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दुर्गापुर में रक्तदान शिविर: महिलाएं और पुरुषों की बड़ी भागीदारी!
Durgapur, West Bengal:दुर्गापुर यूनाइटेड चर्च द्वारा बेनाचिट्टी में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कई महिलाएं और पुरुषों ने रक्तदान किया। इस शिविर का आयोजन चर्च की सदस्य श्राबंती बिस्वास ने किया। दुर्गापुर महकमा अस्पताल द्वारा रक्त संग्रह किया गया। श्राबंती बिस्वास ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को आगे लाना और समाज को सेवा का संदेश देना था, जिसे प्रभु यीशु ने भी महत्व दिया है।
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उदयपुर के झाड़ोल से बड़ी खबर: खराड़ी ने ढोल-नगाड़ों के साथ लोकार्पण
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के झाड़ोल से बड़ी खबर, जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी चुनावी मोड़ पर, फलासिया पंचायत समिति में किए लोकार्पण, ढोल नगाड़ों के साथ TAD मंत्री ने किए लोकार्पण, मंत्री खराड़ी बोले मैं जनता का नौकर, गाड़ी से धुआं, कर्मचारियों की तनख़ाह, विकास कार्य सभी जनता के पैसे, विकास कार्य के पैसे में मजदूरी कर के नहीं लाया - खराड़ी0
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सावन के अंतिम सोमवार पर नाचना के शिव मंदिर में भक्तों का जनसैलाब
Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन- नाचना सावन के अंतिम सोमवार पर शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब नाचना, जैसलमेर सावन माह के अंतिम सोमवार के अवसर पर ग्राम नाचना स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अलसुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। अंतिम सोमवार के विशेष महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और पुरुषों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मंदिर के कपाट खुलते ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। महिलाओं ने व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर में दोपहर को विशेष महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गईं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सके। दिनभर मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।0
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नोएडा: मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य विभाग का बड़ा अभियान, 300 किलो पनीर जब्त
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा रक्षाबंधन पर मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य विभाग का बड़ा अभियान गढ़ी चौखंडी की शौकीन डेयरी पर टीम ने मारा छापा मेवात से आया करीब 300 किलो पनीर जब्त, प्रथम दृष्टया मिलावटी मिला मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट कराया गया लड्डू, खोया-दही समेत कुल 8 नमूने जांच के लिए भेजे गए लैब रिपोर्ट के बाद खाद्य विभाग करेगा आगे की कार्रवाई0
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शिवपुरी के भदैया कुंड में पहली बार झरना बह निकला, पर्यटकों में उत्साह
Shivpuri, Madhya Pradesh:शिवपुरी शहर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहचान माने जाने वाले प्रसिद्ध भदैया कुंड इस सीजन में पहली बार झरना बह निकला। जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।0
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CCTV फुटेज reveals in Changorabhatha murder case Bhola Vishwakarma's death
Begun, Rajasthan:रायपुर एक्सक्लुसिव च Changोरा्भाठा हत्याकांड का CCTV आया सामने.. श्रीराम नगर में भोला विश्वकर्मा की हत्या का CCTV फुटेज सामने आया. CCTV में युवकों के बीच विवाद और मारपीट की तस्वीरें कैद.. विवाद के बाद भोला पर चाकू से किया गया जानलेवा हमला.. गंभीर हालत में मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था.. इलाज के दौरान भोला विश्वकर्मा की मौत हो गई.. मामले में 2 अपचारी बालकों समेत 5 आरोपी पुलिस गिरफ्त में.. अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस.. डीडी नगर थाना इलाके का मामला..0
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बिजनौर में मूर्ति खंडित: ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर वायरल किया मामला
Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर--शरारती तत्वों ने मूर्ति को किया खंडित। ग्रामीणों ने खंडित मूर्ति की वीडियो बनाकर की वायरल। मूर्ति खंडित होने से ग्रामीणों में आक्रोश। मंदिर परिसर में खंडित मूर्ति का बिखरा पड़ा सामान। सावन के आखिरी सोमवार को मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने खंडित मूर्ति देखी। थाना स्योहारा क्षेत्र के गांव रफीपुर क्षेत्र का मामला।0
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SC ने जोजरी नदी किनारे 100 मीटर क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगा दी
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में जोजरी नदी को लेकर SC का आदेश। नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण या विकास कार्य करने पर रोक। नदी की मौजूदा बाढ़ सीमा से दोनों तरफ 500 मीटर तक ऐसे किसी उद्योग/ गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिस से नदी में प्रदूषण, गंदगी या पर्यावरण को कोई दूसरा नुकसान होने की संभावना हो। कोर्ट ने कहा कि नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए जब तक वैज्ञानिक तरीके से नदी की High Flood Line (बाढ़ सीमा) और जरूरी Ecological Buffer Zone (पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र) तय नहीं हो जाता। तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।0
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तीस्ता नदी में विशाल बोयाल मछली पकड़ी, बाजार में भारी भीड़
Jalpaiguri, West Bengal:জলপাইগুড়ি তিস্তা করলার সংযোগস্থল নদী থেকে বিশালাকার বোয়াল মাছ । বাজারে যেতেই হইচই। বহু মানুষ ভিড় জমাচ্ছেন ছবি তুলছেন। তিস্তার জলে বিশাল আকৃতির বুয়াল মাছ ।মাছ দেখতেই অসংখ্য মানুষের ভিড়। সকালটা আর পাঁচটা দিনের মতোই শুরু হলেও তিস্তা-করলার মোহনায় ধরা পড়ল বিশাল আকৃতির বোয়াল। সোমবার সাতসকালে জলপাইগুড়ি শহরের জুবিলী পার্ক থেকে আট কিলোমিটার দূরে কাদোবাড়ি এলাকায় জেলেদের ফাঁস জালে ধরা পড়ে ১০ কেজিরও বেশি ওজনের মাছটি। বাজারে নিয়ে আসতেই সেটিকে ঘিরে মানুষের কৌতূহল তৈরি হয়। কেউ ছবি তুলছেন, কেউ আবার সেলফি তুলতে ব্যস্ত। স্থানীয়দের দাবি, তিস্তার বোয়ালের স্বাদ একসময় ছিল অত্যন্ত জনপ্রিয়। এমনকি জলপাইগুড়ির রাজবাড়ির দুর্গাপুজোর ভোগেও এই মাছ ব্যবহারের কথা শোনা যায়। দীর্ঘদিন পর বাজারে এত বড় বোয়াল আসায় প্রায় পাঁচ হাজার টাকারও বেশি দামে মাছটি বিক্রি হয়। ক্রেতা হরেন রায় জানান, কেজিপ্রতি ৫০০-৬০০ টাকা কেজি দরে মাছটি বিক্রি করবেন। এদিন বাজারে মাছ আনতেই লোকের কেনাকাটা শুরু হয়ে যায়.0
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मथुरा में भारी बारिश के बाद जलभराव, शहर के कई इलाके पानी में डूबे
Noida, Uttar Pradesh:मथुरा, उत्तर प्रदेश: भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ।0
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आसनसोल में पंजीकरण नहीं वाले ऑटो-टोटो पर जुर्माने के नाम पर धांधली सामने
Asansol, West Bengal:রেজিস্ট্রেশনহীন অটো-টোটোর দাপট, জরিমানার নামে তোলাবাজির অভিযোগ—আসানসোলে পরিবহন ব্যবস্থায় প্রশ্নের পাহাড় আসানসোল: শিল্পাঞ্চল আসানসোলের পরিবহন ব্যবস্থাকে ঘিরে উঠছে একের পর এক গুরুতর অভিযোগ। শহরের বিভিন্ন প্রান্তে চলাচল করা অটো ও টোটোর বড় অংশেরই বৈধ কাগজপত্র নেই বলে অভিযোগ। কারও রেজিস্ট্রেশন নেই, আবার যেসব গাড়ির রেজিস্ট্রেশন রয়েছে, তার অনেকগুলিই ভিন রাজ্যের। এমনকি পশ্চিমবঙ্গের নম্বর থাকা বহু অটো-টোটোরও রেজিস্ট্রেশন বা প্রয়োজনীয় কাগজপত্রের মেয়াদ শেষ হয়ে গিয়েছে বলে অভিযোগ উঠছে। অভিযোগ, শহরজুড়ে বিপুল সংখ্যক অটো ও টোটো কার্যত বৈধ নথি ছাড়াই চলাচল করছে। অথচ এই পরিবহন ব্যবস্থার ওপর নির্ভরশীল হাজার হাজার সাধারণ যাত্রী থেকে ছাত্রছাত্রীরা। ফলে একদিকে যেমন যাত্রী নিরাপত্তা নিয়ে প্রশ্ন উঠছে, অন্যদিকে সরকারি রাজস্ব ও পরিবহন আইন কার্যকর করার ক্ষেত্রেও তৈরি হয়েছে বড় প্রশ্ন。 সবচেয়ে বেশি ক্ষোভের সৃষ্টি হয়েছে আসানসোল রেলওয়ে স্টেশন চত্বরকে ঘিরে। অটো বা টোটো যাত্রী ওঠানো-নামানোর জন্য স্টেশন এলাকায় দাঁড় করালে চালকদের কাছ থেকে ৫০০ থেকে ৭০০ টাকা পর্যন্ত জরিমানা নেওয়ার অভিযোগ উঠেছে। কখনও কখনও সেই অঙ্ক হাজার টাকাতেও পৌঁছে যায় বলে দাবি চালকদের। অভিযোগের আরও গুরুতর দিক হল, এই টাকা নেওয়ার ক্ষেত্রে অনেক সময় কোনও রসিদ দেওয়া হয় না। অটো ও টোটো চালকদের একাংশের অভিযোগ, স্টেশন চত্বরে যাত্রী ওঠানো-নামানোর জন্য পর্যাপ্ত নির্দিষ্ট পার্কিং বা স্ট্যান্ডের ব্যবস্থা নেই। ফলে বাধ্য হয়েই রাস্তার ধারে কিংবা যেখানে সামান্য জায়গা পাওয়া যায়, সেখানেই গাড়ি দাঁড় করিয়ে যাত্রী ওঠানো-নামাতে হয়। আর সেই পরিস্থিতির সুযোগ নিয়েই জরিমানার নামে টাকা আদায়ের একটি চক্র সক্রিয় রয়েছে বলে অভিযোগ তাঁদের। চালকদের প্রশ্ন, যদি নির্দিষ্ট পার্কিং বা যাত্রী ওঠানামার জায়গা না থাকে, তাহলে তাঁরা কোথায় দাঁড়াবেন? নিয়ম ভাঙলে প্রশাসন আইন অনুযায়ী ব্যবস্থা নিক, কিন্তু জরিমানা নেওয়া হলে তার যথাযথ রসিদ দেওয়া এবং পুরো প্রক্রিয়াকে স্বচ্ছ রাখার দাবিও উঠছে। অটো-টোটো চালকদের আরও দাবি, রাজ্যে রাজনৈতিক পালাবদলের পর শিল্পাঞ্চলের পরিবহন ব্যবস্থায় স্বচ্ছতা ও নিয়ম মেনে চলার প্রত্যাশা তৈরি হয়েছিল। কিন্তু বাস্তবে রেজিস্ট্রেশনহীন গাড়ি, ভিন রাজ্যের নম্বর, মেয়াদোত্তীর্ণ কাগজপত্র এবং জরিমানার নামে টাকা আদায়ের অভিযোগ সেই প্রত্যাশাকেই প্রশ্নের মুখে দাঁড় করিয়েছে। তবে অভিযোগগুলির সত্যতা যাচাই করে প্রশাসনের পক্ষ থেকে কী পদক্ষেপ নেওয়া হচ্ছে, তা এখনও স্পষ্ট নয়। রেজিস্ট্রেশনহীন ও বেআইনি কাগজপত্রে চলা অটো-টোটোর বিরুদ্ধে যেমন অভিযান প্রয়োজন, তেমনই জরিমানার নামে কোনো অনিয়ম বা বেআইনি টাকা আদায় হচ্ছে কি না, সেটিও তদন্ত করে দেখার দাবি উঠছে। একইসঙ্গে আসানসোল রেলওয়ে স্টেশন ও শহরের গুরুত্বপূর্ণ এলাকায় বৈধ অটো-টোটো পার্কিং ও যাত্রী ওঠানামার নির্দিষ্ট জায়গা তৈরির দাবিও জোরালো হচ্ছে。 আসানসোলের পরিবহন ব্যবস্থায় নিয়ম, স্বচ্ছতা এবং যাত্রী নিরাপত্তা নিশ্চিত করতে প্রশাসন শেষ পর্যন্ত কী পদক্ষেপ নেয়, এখন সেদিকে তাকিয়ে শিল্পাঞ্চলের মানুষ।0
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तेज़ रफ्तार कार घर में घुसी, CCTV में कैद खौफनाक मंजर
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर व्यास कॉलोनी थाना इलाके में देर रात तेज रफ्तार कार का कहर ! घर में घुसी कार बेकाबू कार घर का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर जा घुसी, घर में खड़े अन्य वाहनों को भी पहुंचाया नुकसान हादसे का पूरा घटनाक्रम CCTV कैमरे में हुआ कैद, सामने आया तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देर रात हुई घटना से इलाके में मचा हड़कंप, आसपास के लोगों में दहशत का माहौल सूचना पर व्यास कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का किया निरीक्षण पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू की, हादसे के कारणों का लगाया जा रहा पता0
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2.25 करोड़ के टेंडरों में देरी पर जलदाय विभाग में जांच कमेटी गठित
Jaipur, Rajasthan:जयपुर- जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है। जलदाय विभाग के जमवारामगढ़ डिवीजन में 2 करोड़ 25 लाख रुपये के तीन टेंडरों को लेकर उठे सवालों के बाद अब मामले की जांच शुरू हो गई है। क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जी मीडिया की खबर के बाद हलचल- हर हाल में जी मीडिया की खबर के बाद जलदाय विभाग में हलचल तेज हो गई है। जमवारामगढ़ टैंडर पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद सरकार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया। टेंडर प्रक्रिया में देरी और eProc पोर्टल पर NIT अपलोड किए जाने को लेकर विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर जांच शुरू की है।क्वालिटी कंट्रोल की जांच में यह सामने आया है कि करीब 75-75 लाख रुपये के तीनों NIT निर्धारित समय पर eProc पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। टेंडर नोटिस के मुताबिक इन्हें 6 अगस्त को अपलोड किया जाना था, जबकि ये 14 और 15 अगस्त को अपलोड किए गए। इसी देरी को लेकर टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे थे। QC ने माना, टेंडर अपलोड में हुई देरी- मामलो में क्वालिटी कंट्रोल की ओर से गठित कमेटी ने टेंडरों के अपलोड में देरी को लेकर जांच की है। QC के चीफ इंजीनियर प्रवीण आकोदिया ने कहा है कि मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यानी जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में जमवारामगढ़ डिवीजन के एक्सईएन नितेश मीणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। 6 अगस्त की जगह 14-15 अगस्त को अपलोड- तीनों NIT को 6 अगस्त को eProc पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। लेकिन इन्हें करीब 12 दिन की देरी के बाद 14 और 15 अगस्त को अपलोड किया गया। खास बात यह रही कि अपलोडिंग की तारीखों के आसपास अवकाश होने के कारण टेंडर प्रक्रिया में बोलीदाताओं को उपलब्ध समय और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए। टेंडर नोटिस के अनुसार अमानत राशि जमा कराने की अंतिम समय सीमा 17 अगस्त सुबह 10 बजे रखी गई थी। ऐसे में 14-15 अगस्त को टेंडर अपलोड होने के बाद बोलीदाताओं को मिले समय को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक्सईएन ने FS नहीं मिलने को बताया वजह- मामले में एक्सईएन नितेश मीणा ने सफाई देते हुए कहा था कि Financial Sanction यानी FS नहीं मिलने के कारण टेंडर अपलोड करने में देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि टेंडर की तारीख बढ़ाई जाएगी, ताकि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले ठेकेदारों को पर्याप्त समय मिल सके।हालांकि, FS को लेकर भी जानकारों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि Financial Sanction की जरूरत मुख्य रूप से वर्क ऑर्डर जारी करने के समय होती है। ऐसे में FS उपलब्ध नहीं होने को NIT अपलोड में देरी का आधार बताए जाने को लेकर अब विभागीय जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। अब_action पर नजर- करीब 2.25 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों से जुड़े इस मामले में QC की कमेटी की जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है। अब सवाल ये है कि जांच में नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मामला विभागीय जांच के दायरे में है। नोट-इस खबर की फीड OFC से slg से भेजी गई है।0
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खूँटी के बाबा आम्रेश्वर धाम में श्रावण की सोमवारी पर लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी。 स्लग - बाबा आम्रेश्वर धाम में लाखों श्रद्धालु कर रहे हैं पूजा । आज पवित्र श्रावणी माह के अंतिम सोमवारी को आज लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने झारखंड में भोलेनाथ की दूसरी बड़ी नगरी खूंटी जिले के बाबा आम्रेश्वर धाम पहुँचे हैं। सभी ओर बोल-बम की आवाज से गुंजायमान है। वहीं बाबा आम्रेश्वर धाम में पूजा करने के साथ लोग मेला का भी आनंद ले रहे हैं। वसु प्रबंधन समिति की देखरेख में लंगर का भी आयोजन किया गया है। जहाँ लोग पूड़ी बुंदिया सब्जी प्रसाद ले रहे हैं। आज पूजा करने उड़ीसा छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश बिहार बंगाल सहित अन्य प्रदेशों से लोग पहुंचे रहे हैं। वहीं पूरा धाम भक्तिमय हो गया है。0
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2.25 करोड़ टेंडरों में देरी पर QC कमेटी ने जांच शुरू कर दी
Jaipur, Rajasthan:जयपुर- जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है। जलदाय विभाग के जमवारामगढ़ डिवीजन में 2 करोड़ 25 लाख रुपये के तीन टेंडरों को लेकर उठे सवालों के बाद अब मामले की जांच शुरू हो गई है। क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जी मीडिया की खबर के बाद हलचल- एक बार फिर से जी मीडिया के खबर के बाद जलदाय विभाग में हलचल तेज हो गई है। जमवारामगढ़ टेंडर पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद सरकार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया। टेंडर प्रक्रिया में देरी और eProc पोर्टल पर NIT अपलोड किए जाने को लेकर विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग ने कमेटी गठित कर जांच शुरू की है। QC ने माना, टेंडर अपलोड में देरी- मामले में क्वालिटी कंट्रोल की ओर से गठित कमेटी ने टेंडरों के अपलोड में देरी को लेकर जांच की है। QC के चीफ इंजीनियर प्रवीण आकोदिया ने कहा है कि मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यानी जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में जमवारामगढ़ डिवीजन के एक्सईएन नितेश मीणा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। 6 अगस्त की जगह 14-15 अगस्त को अपलोड- तीनों NIT को 6 अगस्त को eProc पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। लेकिन इन्हें करीब 12 दिन की देरी के बाद 14 और 15 अगस्त को अपलोड किया गया। खास बात यह रही कि अपलोडिंग की तारीखों के आसपास अवकाश होने के कारण टेंडर प्रक्रिया में बोलीदाताओं को उपलब्ध समय और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए। टेंडर नोटिस के अनुसार अमानत राशि जमा कराने की अंतिम समय सीमा 17 अगस्त सुबह 10 बजे रखी गई थी। ऐसे में 14-15 अगस्त को टेंडर अपलोड होने के बाद बोलीदाताओं को मिले समय को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक्सईएन ने FS नहीं मिलने को बताया वजह- मौके पर एक्सईएन नितेश मीणा ने कहा कि Financial Sanction यानी FS नहीं मिलने के कारण टेंडर अपलोड करने में देरी हुई। उन्होंने कहा था कि टेंडर की तारीख बढ़ाई जाएगी, ताकि ठेकेदारों को पर्याप्त समय मिल सके। FS को लेकर भी जानकारों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि Financial Sanction की जरूरत मुख्य रूप से वर्क ऑर्डर जारी करने के समय होती है। ऐसे में FS उपलब्ध नहीं होने को NIT अपलोड में देरी का आधार बनाए जाने को लेकर अब विभागीय जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। अब कार्रवाई पर नजर- करीब 2.25 करोड़ रुपये के तीन टेंडरों से जुड़े इस मामले में QC की कमेटी की जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है। अब सवाल ये है कि जांच में नियमों के तहत संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल मामला विभागीय जांच के दायरे में है।0
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दिल्ली हाईकोर्ट ने ऋषभ बैसोया के भारत आने के लिए RCN-LOC सीमित निलंबन दिया
Noida, Uttar Pradesh:13000 करोड़ के ड्रग्स के मामले में अब पिता के बाद बेटे की बारी....बेटे ने की विदेश से आने की तैयारी*\n*हाल ही में दुबई से डिपोर्ट किए गए वीरेंद्र बसोया का बेटा भी भारत आने वाला है*\n\n*पिता के डिपोर्ट होने के बाद अब वो खुद भारत आना चाहता है*\n\n*लंदन में रह रहे ड्रग्स केस के आरोपी ऋषभ बैसोया को भारत आने की दिल्ली हाईकोर्ट ने दी इजाजत*\n\n*रेड कॉर्नर नोटिस और LOC सिर्फ यात्रा तक निलंबित करने के आदेश दिए*\n\n*ऋषभ की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिए*\n\n*लन्दन से दिल्ली आकर जांच में सहयोग करेगा ऋषभ बसोया*\n\n दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में आरोपी ऋषभ बैसोया को ब्रिटेन से भारत लौटने की अनुमति देने के लिए उसके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस यानी RCN और लुक आउट सर्कुलर यानी LOC को सीमित तौर पर निलंबित करने का आदेश दिया है\n\nकोर्ट ने साफ किया है कि यह राहत सिर्फ इसलिए दी जा रही है ताकि ऋषभ बैसोया भारत आ सके। इसका मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ चल रही जांच या कानूनी कार्रवाई खत्म हो गई है। भारत पहुंचते ही जांच एजेंसी को उसे पूछताछ करने या कानून के मुताबिक गिरफ्तार करने की पूरी आजादी होगी। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2026 को दिया।\n\nमामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में 2024 में दर्ज FIR से जुड़ा है। इस FIR में NDPS एक्ट की धारा 8, 20, 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस केस में बड़ी मात्रा में कोकीन, मेफेड्रोन और गांजा बरामद किया गया था और जांच के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़े होने की बात सामने आई थी।दिल्ली पुलिस का का आरोप है कि ऋषभ बैसोया इस कथित साजिश से जुड़ा हुआ था और उसने एक सह-आरोपी को एक गाड़ी दी थी, जिससे बाद में कोकीन बरामद हुई।\n\nअर्जी में कहा गया कि ऋषभ बैसोया भारतीय नागरिक है और उसके पास भारतीय पासपोर्ट है। वह साल 2022 से ब्रिटेन में रह रहा है और वहां University of West London से LL.B. (Hons.) की पढ़ाई कर रहा था। वह जून से सितंबर 2024 के बीच छुट्टियों में भारत आया था और इसके बाद दोबारा लंदन लौट गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक इसके बाद वह जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं आया और विदेश में ही रहा।\n\nजांच में शामिल नहीं होने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने 7 जनवरी 2025 को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद 19 मई 2025 को उसे घोषित अपराधी यानी Proclaimed Offender घोषित कर दिया गया। इसके बाद जांच एजेंसी के अनुरोध पर इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया\n\nऋषभ बैसोया ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस रेड कॉर्नर नोटिस को निलंबित या रद्द करने की मांग की थी। उसकी तरफ से कहा गया कि वह भारत वापस आना चाहता है, ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करना चाहता है और जांच एजेंसी के सामने जांच में शामिल होना चाहता है। उसका दावा था कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उसके खिलाफ अपराध से जोड़ने वाला कोई स्वतंत्र और ठोस सबूत नहीं है।\n\nखास बात यह है कि 5 अगस्त 2026 को ऋषभ बैसोया ने खुद कोर्ट के सामने कहा था कि वह भारत आने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उसे संबंधित अधिकारियों से अनुमति चाहिए। कोर्ट ने इसके बाद केंद्र और जांच एजेंसियों से इस मामले में जवाब मांगा था।\n\nहालांकि राज्य की तरफ से इस मांग का विरोध किया गया। सरकारी वकील ने कहा कि RCN या LOC को सिर्फ भारत आने के लिए चुनिंदा तरीके से निलंबित नहीं किया जा सकता। राज्य की दलील थी कि अगर रेड कॉर्नर नोटिस पूरी तरह निलंबित कर दिया गया तो अंतरराष्ट्रीय अलर्ट हट जाएगा और आरोपी भारत आने के बजाय किसी दूसरे देश में भी जा सकता है। CBI ने भी, जो भारत और इंटरपोल के बीच समन्वय करने वाली एजेंसी है, अपने 16 जुलाई 2026 के जवाब में RCN को अस्थायी तौर पर निलंबित करने और दुबई स्थित भारतीय दूतावास में सीधे सरेंडर करने की सिफारिश नहीं की थी।\n\nकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बीच का रास्ता निकाला। कोर्ट ने माना कि राज्य की यह चिंता पूरी तरह नजरअंदाज नहीं की जा सकती कि RCN में राहत मिलने के बाद आरोपी किसी दूसरे देश की तरफ निकल सकता है। लेकिन कोर्ट ने यह भी देखा कि आरोपी ने भारत लौटकर जांच एजेंसी और अदालत के सामने पेश होने की इच्छा जताई है। इसलिए कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें वह भारत तो लौट सके, लेकिन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।\n\nदिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि ऋषभ बैसोया के खिलाफ जारी RCN और LOC को सिर्फ उतनी ही सीमा तक निलंबित रखा जाएगा, जितनी जरूरत उसे भारत आने और देश में प्रवेश करने के लिए होगी। यह निलंबन किसी दूसरे मकसद के लिए नहीं होगा। यानी रेड कॉर्नर नोटिस या LOC को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि सिर्फ भारत लौटने के रास्ते में आने वाली बाधा को सीमित समय और सीमित उद्देश्य के लिए हटाया गया है।\n\nकोर्ट ने ऋषभ बैसोया को आदेश दिया कि वह सात दिनों के भीतर अपनी पूरी यात्रा की जानकारी संबंधित अथॉरिटी को दे, जिसमें वह किस रास्ते से भारत आएगा और उसकी भारतReach होने की जानकारी शामिल होगी। यह जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करेगी ताकि RCN और LOC के सीमित निलंबन के आधार पर उसे भारत में प्रवेश करने दिया जा सके।\n\nलेकिन यहां सबसे अहम बात यह है कि भारत पहुंचते ही ऋषभ बैसोया को गिरफ्तार किए जाने या उससे पूछताछ किए जाने का रास्ता खुला रहेगा। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि जांच एजेंसी और दिल्ली पुलिस कानून के मुताबिक भारत पहुंचने पर उसे पूछताछ या गिरफ्तार कर सकती है। यानी कोर्ट ने उसे कोई गिरफ्तारी से सुरक्षा या मामले में क्लीन चिट नहीं दी है।\n\nऋषभ बैसोया ने कोर्ट के सामने यह भी भरोसा दिया है कि अगर उसे भारत आने की अनुमति मिलती है तो वह अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएगा। उसने यह भी कहा कि वह अपनी यात्रा की पूरी जानकारी जांच एजेंसी को पहले से देगा और जांच में सहयोग करेगा। कोर्ट ने उसके इस आश्वासन को आदेश का हिस्सा बना दिया है।\n\nकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ऋषभ बैसोया अपने दिए हुए आश्वासन का उल्लंघन करता है या कोर्ट को दी गई यात्रा की जानकारी के मुताबिक भारत नहीं आता है, तो उसके लिए दी गई यह सीमित राहत बिना किसी और आदेश के खत्म हो जाएगी। इसके बाद संबंधित एजेंसियां कानून के मुताबिक उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं।\n\nप्रमोद शर्मा, ज़ी मीडिया, दिल्ली0
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