को शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट के सामने मामला दोबारा रखते हुए आदेश में संशोधन की मांग की। इस पर कोर्ट ने अपना आदेश बदल दिया और अगली सुनवाई की तारीख 15 जुलाई तय कर दी। कोर्ट के सामने मामला क्या था करीब 90 साल की महिला और उनकी बेटी ने दक्षिण मुंबई की एक हाउसिंग सोसायटी के मैनेजमेंट के कुछ लोगों के खिलाफ लगभग 20 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया था। यह मामला करीब एक दशक से चल रहा था। 20 अप्रैल को हाई कोर्ट ने सुझाव दिया था कि यह केस खत्म किया जा सकता है, अगर दूसरा पक्ष बिना शर्त माफी मांग ले। 90 साल की महिला ने ठुकराई माफी की पेशकश 28 अप्रैल की सुनवाई में मैनेजमेंट कमेटी के लोग माफी मांगने के लिए तैयार थे, लेकिन शिकायतकर्ता महिला केस खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुईं और उन्होंने माफी की पेशकश ठुकर दी। जज ने आदेश में क्या कहा था 28 अप्रैल को जस्टिस जितेंद्र जैन ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह मामला उन मामलों में से है, जहां पक्षकारों के जीवन के अंतिम चरण में उनका आपसी अहंकार अदालत की प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है। इसके कारण कोर्ट उन मामलों की सुनवाई नहीं कर पा रहा है, जो वास्तव में ज्यादा जरूरी हैं। जज ने कहा था कि हाई कोर्ट पहले भी कह चुका है कि यह विवाद बिना शर्त माफी से खत्म हो सकता है, लेकिन करीब 90 साल की शिकायतकर्ता केस आगे बढ़ाने पर अड़ी हुई हैं। पुराने आदेश में कोर्ट का सख्त अंदाज़ जज ने 28 अप्रैल के अपने आदेश में यह भी लिखा कि वे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, सिवाय इसके कि यह मामला अगले 20 साल तक नहीं सुना जाना चाहिए। इसे साल 2046 में लिस्ट किया जाए। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल इस आधार पर कि पक्षकार वरिष्ठ या अति वरिष्ठ नागरिक हैं, इस मामले को कोई प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
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अनंतनाग में करोड़ों की अवैध इमारतें गिराकर ड्रग्स पर कड़ा हमला

Chaka, नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को तेज़ करते हुए, दक्षिण क Kashmir के अनंतनाग के संगम इलाके में अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की कई अवैध इमारतों को गिरा दिया है। यह कार्रवाई 100 दिनों के बड़े "नशा मुक्त अभियान" का हिस्सा है। अनंतनाग पुलिस और सिविल प्रशासन के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य निशाना वे संपत्तियां थीं, जिन्हें NDPS एक्ट के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लोगों ने सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बनाया था। इस अभियान में मुख्य रूप से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) के किनारे 'एस्टेट संगम' में बनी इमारतों को निशाना बनाया गया। ये इमारतें गुल मोहम्मद मीर और बशीर अहमद मीर की थीं, जिनके बारे में बताया जाता है कि वे कई NDPS मामलों में शामिल हैं। शोपियां में भी इसी तरह की कार्रवाई तेज़ की गई। वहां भी नशीले पदार्थों के एक अपराधी द्वारा कथित तौर पर सरकारी ज़मीन पर बनाई गई चार दुकानों को गिरा दिया गया। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नशीले पदार्थों के खतरे के खिलाफ अपनी 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने की) नीति को दोहराया है, और लोगों से अपील की है कि वे इस क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में मदद के लिए जानकारी साझा करें। "नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान" अब काफी तेज़ हो गया है। अधिकारियों ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें अवैध संपत्तियों को गिराना, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां करना और निगरानी बढ़ाना शामिल है। हाल के अभियानों में नशीले पदार्थों के तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने पर खास ध्यान दिया गया है, साथ ही ज़मीनी स्तर पर भी तुरंत कार्रवाई की जा रही है। एक बड़े कदम के तौर पर, प्रशासन ने नशीले पदार्थों के संदिग्ध अपराधियों से जुड़ी अवैध इमारतों और संपत्तियों को गिराना शुरू कर दिया है। इससे पहले श्रीनगर में, NDPS एक्ट के तहत 3.5 करोड़ रुपये और 1.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया गया था। जम्मू-कश्मीर में यह अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 70 से ज़्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 166 किलोग्राम से ज़्यादा नशीले पदार्थ ज़ब्त करके एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया। हाल ही में कोकरनाग में हुई छापेमारी में 4.4 किलोग्राम चरस भी बरामद की गई। गिरफ्तारियों का सिलसिला रोज़ाना जारी है, और हाल ही में सैकड़ों ग्राम अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए हैं। अकेले श्रीनगर में ही, NDPS मामलों में शामिल होने के कारण 73 वाहनों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और 65 वाहन ज़ब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर नज़र रखने और उसे रोकने के लिए, खास तौर पर पहचाने गए ड्रग हॉटस्पॉट पर CCTV कैमरे लगाए हैं। गांदरबल, शोपियां और अनंतनाग में छापेमारी और चेकपॉइंट पर छिपे हुए नशीले पदार्थों का पता लगाने के लिए अब खास 'नारकोटिक डॉग स्क्वॉड' का इस्तेमाल किया जा रहा है। दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए, केमिस्ट की दुकानों के बड़े पैमाने पर किए गए निरीक्षणों के चलते कई दवा लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। युवाओं को जागरूक करने के लिए जम्मू, शोपियां और कुलगाम के स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में रोज़ाना रैलियां और जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उपराज्यपाल ने ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए 100 दिनों की एक विशेष और सघन समय-सीमा तय की है। हाल के अभियानों में, सड़कों पर तत्काल कार्रवाई के साथ-साथ ड्रग तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने पर भी खास ध्यान दिया गया है।
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बाराद्वार के लवसरा में दो जुड़वा बहनों की तालाब में डूबकर मौत

Sakti, सक्ती ब्रेकिंग जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के लवसरा गांव में 2 जुड़वा बहनों की موت घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है परिजनों का हाल बेहाल है तालाब में नहाने के دوران यह हादसा हुआ है मृतक बच्चियों का नाम दीप्ति और दिव्या है घटना की सूचना के बाद बाराद्वार पुलिस जांच कर रही है बच्चियों के शव का पंचनामा कार्रवाई का पोस्टमार्टम कराया गया है बाराद्वार टीआई नरेंद्र यादव ने बताया कि घटना की सूचना के बाद पुलिस पहुंची और जांच में जुटी हुई है न हॉस्पिटल लाने पर बच्चियों की मौत हो चुकी थी मामले में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंपा गया है
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निर्मला सप्रे पर सियासत: भाजपा प्रवक्ता कांग्रेस पर पलटवार

Bhopal, Madhya Pradesh:निर्मला सप्रे को व्हिप जारी करने पर सियासत नेता प्रतिपक्ष के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेई का पलटवार निर्मला सप्रे आज भी कांग्रेस की विधायक है कल भी थी अपने विधायक को कांग्रेस को संभालना है, उन्हें पार्टी में रखना है या निकालना है न संभाल पा रहे है और न निकाल पा रहे है दोष कांग्रेस में है इधर उधर जाकर क्यों बात कर रहे है कांग्रेस कुछ भी कह सकती है कुछ लोगों को कहते है कमल छाप पंजे वाले लोग है कुछ हमारे समर्थक भी है कांग्रेस में कांग्रेस दल-दल में है न उन्हें निकाल पा रहे है न संभाल पा रहे है। एमपी में UCC को लेकर भाजपा न कहाआदिवासियों,दलितों,मुसलमानों के अलग-अलग कानून बनाकर उन्हें देश की मुख्यधारा से अलग रखा जैसे मुस्लिमों के लिए ट्रिपल तलाक बनाया था जिससे महिलाओं का शोषण होता रहा बीजेपी सरकार ने ट्रिपल तलाक खत्म कर मुस्लिम महिलाओं का हक दिलाया UCC आदिवासियों,अल्पसंख्यकों को सशक्त करने वाला है यह नागरिक अधिकारों के संदर्भ में है न कि पूजा पद्धति,धर्म विवाह पद्धति के संदर्भ में नहीं कांग्रेस देश को अभी भी गुमराह करने की कोशिश कर रही है जैसे 70 साल किया यह देश एक है,यहां का नागरिक एक है,हर नागरिक के एक जैसे अधिकार होंगे चाहे वह किसी धर्म जाति संप्रदाय का हो। ओबीसी आरक्षण मामले में बीजेपी ने कहा कमलनाथ सरकार में समय हमने काले दिन देखे कमलनाथ और कांग्रेस सरकार ने जो रायता फैलाया था उसको सुधारने का काम भाजपा सरकार कर रही है असलम चमड़े के मामले में कहा जब वह मांस पकड़ा गया हिंदू संगठन के लोगों ने पकड़ा कांग्रेस के लोगों ने नहीं कार्यवाही राज्य पुलिस ने की पूरा मामला कोर्ट में है एक ग्राम भी गोमांस कांग्रेस ने नहीं पकड़ा आज तक। भोपाल में युवक के साथ मारपीट और पेशाब कांड मामले में कांग्रेस के उठाए सवालों पर बीजेपी का पलटवार बीजेपी ने कहा सरकार से लोगों को अपेक्षा है कहीं पर भी ऐसी वारदात होती है तो प्रशासन सख्त एक्शन लेता है कांग्रेस की सरकार में हर जगह ऐसी वारदात होती थी कांग्रेस के समय अपराधियों पर कार्रवाई नहीं होती थी बंगाल चुनाव पर कहा विपक्ष हारने लगता है तो EVM और प्रशासन पर सवाल खड़े करने लगते हैं अगर विपक्ष ये कह रहा है कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा हैं तो ममता बनर्जी हारने वाली है और अभी से हार का ठीकरा EVM और प्रशासन पर फोड़ने की तैयारी है बाइट हितेश बाजपेई, भाजपा प्रवक्ता
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करनाल रिंग रोड पर सर्विस लेन की मंजूरी, किसानों ने धरना समाप्त किया

Karnal, Haryana:करनाल ! हरियाणा विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण कांग्रेस को जो नोटिस दिया है ,करनाल रिंग रोड के साथ बनेगी सर्विस लेन, जमीन का होगा अधिग्रहण, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष और किसान यूनियनों की बैठक के बाद किसानों ने जताई सहमति, अलग सत्र चलाने पर विपक्ष को नोटिस के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा सदन की गरिमा और अच्छी परंपराओं को बनाए रखने के लिए उठाने पड़ते है कदम, विपक्ष और सरकार दोनों से मांगी टिप्पणी, विधानसभा सचिवालय को रिपोर्ट तैयार करने को कहा करनाल रिंग रोड प्रोजेक्ट पर सर्विस लेन को लेकर पिछले कई महीनो से किसानों का धरना अब समाप्त हो गया है। इस मुद्दे को लेकर आज करनाल की शुगर मिल में किसानों की हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के साथ बैठक हुई जिसमें विभिन्न किसान यूनियनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने किसानों को इस मामले में अब तक हुई प्रगति के बारे में बताते हुए कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और करनाल रिंग रोड के साथ-साथ किसानों की सुविधा के लिए सर्विस लेन भी बनाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही जमीन का अधिग्रहण होगा। मीडिया से बातचीत में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि करनाल रिंग रोड हमारा एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है और इस पर काम जारी है। इसको लेकर किसानों द्वारा समय-समय पर जो मुद्दे उठाए जाते रहे उन पर हमने संज्ञान लिया है और इस प्रोजेक्ट को लेकर हमने लगातार बैठक की है। किसानों की मांग थी कि इस रिंग रोड की साइड में नेशनल हाईवे सर्विस लेन भी दे जो की नेशनल हाईवे के प्रस्तावित डिजाइन में नहीं थी। हमने इस मुद्दे को नेशनल हाईवे, अधिकारियों और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के सामने उठाया। अब नेशनल हाईवे ने इसकी स्वीकृति दी है कि वे इसके लिए साइड में और जमीन अधिग्रहण करेंगे और यह स्वीकृति आने के बाद यह विषय हरियाणा सरकार के पास जाएगा क्योंकि हरियाणा सरकार से ही इसकी फंडिंग होगी। इसके लिए मैंने मुख्यमंत्री से चर्चा की है। हरविंदर कल्याण ने कहा कि आज इसी मुद्दे को लेकर रिंग रोड के साथ लगते किसानों और विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि यहां इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा कि मेने इन सभी को सारे विषय की जानकारी दी है और वे इस बात पर सहमत भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट में कई बार इस तरह की दिक्कतें आती हैं जिन्हें सुलझाने में समय लगता है। मैंने किसानों से अपना धरना उठाने के लिए कहा है और भविष्य में भी उनसे अनुरोध किया है क्योंकि विकास के जो कार्य होते हैं वह सभी के लिए होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हमारा क्षेत्र लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है और आने वाले समय में हमारा जो विकसित राष्ट्र का संकल्प है वहां केवल विकास ही नहीं बल्कि हमारा क्षेत्र खुशहाल हो इसके लिए हमें मिलकर इस दिशा में काम करना है। विधानसभा सत्र को लेकर कांग्रेस को दिए गए नोटिस पर हरविंदर कल्याण ने कहा कि हमारा देश संविधान के अनुसार चलता है और हमारी जितनी भी संवैधानिक संस्थाएं और व्यवस्था है उस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सभी की है। इन सभी मंचों से हम लोकहित को साधने का काम करते हैं। विधानसभा में जो कार्य होता है वह नियम और प्रक्रियाओं के तहत होता है और उसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी अगर हो तो सदन की गरिमा और अच्छी परंपराओं को बनाए रखने के लिए कभी-कभी कोई कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास इन महान संस्थानों पर बना रहे इसकी चिंता भी हमें करनी है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कल का जो शो काज नोटिस है उसे पर न केवल नेता प्रतिपक्ष बल्कि मैंने सरकार से भी टिप्पणी मांगी है और हरियाणा विधानसभा सचिवालय पर से भी इस पर एक रिपोर्ट बनाने को कहा है। बाइट, हरविंदर कल्याण विधानसभा अध्यक्ष
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