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नीतीश कुमार ने जेडीयू कार्यालय का निरीक्षण कर जनसुनवाई नियमित करवाने का निर्देश दिया

Patna, Bihar:बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अचानक जेडीयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल और जनसुनवाई के लिए तैयार किए गए स्थान का जायजा लिया तथा पार्टी पदाधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के प्रयास दौरान नीतीश कुमार ने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को जनसुनवाई कार्यक्रम को नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसुनवाई के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है, तो इसका नियमित उपयोग भी होना चाहिए, ताकि आम लोगों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया जा सके। निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते नजर आए। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों को और सक्रिय बनाने तथा जनसंपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया।
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टोंक RAC भर्ती फर्जीवाड़ा: डमी से भर्ती, 15 साल बाद SOG खुलासा

Tonk, Rajasthan:टोंक टोंक कोतवाली में धोखाधड़ी व सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज, आरोपी कांस्टेबल की तलाश जारी टोंक में आरएसी कांस्टेबल भर्ती-2010-11 में फर्जीवाड़े का 15 साल पुराना मामला सामने आया है। एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि भर्ती के दौरान एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह डमी कैंडिडेट से लिखित परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। मामले में नवीं बटालियन आरएसी, टोंक में तैनात कांस्टेबल श्रीराम मीणा के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कोतवाली थानाधिकारी बीएल वैष्णव ने बताया कि एसओजी की प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद आरएसी कमांडेंट राजेश चौधरी की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों पर रोक) अधिनियम, 1992 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर राजाराम को सौंपी गई है। जांच के अनुसार 23 जनवरी 2011 को टैगोर बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर श्रीराम मीणा की जगह डमी अभ्यर्थी ने लिखित परीक्षा दी थी। चयन होने के बाद आरोपी ने आवश्यक दस्तावेज जमा कर 18 जुलाई 2014 को आरएसी कांस्टेबल के पद पर जॉइन कर लिया और तब से वेतन व अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाता रहा। पुलिस भर्ती से जुड़े दस्तावेज, परीक्षा रिकॉर्ड और विभागीय अभिलेखों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भर्ती में फर्जीवाड़ा केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था। पुलिस के अनुसार आरोपी कांस्टेबल 14 सितंबर 2024 से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जारी है। आरोपी की तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वह साधु का वेश धारण कर रह रहा है और कांटोली गांव में उसका आश्रम भी बताया जा रहा है।
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ग्रेटर नोएडा: हाथी दांत तस्करी गिरोह पकड़ा गया, 1.45 किलो बरामद

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा की बिसरख थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हाथी दांत की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.45 किलो (1450 ग्राम) का हाथी दांत बरामद किया है। जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए बताई जा रही है । आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।रविवार शाम को इन लोगों की गिरफ्तारी की गई। बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह के मुताबिक, रविवार को सूचना के आधार पर गौर सिटी-दो स्थित न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास खाली प्लाट पर पुलिस व वन विभाग की टीम ने घेराबंद कर दो तस्करों को हाथी दांत के साथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों की पहचान राजेन्द्र निवासी ग्राम रिवाडा थाना जहांगीराबाद बुलंदशहर और संदीप निवासी खोडा कालोनी, गाजियाबाद के रूप में हुई। वर्तमान में वह बस्ती जिले के ग्राम मुडियार रुधौली रहते थे। पुलिस और वन विभाग की टीम ने जब छापेमारी की तो दोनों ही आरोपी हक्के बक्के रह गए और इन लोगों के द्वारा भागने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस ने पूरी योजना के साथ यह छापेमारी की थी,इसलिए इन्हें मौके से ही दबोच लिया गया। इनके कब्जे से हाथी का दांत भी बरामद हुआ। पुलिस के द्वारा यह पता किया जा रहा है कि आरोपी कहां से हाथी दांत के तस्करी कर के लाए थे। किसे सप्लाई करने जा रहे थे।इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और पुलिस इनके गिरोह के अन्य सदस्यों व इनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। गौरतलब है कि हाथी के दांत की तस्करी अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में महंगे आभूषण सजावटी सामान और कुछ दवाई बनाने के लिए की जाती है। विदेश में भी इसकी तस्करी की जाती है, फिलहाल पुलिस हर एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है।
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सीबीआई ने 20 साल बाद शंकरगढ़ के डकैत रामनरायण और सूरजभान को दबोचा

Fatehpur, Uttar Pradesh:गलत पते के जरिए दो दशकों से ज्यादा समय से दो डकैत देते रहे चकमा, चढ़े सीबीआई के हत्थे शंकरगढ़ के गढ़वा किले से 2002 में सोने की मूर्ति चोरी और चौकीदार की हत्या के मामले में फरार डकैत को सीबीआई ने दबोचा डकैत रामनरायण को खखरेरू थाने के नसीरपुर गांव से पकड़ा राजस्व कर्मी बनकर जमीन की पैमाइश का झांसा देकर सीबीआई ने दबोचा डेढ़ माह पहले मामले में दूसरे आरोपी सूरजभान को धाता थाने के सेमरी गांव से पकड़ चुकी है सीबीआई रामनरायण अपने पते में खखरेरू थाने के बजाए किशनपुर थाना दिखाकर देता रहा चकमा दोनों डकैत रामनरायण और सूरजभान उमर केवट गिरोह के बताए जा रहे थे सदस्य जमानत पर छूटने के बाद से कोर्ट में नहीं पेश होने पर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए सीबीआई को गिरफ्तार करने का दिया था आदेश खखरेरू थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव का मामला
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