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डूडा बोरगांव में बुलडोजर, 8 आदिवासी परिवार बेघर—पुनर्वास की जद्दोजहद शुरू

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल। जिला मुख्यालय से लगे डूडा बोरगांव में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने 8 आदिवासी परिवारों की जिंदगी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। वर्षों से जिस जमीन पर ये परिवार बसे थे,खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। आज उसी जमीन से उन्हें बेदखल कर दिया गया। बारिश से पहले की गई इस कार्रवाई में न सिर्फ इनके मकान तोड़े गए,बल्कि गृहस्थी का सामान फेंक दिया गया साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी जेसीबी से रौंद दिया गया। एक झटके में ये परिवार बेघर ही नहीं,बल्कि बेरोजगार भी हो गए हैं। अब इन आदिवासी परिवार की महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल है。 पीड़ित आदिवासी परिवार की महिला केको बाई और श्यामलाल का कहना है कि वे 1980 से इस जमीन पर काबिज हैं और उनके पास इसके प्रमाण भी मौजूद हैं। वे लगातार प्रशासन से जमीन का पट्टा देने की मांग करते आ रहे थे। इतना ही नहीं,वे वर्षों से इस जमीन का जुर्माना भी भरते रहे हैं और कई बार ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन भी कर चुके हैं。 गांव के सरपंच उत्तम उईके भी इन परिवारों के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि ये परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं,लेकिन प्रशासन ने अचानक इन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बेदखल कर दिया。 अब इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि रहेंगे कहां,खाएंगे क्या,बारिश सिर पर है और सिर से छत छिन चुकी है। छोटे-छोटे बच्चे,महिलाएं खुले आसमान के नीचे जिंदगी बिताने को मजबूर हैं。 वहीं इस पूरे मामले में बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह का कहना है कि डेम निर्माण में डूब क्षेत्र के बदले वन विभाग को प्लांटेशन के लिए 37 हेक्टेयर जमीन दी जा रही है,जिस पर कुछ परिवारों का अतिक्रमण था। कार्रवाई के दौरान इन परिवारों द्वारा कोई वैध पुराने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए,इसलिए जमीन खाली करवाई गई。 एक तरफ प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है,तो दूसरी तरफ आदिवासी परिवार अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल ये है कि अगर ये परिवार दशकों से यहां रह रहे थे,तो उनके पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई,इस कार्रवाई के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी बड़ा रूप ले सकता है।
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Sirsa में भीषण गर्मी: तापमान 42–44°C, अस्पतालों ने तैयारियाँ तेज

Sirsa, Haryana:एंकर रीड जून का महीना शुरू होते ही सिरसा भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। सूरज की तपिश इस कदर बढ़ गई है कि दोपहर के समय बाजारों और सडक़ों पर सन्नाटे जैसा माहौल दिखाई देने लगा है। सुबह 10 बजे के बाद ही गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर देते हैं। अधिकतम तापमान लगातार 42 से 44 डिग्री सैल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सैल्सियस से ऊपर रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। हालात ऐसे हो गए है कि लोग अब गर्मी की चपेट में आने शुरू हो गए है हालाँकि स्वास्थ्य विभाग के सामने अभी कुछ ही मरीज गर्मी की चपेट में आये है लेकिन स्वास्थ्य विभाग फिर भी एहतियात के तौर किसी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में दिखाई नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हीट स्ट्रॉक से बचाव के लिए सिरसा जिला के सरकारी अस्पतालों में व्यापक प्रबंध किए गए है। पिछले हफ्ते नौतपा के दौर में भी मरीजों की संख्या कम थी। सिरसा के नागरिक अस्पताल में औसतन 800 से 1000 तक मरीजों की ओपीडी होती है लेकिन अभी गर्मी से रिलेटेड कोई खास हमारे पास ऐसे पेशेंट नहीं आए है। जून जुलाई महीने में गर्मी के बढ़ने की संभावनाओं पर विभाग के सीएमओ डॉ पवन कुमार ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट ने सिरसा के स्वास्थ्य विभाग को लोगों के लिए जरूरी एडवाइज़री जारी की है। इसके अलावा विभाग ने विभिन्न जगहों पर वाटर कूलर्स और मटकों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने लोगों के लिए एडवाइज़री जारी की है। अगर लोगों को कोई जरूरी काम नहीं हो तो अपने घरों से बाहर नहीं निकले। आपका काम जरूरी है तो ही आप अपने घर से निकलें और घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी बॉडी को किसी बारीक कपड़े से कवर करके निकलें और अपना पानी साथ लेकर निकलें। पानी की बोतल साथ में रखें। अगर आपको कोई दिक़त होती है, कुछ होता है तो फिर आप हेल्थ विभाग और पुलिस को जरूर सूचित करें। गर्मी के मौसम को देखते हुए फ्रूट और जूस विक्रेता भी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे। पुराना फ्रूट ना रखें। पुराना फ्रूट को डिस्पोज ऑफ करें।
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काठन नदी में 8 वर्षीय रितेश की डूबकर मौत, बड़ामलहरा में शोक

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर के बड़ामलहरा की बंधा चौकी के काठन नदी में नहाने गए 8 वर्षीय बालक की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक के पिता ने बताया कि उनका 8 वर्षीय पुत्र रितेश अहिरवार निवासी बंधा सुबह उनके साथ काठन नदी में नहाने गया था। नदी में नहा रहे सभी लोग बाहर आ गए, लेकिन रितेश बाहर नहीं आया। जब आसपास तलाश की गई तो वह नदी के बहाव में बहता हुआ दिखाई दिया। पिता के शोर मचाने पर वहां मौजूद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हुए और गंभीर हालत में बालक को अपनी कार से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ामलहरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मार्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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उन्नाव की युवती की हत्या: अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम और भतीजे की साजिश उजागर

Unnao, Uttar Pradesh:स्लग - उन्नाव की युवती का कानपुर से अपहरण क़े बाद हत्या, शव बुलंदशहर में फेंका। उन्नाव की युवती की कानपुर में हत्या कर शव बुलंदशहर में फेंके जाने का मामला कुछ ऐसा है जैसे कोई क्राइम थीम बेस्ड वेब सीरीज, पूरी कहानी में लव सेक्स और धोखा तीनों का कॉकटेल है। हत्या आरोपियों और साजिश करने वालों ने कुछ ऐसी पटकथा लिखी की उन्नाव, कानपुर और बुलंदशहर तीन जनपदों की पुलिस मामले का खुलासा करने में हाफ गई। मूल रूप से उन्नाव और वर्तमान में बर्रा में रहने वाली युवती की अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम से पहली मुलाकात वर्ष 2024 में हुई थी। उस समय युवती उन्नाव शहर में रहकर दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 10 फरवरी 2024 को तबीयत खराब होने पर वो शेखपुरा स्थित उत्तम अस्पताल पहुंची। वहां देवकांत उत्तम ने कुछ देर में दवा दिलवाने की बात कह कर केबिन में बैठने को कहा। इस दौरान देवकांत उत्तम ने नाम, पता पूछा और युवती का मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ देर बाद डॉक्टर आए और दवा भी ले ली, लेकिन इसी शाम देवकांत ने फोन करके युवती का हाल-चाल पूछ। इसके बाद कई दिनों तक हाल-चाल लेने के बहाने बात करता रहा। इसके बाद उसने युवती को मिलने बुलाया और गाड़ी में घुमाने लगा। शादी का झांसा देकर अपने फ्लैट पर ले गया जहां उसने शारीरिक संबंध बनाएं। इतना ही नहीं देवकांत युवती को मध्य प्रदेश के ओरछा लेकर गया वहां पर दोनों एक होटल में ठहरे। आरोप है कि वहां पर भी देवकांत ने युवती का शारीरिक शोषण किया। युवती जब भी शादी की बात करती तो समय सही न होने की बात बता आरोपी टाल देता। आरोप है कि अगस्त 2025 को कल्याणपुर की स्थिति एक अस्पताल में उसका गर्भपात भी करा दिया। ज़ब युवती ने मिलने से मना कर दिया तो देवकांत ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, इतना ही नहीं फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी भी देने लगा। युवती ने 19 मई को उन्नाव की सदर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन यहां पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद देवकांत ने अपने भतीजे विवेक साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना डाली। फिर 21 मई को युवती को देवकांत के भतीजे विवेक ने बुलाया और बर्रा बाईपास पर रैप चढ़ते समय स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर युवती की देवकांत ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को अपने शेखपुरा स्थित निर्माणधीन अस्पताल ले गया यहां देवकांत गाड़ी से उतर गया। उसका भतीजा विवेक और सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह गाड़ी में लाश को लेकर 417 किलोमीटर दूर बुलंदशहर के जहांगीराबाद पहुंचे और वहां लाश फेंक दी। दोनों करीब 6 घंटे तक स्कॉर्पियो कार में लगभग 417 किलोमीटर शव को लेकर यात्रा करते रहे इस दौरान ना ही उन्हें किसी ने रोका और इसके बाद दोनों ने मृतका क़े शव को निर्वस्त्र किया और लाश फेंक कर निकल गए। बुलंदशहर पुलिस को 23 मई को एक अज्ञात युवती का शव मिला, पुलिस ने शव का पीएम कराया और समय अवधि पूरी होने पर जब सिनाख्त नहीं हुई तो बिसरा सुरक्षित कर अंतिम संस्कार करा दिया। इस मामले में जहाँ युवती की हत्या क़े तीन दिन बाद 24 मई को उन्नाव में युवती के शारीरिक शोषण का मुकदमा लिखा गया, वहीं 26 मई को कानपुर के बर्रा थाने में युवती के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। 27 मई को जब सह आरोपी विवेक ने खुद के पेट में गोली मारी और उसे कानपुर के हैलट अस्पताल में रेफर किया गया तो कानपुर पुलिस ने विवेक से पूछताछ की, विवेक ने कानपुर पुलिस को युवती क़े अपहरण और हत्या की बात बताई जिसके बाद कानपुर पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस से संपर्क किया और पूरा मामला सामने आया। Wkt - ज्ञानेंद्र प्रताप उत्तम हॉस्पिटल क़े बाहर से
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बिलासपुर में नकाबपोश चोरों ने फॉर्म हाउस से लाखों की चोरी, CCTV फुटेज जारी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र में अज्ञात नकाबपोश चोरों ने सूने मकान और एक फॉर्म हाउस को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर सोने-चांदी के जेवर, एक कीमती मूर्ति, डेढ़ लाख रुपये नकद सहित अन्य सामान लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब मकान और फॉर्म हाउस में कोई मौजूद नहीं था। वारदात के दौरान चोरों की गतिविधियां वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गईं, जिसका फुटेज अब सामने आया है। फुटेज में कुछ नकाबपोश संदिग्ध परिसर में आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पीड़ित की शिकायत पर चकरभाठा थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पटना के बख्तियारपुर में राधिका पैलेस पर गोलीबारी, मालिक और परिवार सुरक्षित

Barh, Bihar:पटना में बेखौफ अपराधियों के हौसले इन दिनों बुलंद हैं। बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में बरियारपुर गाँव के समीप 'राधिका पैलेस' में तब अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ असामाजिक तत्वों ने राधिका पैलेस के मालिक और उनके परिजनों को निशाना बनाकर गोलीबारी कर दी। अचानक हुए जानलेवा हमले में राधिका पैलेस के मालिक और उनके परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। छानबीन के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। बख्तियारपुर थाना पुलिस इस मामले में अपराधियों की पहचान करने के लिए राधिका पैलेस और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। बाइट जयनारायण, एएसआई, बख्तियारपुर थाना अंजनी कुमार सिंह, पीड़ित
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पटना में घूस मामले में राजस्व कर्मचारी और दलाल गिरफ्तार, कुल 45 हजार रिश्वत बरामद

Patna, Bihar:निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, घूस लेते रंगे हाथों राजस्व कर्मचारी राणा रणविजय गोपाल और दलाल गुड्डू गिरफ्तार। जमीन संबंधी कार्य के बदले रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी की टीम ने की कार्रवाई। राजस्व कर्मचारी राणा रणविजय गोपाल के पास से ₹35 हजार और दलाल गुड्डू के पास से ₹10 हजार रिश्वत की राशि बरामद। कुल ₹45 हजार रिश्वत लेते दोनों आरोपी निगरानी विभाग के हत्थे चढ़े। निगरानी डीएसपी रिश्ता स्नेह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। गिरफतार राजस्व कर्मचारी और दलाल से निगरानी विभाग की टीम कर रही है गहन पूछताछ।
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सहारनपुर में फायर सेफ्टी ऑडिट मुहिम जारी: होटल-हॉस्पिटल में चेकिंग तेज

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में अग्निशमन विभाग अलर्ट, होटलों और संस्थानों में चलाया गया फायर सेफ्टी जांच अभियान दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड और बिहार में अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद सहारनपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जनपद भर में होटलों, रेस्टोरेंटों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रताप सिंह ने बताया कि हाल ही में दिल्ली के एक होटल में आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बिहार में भी अस्पताल में आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। इन हादसों को देखते हुए फायर सर्विस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सहारनपुर जनपद में व्यापक फायर ऑडिट अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान यह जांच की जा रही है कि संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं या नहीं, निकासी मार्ग खुले हैं या नहीं, और कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण है या नहीं। अधिकारियों द्वारा होटल कर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा संबंधी जानकारी भी ली जा रही है। सीएफओ प्रताप सिंह ने बताया कि पहले भी कई प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है और अब विभिन्न होटलों का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक मिली हैं, हालांकि संस्थानों को गर्मी के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है उन्होंने कहा कि किसी भी आग की घटना में मौके पर मौजूद कर्मचारी ही सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले होते हैं। यदि उन्हें अग्निशमन उपकरणों का सही उपयोग करना आता है और उपकरण कार्यशील अवस्था में हैं, तो बड़ी से बड़ी दुर्घटना को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है। अग्निशमन विभाग द्वारा सहारनपुर, देवबंद, गंगोह सहित सभी तहसीलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में संकरी गलियों और छोटे प्रतिष्ठानों में संचालित होटलों व अन्य संस्थानों की भी फायर सेफ्टी जांच की जाएगी।
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महोबा के दमकल विभाग ने होटलों में फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों की कड़ी जाँच शुरू की

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर-देश की राजधानी दिल्ली के होटल अग्निकांड में हुई मौतों के बाद महोबा जिले का अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दमकलकर्मियों द्वारा जिलेभर के होटलों, गेस्ट हाउसों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत फायर अधिकारियों ने कई होटलों और रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा उपकरणों सहित फायर एनओसी की जांच कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। आज जिला अग्निशमन अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में दमकलकर्मियों की टीम ने जनपद के अलग-अलग स्थानों में स्थित होटलों, गेस्ट हाउसों सहित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में चेकिंग अभियान चलाया और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के साथ फायर एनओसी की जांच की। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी न पाए जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म सिस्टम सहित अन्य सुरक्षा इंतजामों को परखा गया। शहर के प्रतिष्ठित हंड्रेड पाम और मीरा हैरिटेज होटलों में फायर विभाग की टीम ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें धुएं के माध्यम से फायर इमरजेंसी अलार्म सिस्टम की कार्यक्षमता भी जांची गई। अधिकारियों ने आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और अग्नि सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान हंड्रेड पाम होटल में फायर एनओसी नहीं पाई गई, जिस पर नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए। होटल मीरा हैरिटेज में अग्नि सुरक्षा उपकरण व्यवस्थित और एनओसी पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी आगजनी की घटना के दौरान जान-माल का नुकसान कम से कम हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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गोंडा: MD ने 15 दिनों में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंची मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने आईटीआई गेस्ट हाउस मनकापुर के मीटिंग हॉल में गोंडा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की है। कार्य में ढिलाई बरतने पर मनकापुर और नवाबगंज के ​अधिशासी अभियंता को सख्त चेतावनी देते हुए 15 दिनों के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए है। वही ​कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में मनकापुर,गौराचौकी,नवाबगंज,तरबगंज वजीरगंज के एसडीओ को चार्जशीट देने के निर्देश जारी किए गए है। ​बैठक से बिना अवकाश स्वीकृत कराए गायब रहने और अनुशासनहीनता दिखाने पर एसडीओ कटरा बाजार कैलाश यादव और एसडीओ अधिकारी धानेपुर शेषमणि त्रिपाठी के खिलाफ एमडी ने सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं。
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