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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर कीमतें बढ़ने से रेस्टोरेंटों के मेनू महंगे होने का खतरा

Ranchi, Jharkhand:एलपीजी कमर्शिकल सिलेंडर की उपलब्धता ऐसे भी रेस्टोरेंट संचालकों के लिए एक चुनौती थी और अब उनकी कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी ने उनके सामने एक बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी का खामियाजा न सिर्फ रेस्टोरेंट संचालकों को हो रही है बल्कि बाहर का जाकर पसंद करने वालों की जेब पर भी असर डाल सकता है। संचालकों का यह कहना है कि हो सकता है कि मेनू की कीमत में भी बढ़ोतरी की जाएगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार का स्वाद बिगाड़ दिया है। पहले से सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर परेशान रेस्टोरेंट संचालकों पर अब महंगाई की नई मार पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि अब रेस्टोरेंट संचालक खाने की कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। जिस तरह एलपीजी गैस की किल्लत के बीच कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ती कीमत का असर अब सीधे आम लोगों तक पहुंचने लगा है, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने खर्च संभालने की चुनौती है, तो वहीं ग्राहकों को भी अब बाहर खाना खाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। ग्राहकों का कहना है कि पहले ही बाहर खाना महंगा हो गया है। अगर रेस्टोरेंट वाले रेट और बढ़ाएंगे तो हमारी जेब पर ही असर पड़ेगा। हालांकि कुछ ग्राहकों का यह भी मानना है कि सरकार अगर सिलेंडर की कीमतें बढ़ा रही है तो उसके पीछे कोई वजह भी होगी और सब चीज आने वाले दिनों में कंट्रोल में होगी इसका उन्हें पूरा भरोसा है। इधर कमर्शियल सिलेंडर की बड़ी कीमत पर राजनीति भी हो रही है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को आम लोगों से कोई मतलब नहीं सिर्फ वोट की राजनीति करती है और अभी तो शुरुआत है आने वाले दिनों में और भी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत आसमान छूएगी। भारतीय जनता पार्टी इस बढ़ोतरी को इंटरनेशनल मार्केट का असर बता रही है उन्होंने यहां तक यह भी कह दिया कि जिस तरीके से दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बड़ी है प्रधानमंत्री मोदी जी का धन्यवाद की उसके अनुपात में भारत में चीज़ें कंट्रोल में है।
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दरगाह-शिव मंदिर विवाद: अदालत में 12 याचिका पेश, 6 मई को अगली सुनवाई तय

Ajmer, Rajasthan:एंकर दरगाह में शिव मंदिर विवाद मामले में अन्य लोग भी बतौर पक्षकार बनने के लिए अदालत में पेश हुए अदालत में लगभग 12 याचिकाएं प्रस्तुत की गईं। याचिकाओं पर अदालत ने तसल्ली से सुनवाई करने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 मई तारीख मुकर्रर की है मामले को लेकर आज सुबह से ही अदालत परिसर भवन के बाहर पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र देने आए लोगों के समर्थक और अन्य लोगों का भी तांता लगा रहा जानकारी के मुताबिक मामले की सुनवाई के लिए अदालत में पिछली बार 2 मई को सुनवाई के आदेश दिए थे जिस पर आज परिवादी विष्णु गुप्ता सहित पंजाब के होशियारपुर से सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर दरगाह खादिम सरवर चिश्ती सहित 12 लोगों ने याचिका पेश की थी सभी याचिकाओं पर ध्यान से सुनवाई के बाद किसे पक्षकार बनाना है या नहीं इस पर अदालत ने 6 मई तारीख दी है परिवादी विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने अदालत में ऐसी याचिकाओं का विरोध भी दर्ज करवाया जिन्हें इस मामले की तथ्यात्मक जानकारी नहीं है न ही साक्ष हैं जिससे अदालत का समय जाया नहीं हो पूरे मामले में ASI सर्वे हो जिससे सच सामने लाया जा सके वहीं दुसरी ओर आज अदालत में पंजाब के होशियारपुर के सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर की ओर से भी याचिका पेश की गई अधिवक्ता अनवर हुसैन का तर्क रहा कि मामला धार्मिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है और सर्वधर्म इस पूरे मामले को लेकर बेहद गम्भीर है यहां मंदिर है इस बात का दावा करते हैं क्योंकि यहाँ सभी पक्षकार अपनी आस्था को लेकर उपस्थित हुए हैं वहां देश का पहला सूफी मंदिर हैं इस आधार पर उन्हें पक्षकार बनाया जाए जहां दरगाह खादिम सैयद सरवर चिश्ती ने अपना पक्ष रखते हुए सरकार और हिंदूवादीयो को घेरते हुए कहा कि हमने थाली में परोस कर बाबरी मस्जिद दी वही अबे बड़ी भूल थी सरकार पर आरोप लगाए हुए कहा कि इन्हें अब जगह शिव मंदिर दिख रहा है जबकि दरगाह का इतिहास बहुत पुराना है यहां सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह ही है दरगाह में शिव मंदिर विवाद मामले में राष्ट्रपति के समक्ष सबसे पहले याचिका का दावा करने वाले महाराणा प्रताप सेना के अधिवक्ता ए पी सिंह ने तर्क रखा कि इस मामले में सबसे पहले हैं ऐसे में महाराणा प्रताप सेना को वादी बनाया जाए जिससे कि दरगाह में शिव मंदिर होने की जानकारी तथ्यों के साथ पेश की सके। वहीं एडवोकेट ए पी सिंह महाराणा प्रताप सेना समप में हैं एक ओर दरगाह में शिव मंदिर विवाद मामले में 12 नई याचिकाएं वन टेन में पेश की गई हैं और दूसरी तरफ परिवादी विष्णु गुप्ता की ओर अदालत से गुहार लगाई गई कि उन्हें ही पक्षकार बनाया जाए जिनके पास तथ्यात्मक जानकारी और सत्य साक्ष हो अब देखना यह है कि आगामी 6 तारीख को अदालत किसे योग्य मानती है
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SC ने मतगणना सर्कुलर पर दखल से दावों को खारिज किया

Noida, Uttar Pradesh:*मतगणना के सर्कुलर पर विवाद: कितना जायज़, SC ने दखल से क्यों किया इंकार* पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर दो लड़ाइयाँ लड़ी जा रही हैं। एक लड़ाई ज़मीन पर टीएमसी और बीजेपी के बीच चल रही है, जिसका नतीजा रविवार को आएगा। वहीं दूसरी लड़ाई ममता की टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। दोनों के बीच अविश्वास का माहौल इस कदर है कि मतगणना से दो दिन पहले टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट आमतौर पर बंद रहता है, लेकिन टीएमसी की जल्द सुनवाई की मांग मान ली गई। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉय माल्या बागची की बेंच ने शनिवार को विशेष सुनवाई की और 15 मिनट की सुनवाई के बाद टीएमसी की याचिका खारिज कर दी। TMC की याचिका में मांग टीएमसी ने अपनी याचिका में 13 अप्रैल को एडिशनल CEO की ओर से जारी सर्कुलर को चुनौती दी थी। इस सर्कुलर में कहा गया था कि मतगणना में हर टेबल पर काउंटिंग सुपरवाइज़र या असिस्टेंट में से कम से कम एक व्यक्ति केंद्रीय सरकार/पीएसयू का होगा। टीएमसी का कहना था कि निर्वाचन अधिकारी का यह आदेश मनमाना और भेदभावपूर्ण है。 बीजेपी के प्रभाव में होंगे केंद्रीय कर्मचारी - TMC टीएमसी ने याचिका में कहा कि उनका चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी से है। बीजेपी केंद्र में सरकार में है और केंद्रीय कर्मचारियों पर उसका प्रशासनिक नियंत्रण है। इस लिहाज से मतगणना में पक्षपात होने का वाजिब आधार बनता है। टीएमसी के मुताबिक पहले से ही नियमों के अनुसार हर टेबल पर माइक्रो-ऑब्जर्वर होते हैं, जो कि केंद्रीय कर्मचारी ही होते हैं। इसके बावजूद इस नए नियम के ज़रिए केंद्रीय कर्मचारियों की अतिरिक्त मौजूदगी की व्यवस्था कर दी गई है। इसका कोई औचित्य नहीं बनता。 सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इंकार किया सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव आयोग को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह किस कैडर के अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाए। कोर्ट ने कहा कि सर्कुलर कहता है कि काउंटिंग सुपरवाइज़र या असिस्टेंट में से कम से कम एक व्यक्ति केंद्र सरकार/पीएसयू का होगा। यानी इसके मुताबिक इस बात की गुंजाइश है कि काउंटिंग टेबल पर राज्य सरकार के कर्मचारी भी हो सकते हैं。 चुनावी ड्यूटी के अधिकारियों को तय करना आयोग का काम कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनावी ड्यूटी में अधिकारियों को तय करने का पूरा अधिकार चुनाव आयोग के पास है। अगर चुनाव आयोग सर्कुलर में यह भी कह देता कि काउंटिंग सुपरवाइज़र और काउंटिंग असिस्टेंट भी केंद्र सरकार के कर्मचारी होंगे, तो भी हम दखल नहीं देते। कोर्ट ने कहा कि इस सर्कुलर में तो इस बात की गुंजाइश है कि राज्य स्तर के कर्मचारी भी मतगणना टेबल पर रहेंगे। हम इस सर्कुलर को नियमों के खिलाफ नहीं मानते。 चुनाव आयोग के वकील की दलील चुनाव आयोग की ओर से वकील डी.एस. नायडू ने कहा कि इस सर्कुलर से साफ है कि मतगणना केंद्र पर केंद्र और राज्य दोनों के कर्मचारी शामिल होंगे। रिटर्निंग ऑफिसर तो स्टेट कैडर के होते हैं। उनके पास शक्तियाँ कहीं ज़्यादा होती हैं। इसके अलावा हर पार्टी के पोलिंग एजेंट भी वहाँ होंगे। इसलिए इस सर्कुलर के ज़रिये मतगणना में पक्षपात होने की टीएमसी की आशंका बेमानी है。 टीएमसी के वकील का यू टर्न! टीएमसी ने याचिका में तो निर्वाचन अधिकारी के सर्कुलर को चुनौती दी थी और इसे मनमाना व पक्षपाती करार दिया था, लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट के रुख और चुनाव आयोग की दलील के मद्देनज़र उनके वकील कपिल सिब्बल ने अपना अंदाज़ हल्का कर लिया। सिब्बल ने कहा कि वे सर्कुलर को चुनौती नहीं दे रहे, बल्कि चाहते हैं कि मतगणना के दौरान राज्य सरकार के कर्मचारी भी रहें। सिब्बल ने कहा कि मतगणना की सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखा जाए। आयोग ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखने का प्रावधान पहले से ही है। इस बार भी मतगणना के बाद 45 दिन तक इसे सुरक्षित रखा जाएगा。 SC का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया है कि 13 अप्रैल को जारी सर्कुलर को सही मायने में लागू किया जाएगा। कोर्ट चुनाव आयोग की इस दलील को रिकॉर्ड पर ले रहा है। आयोग के स्पष्टीकरण के मद्देनज़र अब आगे किसी आदेश की ज़रूरत नहीं है।
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टिहरी में ट्रैफिक सुधार के लिए 15 वॉलिंटियर्स शामिल, पुलिस ने वितरित किए टी-शर्ट-आईडी

Rishikesh, Uttarakhand:सलग : टिहरी जनपद में ट्रैफिक व्यवस्था को लगे पंख, मिले 15 ट्रैफिक वालिंटियर एंकर : ऋषिकेश के निकट मुनिकीरेती थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने अब ट्रैफिक वॉलिंटियर्स की मदद लेनी शुरू की है। पुलिस ने 15 वॉलिंटियर्स को ट्रैफिक पुलिस में शामिल किया है। जिन्हें पुलिस कप्तान श्वेता चौबे ने भद्राकाली पुलिस चौकी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान टी-शर्ट, टोपी और आईडी कार्ड वितरित किए हैं। वी.ओ : इस दौरान का पुलिस कप्तान ने वॉलिंटियर्स को लगन और जोश के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देने के लिए निर्देशित किया। कहा कि यात्रा के समापन पर सभी ट्रैफिक वॉलिंटियर्स को सम्मानित भी किया जाएगा। वॉलिंटियर्स ने पुलिस को वादा किया कि वह पुलिस कर्मियों से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन ट्रैफिक चलाने में करके दिखाएंगे। पुलिस कप्तान के हाथों ड्रेस मिलने पर वॉलिंटियर्स काफी खुश और गदगद नजर आए हैं। यज सभी वॉलिंटियर्स थाना क्षेत्र अंतर्गत तपोवन, ब्रह्मानंद मोड़, भद्रकाली, मधुबन आश्रम चौक व अन्य स्थानों पर ट्रैफिक चलाने में अपनी सेवा देंगे।
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सरयू घाटी के गांवों में महिलाओं ने शराब पर पूर्ण प्रतिबंध से मिसाल कायम की

Bageshwar, Uttarakhand:सरयू घाटी के दूरस्थ सूपी और झूनी गांवों में एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां शराब के खिलाफ जंग में पुलिस प्रशासन नहीं, बल्कि गांव की महिलाएं खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। नशे से परिवारों को बचाने के लिए महिलाओं ने गांव में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। गांव की सीमाओं पर महिलाएं पहरा दे रही हैं और हर आने-जाने वाले वाहन की खुद जाँच कर रही हैं, ताकि अवैध शराब की एंट्री रोकी जा सके। इतना ही नहीं, अब किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या सामाजिक कार्यक्रम में शराब परोसने पर भी सख्त रोक है। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार जैसे कड़े कदम तय किए गए हैं। पहाड़ के इन गांवों में महिलाओं की यह पहल अब एक मिसाल बनती जा रही है।
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भिवाड़ी के पटाखा फैक्ट्री आग हादसा: 9 मजदूरों की मौत, कबाड़ गोदाम में संकट गहराया

Bagheri Kalan, Rajasthan:भिवाड़ी के खुशखेड़ा स्थित पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 9 श्रमिकों کی موت के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस सबक नहीं लिया है। हादसे के बाद प्रशासन द्वारा शहर की सभी फैक्ट्रियों की जांच किए जाने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के उलट नजर आ रही है। औद्योगिक क्षेत्र में रीको की जमीनों पर अवैध कब्जे का मामला लगातार सामने आ रहा है। फैक्ट्री क्षेत्रों में उद्योगों के स्थान पर कबाड़ के गोदाम संचालित किए जा रहे हैं, जिन पर अवैध कबाड़ गोदाम माफियाओं का कब्जा है। स्थानीय स्तर पर इन अवैध गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बचते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के चलते इन दिनों कबाड़ गोदामों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बड़ा खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करने के बजाय कार्यालयों तक सीमित नजर आ रहे हैं। उच्च स्तरीय बैठकों में अधिकारियों द्वारा ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है, जिसमें भिवाड़ी इलाके की वास्तविक स्थिति का कही जिक्र तक नहीं होता। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भिवाड़ी में रीको के साथ साथ ये कबाड़ गोदाम मालिकों ने वन विभाग की जमीन को भी कब्जे में किया है, नया गांव, सूरज सिनेमा सहित कई इलाके ऐसे है जहां कबाड़ गोदाम बने हुए है जिनमें हल्की सी चिंगारी भी कई जिंदगियां लीन कर सकता है。
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सोलापुर में प्रॉपर्टी विवाद के कारण तीनों की हत्या, इलाके में सनसनी

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - सोलापुरात प्रॉपर्टीच्या वादातून तिघांची निर्घृण हत्या - बोरामणी गावातील ट्रिपल मर्डरने सोलापूर हादरलं - बोरामणी गावात आई आणि दोन मुलांची धारदार शस्त्रने हल्ला केल्याची प्राथमिक माहिती समोर - प्रॉपर्टीच्या वादातून तिघा जणांची हत्या केल्याचा प्राथमिक अंदाज - गायत्री सुधाकर मस्के, बारावीत शिकणारी प्रिया मस्के आणि दहावीत शिकणारा शिवराय मस्के असे हत्या झालेल्या तिघांची नावे.. - मध्यरात्री बाराच्या_sुमारास अज्ञात व्यक्तीने आई आणि दोन मुलांवर तलवारीने हल्ला केला - आई, मुलगी यांचा मृतदेह गच्चीवर तर मुलाचा मृतदेह हा बैठकीच्या खोलीत रक्ताच्या थारोळ्यात आढळून आला.. - सोलापूर तालुका पोलीस पथक घटनास्थळी दाखल, पोलिसांकडून तपास सुरू
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5.30 करोड़ साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश: अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार, चाय की दुकानों पर साजिश

Jaipur, Rajasthan:5.30 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के 17 आरोपी गिरफ्तार, चाय की थड़ियों पर बनाते थे ठगी की साजिश, बाल काटने वाला दुकानदार, ई-मित्र संचालक और छोटे व्यापारी भी कमीशन के लिए गिरोह में हुए शामिल राजस्थान में साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने व्हाट्सएप पर फर्जी पहचान बनाकर एक कंपनी से 5.30 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें म्यूल अकाउंट धारक और पैसे ट्रांसफर करने वाले शामिल हैं। ये पूरा मामला 24 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब परिवादी दीपेंद्र सिंह ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह माइनिंग प्रा. लि. में अकाउंटेंट हैं। उन्हें कंपनी के मालिक के नाम और फोटो वाली फर्जी व्हाट्सएप डीपी से मैसेज मिला, जिसमें दो अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। भरोसा करके उन्होंने कुल 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद ठगी کا खुलासा हुआ। बाईट - सुगन सिंह राठौड़, डिप्टी एसपी, साइबर थाना जयपुर साइबर क्राइम पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि ठगी की राशि को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर आगे कैश निकासी, USDT (क्रिप्टोकरेंसी) और हवाला के जरिए घुमाया गया, ताकि पैसों का ट्रैक छुपाया जा सके। जांच में कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर शहर और बाड़मेर पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। - पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी में मदद करते थे -कई आरोपी अपने नाम से बैंक खाते खोलवाकर ठगों को उपलब्ध कराते थे -कुछ आरोपी खातों से नगद राशि निकालकर आगे पहुंचाते थे -कई लोग रिश्तेदारों और परिचितों के खाते खुलवाकर कमीशन लेते थे -कुछ आरोपी ठगी की रकम से USDT खरीद-बिक्री कर लाभ कमाते थे -इसके बदले उन्हें 3 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक कमीशन मिलता था। बाईट - सुगन सिंह राठौड़, डिप्टी एसपी, साइबर थाना जयपुर गिरोह के सदस्य शक से बचने के लिए चाय की थड़ियों या छोटी दुकानों पर मिलते थे और वहीं पूरी योजना बनाते थे। बैंक खाते, पासबुक, डेबिट कार्ड और रकम के बंटवारे की योजना भी यहीं तैयार होती थी। गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के कोटा, बांसवाड़ा, पाली, जोधपुर और बाड़मेर सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। इनमें सैलून कर्मचारी, दुकानदार, ई-मित्र संचालक और छोटे व्यापारी भी शामिल हैं, जो लालच में आकर साइबर ठगों का हिस्सा बन गए। यह मामला बताता है कि साइबर ठग अब फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल और म्यूल अकाउंट के जरिए बड़े स्तर पर ठगी कर रहे हैं। आम लोगों और कंपनियों को किसी भी वित्तीय निर्देश पर कार्रवाई से पहले उसकी पुष्टि जरूर करनी चाहिए。
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