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पीलीभीत: बकरे की कुर्बानी पर दर्ज मुकदमे से गरमाई सियासत, सपा ने लगाए गंभीर आरोप

Vikrant SharmaVikrant SharmaFollow2m ago
Pilibhit, Uttar Pradesh:​पीलीभीत जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला महासचिव पर बकरे की कुर्बानी के मामले में दर्ज हुए मुकदमे ने तूल पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के विरोध में सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की और मामले को पूरी तरह से राजनीतिक दबाव करार दिया है। सपा ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए राज्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ​बकरे कुर्बानी मामले में सियासत को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने राज्यमन्त्री पर 'दंगों की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि मंत्री समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शनों से बौखला गए हैं। इन्होने पिछले 10 वर्षों में कोई विकास कार्य न कर पाने की हताशा में मंत्री सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। आपको बता दें हाल ही में सपा कार्यालय खाली करवाए जाने के बाद जिला महासचिव एक गैराज में कार्यालय चला रहे थे, जिससे बौखलाकर यह केस दर्ज करवाया गया है। सपा नेताओं ने दावा किया कि मंत्री निजी कैंपस में हुई कुर्बानी को मुद्दा बनाकर हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाना चाहते हैं और क्षेत्र का माहौल खराब कर दंगे जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।इस मामले के बाद पीलीभीत में सियासत तेज हो गई है। कुर्बानी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते टकराव ने पुलिस और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में सपाइयों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की अपील की है ताकि क्षेत्र की शांति व्यवस्था बनी रहे।
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आंधी-तूफान और आगजनी से किसान प्रभावित, मुख्यमंत्री यादव राहत के निर्देश

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा और बुरहानपुर के किसान परिवारों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत का संदेश दिया है। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा विधायक कंचन तनवे और पंधाना विधायक छाया मोरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बुरहानपुर में आंधी-तूफान से हुई फसल क्षति और खंडवा के हांडियाखेड़ा गांव में आगजनी की घटना का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों में त्वरित राहत और सहायता के निर्देश दिए। मुलाकात के दौरान बुरहानपुर जिले में आंधी-तूफान से किसानों को भारी नुकसान की जानकारी दी गई, खासकर केला फसल को बड़ी क्षति—जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कराने और राहत-चाहताओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। खंडवा जिले के हांडियाखेड़ा गांव में भीषण आगजनी में करीब दो दर्जन मकान जल गए थे; मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सहायता और राहत-पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचा रहा है और नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता दी जा रही है。
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पीलीभीत कलेक्ट्रेट के संविदा कर्मी की मौत पर RLD हंगामा, दोषियों पर मुकदमों की मांग

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर- पीलीभीत के कलेक्ट्रेट में एक दिन पहले विद्युत विभाग के संविदा कर्मी लाइनमैन की हादसे में मौत होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी व कार्यकर्ता डीएम चेंबर में हंगामा कर रहे हैं राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष की मांग की है कि विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता व दोषी कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज हो। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता व पदाधिकारी डीएम के चेंबर में न मिलने पर चेंबर में ही जमीन पर बैठ गए हैं। और डीएम से मिलने की मांग कर रहे हैं जिला अध्यक्ष का आरोप है कि संविदा कर्मी विजयपाल कलेक्ट्रेट में लाइट सही कर रहा था तभी करंट आने से सीधी सीढी से नीचे गिर गया और आधे घंटे तक तड़पता रहा लेकिन किसी भी अधिकारी ने अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाने की ज़हमत नहीं की। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष ने डीएम चेंबर में बैठे एसडीएम पवन पांडे को भी खूब खरी-कोटी सुनाई। जिला अध्यक्ष का कहना है कि जब तक डीएम से मुलाकात नहीं होगी तब तक वह व उनके कार्यकर्ता चेंबर में जमीन पर बैठे रहेंगे। बाईट- अनिल चौधरी जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल
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हरदा में कांग्रेस नेता अजय सिंह का जनसंवाद: बूथ से पंचायत तक संगठन आह्वान

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा जिला मुख्यालय पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की। जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अजय सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं ने अपने ही प्रत्याशी को हराने का काम किया, जिससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की जरूरत है। अजय सिंह ने कहा कि हरदा जिले में कांग्रेस के 25 वर्षों के राजनीतिक वनवास को समाप्त करने के लिए बूथ स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक संगठन को सक्रिय करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया और कहा कि आगामी पंचायत चुनाव कांग्रेस की नई रणनीति की शुरुआत साबित होंगे।
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ED ने गुजरात के अंकलेश्वर में ड्रग्स प्रीकर्सर चेन पर 20 ठिकानों पर छापा

Bharuch, Gujarat:ड्रग्स तस्कर सलीम इस्माइल डोला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गुजरात और महाराष्ट्र में करीब 20 ठिकानों पर की गई कार्रवाई के तहत भारत के सबसे बड़े केमिकल हब माने जाने वाले भरूच जिले के अंकलेश्वर जीआईडीसी में भी जांच शुरू की गई है। अंकलेश्वर जीआईडीसी स्थित वंदना केमिकल कंपनी में ईडी की टीम ने दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की है। अंकलेश्वर जीआईडीसी स्थित वंदना केमिकल कंपनी में ईडी की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई ड्रग्स तस्कर सलीम इस्माइल डोला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है। जानकारी के अनुसार ईडी ने गुजरात और महाराष्ट्र में करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें अंकलेश्वर, सूरत, राजकोट और मुंबई समेत कई शहर शामिल हैं। भारत के सबसे बड़े केमिकल हब के रूप में पहचान रखने वाले अंकलेश्वर में जांच शुरू होने से उद्योग जगत में भी चर्चा का माहौल है। ईडी अधिकारियों ने कंपनी के दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मेफेड्रोन और मेथामफेटामिन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच का फोकस केमिकल्स के उत्पादन, खरीद, बिक्री, परिवहन और वितरण नेटवर्क पर भी है। गौरतलब है कि सलीम इस्माइल डोला को हाल ही में तुर्की से भारत लाया गया है। उस पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप हैं। इसी मामले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत जांच शुरू की है। एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन को कहां निवेश किया गया और किन माध्यमों से उसे वैध बनाने की कोशिश की गई। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है। हालांकि अब तक वंदना केमिकल कंपनी के खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहन जांच जारी है। भारत के सबसे बड़े केमिकल हब अंकलेश्वर तक पहुंची इस जांच पर अब उद्योग जगत और जांच एजेंसियों की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं。
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यमुनानगर के कलेसर नेशनल पार्क में तेंदुआ दिखा; स्वस्थ जंगल का संकेत

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर के कलेसर नेशनल पार्क में गश्त के दौरान डीएफओ संदीप सैनी को तेंदुआ दिखाई दिया। डीएफओ ने तेंदुए का वीडियो भी बनाया और इसे स्वस्थ जंगल का संकेत बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगल क्षेत्र में गुजरते समय जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें और शोर न करें। वीओ : हिमाचल और उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे यमुनानगर जिले के कलेसर नेशनल पार्क में बीती रात गश्त के दौरान डीएफओ संदीप सैनी को तेंदुआ दिखाई दिया। डीएफओ ने तेंदुए का वीडियो अपने मोबाइल में कैद किया। उन्होंने बताया कि जंगल में तेंदुए का दिखना इस बात का संकेत है कि जंगल पूरी तरह स्वस्थ और वन्य जीवों के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क में इस समय एक टाइगर, करीब 40 तेंदुए, 15 हाथी, सांभर सहित कई दुर्लभ वन्य जीव मौजूद हैं। जंगल के बीच से गुजरने वाली यमुनानगर-पांवटा सड़क पर अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बाइट — संदीप सैनी, डीएफओ वीओ : डीएफओ संदीप सैनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि सड़क पर कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो वाहन रोक लें, हॉर्न न बजाएं और न ही शोर करें। जंगली जानवर अपने आप रास्ता छोड़कर जंगल में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि जानवर तभी हमला करते हैं जब उन्हें खतरा महसूस होता है। बाइट — संदीप सैनी, डीएफओ एलवीओ : उल्लेखनीय है कि करीब 110 साल बाद कलेसर नेशनल पार्क में बंगाल टाइगर की मौजूदगी दर्ज की गई थी। सन 2023 में जंगल में लगाए गए फ्लैश एंड क्लिक कैमरों में टाइगर कैद हुआ था। कलेसर नेशनल पार्क में हाथी, तेंदुआ, बाघ, सांभर, खरगोश, अजगर और कोबरा जैसे वन्य जीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। वन विभाग द्वारा जंगल के अंदर कई स्थानों पर वन्य जीवों के लिए पानी की ओध भी बनाई गई हैं।
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मालवीय नगर आग पीड़ित केंद्र मुआवजा: मृतकों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार

Noida, Uttar Pradesh:0306ZUP_del_pmo_x मालवीय नगर आग की घटना के पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार ने किया मुआवजे का एलान। मालवीय नगर आग की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार का मुआवजा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना एक दुखद घटना है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनाएं हैं। वो घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
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हाईकोर्ट की 31 जुलाई डेडलाइन: स्थानीय निकाय चुनाव होंगे तय?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-आठ चिट्ठियां... डेढ़ साल का इंतजार... और अब हाईकोर्ट की सख्त डेडलाइन। प्रदेश में पंचायतों और निकायों के चुनाव कब होंगे... इसका जवाब शायद सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से ज्यादा अब हाईकोर्ट के पास है। डेढ़ साल से टल रहे चुनावों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। राज्य निर्वाचन विभाग लगातार पत्र लिखता रहा, लेकिन विभागों से उसे जरूरी डेटा नहीं मिला। अब जब कोर्ट ने 31 जुलाई की डेडलाइन तय कर रखी है, तो राज्य निर्वाचन आयोग ने फिर आरक्षण का डेटा मांग लिया है। सवाल ये है कि चुनाव में देरी महज प्रशासनिक मजबूरी है या फिर 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' का कोई बड़ा गेम प्लान वीओ-1-डेढ़ साल से लोकतंत्र का सबसे निचला पायदान बिना चुनाव के चल रहा है. चुनाव आयोग पत्र पर पत्र लिखता रहा। विभाग जवाब टालते रहे और अब हाईकोर्ट की तल्ख निगाहें पूरे घटनाक्रम पर हैं। चुनाव तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच पत्राचार का लंबा सिलसिला चला, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब हाईकोर्ट की 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा तय किए जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग से आरक्षण संबंधित डेटा तलब कर लिया है. यह वही डेटा है जिसकी अनुपलब्धता पिछले कई महीनों से चुनाव टलने का प्रमुख कारण बताई जाती रही है. पिछले दिनों 15 अप्रैल को चुनाव की समय सीमा में वोटर लिस्ट तैयार करने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग को अवमानना का सामना करना पड़ा था और कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी। ऐसे में आयोग इस बार किसी भी तरह की कानूनी जवाबदेही अपने ऊपर लेने के बजाय रिकॉर्ड पर विभागीय देरी को दर्ज करने की रणनीति पर काम करता दिखाई दे रहा है. हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को चुनाव कराने के दिशा निर्देश दिए थे लेकिन पिछली बार भी राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग आरक्षण संबंधित डेटा आयोग को उपलब्ध नहीं करा पाया था। ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था जबकि इस मामले में कई बार पत्र लिखे गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग और विभागों के बीच हुए पत्राचार से एक और सवाल खड़ा हो रहा है. पिछले कुछ माह में आयोग ने चुनाव तैयारियों को लेकर लगातार पत्र भेजे, लेकिन अधिकांश का जवाब नहीं मिला। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे राज्य सरकार की वन स्टेट-वन इलेक्शन अवधारणा से जोड़कर देखा जा रहा है. सरकार पहले ही इस विचार के समर्थन में अपना रुख सार्वजनिक कर चुकी है. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल का कहना है हम चुनाव के लिए तैयार है. और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का इंतजार है. बाइट-प्रेमचंद बैरवा, डिप्टी सीएम बाइट-जोगाराम पटेल, संसदीय कार्यमंत्री राज्य निर्वाचन आयोग के सरकार को पत्राचार 9/12/2025 प्रथम पत्रः शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग को नगरीय निकायों के परिसीमन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए। 24/12/2025 दूसरा पत्रः स्थिति स्पष्ट न होने पर रिमाइंडर भेजा गया। 06/01/2026 तीसरा पत्रः आयोग द्वारा पुनः स्थिति स्पष्ट करने के लिए भेजा गया। 20/01/2026 चौथा पत्रः जवाब न मिलने पर फिर से संपर्क किया गया। 27/01/2026 पांचवा पत्रः शासन सचिव को भेजा गया, जिसका भी कोई जवाब नहीं मिला। 03/02/2026 छठा पत्रः आयोग ने अंतिम चेतावनी दी कि यदि 3 दिन में जवाब नहीं मिला, तो शेष 196 निकायों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 19/03/2026 निदेशक का पत्रः निदेशक, स्वायत्त शासन द्वारा शेष 113 निकायों के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई। वीओ-2- उधर जानकार सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार इसी सप्ताह हाईकोर्ट में अंतरिम प्रार्थना पत्र दाखिल कर चुनाव कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त समय मांगेगी। इसके पीछे ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट का तर्क रखा जाएगा। हाल ही में आयोग का कार्यकाल सितंबर 2026 तक बढ़ाया है। ऐसे में रिपोर्ट लंबित होने को आधार बनाकर समय वृद्धि की मांग की तैयारी है। हालांकि 22 मई को चुनाव के मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केवल सरकार को समय ही नहीं दिया है, बल्कि पूरे चुनाव की सबसे बड़ी चाबी यानी ओबीसी आयोग को भी एक टाइमलाइन के भीतर बांध दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग स्थानीय निकायों और पंचायतों में ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन का 'इम्पिरिकल डेटा' तैयार कर हर हाल में 20 जून 2026 तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा की किस पंचायत समिति, जिला परिषद या नगर निगम में ओबीसी वर्ग के लिए कितनी सीटें आरक्षित की जानी हैं। सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' के नियमों की पालना के लिए यह रिपोर्ट बेहद अनिवार्य है. बहरहाल, हाईकोर्ट की तय समय सीमा, आयोग की बढ़ती सक्रियता और सरकार की संभावित समय वृद्धि याचिका के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव जुलाई तक हो पाएंगे या फिर 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की अवधारणा के नाम पर इन्हें और आगे बढ़ाने की कोशिश होगी। फिलहाल गेंद सरकार और कोर्ट के पाले में है, जबकि आयोग रिकॉर्ड पर अपनी सक्रियता दर्ज कराने में जुट गया है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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डोटासरा-जूली ने टोंक में भाजपा पर हमला, 2028 चुनाव राहुल गांधी नेतृत्व में

Tonk, Rajasthan:टोंक टोंक में डोटासरा का बीजेपी पर हमला, बोले- भाजपा राज में बढ़े अपराध, 2028 का चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे टीकाराम जूली ने भी साधा निशाना, कहा- भाजपा सरकार ने युवाओं और जनता के साथ किया धोखा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बुधवार को जयपुर से कोटा जाते समय टोंक पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं का शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर स्वागत किया गया। पहला स्वागत कार्यक्रम कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जबकि दूसरा स्वागत कांग्रेस युवा नेता हंसराज गाता के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में किया गया。 मीडिया से बातचीत में गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा ने कहा कि कैलाश चौधरी मदन राठौड़ की जगह लेना चाहते हैं, इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जिसको आशीर्वाद देगी, उसी की सरकार बनेगी。 वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में लड़ेगी। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि "मदन दिलावर मेरे दोस्त नहीं हैं।" वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश और प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में कोई ठोस काम नहीं किया और आमजन की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी。
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