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टोंक-देवली राजमार्ग पर भीषण हादसा: कार डंपर में घुसी; चालक की मौत

Tonk, Rajasthan:देवली टोंक टोंक-देवली राजमार्ग पर भीषण सड़क हादसा, कार डंपर में घुसी; चालक की मौके पर मौत कार की स्पीड 190 किमी/घंटा वायरल टोंक-देवली राजमार्ग पर पोल्याडा के पास मंगलवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे डंपर में जा घुसी। राजाराम (41) पुत्र जगदीश जाट, निवासी जनकपुरा टोरड़ी, थाना मालपुरा की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसे के बाद कार की तेज रफ्तार का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वाहन की स्पीड करीब 190 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई गई स्पीड की आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। राजाराम खेती का काम करता था और दो बच्चों का पिता था। बताया जा रहा है कि उसका एक बच्चा MBBS की पढ़ाई कर रहा है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
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कुरuक्षेत्र पुलिस का खास चेकिंग अभियान: बिना नंबर प्लेट पर कार्रवाई

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में वाहनों की विशेष चेकिंग को लेकर पुलिस का अभियान पुलिस महानिदेशक के आदेश और कुरुक्षेत्र पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर पुलिस की ओर से विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बिना नंबर प्लेट, गलत तरीके से लगाई गई नंबर प्लेट, काले शीशे और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर 특별 नजर रखी जा रही है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे वाहनों की पहचान करना है, जिन पर नंबर प्लेट नहीं लगी है या नंबर प्लेट को इस तरह से लगाया गया है कि वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। पुलिस का कहना है कि कई बार आपराधिक वारदातों में ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। बिना नंबर प्लेट या अस्पष्ट नंबर प्लेट होने की वजह से सीसीटीवी कैमरों में वाहन का नंबर कैप्चर करना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए पुलिस ने ऐसे वाहनों की विशेष चेकिंग शुरू की है। इसके अलावा जिन वाहनों में नियमों के विपरीत काले शीशे या ऐसी फिल्म लगाई गई है, जिससे वाहन के अंदर की स्थिति दिखाई नहीं देती, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नाकों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों का सहयोग करें और अपने जरूरी दस्तावेज साथ लेकर चलें। जरूरत पड़ने पर मोबाइल में भी दस्तावेज दिखाए जा सकते हैं। पुलिस की सबसे अहम अपील है कि सभी वाहन चालक अपने वाहनों पर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नंबर प्लेट ही लगवाएं और नंबर प्लेट को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली स्थिति में रखें। नाबालिग बच्चों को वाहन न दें की अपील पुलिस ने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन न दें। कई बार स्कूल आने-जाने वाले नाबालिग बच्चे दोपहिया वाहन चलाते दिखाई देते हैं, जो उनके साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है। पुलिस ने कहा कि 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद ही आवश्यक लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करके वाहन चलाया जाए। बीमार और बुजुर्ग लोगों को नहीं किया जाएगा परेशान पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेकिंग के दौरान बीमार व्यक्ति, बुजुर्ग या किसी मरीज को अस्पताल ले जा रहे वाहन चालकों को बेवजह परेशान नहीं किया जाता। पुलिस कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आमजन के साथ सम्मानपूर्वक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। पुलिस की अपील: पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अपने वाहन के दस्तावेज दुरुस्त रखें, नंबर प्लेट सरकारी मानकों के अनुसार लगाएं और यातायात नियमों का पालन करें। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों पर नजर रखें और यदि उन्हें वाहन दिया गया है तो यह जरूर सुनिश्चित करें कि वाहन पर वैध और स्पष्ट नंबर प्लेट लगी हो। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
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2017 में 56 टुकड़ों में ढोलकल गणेश प्रतिमा का हुआ था सफल जीर्णोद्धार,आधी सूंड के साथ विराजे हैं बप्प

Dantewada, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा स्थित बैलाडीला पहाड़ी पर 3 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजे 11वीं सदी के ऐतिहासिक ढोलकल गणेश जी की प्रतिमा का जीर्णोद्धार पुरातात्विक इतिहास की एक मिसाल है। वर्ष 2017 में असामाजिक तत्वों द्वारा पहाड़ी से नीचे गिराए जाने के बाद यह दुर्लभ ग्रेनाइट प्रतिमा 56 टुकड़ों में बिखर गई थी। पुरातत्वविद अरुण कुमार शर्मा के निर्देशन में विशेषज्ञों की टीम ने महज तीन दिनों में विशेष केमिकल ट्रीटमेंट के जरिए इन टुकड़ों को जोड़कर प्रतिमा को पुनः स्थापित किया था। मूल सूंड का टुकड़ा न मिलने के कारण पुरातात्विक नियमों का पालन करते हुए कोई कृत्रिम बदलाव नहीं किया गया, जिससे भगवान गणेश अब आधी सूंड के साथ ही मूल स्वरूप में नजर आते हैं। घने जंगलों और 8 किमी दुर्गम चढ़ाई के बावजूद इस चमत्कारिक स्वरूप के दर्शन के लिए आज भी देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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कुशीनगर में ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति बंद कर लोगों ने हंगामा मचा दिया

Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking कुशीनगर - बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा - 8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति - ग्रामीण फीडर पड़री से लगातार बिजली कटौती से नाराज थे लोग - सैकड़ों लोगों ने हटा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पहुंच किया हंगामा - विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर जताई नाराजगी - प्रदर्शनकारियों ने जबरन सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति की बंद - सूचना पर एसडीओ बलदेव सिंह और जेई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे - जबरन फिडर में घुसकर की बिजली आपूर्ति बंद - हाटा नगर के मुख्य विद्युत सब स्टेशन का मामला。
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हापुड़ मोदीनगर रोड पर मकान में आग, शॉर्ट-सर्किट से नुकसान, दमकल ने बुझाई

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोदीनगर रोड स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में मंगलवार को एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई. आग की लपटें और उठता धुआं देखकर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जानकारी के अनुसार मोदीनगर रोड पर पुल के पास आदर्श नगर कॉलोनी में करन सिंह का मकान है, जिसमें नरेश कुमार किराए पर रहते हैं. मकान के भीतर गत्ते की नलकी बनाने का काम चल रहा था और मौके पर गैस सिलेंडर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था. मंगलवार सुबह अचानक घर में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया. ​घटना के बाद आसपास के स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करते हुए तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग के अधिकारी अपनी टीम और फायर गाड़ी के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. आग के फैलाव को देखते हुए मौके पर दूसरा फायर टेंडर भी बुलवाया गया. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्त के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे आग आसपास के घरों में नहीं फैल सकी. इस अग्निकांड में घर में रखे कपड़े, गत्ते का सामान, कच्चा माल और अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया. मुख्य अग्निमन अधिकारी अजय शर्मा के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना सामने आ रहा है. फिलहाल विभाग द्वारा विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.
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जहानाबाद में सूने मकान से लाखों के सामान की चोरी, पुलिस जांच तेज

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में बेखौफ चोरों ने पीडीएस दुकानदार के एक बंद पड़े मकान को अपना निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, कपड़े, बर्तन और अनाज समेत लाखो रुपये के सामान की चोरी कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना नगर थाना क्षेत्र के विष्णुगंज मोहल्ले की है। पीड़ित मकान मालिक पंकज कुमार ने बताया कि भाइयों के बीच आपसी बंटवारे के कारण यह पुराना मकान नियमित रूप से आबाद नहीं था। परिवार के लोग पास के ही किराए के मकान में रहता है और जरूरत पड़ने पर सुबह-शाम इस मकान में आना-जाना होता था। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। घर में रखे सारे कीमती सामान, आभूषण सहित करीब 15 बोरे चावल, गेहूं की चोरी कर ली। वही गृहस्वामी की पत्नी सुनीता कुमारी ने बताया कि जब घर पहुंचीं, तब ताले टूटे और सामान बिखरा देख घटना का पता चला। चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात और नकद राशि, बर्तन, कपड़े और घर में रखा चावल और गेहूं समेत 10 से 15 लाख रुपये की संपत्ति की चोरी कर ली। इधर घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी उमेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से चोरों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। आसपास के निवासियों से पूछताछ कर संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है。
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लखनऊ: सद्भावना एक्सप्रेस की दिव्यांग बोगी से 11 बोरे चाइनीज लहसुन पकड़े गए

Noida, Uttar Pradesh:सद्भावना एक्सप्रेस के दिव्यांग बोगी से कस्टम लखनऊ डिवीजन ने जब्त किया 11 बोरे , चाइनीज लहसुन चारबाग बड़ी लाइन पर तस्करी की नकेल कसते हुए, सटीक सूचना पर, कस्टम मंडल लखनऊ ने रक्सौल से आनंद विहार जा रही 14015 सद्भावना एक्सप्रेस की दिव्यांग बोगी के शौचालय से जब्त किया गया 11 बोरे तस्करी कर नेपाल से लाया गया चाइनीज लहसुन। इस मॉल की कीमत ब्लैक मार्केट में 3 लाख से ऊपर की है l उक्त कारवाही में RPF लखनऊ चारबाग की टीम ने सहयोग किया मॉल नेपाल के रास्ते स्मगलिंग कर के रक्सौल बॉर्डर पार कर करा कर भारत पहुंचा । छोटे कंसाइनमेंट में ये मॉल , दिल्ली पहुंचाया जा रहा था l चीनी लहसुन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और सफेद दिखाने के लिए मिथाइल ब्रोमाइड (Methyl Bromide) जैसे खतरनाक फंगसरोधी रसायनों और क्लोरीन का उपयोग किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। भारत सरकार ने सबसे पहले सितंबर 2005 में इसमें खतरनाक फंगस (जैसे एम्बेलिसिया अल्ली और यूरोसिस्टिस सेपुले) पाए जाने के बाद इसके आयात पर रोक लगाई थी
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छह दशक बाद किशाऊ जल समझौता सुलझा, राजस्थान को पानी का बड़ा लाभ

Jaipur, Rajasthan:मोदी है मुमकिन है! 6 दशक पुराना किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को फायदा पहुंचाने वाले चौथे जल विवाद पर विराम जयपुर- केंद्र सरकार ने एक बार फिर से पुराना जल समझौता सुलझा दिया है. 6 राज्यों के बीच दशकों पुराना किशाऊ जल विवाद आज सुलझ गया. केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 6 राज्यों के बीच MOУ हुआ, जिसमें पावर और पानी के हिस्से को लेकर समझौता किया गया. लेकिन राजस्थान को पेयजल और सिंचाई के लिए इस प्रोजेक्ट का फायदा होगा.. आख़िरकार किशाऊ जल समझौते से राजस्थान को कैसे लाभ मिलेगा..देखिए इस खास रिपोर्ट में! चौथा जल विवाद सुलझा- पहले 17 साल पुराना ERCP विवाद... फिर 32 साल पुराना यमुना जल विवाद, उसके बाद 47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद और अब 6 दशक पुराना किशाऊ विवाद पूरी तरह से सुलझ गया है. केंद्र सरकार के दखल के बाद राज्यों के बीच जल समझौते का विवाद लगातार सुलझता जा रहा है. आज केंद्र और 6 राज्यों के बीच दिल्ली में किशाऊ जल समझौते का MOУ हुआ. 15,000 करोड़ की इस परियोजना में राजस्थान को 130 MCM पानी मिल पाएगा. राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले को पानी मिलेगा. राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के सीएम की मौजूदगी में MOУ पर हस्ताक्षर हुए. बताया जा रहा है कि राजस्थान और दिल्ली को हिमाचल के हिस्से का पानी मिलेगा. इसके बदले में दिल्ली और राजस्थान की सरकारें हिमाचल प्रदेश के बिजली प्रोजेक्ट की लागत में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी देंगी. इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार 90 फीसदी खुद वहन करेगी, जबकि 10 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी. राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए 5 बैराज बनेंगे. जिसे हथिनी कुंड से जोडा जाएगा. इसकी लागत करीब 800 करोड़ होगी. इस प्रोजेक्ट से राजस्थान के शेखावाटी के 3 जिलों में पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी. सीएम बोले- मोदी है तो मुमकिन है- MOУ होने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दशकों पुरानी अटकी परियोजनाओं का विवाद सुलझ रहा है. राजस्थान का सौभाग्य है कि पानी को लेकर प्रदेश में कितनी बड़ी समस्या है. लेकिन पीएम ने ERCP परियोजना, यमुना समझौता, नर्मदा समझौता या फिर किशाऊ समझौता सुलझ गया. दशकों तक जो सरकारे सोचना भी नहीं चाहती थी, वो विवाद आज सुलझ गया है. इसके लिए पीएम को धन्यवाद. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यह MOУ हुआ. सभी राज्यों का आभार. किशाऊ बांध परियोजना क्या है- यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की सीमा पर टोंस नदी पर स्थित है. इसका मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति करना है. इससे करीब 660 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट 6 राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इन राज्यों को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा. केंद्र सरकार इस परियोजना के जल घटक का 90% खर्च उठाएगी. परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पीयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है. पानी के अलावा यमुना की सफाई करने में भी मदद मिलेगी. इससे मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी. गर्मी के मौसम में टोंस और आगे चलकर यमुना नदी में निरंतर जल प्रवाह बनाए रखा जा सकेगा. किशाऊ परियोजना स्थापित करने की योजना करीब छह दशक पहले बनी. परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर स्थल, भूगर्भीय परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन हुआ. इसके बाद डीपीआर, लागत, जल बंटवारे और छह राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी जैसे मुद्दे सामने आते गए. परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिला, लेकिन अंतरराज्यीय सहमति का पेंच नहीं सुलझ पाया. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आगे बढ़कर संयुक्त उपक्रम बनाया, मगर परियोजना को वास्तविक गतिवानी के लिए छह राज्यों के बीच व्यापक सहमति जरूरी थी. राजस्थान के ये जल समझौते सुलझे- ERCP जल विवाद- राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 17 साल पुराना ERCP समझौता सुलझा था. प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. ERCP में 9400 करोड़ के 3 पैकेज का काम चल रहे हैं. इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. पूर्वी राजस्थान के 3.50 करोड़ लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. भूजल स्तर सुधरेगा. राजस्थान में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा यमुना जल विवाद- हरियाणा और राजस्थान के बीच 32 साल पुरान यमुना जल समझौता सुलझा. जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों और गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा. प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है. इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे. 3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी. नर्मदा जल विवाद- 47 साल पुराना राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल समझौता सुलझा. इससे राजस्थान के सुखाग्रस्त जिले जालोर, सांचौर, बाड़मेर और सिरोही को पानी मिल पाएगा. नर्मदा जल विवाद की शुरुआत 1969 में हुई थी, जिसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था 1979 में पानी का बंटवारा तय होने के बावजूद परियोजना की लागत, पुनर्वास और अन्य वित्तीय दावों को लेकर विवाद जारी रहा था. अब चौथा किशाऊ जल विवाद सुलझ गया है. नोट-इस खबर की फीड दिल्ली से आएगी, बांधों के शॉट्स, शेखावाटी के शॉट्स के साथ खबर को चलाए।
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मोदी है तो मुमकिन: किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को मिलेगा बड़ा लाभ

Jaipur, Rajasthan:मोदी है मुमकिन है! 6 दशक पुराना किशाऊ जल विवाद सुलझा, राजस्थान को फायदा पहुंचाने वाले चौथे जल विवाद पर विराम आशीष चौहान, जयपुर-केंद्र सरकार ने एक बार फिर से पुराना जल समझौता सुलझा दिया है.6 राज्यों के बीच दशकों पुराना किशाऊ जल विवाद आज सुलझ गया.केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 6 राज्यों के बीच एमओयू हुआ, जिसमें पावर और पानी के हिस्से को लेकर समझौता किया गया. लेकिन राजस्थान को पेयजल और सिंचाई के लिए इस प्रोजेक्ट का फायदा होगा. चौथा जल विवाद सुलझा- पहले 17 साल पुराना ERCP विवाद... फिर 32 साल पुराना यमुना जल विवाद, उसके बाद 47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद और अब 6 दशक पुराना किशाऊ विवाद पूरी तरह से सुलझ गया है. केंद्र सरकार के दखल के बाद राज्यों के बीच जल समझौते का विवाद लगातार सुलझता जा रहा है. आज केंद्र और 6 राज्यों के बीच दिल्ली में किशाऊ जल समझौते का एमओयू हुआ.15,000 करोड़ की इस परियोजना में राजस्थान को 130 MCM पानी मिल पाएगा.राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले को पानी मिलेगा.राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा के यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के सीएम की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. कहा जा रहा है कि राजस्थान और दिल्ली को हिमाचल के हिस्से का पानी मिलेगा. इसके बदले में दिल्ली और राजस्थान की सरकारें हिमाचल प्रदेश के बिजली प्रोजेक्ट की लागत में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी देंगी. इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार 90 फीसदी खुद वहन करेगी, जबकि 10 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी. राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए 5 बैराज बनेंगे. जिसके हथिनी कुंड से जोड़ा जाएगा. इसकी लागत करीब 800 करोड़ होगी. इस प्रोजेक्ट से राजस्थान के शेखावाटी के 3 जिलों में पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी. सीएम बोले-मोदी है तो मुमकिन है- एमओयू होने के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार दशकों पुरानी अटकी परियोजनाओं का विवाद सुलझ रहा है. राजस्थान का सौभाग्य है कि पानी को लेकर प्रदेश में कितनी बड़ी समस्या है. लेकिन पीएम ने ईआरसीपी परियोजना, यमुना समझौता, नर्मदा समझौता या फिर किशाऊ समझौता सुलझ गया. दशकों तक जो सरकारे सोचना भी नहीं चाहती थी, वो विवाद आज सुलझ गया है. इतिहासिक कार्य हुआ है, इसके लिए पीएम को धन्यवाद. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यह एमओयू हुआ. सभी राज्यों का आभार. किशाऊ बांध परियोजना क्या है- यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की सीमा पर टोंस नदी पर स्थित है. इसका मुख्य उद्देश्य बिजली उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति करना है. इससे करीब 660 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट 6 राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इन राज्यों को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा. केंद्र सरकार इस परियोजना के जल घटक का 90% खर्च उठाएगी. परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पीयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है. पानी के अलावा यमुना की सफाई करने में भी मदद मिलेगी. इससे मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी. गर्मी के मौसम में टोंस और आगे चलकर यमुना नदी में निरंतर जल प्रवाह बनाए रखा जा सकेगा. 6 दशक से क्यों अटका किशाऊ? किशाऊ परियोजना स्थापित करने की योजना करीब छह दशक पहले बनी. परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर स्थल, भूगर्भीय परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन हुआ. इसके बाद डीपीआर, लागत, जल बंटवारे और छह राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी जैसे मुद्दे सामने आते गए. परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिला, लेकिन अंतरराज्यीय सहमति का पेंच नहीं सुलझ पाया. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आगे बढ़कर संयुक्त उपक्रम बनाया, मगर परियोजना को वास्तविक गति देने के लिए छह राज्यों के बीच व्यापक सहमति जरूरी थी. राजस्थान के ये जल समझौते सुलझे- 1. ERCP जल विवाद - राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 17 साल पुराना ERCP समझौता सुलझा था. प्रदेश में इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. ERCP में 9400 करोड़ के 3 पैकेज का काम चल रहे हैं. इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. पूर्वी राजस्थान के 3.50 करोड़ लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. भूजल स्तर सुधरेगा. राजस्थान में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा 2. यमुना जल विवाद - हरियाणा और राजस्थान के बीच 32 साल पुरान यमुना जल समझौता सुलझा. जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों के कस्बों और गांवों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा. प्रोजेक्ट की लागत 33,379 करोड़ रुपए है. इसमें से 3900 करोड़ रुपए भू अवाप्ति पर खर्च होंगे.3.6 डाया मीटर की तीन पाइपलाइन डाली जाएगी. 3. नर्मदा जल विवाद- 47 साल पुराना राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच जल समझौता सुलझा. इस समझौते से राजस्थान के सुखाग्रस्त जिले जालोर, सांचौर, बाड़मेर और सिरोही को पानी मिल पाएगा. नर्मदा जल विवाद की शुरुआत 1969 में हुई थी, जिसके समाधान के लिए केंद्र सरकार ने नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था 1979 में पानी का बंटवारा तय होने के बावजूद परियोजना की लागत, पुनर्वास और अन्य वित्तीय दावों को लेकर विवाद जारी रहा था. अब चौथा किशाऊ जल विवाद सुलझ गया है.
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गंगरार के सरकारी विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, 1098 हेल्पलाइन की जानकारी

Begun, Rajasthan:#गंगरार, चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे’ अभियान के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। तालुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं सिविल न्यायाधीश खुशबू परिहार ने छात्र-छात्राओं को अजनबियों से सावधान रहने और स्वयं की सुरक्षा के उपाय बताए। बाल अपहरण, यौन शोषण, बाल मजदूरी और बाल विवाह जैसी घटनाओं से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों को मुसीबत के समय 1098 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई। शिविर में शिक्षक, पीएलवी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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चित्तौड़गढ़ के विद्यालय में सरस्वती मंदिर निर्माण का भूमि पूजन

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार क्षेत्र के एरा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरस्वती माता मंदिर निर्माण की पहल की गई। मंदिर निर्माण को लेकर विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान ग्रामवासी और विद्यालय का समस्त शिक्षक स्टाफ मौजूद रहा। भूमि पूजन के दौरान मां सरस्वती से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान और विवेक की कामना की गई। विद्यालय परिसर में मंदिर निर्माण की पहल को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया। ग्रामीणों ने इसे शिक्षा के साथ संस्कारों को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम बताया।
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वार्ड 57 के परिणाम पर उठे सवाल, पुनर्मतगणना की मांग के साथ हंगामा

Hanumangarh, Rajasthan:वार्ड 57 के चुनावी नतीजे पर उठे सवाल, भाजपा प्रत्याशी ने की पुनर्मतगणना की मांग, डाक मतपत्र और ईवीएम की गणना में गड़बड़ी का आरोप हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 57 से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी ने उनके वार्ड के डाक मतपत्रों और ईवीएम में पड़े मतों की गणना सही तरीके से नहीं करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को वार्डवासियों ने प्रत्याशी वन्दना गौतम और उनके पति विकास शर्मा के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर मतगणना में अनियमितता और महिला प्रत्याशी के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी व पथराव के मामलों में कार्रवाई की मांग की। वार्ड नंबर 57 से भाजपा प्रत्याशी रही वन्दना गौतम ने आरोप लगाया कि भाग संख्या 1 व 2 में डाक मतपत्रों और ईवीएम में पड़े मतों की गणना सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के बाद निर्वाचक अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए। रिकाउंटिंग की अपील किए जाने के बावजूद दोबारा मतगणना नहीं करवाई गई। उन्होंने मामले की जांच करवाकर मतों की पुनर्गणना कराने की मांग की। वहीं पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में वन्दना गौतम ने आरोप लगाया कि लोगों ने उनकी कार रुकवाकर उनके साथ मौजूद महिलाओं से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच की। कार पर पत्थर व डंडे मारे गए तथा कार के शीशे पर मुक्का मारा गया। अपहरण और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने स्वयं, अपने पति और परिवार को जान-माल का खतरा बताते हुए नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की。
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