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Kabrai Dam 2 meter increase: two villages face displacement, compensation row

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर-बुंदेलखंड में महोबा में पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल कबरई बांध को 2 मीटर ज्यादा भरने से डूब क्षेत्र में आकर प्रभावित होने वाले दो गाँवों में रहने वाले ग्रामीणों को सिचाई विभाग ने सुरक्षित स्थानों में जाने और गाँव खाली करने की अपील की है। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से मुआवजा राशि लेने और दूसरी जगह विस्थापित होने के लिए गांव में मुनादी कराई है। वर्ष 2018 में जब बांध बनाया गया था तब इन दोनों गाँवों की आधी से ज्यादा आबादी को शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा दिया गया था। लेकिन उस समय मुआवजा न लेने वाले ग्रामीणो ने अब तक गाँव खाली नहीं किया है। साल 2019 से गाँव में मूलभूत सुविधाओं लाइट,पेयजल और सड़क के बिना रह रहे ग्रामीण आज के समय के हिसाब से मुआवजा राशि न मिलने तक गाँव खाली न करने की बात पर अड़े हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा मुनादी करवाकर ग्रामीणों से शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि लेने और गांव को खाली करने की अपील की जा रही है, लेकिन ग्रामीण आज के समय के हिसाब से मुआवजा राशि देने की मांग पर अड़े हैं। दरअसल कबरई बांध के भरने की क्षमता वर्तमान समय 157 मीटर है जिसे अर्जुन सहायक परियोजना से बनी नहर से भरा जाता है इस बांध की क्षमता 2 मीटर बढ़ाये जाने को लेकर मौदहा बांध सिचाई प्रखंड प्रथम ने नोटिस जारी कर ग्राम पंचायत गंज के झिरसहेवा और गुगौरा गाँवों के उस एरिया को खाली करने के लिए अपील की है जो बांध क्षेत्र में पड़ती है। हालांकि इन दोनों गांवों को लगभग 8 वर्ष पूर्व जब बांध बनाया गया था तब झिरसहेवा और गुगौरा सहित कुछ और गांवों को डूब क्षेत्र का मुआवजा दिया गया था अब इस बांध की भंडारण क्षमता 2 मीटर बढ़ाने के लिए डूब क्षेत्र में आने वाले दो गांवों में सिचाई विभाग द्वारा मुनादी करा दी गई है। इस गाँवों में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि अलीपुरा एरिया से लेकर कबरई के बीच मे गांव को विस्थापित किया जाए और 18 वर्ष के सभी बच्चो को मुआवजा दिया जाए । प्रशासन द्वारा 8-20 का मुआवजा दिया जा रहा है जो कि बहुत कम है हम लोगो की मांग है कि आज महंगाई इतनी बढ़ गई है कि हर सामान महंगा हो गया है महंगाई के दौर में अब मुआवजा वर्ष 2026 की तर्ज पर दिया जाए। मामले को लेकर मौदहा बांध सिचाई विभाग खण्ड प्रथम के अधिशासी अभियंता विनय कुमार ने बताया कि कबरई बांध में चार गांव गंज,गुगौरा,झिरसहेवा,अलीपुरा हैं। वर्तमान में तीन गांवों का विस्थापन कर दिया गया है । अभी कबरई बांध में 157 मीटर भंडारण की क्षमता है अब इसे 2 मीटर और यानी 159 मीटर भरा जाना है इसके लिए झिरसहेवा गांव में निचले इलाके में रहने बाले लोगो के लिए मुनादी करा दी गई है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि कबरई बांध को पिछले साल की अपेक्षा 2 मीटर ज्यादा भरे जाने के निर्देश जारी हुए हैं जिस पर सिंचाई विभाग द्वारा ग्राम पंचायत गंज के दो गांव झिरसहेवा और गुगोरा के निचले इलाकों को विस्थापित करने के लिए अपील की गई है जिला प्रशासन द्वारा गांव में मुनादी करा दी गई है और ग्रामीणों को निचला स्थान छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
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छत्रू में नाबालिग छात्रा की मौत पर भारी प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग

Noida, Uttar Pradesh:नाबालिग छात्रा की मौत पर छत्रू में भारी प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग किश्तवाड़ जिले की छत्रू तहसील के गुरिनाल गांव से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाबालिग कथित तौर पर उसी स्कूल के एक शिक्षक के साथ अनुचित संबंध के बाद गर्भवती हुई थी。 बताया जा रहा है कि परिवार और रिश्तेदार नाबालिग को गर्भावस्था समाप्त कराने के लिए डोडा लेकर गए थे। वहां कथित तौर पर चिकित्सकीय प्रक्रिया से इनकार किए जाने के बाद परिवार उसे जम्मू की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान बाटोटे के पास नाबालिग की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई。 इसके बाद परिवार शव को जिला अस्पताल किश्तवाड़ लेकर पहुंचा, जहां स्वास्थ्य विभाग और पुलिस थाना छत्रू की टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया। सभी चिकित्सकीय और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक गांव ले जाया गया। नाबालिग की मौत के बाद रात के दौरान छत्रू में लोगों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की。 प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फातिमा फारूक ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न, गर्भावस्था समाप्त कराने और नाबालिग की मौत से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छत्रू ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी घटना पर गंभीर चिंता जताई। एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा कि इस घटना से स्थानीय समुदाय गहरे सदमे में है और जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। एसोसिएशन ने नाबालिग और उसके परिवार के समर्थन में छत्रू और मुगलमैदान बंद रखने की भी अपील की। इसी बीच, छत्रू थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ऋषि कुमार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। पुलिस ने नाबालिग की गर्भावस्था, मौत और उससे पहले हुई घटनाओं की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
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बेगूसराय के नए डीएम रिची पांडे ने विकास के नए आयाम तय कर दिए

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय के नए जिला पदाधिकारी के रूप में 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रिची पांडे ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने जिले के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। डीएम ने कहा कि बेगूसराय के विकास की गति को और तेज किया जाएगा और आर्थिक, सामाजिक, क्षेत्रीय एवं समावेशी विकास प्रशासन की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ग, हर समुदाय और हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना उनका लक्ष्य रहेगा। दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में कई आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इसी क्रम में सीतामढ़ी के पूर्व जिलाधिकारी रिची पांडे को बेगूसराय का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। उन्होंने पूर्व डीएम श्रीकांत शास्त्री की जगह शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। बेगूसराय पहुंचने पर अधिकारियों ने बुके देकर नए जिलाधिकारी का स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डीएम रिची पांडे ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और अधिकारियों के साथ मुलाकात की। रिची पांडे इससे पहले भी बेगूसराय में डीडीसी के पद पर कार्य कर चुके हैं। अपने पूर्व कार्यकाल के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार फिर बेगूसराय में काम करने का मौका मिला है, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान डीएम ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बेगूसराय के विकास की गति को और आगे ले जाने की होगी, ताकि जिला और अधिक समृद्ध बने और विकास के नए आयाम स्थापित हों।उन्होंने कहा कि बेगूसराय बिहार के प्रमुख औद्योगिक जिलों में से एक है। ऐसे में आर्थिक विकास के साथ सामाजिक, समनुपातिक और क्षेत्रीय विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता होगी कि हर वर्ग, हर समुदाय, हर धर्म और हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। डीएम रिची पांडे ने कहा कि अपने पूर्व के करीब पांच महीने के कार्यकाल के दौरान उन्हें बेगूसराय को समझने और यहां के प्रशासनिक ढांचे को जानने का अवसर मिला था। उन्होंने जिले के मजबूत प्रशासनिक ढांचे और अधिकारियों के सहयोग की भी सराहना की।उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जो भी प्राथमिकताएं हैं, उन्हें धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाएगा।कुल मिलाकर, नए जिलाधिकारी के पदभार संभालने के साथ ही बेगूसराय में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि डीएम रिची पांडे अपनी प्राथमिकताओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू कर पाती हैं。 बाइट – रिची पांडे डीएम बेगूसराय
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उडद खेतों में रोग नियंत्रण के लिए कृषि विभाग ने मौके पर निरीक्षण किया

Tonk, Rajasthan:उनियारा(टोंक) कृषि विभाग की टीम पहुँची किसानों के खेत। उपखण्ड क्षेत्र के पलाई में किसानों के उडद के खेतों का कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुँच किया निरीक्षण, कृषि विभाग टीम ने उडद में लगे रोगों का बारिकी से निरीक्षण कर बचाव हेतु किसानों को विस्तार रूप से दी जानकारी, उडदों में लगे रोगों को लेकर किसान नेता रामकिशन धाकड़ सहित अन्य किसानों ने उच्चाधिकारियों को कराया था अवगत, जिसके पर कृषि विभाग के सहायक निदेशक दूनी, प्रकाश सिंह यादव, डाँ. संदीप कुमार चौधरी विशेज्ञ पौध संरक्षण कृषि विज्ञान केंद्र वनस्थली विधापीठ, मिथलेश मीणा कृषि अधिकारी टोंक, डाँ. जितेंद्र शर्मा प्रभारी एग्री क्लिनिक टोंक, दुर्गा शंकर कुम्हार सहायक निदेशक टोंक, कालू लाल नागर सहायक कृषि अधिकारी, बलराम नागर खेतों पर पहुंच जानकारी प्राप्त कर किसानों को किया जागरूक, अधिकारियों ने समयोचित प्रमाणित दवाईयों का प्रयोग करने की किसानों को दी सलाह
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यूरोप में वुशू चैंपियनशिप में केशवी डागर ने गोल्ड जीता, गांव में उमड़ा उत्साह

New Delhi, Delhi:झाड़ौदा कलां गांव की प्रतिभाशाली बेटी केशवी डागर ने यूरोप में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर देश और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने वाली इस 'गोल्डन गर्ल' के सम्मान में गांव झाड़ौदा कलां के समस्त ग्रामवासियों द्वारा एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। पिछले 7 सालों से लगातार मेहनत कर रहीं केशवी पीडीएम पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिवार और गुरुओं को दिया है। केशवी ने बताया कि उनकी स्कूल प्रिंसिपल सुमन हुड्डा ने उनका बहुत सहयोग किया है। उनके शुरुआती गुरु सूमो सर रहे, जिसके बाद उन्होंने मॉडल टाउन में मोनी लामा के मार्गदर्शन में अपनी ट्रेनिंग जारी रखी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने से पहले केशवी नेशनल चैंपियनशिप में भी 3 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। केशवी के पिता ग्रुप ऑफ ओराना में सिक्योरिटी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, वहीं उनकी माता गृहिणी हैं, जो पिछले 7 वर्षों से लगातार खुद केशवी को ट्रेनिंग के लिए एकेडमी ले जाती रही हैं। समस्त झाड़ौदा कलां ग्रामवासियों और आयोजकों ने सभी क्षेत्रवासियों को इस उत्साहपूर्ण और ऐतिहासिक दिन को विशेष बनाने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि उपस्थित होकर गांव और देश के इस चमकते सितारे केशवी डागर को अपना आशीर्वाद व शुभकामनाएं दे सकें
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के जमीन फर्जीवाड़े पर एफआईआर: 72 हजार वर्गमीटर, 11 नामजद

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 72 हजार वर्गमीटर जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, जमीन हड़पने, करोड़ों रुपये के गबन और धमकी देने के मामले में न्यायालय के आदेश पर थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज हुई है। मामला गायत्री हॉस्पिटेलिटी एंड रियलकॉन लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि अवि सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मामले में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व महाप्रबंधक रवीन्द्र तोंगड़, उनकी पत्नी कुशल सिंह और सीआरसी ग्रुप के तीन निदेशकों कुणाल भल्ला, सतीश गर्ग व हिमांशु गोयल समेत 11 नामजद और छह-सात अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत में करीब पांच करोड़ रुपये की देनदारी, बकाया और ब्याज राशि के कथित गबन के साथ 73 प्रतिशत हिस्सेदारी में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार फरवरी 2011 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-01, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्लॉट संख्या जीएच-11 की 72 हजार वर्गमीटर जमीन गायत्री हॉस्पिटेलिटी एंड रियलकॉन लिमिटेड को लीज पर आवंटित की थी।आरोप है कि बाद में इन्टाइसमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और कोमली बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए जमीन के हिस्सों की सब-लीज में अनियमितता की गई। 2013 में 20 हजार वर्गमीटर जमीन की सब-लीज इन्टाइसमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी में पूर्व जीएम रवीन्द्र तोंगड़ के रिश्तेदारों को निदेशक बनाया गया और उनकी पत्नी कुशल सिंह को 73 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई। आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर जमीन की सब-लीज अपने लोगों को कराई गई और मूल कंपनी को निर्धारित भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2014 में 14 हजार वर्गमीटर जमीन की एक और सब-लीज कोमली बिल्डटेक के नाम किए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक 72 हजार वर्गमीटर के मूल प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बुकिंग शुरू होने के बाद क्षेत्रफल घटाकर 36 हजार वर्गमीटर कर दिया गया और पुरानी बुकिंग को इसी हिस्से में समायोजित किया गया। वर्ष 2015-16 में हिस्सेदारी के लेनदेन के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये विभिन्न कंपनियों से स्थानांतरित किए जाने और रकम के कथित दुरुपयोग के आरोप है। वर्ष 2018 में कथित फर्जी सब-लीज से संबंधित जमीन पर सीआरसी ग्रुप के साथ संयुक्त उपक्रम के जरिए नई परियोजना विकसित करने की बात शिकायत में कही गई है। फर्जी दस्तावेज और बैलेंसशीट में गड़बड़ी का आरोप परियोजना के लिए बैंक ऋण लेने और अन्य कार्यों में फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। कंपनी के अभिलेखों और बैलेंसशीट में रकम से जुड़ी कथित हेराफेरी की बात कही गई है। 31 मार्च 2025 की कंपनी मंत्रालय को भेजी गई बैलेंसशीट में भी बकाया रकम को लेकर गड़बड़ी का आरोप है। दिसंबर 2025 में रकम और हिसाब-किताब को लेकर बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता को धमकी देने और उसका पीछा करने का भी आरोप लगाया गया है.
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दिल्ली-नोएडा की सड़कों पर गड्ढे, गहमर हालात भाषणहीन नहीं

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में भी जगह-जगह पर गड्ढे खुले हुए हैं अब हम आपको दिखाते हैं ओखला में स्थित यह सड़क कई सालों से खराब पड़ी हुई है, आने जाने वाले मुसाफिरों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद हमने झंडेवालान की तरफ पहुंचा तो झंडेवालान में भी सड़क खराब पड़ी हुई है और यह सड़क कई सालों से खराब पड़ी है; इसका नया शोध नहीं होता। इस बाबत हमने टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट hs संचेती से बात किया; उनका कहना है कि जो पदार्थ इस्तेमाल किया जाता है, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि तुरंत उसमें गड्ढे हो जाते हैं। आम टैक्स पर यह सुविधा होती है ताकि सड़क की सुविधा अच्छी मिल सके; यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर की तरफ वॉटर लॉगिंग देखने को मिलती है, इसका मुख्य कारण है कि जो सड़के बनाई जाती हैं, उनमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। नोएडा में सड़कों का खस्ता हाल दिख रहा है। सेक्टर 25 की सड़क हाई-फाई लोकेलिटी होने के बावजूद टूटी पड़ी है; रोडिया बाहर निकल रही हैं,खराब कंस्ट्रक्शन की वजह से एक साल के भीतर ही सड़क टूट गई। इसके बाद हमने नोएडा सेक्टर 12-22 की सड़क पर भी देखा; यह पूरी तरह से टूटी पड़ी है, जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं और सड़क पर रोडिया बाहर निकली हुई हैं। अब gaurCity फ्लायओवर के पास भी स्थिति यही है—सड़क में गड्ढा है या गड्ढों में सड़क है, पहचान पाना मुश्किल है; सड़क टूटी पड़ी हुई है लेकिन अधिकारियों को कोई सुध नहीं।
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बारिश में खाट पर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने वाले ग्रामीणों पर सवाल

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा जिले के त्यौंथर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 से बारिश के बीच मानवीय मजबूरी की तस्वीर सामने आई है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो गया है। इसी दौरान एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। बताया जा रहा है कि पानी के तेज बहाव के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नाले को पार कराया। ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण खाट के सहारे गर्भवती महिला को पानी के बीच ले जाते नजर आ रहे हैं। बारिश के दौरान सामने आई यह तस्वीर वार्ड क्रमांक 12 सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल आवागमन व्यवस्था और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है。
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