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कुरुक्षेत्र के मेन बाजार में सफाई कर्मियों की हड़ताल से गंदगी फैलाने लगागा, जनता परेशान

Kurukshetra, Haryana:धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में zee media की टीम ग्राउंड जीरो पर उतरी है वहाँ जायजा लिया। सफाई कर्मियों की 28 दिनों से हड़ताल चली हुई है जनता परिसान है अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं कुरुक्षेत्र मेन बाजार की बात करें। गंदगी का आलम नजर आता है प्रशासन को कचरा उठाने की कोशिश करता है लेकिन सफाईकर्मी उठाने नहीं देते आमना सामने हो जाते हैं और झगड़ा करने पर उतर जाते हैं जिस तरह से 4 तारीख को जन्माष्टमी का त्यौहार है बाजारों में लोग खरीदारी करने जाते हैं लेकिन बाजारों में गंदगी के ढेर नजर आ रहे हैं।लोग बाजारों में मुंह ढक कर चल रहे हैं और बीमारी फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है दुकानदार परेशान है लिए सुनिए क्या कहते हैं। आशा सफाईकर्मी प्रधान का कहना है कि हमारे को सरकार पक्का व पेंशन हल नहीं करती । जब तक हम हड़ताल पर रहेंगे हम हर तरह से सफाई करते हैं और सरकार हमारी मांगों से मुकर रही है पहले भी कहीं बार मीटिंग हुई है लेकिन सरकार मुकर जाती है जब तक सरकार हमें पक्का नहीं करते जब तक हम हड़ताल पर ही रहेंगे。
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बाढ़ ने चित्रकूट के भारत घाट में मचाई तबाही, परिवारों के सपने पानी में डूबे

JPJai Pal7m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:चित्रकूट के भारत घाट पर बाढ़ के बाद हर तरफ बर्बादी का आलम, आशियाने पूरी तरह क्षतिग्रस्त। जनरल स्टोर की महिला का सामने आया दर्द, रक्षाबंधन की बिक्री के लिए लाया गया 50 हजार का सामान मंदाकिनी के तेज उफान में बह गया। बाढ़ के थपेड़ों से एक पीड़ित का पूरा घर गिरा, अब परिवार दिन-रात मलबे को हटाने और सहेजने में जुटा। रोटी, कपड़े और पानी का संकट प्रभावितों के पास न खाने को अन्न बचा है, न पहनने को कपड़े और न ही पीने का साफ पानी। घरों में रखा सारा सामान और बच्चों की पढ़ाई की सामग्री पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद। आपबीती सुनाते हुए रो पड़े पीड़ित महिला-पुरुष, बोले- सब खत्म हो गया, अब फिर से कैसे खड़े होंगे। आंखों में आंसुओं के बीच पीड़ितों को अब केवल शासन-प्रशासन से तत्काल राहत और पुनर्वास की आस。
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पवन ऊर्जा संयंत्र से केबल चोरी: 7 गिरफ्तार, 30 लाख से अधिक का सामान बरामद

Ujjain, Madhya Pradesh:पवन चक्कियों की केबल काटकर लाखों की चोरी, 7 आरोपी गिरफ्तार भाटपचलाना पुलिस ने 1254 मीटर तांबे की केबल, 70 लीटर जहरीली शराब और हुटर लगी कार समेत 30 लाख से ज्यादा का सामान किया बरामद उज्जैन। भाटपचलाना क्षेत्र में पवन ऊर्जा संयंत्र से लाखों रुपये की तांबे की केबल चोरी करने वाली गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की गई करीब 1254 मीटर तांबे की केबल, 70 लीटर अवैध जहरीली शराब, केबल काटने वाला कटर और हुटर लगी कार बरामद की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 30 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। मामला ग्राम लिम्बास और आसपास के क्षेत्र में लगे पवन ऊर्जा संयंत्रों से जुड़ा है। यहां पवन चक्कियों के पैनल से जनरेटर तक जाने वाली केबल को रात के समय बदमाश कटर की मदद से काटकर ले गए थे। चोरी की शिकायत सुजलोन कंपनी के स्टेट सिक्योरिटी हेड अमित यादव ने भाटपचलाना थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक सफेद रंग की हुंडई कार संदिग्ध तरीके से क्षेत्र में घूम रही है। पुलिस ने भाटपचलाना-खाचरौद मार्ग पर कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें 7 लोग सवार मिले। तलाशी के दौरान कार से 70 लीटर अवैध जहरीली शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब तस्करी के मामले में सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपियों ने पवन ऊर्जा संयंत्र से केबल चोरी करने की बात भी कबूल की। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर करीब 25 लाख रुपये कीमत की 1254 मीटर तांबे की केबल और चोरी में इस्तेमाल किया गया ग्राइंडर कटर बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी के साथ-साथ अवैध शराब की तस्करी भी कर रहे थे। मामले में इस्तेमाल की रही हुटर लगी हुंडई कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में वीरेन्द्र सिंह (22), मंगल सिंह (20), कन्हैयालाल (19), विजय सिंह (21), महेश (24), भोला उर्फ भोलाराम (20) और लोकेन्द्र सिंह (21) शामिल हैं। इनमें अधिकांश आरोपी ग्राम लिम्बास के रहने वाले हैं, जबकि भोला उर्फ भोलाराम ग्राम रुद्रखेड़ा, थाना महिदपुर का निवासी है。 पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया。 थाना प्रभारी — सतेन्द्र सिंह चौधरी बाइक
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वाशीम के मोहजा में खेतरस्ता बंद, किसान नाव खरीदकर खेत पहुँच रहे

Washim, Maharashtra:वाशीम जिल्ह्यातील मोहजा गावातील भागवत सरनाईक, सुभाष सरनाईक आणि दिनकर सरनाईक या शेतकर्‍यांनी आपल्या चार एकरातील हळदीच्या पिकाची देखभाल करण्यासाठी चक्क ४० हजार रुपये खर्च करून नाव खरेदी केली आहे. शेतरस्ता बंद झाल्यामुळे आता धरणातून जीव मुठीत घेऊन नाव वल्हवत शेतात जाण्याची वेळ त्यांच्यावर आली आहे. वाशीम मोहजा धरण सध्या पाण्याने भरलेले आहे. धरणाच्या पलीकडे भागवत सरनाईक, सुभाष सरनाईक आणि दिनकर सरनाईक यांचं चार एकरातील हळदीचं पीक उभं आहे. पण शेताकडे जाणारा पर्यायी मार्ग बंद झाल्यामुळे शेतकऱ्यांचा संपर्क तुटला. प्रशासनाकडे वारंवार तक्रारी करूनही शेतरस्त्याचा प्रश्न सुटला नाही. अखेर शेतकऱ्यांनी ४० हजार रुपये खर्च करून नाव खरेदी केली. आता पिकाची देखभाल करण्यासाठी दररोज धरणातून नाव वल्हवत त्यांना शेत गाठावं लागत आहे. गेल्या वर्षभरापासून शेतरस्त्यासाठी प्रशासनाकडे पाठपुरावा करूनही तोडगा निघाला नसल्याचा शेतकऱ्यांचा आरोप आहे. पावसाळ्यात धरणाची पाणीपातळी वाढल्यास हा प्रवास आणखी धोकादायक होण्याची शक्यता आहे. शेतकऱ्याला शेतात जाण्यासाठी रस्त्याऐवजी नाव वल्हवावी लागत असल्याने प्रशासनाने तातडीने सुरक्षित शेतरस्ता उपलब्ध करून द्यावा, अशी मागणी होत आहे.
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रेलवे जोन में लाइन विस्तार से ट्रेनों की देरी बढ़ी, यात्रियों को कठिनाई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। भारत में आवागमन के सबसे सुगम साधनों में रेल यात्रा को माना जाता है। यही वजह है कि वर्षों से बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक सफर करते हैं। लेकिन कोरोना काल के बाद से ट्रेनों की लेटलतीफी और बार-बार रद्द होने की समस्या लगातार बनी हुई है। रेलवे की ओर से इसके पीछे रेल लाइन विस्तार और निर्माण कार्य को वजह बताया जाता रहा है। यात्रियों ने भी बेहतर रेल सुविधाओं की उम्मीद में रेलवे का सहयोग किया, लेकिन लंबे समय बाद भी ट्रेनों की चाल में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। रेलवे बोर्ड की ओर से तैयार जोन स्तर की सूची में ट्रेनों के विलंब के मामले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर ईस्ट कोस्ट रेलवे, जबकि दक्षिण पूर्व रेलवे तीसरे स्थान पर है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन जोन में चल रहे लाइन विस्तार और निर्माण कार्यों का असर परिचालन पर पड़ रहा है। बिलासपुर रेल मंडल का कहना है कि उसे कई ट्रेनें संबंधित दोनों जोन से ही विलंब से मिलती हैं, जिसके कारण आगे की यात्रा भी प्रभावित होती है। वहीं सूत्रों के अनुसार रेलवे में माल लदान को प्राथमिकता दिए जाने से भी यात्री ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ रहा है। हालांकि मंडल अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं और परिचालन सुधारने का प्रयास जारी है।
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ढाणी बाढ़ान में बहन-बेटियों का स्नेह मिलन समारोह भावुक मुलाकातें

Jhunjhunu, Rajasthan:खेतड़ी, झुंझुनूं खेतड़ी के ढाणी बाढ़ान में बाइसा स्नेह मिलन समारोह-2026 का आयोजन वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलीं बहन-बेटियां, भावुक हुए रिश्ते राजस्थान सहित देशभर से करीब 700 बहन-बेटियां पहुंचीं ढाणी बाढ़ान शोभायात्रा में पारंपरिक राजपूती वेशभूषा और तलवार प्रदर्शन बना आकर्षण मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद 3 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पहुंचीं कार्यक्रम स्थल लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच दिखी रिश्तों की मिठास कुछ रिश्ते दूरी से कमजोर नहीं होते, बल्कि वक्त के साथ उनकी मिठास और गहरी हो जाती है। वर्षों से दूर रह रही बहन-बेटियों का जब अपने मायके और परिचित चेहरों से सामना हुआ तो ढाणी बाढ़ान का माहौल भावुक हो उठा। किसी ने गले मिलकर अपनापन जताया तो किसी की आंखों में वर्षों बाद अपनों से मिलने की खुशी छलक उठी। मौका था ढाणी बाढ़ान में आयोजित बाइसा स्नेह मिलन समारोह-2026 का, जहां राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में बहन-बेटियां पहुंचीं। समारोह में करीब 700 बहन-बेटियों ने हिस्सा लिया। उनके पहुंचने से पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। समारोह से पहले भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बहन-बेटियां पारंपरिक राजस्थानी एवं राजपूती वेशभूषा में नजर आईं, वहीं ग्रामीणों ने केसरिया साफा, सफेद कुर्ता-धोती और पारंपरिक पहनावा धारण कर उनका स्वागत किया।बहन-बेटियों ने सबसे पहले उत्तराधा कुआं स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद ठाकुरजी मंदिर, दुर्गा मंदिर, जमवाय माता मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर धोक लगाई। धार्मिक स्थलों पर दर्शन के बाद करीब तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए सभी श्री सती दादी मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचीं। मुख्य द्वार पर ग्रामीणों ने तिलक-अर्चन कर बहन-बेटियों का स्वागत किया।शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई। कई बहन-बेटियां ऊंटगाड़ी में सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचीं। बेटियों द्वारा किया गया तलवार प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और स्वागत के बीच पूरा वातावरण राजस्थानी संस्कृति से सराबोर नजर आया।कार्यक्रम का शुभारंभ बारणजी द्वारा आखड़ली स्वागत गीत की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। समारोह में सबसे भावुक पल वह रहा, जब वर्षों बाद कई बहन-बेटियां एक-दूसरे से मिलीं और गले लगकर अपने पुराने रिश्तों और यादों को ताजा किया।कार्यक्रम का संचालन जयपुर से पहुंची बाइसा ललितेश कंवर ने किया। उन्होंने कहा कि बाइसा स्नेह मिलन का उद्देश्य वर्षों से दूर रह रही बहन-बेटियों को एक मंच पर लाना और उन्हें आपस में मिलने का अवसर देना है। कई ऐसी बहन-बेटियां भी यहां मिलीं, जिन्हें पहले जानती तक नहीं थीं, लेकिन मिलते ही ऐसा लगा जैसे वर्षों पुराना रिश्ता हो।इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि दूरी चाहे कितनी भी हो, मायके और अपनों से जुड़े रिश्तों की डोर हमेशा मजबूत रहती है। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलने का अवसर बहन-बेटियों के लिए भावनात्मक और यादगार बन गया।ढाणी बाढ़ान में आयोजित इस स्नेह मिलन ने रिश्तों की गर्माहट, भाईचारे और वर्षों बाद हुए मिलन की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने समारोह में मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया。 बाइट 01 : भंवरी कंवर, गांव की भुआ बाइट 02 : रेणु शेखावत, गांव की बेटी
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