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मुरलीगंज में अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी विरोध, पुलिस ने स्थिति शांत संभाली

Madanpur, Bihar:मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या चार मस्जिद चौक के समीप आज अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा इसके बाद मौके पर बुलाई गई भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मुरलीगंज थाना अध्यक्ष प्रशिक्षु डीएसपी नूरुल हक ने मोर्चा संभाला इसके बाद आक्रोशित लोगों को समझा बूझकर शांत कराया गया और फिर अतिक्रमण हटाया गया। मामले की जानकारी देते हुए कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी के द्वारा दिए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि आम रास्ता को ईट पत्थर आदि रखकर बाधित कर दिया गया और इस मामले में दूसरे पक्ष के द्वारा भी जिला अधिकारी को आवेदन देकर रास्ता खाली करने के लिए आवेदन दिया गया था इस मामले में अतिक्रमण कार्यों को कई बार नोटिस दिया गया लेकिन उनके द्वारा खाली नहीं की गई तो आज अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की गई है। बाईट-- अजय कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी मुरलीगंज नगर पंचायत
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चौकी के सामने ‘खनन का काफिला’—वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollowJust now
Amroha, Uttar Pradesh:देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रहरा थाना क्षेत्र की चौकी जल्लोपुर के आसपास कथित अवैध खनन का खेल बेखौफ चलता दिखाई दे रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चौकी से करीब 100 मीटर की दूरी पर मिट्टी का खनन जारी है और मिट्टी से लदे डंपर व ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सीधे चौकी के गेट के सामने से गुजरते नजर आ रहे हैं। वायरल फुटेज में रात के सन्नाटे को चीरते हुए वाहनों की लगातार आवाजाही दिख रही है। एक के बाद एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चौकी के सामने से निकलती हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर इतनी नजदीक हो रही इस गतिविधि से जिम्मेदार कैसे अनजान रहे? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक रात की बात नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा सिलसिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में बिना किसी “मिलीभगत” के इतना खुला खेल संभव नहीं लगता। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो ने संदेह को और गहरा जरूर कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब कानून के रखवालों के सामने ही नियमों की अनदेखी हो रही हो, तो आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ना स्वाभाविक है। सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में मिट्टी का यह कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिससे न सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि पर्यावरणीय नियमों की भी अनदेखी हो रही है। हैरानी की बात यह है कि चौकी के सामने से गुजरते ट्रैक्टर-डंपरों पर कोई रोक-टोक नजर नहीं आई। खनन अधिकारी केपी मालिक बताया ने बताया वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में नहीं है जांच कर कार्रवाई की जाएगी
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गिरिडीह में सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों की विस्फोटक सामग्री छिपाने पर बड़ी सफलता पाई

Giridih, Jharkhand:एभीबी : गिरिडीह जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिनांक 21 अप्रैल 2026 की रात पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार एवं CRPF 154 बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को गुप्त सूचना मिली कि पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र के कानाडीह चतरो जोकई नाला के पास उग्रवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री एवं हथियार छिपाकर रखा गया है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार, डिप्टी कमांडेंट अमित कुमार झा एवं थाना प्रभारी खुखरा रविंद्र कुमार सिंह कर रहे थे। संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जोकई नाला के पास से 64 बंडल कोडेक्स वायर बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि इस वायर का उपयोग विस्फोटक गतिविधियों में किया जा सकता था। इस छापामारी अभियान में CRPF 154 बटालियन के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश वर्मा सहित QAT टीम और जिला पुलिस बल के जवान शामिल थे। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को उग्रवादियों की साजिश को नाकाम करने की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान जारी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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कैमूर के मोहनिया में स्कूल में प्रधानाध्यापिका-शिक्षिका मारपीट; छात्र न्याय की मांग

Khajuria Khurd, Bihar:वायरल वीडियो भी है। स्लग - कैमूर में स्कूल बना अखाड़ा, प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका के बीच जमकर हुई मारपीट मोहनिया के बघीनी विद्यालय का वीडियो वायरल, आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई और कठोर कार्रवाई की मांग की। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय जब जंग का मैदान बन जाएं, तो समाज और भविष्य पर सवाल उठना लाजिमी है। कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बघीनी गाँव स्थित प्लस टू उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ बुधवार दोपहर करीब 12 बजे विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रंजनलता और शिक्षिका चिंता देवी के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार, विवाद बच्चों के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर शुरू हुआ। शिक्षिका चिंता देवी का आरोप है कि वे जिन्हें बच्चों पर विशेष ध्यान देती थीं, प्रधानाध्यापिका उनके साथ अक्सर दुर्व्यवहार करती थीं। इसी बात को लेकर शुरू हुई तू-तू मैं-मैं देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गरिमा की सारी हदें पार होती दिख रही हैं। शिक्षिकाओं के बीच हुई इस भिड़ंत से विद्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। आक्रोशित दर्जनों छात्र-छात्राएं सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों का ऐसा आचरण उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में हुई इस घटना ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने बताया वीडियो हम लोगों के पास उपलब्ध हुआ है दो सदस्य की टीम का गठन कर विद्यालय भेजा गया था। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार कार्रवाई किया जाएगा। है कड़ी कार्रवाई की जाएगी; प्रधानाध्यापिका को पहले भी निलंबित किया गया था उनका हाल ही में निलंबन टूटा है इस बार फिर उनके ऊपर कार्रवाई होगी। विद्यालय का नियमित संचालन होगा इसे लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विद्यालय का मॉनिटरिंग प्रतिदिन करेंगे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कन्या विवाह योजना पर शुभकामनाएं दीं; Sambalpur में नवविवाहिताओं को आशीर्वाद

Sambalpur, Odisha:ସମ୍ବଲପୁରରେ 'ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କନ୍ୟା ବିବାହ ଯୋଜନା' ଉତ୍ସବ ଅବସରରେ କେନ୍ଦ୍ର ଶିକ୍ଷାମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା ସମ୍ବଲପୁର ସାଂସଦ ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ ଦେଲେ ଶୁଭେଚ୍ଛା । ମହିଳାଙ୍କ ସ୍ୱାଭିମାନ ଓ ସଶକ୍ତିକରଣ ଡବଲ ଇଞ୍ଜିନ ସରକାରର ପ୍ରାଥମିକତା ବୋଲି କହିବା ସହ ‘ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କନ୍ୟା ବିବାହ ଯୋଜନା’ରେ ବିବାହ ବନ୍ଧନରେ ଆବଦ୍ଧ ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲାର ୨୨ ନବଦମ୍ପତିଙ୍କୁ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜଣାଇଲେ ଧର୍ମେନ୍ଦ୍ର । 'ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କନ୍ୟା ବିବାହ ଯୋଜନା' ଆତ୍ମୀୟତା, ଭାବନା ଓ ଦାୟିତ୍ୱବୋଧର ଏକ ଅନନ୍ୟ ନିଦର୍ଶନ। ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲାର ବିଭିନ୍ନ ବ୍ଲକ ଓ ମ୍ୟୁନିସିପାଳିଟି ଅଞ୍ଚଳର ୨୨ ଜଣ ନବଦମ୍ପତି ଗତକାଲି ବିବାହ ବନ୍ଧନରେ ବାନ୍ଧି ହୋଇ ଏକ ନୂତନ ଜୀବନ ଆରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି । କେନ୍ଦ୍ର ମନ୍ତ୍ରୀ ପ୍ରଧାନ ନିଜ ବାର୍ତ୍ତାରେ କହିଛନ୍ତି ଯେ, ଏହା କେବଳ ଏକ ସରକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ନୁହେଁ, ବରଂ ଏହା ଆତ୍ମୀୟତା, ଭାବନା ଓ ଦାୟିତ୍ୱବୋଧର ଏକ ଅନନ୍ୟ ନିଦର୍ଶନ । ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେଂଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ଦେଶରେ ନାରୀ ସଶକ୍ତିକରଣ ପାଇଁ ଅନେକ ଯୋଜନା ପ୍ରଣୟନ କରାଯାଉଛି । ରାଜ୍ୟରେ 'ସୁଭଦ୍ରା' ଯୋଜନାୁରୁ ଆରମ୍ଭ କରି 'କନ୍ୟା ବିବାହ ଯୋଜନା' ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସମସ୍ତ ପଦକ୍ଷେପ ମହିଳାମାନଙ୍କୁ ସମାଜରେ ସ୍ୱାଭିମାନର ସହ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବାରେ ସହାୟକ ହେବ । କେନ୍ଦ୍ର ମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ପ୍ରଧାନ ସମସ୍ତ ପରିବାରବର୍ଗଙ୍କୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇବା ସହ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର ସଫଳତା କାମନା କରିଛନ୍ତି । ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଓଡ଼ିଶାର ପଞ୍ଚାୟତିରାଜ, ପାନୀୟ ଜଳ ଏବଂ ଗ୍ରାମୀଣ ଉନ୍ନୟନ মନ୍ତ୍ରୀ ରବି ନାରାୟଣ ନାୟକ ଏବଂ ସମ୍ବଲପୁର ବିଧାୟକ ଜୟନାରାୟଣ ମିଶ୍ର ପ୍ରମୁଖ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ନବଦମ୍ପତିଙ୍କୁ ଆଶୀର୍ବାଦ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ ।
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मेड़ता अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ पर रिश्वत मांगने का आरोप, धरना जारी

Nagaur, Rajasthan:मेडता उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का नर्सिंग स्टाफ एक बार फिर पैसे लेन-देन और लापरवाही के आरोपों से घिर गया है। महिला प्रसूता चंचल सेन के परिजनों और मोहल्ले वालों ने चिकित्सा विभाग के नर्सिंग स्टाफ पर डिलीवरी के पश्चात पैसे मांगने और प्रसूता की नॉर्मल डिलीवरी के दौरान गलत कट लगाने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग स्टाफ को एपीओ करने की मांग करते हुए धरना दिया। पूर्व पार्षद एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में नर्सिंग स्टाफ के कमलेश भार्गव ने प्रसूता के परिवार से 3000 रूपए लिए और नॉर्मल डिलीवरी के दौरान गलत कट लगाने से महिला को ब्लीडिंग अधिक होने के कारण अजमेर रेफर करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी पूनम चौयल ने चिकित्सालय पहुंच जांच कमेटी का गठन कर चिकित्सालय प्रभारी रामेश्वर बेनीवाल को तीन दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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मोर्चे के दौरान महिला ने गिरीश महाजन को डांटा; ट्रैफिक से मुंबई में हंगामा

Mumbai, Maharashtra:बीजेपी द्वारा महिला आरक्षण के मुद्दे पर मोर्चा निकाला गया इस मोर्चे की वजह से वर्ली इलाके में भरी ट्रैफिक होने के कारण लोगो को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा इसी मोर्चे के दौरान एक महिला द्वारा बीजेपी नेताओं पर जमकर बरसने का वीडियो वायरल हुआ है जिसमे वो कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को डांटते हुए दिखायी दे रही है साथ ही मुंबई के दहिसर से विधायक मनीषा चौधरी पर भी गुस्सा उतारते हुए दिखायी दी . महिला के इस नाराजगी को समझा भी जा सकता है चूँकि वो ट्रैफ़िक में फसी थी इस पर बातचीत करते हुए मनीषा चौधरी ने हमारे सवालों पर लगातार पार्टी का बचाव कर रही थी लेकिन जब हमने उनसे लोगो की परेशानी के मुद्दे को पूछना जारी रखा तो उन्होंने ज़ी न्यूज़ के कैमरे पर माफ़ी माँगी और कहा की उनके मोर्चे की वजह से जो तकलीफ़ हुई उसके लिए वो खेद व्यक्त करती है . टिक टैक- मनीषा चौधरी ( दहिसर विधानसभा से विधायक)
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SC ने ममता बनर्जी के दखल पर रुख रखा: लोकतंत्र खतरे में नहीं डालेंगे

Noida, Uttar Pradesh:SC की ममता मुख्यमंत्री को फटकार, कहा- लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की इजाज़त नहीं दे सकते। पश्चिम बंगाल में इस साल जनवरी में हुई I-PAC रेड के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचकर दखल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री को इस बात की इजाज़त नहीं दी जा सकती कि वो इस तरह से लोकतंत्र को खतरे में डाले। कोर्ट ने इसे केंद्र और राज्य के बीच का विवाद करार देने की ममता सरकार की दलील पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि जब कोई राज्य का मुख्यमंत्री किसी केंद्रीय एजेंसी की जांच में जाकर दखल देता है तो इसे सिर्फ केंद्र या राज्य के बीच विवाद के तौर पर नहीं देखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी कि कोई मुख्यमंत्री ऐसे रेड की जगह पर पहुंच जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो चल रहा है। कोर्ट उसे लेकर आँखे बंद नहीं रख सकता। कोर्ट के सामने मामला क्या है दरअसल सुप्रीम कोर्ट ED की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमे ममता बनर्जी पर जांच में दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। ED का कहना है कि जब IPAC दफ्तर पर उसकी सर्च चल रही थी तो इस वक्त ममता बनर्जी परिसर में घुसी। वो क़ानूनी प्रकिया को धता बताकर Z+ सुरक्षा कर्मियों, सादे कपड़ों में लोगों और कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंदर गईं और बाद में जबरदस्ती वहां से डिजिटल डिवाइस और डॉक्यूमेंट लेकर चली गई। ED ने याचिका में सीएम ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार को पक्षकार बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है। ममता सरकार ने ED की याचिका पर उठाया सवाल आज ममता सरकार की ओर से वकील मेनका गुरुस्वामी ने इस केस में ED की याचिका पर सवाल खड़ा किया ।उन्होंने दलील दी कि इस केस में आर्टिकल 32 के तहत मूल अधिकारों के हनन का दावा करने वाली ED की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। चूंकि यह राज्य बनाम केंद्र सरकार का मसला है, इसलिए इसमे आर्टिकल 131 के तहत सुनवाई होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गुरुस्वामी की दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमे राज्य सरकार के अधिकार की बात कहां से आ गई। यह केन्द्र बनाम राज्य का मामला नहीं है। एक मुख्यमंत्री ऐसी किसी रेड की जगह पर जाकर दखलंदाजी नहीं कर सकती। संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी। कोर्ट ने कहा कि आपने अपनी दलीलों में बी आर अंबडेकर और एचएम सीरवाई जैसे संविधान के जानकारों का हवाला दिया। शायद उन्होंने भी कभी नहीं सोचा होगा कि ऐसा समय आएगा, जब एक मौजूदा मुख्यमंत्री किसी जांच एजेंसी के ऑफिस में खुद पहुंच जाएंगी。 हम पश्चिम बंगाल को लेकर आँख बंद नहीं कर सकते सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की ज़मीनी स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि यह कोई सामान्य केस नहीं है, बल्कि असाधारण मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी बेंच के सामने पेंडिंग SIR केस का हवाला देते हुए कहा कि कि हम ज़मीन हालात को लेकर आँखे बंद नहीं कर सकते। वहां कुछ न्यायिक अधिकारियों को भी बंधक बना लिया गया था। इसलिए यह कहना ठीक नहीं है कि ED को पहले मजिस्ट्रेट के पास शिकायत लेकर जाना चाहिए था। यह किसी राम या श्याम के बीच विवाद का मामला नहीं है। पश्चिम बंगाल में ऐसे हालात बने है, जिसके चलते यह विवाद कोर्ट आया है।कोर्ट ने ये टिप्पणी वकील सिद्धार्थ लूथरा की इन दलीलों के जवाब में की। लूथरा का कहना था कि ED को यहां आने से पहले ज्यूडिसिल मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी।
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पुणे IT क्षेत्र पर धार्मिक आरोप: माधुरी मिसाळ ने पुलिस से कार्रवाई की मांग

Pune, Maharashtra:नाशिकच्या कार्पोरेट जिहादचं प्रकरण ताजं असतानाच आता इकडे पुण्यातही एक वेगळाच आरोप होताना दिसतोय हिंजवडीतल्या एका आयटी कंपनीच्या विश्रांती कक्षाचा वापर हा नियमबाह्य रितीने विशिष्ट धर्माच्या विधीसाठी केला जात असल्याचा आरोप दस्तुरखुद्द राज्यमंञी माधुरी मिसाळ यांनी केलाय... तर उगीच धर्माच्या नावाने पुणे आयटी क्षेत्र बदनाम करू नका, असा पलटवार पवार गटाने केलाय कंपनीच्या विश्रांती कक्षाचा वापर धार्मिक विधीसाठी नको मंत्री माधुरी मिसाळ यांचा पविञा लिहिलं पोलीस आयुक्तांना पत्र व्हीओ....नाशिकच्या एका आयटी कंपनीत कार्पोरेट जिहादचा धक्कादायक प्रकार समोर आल्यानंतर आता इकडे पुण्यातही एक भलताच आरोप होऊ लागलाय... हिंजवडीच्या एका आयटी कंपनीत विश्रांत कीकाचा वापर हा विशिष्ट धर्माच्या प्रेयरसाठी केला जात असल्याने त्या काळात इतर धर्मीय कर्मचाऱ्यांना मज्जाव केला जातो, अशी तक्रार मंञी माधुरी मिसाळ यांच्याकडे आलीय त्याआधारेच त्यांनी थेट पुणे पोलीस आयुक्तांना पत्र लिहून कारवाईची मागणी केलीय बाईट... माधुरी मिसाळ, राज्य मंत्री व्हीओ... तृप्ती देसाई यांनीदेखील मिसाळ यांच्या तक्रारीची तात्काळ दखल घेतली गेली पाहिजे, असं म्हटलंय. बाईट.. तृप्ती देसाई, भूमाता ब्रिगेड व्हीओ... दरम्यान, पवार गटाचे प्रवक्ते सुनील माने यांनी मात्र, या आरोपांचा खरपूस समाचार घेतलाय... हातात कोणतेही ठोस पुरावे नसताना केवळ धार्मिक आरोपांच्या आधारे पुणेचं आयटी क्षेत्र बदनाम करणं योग्य नाही, आधीच हिंजवडीतल्या ट्रॅफिकला कंटाळून काही कंपन्या या पुणे सोडून चालल्यात अशातच हा असा निराधार आरोप सुरू झाला तर उरल्या सुरल्या कंपन्याही निघून जातील, अशी भीती सुनील माने यांनी वर्तवलीय...
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रोहतास के रामडीह स्कूल में 10 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद, शिक्षक हिरासत में

Sasaram, Bihar:बड़ी खबर रोहतास जिला के राजपुर से है। जहां राजपुर के उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय रामडीह में एक स्कूल से 10 किलो आपत्तिजनक मांस बरामद हुआ है। बताया जाता है कि स्कूल के कुछ शिक्षকদের ने यह मांस लाया तथा अलमारी में रख दिया। ग्रामीण का कहना है कि पिछले कई दिनों से उर्दू मध्य विद्यालय के कुछ शिक्षक तथा शिक्षिकाएं प्रतिदिन विद्यालय में मांस बनाते हैं तथा खुद खाते हैं एवं कुछ छात्रों को भी खिलते हैं। आज जब ग्रामीण ने देखा कि शिक्षक तथा शिक्षिकाओं द्वारा फिर से विद्यालय में मीट लाया गया है, तो कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुँचकर जांच करने लगे तो स्कूल की अलमारी से प्रतिबंधित आपत्तिजनक मांस बरामद हुआ। सूचना मिलते ही रोहतास के डीएम उदिता सिंह तथा एसपी रौशन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा दो महिला शिक्षिका सहित पांच शिक्षकों को हिरासत में ले लिया गया है तथा सभी से पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीण दोषी शिक्षकों पर मुकम्मल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दे की उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय रामडीह के प्रधानाध्यापक अफजाल अंसारी है। साथ ही ज्यादातर शिक्षक तथा शिक्षिकाएं यहां मुस्लिम धर्म के हैं। लेकिन इस विद्यालय में सभी धर्म के बच्चे पढ़ते हैं। चुकी इस संबंध में रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने जानकारी दी है कि एफएसएल की टीम ने प्रतिबंधित मांस को जप्त कर जांच शुरू कर दिया है। साथ ही कुछ शिक्षकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों ने जब शिक्षिकाओं से पूछता शुरू किया तो सभी एक दूसरे पर टालते नजर आए।
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खंडवा में वन भूमि अतिक्रमण: 3 व्यक्तियों को जिलाबदर, जंगल सुरक्षा पर सख्त संदेश

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा जिले में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जंगल की जमीन से पेड़ काटने, उस पर कब्जा करने और लोगों को उकसाने के लगातार प्रयास करने के कारण आमाखजूरी टांडा गांव के 3 अतिक्रमणकर्ताओं को जिलाबदर किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर मोवासिंग, प्रेमसिंग और घूमसिंग को आगामी एक वर्ष के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत ये तीनों आरोपी न सिर्फ खंडवा जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बुरहानपुर, खरगोन, देवास, बेतूल, हरदा और इंदौर की सीमाओं में भी प्रवेश नहीं कर सकेंगे। प्रशासन की यह कार्रवाई जंगल की जमीन पर अवैध कब्जों और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश मानी जा रही है। बता दें कि पिछले कुछ सालों में वन विभाग की लगभग 2500 हेक्टेयर जमीन से पेड़ काटकर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया है। इसमें से लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि अभी भी इन्हीं के कब्जे में है. बीते दिनों आरोपियों ने ग्राम आमाखजूरी की वन भूमि पर अतिक्रमण किया था। अतिक्रमण हटाने पहुंची वन अमले की टीम पर जानलेवा हमला करने और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने के आरोप भी इन पर हैं। चौकीदार से मारपीट भी की थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इन्हें जिला बदर किया है। इधर, प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में जंगलों से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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