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VVishwaroopaFollow26 Jun 2024, 04:41 am
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महिता रोड की झुग्गियों में धमाका, पुलिस ने जांच शुरू कर दी

Amritsar, Punjab:ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਮਹਿਤਾ ਰੋਡ ਤੇ ਬਣੀਆਂ ਝੁੱਗੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਧਮਾਕਾ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਜਤਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਝੁੱਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇੱਥੇ ਰਾਤੀ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਝੁੱਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ 16 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਵੀ ਇੱਕ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਸੀ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਬੱਬਰ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਇੱਕ ਚਿੱਠੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਜਿਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਡਰਾਇ ਧਮਕਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਐਂਕਰ ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਮਹਿਤਾ ਰੋਡ ਦੇ ਉੱਪਰ ਬਣੀਆਂ ਝੁੱਗੀਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਧਮਾਕਾ ਹੋਣ ਦਾ ਸ਼ੱਕ ਜਤਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਝੁਗੀਆਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਬੀਤੀ ਰਾਤ 9 ਵਜੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਇੱਕ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਕਾਫੀ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਇਆ ਹੈ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਡੀਐਸਪੀ ਜੰਡਿਆਲਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਕੋਈ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਵੇ ਵਿਸਫੋਟਕ ਚੀਜ਼ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਗਈ ਇੱਥੇ ਕਾਫੀ ਜਿਆਦਾ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਮੀਟ ਵਾਲੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਹਨ ਭੀੜ ਭਾਲ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਹੈ ਡੀਐਸਪੀ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਿਛਲੀ ਵੀ 16 ਤਰੀਕ ਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਧਮਾਕਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਹ ਚਾਰ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਥਾਣੇ ਪਹੁੰਚੇ ਸੀ ਰਿਪੋਰਟ ਲਿਖਾਉਣ ਵਾਸਤੇ ਉਹ ਵੀ ਫੇਕ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਬੱਬਰ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਚਿੱਠੀ ਵੀ ਜਿਹੜੀ ਆ ਉਹ ਵੀ ਇਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਫੇਕ ਪਾਈ ਗਈ ਹੈ ਇਸ ਜਿਸ ਜਗ੍ਹਾ ਦੇ ਉੱਪਰ ਝੁੱਗੀਆਂ ਬਣਾਈਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸੇ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਹੈ ਜਿਸ ਦੇ ਉੱਪਰ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਨਜਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਾ ਕੀਤਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਅਜੇ ਤੱਕ ਉਹ ਮਾਲਕ ਸਾਡੇ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚ ਕੀਤੀ ਜਿਵੇਂ ਹੀ ਸਾਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਦਰਖਾਸਤ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਝੂਠੀ ਅਫਵਾਹ ਡਾਈ ਸੀ ਜਿਸ ਦੇ ਨਾਲ ਆਸ ਪਾਸ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਕਾਫੀ ਜਿਆਦਾ ਖਰਾਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਕੋਈ ਝੂਠੀ ਖਬਰ ਹੋਈ ਤਾਂ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਬਣਦੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਇਹ ਜਮੀਨੀ ਝਗੜਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਹ ਜਮੀਨ ਨਹੀਂ ਛੱਡਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਤੇ ਇਹੋ ਜਿਹੀਆਂ ਅਫਵਾਵਾਂ ਉਡਾ ਰਹੇ ਹਨ
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माल ITI कॉलेज में अधिकारी घेराव: वेतन समेत सुविधाओं के लिए शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन

Mal Bazar, West Bengal:মাল আইটিআই কলেজে আধিকারিকদের ঘিরে বিক্ষোভ। রাত সাড়ে নটায় অবরোধ মুক্ত আদিকারিকেরা...\n\n শিক্ষকদের অভিযোগে উত্তেজনা\nমাল ব্লকের চেল বস্তি এলাকায় অবস্থিত গভর্নমেন্ট আইটিআই (রানিং আন্ডার পিটিপি) কলেজে বৃহস্পতিবার পরিদর্শনে আসেন ছয়জন আধিকারিক। তাঁরা কলেজের বিভিন্ন বিষয় খতিয়ে দেখেন। পরিদর্শন শেষে সন্ধ্যা দিকে শিক্ষকেরা নিজেদের দীর্ঘদিনের বিভিন্ন সমস্যার কথা উল্লেখ করে একটি লিখিত অভিযোগপত্র আধিকারিকদের হাতে তুলে দেন। অভিযোগ, সেই অভিযোগপত্র গ্রহণের রিসিভ কপি দিতে এবং তাতে স্বাক্ষর করতে অস্বীকার করেন আধিকারিকেরা।\nএর প্রতিবাদে শিক্ষকেরা আধিকারিকদের কলেজ চত্বর ছেড়ে যেতে বাধা দেন। ঘটনাকে কেন্দ্র করে এলাকায় উত্তেজনার সৃষ্টি হয়।\nখবর পেয়ে রাত সাড়ে ৯টা নাগাদ ঘটনাস্থলে পৌঁছান মাল থানার আইসি সৌম্যজিৎ মল্লিক-সহ পুলিশ আধিকারিকেরা। ঘটনাস্থলে উপস্থিত হন মালের বিডিও-ও। বর্তমানে পুলিশ প্রশাসন, বিডিও এবং সংশ্লিষ্ট আধিকারিকদের উপস্থিতিতে বিষয়টি নিয়ে আলোচনা হয়।\nশিক্ষকদের দাবি, ২০১৬ সালে তাঁরা ৭,৫০০ টাকা মাসিক বেতনে কাজে যোগদান করেন। দীর্ঘ ১০ বছর পরও তাঁদের বেতন মাত্র ১০ হাজার টাকার আশেপাশে পৌঁছেছে। এছাড়াও এখনও পর্যন্ত তাঁরা ইএসআই (ESI), পিএফ (PF) সহ অন্যান্য প্রাপ্য সামাজিক সুরক্ষা সুবিধা পাননি। কলেজে একাধিক অনিয়মের অভিযোগও তাঁদের লিখিতভাবে আধিকারিকদের কাছে জমা দিতে চেয়েছিলেন। কিন্তু অভিযোগপত্র গ্রহণের রিসিভ কপি দিতে অস্বীকার करায় তাঁরা এই অবস্থান-বিক্ষোভে সামিল হন।\nঘটনার জেরে এলাকায় উত্তেজনা ছড়ালেও প্রশাসনের উদ্যোগে আলোচনার মাধ্যমে পরিস্থিতি স্বাভাবিক হয় সড়ে নটা নাগাদ। আধিকারিকেরা অবরোধ মুক্ত হয়\n\nবাইট ১) শিক্ষক বিভাস সরকার।\n\n২) তনুময় মিত্র প্রন্সিপাল।\n\n৩) বিডিও মাল
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रायदिघी सड़क बरसात में बदहाल, पिच उखड़ कर जलजमाव, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा

Jalabaria, West Bengal:রায়দিঘি রাস্তা बেহাল নকিব উদ্দিন গাজী দক্ষিণ ২৪ পরগনা রায়দিঘি লক্ষ্মীকান্তপুর মন্দির বাজার সহ বিভিন্ন জায়গায় অতিরিক্ত বৃষ্টি ফলে বেহাল হয়ে পড়েছে পিচের রাস্তা। খালা খনদে ভরে আছে জল, দুর্ঘটনা বাড়ছে স্থানীয় মানুষরা চাইছে রাস্তা অবিলম্বে তাড়ানো হোক। দক্ষিণ 24 পরগনা ডায়মন্ড হারবার থেকে রায়দিঘি, প্রায় 40 কিলোমিটার রাস্তা জুড়േ কেন এভাবে বেহাল হয়ে থাকার কারণে গাড়ি দুর্ঘটনা বাড়ছে। রায়দীঘি রোডে দেউলার মোর মতি কালি মোর হটুগঞ্জ মোড় বিভিন্ন জায়গায় পিচ উঠে গিয়ে খালা হয়ে গেছে পুকুরের পরিণত হয়েছে। জল টপকে যেতে হচ্ছে চার চাকা কত বড় সব গাড়ি। বাশগাড়ীর যাতায়াত করতে অনেক সময় সমস্যা করতে হচ্ছে গাড়ির যন্ত্রাংশ নষ্ট হচ্ছে। এই রাস্তার বেহাল থেকে দুর্ঘটনা যন্ত্রণা কবে স্বস্তি পাবে সেটাই এখন প্রশ্ন
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महाराष्ट्र सरकार ने नकली नॉन-डेयरी पनीर पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया

Mumbai, Maharashtra:महाराष्ट्र सरकार ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में नकली (एनालॉग/नॉन-डेयरी) पनीर के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। FDA के अनुसार, पिछले कुछ समय से “पनीर” के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह कर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा तथा अन्य गैर-दुग्धीय तत्वों से तैयार नकली उत्पाद बेचे जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। विभिन्न जांचों, प्रयोगशाला रिपोर्टों और प्रवर्तन कार्रवाई में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18, 29 और 30(2)(ए) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। एफडीए के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों से 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच एकत्र किए गए 308 पनीर नमूनों की जांच की गई। इनमें से 109 नमूने नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए, जबकि 79 नमूने सब-स्टैंडर्ड और 30 नमूने असुरक्षित (Unsafe) घोषित किए गए। यानी जांचे गए कुल नमूनों में करीब 35.4 प्रतिशत नमूनों निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। वैज्ञानिक जांच में कई नमूनों में दूध की प्राकृतिक वसा की जगह वनस्पति वसा के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। एफडीए ने स्पष्ट किया कि पनीर खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के तहत एक मानकीकृत दुग्ध उत्पाद है। लेकिन “एनालॉग” या “नॉन-डेयरी पनीर” के लिए कोई वैज्ञानिक गुणवत्ता मानक निर्धारित नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहा है। विभाग ने यह भी कहा कि कई होटल, रेस्तरां, भोजनालय, कैटरर्स और क्लाउड किचन ग्राहकों को बिना जानकारी दिए ऐसे नकली पनीर का उपयोग कर खाद्य पदार्थ परोस रहे हैं। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा कानून का गंभीर हनन माना गया है。 एफडीए ने सभी उत्पादकों, प्रोसेसिंग इकाइयों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, परिवहनकर्ताओं, गोदाम संचालकों, वितरकों, होटल, रेस्तरां, कैटरर्स, क्लाउड किचन तथा अन्य फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत माल जब्त करने, उत्पाद नष्ट करने, आर्थिक दंड, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और गंभीर मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना उसका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को धोखा देकर मुनाफाखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ईमानदार उद्योगों को संरक्षण देते हुए मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी भी है।
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राजधानी रायपुर में लिव-इन पार्टनर ने बीएड छात्रा की गला दबाकर हत्या की

Raipur, Chhattisgarh:राजधानी रायपुर से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. बोरियाकला स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रही एक बीएड छात्रा की उसके लिव-इन पार्टनर ने मारपीट के बाद गला दबाकर हत्या कर दी घटना के बाद आरोपी युवती को बेसुध हालत में मेकाहारा अस्पताल लेकर पहुंचा, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. युवती की मौत की पुष्टि होते ही आरोपी मौके से फरार हो गया. मृतका के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई है, जिसपर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मृतिका का नाम भारती नेताम और आरोपी का नाम सावंत बघेल बताया जा रहा है.....
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अलीगढ़ के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत पर भारी हंगामा, जांच की मांग

Aligarh, Uttar Pradesh:अलीगढ़ के खैर कस्बे में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए और निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कार्रवाई की मांग उठी। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। गांव भमरौला निवासी पंकज कुमार अपनी पत्नी सत्यवती को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में भर्ती कराए थे; परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान लगातार रक्त व दवाएं दी जा रही थीं, फिर भी बुधवार शाम उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया, रास्ते में ही मृतका हो गईं। परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसके कारण नाराजगी बढ़ गई और अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। सूचना पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. रोहित भाटी और खैर पुलिस मौके पर पहुंचे, लोगों को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के पति ने इलाज में लापरवाही से पत्नी और गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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राजस्थान के 84 शहरों में आरयूआईडिप की प्रगति पर मुख्य सचिव की समीक्षा

Jaipur, Rajasthan:प्रदेश के 84 शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी बाढ़ प्रबंधन और विरासत संरक्षण जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने वाली राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडिप) की प्रगति की बुधवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं की गुणवत्ता, नियमित निगरानी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकसित आधारभूत सुविधाओं का पूरा लाभ आमजन तक पहुंचे। मुख्य सचिव ने आरयूआईडिप के तृतीय और चतुर्थ चरण के कार्यों की समीक्षा करने के साथ वर्ष 2026-35 के लिए प्रस्तावित पंचम चरण की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की नियमित मॉनिटरिंग, प्रभाव आकलन रिपोर्ट तैयार करने और परियोजना की उपलब्धियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि एसटीपी का संचालन और रखरखाव संबंधित शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। सभी निकाय नियमित निगरानी करें और परियोजनाओं के तहत विकसित परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के तहत वित्तपोषण संस्थाओं के निरीक्षण, मूल्यांकन, परियोजना प्रगति और महत्वपूर्ण तस्वीरों का अद्यतन रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही आरयूआईडिप की वेबसाइट को अधिक उपयोगी, अद्यतन और तथ्यपरक बनाया जाए। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न शहरों में अपनाई गई श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों, सफलता की कहानियों और उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अन्य शहरी निकाय भी उनसे सीख लेकर बेहतर कार्य कर सकें। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक, स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव (ईएपी), आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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विदेशी संस्थाओं के सहयोग से 12 परियोजनाओं की समीक्षा, 31 हजार करोड़ रुपये लागत

Jaipur, Rajasthan:राज्य में वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी), जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) और न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की मदद से संचालित परियोजनाओं की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी करने और वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त राशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी कार्यकारी एजेंसियां वित्तीय संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने लंबित कार्यों का समयबद्ध समाधान करने और नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग और स्वायत्त शासन विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए अन्य विभागों को उनकी बेहतर कार्यप्रणालियां अपनाने की सलाह दी। बैठक में बताया गया कि राज्य में सड़क अवसंरचना, ऊर्जा, पेयजल, जल संसाधन, ड्रेनेज, स्वच्छता, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की 12 परियोजनाएं वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अलावा 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की 4 नई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग किया जाए, ताकि राज्य के बजट पर अनावश्यक वित्तीय भार न पड़े। बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया सहित जल संसाधन, वन, सार्वजनिक निर्माण, नगरीय विकास एवं आवासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे。
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PMAY-Urban 2.0: 6,139 नए आवास मंजूर, पहली किस्त 61 करोड़ जारी

Jaipur, Rajasthan:PMAY-Urban 2.0 के तहत 6,139 नए बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) आवासों को मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक में इन आवासों के लिए 153.47 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता स्वीकृत की गई। सभी स्वीकृत आवासों के लिए पहली किस्त के रूप में करीब 61 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निर्माण शुरू नहीं हो सके 6,593 आवासों के मामलों पर भी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि पात्र शहरी परिवारों को समय पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत आवासों का निर्माण तय समय-सीमा में पूरा कराने और योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बीएलसी और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) मॉडल की बेहतर कार्यप्रणालियों को सभी शहरी निकायों में अपनाने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समय पर पहुंच सके। मुख्य सचिव ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये की सरकारी सहायता दी जाती है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन सहित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, राजस्व एवं उपनिवेशन, वित्त, ऊर्जा, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति और रुडसिको के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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बहराइच: कृषि भवन कालोनी में विवाहिता की फंदे से मौत, पति कृषि विभाग में तैनात

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच. कृषि भवन कालोनी में विवाहिता की फांसी पर लटकती मिली लाश, पति कृषि विभाग में है तैनात, ढाई वर्ष पूर्व हुआ था विवाह, मृतका का दो वर्ष का है बालक, पुलिस जांच में जुटी, खबर बहराइच से है, जहां शहर के कृषि भवन के सरकारी आवास में एक विवाहिता का शव छत के कुंडे से फंदे के सहारे लटकता मिला। मृतका का पति कृषि विभाग में कार्यरत हैं। उसकी शादी ढाई वर्ष पूर्व हुई थी। व mẹायके से आए परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक सीतापुर जिले के विस्वां थाने के कारीपुरा निवासी दिलीप वर्मा कृषि विभाग में जिला मुख्यालय स्थित कृषि भवन में कार्यरत है। वह सरकारी आवास में पत्नी पूजा वर्मा (22) व दो वर्ष के बेटे के साथ रह रहे है। उनकी लगभग ढाई वर्ष पूर्व शादी हुई थी। बुधवार सुबह पूजा वर्मा का शव कुंडे में फंदे से लटकता मिला। सूचना पर विस्बां से मायके से मृतका का भाई अमित वर्मा व अन्य परिजन पहुंचे। कोतवाली में सूचना पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने तहकीकात की। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। कोतवाल दद्दन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने पर मौत की वजह स्पष्ट होगी। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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हाईकोर्ट ने जीवन किशोर ध्रुव की जमानत खारिज; पेपर लीक जघन्य अपराध कहा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजी पीएससी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व सचिव और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करना हत्या से भी अधिक जघन्य अपराध है, क्योंकि इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है।राज्य सेवा परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र लीक और भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका पर सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया।सीबीआई की जांच के मुताबिक वर्ष 2020 से 2022 के दौरान, जब सीजी पीएससी की राज्य सेवा परीक्षा आयोजित की जा रही थी, उस समय जीवन किशोर ध्रुव आयोग के सचिव थे। आरोप है कि उन्होंने गोपनीय प्रश्नपत्र अपने बेटे सुमित ध्रुव को उपलब्ध कराए। जांच में उनके भिलाई स्थित घर से मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों और उत्तरों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए।जांच एजेंसी का दावा है कि मुख्य परीक्षा के पेपर नंबर-7 के 47 प्रश्नों में से 42 प्रश्न आरोपी के घर से जब्त दस्तावेजों से मेल खाते हैं। आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक का फायदा उठाकर उनके बेटे का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि जीवन किशोर ध्रुव ने पहले ही आयोग को अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी दे दी थी और वे गोपनीय कार्यों से अलग रहे। साथ ही सेवानिवृत्त होने, लंबे समय से जेल में रहने और समानता के आधार पर जमानत देने की मांग की गई।हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने वाले अधिकारी उन लाखों युवाओं के सपनों और मेहनत के साथ विश्वासघात करते हैं, जो वर्षों तक तैयारी करते हैं। कोर्ट ने इसे बाड़ ही खेत को खाने जैसा मामला बताते हुए कहा कि ऐसे अपराध पूरे समाज और व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी。
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