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RSRajesh SharmaFollow22 Jun 2024, 10:47 am
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गन्ना भुगतान को लेकर किसान यूनियन का बड़ा ऐलान: 11 मई को केसर शुगर मिल पर होगा विशाल धरना

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। क्षेत्र के किसानों की सबसे बड़ी समस्या गन्ना भुगतान को लेकर आज 2 मई 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक नई गन्ना सोसायटी बहेड़ी में आयोजित की गई। बैठक में किसानों के बकाया भुगतान को लेकर गंभीरता से मंथन किया गया और इस मुद्दे पर निर्णायक कदम उठाने का फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि यदि किसानों का गन्ना भुगतान जल्द नहीं किया गया, तो आगामी 11 मई (सोमवार) को बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पदाधिकारियों ने साफ किया कि यह आंदोलन किसानों के हक और उनकी मेहनत की कमाई के लिए है, और यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो क्षेत्र के किसान साथियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसान यूनियन ने क्षेत्र के सभी किसानों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में धरने में पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाएं और गन्ना भुगतान की मांग को मजबूती से उठाएं। बैठक में तहसील अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता (खन्ना), प्रदेश उपाध्यक्ष जगत सिंह, प्रदेश सचिव उत्तर प्रदेश धीरेंद्र राठी, जिला सचिव यामीन मलिक, युवा जिला उपाध्यक्ष करीम सैफी, तहसील सचिव राशिद खान, उमाशंकर, ग्राम अध्यक्ष रामस्वरूप सागर, जिला उपाध्यक्ष मुन्ना लाल पटेल, मीडिया प्रभारी रहीब खान, अनिल कुमार दुबे, गजेंद्र सिंह, तहसील महासचिव अहमद रिजवान, ब्लॉक उपाध्यक्ष नारायण दास तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
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आलोट थाने में हंगामा: मनीष माली के हत्या के बाद गिरफ्तारी, परिजनों में उबाल

Ratlam, Madhya Pradesh:आलोट जिले के आलोट में देर शाम थाने पर भारी हंगामा देखने को मिला। गुस्साए परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंचे, जहां पुलिस थाने में घुसने की कोशिश भी हुई। मौके पर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा और भीड़ का आक्रोश साफ नजर आया। दरअसल आलोट निवासी युवक मनीष माली बीती रात से लापता था। सुबह परिजनों ने थाने पहुंचकर सूचना दी थी, लेकिन देर शाम मनीष का शव उज्जैन में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर के बाद परिजन पुलिस पर भड़क उठे। उनका आरोप है कि अपहरण की जानकारी देने के साथ ही संदिग्धों के नाम भी बताए गए थे, इसके बावजूद समय रहते मनीष को जिंदा नहीं तलाशा जा सका। इसी बात को लेकर थाने पर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इधर पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए हत्या के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी मनीष को घर से अपने साथ उज्जैन ले गए थे। वहां मुख्य आरोपी मयंक के घर शराब पार्टी के दौरान एक लड़की को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद झगड़ा बढ़ा और मनीष की हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और इस केस में अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है।
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मुज़फ्फरनगर में मुठभेड़: 250 किलो गांजा बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग मुज़फ्फरनगर पुलिस व बदमाशो के बीच मुठभेड़ मुठभेड़ मे दो गांजा तस्कर गोली लगने से हुए घायल सलमान उर्फ़ गुड्डू व सुल्तान के पैर मे लगी गोली पुलिस ने कॉम्बिंग के बाद 3 गांजा तस्कर जंगल से किये गिरफ्तार किफायत. सोनू उर्फ़ डाक्टर व जितेंद्र क़ो जंगल से किया गिरफ्तार दो गाड़ियों मे भरा 250 किलो गांजा बरामद उड़ीसा से गांजा लाकर क्षेत्र मे करते थे सप्लाई पुलिस ने चैकिंग के दौरान गाड़ी रोकी तो कर दिया फायर गांजा तस्करों से 3 तमँचे कारतूस व 2 कार बरामद थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के सिसोना पुलिया पर हुई मुठभेड़
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उदयपुर में स्मार्ट पुलिसिंग से बदलेगी कानून-व्यवस्था, डेटा से अपराध पर शिकंजा

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला: स्मार्ट पुलिसिंग से बदलेगी कानून-व्यवस्था की तस्वीर NCRB निदेशक और DGP ने दिखाया डिजिटल पुलिसिंग का रोडमैप राजस्थान पुलिस अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, डिजिटल और जन-केंद्रित policeing की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी दिशा में उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कार्यशाला ने भविष्य की पुलिसिंग का स्पष्ट विजन सामने रखा, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने रखा स्मार्ट पुलिसिंग का विजन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक आलोक रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां पुलिसिंग को पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत बनाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में डेटा इंटीग्रेशन और रियल-टाइम सूचना साझाकरण से अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया और अधिक सशक्त होगी। महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग का असली उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि उसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीकी दक्षता के साथ आमजन के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को भी प्राथमिकता दें। डीजीपी शर्मा ने कहा है कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस को अपनी कार्यशैली में तकनीकी कौशल और मानवीय संवेदनाओं का बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि ''स्मार्ट पुलिसिंग'' का अंतिम लक्ष्य आमजन को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में भय पैदा करना है। कार्यशाला में पुलिसिंग के आधुनिक स्वरूप, तकनीकी नवाचारों और डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ते हुए अपराध नियंत्रण और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाना रहा。 तकनीक को धरातल पर उतारें अधिकारी: डीजीपी सत्र को संबोधित करते हुए शर्मा ने उदयपुर रेंज के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी नवाचार केवल फाइलों या एप्स तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनका लाभ थाने पर आने वाले हर पीड़ित को मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों को अपनाते हुए जन-सेवा के प्रति और अधिक संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। डीजीपी ने पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराध और डेटा-आधारित पुलिसिंग के लिए तैयार रहने का आह्वान किया。 नवाचार: कांस्टेबल के मोबाइल में होगी बीट बुक उदयपुर रेंज के आईजी गौरव श्रीवास्तव ने ई-बीट बुक ऐप की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह पारंपरिक बीट बुक का डिजिटल विकल्प है, जो अब पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर उपलब्ध रहेगा। इससे बीट व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी तथा सूचना का आदान-प्रदान सरल होगा。 डेटा एकीकरण से टूटेगा अपराधियों का नेटवर्क: लांबा एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) की उपयोगिता और अपराध नियंत्रण में इसकी भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डेटा का समुचित उपयोग और विश्लेषण अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस की क्षमता को और मजबूत करता है। कार्यशाला में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल स्किल्स का समन्वय ही भविष्य की प्रभावी पुलिसिंग की नींव बनेगा। राज्य स्तरीय इस कार्यशाला को राजस्थान पुलिस के लिए आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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जोधपुर कोर्ट: लकवाग्रस्त गवाह का ग्राउंड फ्लोर पर बयान दर्ज, न्यायिक मानवीय पहल

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। संवेदनशीलता और न्यायिक व्यवस्था के मानवीय पक्ष का उदाहरण पेश करते हुए जोधपुर के सेशन न्यायालय ने एक लकवाग्रस्त गवाह के बयान दर्ज करने के लिए अपनी कार्यवाही फर्स्ट फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट कर दी। जमीन विवाद में स्कॉर्पियो से कुचले गए पीड़ित सेठाराम (41) को एंबुलेंस के जरिए कोर्ट लाया गया, जहां वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ होने के कारण स्ट्रेचर पर लेटकर ही गवाही देने को मजबूर था। राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र के चौखा निवासी सेठाराम को सेशन कोर्ट संख्या-3 में गवाही देनी थी, जिसकी नियमित सुनवाई फर्स्ट फ्लोर पर चल रही है। पीड़ित की गंभीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए परिवादी पक्ष के वकील अक्षय सुराणा ने कोर्ट से निवेदन किया कि गवाही ग्राउंड फ्लोर पर दर्ज की जाए। इस पर बचाव पक्ष ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश से विशेष अनुमति ली गई। अनुमति मिलने पर गवाह के बयान ग्राउंड फ्लोर स्थित अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 के कक्ष में दर्ज किए गए। गवाही से पहले न्यायालय ने सामान्य बातचीत कर पीड़ित की मानसिक स्थिति का आकलन किया, जिसके बाद उसकी गवाही रिकॉर्ड की गई। सेठाराम ने अपने बयान में बताया कि 12 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:30 बजे वह अपनी पत्नी के साथ घर के पीछे बाड़े में था। इसी दौरान उसके चचेरे भाई अशोक, महेश और दिनेश सफेद स्कॉर्पियो में आए और बाड़ा खाली करने को लेकर विवाद करने लगे। आरोप है कि कहासुनी के बाद अशोक ने जानबूझकर गाड़ी उस पर चढ़ा दी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी, पसलियों, कंधे और दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद से उसके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है। बचाव पक्ष ने जिरह के दौरान पीड़ित के बयानों में विरोधाभास बताते हुए दावा किया कि घटना के समय सेठाराम और उसकी पत्नी ने पहले अशोक पर हमला किया था। उनके अनुसार, जान बचाने के प्रयास में हुई अफरा-तफरी में सेठाराम खुद गिरकर घायल हो गया। साथ ही बिजली के पोल पर बिना अनुमति सीसीटीवी लगाने को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, पीड़ित ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गाड़ी की टक्कर के बाद वह बेहोश हो गया था और उसे कई दिन बाद होश आया। उसने स्पष्ट किया कि विवादित जमीन उसके पिता के नाम है और घटना के समय वहां मौजूद अन्य व्यक्ति पहले ही जा चुका था।
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भिवानी पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर राजन समेत 2 आरोपी गिरफ्तार किया

Bhiwani, Haryana:भिवानी पुलिस ने पकड़ा हिस्ट्री सीटर राजन भिवानी सीआईए पुलिस ने पकड़ा हिस्ट्रीशीटर पहले ही 15 मुकदमे दर्ज थे राजन पर भिवानी पुलिस ने निशान देही के लिए भिवानी के राजन भिवानी पुलिस निशान दही के लिए लेकर गए थे सेवा नगर के लोगों ने लगाया पुलिस जिंदाबाद के नारे CI A स्टाफ प्रथम भिवानी द्वारा संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले सरगना सहित 02 आरोपी गिरफ्तार, दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल। पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार के निर्देशन में जिला पुलिस द्वारा संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले आरोपियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसी क्रम में सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी की टीम ने संगठित गिरोह के सरगना सहित 02 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस संबंध में जतिन निवासी सेवा नगर, भिवानी ने थाना शहर भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि दिनांक 28.04.2026 को वह अपनी किराना दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान आरोपी राजन अपने साथियों के साथ जबरदस्ती दुकान में घुस आया और शिकायतकर्ता को खींचकर बाहर सड़क पर ले गया, जहां अन्य साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उस पर हमला किया गया। जाते समय आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। शिकायत पर थाना शहर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी सहित 02 आरोपियों को काबू किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: राजन पुत्र बलबीर निवासी सेवा नगर कॉलोनी, भिवानी (गिरफ्तार बस अड्डा खरड़, मोहाली, पंजाब से) चांद पुत्र परमानंद निवासी विद्यानगर, भिवानी सौरव उर्फ सैंडी पुत्र अश्वनी कुमार निवासी हलवास गेट, भिवानी। तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मुख्य आरोपी राजन थाना शहर भिवानी का हिस्ट्रीशीटर है, जो दिनांक 16.04.2026 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आरोपी चंशचांद व सौरव के खिलाफ भी पहले से चार-चार मामले दर्ज हैं। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है तथा वारदात में प्रयुक्त डंडों व वाहनों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त मामले में वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
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धमकी के बाद घर में पेट्रोल डालकर लगाई आग, लाखों का सामान जलकर खाक

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। थाना क्षेत्र के ग्राम ग्वारी में रंजिश के चलते दबंगों द्वारा घर में आग लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले पीड़ित को फोन पर धमकाया गया और उसके बाद देर रात पेट्रोल छिड़ककर घर में आग लगा दी गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। पीड़ित महेंद्र पाल पुत्र बालक राम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपियों ने घटना से पहले उन्हें कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद रात में घर पर पहुंचकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घर में रखा कपड़ा, चारपाई, चौखट, खिड़कियां समेत करीब 8 कुंतल लाही, 10 कुंतल गेहूं और 5 कुंतल धान जलकर राख हो गया। घर के बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था। पीड़ित के अनुसार, उनके भाई के बेटे की शादी होने के कारण पूरा परिवार बहेड़ी स्थित किंग रिसॉर्ट में गया हुआ था। इसी दौरान गांव के लोगों ने फोन कर आग लगने की सूचना दी। जब तक परिवार वापस लौटा, तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। पुलिस ने इस मामले में अरुण कुमार पुत्र राम नारायण निवासी ग्राम बरा (थाना पुलभट्टा, जिला उधम सिंह नगर) तथा भारत, राजू और शंकर लाल निवासी ग्राम ग्वारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना बहेड़ी पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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एमएससीएल कोयला खानों ने उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया

Sambalpur, Odisha:ମହାନଦୀ କୋଲଫିଲଡ୍ସ ଲିମିଟେଡ଼ ତରଫରୁ ଖଣିକ ଅଭିନନ୍ଦନ ଦିବସ ପାଳନ |ଏହି ଦିବସ ୨୦୨୬ ଅବସରରେ କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ଉତ୍କୃଷ୍ଟ କାର୍ଯ୍ୟ ପାଇଁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କଲା ଏମ ସି ଏଲ୍ | ମହାନଦୀ କୋଲଫିଲ୍ଡସ୍ ଲିମିଟେଡ୍ (ଏମସିଏଲ୍) ପକ୍ଷରୁ ଖଣିକ ଅଭିନନ୍ଦନ ଦିବସ ସମାରୋହ ପାଳିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଦେଶର ବିକାଶରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରୁଥିବା ଏମସିଏଲ୍ କୋଇଲା ଖଣି ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କ ଉତ୍କୃଷ୍ଟ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ଏହି ଅବସରରେ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିଲା। ଜଗନ୍ନାଥ ଅଞ୍ଚଳ, ଏମ୍.ସି.ଏଲ ର ତତ୍ତ୍ୱାବଧାନ ରେ ଗତ ଶୁକ୍ରବାର ସନ୍ଧ୍ୟାରେ କମ୍ପାନୀର ମୁଖ୍ୟାଳୟ ଠାରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଶୀର୍ଷ ନେତୃତୱ, କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ ହିତାଧିକାରୀମାନେ ଉତ୍ସାହର ସହିତ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ମାନବ ସମ୍ବଳ) କେଶବ ରାଓ, ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ଅର୍ଥ) ଏ.କେ. ବେହୁରା ଏବଂ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ (ବୈଷୟିକ/ପରିଚାଳନା) ଏସ୍.କେ. ଝା'ଙ୍କ ସମେତ ବିଭିନ୍ନ ବିଭାଗର ମହାପ୍ରବନ୍ଧକ, ବରିଷ୍ଠ ଅଧିକାରୀ ଏବଂ ଯୁଗ୍ମ ପରାମର୍ଶଦାତା ବିଭିନ୍ନ କମିଟି (ଆପେକ୍ସ) ର ସଦସ୍ୟ ମାନେ ବହୁଲ ରେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ଦେଶର 'ଶକ୍ତି ଯୋଦ୍ଧା' ମାନଙ୍କ ସାହସ ଏବଂ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା କୁ ସଲାମ କରି ଅତିଥି ମାନେ କୋଇଲା ଖଣି ଶ୍ରମିକ ଙ୍କ ପ୍ରତିମୂର୍ତ୍ତିରେ ପୁଷ୍ପମାଲ୍ୟ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ। ନିଜର ଉଦବୋଧନରେ ଶ୍ରୀ ରାଓ କୋଇଲା ଉତ୍ପାଦନରେ କ୍ରମାଗତ ଭାବେ ୨୦୦ ମିଲିୟନ୍ ଟନ୍ ର ଲକ୍ଷ ହାસଲ କରି 'ହ୍ୟାଟ୍ରିକ୍' ଅର୍ଜନ କରିଥିବାରୁ ଟିମ୍ ଏମସିଏଲକୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇଥିଲେ ଏବଂ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ସାମୂହିକ ନିଷ୍ଠା ଓ ନିରନ୍ତର ପ୍ରୟାସକୁ ଭୂୟସୀ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏହା ସହିତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ କଳ୍ୟାଣ ଏବଂ କର୍ମକ୍ଷେତ୍ରରେ ସୁବିଧାସୁଯୋଗର ଉନ୍ନତିକରଣ ଉପରେ ଏମସିଏଲର ନିରନ୍ତର ଧ୍ୟାନ ରଖିଥିବା ବିଷୟରେ ସେ ଆଲୋକପାତ କରିଥିଲେ। ଓଡ଼ିଶାରେ ସିଏସଆର କ୍ଷେତ୍ରରେ ସର୍ବବୃହତ ଯୋଗଦାନ ଦିଗରେ ଏମସିଏଲର ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ କରି ସ୍ଥାନୀୟ ସମ୍ପ୍ରଦାୟର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ କମ୍ପାନୀର ଦୃଢ଼ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତାକୁ ଦର୍ଶାଇଥିଲେ। ସେହିପରି ଶ୍ରୀ ଝା ଏବଂ ଶ୍ରୀ ବେହୁରା ଗତ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ଏମ୍.ସି.ଏଲର ଉନ୍ନତ କୋଇଲା ପ୍ରେରଣରେ ଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନକୁ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏମସିଏଲ ର ସାମୂହିକ ପ୍ରୟାସ ଏବଂ ପରିଚାଳନାଗତ ଉତ୍କର୍ଷତା ଆଗାମୀ ବର୍ଷଗୁଡ଼ିକରେ ଆହୁରି ବଡ଼ ସଫଳତା ଆଣିଦେବ ବୋଲି ସେମାନେ ଆଶାବ୍ୟକ୍ତ କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ଅତିଥି ମାନେ କମ୍ପାନୀର ଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନକାରୀ ଏରିଆ ଏବଂ ପ୍ରକଳ୍ପ ଗୁଡ଼ିକୁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରିଥିଲେ। ୨୦୨୫-୨୬ ଆର୍ଥିକ ବର୍ଷରେ ଉତ୍କର୍ଷତା ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ କର୍ମଚାରୀମାନଙ୍କୁ ପୁରସ୍କୃତ କରାଯାଇଥିଲା। ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ ଠିକା ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ତଥା ଆନୁଷ୍ଠାନିକ ବର୍ଗରେ ସମୁଦାୟ ୭୬ଟି ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ସର୍ବଶ୍ରେଷ୍ଠ ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ ଇବ୍ ଭ୍ୟାଲି ଏରିଆକୁ ସମ୍ମାନଜନକ 'ମାଳପୁରୀ ଟ୍ରଫି' ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ସେହିପରି ଇବ୍ ଭ୍ୟାଲି ଏରିଆର ସମଲେଶ୍ୱରୀ ଓପନକାଷ୍ଟ ଖଣିକୁ 'ଶ୍ରେଷ୍ଠ ଓପନକାଷ୍ଟ ଖଣି'ଭାବେ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିବା ବେଳେ, ଓରିଏଣ୍ଟ୍ ଏରିଆର ହୀରାକୁଦ-ବୁନ୍ଦିଆ ଅଣ୍ଡରଗ୍ରାଉଣ୍ଡ୍ ଖଣିକୁ 'ଶ୍ରେଷ୍ଠ ଅଣ୍ଡରଗ୍ରାଉଣ୍ଡ୍ ଖଣି' ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା.
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भोजपुरी साहित्य के डॉ सुनील कुमार पाठक से इतिहास और विकास पर खुली बातचीत

Patna, Bihar:रजनीश पटना BHOJPURI BYTE PATNA भोजपुरी साहित्यकार डॉ सुनील कुमार पाठक, -भोजपुरी का बिल्कुल शुरुआती इतिहास क्या है, लिखित इतिहास क्या कहता है? -भोजपुरी कैसे एक भाषा के तौर पर विकसित हुई? -ये कहा जाता है? कि संस्कृत,प्राकृत और अपभ्रंश के मेल से भोजपुरी बनी, इन भाषाओं का प्रभाव आज की भोजपुरी पर कितना है? -कबीरवाणी में और उनकी काव्यधारा में भोजपुरी किस रूप में है? इसने कैसे भोजपुरी को जन-जन तक पहुंचाया? -विदेशों में भोजपुरी कैसे पहुंची, आज दुनिया भर में भोजपुरी भाषी लोगों की स्थिति कैसी है? -भोजपुरी को बतौर भाषा वो कितना अपने स्वाभिमान से जोड़कर देखते हैं? -भोजपुरी बोलने वाले 8 से 10 करोड़ लोग भोजपुरी भाषा को लेकर कितने जागरूक हैं? -सोहिर, कजरी, बिरहा, चैता और पूर्वी जैसी लोक विधा की स्थिति भोजपुरी में वर्तमान में क्या है? -इन कलाओं का भोजपुरी को समृद्ध बनाने में कितना योगदान है? -भोजपुरी साहित्य और रंगमंच के विकास में भिखारी ठाकुर की क्या भूमिका रही? -भिखारी ठाकुर की कला और उनका साहित्य आज कितना प्रासंगिक है? -भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी समाज की जिन समस्याओं को एड्रेस किया, आज उनकी स्थिति क्या है? -भोजपुरी साहित्य की स्थिति क्या है? क्या इतने बड़े समाज के पास अपने साहित्य के लिए समय नहीं है? -राहुल सांकृत्यायन, रघुवीर नारायण और महेंद्र मिसिर के साहित्य से शुरू हुआ सफर फिलहाल कहां पहुंचा है? -भोजपुरी सिनेमा को यहां से पीछे हम फ्लेशबैक में किस रूप में देखें? -''गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो'' में एकदम शुरुआत में जिस तरह का काम हुआ क्या भोजपुरी सिनेमा उसे कंटीन्यू रख पाया? -70 और 80 के दशक में भोजपुरी सिनेमा कितना दमदार असर छोड़ पाया? -भोजपुरी सिनेमा को हम आज किस रूप में याद करते हैं? -2000 के दशक में भोजपुरी सिनेमा ने कारोबार तो किया, लेकिन क्या इसने अपनी गुणवत्ता बरकरार रखी? -क्या 2000 के दशक में भोजपुरी के बूम का फायदा सिर्फ भोजपुरी कलाकारों को हुआ भोजपुरी को नहीं? -भोजपुरी एल्बम खासकर ऑडियो कैसेट ने भोजपुरी गायकी को किस कदर नई ऊंचाई दी? -यहां पर भोजपुरी के किन सुपरहिट अल्बम का जिक्र करना चाहेंगे? -भोजपुरी के यूट्यूब वीडियोज में जिस तरह से करोड़ों-अरबों के व्यूज मिल रहे हैं, उसपर क्या कहेंगे? बंपर व्यूज़ में कितनी संभावना दिखती है? -भोजपुरी गीतों पर जिस तरह से अश्लीलता के आरोप लगते हैं, उसे किस तरह से देखा जाए? ऊपर के सवालों पर भोजपुरी साहित्यकार डॉ सुनील कुमार पाठक,भोजपुरी कवि/समीक्षक की बाइट है साहित्य और भाषा के सवालों को लेकर
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