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भगवान राम–कृष्ण में फर्क पर सनातन धर्म की नई बहस, संतों की प्रतिक्रिया

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां अयोध्या से चलकर गोंडा जिले की एक दिवसीय दौरे पर आज मंगलवार देर शाम नवाबगंज पहुंचे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने नवाबगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होकर के विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे बच्चों से मुलाकात की है। वही बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भगवान के प्रति लोगों की अपनी-अपनी आस्था है भगवान से बहुत प्रकार के लोगों के संबंध होते हैं। उन संबंधों के हिसाब से हम भगवान को किस तरीके से परिभाषित करना चाहते हैं यह महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर किसी भी प्रकार से भगवान के प्रति कोई भी गलत टिप्पणी करता तो भारत और साधु समाज या सनातन धर्म स्वीकार नहीं करेगा। अगर कोई उनको कोई अन्य भावना से अपना आराध्य मान करके जैसे गोपिया उनको कानुवा कहती है। कोई उन्हें कृष्णा कहता है कोई माखन चोर कहता है। इस प्रकार से अगर सात्विक विचारधारा से भगवान को परिभाषित किया गया है तो हमें लगता है कि इसमें कोई दोष नहीं होना चाहिए। आगे बयान देते हुए कहा कि उन्होंने कहा है कि भगवान श्री राम और कृष्णा में अंतर है भगवान राम का नाम सीधा है और भगवान कृष्ण का नाम टेढ़ा है। क्योंकि भगवान श्री कृष्णा तीन जगह से टेढ़े हो करके खड़े होते हैं और भगवान कृष्ण को त्रिभंगीलाल कहा भी जाता है। जिन लोगों ने बांके बिहारी का दर्शन किया होगा लोगों ने देखा होगा कि भगवान श्री कृष्णा तीन जगह से टेढ़ा हो करके खड़े होते हैं। मुझे लगता है कि अगर किसी दुर्भावना के साथ इस तरीके की बात कही जाती है तो उसकी निंदा होनी चाहिए लेकिन अगर एक भक्त के रूप में कोई संत इस बात को कहता है तो हमें लगता है कि इसमें कुछ गलत नहीं है। वही अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवाल को लेकर के कहा कि मुझे लगता है कि किसी की विचारधारा को समझने के बाद उसे पर टिप्पणी किया जाए तो ज्यादा ठीक होगा।
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गोंडा में छात्र संसद कार्यक्रम का समापन: बच्चों ने नई शिक्षा नीति पर बहस की

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश छात्र संसद प्राइड ऑफ इंडिया आवास समारोह का आज मंगलवार देर शाम समापन किया गया। समापन के बाद फर्स्ट, सेकंड रैंक के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नई शिक्षा नीति को लेकर के किया गया था जिसमें लगभग 20 राज्यों के 200 से अधिक बच्चे शामिल हुए हैं। जहां पक्ष और विपक्ष की भूमिका के साथ-साथ निर्दलीय भूमिका के रूप में युवाओं ने अलग-अलग सांसदों का प्रतीकात्मक रूप लेकर के नई शिक्षा की नीति को लेकर सार्थक, तीखी और हंगामेदार बहस करके एक दूसरे से सवाल पूछ कर जवाब भी दिया है। पक्ष की तरफ से कानपुर के रहने वाले सूर्य प्रताप प्रतीकात्मक रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, कुशीनगर के रहने वाले राजीव रंजन तिवारी प्रतीकात्मक रूप से अमित शाह, बदायूं की रहने वाली अक्षया गोयल प्रतीकात्मक रूप से राजनाथ सिंह, बदायूं के रहने वाले आस्षिक प्रकाश गोयल प्रतीकात्मक रूप से चिराग पासवान और पीयूष गोयल, लखनऊ की रहने वाली अग्रिमा बाजपेई प्रतीकात्मक रूप से कंगना रौनाट, मुरादाबाद के रहने वाले हर्ष भटनागर प्रतीकात्मक रूप से अटल बिहारी वाजपेई, बहराइच की रहने वाली चेष्टा प्रतीकात्मक रूप से सुषमा स्वराज बनी हुई थी। जबकि विपक्ष के रूप में आगरा के रहने वाले दिनेश यादव प्रतीकात्मक रूप से अखिलेश यादव, महाराजगंज के रहने वाले युसूफ प्रतीकात्मक रूप से राहुल गांधी, राजस्थान की रहने वाली हिमांशी सोनी प्रतीकात्मक रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा, इटावा के रहने वाले देवराज वर्मा प्रतीकात्मक रूप से तेजस्वी यादव और बहराइच के रहने वाले कमलदीप प्रतीकात्मक रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे के रूप में इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर समापन करने पहुंचे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पढ़ने वाले बच्चों के द्वारा यह बहुत ही अच्छा प्रयास है। लगातार संसद में जो भाषण होते हैं वाद विवाद होता है उसका स्तर भी लगातार गिर रहा है। यह बच्चे इस कार्यक्रम में सांसद का रोल करते हैं नई शिक्षा नीति को लेकर के इन लोगों ने दो दिन तक बहस की है। इसमें 20 प्रान्तों के बच्चे शामिल इससे स्थानीय लोगों ने भी बहुत लाभ उठाया है कैसे वाद विवाद किया जाए बहुत अच्छा कार्यक्रम चला है। अमित शाह के मतदाता हटाए जाने वाले बयान पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे सवाल को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 13 करोड़ मतदाता हटाए गए हैं। जिसमें 3 करोड़ घुसपैठियों हटाए गए हैं इसका चर्चा गृहमंत्री अमित शाह ने किया है अब हम नहीं समझते हैं कि इस पर आपत्ति क्या है। हम तो गांव के रहने वाले हैं अगर वह 9 करोड़ को घुसपैठिया मानते हैं तो यह उनके सोच का परिणाम है तमाम ऐसे लोग थे जो शहर और गांव दोनों जगह वोटर थे उनके नाम हटाए गए हैं अगर कुछ कमी है तो आप सुझाव दीजिए लेकिन सुझाव नहीं दे रहे हैं डिबेट करिए उसके लिए पार्लियामेंट है उसमें डिबेट करिए आप रामलीला मैदान में डिबेट करोगे। वही पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आप उनका क्या भाव रहा होगा उन्होंने किस तरीके से देखा किस भाव से उन्होंने किया यह मैं नहीं बता सकता। इस कार्यक्रम को करने के लिए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा इन बच्चों को निशुल्क में अपना कार्य स्थल उपलब्ध कराया गया था। साथ ही साथ बच्चों की इस कार्यक्रम में उन्होंने निशुल्क में काफी मदद भी की है अयोध्या सरयू नदी में डूबने वाले लोगों की जान बचाने वाले भगवान दीन निषाद और उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया है।
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देश की सबसे पुरानी बाघिन महक की उम्र 22 साल, वन विभाग ने सुरक्षा बढ़ा दी

Kota, Rajasthan:कोटा। कभी अपनी शाही चाल और रौब से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक अब उम्र के ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुकी है, जहां उसके कदम लड़खड़ाने लगे हैं। कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रह रही महक 22 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी है और 23वें वर्ष में चल रही है। आमतौर पर बाघों की उम्र 14 से 17 साल के बीच होती है, लेकिन महक इस औसत उम्र से कई साल आगे निकल चुकी है। उम्र के इस पड़ाव पर उसके शरीर का पिछला हिस्सा कमजोर हो गया है। चलने और शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी होने के कारण अब उसे पर्यटकों के सामने ओपन डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ा जा रहा है। गिरने और चोट लगने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने उसे नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में ही रखने का निर्णय लिया है। यहां पशु चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
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हरदोई में SC/ST केस डराकर वसूली करने वाला गिरोह गिरफ्तार

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में SC/ST और दुष्कर्म के मुकदमों का खौफ दिखाकर वसूली! गिरोह पर FIR तीन महिलाओं समेत छह नामजद हरदोई में अनुसूचित जाति उत्पीड़न, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर विस्तृत जांच के बाद बेहटा गोकुल थाने में तीन महिलाओं समेत छह लोगों को नामजद करते हुए एक-दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि गिरोह संभ्रांत लोगों को SC/ST एक्ट और दुष्क्रम जैसे मुकदμών में फंसाने का भय दिखाकर रुपये वसूलता था। रकम देने से इनकार करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाते थे। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने दर्ज मुकदमों के आधार पर समाज कल्याण विभाग से कितने मामलों में आर्थिक सहायता हासिल की। मामले की शिकायत बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के पहेलिया निवासी पुनीत सिंह ने एसपी अशोक कुमार मीणा से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक संगठित गिरोह लोगों को गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर वसूली कर रहा है। शिकायत में कई मामलों का भी उल्लेख किया गया था। जांच में पहेलिया निवासी अनिल मिश्र, प्रियंका उर्फ पिंकी, अमित उर्फ पिंटू, सरस्वती, उसके पति रजनीश और लोनार कोतवाली क्षेत्र के दुबघटिया निवासी अरुणा वर्मा के नाम सामने आए। सीओ हरपालपुर प्रवीण यादव ने बताया कि छह नामजद और एक-दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।आरोपियों की ओर से बड़ी संख्या में आईजीआरएस शिकायतें किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के सामने आए रिकॉर्ड के मुताबिक, अरुणा ने वर्ष 2018 में लोनार कोतवाली में SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। वर्ष 2020 में दो और मामले दर्ज कराए, जिनमें छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप थे। वर्ष 2021 में बेहटा गोकुल थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। प्रियंका ने वर्ष 2020 और 2025 में दो मुकदमे दर्ज कराए थे। इनमें SC/ST एक्ट समेत कई धाराएं शामिल थीं। अरुणा ने अपने पति जगपाल और उनके दो भाइयों समेत परिवार के एक अन्य सदस्य के खिलाफ दहेज़ उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया था। वर्ष 2022 में अरुणा ने देहात कोतवाली में दुष्कर्म और SC/ST एक्ट के तहत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया, लेकिन सुनवाई के दौरान अरुणा ने अदालत में दिए बयान में घटना से ही इनकार कर दिया था। अब पुलिस दर्ज मुकदमों और सरकारी सहायता राशि से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है。
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अखिलेश के सम्मान के बीच बाराबंकी दिशा बैठक में सुरेश यादव कुर्सी पर डटे रहे

Barabanki, Uttar Pradesh:अखिलेश के सम्मान के बीच बाराबंकी दिशा बैठक में सुरेश यादव कुर्सी पर डटे रहे बाराबंकी। राजनीति में सम्मान के अपने मायने होते हैं और जब बात अपने ही दल के वरिष्ठ नेता की हो तो शिष्टाचार की अपेक्षा और बढ़ जाती है। लेकिन बाराबंकी में दिशा की बैठक के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के सम्मान में जहां बैठक में मौजूद सांसद, एमएलसी, विधायक और अधिकारी अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए, वहीं समाजवादी पार्टी के सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव अपनी कुर्सी पर ही बैठे रहे। अब उनका यही अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है。 दरअसल, जिले के डीआरडीए सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक चल रही थी। बैठक में बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया, एमएलसी अंगद सिंह, विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव, गौरव रावत, दिनेश रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक राजरानी रावत समेत तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद बैठक में पहुंचे। उनके सभागार में प्रवेश करते ही लगभग सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी सम्मान में खड़े हो गए, लेकिन सदर विधायक सुरेश यादव अपनी कुर्सी से नहीं उठे。 इस पूरे घटनाक्रम को लेकर इसलिए भी चर्चा तेज है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सार्वजनिक कार्यक्रमों में सांसद अवधेश प्रसाद को विशेष सम्मान देते नजर आते हैं। उनके सम्मान में अखिलेश यादव के खड़े होने की तस्वीरें और वीडियो भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस senior नेता का इतना सम्मान करते हों, उसी नेता के सामने पार्टी के एक विधायक का कुर्सी पर बैठे रहना कई सवाल खड़े कर रहा है。 दिशा की बैठक का यह नजारा अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे सामान्य शिष्टाचार से लेकर राजनीतिक संदेश तक के नजरिये से देख रहे हैं। हालांकि विधायक सुरेश यादव की ओर से इस व्यवहार को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल बैठक के विकास कार्यों से ज्यादा इस अनोखे नजारे की चर्चा सियासी गलियारों में हो रही है।
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चित्रकूट के रामपुर बेलरी में जल सत्याग्रह: पुल बना, किसान बेहाल

Chakala Sitapur, Madhya Pradesh:चित्रकूट में जल सत्याग्रह से गरमाया माहौल, पुल बना लेकिन ग्रामीणों की मुसीबत कम! जी हां! रामपुर बेलरी में झुरही नदी पर बने चेकडैम और जलभराव ने ग्रामीणों के सामने आवागमन से लेकर खेती-किसानी तक का संकट खड़ा कर दिया है। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, किसानों की जमीनें जलमग्न हैं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। दरअसल, पूरा मामला चित्रकूट जनपद के रामपुर बेलरी गांव का है, यहां 2 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे से धर्मेंद्र कुमार भास्कर के नेतृत्व में झुरही नदी चेकडैम के पास विशाल क्रमिक जल सत्याग्रह आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों की मांग के बाद पुल का निर्माण तो कराया गया, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आज भी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं आसपास के किसानों की जमीनों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों ग्रामीण, किसान, नौजवान और आमजन आंदोलन में शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, ग्रामीणों के आवागमन और वंचित बस्तियों को सम्मानजनक जीवन दिलाने की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर उपजिलाधिकारी मऊ भी पहुंचे और अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों की जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वह सत्याग्रह में उनके साथ डटे रहेंगे। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। 1) गुंता बांध परियोजना में अधिग्रहित किसानों की जमीन का उचित और न्यायसंगत मुआवजा तत्काल दिया जाए। 2) अत्यधिक बारिश और जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। 3) रामपुर से बेलरी संपर्क मार्ग पर जलभराव और डूबे चेकडैम से पानी की निकासी कराकर आवागमन सुचारू किया जाए। 4) एससी बस्ती तक पक्का संपर्क मार्ग बनाया जाए, अथवा वहां के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर सम्मानजनक तरीके से विस्थापित किया जाए। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थल पर सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े जनआंदोलन और अनिश्चितकालीन अनशन के बावजूद समुचित सुरक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने और ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। फिलहाल रामपुर बेलरी में जल सत्याग्रह जारी है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उनका समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और किसानों को उनकी बर्बाद फसलों का मुआवजा कब तक मिल पाता है।
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छपरा के जिला नियोजन मेले में 456 अभ्यर्थियों का चयन, 540 को सरकारी योजनाओं की जानकारी

Chapra, Bihar:छपरा। स्थानीय राजेंद्र स्टेडियम में मंगलवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। इस दौरान 23 कंपनियों ने भाग लिया और कुल 456 अभ्यर्थियों का नियुक्ति के लिए चयन किया। मेले में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर उनकी योग्यता के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी की। वहीं, आठ सरकारी विभागों एवं संस्थानों की ओर से 540 लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ रोजगार एवं कौशल विकास के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इस अवसर पर मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने 36 आवेदकों के बीच टूल किट एवं 36 आवेदकों के बीच स्टडी किट का वितरण किया। जिला नियोजनालय, छपरा की ओर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का बिहार सरकार के नियोजन पोर्टल पर भी निबंधन कराया गया, ताकि उन्हें भविष्य में आयोजित होने वाले नियोजन कैंप एवं मेलों में स्टडी किट और टूल किट जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके। उद्घाटन कार्यक्रम में छपरा विधायक छोटी कुमारी, भाजपा जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह, भाजपा नेता धर्मेंद्र साह, भरत जी राम, सहायक निदेशक (नियोजन), अश्वजीत पराशर, उप निदेशक (नियोजन), सारण प्रमंडल, नियोजन पदाधिकारी पिंकी भारती एवं विकास कुमार सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। मेले के सफल आयोजन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, जिला कौशल प्रबंधकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही。
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औरैया में मिठाई की दुकानों पर फूड विभाग का छापा, खोया-पनीर के नमूने लिए, खराब पनीर कराया नष्ट

Ashwani bajpaiAshwani bajpaiFollow13m ago
Madhupur, Uttar Pradesh:दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। औरैया शहर के दिबियापुर रोड स्थित मिठाई की दुकान पर खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर जांच-पड़ताल की। इस दौरान टीम ने खोया और पनीर के नमूने लिए, जबकि दुकान पर रखा कुछ पनीर खराब मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक जनपद में करीब 45 नमूने लिए जा चुके हैं। विभाग ने साफ किया है कि दीपावली तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा। दीपावली के त्योहार पर लोग अपने घरों में मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं। त्योहार के दौरान बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए औरैया में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य विभाग की टीम ने औरैया शहर के दिबियापुर रोड स्थित एक मिठाई की दुकान पर पहुंचकर जांच अभियान चलाया। टीम ने दुकान में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखी और खोया तथा पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। जांच के दौरान दुकान पर रखा कुछ पनीर ऐसा मिला, जिसे इस्तेमाल के योग्य नहीं माना गया। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया। मौके पर मौजूद फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जनपद में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक औरैया में करीब 45 नमूने लिए जा चुके हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों पर अधिक मात्रा में रंग लगी हुई मिठाइयां मिल रही हैं, उन्हें भी नष्ट कराया जा रहा है। इसके लिए नगर पालिका की गाड़ी टीम के साथ मौजूद रहती है, जिससे संदिग्ध खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया जाता है। खाद्य विभाग का कहना है कि दीपावली के मद्देनजर मिठाई की दुकानों और खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर लगातार नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने और मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि खाद्य विभाग का यह अभियान मिलावटखोरी पर कितनी प्रभावी रोक लगा पाता है। विजय कुमार फूड इंस्पेक्टर
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कोटा की सबसे उम्रदराज बाघिन महक 22 साल से अधिक, चिकित्सा निगरानी में

Kota, Rajasthan:कोटा। कभी अपनी शाही चाल और रौब से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक अब उम्र के ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुकी है, जहां उसके कदम लड़खड़ाने लगे हैं। कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रह रही महक 22 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी है और 23वें वर्ष में चल रही है। आमतौर पर बाघों की उम्र 14 से 17 साल के बीच होती है, लेकिन महक इस औसत उम्र से कई साल आगे निकल चुकी है। उम्र के इस पड़ाव पर उसके शरीर का पिछला हिस्सा कमजोर हो गया है। चलने और शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी होने के कारण अब उसे पर्यटकों के सामने ओपन डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ा जा रहा है। गिरने और चोट लगने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने उसे नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में ही रखने का निर्णय लिया है। यहां पशु चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है। 28 अगस्त 2004 को जयपुर में हुआ था महक का जन्म महक की कहानी भी बेहद खास है। उसका जन्म 28 अगस्त 2004 को जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में हुआ था। उसकी जन्मतिथि का रिकॉर्ड उपलब्ध है। महक की एक जुड़वां बहन रंभा भी थी। दोनों ने एक साथ जीवन की शुरुआत की, लेकिन अब रंभा इस दुनिया में नहीं है। महक का साथी बाघ नाहर भी अगस्त 2024 में करीब 18 साल की उम्र में दम तोड़ चुका है। इसके बाद से महक अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में अकेली रह गई है। पिछले दो वर्षों से अभेड़ा पार्क में महक का 2 वर्ष से जन्मदिन भी विशेष रूप से मनाया जा रहा है। उसकी लंबी उम्र और पार्क में उसके विशेष महत्व के चलते जन्मदिन के मौके पर वन्यजीव प्रेमियों और पार्क प्रबंधन के बीच खास उत्साह रहता है। महक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेष कमेटी उम्र के साथ महक के पिछले हिस्से में कमजोरी आई है। उसे चलने-फिरने में परेशानी होती है और पहले की तुलना में भोजन लेने की मात्रा में भी कमी हुई है। ऐसे में वन विभाग ने उसके ओपन डिस्प्ले को बंद कर दिया है। अब उसे नाइट शेल्टर और कराल यानी होल्डिंग एरिया में रखा जा रहा है। उसके आराम के लिए फर्श पर गद्दों की व्यवस्था की गई है। सफाई और डिसइंफेक्शन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मक्खी-मच्छरों से बचाव के इंतजाम भी किए गए हैं। सर्दी बढ़ने पर उसके लिए हीटर की व्यवस्था की जाएगी। महक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए सीसीएफ की ओर से विशेष कमेटी बनाई गई है। इसमें सहायक वन संरक्षक पंकज कुमार मीणा, वरिष्ठ पशु चिकित्सक अखिलेश कुमार पांडे और डॉ. त्रिलोक गोचर शामिल हैं। कमेटी सप्ताह में दो बार महक का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, जबकि रोजाना भी उसकी निगरानी की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार हालिया जांच में उसका तापमान और सांस संबंधी स्थिति सामान्य मिली है। यूरिन और फीकल टेस्ट की रिपोर्ट भी उसकी उम्र के हिसाब से सामान्य रही है। दिन में तीन बार भोजन, उम्र के हिसाब से बदली डाइट महक की उम्र को देखते हुए उसके खानपान में भी विशेष बदलाव किए गए हैं। अब उसे एक बार में ज्यादा भोजन देने के बजाय दिन में तीन बार अलग-अलग आहार दिया जा रहा है। सुबह उबला हुआ चिकन, दोपहर में अंडे और सूप तथा शाम को मीट दिया जाता है। इसके साथ ही पाचन को बेहतर रखने के लिए प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स, लिवर टॉनिक और जोड़ों को सपोर्ट देने वाले सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं। सर्दियों में मौसम के अनुसार चिकन की मात्रा बढ़ाई जाएगी और मीट की मात्रा में बदलाव किया जाएगा। डॉक्टरों का प्रयास है कि महक को उसकी उम्र के मुताबिक संतुलित पोषण और आराम मिलता रहे। मछली और स्वाति को पीछे छोड़ा, अब लंबी उम्र पर रिसर्च लंबी उम्र के मामले में महक ने देश की चर्चित बाघिनों को भी पीछे छोड़ दिया है। रणथंभौर की मशहूर बाघिन मछली और गुवाहाटी की स्वाति करीब 20 साल तक जीवित रही थीं, जबकि महक 22 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी है। वहीं पश्चिम बंगाल का बाघ राजा करीब 25 साल 10 महीने तक जीवित रहा था। विश्व स्तर पर अमेरिका की बाघिन बंगाली के नाम 25 साल 319 दिन की उम्र का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। ऐसे में महक की उम्र वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी अध्ययन का विषय बन गई है। क्या है महक की लंबी उम्र का राज, DNA और जीवनशैली पर होगा अध्ययन महक की असाधारण उम्र ने वन विभाग का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। विभाग उसकी लंबी उम्र के पीछे के कारणों को समझने के लिए रिसर्च करने की योजना बना रहा है। इसके तहत उसके DNA, खानपान और जीवनशैली का अध्ययन किया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामान्य उम्र से कई साल अधिक जीवित रहने में कौन से कारक महत्वपूर्ण रहे हैं। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता महक को पर्यटकों के सामने प्रदर्शित करने के बजाय उसके जीवन के इस पड़ाव में सुरक्षित, स्वस्थ और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना है। अब देखना होगा कि रिसर्च में महक की असाधारण लंबी उम्र के कौन से राज सामने आते हैं।
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बक्शीपुर गांव में दबंगों ने मामूली विवाद के चलते युवक को पीट कर लहू लुहान किया, रिपोर्ट दर्ज

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow18m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के बक्शीपुर गांव में दबंगों ने मंगलवार को शाम पांच बजे मामूली विवाद के चलते एक युवक को डंडों से हमला करके लहूलुहान कर दिया जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है । अनुज कुमार पुत्र रमन पाल सिंह निवासी बक्शीपुर के अनुसार पानी गिर जाने को लेकर हुए विवाद के कारण संदीप पुत्र श्यामा चरण, उसकी पत्नी, मां और उसके भाई शोभित ने गाली गलौज किया। गाली गलौज से मना करने पर उपरोक्त लोगों ने डंडों से हमला कर दिया जिससे उसे काफी चोटे आई। उसने शाहाबाद कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर देकर जब वापस जा रहा था तो दबंगों ने उसके ऊपर दोबारा फिर हमला किया जिससे वह लहु लुहान हो गया। घायल का डाक्टरी परीक्षण कराया गया है।
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आबकारी आयुक्त ने अवैध शराब रोकथाम के लिए सख्त अभियान शुरू करने के निर्देश

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - अवैध शराब रोकें, राजस्व लक्ष्य पर रखें फोकस - आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने ली बैठक - विशेष निरोधात्मक अभियान की समीक्षा की - हाईवेज पर अवैध साइनेज हटाने के निर्देश - आचार संहिता की पालना में रखें सख्ती - वीसी में सर्किलवार राजस्व की समीक्षा की गई एंकर आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा है कि प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के तहत आदर्श आचार संहिता की पालना सख्ती से करें। अन्य राज्य की अवैध शराब की तस्करी, अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अंकुश लगाना जरूरी है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक ली। आयुक्त ने कहा कि सभी नेशनल हाईवेज पर लगे हुए शराब दुकानों के अवैध साईनेज औ बोर्ड को हटाया जाए। वीसी में प्रदेश में 1 से 7 नवम्बर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान की अवधि में शराब दुकानों की निगरानी के निर्देश दिए गए। आबकारी एक्ट के नियमों की अवहेलना करने वाले शराब के अनाधिकृत विज्ञापन, अवैध प्रलोभन वाले साईनेज, अवैध होर्डिंग्स और बोर्ड पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि इस कार्य में शिथिलता बरतने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। वीसी में विशेष निरोधात्मक अभियान की जोनवार समीक्षा कर अन्य राज्यों की शराब तस्करी, हथकढ़ शराब, नकली शराब, बिना लाईसेंस शराब बिक्री पर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिन जिलों में अभियान के दौरान प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, उन जिलों में 7 दिन के लिए अवधि को बढ़ाया जाएगा।
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