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संजय निषाद का सपा-कांग्रेस पर बड़ा पलटवार, 2027 में सरकार बनाने के दावों पर कसा तंज

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज ।2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत अभी से गरमाने लगी है... निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। सपा के 2027 में सरकार बनाने के दावों पर तंज कसते हुए संजय निषाद ने कहा कि 2013 से ही वे ऐसी बातें सुनते आ रहे हैं। उनके मुताबिक, 2017 में भी सरकार बनाने का दावा किया गया और 2022 में भी सरकार बनाने की बात कही गई, लेकिन चुनावी नतीजों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं कांग्रेस पर हमला बोलते हुए संजय निषाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़ी, फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लड़ी और अब जनता से लड़ते-लड़ते संस्थाओं से लड़ रही है। संजय निषाद ने अपने बयान में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब टीएन शेषन आए थे, तब कांग्रेस ने उनके खिलाफ महाभियोग की बात की थी, लेकिन बाद में उन्हें सम्मान और इनाम भी दिया गया। संजय निषाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब चुनाव जीतते हैं तो संस्थाओं और चुनावी व्यवस्था की पीठ थपथपाई जाती है, लेकिन हारने पर उन्हीं संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। यानी 2027 के चुनाव से पहले ही यूपी की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है... और संजय निषाद के इस बयान ने सियासी तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि सपा और कांग्रेस की ओर से इस बयान पर क्या पलटवार होता है। बाईट- संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री उ०प्र० शासन
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बेतिया विधायक विनय बिहारी का धरना, मुख्यमंत्री चंपारण दौरे और मुवावजे की मांग

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां लौरिया के बीजेपी विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठ गए हैं। विधायक कलेक्ट्रिएट में धरना पर बैठे हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बुलावे की मांग कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पीड़ितों को उचित मुवावजे देने की मांग कर रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि मैं 12 बजे से धरना पर बैठा हूँ लेकिन डीएम नहीं आये हैं, डीएम फोन भी नहीं उठा रहे हैं। मेरी एक ही मांग है—मुख्यमंत्री चंपारण का दौरा करें। मेरे क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाके में मात्र पाँच जगह सामुदायिक किचन चल रहा है। जितने लोगों का घर गिरा है उनके लिए सात हजार के बजाय दस हजार मुवावजा मिले। जब तक सीएम नहीं आयेंगे तब तक धरना जारी रहेगा।
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दरभंगा के गंगवाड़ा सदर अस्पताल का उद्घाटन, स्थानीय मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू

Darbhanga, Bihar:बिहार सरकार ने दिया इलाके के लोगों को बड़ी सौगात,दरભंगा सदर अस्पताल गंगवाड़ा का हुआ उद्धघाटन,दरभंगा जिला अधिकारी कौशल कुमार ने फीता काट किया शुभारम्भ,डीएमसीएच पर निर्भरता होगी कम, गंगवाड़ा सदर अस्पताल में शुरू हुईं बड़ी स्वास्थ्य सेवाएं,दरभंगा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कम उठाया गया ।सिजेरियन प्रसव के साथ शिशु चिकित्सा, हड्डी रोग, दंत चिकित्सा और सामान्य सर्जरी,फ्री जांच सहित कई स्वास्थ सुबिधा मौजूद,लोगो मे उत्साह, एंकर-दरभंगा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सदर अस्पताल, गंगवाड़ा में अब मरीजों को कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने संस्थागत प्रसव, सिजेरियन प्रसव, शिशु चिकित्सा, हड्डी रोग, दंत चिकित्सा और सामान्य सर्जरी सेवाओं का शुभारंभ किया। इन सेवाओं के शुरू होने से खासकर ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को संस्थागत एवं सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिलेगी, जबकि नवजात और बच्चों के इलाज के लिए शिशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हड्डी रोग, दंत चिकित्सा और सामान्य सर्जरी से जुड़े मरीजों को भी अस्पताल में ही आवश्यक उपचार मिल सकेगा。 डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को सभी सेवाओं का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर जांच, उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के साथ बेहतर एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए。 सदर अस्पताल गंगवाड़ा में इन सेवाओं के शुरू होने से इलाके के लोगों को स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक चिकित्सा केंद्र मिला है, जिससे गंभीर या आवश्यक उपचार के लिए हर बार डीएमसीएच जाने की जरूरत में कमी आने की उम्मीद है。 जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि गंगवाड़ा में सदर अस्पताल की बिल्डिंग कुछ वर्ष पहले बनकर तैयार हो गई थी। उस समय इसे कैंसर अस्पताल को सपोर्ट करने के लिए उपयोग में लिया गया था।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कैंसर अस्पताल द्वारा बिल्डिंग के बहुत कम हिस्से का उपयोग किया जा रहा है, जबकि काफी स्पेस खाली और अनुपयोगी पड़ा है।इसके बाद सिविल सर्जन के साथ बैठक कर खाली स्थान का उपयोग सदर अस्पताल के रूप में करने का निर्णय लिया गया。 इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया गया और पीएचसी-सीएचसी से चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई। डीएम ने बताया कि फिलहाल ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई है। कैंसर अस्पताल के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद सदर अस्पताल को और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद पटना से भी अतिरिक्त चिकित्सकों की पदस्थापना यहां की जाएगी。 अगले सप्ताह ऑपरेशन व आईपीडी शुरू करने की तैयारी डीएम ने बताया कि अगले सप्ताह कुछ ऑपरेशन और आईपीडी सेवा भी शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अस्पताल में अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि एक से डेढ़ महीने के भीतर सदर अस्पताल को पूरी तरह फंक्शनल कर दिया जाए。 उन्होंने कहा कि दरभंगा में पहले से सदर अस्पताल नहीं होने के कारण डीएमसीएच पर मरीजों का काफी दबाव था। खासकर प्रसव एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मरीज, सड़क दुर्घटना में घायल लोग और सर्जरी से संबंधित मरीजों को अक्सर डीएमसीएच रेफर किया जाता था। अब सदर अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, जनरल सर्जरी समेत अन्य सेवाएं शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों का स्थानीय स्तर पर उपचार किया जा सकेगा। डीएम ने कहा कि सदर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने से डीएमसीएच पर मरीजों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार डीएमसीएच भेजा जाएगा, जबकि अन्य मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में ही करने का प्रयास होगा。 14 डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति, 12-12 एएनएम-जीएनएम तैनात सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के प्रयास से गंगवाड़ा सदर अस्पताल को शुरू किया जा सका है। काफी समय से प्रयास किया जा रहा था कि दरभंगा में सदर अस्पताल की सुविधा शुरू हो। मंगलवार को अस्पताल के उद्घाटन के साथ ओपीडी सेवाएं शुरू होने से जिले के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स समेत प्रमुख विभागों की ओपीडी शुरू की गई है। अस्पताल के संचालन के लिए उपाधीक्षक के रूप में डॉ. सुप्रिया रंजन को जिम्मेदारी दी गई है। ओपीडी संचालन के लिए 14 डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा 12-12 एएनएम और जीएनएम की भी तैनाती की गई है。 सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल में एक्स-रे और ईसीजी की सुविधा भी उपलब्ध है। पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाओं को और व्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब एक से दो सप्ताह के भीतर इमरजेंसी सेवा भी शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद आईपीडी और अन्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा。 सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है, ताकि मरीजों को इलाज, जांच और आपातकालीन चिकित्सा की सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
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छपारा पंचायत: शराब बिक्री 5000 रु, शराब सेवन 2100 रु दंड तय

Seoni, Madhya Pradesh:शराबबंदी को लेकर ग्राम पंचायत का बड़ा फैसला शराब बेचने पर ₹500, पीने वालों पर ₹2100 का अर्थदंड एकर: सिवनी जिले के छपारा के बकोड़ा सिवनी ग्राम पंचायत के जामुन टोला गांव में शराबबंदी और सामाजिक बुराइयों को लेकर ग्रामीणों ने बड़ा निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित कर गांव में शराब की बिक्री और शराब के सेवन पर अर्थदंड लगाने का फैसला किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार गांव में यदि कोई व्यक्ति शराब बेचता हुआ पाया जाता है तो उस पर ₹5000 का अर्थदंड लगाया जाएगा। वहीं शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति पर ₹2100 का अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही गांव में शराब बेचने या शराब पीकर उपद्रव करने वाले व्यक्ति की सूचना देने वाले को ₹1100 का पुरस्कार देने की बात भी प्रस्ताव में शामिल की गई है। ग्रामीणों ने जुआ और सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों को लेकर भी पुलिस को सूचना देने का निर्णय लिया है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखने की मांग की गई है। इसी मांग और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की जानकारी देने के लिए सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाओं के साथ छपारा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन से सहयोग की माँग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब और अन्य सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने के लिए यह सामूहिक पहल की गई है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्णय के क्रियान्वयन में सहयोग की अपेक्षा जताई है।
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जयपुर में नकली घी के रैपर बनाने वाले गोदाम पर पुलिस कार्रवाई

Jaipur, Rajasthan:जयपुर पुलिस ने घी के नकली रैपर तैयार करने का गोदाम पकड़ा. निवारू रोड पर लक्ष्मी नगर में स्थित है यह गोदाम. पुलिस ने गोदाम से तीन आरोपियों को लिया है हिरासत में. एसीपी झोटवाड़ा शिवकुमार भारद्वाज के नेतृत्व में कार्रवाई. घी के विभिन्न ब्रांड के खाली रैपर मंगवाते थे आरोपी. गोदाम में सरस, लोटस, कृष्णा, महान ब्रांड के रैपर मिले. इन रैपर पर होलमार्क लगाकर मैन्युफैक्चरिंग कोड डालते थे. इसके बाद सील करके छोटे छोटे कस्बों में नकली घी सप्लाई करते. मैन्युफैक्चरिंग कोड और सील मशीन लगाई हुई है. नकली घी सप्लाई के तार निवाई और अन्य जगह से जुड़े हुए हैं.
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108 एंबुलेंस से गर्भवती ने बच्चे को जन्म दिया, दोनों स्वस्थ

Dungarpur, Rajasthan:दरअसल पांतली निवासी 26 वर्षीय गर्भवती महिला ममता के प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग उसे डुंगरपुर अस्पताल लेकर आए थे। उसे एमसीएम में भर्ती कर जांच की गई। गर्भवती महिला के कार्डियक शिकायत पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिस पर 108 एंबुलेंस से उसे उदयपुर अस्पताल लेकर जा रहे थे। डूंगरपुर से 25 किलोमीटर आगे जाते ही खेरवाड़ा के पास महिला के प्रसव पीड़ा बढ़ गई जिसे 108 एंबुलेंस ईएमटी व पायलट ने नॉर्मल डिलीवरी करवाई। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद दोनों स्वस्थ हैं। एंबुलेंस से दोनों को वापस डूंगरपुर अस्पताल लेकर आए ओर एमसीएच में भर्ती करवाया गया। दोनो की तबीयत अभी ठीक बताई जा रही है。
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जयपुर क्रॉस वोटिंग मामला: कांग्रेस शिष्टमंडल ने नेतृत्व से जांच की मांग की

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से सियासी खबर उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार और क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस शिष्टमंडल की जयपुर में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अनुशासन समिति अध्यक्ष उदयलाल आंजना से मिले कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत की मौजूदगी में चुनाव से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की दी जानकारी कांग्रेस शिष्टमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जल्द जांच कराने की मांग रखी प्रदेश नेतृत्व ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने और सात दिन में जांच पूरी कराने का दिया आश्वासन जांच में पार्टी अनुशासन के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात शिष्टमंडल में जिया उर रहमान आरिफ, साजिद सुलेमानी, उपमहापौर प्रत्याशी नसीम बानो, जावेद पड़िहार, नंदलाल जावा, अकबर अली खादी, चन्द्रकला कूकना, सरोज, फिरोज भाटी, हुकुमचंद जावा, अंजुम अली, कर्नल शिशुपाल सिंह पंवार, हरिकिशन जाट, मदनलाल कूकना और रियाजुद्दीन पंवार सहित कांग्रेसजन रहे मौजूद
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पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर हत्या साजिश; बिंदल ने निष्पक्ष जांच की मांग

Sirohi, Rajasthan:शिरोही में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित हत्या की साजिश के मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला महामंत्री दिनेश बिंदल ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि अपने 35 वर्ष के राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा माहौल पहले नहीं देखा। बिंदल ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन इंसानियत से बड़ा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा, “संयम लोढ़ा से मेरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन एक इंसान के तौर पर मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई से बड़ी घटना टली है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना से सिरोही की छवि पर गंभीर असर पड़ सकता था। बिंदल ने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत प्रेस वार्ता है और पार्टी की ओर से उन्हें कोई निर्देश नहीं दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर साजिश की तह तक पहुंचने की मांग की।
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हसायन में 20 क्वार्टर अवैध देशी शराब के साथ एक गिरफ्तार

Mohammad RajaMohammad RajaFollow12m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:हसायन (हाथरस)- पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हसायन पुलिस ने 20 क्वार्टर अवैध देशी शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सिकन्द्राराऊ के निकट पर्यवेक्षण में थाना हसायन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए गोपालपुर से बदनपुर की ओर जाने वाले बम्बे के रास्ते से एक व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 20 क्वार्टर अवैध देशी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हरेन्द्र प्रताप पुत्र हाकिम सिंह निवासी छीत्तीपुर, थाना हसायन, जनपद हाथरस के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर थाना हसायन में मु0अ0सं0 186/26, धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक मनीष चिकारा के नेतृत्व में थाना हसायन पुलिस टीम द्वारा की गई।
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नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा

Padrauna, Uttar Pradesh:नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश 🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ 🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश 🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है। जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम
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लुधियाणा में बागेश्वर धाम के प्रवचन पर शाही इमाम का विरोध, माफ़ी की मांग

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਬਾਗੇਸ਼ਵਰ ਬਾਬਾ ਦੇ ਬਿਆਨ 'ਤੇ ਵਿਵਾਦ ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੁਆਫੀ ਮੰਗਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ, 'ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਗੁਆਂਢੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਅਤੇ ਭਈਆ ਨੂੰ ਸਈਆਂ ਬਣਾ ਲੈਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਸ ਤੇ ਮਾਫੀ ਮੰਗਣ ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਕਿਹਾ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਧਰਮ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਨਹੀਂ ਉਹ ਰੂੜੀਵਾਦੀ ਸੋਚ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਹਨ ਅਤੇ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਆਰਾਜਕਤਾ ਫੈਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਧਰ્મ ਪਰਵਰਤਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।' ਧਰਿੰਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਆਪਣੀ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰਨਾ ਕੋਈ ਗਲਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਹ ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਹ ਧਰਮ ਪਰਿਵਰਤਨ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਬਾਗੇਸ਼ਵਰ ਧਾਮ ਦੇ ਮੁੱਖ ਪੁਜਾਰੀ ਪੰਡਿਤ ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਵੱਲੋਂ ਕਥਾ ਦੌਰਾਨ ਕੀਤੀਆਂ ਕੁਝ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਨੇ ਵਿਵਾਦ ਛੇੜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਮੁਹੰਮਦ ਉਸਮਾਨ ਰਹਿਮਾਨੀ ਲੁਧਿਆਣਵੀ ਨੇ ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਦੀ ਟਿੱਪਣੀ 'ਤੇ ਇਤਰਾਜ਼ ਜਤਾਇਆ ਹੈ। ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਮੁਆਫ਼ੀ ਮੰਗਣੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ, ਈਸਾਈ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੇ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਹ ਕੱਲ੍ਹ ਫੈਸਲਾ ਕਰਨਗੇ ਕਿ ਕੀ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪੂਰੇ ਈਸਾਈ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੂੰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇਕੱਠੇ ਹੋਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਹੈ। ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੇ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਨਾ ਤਾਂ ਮੁਸਲਮਾਨਾਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਸਨ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਈਸਾਈਆਂ ਦੇ, ਸਗੋਂ ਸਿਰਫ਼ ਸਨਾਤਨ ਧਰਮ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ। ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਪੰਜ ਦਿਨਾਂ ਸ਼੍ਰੀ ਹਨੂੰਮਾਨ ਕਥਾ ਦਾ ਸੰਚਾਲਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਦੋਵਾਂ ਧਰਮਾਂ ਬਾਰੇ ਕੁਝ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਸਨਾਤਨ ਧਰਮ ਵਿੱਚ ਪੈਦਾ ਹੋਏ ਹੋ, ਤਾਂ ਹਲੀਲੁੱਲਾਹ ਦੇ ਪੈਰੋਕਾਰਾਂ ਕੋਲ ਜਾਣ ਦੀ ਕੋਈ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਜੋ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਗੁਆਂਢੀ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਪਿਤਾ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਭਰਾ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਪ੍ਰੇਮੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਬੇਕਾਰ ਹਨ ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਮੁਹੰਮਦ ਉਸਮਾਨ ਰਹਿਮਾਨੀ ਲੁਧਿਆਣਵੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, "ਅੱਜ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਪੰਡਿਤ ਧੀਰੇਂਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਿਤ ਹੈ, ਜੋ ਲੁਧਿਆਣਾ ਆ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਹਿਲਾਂ, ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਲੁਧਿਆਣਾ ਭਾਰਤ ਦੇ ਆਜ਼ਾਦੀ ਸੰਗਰਾਮ, ਭਾਰਤ ਦੇ ਉਦਯੋਗ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਆਪਸੀ ਭਾਈਚਾਰੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਲੱਖਣ ਇਤਿਹਾਸ ਰੱਖਦਾ ਹੈ। ਤੁਹਾਡਾ ਸਾਡੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਆਉਣ 'ਤੇ ਸਵਾਗਤ ਹੈ, ਪਰ ਜਿਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਅਜਿਹੇ ਨਫ਼ਰਤ ਭਰੇ ਸ਼ਬਦ ਕਹੇ ਹਨ, ਉਸਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ 'ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ।" "ਤੁਸੀਂ ਇਸਲਾਮ ਬਾਰੇ ਘਿਣਾਉਣੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਕਰਦੇ ਹੋ," ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਨੇ ਕਿਹਾ। "ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਕਿਸੇ ਵੀ ਧਰਮ ਦੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰਚਾਰਕ, ਭਾਵੇਂ ਮੈਂ ਜਾਂ ਕੋਈ ਹੋਰ, ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਬਣਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰਾ, ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਪਿਆਰ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਫੈਲਾਏ। ਤੁਸੀਂ ਇਸਲਾਮ ਬਾਰੇ ਘਿਣਾਉਣੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਕਰਦੇ ਹੋ। ਤੁਸੀਂ ਸਟੇਜ ਤੋਂ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ, 'ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਭਰਾ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰੇਮੀ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਦਿੰਦੇ ਹੋ।’ ਇਹ ਇੰਨੀ ਘਿਣਾਉਣੀ ਟਿੱਪਣੀ ਹੈ ਕਿ ਇਸਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ 'ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਅਤੇ ਇਸਲਾਮ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਕੋਈ ਗੁੰਜਾਇਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ।" ਲੁਧਿਆਣਵੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, "ਇਹ ਸੁਣ ਕੇ ਬਹੁਤ ਹੈਰਾਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਇੱਕ ਸਵੈ-ਘੋਸ਼ਿਤ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਵਿਅਕਤੀ ਪੰਜਾਬ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਨਫ਼ਰਤ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਹ ਧਰਤੀ ਜਿੱਥੇ ਪਹਿਲੇ ਗੁਰੂ, ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਨੇ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਉਹ ਧਰਤੀ ਜਿੱਥੇ ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਸ਼ਕਰਗੰਜ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬੀ ਮਾਂ ਬੋਲੀ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਕਵੀ ਵਜੋਂ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਿਆਰ ਅਜੇ ਵੀ ਹਵਾ ਨੂੰ ਮਿੱਠਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਧਰਤੀ ਜਿੱਥੇ ਦਸਮੇਸ਼ ਪਿਤਾ ਸਾਹਿਬ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਮਹਾਰਾਜ ਨਬੀ ਖਾਨ, ਘਨੀ ਖਾਨ, ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ, ਦੀਵਾਨ ਟੋਡਰਮਲ, ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਦੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਦੇ ਨਾਲ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਧਰਤੀ 'ਤੇ ਆ ਰਹੇ ਹੋ ਅਤੇ ਨਫ਼ਰਤ ਫੈਲਾਉਣ ਦੀ ਅਸਫਲ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ।" ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਕਿਹਾ, ਕਿ ਉਹ ਆਖ ਰਹੇ "ਲੁਧਿਆਣਾ ਕੇ ਪਾਗਲੋ ਕਿਹਾ ਉਸ ਪੰਗਾਲ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸਹਿਮਤ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਸ਼ਾਇਦ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਵੱਧ ਬੁੱਧੀਮਾਨ ਲੋਕ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਹਨ। ਤੁਸੀਂ ਭੁੱਲ ਗਏ ਹੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਪੰਜਾਬ ਆਏ ਹੋ, ਜਿੱਥੇ ਸਾਈਂ ਮੀਆਂ ਮੀਰ ਜੀ ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਰੱਖਿਆ ਸੀ। ਇਮਾਮ ਨੇ ਕਿਹਾ, "ਅੱਜ ਵੀ, ਇੱਥੇ ਹਿੰਦੂ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਆਪਣੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਮਸਜਿਦਾਂ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਸਾਨੂੰ ਤੁਹਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਆਉਣ 'ਤੇ ਕੋਈ ਇਤਰਾਜ਼ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਤੁਸੀਂ ਚੀਨ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਉੱਥੋਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਮਜ਼ਾਕ ਉਡਾਇਆ। ਸ਼ਾਇਦ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਵੀ ਭੁੱਲ ਗਏ ਹੋ ਕਿ ਜਿਸ ਕੈਮਰੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਹੋ ਉਹ ਵੀ ਚੀਨੀ ਹੈ। ਜਿਸ ਮੀਡੀਆ ਰਾਹੀਂ ਲੋਕ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸੁਣ ਰਹੇ ਹਨ, ਉਹ ਵੀ ਚੀਨੀ ਹੈ।" ਧਰਿੰਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਬਾਬਾ ਬਗੇਸ਼ਵਰ ਧਾਮ ਅਤੇ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਦਰੇਦਰ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਦੀ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹਨੂਮਾਨ ਕ kathā ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇੱਕ ਟਿੱਪਣੀ ਤੇ ਸ਼ਾਹੀ ਇਮਾਮ ਵੱਲੋਂ ਰੋਸ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਤੇ ਬੋਲਦੇ ਹੋਏ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ vੱਲੋਂ ਇਸੇ ਧਰਮ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਕੋਈ ਟਿੱਪਣੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਉਹ ਰੂੜੀਵਾਦੀ ਗੱਲਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਹਨ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਰਾਜਕਤਾ ਫੈਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਧਰਮ ਪਰਿਵਰਤਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸਿੱਧਾ ਅਤੇ ਸਾਥ ਹੈ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਏਕਾ ਹੋਵੇ ਜਿਸ ਨਾਲ ਹਰ ਕੰਮ ਨੀਕ ਹੋਵੇਗਾ ਮੁਸਲਮਾਨ ਸਮਾਜ ਦੇ ਰੋਸ ਤੇ ਕੀਤੇ ਗਏ ਸਵਾਲ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੋ ਲੋਕ ਰੋਸ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਹਮਾਰੇ ਲੋਕ ਹਨ ਚੈਕ ਕਰਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਗੱਲ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਛੂ ਗਈ ਉਹ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿਆਰੇ ਹਨ ਉਹ ਕਿਸੇ ਧਰਮ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਨਹੀਂ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ ਅਦਭੁਤ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਦੋ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਨਾਸ਼ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਧਰਮ ਪਰਿਵਰਤਨ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਸ਼ਾਸਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਿਸੇ ਧਰਮ ਬਾਰੇ ਕੋਈ ਟੋਪੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਸਨਾਤਨੀਆਂ ਨੂੰ ਮੰਦਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅਤੇ ਸਿੱਖਾਂ ਨੂੰ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਥਾਂ ਤੇ ਨਹੀਂ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸਨਾਤਨ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਗਲਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਹ ਧਰਮ ਪਰਿਵਰਤਨ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਹਨ
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विक्रमशिला सेतु तीन महीने के लिए बंद, ट्रस ब्रिज बनाए जाएंगे

Naya Chak, Bihar:भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर कल यानी 30 सितंबर की रात से वाहनों के पहिए पूरी तरह थम जाएंगे। सेतु पर परिचालन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद करीब तीन महीने तक विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद रहेगी और लोगों को वैकल्पिक रास्तों के साथ जलमार्ग का सहारा लेना होगा। तीन मई की रात सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त होकर गंगा में समा गया था। इसके बाद छोटे वाहनों के आवागमन के लिए बेली ब्रिज तैयार किया गया था। अब बेली ब्रिज को हटाकर सेतु के चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर ट्रस ब्रिज लगाया जाएगा। एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर ट्रस ब्रिज के गार्डर तैयार किए जा रहे हैं। करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस काम को करीब तीन महीने में पूरा करने का दावा किया गया है। सेतु बंद होने के बाद की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी तस्वीर साफ की है। ट्रस ब्रिज के निर्माण के साथ सेतु के अन्य एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी जांच की जाएगी। वहीं, सड़क मार्ग के विकल्प के तौर पर जलमार्ग को भी तैयार किया जा रहा है। बियाडा घाट से यात्रियों के लिए जहाज चलेंगे, जबकि बाबूपुर घाट से कार्गो जहाज की सुविधा होगी। यात्री जहाजों पर सफर निःशुल्क रहेगा, जबकि दोपहिया वाहनों के परिवहन के लिए शुल्क लिया जाएगा। जहाजों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी और गंगा में 24 घंटे पेट्रोलिंग की व्यवस्था रहेगी। घाटों के दोनों तरफ सहायक थाना बनाए जाएंगे और यात्रियों के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित की जाएगी। लेकिन चुनौती सिर्फ सेतु बंद होने की नहीं है। गंगा अभी भी उफान पर है और बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में सड़क के साथ जलमार्ग से आवागमन भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर भागलपुर से नवगछिया, कटिहार और पूर्णिया की ओर आने-जाने वाले लोगों के साथ कारोबार और खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। पर्व-त्योहार के इस दौर में माल ढुलाई और किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब तीन महीने तक चलने वाले इस काम के दौरान लोगों की मुश्किलें कितनी बढ़ेंगी और 98 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला ट्रस ब्रिज तय समय पर बनकर तैयार हो पाएगा या नहीं। निगाहें इस बात पर भी हैं कि विक्रमशिला सेतु पर सामान्य परिचालन आखिर कब तक बहाल हो सकेगा।
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