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Inspiring Scene at MP Polls: 81-Year-Old Casts Vote on Wheelchair
Ujjain, Madhya Pradesh:During the 4th phase of the Lok Sabha elections, an 81-year-old senior citizen arrived at the polling booth on a wheelchair, determined to exercise their democratic right. Coincidentally, Madhya Pradesh Chief Minister Dr. Mohan Yadav also reached the same polling station with his family to cast their votes. Witnessing the elderly voter, CM Mohan Yadav assisted the old men by ensuring that they could cast their vote comfortably.
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इटियाथोक उपडाकघर से बैग में रखी 50 हजार का नगदी भी बरामद किया है
Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। उपडाकघर से गुरुवार दोपहर को डाक विभाग के एक अभिकर्ता का बैग में रखा पचास हजार रुपया चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद उप डाकघर कार्यालय में घंटों अफरातफरी का माहौल रहा।सूचना पर पहुंची डायल 112 व कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में तहरीर दी है। *घटना का विवरण* इटियाथोक थाना क्षेत्र के अयाह गांव निवासी संत प्यारे तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह गुरुवार सुबह करीब दस बजे इटियाथोक उपडाकघर के कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अपने बैग में पचास हजार रुपये डाकखाने में जमा करने के लिए रखे थे। *चोरी की प्रक्रिया* आरोप है, कि वह अपना बैग टेबल पर रखकर सामने काउंटर पर चले गए।थोडी ही देर बाद लौटने पर बैग में रखा सारा रुपया गायब मिला। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। *सीसीटीवी फुटेज और पुलिस कार्रवाई* इटियाथोक उप डाकघर में उप पोस्टमास्टर पद पर कार्यरत कमलेश कुमारी वर्मा ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से कई बार सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए अवगत कराया जा चुका है । मौके पर मौजूद कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि यहां सीसीटीवी कैमरा न होने से लोगों के बीच चोर उचक्कों का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि यहां किसी गार्ड की भी तैनाती नहीं है। इस घटना के बाद से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है।0
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झारखंड खादी बोर्ड के आउटसोर्सिंग कर्मियों का वेतन रोका, पद खाली से बोर्ड असर
Ranchi, Jharkhand:रांची में झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के आउटसोर्सिंग कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है。 कर्मी पिछले चार महीने से बकाया वेतन भुगतान, समान काम के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा और स्वीकृत पदों के विरुद्ध समायोजन समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं。 प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 20 वर्षों से खादी बोर्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से उनके वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है。 कर्मियों के मुताबिक, वे झारखंड के अलग-अलग जिलों से आकर बोर्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी शामिल हैं, जिनका कहना है कि कम वेतन और वेतन भुगतान में देरी के कारण उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना हो रहा है。 प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बोर्ड में अध्यक्ष का पद पिछले करीब छह-सात वर्षों से खाली है, जबकि मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी का पद भी पिछले करीब तीन महीने से रिक्त है। उनका दावा है कि अधिकारियों के पद खाली होने की वजह से बोर्ड के कामकाज और वित्तीय गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है。 कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक खादी बोर्ड के प्रशिक्षण, मेले और दूसरे कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए मेहनत की है। ऐसे में अब वे सरकार से अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं।0
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बोकारो स्टील प्लांट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ठेकेदार-प्रशासन के खिलाफ मजदूरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो स्टील प्लांट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मजदूरों का आंदोलन। मजदूरों ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का गेट जाम किया और धरने पर बैठा। मजदूरों को मिलने वाले मजदूरी में कट मनी लेने का लगाया आरोप। कहा मजदूरों के गाढ़ी कमाई का पैसा ठेकेदार और अधिकारी के द्वारा ले लिया जाता है जहां विरोध करने पर काम से निकाल दिया जाता है। बोकारो इस्पात संयंत्र के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सामने ठेका मजदूरों का आंदोलन। प्लांट के गेट को किया बंद। मजदूरों ने लगाया आरोप हमारे मजदूरी पर BSL के अधिकारी और ठेकेदार की है नजर. मजदूरों से लिया जाता है कट मनी और नहीं लौटाने के कारण या तो काम से हटा दिया जाता है या हटाने की धमकी दी जा रही है. सभी एकजुट होकर आज काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। मजदूरों ने कहा कि सभी मजदूर विस्थापित हैं और बीस बीस वर्षो से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मे कार्य कर रहें है। मजदूरो का नेतृत्व कर रहे क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ सम्बद्ध हिन्द मजदूर सभा के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने गेट पर हीं मीडिया से बात करते हुये कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रबंधन कटमनी और अराजकता का गढ़ बन चुका है। अधिकारियों और ठेकेदार का ठगबंधन मजदूरो के खून पसीने की कमाई को खुले आम डंके की चोट पर लूट रहा है। जिसे होने नहीं दिया जाएगा। वहीं श्रमायुक्त से भी शिकायत की बात कही गई। मजदूरों ने फोन पे से दिए गए रकम को दिखाते हुए कहा कि बिना डर भय के मजदूरों के मजदूरी का पैसा लूटा जा रहा है जबकि मजदूरों की मजदूरी बहुत ही कम है ऐसे में घर परिवार कैसे चलाए लेकिन बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन के अधिकारी और ठेकेदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। वहीं बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने कैमरे में कुछ भी कहने से बचते रहे केवल इतना कहा कि अगर लिखित शिकायत मिलती है तो पूरे मामले की जांच की जाएगी।0
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पटना के दो अस्पतालों में दवाओं की कमी: मरीज एक-एक दवा के लिए जूझ रहे
Patna, Bihar:बिहार में स्वास्थ्य विभाग का दावा कि यहाँ के अस्पतालों में दवाओं की कोई कमी नहीं है और इलाज कराने आने वालों को मुफ्त दवा दी जाती है की पड़ताल करने zee मीडिया ने पटना के दो अस्पतालों को चुना। दोनों अस्पताल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल घोषित है और इन दोनों अस्पतालों की हकीकत जानकार आपको लगेगा की बिहार में लोंगो के स्वास्थय को लेकर सरकार सिर्फ लापरवाह ही नहीं बल्कि खिलवाड़ कर रही है। यहाँ के अस्पताल में दवाओं की भारी कमी है जिस कारण मरीजों को अस्पताल के बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रहीं हैं। 2022 के सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद भी राज्य के जिला अस्पतालों में न्यूनतम 287 तरह की आवश्यक जरुरी दवाएं नहीं है। मरीजो के मुताबिक़ अस्पताल की दवाओं की कालाबाजारी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिहार के अस्पतालों का ये हाल है। आपको बता दें की बिहार में पटना के अस्पतालों में 40 प्रतिशत तक दवाइयों की कमी है। मरीजों को महंगी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 2022 में राज्य के सभी अस्पतालों को कम से कम 287 और PHC में 212 तरह की दवाइयां रखने का निर्देश दिया था। जबकि मेडिकल कालेज अस्पताल में 356 तरह की दवा OPD के लिए रखने का आवश्यक निर्देश दिया था। सरकार के संकल्प के मुताबिक़ बिहार के जिला अस्पतालों में 287 प्रकार की दवाइयां होनी चाहिए, लेकिन पटना जैसी जगह पर तो सौ सवा सौ तरह की दवाइयां ही उपलब्ध हैं। पटना अब आपको दिखाते हैं पटना के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल गार्डिनर रोड की हकीकत। गार्डिनर रोड अस्पताल में मरीजो की लम्बी लाइन देखिये और फिर आप देखिये दवा काउंटर। इस काउंटर पर मरीजो को इलाज के बाद डाक्टर ने जो दवा की पर्ची दी है वो दवाइयां दवा काउंटर पर नहीं है। इस दवा काउंटर पर दवा लेने आने वाले उपेन्द्र सिंह को सुनिए की उनको कौन सी दवा मिली और कौन सी नहीं मिली। जब Zee Media ने दवा की पर्ची के साथ दवा काउंटर पर बैठे फार्मासिस्ट से पूछा तो उन्होंने कहा की सरकार जितनी दवा सप्लाई करती है यहाँ है। कुछ दवा ख़त्म होती हैं तो फिर से दवा की आपूर्ति के लिए लिखा जाता है। यह एक पर्ची के साथ नहीं हो रहा है। इस दवा काउंटर पर आने वाले मरीजों को उनके पर्ची के हिसाब से दवा नहीं मिलती। मरीज विभा कुमारी, मरीज सियाराम सिंह, मरीज इंदु देवी, संजना कुमारी, मनीषा देवी रेशम कुमारी के हाथों की पर्ची देखिये। दवा प्रभारी ने बताया कि दवा की उपलब्धता सरकार की EDL लिस्ट के अनुसार होती है और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड BMSICL ही दवा उपलब्ध कराती है। आँख के मरीजों के लिए यहाँ महंगी दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। LNJP सुपर स्पेशल्टी अस्पताल में भी दवा की हालत यह है कि पर्ची पर विटामिन और प्रोटीन की दवा लिखी जाती है लेकिन मर्ज के लिए दवा डॉक्टर द्वारा लिखी जाती है और बाहर से खरीदनी पड़ती है। अस्पताल के डाक्टर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि उनको नहीं पता कि चिरकुट पर दवाईयें क्यों और किसने लिखी लेकिन मरीजों को जो दवा लिखते हैं वो यहीं मिलती है और यहाँ मौजूद मरीजों ने आरोप लगाना शुरू किया कि यहाँ सिर्फ प्रोटीन और विटामिन की दवा तो मिलती है बांकी दवा के लिए बाहर जाना पड़ता है। चिकित्सा कर्मियों के अनुसार 2022 के संकल्प के अनुसार सरकारी अस्पतालों में मेडिकल कालेज को 356 तरह की दवाएं OPD मरीजों को दिए जाने थे जबकि डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में 287, ब्लॉक लेवल के अस्पतालों में 212, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 212, रेफरल अस्पतालों में 203 तरह की दवा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 201, शहरी प्राथमिक केन्द्रों में 180 तरह की दवा और स्वास्थ्य उपकेन्द्र में 97 की दवा मुफ्त में देना था। लेकिन पटना के गार्डिनर रोड अस्पताल में सिर्फ 68 तरह की दवा उपलब्ध है और LNJP जैसे अस्पताल में 110 तरह की दवा ही मौजूद है।0
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नोखा के स्कूल में दो शिक्षिकाओं द्वारा टीचर पिटाई, वीडियो वायरल
Sasaram, Bihar:बड़ी खबर सासाराम से है। जहां नोखा के एक विद्यालय में दो शिक्षिकाओं ने मिलकर एक शिक्षक की जमकर पिटाई कर दी। बड़ी बात है कि इस दौरान दो अन्य शिक्षक इसका वीडियो बनाते रहे। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। वायरल वीडियो शिक्षक दिवस 5 सितंबर का बताया जाता है। बड़ी बात है कि बच्चों के सामने ही शिक्षक दिवस पर इन शिक्षकों ने मिलकर विद्यालय की गरिमा को तार तार कर दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि किस प्रकार उच्च माध्यमिक विद्यालय प्लस टू, चनकी की शिक्षिका अंजू कुमारी तथा इसी परिसर में चलने वाला एक अन्य विद्यालय मध्य विद्यालय की शिक्षिका उमा कुमारी मिलकर एक अन्य शिक्षक की पिटाई कर रहे हैं। इस दौरान गाली गलौज भी की जा रही है। वही और शोर शराबा के बीच एक शिक्षिका 'बैड टच' का भी आरोप लगा रही है। जिस शिक्षक के साथ मारपीट की जा रही है, उसका नाम वायरल वीडियो में नित्यानंद भारती बताया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के जांच के दायरे में इन तीन शिक्षक शिक्षिकाओं के अलावा दो अन्य शिक्षक अभिषेक उपाध्याय तथा उमेश कुमार भी हैं। इन सब पर जांच चल रही है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार पहले बहस होती है और उसके बाद दो शिक्षिका अंजू कुमारी तथा उमा कुमारी मिलकर एक शिक्षक की पिटाई कर रहे हैं। पीड़ित शिक्षक विद्यालय परिसर से बाहर भागने की कोशिश करता है। बड़ी बात है कि इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में बच्चे भरे हुए हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर जिस तरह से विद्यालय में शिक्षकों ने तांडव मचाया, ये पूरे विद्यालय की गरिमा को तार-तार कर दिया है। इस विवाद के पीछे का कारण बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से छोटी-मोटी बातों को लेकर विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं में कहां सुनी तथा तनाव चल रहा था। उसी को लेकर ये मामला सामने आया है। इस संबंध में एक शिक्षक नोखा थाना भी पहुंचे थे। लेकिन शिक्षा विभाग के कुछ वरीय अधिकारियों के बीच बचाव के कारण मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। लेकिन शिक्षा विभाग इन सभी शिक्षकों पर कार्रवाई के मूड में है。0
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17 वर्षीय छात्रा के अपहरण का मामला: सिरफिरे युवक फरार, पुलिस जुटी
Mainpuri, Uttar Pradesh:17 वर्षीय छात्रा को सिरफिरा युवक लेकर हुआ फरार बहला फुसलाकर ले जाने का परिजनों ने लगाया आरोप स्कूल के लौटते समय छात्रा के साथ छेड़छाड़ करता था आरोपी 11वीं की छात्रा के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ थाने में दी तहरीर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा किया पंजीकृत पुलिस ने आरोपी के घर से छात्रा को किया बरामद आरोपी की भी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी पुलिस शहर कोतवाली क्षेत्र की घटना0
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अयोध्या में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की तैयारियाँ तेज, मोदी-योगी सत्ता?
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और अवध प्रांत प्रभारी दिलीप पटेल अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। मीडिया से बातचीत में दिलीप पटेल ने दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, अखिलेश यादव और राहुल गांधी की यात्राओं को लेकर उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को यात्रा निकालने का अधिकार है, लेकिन इन यात्राओं का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। उन्होंने कहा कि नौजवान, किसान, माताएं-बहनें, व्यापारी और बुद्धिजीवी वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास करता है और मोदी के मार्गदर्शन में योगी के नेतृत्व में भाजपा फिर सत्ता में आएगी।आरक्षण के मुद्दे पर दिलीप पटेल ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने इसे संवैधानिक व्यवस्था बताते हुए कहा कि सरकार बातचीत के जरिए इसका समाधान निकालेगी।वहीं अखिलेश यादव और राहुल गांधी की ‘दो लड़कों की जोड़ी’ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 2017 और 2022 में भी ऐसी जोड़ी कमाल नहीं कर पाई। जनता ‘मोदी-योगी की जोड़ी’ और विपक्ष की जोड़ी के बीच का अंतर समझ चुकी है और प्रदेश का भविष्य किसके हाथ में सुरक्षित है, यह जनता तय करेगी।0
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पिलखुवा खुले नालों से नगरपालिका नाकामी उजागर, युवक की जान खतरे में
Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ में पिलखुवा नगर पालिका परिषद की लापरवाही के चलते एक युवक की जान पर बन आई. युवक पिलखुवा के मुख्य बाजार में अचानक सड़क किनारे बने गहरे और खुले नाले में गिर गया. यह पूरी दिल दहला देने वाली वारदात पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन खुले नाले पर कोई ढक्कन या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण उसका पैर सीधे नाले में जा पड़ा और वह अंदर जा गिरा. गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए फुर्ती दिखाई. लोगों ने भारी मशक्कत के बाद उसे खींचकर बाहर निकाला, जिससे उसकी जान बच सकी. यह हादसा साफ तौर पर पिलखुवा नगर पालिका प्रशासन की नाकामी की पोल खोलता है. व्यस्त बाजार में मौत बनकर खुले नालों की सुध लेने वाला कोई नहीं है. स्थानीय व्यापारियों और लोगों में पालिका के खिलाफ भारी आक्रोश है. लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर पालिका प्रशासन किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इन खुले नालों को ढका नहीं गया, तो किसी दिन बड़ा जानलेवा हादसा तय है.0
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इस्लामनगर में दबंग पड़ोसी ने पुलिस के सामने किया ईंट से हमला; वीडियो वायरल
Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामनगर मोहल्ले में पुलिस की मौजूदगी में दबंग पड़ोसी ने शख्स पर किया ईंट से हमला , पुलिस की मौजूदगी में ईंट से हमले का LIVE वीडियो हुआ वायरल अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामनगर मोहल्ले में पड़ोसी विवाद के दौरान एक शख्स पर ईंट से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना का LIVE वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ईंट से हमला करता दिखाई दे रहा है। पीड़ित का आरोप है कि पड़ोसी आए दिन उसके साथ मारपीट और विवाद करता है। बताया गया कि विवाद की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी दबंग पड़ोसी ने पीड़ित पर ईंट से हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सामने आए वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।0
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धांधली विरोधी प्रदर्शन के बाद धनबाद में भाजपा का प्रदर्शन, इरफान अंसारी पर निशाना
Dhanbad, Jharkhand:एंकर -- जेपीएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के विरोध में धनबाद में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। भवनाथपुर के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला। भानु प्रताप शाही ने तंज कसते हुए कहा कि “इरफान जी को झारखंड का शिक्षा मंत्री बनाया जाए, ताकि शिक्षा विभाग में भी वे अच्छे कार्य कर सकें।” मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से माँग करते है की डॉ0 इरफान अंसारी को बनाये।वहीं, शिक्षा मंत्रियों के असमय निधन के सवाल पर उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि वे दिवंगत नहीं होंगे, बहुत मोटी चमड़ी है इरफान अंसारी की。0
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ज्योलीकोट में दूषित पानी से दो मौत, सीवर लीकेज पर उठे सवाल
Haldwani, Uttarakhand:नैनीताल के ज्योलीकोट में पानी की एक-एक बूंद अब डराने लगी है...दूषित पानी से दो मौतों और 100 से ज्यादा लोगों के बीमार होने के बाद सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं... लेकिन ज्योलीकोट के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है...आखिर पानी दूषित हुआ कैसे?...सीवर लाइन का लीकेज ही इसकी वजह है... तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है.0
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योगी सरकार ने बलिया की महिलाओं को बिना ब्याज एक लाख रुपये देने का ऐलान किया
Ballia, Uttar Pradesh:महिला वोटर को योगी का चुनावी गिफ्ट हैम्पर, बिना ब्याज 1 लाख रुपये देने के फैसले पर बलिया में समूह की महिलाओं ने जताई खुशी। आर्थिक मदद के लिए आजीविका मिशन के जरिए यह रकम महिलाओं तक पहुंचेगी। योगी सरकार के इस ऐलान से बलिया में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में खुशी की लहर है। समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी लोन लिया है लेकिन उन्हें ब्याज देना पड़ता है। महिलाओं का कहना है कि योगी सरकार के नए ऐलान से महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी बिना ब्याज के वे अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकती हैं। वहीं योगी सरकार के इस ऐलान पर महिलाओं ने खुशी जताते हुए गीत भी गाए।0
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पीलीभीत: गणेश चौथ मेला आयोजक ने सिटी मजिस्ट्रेट पर अभद्र व्यवहार का आरोप, हंगामा
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत के सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य पर गणेश चौथ मेला के आयोजक प्रदीप तिवारी के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगा है। आरोप है कि काफी दिन बीतने के बाद भी मेले की परमिशन नहीं मिलने पर जब उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से इस बाबत पूछा तो सिटी मजिस्ट्रेट ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि ज्यादा बोले तो अभी संभाल दूंगा। मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी ने इस दौरान काफी हंगामा किया। आयोजक के साथ उनकी पत्नी पंकजा तिवारी भी मौके पर थी। पंकजा तिवारी भारतीय जनता पार्टी की जिला मंत्री है व नगर पालिका में बीजेपी की नामित सभासद भी है। फिलहाल आयोजक का कहना है कि अब वह परमिशन नहीं लेंगे और अगर सिटी मजिस्ट्रेट रोक सके तो रोक कर दिखाएं। फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। और उनका कहना है की परमिशन के लिए बात करते समय आयोजक ने परमिशन न मिलने पर धरना देने की बात कही थी.0
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12 लाख के मुआवजे से 30 लाख की जमीन का सौदा!विंध्यएक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण पर किसानों का फूटा गुस्सा
Seorai, Uttar Pradesh:सेवराई (गाजीपुर)। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की जद में आ रही किसानों की खेती की जमीन के मुआवजे को लेकर सेवराई तहसील क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। 600 बीघे से अधिक कृषि भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच गुरुवार को सेवराई , गहमर, मनियां, बारा, गोड़सरा , बकसड़ा, मिश्रवलिया , आदि विभिन्न प्रभावित गांवों के किसान एकजुट होकर तहसील मुख्यालय पहुंचे और उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर बाजार भाव के अनुरूप मुआवजा तय करने की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि मौजूदा दरों पर जमीन का अधिग्रहण हुआ तो उन्हें अपनी जमीन का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पाएगा और कई किसान जमीन जाने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे। किसानों का सबसे बड़ा सवाल सर्किल रेट और वास्तविक बाजार भाव के बीच भारी अंतर को लेकर है। किसानों के मुताबिक क्षेत्र में खेती की जमीन का बाजार मूल्य करीब 30 लाख रुपये प्रति बीघा तक है, जबकि अलग-अलग गांवों में प्रस्तावित मुआवजा करीब 12 से 17 लाख रुपये प्रति बीघा बताया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जिस जमीन को बाजार में करीब 30 लाख रुपये प्रति बीघा का मूल्य मिल रहा है, उसके लिए इससे काफी कम मुआवजा तय करना उनके साथ न्याय नहीं होगा। एक जैसी जमीन, अलग-अलग मुआवजा क्यों? किसानों ने मुआवजा दरों में कथित असमानता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उचितपुर और अकबरपुर में करीब 17 लाख रुपये प्रति बीघा, जबकि दूसरे इलाकों में 12 से 13 लाख रुपये प्रति बीघा की दर बताई जा रही है। वहीं गहमर खास में करीब 17 लाख रुपये प्रति बीघा की दर निर्धारित किए जाने की बात कही गई है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि जमीन की प्रकृति और उपयोग समान है तो मुआवजे की दरों में इतना अंतर क्यों रखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेती की जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका का आधार है। जमीन चली जाने के बाद मिलने वाले मुआवजे से उसी क्षेत्र में दूसरी कृषि भूमि खरीदना भी मुश्किल होगा। ऐसे में कम मुआवजा मिलने पर भविष्य में परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। चार मांगों पर अड़े किसान ज्ञापन में किसानों ने प्रभावित जमीन का मौके पर जाकर पारदर्शी सर्वे कराने, समान प्रकृति की जमीन के लिए एक समान और वास्तविक दर निर्धारित करने, सरकार की चार गुना मुआवजा नीति के अनुरूप किसानों को उनका हक देने तथा किसान प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी से मुलाकात का समय देने की मांग की है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे विकास परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत किसानों के हितों की अनदेखी करके नहीं चुकाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि जमीन का अधिग्रहण होने से पहले बाजार मूल्य और किसानों के हितों का निष्पक्ष आकलन जरूरी है। प्रशासन ने मांगी बाजार भाव की सूची मामले में एसडीएम गजराज सिंह यादव ने बताया कि किसानों से बाजार रेट से संबंधित सूची मांगी गई है। सूची का निरीक्षण करने के बाद वास्तविक स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के तेवर और ज्ञापन के बाद अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।0
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ग्वालियर में ऑपरेशन ईगल: बिना नंबर गाड़ी और हथियारों का खुला प्रदर्शन
Morena, Madhya Pradesh:पुलिस के ऑपरेशन ईगल की ग्वालियर में उड़ती धज्जियां, खुल्लेआम युवा लहरा रहे हथियार, ब्लैक फिल्म, बिना नंबर की गाड़ी। घटनास्थल - रूपसिंह स्टेडियम के पास0
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